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  • सलमान खान ने एक पोस्ट से खत्म की अटकलें, नई तस्वीरें शेयर कर फैंस से किया दिल छू लेने वाला सवाल

    सलमान खान ने एक पोस्ट से खत्म की अटकलें, नई तस्वीरें शेयर कर फैंस से किया दिल छू लेने वाला सवाल


    नई दिल्ली। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गए हैं। हाल ही में उनकी कुछ तस्वीरें इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुई थीं जिनमें अभिनेता पहले की तुलना में अलग नजर आ रहे थे। तस्वीरों में उनके चेहरे पर बढ़ती उम्र के निशान और हल्की थकान दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। कुछ लोगों ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई तो कुछ ने इसे बढ़ती उम्र का स्वाभाविक असर बताया। इन तमाम अटकलों के बीच सलमान खान ने अपने खास अंदाज में फैंस को जवाब दिया और एक ऐसा सवाल पूछा जिसने सभी का दिल जीत लिया।

    सलमान खान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर ब्लैक एंड व्हाइट अंदाज में अपनी पांच नई तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में वह हल्की बढ़ी हुई दाढ़ी और स्टाइलिश हैट पहने नजर आए। तस्वीरों के साथ उन्होंने बेहद छोटा लेकिन दिलचस्प कैप्शन लिखा कि आप लोगों की तबीयत कैसी है। अभिनेता का यह अंदाज फैंस को बेहद पसंद आया और देखते ही देखते पोस्ट पर लाखों लाइक और हजारों प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

    सलमान के इस पोस्ट के बाद प्रशंसकों ने भी उसी आत्मीयता के साथ जवाब दिया। कई लोगों ने लिखा कि हमारी तबीयत तो ठीक है लेकिन आप अपना ख्याल रखिए। कुछ प्रशंसकों ने दुआ करते हुए लिखा कि भगवान और अल्लाह आपको हमेशा स्वस्थ और खुश रखें। वहीं कई यूजर्स ने कहा कि आपकी हालिया तस्वीरों ने उन्हें चिंतित कर दिया था लेकिन अब नई तस्वीरें देखकर राहत मिली है। सोशल मीडिया पर अभिनेता के समर्थन में बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने सकारात्मक संदेश साझा किए।

    दरअसल कुछ दिन पहले सलमान खान एक सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए थे जहां उनकी तस्वीरें वायरल हो गई थीं। उन तस्वीरों में उनके चेहरे पर झुर्रियां और पहले जैसी चमक न होने की बात सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई थी। हालांकि यह भी सच है कि सलमान अब साठ वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं और उम्र बढ़ने के साथ चेहरे पर बदलाव आना पूरी तरह स्वाभाविक है। इसके बावजूद तीन दशक से अधिक समय से अपनी फिटनेस और व्यक्तित्व के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता को देखकर कई प्रशंसक भावुक हो गए थे।

    सलमान खान का यह नया पोस्ट किसी आधिकारिक सफाई की तरह नहीं था लेकिन उनके अंदाज ने यह जरूर दिखा दिया कि वह अपने प्रशंसकों से सीधे जुड़ना पसंद करते हैं। बिना किसी विवाद या लंबी प्रतिक्रिया के उन्होंने एक साधारण सवाल पूछकर फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और सोशल मीडिया पर चल रही तमाम अटकलों को भी काफी हद तक शांत कर दिया।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। उनकी फिल्म मातृभूमि का प्रशंसकों को बेसब्री से इंतजार है जबकि दक्षिण भारतीय फिल्म एसवीसी 63 की शूटिंग भी जारी है। इस फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री नयनतारा मुख्य भूमिका निभा रही हैं। फैंस को उम्मीद है कि सलमान एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपने दमदार अंदाज से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।

  • लाइव शो के दौरान जैस्मिन सैंडलस हुईं असहज, वायरल वीडियो ने उठाए कलाकारों की सुरक्षा पर सवाल

    लाइव शो के दौरान जैस्मिन सैंडलस हुईं असहज, वायरल वीडियो ने उठाए कलाकारों की सुरक्षा पर सवाल


