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  • शिल्पा शिंदे के बयान से मचा बवाल, बोलीं- मैं अपनी बीमारी का ढिंढोरा नहीं पीटती

    शिल्पा शिंदे के बयान से मचा बवाल, बोलीं- मैं अपनी बीमारी का ढिंढोरा नहीं पीटती


    नई दिल्ली। टीवी जगत में इन दिनों शिल्पा शिंदे और हिना खान के बीच बयानबाजी चर्चा का विषय बनी हुई है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब शिल्पा शिंदे ने हाल ही में स्वीकार किया कि उन्होंने वर्षों पहले लोकप्रिय धारावाहिक ‘भाभी जी घर पर हैं’ के निर्माता पर लगाया गया यौन उत्पीड़न का आरोप झूठा था। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और कई कलाकारों ने भी उनके बयान पर नाराजगी जताई।

    इसी क्रम में हिना खान ने भी शिल्पा के बयान को शर्मनाक बताते हुए सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। हिना का कहना था कि इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा नुकसान उस व्यक्ति को हुआ, जिस पर आरोप लगाए गए थे। उनके इस बयान के बाद अब शिल्पा शिंदे ने भी तीखा जवाब दिया है।

    एक बातचीत के दौरान शिल्पा ने कहा कि लोग उनके नाम का इस्तेमाल कर सुर्खियां बटोरना बंद नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग अपनी बीमारी, निजी परेशानियों और परिवार के सदस्यों की मृत्यु जैसे संवेदनशील मुद्दों को भी सार्वजनिक चर्चा का विषय बनाकर सहानुभूति और पब्लिसिटी हासिल करने की कोशिश करते हैं।

    हालांकि शिल्पा ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को हिना खान की ओर इशारा माना जा रहा है। हाल के वर्षों में हिना खान ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और निजी जीवन के कठिन दौर को लेकर खुलकर बात की है, जिसके चलते शिल्पा की टिप्पणी को सीधे उन्हीं से जोड़कर देखा जा रहा है।

    शिल्पा शिंदे ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अब जाकर पुराने मामले की सच्चाई इसलिए बताई क्योंकि वह इस बात का बोझ और नहीं उठाना चाहती थीं। उनके मुताबिक, उस समय वह कॉन्ट्रैक्ट और भुगतान से जुड़े विवादों में फंसी हुई थीं और उन्हें लगा था कि उस परिस्थिति से निकलने का यही रास्ता है। उन्होंने कहा कि यदि उस मामले में गलत कानूनी कार्रवाई होती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

    दूसरी ओर, हिना खान पहले ही शिल्पा के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दे चुकी हैं और इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताया था। ऐसे में दोनों अभिनेत्रियों के बीच शुरू हुई यह जुबानी जंग अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का केंद्र बन गई है।

    फिलहाल, इस विवाद ने टीवी इंडस्ट्री में एक नई बहस छेड़ दी है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए पुराने आरोपों और बाद में उनके खंडन का असर संबंधित लोगों की प्रतिष्ठा और करियर पर कितना गहरा पड़ सकता है।

  • सुशांत सिंह राजपूत को याद कर भावुक हुए शिशिर शर्मा, बोले-‘सच मानना आज भी मुश्किल है’

    सुशांत सिंह राजपूत को याद कर भावुक हुए शिशिर शर्मा, बोले-‘सच मानना आज भी मुश्किल है’

    नई दिल्ली । दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है, जब उनके साथ फिल्म ‘छिछोरे’ में काम कर चुके अभिनेता शिशिर शर्मा ने सालों बाद उनके निधन पर अपनी भावनाएं साझा कीं। एक हालिया बातचीत में शिशिर शर्मा ने कहा कि उन्हें आज भी यह स्वीकार करना बेहद कठिन लगता है कि सुशांत जैसा प्रतिभाशाली और शांत स्वभाव का व्यक्ति आत्महत्या जैसा कदम उठा सकता है। उनके इस बयान ने एक बार फिर सुशांत के चाहने वालों की भावनाओं को ताजा कर दिया है।

    मध्य प्रदेश सहित देशभर में सुशांत सिंह राजपूत की लोकप्रियता केवल फिल्मों तक सीमित नहीं थी, बल्कि टीवी धारावाहिकों से लेकर बड़े पर्दे तक उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। शिशिर शर्मा ने बताया कि उनकी और सुशांत की पहचान टीवी इंडस्ट्री के दिनों से ही थी, जहां दोनों की कई बार मुलाकात और साथ में काम करने का अवसर मिला था। इस दौरान उनके बीच एक सहज और दोस्ताना रिश्ता विकसित हुआ था, जो बाद में भी कायम रहा।

