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  • आवाज के जादूगर ही नहीं बड़े दिल वाले इंसान भी थे किशोर कुमार फीस लेने के बाद जो किया उसने जीत लिया हर किसी का दिल

    आवाज के जादूगर ही नहीं बड़े दिल वाले इंसान भी थे किशोर कुमार फीस लेने के बाद जो किया उसने जीत लिया हर किसी का दिल


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के महान गायक और अभिनेता किशोर कुमार अपनी अनोखी गायकी बेहतरीन अभिनय और मस्तमौला स्वभाव के लिए हमेशा याद किए जाते हैं। उनकी जिंदगी से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं जो आज भी लोगों को हैरान कर देते हैं। ऐसा ही एक किस्सा उनकी दरियादिली और बड़े दिल का है जिसने यह साबित कर दिया कि उनके लिए रिश्ते और इंसानियत पैसों से कहीं ज्यादा मायने रखते थे।

    यह घटना उस समय की है जब निर्देशक सुधाकर शर्मा अपनी फिल्म का निर्माण कर रहे थे। वह चाहते थे कि फिल्म का एक खास गीत किशोर कुमार अपनी आवाज में गाएं। सुधाकर शर्मा पहले कई वर्षों तक किशोर कुमार के साथ सहायक के रूप में काम कर चुके थे इसलिए उन्हें उम्मीद थी कि पुराने संबंधों को देखते हुए किशोर कुमार आसानी से तैयार हो जाएंगे।

    जब उन्होंने किशोर कुमार से फिल्म में गाना गाने का अनुरोध किया तो किशोर कुमार ने मुस्कुराते हुए कहा कि वह गीत जरूर गाएंगे लेकिन इसके लिए उन्हें पूरे 17 हजार रुपये फीस चाहिए और एक रुपया भी कम स्वीकार नहीं करेंगे। उस दौर में यह रकम काफी बड़ी मानी जाती थी। यह सुनकर सुधाकर शर्मा हैरान रह गए क्योंकि उन्हें लगा था कि वर्षों पुराने रिश्ते की वजह से फीस में रियायत मिल सकती है।

    इसके बावजूद उन्होंने किसी तरह रकम की व्यवस्था की और रिकॉर्डिंग की तैयारी पूरी की। तय समय पर किशोर कुमार स्टूडियो पहुंचे और पूरे मन से गीत रिकॉर्ड किया। बताया जाता है कि गीत की रिकॉर्डिंग पूरी होने के बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जब इतने पैसे लिए हैं तो एक अंतरा और रिकॉर्ड करवा लो। स्टूडियो में मौजूद सभी लोग उनकी बात सुनकर मुस्कुरा उठे।

    रिकॉर्डिंग खत्म होने के बाद सुधाकर शर्मा ने 17 हजार रुपये किशोर कुमार को सौंप दिए। किशोर कुमार ने पैसे अपने पास रख लिए लेकिन जैसे ही वह स्टूडियो से निकलने लगे उन्होंने चुपचाप पूरी रकम वापस सुधाकर शर्मा को लौटा दी। इतना ही नहीं उन्होंने उनसे कहा कि किसी को भी यह मत बताना कि मैंने पैसे वापस कर दिए हैं। घर जाकर यह रकम अपनी पत्नी को दे देना क्योंकि फिल्म बनाना आसान काम नहीं होता और परिवार की जिम्मेदारियां भी साथ चलती हैं।

    किशोर कुमार का यह व्यवहार देखकर सुधाकर शर्मा भावुक हो गए। उन्हें समझ आ गया कि फीस मांगना शायद केवल उनकी आर्थिक स्थिति को समझने और उनकी मदद करने का एक तरीका था। बिना किसी दिखावे के सहायता करना किशोर कुमार की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक थी।

    किशोर कुमार ने अपने करियर में हजारों गीत गाए और राजेश खन्ना अमिताभ बच्चन देव आनंद ऋषि कपूर जैसे कई बड़े सितारों की आवाज बने। उन्हें आठ फिल्मफेयर पुरस्कार मिले और आज भी उनके गीत हर पीढ़ी के लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। लेकिन उनकी महानता केवल उनकी गायकी तक सीमित नहीं थी बल्कि उनके व्यक्तित्व में छिपी संवेदनशीलता और उदारता भी उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती है।

    आज भी जब किशोर कुमार का नाम लिया जाता है तो उनकी अमर आवाज के साथ ऐसे प्रेरणादायक किस्से भी याद आते हैं जो बताते हैं कि असली महानता केवल सफलता से नहीं बल्कि बड़े दिल और नेक इंसानियत से हासिल होती है।

  • जेनजी प्रोटेस्ट पर रघुवीर यादव का भावुक संदेश, छात्रों के समर्थन में बोले मेरे जिस्म का कतरा कतरा उनके साथ है