    नई दिल्ली। देहरादून में आयोजित एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान लोकप्रिय पंजाबी गायिका जैस्मिन सैंडलस के साथ कथित अभद्र व्यवहार की घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान स्टेज के पास मौजूद भीड़ में से कुछ लोगों ने सिंगर को अनुचित तरीके से छूने की कोशिश की जिससे वह असहज नजर आईं। हालांकि इस घटना को लेकर जैस्मिन सैंडलस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है लेकिन वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर हो रही चर्चाओं ने कलाकारों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जैस्मिन सैंडलस हाल ही में देहरादून में अपने लाइव म्यूजिक शो के लिए पहुंची थीं। बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों ने उनके गानों पर जमकर उत्साह दिखाया और पूरे कार्यक्रम के दौरान शानदार माहौल बना रहा। परफॉर्मेंस के अंतिम चरण में जब जैस्मिन अपने प्रशंसकों का अभिवादन करने और उनसे हाथ मिलाने के लिए स्टेज के किनारे पहुंचीं तब अचानक भीड़ बेकाबू होती दिखाई दी। इसी दौरान वायरल वीडियो में कुछ लोग उन्हें छूते हुए नजर आते हैं और दावा किया जा रहा है कि इस हरकत से सिंगर असहज हो गईं।

    वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि घटना के बाद स्टेज के पास अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। कुछ लोगों को एक-दूसरे को पीछे हटाते और बहस करते देखा गया। मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की और भीड़ को नियंत्रित किया। हालांकि वीडियो में पूरी घटना स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती इसलिए अलग-अलग दावे भी सामने आ रहे हैं। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि कथित तौर पर अनुचित तरीके से छूने वाला व्यक्ति एक महिला थी जबकि कुछ अन्य इसके विपरीत दावा कर रहे हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    घटना के बाद सोशल मीडिया पर जैस्मिन सैंडलस के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग सामने आए। यूजर्स ने कहा कि किसी भी कलाकार के साथ मंच पर या सार्वजनिक कार्यक्रम में इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। कई लोगों ने आयोजकों से भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग की ताकि कलाकार बिना किसी डर या असहजता के अपने प्रशंसकों के बीच प्रस्तुति दे सकें। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि फैन और कलाकार के बीच सम्मानजनक दूरी बनाए रखना हर दर्शक की जिम्मेदारी है।

    जैस्मिन सैंडलस पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में बनी हुई हैं। फिल्म धुरंधर के गानों से उन्हें नई पहचान मिली है और देशभर में उनके लाइव कॉन्सर्ट को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। हाल ही में उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान अपने मंगेतर शेखर चौधरी का परिचय भी प्रशंसकों से कराया था जिसके बाद उनकी निजी जिंदगी भी सुर्खियों में रही।

    फिलहाल देहरादून कॉन्सर्ट से जुड़ा यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में कलाकारों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर और अधिक सख्त इंतजाम किए जाने की आवश्यकता है।

  • संगीत जगत को अपूरणीय क्षति नहीं रहीं महान पार्श्व गायिका एस जानकी छह दशक तक सुरों से सजाया भारतीय सिनेमा

    संगीत जगत को अपूरणीय क्षति नहीं रहीं महान पार्श्व गायिका एस जानकी छह दशक तक सुरों से सजाया भारतीय सिनेमा


    नई दिल्ली । भारतीय संगीत जगत की सबसे सशक्त और मधुर आवाजों में शुमार महान पार्श्व गायिका एस जानकी अब हमारे बीच नहीं रहीं। 88 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली और अपने पीछे ऐसा संगीत खजाना छोड़ गईं जो आने वाली कई पीढ़ियों तक श्रोताओं के दिलों में गूंजता रहेगा। उनके निधन से फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर है। दक्षिण भारतीय सिनेमा से लेकर पूरे देश के संगीत प्रेमी इस खबर से भावुक हैं क्योंकि एक ऐसा युग समाप्त हो गया जिसने अपनी आवाज से लाखों लोगों की भावनाओं को शब्द और सुर दिए।

    जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई जिसके बाद मैसुरु के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि परिवार की ओर से की गई। उनकी पोती अप्सरा व्यद्युला ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए बताया कि उनकी प्रिय दादी और महान गायिका अब इस दुनिया में नहीं रहीं। उन्होंने कहा कि परिवार के बीच शांतिपूर्वक विदा लेने वाली जानकी ने अपने गीतों के जरिए करोड़ों लोगों के जीवन में खुशियां और यादें छोड़ी हैं। उन्होंने लोगों से परिवार की निजता का सम्मान करने की भी अपील की।

