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  • एक साल बाद फिर मंदिर में चोरी देवास के हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट गायब सीसीटीवी बना अहम सुराग

    एक साल बाद फिर मंदिर में चोरी देवास के हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट गायब सीसीटीवी बना अहम सुराग


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास शहर में एक बार फिर मंदिर से चोरी की घटना सामने आई है। मोती बंगला क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर से भगवान का चांदी का मुकुट चोरी हो गया। पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज के आधार पर पुलिस एक संदिग्ध महिला की तलाश में जुट गई है। खास बात यह है कि इसी मंदिर में करीब एक वर्ष पहले भी मुकुट चोरी की घटना हो चुकी है।

    मंदिर से जुड़े किशोर तिलवंकर ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजकर 45 मिनट पर एक महिला मंदिर में प्रवेश करती हुई दिखाई दी। वह कुछ समय तक मंदिर के अंदर रही और करीब दो मिनट बाद बाहर निकल गई। सीसीटीवी फुटेज में महिला के हाथ में चांदी के मुकुट जैसा सामान दिखाई दे रहा है जिससे चोरी की आशंका और मजबूत हो गई।

    शाम के समय जब किशोर तिलवंकर के पिता नियमित पूजा के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि भगवान हनुमान का चांदी का मुकुट अपने स्थान पर नहीं है। इसके बाद मंदिर परिसर की जांच की गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। रिकॉर्डिंग देखने पर महिला की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं और मुकुट चोरी होने की पुष्टि हुई।

    मंदिर प्रबंधन के अनुसार चोरी हुए चांदी के मुकुट की कीमत सात हजार रुपए से अधिक आंकी जा रही है। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर महिला की पहचान करने और उसे जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही मंदिर में बार बार चोरी की घटनाएं होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लगभग एक वर्ष पहले भी इसी मंदिर से भगवान का मुकुट चोरी हुआ था। लगातार दूसरी घटना के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी है और उन्होंने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

    पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध महिला की पहचान की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में भी जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • एक्स रे विभाग में सांप दिखते ही मची अफरा तफरी देवास जिला अस्पताल में आधे घंटे बाद मिला राहत

    एक्स रे विभाग में सांप दिखते ही मची अफरा तफरी देवास जिला अस्पताल में आधे घंटे बाद मिला राहत


    देवास । देवास जिला अस्पताल में गुरुवार सुबह उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब एक्स रे विभाग में अचानक एक सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही अस्पताल के सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे और करीब आधे घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे जंगल में छोड़ दिया गया जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    जानकारी के अनुसार सुबह करीब 10 बजे अस्पताल का स्टाफ अपनी ड्यूटी पर पहुंचा था। इसी दौरान एक्स रे विभाग के फर्श पर एक सांप रेंगता हुआ दिखाई दिया। अचानक सांप नजर आने से वहां मौजूद मरीज और कर्मचारी घबरा गए। कुछ ही देर में सांप पास रखी एक अलमारी के भीतर घुस गया जिससे उसे पकड़ना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया।

    घटना की सूचना तुरंत अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा गार्डों को दी गई। गार्ड मौके पर पहुंचे और सबसे पहले सुरक्षा के मद्देनजर एक्स रे विभाग में मरीजों और अन्य लोगों का प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया गया ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

    इसके बाद गार्डों ने अलमारी में छिपे सांप को बाहर निकालने के लिए सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया और उसे एक थैले में रखकर अस्पताल परिसर से बाहर ले जाया गया। बाद में उसे प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

    समय रहते सांप को पकड़ लिए जाने से किसी मरीज या कर्मचारी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और अस्पताल की सेवाएं जल्द ही सामान्य रूप से शुरू कर दी गईं। घटना के बाद कुछ समय तक मरीजों में डर का माहौल जरूर रहा लेकिन रेस्क्यू पूरा होने के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई।

    अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप और अन्य जीव-जंतुओं के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में परिसर की नियमित साफ-सफाई और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

  • शादी समारोह से लौट रहे कारोबारी की सड़क हादसे में मौत टक्कर इतनी भीषण कि मिनी ट्रक के दोनों आगे के पहिए निकल गए

    शादी समारोह से लौट रहे कारोबारी की सड़क हादसे में मौत टक्कर इतनी भीषण कि मिनी ट्रक के दोनों आगे के पहिए निकल गए


    देवास  मध्य प्रदेश के देवास जिले में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में दूध व्यापारी की मौत हो गई। हाटपीपल्या क्षेत्र के नेवरी चापड़ा मार्ग पर नलकी हनुमान मंदिर के पास कार और मिनी ट्रक की आमने सामने हुई जोरदार टक्कर में कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल बन गया और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान नेवरी निवासी 42 वर्षीय राजेश जाट के रूप में हुई है। वे दूध व्यापार के साथ पशु आहार का व्यवसाय भी करते थे। जानकारी के अनुसार राजेश जाट बिजवाड़ क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद देर रात अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान नेवरी चापड़ा मार्ग पर सामने से आ रहे मिनी ट्रक से उनकी कार की आमने सामने टक्कर हो गई।

    प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के प्रभाव से मिनी ट्रक के आगे के दोनों पहिए निकल गए और वाहन का संतुलन बिगड़ गया। वहीं कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में लगे एयरबैग खुल गए लेकिन टक्कर इतनी जोरदार थी कि चालक को गंभीर चोटें आईं और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    घटना की सूचना मिलते ही हाटपीपल्या थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल राजेश जाट को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    पुलिस के अनुसार मिनी ट्रक में प्याज भरे हुए थे। हादसे में ट्रक में सवार एक व्यक्ति के घायल होने की भी जानकारी मिली है। हालांकि उसने अभी तक पुलिस से संपर्क नहीं किया है। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा रही है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    प्रारंभिक जांच में दुर्घटना के पीछे तेज रफ्तार या अन्य कारणों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से रात के समय विशेष सावधानी बरतने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील की है ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके।

  • मैटरनिटी परिसर की घटना के बाद एक्शन देवास जिला अस्पताल ने बदली व्यवस्था अब प्रसव से पहले होगी विशेष निगरानी

    मैटरनिटी परिसर की घटना के बाद एक्शन देवास जिला अस्पताल ने बदली व्यवस्था अब प्रसव से पहले होगी विशेष निगरानी


    देवास  देवास जिला अस्पताल ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को उनकी संभावित प्रसव तिथि से सात दिन पहले अस्पताल में भर्ती किया जाएगा ताकि प्रसव के दौरान किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। यह निर्णय हाल ही में मैटरनिटी परिसर में हुई एक प्रसव संबंधी घटना के बाद लिया गया है जिसमें महिला के अस्पताल देर से पहुंचने की बात सामने आई थी।

    गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजनी जेम्स बैक ने जिला अस्पताल की मैटरनिटी विंग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती गर्भवती महिलाओं से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई हाई रिस्क गर्भवती महिलाएं प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद काफी देर से अस्पताल पहुंचती हैं जिससे मां और नवजात दोनों के लिए गंभीर जोखिम पैदा हो जाता है।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को संभावित प्रसव तिथि से सात दिन पहले अस्पताल में भर्ती कर उनकी नियमित चिकित्सकीय निगरानी की जाएगी। इससे किसी भी जटिल स्थिति का समय रहते उपचार संभव हो सकेगा और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    सिर्फ हाई रिस्क गर्भवतियों के लिए ही नहीं बल्कि सामान्य गर्भवती महिलाओं के लिए भी नई पहल शुरू की गई है। अस्पताल प्रशासन अब संभावित प्रसव तिथि से चार दिन पहले गर्भवती महिलाओं से फोन पर संपर्क करेगा और उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचकर भर्ती होने के लिए प्रेरित करेगा। इसका उद्देश्य अंतिम समय की भागदौड़ और प्रसव के दौरान होने वाली संभावित जटिलताओं को कम करना है।

    निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने अस्पताल के सोनोग्राफी केंद्र और चिकित्सकों के कक्ष का भी निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और सरकार द्वारा संचालित मातृ स्वास्थ्य योजनाओं का पूरा लाभ उठाने की सलाह भी दी।

    अस्पताल प्रशासन का मानना है कि समय पर भर्ती और लगातार चिकित्सकीय निगरानी से मातृ मृत्यु और नवजात शिशुओं से जुड़े जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना और हर गर्भवती महिला को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

  • देवास में दर्दनाक हादसा: तेज बहाव वाले रपटे को पार करना पड़ा भारी, दो युवकों की मौत

    देवास में दर्दनाक हादसा: तेज बहाव वाले रपटे को पार करना पड़ा भारी, दो युवकों की मौत

    देवास ।मध्य प्रदेश के देवास जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। सतवास थाना क्षेत्र के कोथमीर रपटे पर उफनते नाले को पार करने की कोशिश कर रहे बाइक सवार दो युवक तेज बहाव में बह गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीणों ने रातभर संयुक्त सर्च अभियान चलाया। कई घंटों की तलाश के बाद दोनों युवकों के शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और गम का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार मृतक धर्मेंद्र उम्र 34 वर्ष और अमित उम्र 24 वर्ष कन्नौद के निवासी थे। दोनों पीपलकोटा स्थित एक निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत थे। मंगलवार शाम काम खत्म करने के बाद दोनों बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीपलकोटा और कोथमीर के बीच स्थित खेत वाले रपटे पर पहुंचे तो वहां नाले में तेज बहाव था। स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने और पानी कम होने तक इंतजार करने की सलाह दी, लेकिन दोनों ने जोखिम उठाते हुए नाले को पार करने का प्रयास किया।

    तेज बहाव के बीच बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दोनों युवक बाइक समेत पानी में बह गए। देखते ही देखते वे नाले के तेज प्रवाह में ओझल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सतवास और कन्नौद पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही एसडीआरएफ देवास की टीम को भी बुलाया गया। रातभर अंधेरे और खराब मौसम के बीच राहत एवं बचाव कार्य जारी रहा।

    सर्च अभियान के दौरान घटनास्थल से कुछ दूरी पर दोनों युवकों की बाइक बरामद कर ली गई थी, लेकिन युवकों का कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह तलाश अभियान को और तेज किया गया। काफी प्रयासों के बाद धर्मेंद्र का शव घटनास्थल से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर मिला, जबकि अमित का शव करीब 6 से 7 किलोमीटर दूर बरामद किया गया। दोनों शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सतवास शासकीय अस्पताल भेजा गया।

    घटना की सूचना मिलते ही कन्नौद-खातेगांव क्षेत्र के विधायक आशीष शर्मा भी सतवास शासकीय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें ढांढस बंधाया। विधायक ने आश्वासन दिया कि शासन स्तर पर पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    बारिश के मौसम में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जहां लोग जल्दबाजी या जोखिम उठाने के कारण अपनी जान गंवा बैठते हैं। प्रशासन ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की है कि उफनते नालों, पुल-पुलियों और रपटों को पार करने का प्रयास न करें। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। यह हादसा भी इसी बात की दर्दनाक याद दिलाता है कि प्राकृतिक परिस्थितियों के सामने सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

  • योग दिवस पर देवास में अनोखा आयोजन, श्रम योग से दिखी परंपरा और स्वास्थ्य की झलक

    योग दिवस पर देवास में अनोखा आयोजन, श्रम योग से दिखी परंपरा और स्वास्थ्य की झलक


    मध्यप्रदेश । देवास में International Yoga Day 2026 के अवसर पर महिलाओं ने एक अनोखा और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध योग प्रदर्शन प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को भारतीय जीवनशैली की गहराई से परिचित कराया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग को केवल आसनों तक सीमित न मानकर उसे एक संपूर्ण जीवन पद्धति के रूप में प्रस्तुत करना था।