    जेनजी प्रोटेस्ट पर रघुवीर यादव का भावुक संदेश, छात्रों के समर्थन में बोले मेरे जिस्म का कतरा कतरा उनके साथ है


    मध्यप्रदेश । CJP के जेनजी प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर अब फिल्म और रंगमंच जगत की हस्तियां भी खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दे रही हैं। चर्चित अभिनेता रघुवीर यादव ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने छात्रों के साथ हुए कथित व्यवहार को मानवता के लिए पीड़ादायक बताया और कहा कि ऐसी घटनाओं को समाज कभी नहीं भूल सकता। वहीं अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराते हुए छात्रों के पक्ष में अपनी बात रखी।

    इन दिनों लोकप्रिय वेब सीरीज पंचायत में प्रधान के किरदार से चर्चा में रहे रघुवीर यादव ने वीडियो संदेश में कहा कि जो दृश्य उन्होंने देखे उन पर उन्हें विश्वास नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि मासूम बच्चों के साथ जिस तरह का कथित व्यवहार हुआ उसने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया है। अभिनेता ने कहा कि यह केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं बल्कि संवेदनशीलता और मानवता से जुड़ा विषय है।

    रघुवीर यादव ने अपने संदेश में सवाल उठाया कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों का आखिर दोष क्या था। उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे के साथ इस तरह की घटना होती है तो उसका दर्द केवल उसी परिवार तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर हर संवेदनशील व्यक्ति को आत्ममंथन करने की जरूरत है।

    वीडियो के दौरान अभिनेता भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों के साहस को वह सलाम करते हैं और उनका समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं ने जिस हिम्मत के साथ अपनी बात रखने का प्रयास किया है उससे उन्हें उम्मीद है कि उनकी आवाज सुनी जाएगी। साथ ही उन्होंने जिम्मेदार पक्षों से भी संवेदनशीलता के साथ स्थिति को देखने की अपील की।

    रघुवीर यादव ने अपने संबोधन में पुलिसकर्मियों का जिक्र करते हुए भी भावनात्मक टिप्पणी की और कहा कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों और युवाओं के साथ मानवीय व्यवहार होना चाहिए। उनका कहना था कि ऐसी घटनाएं समाज पर गहरा असर छोड़ती हैं और भविष्य में भी लंबे समय तक याद रखी जाती हैं।

    इस बीच वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी छात्रों के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक वीडियो संदेश में शिक्षा और छात्रों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में युवाओं की आवाज को सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के साथ काम करते हुए उन्होंने उनसे बहुत कुछ सीखा है और समाज के भविष्य के लिए उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

    हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग अलग पक्षों के अपने अपने दावे हैं। प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जांच तथा प्रशासनिक पक्ष भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में मामले से जुड़े सभी तथ्यों और जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है।

    फिलहाल रघुवीर यादव और नसीरुद्दीन शाह की प्रतिक्रियाओं के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर व्यापक बहस जारी है।

  • शूटिंग के दौरान चोटिल हुए नंदमुरी बालकृष्ण, अस्पताल बोला हालत स्थिर लेकिन डॉक्टरों की निगरानी जारी

    शूटिंग के दौरान चोटिल हुए नंदमुरी बालकृष्ण, अस्पताल बोला हालत स्थिर लेकिन डॉक्टरों की निगरानी जारी


    नई दिल्ली । साउथ फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता नंदमुरी बालकृष्ण की सेहत को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। हाल ही में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके पैर में गंभीर चोट लग गई थी जिसके बाद उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद के एआईजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल अपडेट के अनुसार अभिनेता की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है और वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

    जानकारी के मुताबिक 66 वर्षीय नंदमुरी बालकृष्ण को 21 जुलाई को आंध्र प्रदेश के राजामहेंद्रवरम में एक एक्शन सीन की शूटिंग के दौरान चोट लगी। शुरुआत में मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने उनका प्राथमिक उपचार किया लेकिन चोट की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत हैदराबाद रेफर किया गया ताकि विस्तृत जांच और बेहतर इलाज किया जा सके।

    एआईजी अस्पताल द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन में बताया गया है कि शुरुआती जांच में अभिनेता के बाएं घुटने के आसपास के ऊतकों में रक्त जमा होने और सूजन के संकेत मिले हैं। डॉक्टरों के अनुसार यह स्थिति मांसपेशियों में खिंचाव और मांसपेशी के फटने की ओर इशारा करती है। फिलहाल आर्थोपेडिक सर्जनों की एक विशेषज्ञ टीम उनकी लगातार जांच कर रही है और चोट की गंभीरता का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।