    एस जानकी का नाम भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने अपने छह दशक लंबे करियर में लगभग 48 हजार गीत गाए और यह उपलब्धि उन्हें देश की सबसे अधिक गीत रिकॉर्ड करने वाली गायिकाओं में शामिल करती है। उनकी आवाज केवल तमिल कन्नड़ तेलुगु और मलयालम फिल्मों तक सीमित नहीं रही बल्कि उन्होंने हिंदी उड़िया बंगाली पंजाबी उर्दू सहित करीब 20 भारतीय भाषाओं में भी अपनी गायकी का जादू बिखेरा। फिल्मों के अलावा उन्होंने एल्बम टेलीविजन और रेडियो के लिए भी अनेक यादगार गीत गाए जिनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है।

    23 अप्रैल 1938 को तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेंसी के गुंटूर जिले में जन्मी एस जानकी का संगीत से जुड़ाव बचपन से ही हो गया था। महज नौ वर्ष की उम्र में उन्होंने पहली सार्वजनिक प्रस्तुति दी थी। उनके पिता आयुर्वेदिक चिकित्सक और शिक्षक थे जिन्होंने उनकी प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नादस्वरम वादक पेडीस्वामी से संगीत की शुरुआती शिक्षा ली लेकिन विशेष बात यह रही कि उन्होंने कभी शास्त्रीय संगीत की औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की। अपनी स्वाभाविक प्रतिभा और अथक अभ्यास के दम पर उन्होंने भारतीय संगीत जगत में वह मुकाम हासिल किया जिसकी मिसाल बहुत कम देखने को मिलती है।

    एस जानकी की आवाज की सबसे बड़ी विशेषता उसकी भावनात्मक गहराई और विविधता थी। रोमांटिक गीतों से लेकर भक्ति संगीत लोकधुनों और संवेदनशील रचनाओं तक उन्होंने हर शैली को पूरी आत्मा के साथ निभाया। उनकी गायकी ने अनगिनत फिल्मों को यादगार बनाया और कई पीढ़ियों के संगीत प्रेमियों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनी रही।

    उनका निधन केवल एक कलाकार का जाना नहीं बल्कि भारतीय संगीत की एक अमूल्य विरासत का युगांत है। हालांकि वह अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी आवाज उनके गीत और उनकी कला हमेशा जीवित रहेंगे। भारतीय संगीत जगत उन्हें हमेशा श्रद्धा सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद करेगा।

  • बड़े सपनों ने बदली किस्मत आर माधवन बोले सड़क पर मिला ऑफर बना जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट

    बड़े सपनों ने बदली किस्मत आर माधवन बोले सड़क पर मिला ऑफर बना जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के सबसे प्रतिभाशाली और बहुमुखी अभिनेताओं में गिने जाने वाले आर माधवन की सफलता की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। आज करोड़ों दिलों पर राज करने वाले इस अभिनेता ने हाल ही में अपनी जिंदगी से जुड़ा ऐसा किस्सा साझा किया जिसने यह साबित कर दिया कि बड़े सपने देखने वालों की किस्मत भी कभी न कभी उनका दरवाजा जरूर खटखटाती है। दिलचस्प बात यह है कि माधवन को अभिनय का पहला प्रस्ताव किसी ऑडिशन या फिल्मी दफ्तर में नहीं बल्कि सड़क पर मिला था और उस समय उन्हें यह पूरा मामला किसी स्कैम जैसा लगा था।

    एक बातचीत के दौरान आर माधवन ने बताया कि उन्होंने महज 17 वर्ष की उम्र में अपनी जिंदगी के लक्ष्य तय कर लिए थे। उन्होंने अपनी नोटबुक में साफ शब्दों में लिखा था कि वह एक दिन अमीर और मशहूर अभिनेता बनना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि वह जीवन में हर क्षेत्र की थोड़ी बहुत जानकारी हासिल करेंगे लेकिन कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में ऐसी महारत बनाएंगे जिससे उनकी अलग पहचान बने। आज भी वह नोटबुक उनके पास सुरक्षित है और उसे देखकर उन्हें अपने शुरुआती सपनों की याद आती है।