    इस विशेष आयोजन में पृथ्वी वंदना, शिव वंदना और श्रम योग जैसे पारंपरिक अभ्यासों को शामिल किया गया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्राचीन भारतीय जीवनशैली स्वयं में ही योग का एक स्वरूप थी, जिसमें शरीर, मन और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहता था।

    कार्यक्रम में महिलाओं ने श्रम योग का जीवंत प्रदर्शन करते हुए बताया कि पुराने समय में दैनिक जीवन की गतिविधियां ही वास्तविक योग का आधार थीं। खेतों में काम करना, हाथों से घरेलू कार्य करना, जमीन पर बैठकर भोजन करना और पैदल चलना जैसी आदतें शरीर को प्राकृतिक रूप से सक्रिय और स्वस्थ बनाए रखती थीं।

    इस प्रस्तुति के माध्यम से यह भी दर्शाया गया कि आधुनिक जीवनशैली में इन परंपरागत आदतों के धीरे-धीरे समाप्त होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। शारीरिक निष्क्रियता और मशीनों पर बढ़ती निर्भरता ने जीवन को आसान जरूर बनाया है, लेकिन स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ा है।

    योग संचालिका गौरी शेकटकर ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति में हर दैनिक क्रिया अपने आप में एक प्रकार का योग थी। उन्होंने बताया कि हमारे पूर्वज बिना किसी विशेष प्रशिक्षण या योग कक्षाओं के भी स्वस्थ जीवन जीते थे, क्योंकि उनकी दिनचर्या प्रकृति और श्रम से गहराई से जुड़ी हुई थी।

    उन्होंने यह भी कहा कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता यह है कि हम अपनी जड़ों की ओर लौटें और भारतीय जीवन मूल्यों को पुनः अपनाएं। योग को केवल व्यायाम के रूप में नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति के रूप में समझना जरूरी है।

    कार्यक्रम के अंत में यह संदेश प्रमुखता से उभरा कि योग केवल शरीर को फिट रखने का साधन नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, अनुशासन और संतुलित जीवन का आधार भी है। प्रतिभागियों और दर्शकों ने इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे अत्यंत प्रेरणादायक बताया।

  • देवास में देर रात किराना दुकान में लगी भीषण आग: ऊपर सो रहे थे मालिक, लाखों का सामान जलकर खाक

    देवास में देर रात किराना दुकान में लगी भीषण आग: ऊपर सो रहे थे मालिक, लाखों का सामान जलकर खाक


    मध्यप्रदेश । देवास जिले के हाटपीपल्या क्षेत्र के ग्राम गाराखेड़ी में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन एक व्यापारी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। गांव में स्थित एक किराना दुकान में अचानक आग लग गई, जिससे दुकान में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि आग ने दुकान के भीतर रखे अधिकांश सामान को अपनी चपेट में ले लिया।

    जानकारी के अनुसार, गाराखेड़ी निवासी धर्मेंद्र सिंह सैंधव की किराना दुकान में देर रात अज्ञात कारणों से आग लग गई। घटना के समय धर्मेंद्र सिंह दुकान के ऊपर बने हिस्से में सो रहे थे। रात करीब 2:30 बजे उन्हें अचानक जलने की तेज बदबू और धुएं का एहसास हुआ। पहले तो उन्हें कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जब उन्होंने नीचे आकर देखा तो दुकान के भीतर आग तेजी से फैल चुकी थी।

    आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर धर्मेंद्र सिंह घबरा गए। उन्होंने तत्काल डायल-112 को सूचना दी और आसपास के लोगों को भी मदद के लिए बुलाया। कुछ ही देर में पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके साथ ही गांव के कई लोग भी आग बुझाने के प्रयास में जुट गए।

    घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम सक्रिय हुई। सैनिक जालम सिंह और पायलट विजय पटेल मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। वहीं फायर ब्रिगेड के कर्मचारी सुरेंद्र सिंह और राहुल सिंह ने आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किए। आग की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने भी पूरा सहयोग किया।

    पड़ोसी रघुवीर सिंह सोलंकी, भगत सिंह, सावन सिंह, संजय सिंह और आर्यन शर्मा सहित कई ग्रामीण आग बुझाने में जुट गए। सभी ने मिलकर आग को आसपास के मकानों और अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने की कोशिश की। काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया।

    हालांकि जब तक आग बुझाई गई, तब तक दुकान में रखा अधिकांश सामान जल चुका था। किराना सामग्री, दैनिक उपयोग के उत्पाद और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह नष्ट हो गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार व्यापारी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। नुकसान का सटीक आकलन प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा किया जाएगा।

    फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट, विद्युत खराबी या अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

    इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग का पता नहीं चलता तो यह हादसा और भी गंभीर रूप ले सकता था। समय पर मिली सूचना, फायर ब्रिगेड की तत्परता और ग्रामीणों के सहयोग से एक बड़ा नुकसान होने से जरूर बच गया, लेकिन व्यापारी की वर्षों की मेहनत कुछ ही घंटों में राख में बदल गई।

  • देवास में दर्दनाक हादसा, टूटे बिजली तार की चपेट में आने से युवक की मौत

    देवास में दर्दनाक हादसा, टूटे बिजली तार की चपेट में आने से युवक की मौत


    देवास । देवास जिले के विजयागंज मंडी क्षेत्र स्थित बरखेड़ा गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही एक युवक की जान पर भारी पड़ गई। खेत में चरी काटने गए 22 वर्षीय युवक की टूटे हुए बिजली तार की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है, वहीं परिजनों ने बिजली कंपनी के अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

    मृतक की पहचान अरुण मालवीय (22) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार मंगलवार शाम अरुण अपने खेत पर चरी काटने गया था। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन का तार अचानक टूटकर नीचे आ गिरा और वह उसकी चपेट में आ गया। करंट लगने से अरुण की मौके पर ही मौत हो गई।

    परिजनों का कहना है कि खेत के ऊपर से गुजरने वाली बिजली लाइन के तार लंबे समय से नीचे झूल रहे थे और किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी। इस संबंध में कई बार बिजली कंपनी और संबंधित अधिकारियों को शिकायत भी की गई थी, लेकिन डेढ़ से दो वर्षों के दौरान समस्या का समाधान नहीं किया गया। परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते तारों की मरम्मत कर दी जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था।

    घटना का पता तब चला जब काफी देर तक अरुण का मोबाइल फोन नहीं उठा। चिंतित परिजन और ग्रामीण उसे तलाशते हुए खेत पहुंचे, जहां वह बिजली तार की चपेट में आने के बाद जमीन पर पड़ा मिला। इसके बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    युवक की असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोगों में भी बिजली विभाग के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर और झूलते बिजली तारों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की शवगृह में रखवाया गया था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। जांच के दौरान पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी।

    यह घटना एक बार फिर बिजली लाइनों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा क्षेत्र में झूल रहे बिजली तारों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • देवास में युवक ने फांसी लगाकर दी जान, सुबह पत्नी ने देखा तो मचा हड़कंप

    देवास में युवक ने फांसी लगाकर दी जान, सुबह पत्नी ने देखा तो मचा हड़कंप


    देवास । देवास शहर के जवाहर नगर क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 26 वर्षीय युवक ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक का शव घर में फंदे पर लटका मिला। घटना का पता उस समय चला जब सुबह उसकी पत्नी की नींद खुली और उसने पति को फांसी के फंदे पर झूलते देखा। यह दृश्य देखकर वह घबरा गई और तुरंत परिजनों को सूचना दी।