    शिशिर शर्मा ने आगे बताया कि जब उन्हें फिल्म ‘छिछोरे’ में काम करने का अवसर मिला और यह पता चला कि उसमें सुशांत सिंह राजपूत भी हैं, तो वह बेहद उत्साहित हो गए थे। शूटिंग के दौरान दोनों ने एक बार फिर पुराने दिनों की यादें साझा कीं और सेट पर एक अच्छा माहौल रहा। उन्होंने सुशांत को एक बेहद समर्पित, मेहनती और अपने काम के प्रति गंभीर कलाकार बताया।

    14 जून 2020 का दिन उनके जीवन में एक ऐसा पल लेकर आया जिसे वह आज भी भूल नहीं पाए हैं। शिशिर शर्मा ने कहा कि जब उन्हें सुशांत के निधन की खबर मिली, तो वह पूरी तरह से स्तब्ध रह गए थे। उनके अनुसार यह खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी और वह समझ नहीं पा रहे थे कि इतना ऊर्जावान और प्रतिभाशाली व्यक्ति अचानक इस तरह दुनिया को अलविदा कैसे कह सकता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें यह मानना मुश्किल लगता है कि सुशांत ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया होगा। उनके अनुसार सुशांत एक सुलझे हुए और समझदार व्यक्ति थे, जिनका व्यवहार और सोच काफी सकारात्मक थी। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह उनकी निजी राय है और वह किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहते, लेकिन भावनात्मक रूप से वह आज भी इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पाए हैं।

    सुशांत सिंह राजपूत ने अपने करियर में टीवी से शुरुआत कर बॉलीवुड में बड़ा मुकाम हासिल किया था। ‘पवित्र रिश्ता’ से लेकर ‘काई पो चे’, ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ और ‘छिछोरे’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। आज भी उनके प्रशंसक उन्हें याद करते हैं और सोशल मीडिया पर उनकी यादों को साझा करते रहते हैं, जिससे यह साफ है कि उनकी लोकप्रियता और प्रभाव आज भी बरकरार है।

  • अक्षय कुमार का बड़ा भोजपुरी अवतार: ‘वेलकम टू द जंगल’ में दिखेगा नया रंग, अक्षरा सिंह ने कराई खास तैयारी

    अक्षय कुमार का बड़ा भोजपुरी अवतार: ‘वेलकम टू द जंगल’ में दिखेगा नया रंग, अक्षरा सिंह ने कराई खास तैयारी

    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार अपनी अपकमिंग मल्टीस्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म में वह इस बार एक अलग अंदाज में नजर आने वाले हैं, जहां वह एक भोजपुरी एक्टर का किरदार निभाते दिखेंगे।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्षय कुमार ने इस किरदार को रियलिस्टिक बनाने के लिए भोजपुरी भाषा और स्टाइल पर खास काम किया है। बताया जा रहा है कि इस तैयारी में भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने उनकी मदद की, जिससे वह किरदार की बारीकियों को बेहतर तरीके से समझ सकें।

    फिल्म से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अक्षय ने अपने बॉडी लैंग्वेज से लेकर बोलने के अंदाज तक में बदलाव किया है ताकि किरदार पूरी तरह से असरदार लगे। फिल्म में उनका कॉमिक और एनर्जी से भरपूर अवतार दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ चौंका भी सकता है।

    फिल्म के एक गाने ‘घिस घिस घिस’ में अक्षय कुमार भोजपुरी आइटम बॉय के रूप में भी नजर आएंगे, जिसे जल्द ही रिलीज किया जाएगा। मेकर्स को उम्मीद है कि यह गाना फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ाएगा।

    ‘वेलकम टू द जंगल’ का बजट लगभग 250 से 300 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। फिल्म में अक्षय कुमार के साथ दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, अनिल कपूर, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, रवीना टंडन और राजपाल यादव जैसे कई बड़े सितारे नजर आएंगे।

    फिल्म के टीजर को पहले ही अच्छा रिस्पॉन्स मिल चुका है और अब दर्शकों को इसके रिलीज का बेसब्री से इंतजार है।