    माधवन का मानना है कि इंसान को सपने देखने से कभी डरना नहीं चाहिए। उनके अनुसार अधिकांश लोग अपनी क्षमताओं से पहले ही समझौता कर लेते हैं और यह मान बैठते हैं कि उनके सपने पूरे नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि ऐसे सपने देखने चाहिए जिन्हें सुनकर लोग आपको पागल समझें क्योंकि असंभव दिखने वाले सपने ही इंसान को असाधारण सफलता तक पहुंचाते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन महानायक अमिताभ बच्चन उनके जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं देंगे लेकिन जिंदगी ने उन्हें यह खुशी भी दी।

    सबसे रोचक किस्सा उनके अभिनय करियर की शुरुआत से जुड़ा है। माधवन ने बताया कि वह मूल रूप से अभिनेता बनने मुंबई नहीं आए थे। उस समय वह टेक कम्युनिकेशन और पब्लिक स्पीकिंग का प्रशिक्षण देते थे और अच्छी खासी कमाई कर रहे थे। उनकी मासिक आय उस दौर में सत्तर से अस्सी हजार रुपए के बीच थी जो उस समय बेहद बड़ी रकम मानी जाती थी। वह अपने काम और जीवन से संतुष्ट थे और फिल्मों में आने की कोई योजना नहीं थी।

    इसी दौरान एक दिन सड़क पर एक अनजान व्यक्ति ने उनसे पूछा कि क्या वह अभिनय करना चाहेंगे। माधवन ने स्वीकार किया कि पहली प्रतिक्रिया यही थी कि शायद कोई धोखाधड़ी करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि बाद में उन्होंने उस प्रस्ताव को गंभीरता से लिया और यही छोटा सा अवसर उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। इसी मौके ने उन्हें मॉडलिंग और विज्ञापनों की दुनिया तक पहुंचाया और फिर धीरे धीरे फिल्मों के दरवाजे भी खुल गए।

    आज आर माधवन भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने हिंदी के साथ तमिल और अन्य भाषाओं की फिल्मों में भी शानदार पहचान बनाई है। उन्होंने अपने अभिनय से यह साबित किया कि सफलता केवल किस्मत से नहीं बल्कि स्पष्ट लक्ष्य आत्मविश्वास और लगातार मेहनत से मिलती है। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है जो बड़े सपने देखने से घबराते हैं। माधवन का मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो जिंदगी किसी भी मोड़ पर सफलता का ऐसा मौका दे सकती है जो पूरी दुनिया बदल दे।

  • दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज पर नया विवाद गैरकानूनी स्क्रीनिंग्स के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचा मामला

    दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज पर नया विवाद गैरकानूनी स्क्रीनिंग्स के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचा मामला

    नई दिल्ली । दिलजीत दोसांझ की बहुचर्चित फिल्म सतलुज एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। पहले ओटीटी प्लेटफॉर्म से फिल्म हटाए जाने को लेकर चर्चा हुई और अब इसकी कथित गैरकानूनी सार्वजनिक स्क्रीनिंग्स का मामला पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। फिल्म को लेकर दायर नई याचिका ने पूरे घटनाक्रम को एक नया कानूनी मोड़ दे दिया है और अब सभी की नजर अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

    फिल्म का नाम पहले पंजाब 95 था और लंबे समय तक विभिन्न कारणों से इसकी रिलीज टलती रही। आखिरकार यह फिल्म तीन जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज हुई लेकिन महज दो दिन बाद ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। इसके बाद भी फिल्म की चर्चा थमी नहीं बल्कि कई स्थानों पर लोगों ने अपने स्तर पर इसकी सार्वजनिक स्क्रीनिंग शुरू कर दी। पंजाब के कई गांवों और शहरों में बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाकर सामूहिक रूप से फिल्म दिखाई जाने लगी। कुछ स्थानों पर गुरुद्वारों और खुले मैदानों में भी लोग एक साथ बैठकर फिल्म देखते नजर आए। राजस्थान से भी ऐसी स्क्रीनिंग्स की तस्वीरें सामने आईं जिनकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई।

    इसी बीच एडवोकेट विनीत जिंदल ने पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इन सार्वजनिक स्क्रीनिंग्स पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि बिना वैध अनुमति फिल्म की स्क्रीनिंग कराना कानून का उल्लंघन है और इससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उनका कहना है कि कुछ धार्मिक संगठनों और राजनीतिक समूहों की ओर से आयोजित की जा रही इन स्क्रीनिंग्स के कारण सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