    अस्पताल ने यह भी बताया कि नंदमुरी बालकृष्ण के पूर्व स्वास्थ्य रिकॉर्ड और मेडिकल हिस्ट्री को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ मिलकर उनकी संपूर्ण स्वास्थ्य स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। सभी जांच रिपोर्ट आने के बाद उनके लिए अंतिम उपचार योजना तैयार की जाएगी ताकि जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से उन्हें स्वस्थ किया जा सके।

    डॉक्टरों के अनुसार अभिनेता की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और चिंता की कोई तत्काल वजह नहीं है। हालांकि उन्हें लगातार मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है ताकि स्वास्थ्य में होने वाले हर बदलाव पर नजर रखी जा सके। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इलाज और जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की मेडिकल योजना और रिकवरी टाइमलाइन तय की जाएगी।

    नंदमुरी बालकृष्ण तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के सबसे लोकप्रिय सितारों में गिने जाते हैं। वह दिवंगत अभिनेता और अविभाजित आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन टी रामाराव के पुत्र हैं। फिल्मों के साथ साथ राजनीति में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है और उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है। उनकी चोट की खबर सामने आने के बाद प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

    फिलहाल अभिनेता की हालत स्थिर बताई गई है और उनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में जारी है। फैंस को उम्मीद है कि वह जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग दोबारा शुरू करेंगे।

  • टीवी इंडस्ट्री में फिर मचा बवाल, सान्वी तलवार बोलीं करण कुंद्रा ने किया किस फिर सबके सामने मारा थप्पड़

    टीवी इंडस्ट्री में फिर मचा बवाल, सान्वी तलवार बोलीं करण कुंद्रा ने किया किस फिर सबके सामने मारा थप्पड़


    नई दिल्ली । टीवी अभिनेत्री सान्वी तलवार ने एक हालिया इंटरव्यू में अभिनेता करण कुंद्रा को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि साल 2015 में टीवी शो ये कहां आ गए हम की शूटिंग के दौरान उनके साथ ऐसा व्यवहार हुआ जिसने उन्हें मानसिक रूप से बुरी तरह प्रभावित किया। सान्वी के अनुसार उस दौर में वह लगातार तनाव और अवसाद जैसी स्थिति से गुजर रही थीं और कई बार उन्होंने अभिनय की दुनिया छोड़ने तक का मन बना लिया था।

    सान्वी ने बताया कि शो की शूटिंग के दौरान वह रोज अपनी वैनिटी वैन में जाकर रोती थीं। उनका कहना है कि सेट का माहौल उनके लिए बेहद असहज हो गया था। अभिनेत्री के मुताबिक वह स्वभाव से कम बोलने वाली हैं और जल्दी किसी से घुलती मिलती नहीं हैं। इसी वजह से वह सेट पर केवल औपचारिक तरीके से सभी का अभिवादन करती थीं। उनका दावा है कि उनके इस व्यवहार को गलत तरीके से लिया गया और उन्हें घमंडी समझा जाने लगा।

    अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि करण कुंद्रा उनमें व्यक्तिगत रुचि रखते थे लेकिन उन्होंने कभी उस तरह की दिलचस्पी नहीं दिखाई। सान्वी का कहना है कि इसी वजह से उनके प्रति व्यवहार बदल गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उस समय करण कुंद्रा अभिनेत्री अनुषा दांडेकर के साथ रिश्ते में थे और उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी अनुषा तक भी पहुंचाई थी।

    सान्वी ने आगे कहा कि समय के साथ सेट पर स्थिति और खराब होती गई। उनका आरोप है कि निर्देशक भी उन्हें लगातार हतोत्साहित करते थे और कहते थे कि उन्हें अभिनय नहीं आता। यहां तक कि उनके किरदार के लिए दूसरे कलाकारों के ऑडिशन लिए जाने की बातें भी उन्हें सुनने को मिलीं। इन परिस्थितियों ने उन्हें मानसिक रूप से काफी कमजोर कर दिया और वह लंबे समय तक डिप्रेशन जैसी स्थिति में रहीं।

    सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए सान्वी ने एक किसिंग सीन का जिक्र किया। उनके अनुसार शूटिंग के दौरान निर्देशक के संकेत से पहले ही करण कुंद्रा ने उन्हें किस कर लिया। इस पर उन्होंने गुस्से में करण को थप्पड़ मार दिया। अभिनेत्री का दावा है कि कुछ देर बाद करण वापस आए और पूरी यूनिट के सामने उन्हें जोरदार थप्पड़ मारा जिससे वह नीचे गिर गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस दौरान उन्हें और उनके परिवार को अपशब्द कहे गए तथा मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने उनका साथ नहीं दिया।

    सान्वी ने बताया कि इस घटना के बाद वह शूटिंग छोड़कर घर चली गईं। उनके अनुसार बाद में निर्माता एकता कपूर ने उनसे बातचीत की माफी मांगी और उनका समर्थन किया। अभिनेत्री का दावा है कि इसके बाद शो के निर्देशक को बदल दिया गया और करण कुंद्रा के शूटिंग दिनों में भी कमी की गई।