  • फिल्म इंडस्ट्री के अनुभव साझा करतीं त्रिधा चौधरी: पहचान बनाने के लिए करना पड़ता है संघर्ष

    फिल्म इंडस्ट्री के अनुभव साझा करतीं त्रिधा चौधरी: पहचान बनाने के लिए करना पड़ता है संघर्ष


    नई दिल्ली । फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने वाले नए कलाकारों के लिए सफलता का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता। पहचान बनाने की दौड़ में कई बार कठिन फैसले लेने पड़ते हैं और परिस्थितियों के अनुसार समझौते भी करने पड़ते हैं। इसी विषय पर अभिनेत्री त्रिधा चौधरी ने हाल ही में अपने अनुभव साझा करते हुए इंडस्ट्री की हकीकत पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि समय के साथ इंडस्ट्री जरूर बदली है, लेकिन शुरुआती दौर में संघर्ष और समझौते आज भी वास्तविकता का हिस्सा हैं।

    त्रिधा चौधरी ने बताया कि आज के समय में नए कलाकार पहले की तुलना में अधिक जागरूक हो गए हैं और किसी भी प्रोजेक्ट को साइन करने से पहले उसके हर पहलू को समझने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि अब कलाकार केवल उत्साह में आकर निर्णय नहीं लेते, बल्कि करियर के दीर्घकालिक प्रभावों को ध्यान में रखकर सोच-समझकर कदम उठाते हैं। इसके बावजूद शुरुआती दौर में कई बार ऐसे हालात बनते हैं जहां उन्हें परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है।

    अपने निजी अनुभव साझा करते हुए त्रिधा ने कहा कि उन्होंने कई बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ काम किया है, जहां कई बार उन्हें अपनी फीस में भी समझौता करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हमेशा मजबूरी नहीं होती, बल्कि कई बार अनुभव, अवसर और बड़े बैनर के साथ काम करने की सीख को देखते हुए ऐसा निर्णय लिया जाता है। उनके अनुसार बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनना करियर को मजबूत करने में मदद करता है, भले ही शुरुआती चरण में कुछ समझौते करने पड़ें।

    उन्होंने यह भी बताया कि कई बार कलाकारों को तय समय से अधिक काम करना पड़ता है, लेकिन इसे इंडस्ट्री का हिस्सा माना जाता है। नए कलाकारों के लिए यह अनुभव सीखने का अवसर भी बन जाता है, क्योंकि बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ काम करने से उन्हें प्रोफेशनल माहौल को समझने का मौका मिलता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कुछ स्थितियां ऐसी होती हैं जो नए कलाकारों को शोषण जैसी लग सकती हैं, खासकर जब वे इंडस्ट्री में खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रहे होते हैं।

    त्रिधा चौधरी ने यह भी कहा कि बड़े बैनर और प्रोडक्शन हाउस कलाकारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे न केवल फिल्मों में काम का अवसर देते हैं, बल्कि प्रचार, पहचान और करियर को स्थिरता देने में भी मदद करते हैं। उनके अनुसार इंडस्ट्री का यह संतुलन समझना जरूरी है, जहां एक तरफ संघर्ष और समझौते हैं, वहीं दूसरी तरफ सीखने और आगे बढ़ने के अवसर भी मौजूद हैं।

    इन दिनों त्रिधा चौधरी अपनी नई फिल्म को लेकर भी चर्चा में हैं, जिसमें वह एक प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। यह फिल्म केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज और देश से जुड़े कई गंभीर विषयों को भी दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कहानियां दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं और फिल्म को एक अलग गहराई देती हैं।

    कुल मिलाकर, त्रिधा चौधरी के इस बयान ने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री के उस पहलू को सामने रखा है जहां नए कलाकारों को अपने करियर की शुरुआत में संघर्ष, अवसर और समझौते—तीनों का सामना करना पड़ता है।

  • विराट कोहली से टेलर स्विफ्ट तक, अचानक क्यों घटने लगे करोड़ों फॉलोअर्स? सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप

    विराट कोहली से टेलर स्विफ्ट तक, अचानक क्यों घटने लगे करोड़ों फॉलोअर्स? सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक नई हलचल देखने को मिल रही है। इंस्टाग्राम पर अचानक कई बड़े सेलिब्रिटीज और कंटेंट क्रिएटर्स के फॉलोअर्स कम होने लगे हैं, जिसके बाद इंटरनेट पर इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है। बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड और खेल जगत तक के कई बड़े नाम इस बदलाव से प्रभावित हुए हैं। विराट कोहली, प्रियंका चोपड़ा, टेलर स्विफ्ट, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, सेलेना गोमेज, काइली जेनर, जस्टिन बीबर और बेयॉन्से जैसे सुपरस्टार्स के लाखों-करोड़ों फॉलोअर्स घटने की खबर सामने आई है।
    रिपोर्ट्स के मुताबिक विराट कोहली के करीब 20 लाख फॉलोअर्स कम हुए हैं, जबकि प्रियंका चोपड़ा के करीब 10 लाख फॉलोअर्स घटे हैं। वहीं टेलर स्विफ्ट के करीब 40 लाख और फुटबॉल स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लगभग 60 लाख फॉलोअर्स कम होने की चर्चा है। अचानक हुए इस बड़े बदलाव ने सोशल मीडिया यूजर्स को चौंका दिया है।
    हालांकि इसके पीछे की वजह भी अब सामने आने लगी है। माना जा रहा है कि इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म पर फेक, बॉट और लंबे समय से इनएक्टिव पड़े अकाउंट्स को हटाने का अभियान चला रही है। इसी क्लीनअप के कारण कई अकाउंट्स के फॉलोअर्स में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि मेटा की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
    सोशल मीडिया विशेषज्ञों का कहना है कि इंस्टाग्राम समय-समय पर प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ऐसे कदम उठाता रहता है। फेक अकाउंट्स और बॉट्स की वजह से एंगेजमेंट और फॉलोअर काउंट की वास्तविक तस्वीर प्रभावित होती है। ऐसे में प्लेटफॉर्म की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस तरह का डिजिटल क्लीनअप जरूरी माना जाता है।
    इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया यूजर्स की भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों का कहना है कि इससे असली लोकप्रियता का पता चलेगा और फेक फॉलोअर्स के सहारे सोशल मीडिया पर प्रभाव दिखाने वालों की सच्चाई सामने आएगी। वहीं कुछ यूजर्स इसे इंस्टाग्राम का बड़ा एल्गोरिदम अपडेट मान रहे हैं।
    फिलहाल फॉलोअर्स कम होने के बावजूद कई सेलेब्स अब भी सोशल मीडिया पर बेहद मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। विराट कोहली के इंस्टाग्राम पर अभी भी 273 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जबकि प्रियंका चोपड़ा के करीब 92.9 मिलियन फॉलोअर्स मौजूद हैं।
    वहीं प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपनी प्रोफेशनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में हैं। लंबे समय बाद वह हिंदी सिनेमा में वापसी करने जा रही हैं। उनकी आगामी फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर काफी उत्साह है, जिसमें उनके साथ महेश बाबू नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्देशन एसएस राजामौली कर रहे हैं। प्रियंका ने हाल ही में इस प्रोजेक्ट को लेकर अपनी एक्साइटमेंट भी जाहिर की थी।
    सोशल मीडिया की इस डिजिटल सफाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऑनलाइन लोकप्रियता की असली पहचान क्या है फॉलोअर्स की संख्या या दर्शकों का वास्तविक जुड़ाव।

  • अर्चना ने रेस्टोरेंट की आदतों पर दी कंजूसी वाली धारणा की सफाई…

    अर्चना ने रेस्टोरेंट की आदतों पर दी कंजूसी वाली धारणा की सफाई…


    नई दिल्ली। मनोरंजन जगत में अपनी बेबाक बातों और हास्य भरे अंदाज के लिए मशहूर अर्चना पूरन सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका कोई फिल्मी रोल नहीं बल्कि उनकी वह आदत है, जिसे लेकर अक्सर लोग उन्हें मजाक में कंजूस कह देते हैं। एक टेलीविजन शो के दौरान हुए हल्के फुल्के बातचीत में उन्होंने अपनी इन आदतों पर खुलकर सफाई दी और पूरे माहौल को हंसी मजाक से भर दिया।

    रेस्टोरेंट की आदत पर हुआ मजेदार खुलासा
    शो के दौरान अर्चना पूरन सिंह ने बताया कि जब भी वे किसी रेस्टोरेंट में जाती हैं तो वहां मिलने वाले बड़े टिश्यू पेपर को एक बार इस्तेमाल करके फेंकने के बजाय संभालकर रख लेती हैं। उनका कहना था कि इन टिश्यू का बाद में मेकअप हटाने या किसी छोटे काम के लिए दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी बात को लेकर कई लोग उन्हें कंजूस कहने लगते हैं, लेकिन अर्चना का मानना है कि यह कंजूसी नहीं बल्कि चीजों की बर्बादी रोकने की आदत है।

