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  • 100 फीट तक बेकाबू दौड़ी कार, सामने से आ रही बाइक को रौंदा; दो की मौके पर मौत

    100 फीट तक बेकाबू दौड़ी कार, सामने से आ रही बाइक को रौंदा; दो की मौके पर मौत


    देवास । देवास जिले के शिप्रा बायपास स्थित रूपाखेड़ी रेलवे ब्रिज पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार कार के अनियंत्रित होकर दूसरी लेन में पहुंच जाने से बाइक सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने सड़क की खामियों तथा राहत कार्य में देरी का आरोप लगाते हुए करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

    जानकारी के अनुसार नायता पुवाल्डा निवासी हैदर, अंसार और इमरान शनिवार सुबह रोज की तरह इंदौर काम पर जाने के लिए बाइक से निकले थे। तीनों मोटर निकालने का काम करते हैं और रोजगार के सिलसिले में इंदौर जा रहे थे। सुबह करीब साढ़े आठ बजे जब वे रूपाखेड़ी रेलवे ब्रिज से गुजर रहे थे, तभी इंदौर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रेलवे ब्रिज पर सड़क की सतह कई जगह ऊंची-नीची है। इसी वजह से कार चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। कार करीब 100 फीट तक बेकाबू हालत में दौड़ती रही और फिर डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में पहुंच गई। सामने से आ रही बाइक को कार ने इतनी जोरदार टक्कर मारी कि हादसे की भयावहता देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।

    टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार हैदर उछलकर रेलवे ब्रिज से लगभग 50 फीट नीचे जा गिरा। अंसार और इमरान भी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में दोनों के शरीर पर गंभीर चोटें आईं और एक-एक पैर तक कटकर नीचे जा गिरा। हैदर और अंसार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल इमरान को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

    घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों का आरोप था कि दुर्घटना के काफी समय बाद तक एंबुलेंस और राहत दल नहीं पहुंचे। मजबूरी में घायलों और मृतकों को निजी वाहनों तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाना पड़ा। इसी बात को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।

    चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सूचना मिलने पर एसडीएम अभिषेक शर्मा, ट्रैफिक डीएसपी, सीएसपी सुमित अग्रवाल सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में स्थानीय विधायक मनोज चौधरी ने भी ग्रामीणों से चर्चा की और उनकी मांगों को सुनते हुए सड़क की तकनीकी खामियों की जांच कराने तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया।

    हादसे के बाद एक बार फिर रूपाखेड़ी रेलवे ब्रिज की सड़क गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सड़क की ऊंची-नीची सतह के कारण यहां पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उनका आरोप है कि जिम्मेदार एजेंसियों ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया, जिसका खामियाजा अब लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।

    पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं प्रशासन ने सड़क की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक सुधार कार्य कराने का भरोसा दिया है। लेकिन दो परिवारों के लिए यह हादसा ऐसा जख्म बन गया है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी।

  • बार-बार ट्रांसफार्मर फॉल्ट से परेशान जनता का विरोध, सड़क पर बैठकर किया हनुमान चालीसा पाठ

    बार-बार ट्रांसफार्मर फॉल्ट से परेशान जनता का विरोध, सड़क पर बैठकर किया हनुमान चालीसा पाठ


    देवास । देवास के जमुना नगर और आवास नगर क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती ने आखिरकार लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया। शुक्रवार रात क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुष सड़क पर उतर आए और मक्सी रोड पर चक्काजाम कर बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। करीब आधे घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और बिजली समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई।

    रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति लंबे समय से अव्यवस्थित बनी हुई है। इलाके में लगे ट्रांसफार्मर में बार-बार फॉल्ट आने के कारण घंटों बिजली गुल रहती है। भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती ने लोगों का जीवन प्रभावित कर दिया है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू कामकाज तक प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय केवल अस्थायी मरम्मत कर काम चलाया जा रहा है।

    शुक्रवार रात जब एक बार फिर बिजली आपूर्ति बाधित हुई तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा मक्सी रोड पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने धार्मिक तरीके से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इससे पूरे क्षेत्र का माहौल अनोखा लेकिन विरोधपूर्ण नजर आया।