    हालांकि इन सभी आरोपों पर अब तक करण कुंद्रा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामला पूरी तरह अभिनेत्री के हालिया इंटरव्यू में लगाए गए आरोपों पर आधारित है और दूसरी ओर का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

  • सलमान खान ने एक पोस्ट से खत्म की अटकलें, नई तस्वीरें शेयर कर फैंस से किया दिल छू लेने वाला सवाल

    सलमान खान ने एक पोस्ट से खत्म की अटकलें, नई तस्वीरें शेयर कर फैंस से किया दिल छू लेने वाला सवाल


    नई दिल्ली। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गए हैं। हाल ही में उनकी कुछ तस्वीरें इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुई थीं जिनमें अभिनेता पहले की तुलना में अलग नजर आ रहे थे। तस्वीरों में उनके चेहरे पर बढ़ती उम्र के निशान और हल्की थकान दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। कुछ लोगों ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई तो कुछ ने इसे बढ़ती उम्र का स्वाभाविक असर बताया। इन तमाम अटकलों के बीच सलमान खान ने अपने खास अंदाज में फैंस को जवाब दिया और एक ऐसा सवाल पूछा जिसने सभी का दिल जीत लिया।

    सलमान खान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर ब्लैक एंड व्हाइट अंदाज में अपनी पांच नई तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में वह हल्की बढ़ी हुई दाढ़ी और स्टाइलिश हैट पहने नजर आए। तस्वीरों के साथ उन्होंने बेहद छोटा लेकिन दिलचस्प कैप्शन लिखा कि आप लोगों की तबीयत कैसी है। अभिनेता का यह अंदाज फैंस को बेहद पसंद आया और देखते ही देखते पोस्ट पर लाखों लाइक और हजारों प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

    सलमान के इस पोस्ट के बाद प्रशंसकों ने भी उसी आत्मीयता के साथ जवाब दिया। कई लोगों ने लिखा कि हमारी तबीयत तो ठीक है लेकिन आप अपना ख्याल रखिए। कुछ प्रशंसकों ने दुआ करते हुए लिखा कि भगवान और अल्लाह आपको हमेशा स्वस्थ और खुश रखें। वहीं कई यूजर्स ने कहा कि आपकी हालिया तस्वीरों ने उन्हें चिंतित कर दिया था लेकिन अब नई तस्वीरें देखकर राहत मिली है। सोशल मीडिया पर अभिनेता के समर्थन में बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने सकारात्मक संदेश साझा किए।

    दरअसल कुछ दिन पहले सलमान खान एक सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए थे जहां उनकी तस्वीरें वायरल हो गई थीं। उन तस्वीरों में उनके चेहरे पर झुर्रियां और पहले जैसी चमक न होने की बात सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई थी। हालांकि यह भी सच है कि सलमान अब साठ वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं और उम्र बढ़ने के साथ चेहरे पर बदलाव आना पूरी तरह स्वाभाविक है। इसके बावजूद तीन दशक से अधिक समय से अपनी फिटनेस और व्यक्तित्व के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता को देखकर कई प्रशंसक भावुक हो गए थे।

    सलमान खान का यह नया पोस्ट किसी आधिकारिक सफाई की तरह नहीं था लेकिन उनके अंदाज ने यह जरूर दिखा दिया कि वह अपने प्रशंसकों से सीधे जुड़ना पसंद करते हैं। बिना किसी विवाद या लंबी प्रतिक्रिया के उन्होंने एक साधारण सवाल पूछकर फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और सोशल मीडिया पर चल रही तमाम अटकलों को भी काफी हद तक शांत कर दिया।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। उनकी फिल्म मातृभूमि का प्रशंसकों को बेसब्री से इंतजार है जबकि दक्षिण भारतीय फिल्म एसवीसी 63 की शूटिंग भी जारी है। इस फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री नयनतारा मुख्य भूमिका निभा रही हैं। फैंस को उम्मीद है कि सलमान एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपने दमदार अंदाज से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।

  • लाइव शो के दौरान जैस्मिन सैंडलस हुईं असहज, वायरल वीडियो ने उठाए कलाकारों की सुरक्षा पर सवाल

    लाइव शो के दौरान जैस्मिन सैंडलस हुईं असहज, वायरल वीडियो ने उठाए कलाकारों की सुरक्षा पर सवाल