    पुराने सामान को लेकर अलग सोच
    अर्चना ने बातचीत में यह भी बताया कि वे पुरानी चीजों को फेंकने में विश्वास नहीं रखतीं। उनके अनुसार किसी भी वस्तु का उपयोग खत्म होने के बाद भी उसे किसी नए रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनके पास अब भी कई साल पुराने कपड़े मौजूद हैं जिन्हें वे संभालकर रखती हैं। उनके मुताबिक फैशन बार बार वापस आता है, इसलिए पुरानी चीजें कभी पूरी तरह बेकार नहीं होतीं।

    अक्षय कुमार की मस्ती और पुराने किस्से
    इसी शो में अभिनेता अक्षय कुमार भी मौजूद थे जिन्होंने बातचीत के दौरान अपने पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में वह और अर्चना के पति परमीत सेठी काम की तलाश में काफी संघर्ष करते थे और कई बार फिल्मी ऑफिसों के बाहर घंटों इंतजार करना पड़ता था। अक्षय ने कहा कि वे दिन मुश्किल जरूर थे लेकिन उनमें सीख और दोस्ती दोनों मजबूत हुईं।

    मजाक में छिड़ा बाथरोब का किस्सा
    बातचीत के दौरान अक्षय कुमार ने मजाक में एक पुराना किस्सा भी छेड़ा जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने सुना है अर्चना ने कभी होटल से बाथरोब ले लिया था। इस पर अर्चना ने भी हंसते हुए जवाब दिया कि अगर अक्षय यह साबित कर दें तो वे उन्हें अपना बंगला दे देंगी। इस मजाकिया जवाब ने पूरे माहौल को और हल्का और मनोरंजक बना दिया।

    शो में दिखा पुरानी यादों का मेल
    इस एपिसोड में सिर्फ हंसी मजाक ही नहीं बल्कि पुराने संघर्ष, दोस्ती और फिल्मी सफर की कई यादें भी सामने आईं। अर्चना, अक्षय और परमीत सेठी की बातचीत ने दर्शकों को मनोरंजन के साथ साथ इंडस्ट्री के शुरुआती संघर्ष की झलक भी दिखाई।

    फैंस के बीच बढ़ी चर्चा
    यह पूरा एपिसोड सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। अर्चना के मजेदार जवाब और अक्षय कुमार की चुटीली बातों ने दर्शकों को खूब एंटरटेन किया। लोग इस बातचीत को हल्के फुल्के अंदाज में पसंद कर रहे हैं और इसे शो का सबसे मनोरंजक हिस्सा बता रहे हैं।

  • कोरियाई रैपर पार्क मिन जून ने शिव तांडव स्तोत्र को दिया के हिप हॉप अंदाज, श्रद्धा और रैप का अनोखा संगम हुआ वायरल

    कोरियाई रैपर पार्क मिन जून ने शिव तांडव स्तोत्र को दिया के हिप हॉप अंदाज, श्रद्धा और रैप का अनोखा संगम हुआ वायरल


    नई दिल्ली । संगीत की दुनिया में सीमाएं अक्सर धुंधली हो जाती हैं और अलग अलग संस्कृतियों का मेल कई बार ऐसे अद्भुत प्रयोग सामने लाता है, जो लोगों को चौंका भी देता है और प्रभावित भी करता है। हाल ही में दक्षिण कोरियाई रैपर पार्क मिन जून, जिन्हें उनके स्टेज नाम औऱा से भी जाना जाता है, ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। उन्होंने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के अत्यंत शक्तिशाली और प्रसिद्ध मंत्र शिव तांडव स्तोत्र को अपने खास के हिप हॉप अंदाज में प्रस्तुत किया और देखते ही देखते यह प्रस्तुति सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