    चक्काजाम के कारण मक्सी रोड पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ। नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और जल्द ही स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

    स्थानीय रहवासी कविता बाई ने बताया कि ट्रांसफार्मर की समस्या कोई नई नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग केवल अस्थायी मरम्मत करता है, जिससे कुछ समय बाद फिर वही स्थिति बन जाती है। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों को अब स्थायी समाधान चाहिए, क्योंकि बार-बार बिजली गुल होने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

    इधर बिजली कंपनी के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और ट्रांसफार्मर को सुधारने का प्रयास किया। लेकिन मरम्मत कार्य के दौरान ही दोबारा फॉल्ट आने से समस्या की गंभीरता उजागर हो गई। इससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने और समाधान के भरोसे के बाद लोगों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात फिर से सामान्य हो सका।

    रहवासियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ट्रांसफार्मर और बिजली आपूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे दोबारा बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य है, लेकिन क्षेत्रवासियों की नजर अब वादों के अमल पर टिकी हुई है।

  • देवास में सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन: 200 पुलिसकर्मियों ने दबोचे 143 वारंटी, लंबे समय से फरार आरोपी भी गिरफ्त में

    देवास में सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन: 200 पुलिसकर्मियों ने दबोचे 143 वारंटी, लंबे समय से फरार आरोपी भी गिरफ्त में


    देवास । देवास जिले में पुलिस ने सोमवार रात फरार आरोपियों और वारंटियों के खिलाफ बड़ा कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। इस अभियान में 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की अलग-अलग टीमें बनाई गईं, जिन्होंने पूरे जिले में एक साथ दबिश देकर कार्रवाई की। देर रात तक चली इस मुहिम में कुल 143 फरार वारंटियों को गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई से जिलेभर में हड़कंप की स्थिति बन गई और कई आरोपी छिपने के बावजूद पुलिस की पकड़ से बच नहीं सके।

    लंबे समय से फरार आरोपियों पर विशेष फोकस
    अभियान के दौरान पुलिस ने उन आरोपियों को भी प्राथमिकता से पकड़ा जो लंबे समय से फरार चल रहे थे। कार्रवाई में 5 साल से अधिक समय से फरार 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 10 साल से फरार चल रहे 8 आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़े। पुलिस टीमों ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश देकर फरार वारंटियों के संभावित ठिकानों की तलाशी ली।

    जिलेभर में एक साथ दबिश, अपराधियों में मचा हड़कंप
    रात के समय अचानक शुरू हुई इस कार्रवाई के चलते कई वारंटी और आरोपी छिपने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन पुलिस की लगातार दबिश के आगे उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। पूरे जिले में एक साथ की गई कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया।

    आगे भी जारी रहेगा अभियान
    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में कानून व्यवस्था मजबूत बनाए रखने और फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए ऐसे कॉम्बिंग गश्त अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे।

  • खेड़ापति मंदिर में आकर्षण का केंद्र: तरबूजों से हुआ भव्य श्रृंगार, देवास में देखने उमड़े भक्त

    खेड़ापति मंदिर में आकर्षण का केंद्र: तरबूजों से हुआ भव्य श्रृंगार, देवास में देखने उमड़े भक्त


    देवास । देवास स्थित प्रसिद्ध खेड़ापति मंदिर में इस बार श्रद्धा और कला का अनोखा संगम देखने को मिला, जब भगवान के दरबार को करीब 21 क्विंटल तरबूजों से सजाया गया। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए किए गए इस विशेष श्रृंगार ने मंदिर परिसर को आकर्षण का केंद्र बना दिया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ पड़े।

    पहली बार तरबूजों से सजी भगवान की झांकी
    मंदिर के पुजारी दर्शन उपाध्याय ने बताया कि मंदिर के इतिहास में यह पहला अवसर है जब तरबूजों से भगवान का भव्य श्रृंगार किया गया है। इस अनोखी सजावट को तैयार करने में 8 से 10 लोगों की टीम ने लगातार 24 घंटे मेहनत की, जिसके बाद मंदिर को एक नया और आकर्षक स्वरूप दिया गया। तरबूजों की सजावट से सजा यह दरबार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया।

    दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, लोगों ने ली तस्वीरें
    सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। लोग भगवान के दर्शन के साथ-साथ इस अनोखे श्रृंगार को कैमरे में कैद करते नजर आए। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय माहौल बना रहा।

    गौशाला में दान किए जाएंगे तरबूज
    पुजारी दर्शन उपाध्याय ने बताया कि यह श्रृंगार अस्थायी है और शुक्रवार को इसे उतार दिया जाएगा। इसके बाद सभी तरबूजों को गौशाला में भेंट किया जाएगा, जिससे यह भक्ति कार्य सामाजिक सेवा से भी जुड़ सके।

  • देवास में चाकूबाजी से हड़कंप: पुरानी रंजिश में युवक घायल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की

    देवास में चाकूबाजी से हड़कंप: पुरानी रंजिश में युवक घायल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की


    देवास । देवास जिले के नुसरत नगर गली नंबर-2 में सोमवार देर रात पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा चाकूबाजी की घटना सामने आई। यहां नुसरत नगर निवासी अरबाज पिता रहीस खान पर रात करीब 11 बजे एक युवक ने हमला कर दिया। हमले में अरबाज गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया है।

    जानकारी के अनुसार, आरोपी ने पहले रास्ते में अरबाज को रोका और उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। जान बचाने के लिए अरबाज पास के एक घर में घुस गया, लेकिन आरोपी ने उसका पीछा किया और घर के अंदर घुसकर भी उस पर दोबारा हमला कर दिया।

    गंभीर चोटें, इंदौर रेफर किया गया
    हमले में अरबाज के पेट और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। परिजन उसे तत्काल देवास जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया। घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।

    पुरानी रंजिश में हमला, पुलिस जांच में जुटी
    नहर दरवाजा थाना प्रभारी आलोक सोनी ने बताया कि यह हमला पुरानी आपसी रंजिश के कारण हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही हमलावर को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • देवास में हाई-ड्रामा: शराब तस्करों का 3 किमी तक पीछा, कार डिवाइडर से टकराई; 44 पेटी शराब जब्त

    देवास में हाई-ड्रामा: शराब तस्करों का 3 किमी तक पीछा, कार डिवाइडर से टकराई; 44 पेटी शराब जब्त


    देवास। देवास जिले में मंगलवार को आबकारी विभाग ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और 44 पेटी शराब जब्त की। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 67 हजार रुपये बताई जा रही है। यह शराब इंदौर से देवास जिले में अवैध रूप से सप्लाई की जा रही थी। सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके में घेराबंदी की और संदिग्ध वाहन का पीछा शुरू किया।

    10-15 मिनट तक 3 किलोमीटर तक चला पीछा 
    जानकारी के अनुसार, आबकारी विभाग को सूचना मिली थी कि इंदौर से एक कार में अवैध शराब देवास की ओर लाई जा रही है। इसके बाद तीन से चार टीमों ने रसलपुर टोल और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी शुरू की।

    शिप्रा क्षेत्र के पास संदिग्ध कार दिखाई देते ही टीम ने पीछा शुरू कर दिया। करीब 10 से 15 मिनट तक लगभग 3 किलोमीटर तक पीछा चलता रहा, इस दौरान वाहन चालक ने कई बार दिशा बदलकर भागने की कोशिश की।

    भागने के प्रयास में डिवाइडर से टकराई कार
    टोल से पहले रोकने की कोशिश के दौरान आरोपी चालक ने अचानक यू-टर्न लेकर वाहन वापस इंदौर की ओर मोड़ दिया। इसी दौरान पीछा कर रही टीम लगातार उसके पीछे लगी रही।

    भागने के प्रयास में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार के दरवाजे भी नहीं खुल पाए, जिससे आरोपी अंदर ही फंस गए। इसी दौरान एक आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पीछा करने के दौरान आबकारी विभाग की एक गाड़ी को भी हल्की क्षति पहुंची।