    नई दिल्ली। देहरादून में आयोजित एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान लोकप्रिय पंजाबी गायिका जैस्मिन सैंडलस के साथ कथित अभद्र व्यवहार की घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान स्टेज के पास मौजूद भीड़ में से कुछ लोगों ने सिंगर को अनुचित तरीके से छूने की कोशिश की जिससे वह असहज नजर आईं। हालांकि इस घटना को लेकर जैस्मिन सैंडलस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है लेकिन वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर हो रही चर्चाओं ने कलाकारों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जैस्मिन सैंडलस हाल ही में देहरादून में अपने लाइव म्यूजिक शो के लिए पहुंची थीं। बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों ने उनके गानों पर जमकर उत्साह दिखाया और पूरे कार्यक्रम के दौरान शानदार माहौल बना रहा। परफॉर्मेंस के अंतिम चरण में जब जैस्मिन अपने प्रशंसकों का अभिवादन करने और उनसे हाथ मिलाने के लिए स्टेज के किनारे पहुंचीं तब अचानक भीड़ बेकाबू होती दिखाई दी। इसी दौरान वायरल वीडियो में कुछ लोग उन्हें छूते हुए नजर आते हैं और दावा किया जा रहा है कि इस हरकत से सिंगर असहज हो गईं।

    वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि घटना के बाद स्टेज के पास अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। कुछ लोगों को एक-दूसरे को पीछे हटाते और बहस करते देखा गया। मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की और भीड़ को नियंत्रित किया। हालांकि वीडियो में पूरी घटना स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती इसलिए अलग-अलग दावे भी सामने आ रहे हैं। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि कथित तौर पर अनुचित तरीके से छूने वाला व्यक्ति एक महिला थी जबकि कुछ अन्य इसके विपरीत दावा कर रहे हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    घटना के बाद सोशल मीडिया पर जैस्मिन सैंडलस के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग सामने आए। यूजर्स ने कहा कि किसी भी कलाकार के साथ मंच पर या सार्वजनिक कार्यक्रम में इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। कई लोगों ने आयोजकों से भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग की ताकि कलाकार बिना किसी डर या असहजता के अपने प्रशंसकों के बीच प्रस्तुति दे सकें। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि फैन और कलाकार के बीच सम्मानजनक दूरी बनाए रखना हर दर्शक की जिम्मेदारी है।

    जैस्मिन सैंडलस पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में बनी हुई हैं। फिल्म धुरंधर के गानों से उन्हें नई पहचान मिली है और देशभर में उनके लाइव कॉन्सर्ट को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। हाल ही में उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान अपने मंगेतर शेखर चौधरी का परिचय भी प्रशंसकों से कराया था जिसके बाद उनकी निजी जिंदगी भी सुर्खियों में रही।

    फिलहाल देहरादून कॉन्सर्ट से जुड़ा यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में कलाकारों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर और अधिक सख्त इंतजाम किए जाने की आवश्यकता है।

  • संगीत जगत को अपूरणीय क्षति नहीं रहीं महान पार्श्व गायिका एस जानकी छह दशक तक सुरों से सजाया भारतीय सिनेमा

    संगीत जगत को अपूरणीय क्षति नहीं रहीं महान पार्श्व गायिका एस जानकी छह दशक तक सुरों से सजाया भारतीय सिनेमा


    नई दिल्ली । भारतीय संगीत जगत की सबसे सशक्त और मधुर आवाजों में शुमार महान पार्श्व गायिका एस जानकी अब हमारे बीच नहीं रहीं। 88 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली और अपने पीछे ऐसा संगीत खजाना छोड़ गईं जो आने वाली कई पीढ़ियों तक श्रोताओं के दिलों में गूंजता रहेगा। उनके निधन से फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर है। दक्षिण भारतीय सिनेमा से लेकर पूरे देश के संगीत प्रेमी इस खबर से भावुक हैं क्योंकि एक ऐसा युग समाप्त हो गया जिसने अपनी आवाज से लाखों लोगों की भावनाओं को शब्द और सुर दिए।

    जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई जिसके बाद मैसुरु के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि परिवार की ओर से की गई। उनकी पोती अप्सरा व्यद्युला ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए बताया कि उनकी प्रिय दादी और महान गायिका अब इस दुनिया में नहीं रहीं। उन्होंने कहा कि परिवार के बीच शांतिपूर्वक विदा लेने वाली जानकी ने अपने गीतों के जरिए करोड़ों लोगों के जीवन में खुशियां और यादें छोड़ी हैं। उन्होंने लोगों से परिवार की निजता का सम्मान करने की भी अपील की।

    एस जानकी का नाम भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने अपने छह दशक लंबे करियर में लगभग 48 हजार गीत गाए और यह उपलब्धि उन्हें देश की सबसे अधिक गीत रिकॉर्ड करने वाली गायिकाओं में शामिल करती है। उनकी आवाज केवल तमिल कन्नड़ तेलुगु और मलयालम फिल्मों तक सीमित नहीं रही बल्कि उन्होंने हिंदी उड़िया बंगाली पंजाबी उर्दू सहित करीब 20 भारतीय भाषाओं में भी अपनी गायकी का जादू बिखेरा। फिल्मों के अलावा उन्होंने एल्बम टेलीविजन और रेडियो के लिए भी अनेक यादगार गीत गाए जिनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है।