    पार्क मिन जून की इस प्रस्तुति की खासियत यह रही कि उन्होंने शिव तांडव स्तोत्र की पारंपरिक लय और संस्कृत उच्चारण की गरिमा को बनाए रखते हुए उसमें अपने रैप के बोलों को बेहद संतुलित तरीके से पिरोया। एक ओर भगवान शिव की स्तुति में गूंजते संस्कृत के शक्तिशाली शब्द थे, तो दूसरी ओर तेज हिप हॉप बीट्स और रैप की ऊर्जा ने इस प्रस्तुति को आधुनिक संगीत का नया रूप दे दिया। भारतीय आध्यात्मिक संगीत और कोरियाई हिप हॉप का यह अनोखा क्रॉस ओवर श्रोताओं को इतना पसंद आया कि वीडियो तेजी से वायरल होने लगा और लोग इस पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

    पार्क मिन जून ने इस वीडियो को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा करते हुए भारत के प्रति अपने लगाव को भी जाहिर किया। उन्होंने लिखा कि जब वह पहली बार दिल्ली आए थे, तब उन्हें यहां की ऊर्जा और लोगों का अपनापन बहुत खास लगा था। इसके बाद उन्होंने मुंबई समेत भारत के कई अन्य शहरों की यात्रा की, जहां उन्हें कई यादगार अनुभव मिले और लोगों से भरपूर प्यार मिला। उन्होंने कहा कि वह इन सभी अनुभवों और स्नेह के लिए ईश्वर के आभारी हैं और अभी भी भारत की संस्कृति और आध्यात्म के बारे में बहुत कुछ सीखना चाहते हैं।

    अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि यह गीत केवल एक संगीत प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक प्रार्थना की तरह है। उन्होंने इसे उन सभी लोगों को समर्पित किया है, जो उनकी इस यात्रा का हिस्सा रहे हैं। पार्क मिन जून को उम्मीद है कि उनकी यह प्रस्तुति लोगों के दिलों तक पहुंचेगी और संगीत के जरिए संस्कृतियों के बीच एक खूबसूरत सेतु बनेगी।

    बता दें कि पार्क मिन जून दक्षिण कोरिया की मनोरंजन इंडस्ट्री का एक जाना पहचाना नाम हैं। पिछले करीब 13 वर्षों से वह सिंगर और रैपर के रूप में सक्रिय हैं और कई लोकप्रिय गाने दे चुके हैं। भारत के साथ उनका जुड़ाव भी खास माना जाता है। वह भारतीय दर्शकों के बीच तब और चर्चित हुए जब उन्होंने रियलिटी शो बिग बॉस 17 में हिस्सा लिया। इसके अलावा वह एक डांसिंग रियलिटी शो में भी नजर आ चुके हैं। अब शिव तांडव स्तोत्र पर उनकी यह अनोखी प्रस्तुति यह साबित करती है कि संगीत सचमुच किसी एक संस्कृति या देश की सीमा में बंधा नहीं होता।

  • करण औजला के दिल्ली कॉन्सर्ट में भारी भीड़ और देरी से नाराज फैंस इवेंट कंपनी ने कहा नियमों का किया पालन

    करण औजला के दिल्ली कॉन्सर्ट में भारी भीड़ और देरी से नाराज फैंस इवेंट कंपनी ने कहा नियमों का किया पालन

    नई दिल्ली । पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के लोकप्रिय गायक करण औजला के दिल्ली में आयोजित कॉन्सर्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम के बाद कई प्रशंसकों ने अव्यवस्था और असुविधाओं को लेकर नाराजगी जताई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट के जरिए फैंस ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। वहीं बढ़ती शिकायतों के बाद इवेंट आयोजित करने वाली कंपनी टीम इनोवेशन ने इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए अपनी सफाई पेश की है।

    दरअसल करण औजला का पी पॉप कल्चर इंडिया टूर के तहत दिल्ली में यह कॉन्सर्ट 28 फरवरी को आयोजित किया गया था। इस शो में हजारों प्रशंसक अपने पसंदीदा गायक का लाइव प्रदर्शन देखने पहुंचे थे। लेकिन कार्यक्रम के दौरान कई लोगों को लंबी कतारों भीड़भाड़ और प्रवेश प्रक्रिया में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद फैंस ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करनी शुरू कर दी।

    इवेंट कंपनी टीम इनोवेशन ने जारी बयान में कहा कि उनके द्वारा आयोजित हर कार्यक्रम में प्रशंसकों के अनुभव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। कंपनी के अनुसार यह कार्यक्रम निर्धारित क्षमता के भीतर ही आयोजित किया गया था और तय सीमा से अधिक टिकट नहीं बेचे गए थे। उन्होंने कहा कि आयोजन से जुड़े सभी सुरक्षा निर्देशों और व्यवस्थाओं का पालन किया गया था।

    कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम स्थल पर अचानक कम समय में बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ पहुंच जाने के कारण कुछ जगहों पर भीड़ का दबाव बढ़ गया जिससे प्रवेश प्रक्रिया में देरी और असुविधा महसूस हुई। आयोजकों का कहना है कि टिकट जांच और प्रवेश प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए थे ताकि दर्शकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    हालांकि कार्यक्रम में शामिल हुए कई प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर गंभीर अव्यवस्था के आरोप लगाए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान लंबी देरी हुई और कई बार भीड़ के कारण अफरा तफरी जैसी स्थिति भी बन गई। वहीं कुछ वीडियो में टिकट काउंटर के पास भारी भीड़ दिखाई दे रही है जहां कई लोग अपने पास या प्रवेश की मांग करते नजर आए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था।

    इसके अलावा कुछ प्रशंसकों ने यह भी दावा किया कि रिस्टबैंड स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान वाई फाई नेटवर्क कमजोर होने के कारण प्रवेश में काफी समय लग रहा था जिससे भीड़ और बढ़ती चली गई। इसी कारण कई लोगों को कार्यक्रम में प्रवेश करने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए इन वीडियो और शिकायतों के बाद इस कॉन्सर्ट की व्यवस्थाओं को लेकर बहस शुरू हो गई है। कई फैंस ने आयोजकों से बेहतर प्रबंधन की उम्मीद जताई है ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याएं न हों। वहीं आयोजकों ने भी कहा है कि वे प्रशंसकों की प्रतिक्रिया को गंभीरता से ले रहे हैं और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे।

  • मनोरंजन जगत में 'ब्रेक' का दौर: जब सितारों ने सफलता के शोर से ज्यादा सुकून को चुना

    मनोरंजन जगत में 'ब्रेक' का दौर: जब सितारों ने सफलता के शोर से ज्यादा सुकून को चुना


    नई दिल्ली । बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में इन दिनों एक अजीब सा लेकिन दिलचस्प पैटर्न देखने को मिल रहा है। जहां पहले कलाकार साल में पांच-पांच फिल्में करके स्क्रीन पर छाए रहने की होड़ में रहते थे वहीं अब पंकज त्रिपाठी विक्रांत मैसी और जाकिर खान जैसे मंझे हुए कलाकार अचानक ‘ब्रेक’ की घोषणा कर रहे हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि सफलता के शिखर पर बैठे ये सितारे खुद ही लाइमलाइट से दूर जा रहे हैं? इसका जवाब केवल काम की कमी नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति और निजी सुकून की तलाश है।

    इस ट्रेंड की नींव अनजाने में ही सही लेकिन शाहरुख खान ने रखी थी। ‘जीरो’ की असफलता के बाद किंग खान ने चार साल का लंबा वनवास काटा। उस वक्त कयास लगाए जा रहे थे कि उनका दौर खत्म हो गया लेकिन 2023 में ‘पठान’ और ‘जवान’ के साथ उन्होंने जो वापसी की उसने पूरी इंडस्ट्री की सोच बदल दी। एक्टर्स को समझ आ गया कि स्क्रीन से गायब रहने का मतलब स्टारडम का खत्म होना नहीं बल्कि वापसी की भूख जगाना है।

    दूसरी ओर पंकज त्रिपाठी और आर. माधवन जैसे कलाकारों के लिए ब्रेक का अर्थ ‘क्रिएटिव रिफ्रेशमेंट’ है। माधवन ने खुद स्वीकार किया कि जब रोल एक जैसे होने लगें तो रिसर्च और खुद पर काम करना जरूरी हो जाता है। वहीं पंकज त्रिपाठी का साफ कहना है कि वे केवल ईएमआई (EMI) भरने के लिए मशीन की तरह काम नहीं करना चाहते। वे अपनी ऊर्जा केवल उन्हीं किरदारों में लगाना चाहते हैं जो दर्शकों और उनके भीतर के कलाकार को संतुष्ट कर सकें। अब कलाकार ‘क्वांटिटी’ से ज्यादा ‘क्वालिटी’ को अहमियत दे रहे हैं।