    तीन आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी
    आबकारी विभाग के उपनिरीक्षक प्रेम यादव ने बताया कि कार्रवाई में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और कार के साथ 44 पेटी शराब जब्त की गई है। वाहन की कीमत भी लगभग 2 से 3 लाख रुपये आंकी गई है फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि यह शराब किसे सप्लाई की जानी थी और इस पूरे तस्करी नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं। विभाग को उम्मीद है कि पूछताछ में बड़े खुलासे हो सकते हैं।

  • देवास में 26 वर्षीय युवक ने लगाई फांसी, छुट्टियों में आया था मामा के घर; पुलिस जांच जारी

    देवास में 26 वर्षीय युवक ने लगाई फांसी, छुट्टियों में आया था मामा के घर; पुलिस जांच जारी

    देवास देवास शहर के कालानी बाग क्षेत्र में एक 26 वर्षीय युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना सामने आई है। युवक ने अपने मामा के घर में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।

    सांवेर से आया था छुट्टियां मनाने
    मृतक की पहचान अमित चौधरी (26 वर्ष), निवासी कूड़ाना, सांवेर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह कुछ दिन पहले गर्मियों की छुट्टियां बिताने अपने मामा के घर देवास आया था। परिजनों ने घटना के बाद उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    परिवार में शोक का माहौल
    पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। अमित के पिता सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। बेटे की अचानक मौत से परिवार में गहरा शोक व्याप्त है और परिजन सदमे में हैं।

    पुलिस जांच में जुटी, कारण अस्पष्ट
    फिलहाल आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।

    यह घटना एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और युवाओं में बढ़ते तनाव को लेकर सवाल खड़े करती है। पुलिस जांच के बाद ही आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।


  • कलेक्ट्रेट में फर्जीवाड़ा सरकारी बाबुओं और दलाल की मिलीभगत से जमीन बेचने की साजिश

    कलेक्ट्रेट में फर्जीवाड़ा सरकारी बाबुओं और दलाल की मिलीभगत से जमीन बेचने की साजिश


    देवास । मध्यप्रदेश के देवास जिले में प्रशासनिक तंत्र को झकझोर देने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है जिसमें कलेक्टर के नाम से फर्जी हस्ताक्षर और आदेश जारी कर जमीन बेचने की साजिश रची गई। इस मामले ने न केवल सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि आम जनता में भी आक्रोश पैदा कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट कार्यालय से जुड़े इस मामले में सरकारी कर्मचारियों और एक दलाल की मिलीभगत सामने आई है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह को जब इस गड़बड़ी की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल BNP थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और सरकारी दस्तावेजों में कूट रचना जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया।

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नजूल शाखा के बाबू रमेश लोबानिया अपर कलेक्टर कार्यालय के बाबू संजय जाटव विजयागंज मंडी तहसील के बाबू जितेंद्र भद्रे और एक दलाल को गिरफ्तार कर लिया है। शहर के CSP सुमित अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उन्हें वैध दिखाकर जमीन बेचने की कोशिश की।

    जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार कर कलेक्टर के नाम से फर्जी आदेश जारी किए। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर छोटे और कमजोर वर्ग के लोगों की जमीन को बेचने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं एक किसान की जमीन की रजिस्ट्री भी करवा दी गई थी जिसे बाद में निरस्त कराया गया। इस पूरे मामले में दलाल की भूमिका भी बेहद अहम मानी जा रही है जिसने खरीदार और सरकारी कर्मचारियों के बीच कड़ी का काम किया। आरोप है कि पैसों के लालच में यह पूरा फर्जीवाड़ा अंजाम दिया गया।

    यह मामला केवल फर्जी दस्तावेज बनाने तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक सुनियोजित साजिश प्रतीत हो रही है जिसमें अंदरूनी कर्मचारियों ने सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाया। अब यह जांच का विषय है कि क्या इस पूरे प्रकरण में वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी थी या उन्हें पूरी तरह अंधेरे में रखा गया।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि यदि सरकारी दफ्तरों से ही फर्जी आदेश जारी होने लगें तो आम जनता का भरोसा व्यवस्था पर कैसे कायम रहेगा।