    23 अप्रैल 1938 को तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेंसी के गुंटूर जिले में जन्मी एस जानकी का संगीत से जुड़ाव बचपन से ही हो गया था। महज नौ वर्ष की उम्र में उन्होंने पहली सार्वजनिक प्रस्तुति दी थी। उनके पिता आयुर्वेदिक चिकित्सक और शिक्षक थे जिन्होंने उनकी प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नादस्वरम वादक पेडीस्वामी से संगीत की शुरुआती शिक्षा ली लेकिन विशेष बात यह रही कि उन्होंने कभी शास्त्रीय संगीत की औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की। अपनी स्वाभाविक प्रतिभा और अथक अभ्यास के दम पर उन्होंने भारतीय संगीत जगत में वह मुकाम हासिल किया जिसकी मिसाल बहुत कम देखने को मिलती है।

    एस जानकी की आवाज की सबसे बड़ी विशेषता उसकी भावनात्मक गहराई और विविधता थी। रोमांटिक गीतों से लेकर भक्ति संगीत लोकधुनों और संवेदनशील रचनाओं तक उन्होंने हर शैली को पूरी आत्मा के साथ निभाया। उनकी गायकी ने अनगिनत फिल्मों को यादगार बनाया और कई पीढ़ियों के संगीत प्रेमियों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनी रही।

    उनका निधन केवल एक कलाकार का जाना नहीं बल्कि भारतीय संगीत की एक अमूल्य विरासत का युगांत है। हालांकि वह अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी आवाज उनके गीत और उनकी कला हमेशा जीवित रहेंगे। भारतीय संगीत जगत उन्हें हमेशा श्रद्धा सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद करेगा।

  • बड़े सपनों ने बदली किस्मत आर माधवन बोले सड़क पर मिला ऑफर बना जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट

    बड़े सपनों ने बदली किस्मत आर माधवन बोले सड़क पर मिला ऑफर बना जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के सबसे प्रतिभाशाली और बहुमुखी अभिनेताओं में गिने जाने वाले आर माधवन की सफलता की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। आज करोड़ों दिलों पर राज करने वाले इस अभिनेता ने हाल ही में अपनी जिंदगी से जुड़ा ऐसा किस्सा साझा किया जिसने यह साबित कर दिया कि बड़े सपने देखने वालों की किस्मत भी कभी न कभी उनका दरवाजा जरूर खटखटाती है। दिलचस्प बात यह है कि माधवन को अभिनय का पहला प्रस्ताव किसी ऑडिशन या फिल्मी दफ्तर में नहीं बल्कि सड़क पर मिला था और उस समय उन्हें यह पूरा मामला किसी स्कैम जैसा लगा था।

    एक बातचीत के दौरान आर माधवन ने बताया कि उन्होंने महज 17 वर्ष की उम्र में अपनी जिंदगी के लक्ष्य तय कर लिए थे। उन्होंने अपनी नोटबुक में साफ शब्दों में लिखा था कि वह एक दिन अमीर और मशहूर अभिनेता बनना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि वह जीवन में हर क्षेत्र की थोड़ी बहुत जानकारी हासिल करेंगे लेकिन कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में ऐसी महारत बनाएंगे जिससे उनकी अलग पहचान बने। आज भी वह नोटबुक उनके पास सुरक्षित है और उसे देखकर उन्हें अपने शुरुआती सपनों की याद आती है।

    माधवन का मानना है कि इंसान को सपने देखने से कभी डरना नहीं चाहिए। उनके अनुसार अधिकांश लोग अपनी क्षमताओं से पहले ही समझौता कर लेते हैं और यह मान बैठते हैं कि उनके सपने पूरे नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि ऐसे सपने देखने चाहिए जिन्हें सुनकर लोग आपको पागल समझें क्योंकि असंभव दिखने वाले सपने ही इंसान को असाधारण सफलता तक पहुंचाते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन महानायक अमिताभ बच्चन उनके जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं देंगे लेकिन जिंदगी ने उन्हें यह खुशी भी दी।

    सबसे रोचक किस्सा उनके अभिनय करियर की शुरुआत से जुड़ा है। माधवन ने बताया कि वह मूल रूप से अभिनेता बनने मुंबई नहीं आए थे। उस समय वह टेक कम्युनिकेशन और पब्लिक स्पीकिंग का प्रशिक्षण देते थे और अच्छी खासी कमाई कर रहे थे। उनकी मासिक आय उस दौर में सत्तर से अस्सी हजार रुपए के बीच थी जो उस समय बेहद बड़ी रकम मानी जाती थी। वह अपने काम और जीवन से संतुष्ट थे और फिल्मों में आने की कोई योजना नहीं थी।