    कोरोना काल के बाद दर्शकों का मिजाज भी बदला है। अब फिल्में स्टार पावर से नहीं बल्कि ठोस कहानी से चलती हैं। अक्षय कुमार और आमिर खान जैसे बड़े सितारों की फिल्मों का फ्लॉप होना इस बात का सबूत है कि दर्शक अब कुछ नया चाहते हैं। यही वजह है कि विक्रांत मैसी और जाकिर खान जैसे कलाकार मेंटल हेल्थ और फैमिली टाइम को प्राथमिकता दे रहे हैं। विक्रांत अपनी व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी में संतुलन चाहते हैं तो जाकिर खान ने अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए 2030 तक का लंबा ब्रेक लेकर सबको चौंका दिया है।

    अंत में आर्थिक सुरक्षा भी एक बड़ा कारण है। आज के दौर में एक्टर्स केवल एक्टिंग पर निर्भर नहीं हैं। सुनील शेट्टी के स्टार्टअप्स और प्रीति जिंटा की आईपीएल टीम जैसे उदाहरण बताते हैं कि कलाकार अब बिजनेस माइंडेड हो चुके हैं। उनके पास आय के कई स्रोत हैं जो उन्हें यह लग्जरी देते हैं कि वे काम का चुनाव अपनी शर्तों पर करें न कि मजबूरी में। कुल मिलाकर यह ‘ब्रेक’ इंडस्ट्री के एक मैच्योर परिपक्व दौर की शुरुआत है जहां कलाकार खुद को एक प्रोडक्ट नहीं बल्कि एक इंसान के तौर पर देख रहे हैं।

  • ओटीटी फिल्म ''घूसखोर पंडत'' विवादों में घिरी, एनएचआरसी का आइबी मिनिस्ट्री को नोटिस

    ओटीटी फिल्म ''घूसखोर पंडत'' विवादों में घिरी, एनएचआरसी का आइबी मिनिस्ट्री को नोटिस


    नई दिल्ली। ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज होने वाली आगामी फिल्म ”घूसखोर पंडत” के नाम को लेकर मिली शिकायत के मद्देनजर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एनएचआरसी ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी किया है।नेटफ्लिक्स की क्राइम थ्रिलर घूसखोर पंडत की कहानी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है। जेम्स ऑफ बॉलीवुड के संस्थापक संजीव नेवार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि फिल्म में जातिवादी और भेदभावपूर्ण सामग्री है।
    नेटफ्लिक्स की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।तीन फरवरी को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में दायर शिकायत के अनुसार, यह नाम सीधे तौर पर एक विशेष जाति को भ्रष्टाचार और अनैतिक व्यवहार से जोड़ता है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि फिल्म का शीर्षक जातिगत तनावों के प्रति पहले से ही संवेदनशील समाज में सामाजिक शत्रुता को बढ़ावा दे सकता है।
    फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का टीजर देख भड़के उज्जैन के ब्राह्मण
    इंटरनेट माध्यम पर अभिनेता मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का टीजर जारी होने के बाद उज्जैन के ब्राह्मण आग बबूला हो गए हैं। ब्राह्मणों ने फिल्म के टाइटल का जमकर विरोध किया है। उनका कहना है कि देश में ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य को अपमानित करने का प्रचलन बढ़ रहा है। अगर शीर्षक नहीं बदला गया तो, फिल्म बनाने वालों के मुंह पर कालिख पोतेंगे।

    उज्जैन के तीर्थ पुरोहित पं. अमर डब्बावाला ने भी फिल्म का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि फिल्म के माध्यम से पंडितों को अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा है। सेंसर बोर्ड को समाज में वैमनस्यता पैदा करने वाली फिल्मों पर रोक लगाना चाहिए।फिल्म घूसखोर पंडत प्रसारित होने से पहले ही विवादों में घिर गई है। जयपुर और दिल्ली के बाद अब उज्जैन में भी इसके शीर्षक को लेकर विवाद छिड़ गया है।

    फिल्म के नाम में ही पुजारी, पुरोहित व ब्राह्मणों का अपमान है

    अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज के संस्थापक पं. महेश पुजारी ने फिल्म के शीर्षक को ब्राह्मणों का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि देश में सवर्ण समाज को अपमानित किया जा रहा है। इस फिल्म के नाम में ही पुजारी, पुरोहित व ब्राह्मणों का अपमान है। हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। फिल्म के निर्माता अगर हमारे सामने आएंगे तो मुंह पर कालिख पोती जाएगी।