    मृतक की पहचान अजय जाटव (26) के रूप में हुई है। वह जवाहर नगर क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रह रहा था और मूल रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी था। परिजनों के अनुसार अजय पिछले तीन वर्षों से एक निजी कंपनी में हेल्पर के रूप में कार्यरत था। उसके परिवार में पत्नी और एक छोटा बेटा है।

    घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और अजय को तत्काल जिला अस्पताल लेकर गए। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की अचानक मौत से परिवार में मातम का माहौल है और परिजन गहरे सदमे में हैं।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अजय ने अपनी पत्नी की साड़ी से फंदा बनाकर यह कदम उठाया। हालांकि उसने आत्महत्या जैसा कठोर फैसला क्यों लिया, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं होने की जानकारी सामने आई है।

    सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस परिजनों, परिचितों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।

    फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।

  • रजिस्ट्री की मांग लेकर पहुंचे लोग, तनाव में बिगड़ी महिला की तबीयत

    रजिस्ट्री की मांग लेकर पहुंचे लोग, तनाव में बिगड़ी महिला की तबीयत


    मध्य प्रदेश । देवास कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मकानों के मालिकाना हक की मांग को लेकर पहुंचे रहवासियों के बीच एक महिला अचानक बेसुध होकर गिर पड़ी। एलआईजी श्रमिक कॉलोनी के लोग अपनी आवासीय समस्या के समाधान की मांग लेकर कलेक्टर से मिलने आए थे।

    महिला की पहचान विद्या शर्मा के रूप में हुई है। मौके पर मौजूद अन्य महिलाओं ने तुरंत उन्हें संभाला, चेहरे पर पानी के छींटे मारे और हवा देकर होश में लाने का प्रयास किया। कुछ ही देर में महिला को होश आ गया।

    “टेंशन में खाना नहीं खाया” – भावुक हुई महिला
    होश में आने के बाद विद्या शर्मा भावुक हो गईं और रोते हुए कहा कि मकान के विवाद के तनाव में उन्होंने सुबह से कुछ नहीं खाया था। उन्होंने कहा, “अगर मेरी मौत हो जाए तो मेरा शव कंपनी में ले जाना।” उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद अन्य लोग भी भावुक हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    रजिस्ट्री की मांग को लेकर लंबे समय से विवाद
    दरअसल, एलआईजी श्रमिक कॉलोनी के रहवासी गजरा गियर्स लिमिटेड की हायर परचेज स्कीम के तहत दिए गए मकानों की रजिस्ट्री की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सेवा अवधि पूरी करने वाले कर्मचारियों को मकान दिए गए थे और तय शर्तों के अनुसार 15 वर्षों तक वेतन से राशि काटकर भुगतान किया गया था। रहवासियों का आरोप है कि कई कर्मचारियों ने 15 वर्ष से अधिक सेवा दी, इसके बावजूद अब तक उनके नाम पर मकानों की रजिस्ट्री नहीं की गई है। साथ ही, मकानों से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।

    कंपनी पर वादाखिलाफी का आरोप
    रहवासियों का कहना है कि पहले मकानों के बदले राशि काटी गई, लेकिन वह हाउसिंग बोर्ड में जमा नहीं कराई गई। अब कंपनी का कहना है कि ये मकान केवल सेवा अवधि तक रहने के लिए दिए गए थे और उन्हें खाली करना होगा। इस स्थिति ने रहवासियों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।

    कलेक्टर ने दिया आश्वासन
    मामले को लेकर कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने रहवासियों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासन ने मामले की जांच और समाधान की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।

    दस्तावेजों और रजिस्ट्री की मांग पर अड़ा मामला
    रहवासियों ने ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि उन्हें मकानों के वैध दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं और उनके नाम पर रजिस्ट्री तत्काल की जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म हो सके।