    इसी दौरान एक दिन सड़क पर एक अनजान व्यक्ति ने उनसे पूछा कि क्या वह अभिनय करना चाहेंगे। माधवन ने स्वीकार किया कि पहली प्रतिक्रिया यही थी कि शायद कोई धोखाधड़ी करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि बाद में उन्होंने उस प्रस्ताव को गंभीरता से लिया और यही छोटा सा अवसर उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। इसी मौके ने उन्हें मॉडलिंग और विज्ञापनों की दुनिया तक पहुंचाया और फिर धीरे धीरे फिल्मों के दरवाजे भी खुल गए।

    आज आर माधवन भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने हिंदी के साथ तमिल और अन्य भाषाओं की फिल्मों में भी शानदार पहचान बनाई है। उन्होंने अपने अभिनय से यह साबित किया कि सफलता केवल किस्मत से नहीं बल्कि स्पष्ट लक्ष्य आत्मविश्वास और लगातार मेहनत से मिलती है। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है जो बड़े सपने देखने से घबराते हैं। माधवन का मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो जिंदगी किसी भी मोड़ पर सफलता का ऐसा मौका दे सकती है जो पूरी दुनिया बदल दे।

  • दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज पर नया विवाद गैरकानूनी स्क्रीनिंग्स के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचा मामला

    दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज पर नया विवाद गैरकानूनी स्क्रीनिंग्स के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचा मामला

    नई दिल्ली । दिलजीत दोसांझ की बहुचर्चित फिल्म सतलुज एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। पहले ओटीटी प्लेटफॉर्म से फिल्म हटाए जाने को लेकर चर्चा हुई और अब इसकी कथित गैरकानूनी सार्वजनिक स्क्रीनिंग्स का मामला पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। फिल्म को लेकर दायर नई याचिका ने पूरे घटनाक्रम को एक नया कानूनी मोड़ दे दिया है और अब सभी की नजर अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

    फिल्म का नाम पहले पंजाब 95 था और लंबे समय तक विभिन्न कारणों से इसकी रिलीज टलती रही। आखिरकार यह फिल्म तीन जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज हुई लेकिन महज दो दिन बाद ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। इसके बाद भी फिल्म की चर्चा थमी नहीं बल्कि कई स्थानों पर लोगों ने अपने स्तर पर इसकी सार्वजनिक स्क्रीनिंग शुरू कर दी। पंजाब के कई गांवों और शहरों में बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाकर सामूहिक रूप से फिल्म दिखाई जाने लगी। कुछ स्थानों पर गुरुद्वारों और खुले मैदानों में भी लोग एक साथ बैठकर फिल्म देखते नजर आए। राजस्थान से भी ऐसी स्क्रीनिंग्स की तस्वीरें सामने आईं जिनकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई।

    इसी बीच एडवोकेट विनीत जिंदल ने पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इन सार्वजनिक स्क्रीनिंग्स पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि बिना वैध अनुमति फिल्म की स्क्रीनिंग कराना कानून का उल्लंघन है और इससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उनका कहना है कि कुछ धार्मिक संगठनों और राजनीतिक समूहों की ओर से आयोजित की जा रही इन स्क्रीनिंग्स के कारण सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

    याचिका में अदालत से मांग की गई है कि ऐसी सभी कथित गैरकानूनी स्क्रीनिंग्स पर तत्काल रोक लगाई जाए और आयोजन करने वाले लोगों तथा संस्थाओं के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। याचिकाकर्ता का तर्क है कि सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना फिल्म दिखाना उचित नहीं है और इससे भविष्य में गंभीर स्थिति भी पैदा हो सकती है।

    दूसरी ओर फिल्म के समर्थकों का कहना है कि ओटीटी से फिल्म हटाए जाने के बाद दर्शकों ने इसे देखने के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाशे। कई जगह स्थानीय स्तर पर लोगों ने फिल्म डाउनलोड कर सामूहिक रूप से देखने की व्यवस्था की। इन आयोजनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने भी इनमें से कुछ तस्वीरों को साझा किया था।

    फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ का एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा। उनके अनुसार उन्हें उम्मीद थी कि फिल्म कुछ दिनों बाद हटेगी लेकिन यह अपेक्षा से पहले ही हटा दी गई। उन्होंने दर्शकों से फिल्म देखने की अपील भी की थी जिससे यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया।

    अब पूरा विवाद कानूनी दायरे में पहुंच चुका है। एक ओर फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग्स को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और दर्शकों की पसंद से जोड़कर देखा जा रहा है तो दूसरी ओर बिना अनुमति सार्वजनिक प्रदर्शन को लेकर कानूनी सवाल उठाए जा रहे हैं। हाई कोर्ट में दायर इस याचिका पर आने वाला फैसला न केवल सतलुज बल्कि भविष्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाई गई फिल्मों की सार्वजनिक स्क्रीनिंग्स को लेकर भी महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है।

  • गोल्डन दौर को किया याद हेमा मालिनी ने बताया क्यों नहीं कर रहीं फिल्मों में वापसी और क्या है इसकी सबसे बड़ी वजह

    गोल्डन दौर को किया याद हेमा मालिनी ने बताया क्यों नहीं कर रहीं फिल्मों में वापसी और क्या है इसकी सबसे बड़ी वजह


    नई दिल्ली ।
    हिंदी सिनेमा की ड्रीम गर्ल के नाम से मशहूर हेमा मालिनी लंबे समय से बड़े पर्दे से दूर हैं। उनके प्रशंसक अक्सर यह सवाल करते रहे हैं कि आखिर वह नई फिल्मों में नजर क्यों नहीं आतीं। अब खुद हेमा मालिनी ने इस सवाल का जवाब देते हुए अपनी चुप्पी तोड़ी है और साफ कहा है कि आज की फिल्मों का स्वरूप उनके दौर से पूरी तरह बदल चुका है। यही सबसे बड़ी वजह है कि उन्होंने फिल्मों से दूरी बना रखी है।

    एक बातचीत के दौरान हेमा मालिनी ने अपने लंबे फिल्मी सफर को याद करते हुए कहा कि उन्हें उस दौर का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला जिसे हिंदी सिनेमा का स्वर्णिम काल कहा जाता है। उनके अनुसार उस समय बनने वाली फिल्मों में कहानी भावनाएं संगीत और अभिनय का अद्भुत संतुलन देखने को मिलता था। खास बात यह थी कि महिला प्रधान फिल्मों को भी बराबर महत्व दिया जाता था और अभिनेत्रियों को दमदार किरदार निभाने का अवसर मिलता था।

    उन्होंने बताया कि अपने करियर में उन्हें सीता और गीता सपनों का सौदागर खुशबू शोले ड्रीम गर्ल सत्ते पे सत्ता त्रिशूल क्रांति और बागबान जैसी यादगार फिल्मों में काम करने का अवसर मिला। पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें एहसास होता है कि उन्होंने लगभग दो सौ फिल्मों में अभिनय किया और कई निर्माता निर्देशकों ने बार बार उन्हें अपनी फिल्मों का हिस्सा बनाया। उस दौर में फिल्मों के गीत भी सफलता की सबसे बड़ी पहचान होते थे और हर फिल्म में कई यादगार गाने दर्शकों के दिलों में बस जाते थे।

    हेमा मालिनी का कहना है कि समय के साथ फिल्म निर्माण की शैली पूरी तरह बदल गई है। आज की फिल्मों की सोच प्रस्तुति और कहानी कहने का तरीका पहले से काफी अलग हो चुका है। उन्होंने स्वीकार किया कि कई लोग उनसे पूछते हैं कि वह अब फिल्मों में काम क्यों नहीं करतीं लेकिन उन्हें लगता है कि वर्तमान दौर की फिल्मों में खुद को सहज रूप से ढाल पाना उनके लिए आसान नहीं है। यही कारण है कि उन्होंने नई फिल्मों से दूरी बनाए रखना बेहतर समझा।

    उन्होंने यह भी कहा कि हर दौर की अपनी अलग पहचान होती है और हर कलाकार उस दौर की जरूरतों के अनुसार काम करता है। उनका मानना है कि जिस तरह का सिनेमा उन्होंने अपने समय में किया वह आज भी दर्शकों के बीच पसंद किया जाता है और यही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। उनके अनुसार कलाकार के लिए यह संतोष की बात होती है कि वर्षों बाद भी उसके निभाए किरदार लोगों की यादों में जिंदा रहें।

    हेमा मालिनी ने अपने करियर की शुरुआत राज कपूर के साथ फिल्म सपनों का सौदागर से की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार कई सफल फिल्मों में अभिनय कर खुद को हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल कर लिया। अपनी खूबसूरती और अभिनय के दम पर उन्होंने करोड़ों दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई और ड्रीम गर्ल की पहचान हासिल की।

    उनकी आखिरी फिल्म शिमला मिर्ची थी जो वर्ष 2020 में रिलीज हुई थी। इसके बाद उन्होंने कोई नई फिल्म स्वीकार नहीं की। फिलहाल वह सक्रिय राजनीति में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं और सार्वजनिक जीवन के साथ परिवार को भी पूरा समय दे रही हैं। मुंबई में रहने के दौरान वह अपनी दोनों बेटियों और नाती नातिनों के साथ समय बिताना पसंद करती हैं। हालांकि फिल्मों से दूरी के बावजूद उनके प्रशंसकों के बीच उनका सम्मान और लोकप्रियता आज भी पहले जैसी ही बनी हुई है।