    याचिका में अदालत से मांग की गई है कि ऐसी सभी कथित गैरकानूनी स्क्रीनिंग्स पर तत्काल रोक लगाई जाए और आयोजन करने वाले लोगों तथा संस्थाओं के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। याचिकाकर्ता का तर्क है कि सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना फिल्म दिखाना उचित नहीं है और इससे भविष्य में गंभीर स्थिति भी पैदा हो सकती है।

    दूसरी ओर फिल्म के समर्थकों का कहना है कि ओटीटी से फिल्म हटाए जाने के बाद दर्शकों ने इसे देखने के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाशे। कई जगह स्थानीय स्तर पर लोगों ने फिल्म डाउनलोड कर सामूहिक रूप से देखने की व्यवस्था की। इन आयोजनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने भी इनमें से कुछ तस्वीरों को साझा किया था।

    फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ का एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा। उनके अनुसार उन्हें उम्मीद थी कि फिल्म कुछ दिनों बाद हटेगी लेकिन यह अपेक्षा से पहले ही हटा दी गई। उन्होंने दर्शकों से फिल्म देखने की अपील भी की थी जिससे यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया।

    अब पूरा विवाद कानूनी दायरे में पहुंच चुका है। एक ओर फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग्स को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और दर्शकों की पसंद से जोड़कर देखा जा रहा है तो दूसरी ओर बिना अनुमति सार्वजनिक प्रदर्शन को लेकर कानूनी सवाल उठाए जा रहे हैं। हाई कोर्ट में दायर इस याचिका पर आने वाला फैसला न केवल सतलुज बल्कि भविष्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाई गई फिल्मों की सार्वजनिक स्क्रीनिंग्स को लेकर भी महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है।

  • गोल्डन दौर को किया याद हेमा मालिनी ने बताया क्यों नहीं कर रहीं फिल्मों में वापसी और क्या है इसकी सबसे बड़ी वजह

    गोल्डन दौर को किया याद हेमा मालिनी ने बताया क्यों नहीं कर रहीं फिल्मों में वापसी और क्या है इसकी सबसे बड़ी वजह


    नई दिल्ली ।
    हिंदी सिनेमा की ड्रीम गर्ल के नाम से मशहूर हेमा मालिनी लंबे समय से बड़े पर्दे से दूर हैं। उनके प्रशंसक अक्सर यह सवाल करते रहे हैं कि आखिर वह नई फिल्मों में नजर क्यों नहीं आतीं। अब खुद हेमा मालिनी ने इस सवाल का जवाब देते हुए अपनी चुप्पी तोड़ी है और साफ कहा है कि आज की फिल्मों का स्वरूप उनके दौर से पूरी तरह बदल चुका है। यही सबसे बड़ी वजह है कि उन्होंने फिल्मों से दूरी बना रखी है।

    एक बातचीत के दौरान हेमा मालिनी ने अपने लंबे फिल्मी सफर को याद करते हुए कहा कि उन्हें उस दौर का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला जिसे हिंदी सिनेमा का स्वर्णिम काल कहा जाता है। उनके अनुसार उस समय बनने वाली फिल्मों में कहानी भावनाएं संगीत और अभिनय का अद्भुत संतुलन देखने को मिलता था। खास बात यह थी कि महिला प्रधान फिल्मों को भी बराबर महत्व दिया जाता था और अभिनेत्रियों को दमदार किरदार निभाने का अवसर मिलता था।

    उन्होंने बताया कि अपने करियर में उन्हें सीता और गीता सपनों का सौदागर खुशबू शोले ड्रीम गर्ल सत्ते पे सत्ता त्रिशूल क्रांति और बागबान जैसी यादगार फिल्मों में काम करने का अवसर मिला। पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें एहसास होता है कि उन्होंने लगभग दो सौ फिल्मों में अभिनय किया और कई निर्माता निर्देशकों ने बार बार उन्हें अपनी फिल्मों का हिस्सा बनाया। उस दौर में फिल्मों के गीत भी सफलता की सबसे बड़ी पहचान होते थे और हर फिल्म में कई यादगार गाने दर्शकों के दिलों में बस जाते थे।

    हेमा मालिनी का कहना है कि समय के साथ फिल्म निर्माण की शैली पूरी तरह बदल गई है। आज की फिल्मों की सोच प्रस्तुति और कहानी कहने का तरीका पहले से काफी अलग हो चुका है। उन्होंने स्वीकार किया कि कई लोग उनसे पूछते हैं कि वह अब फिल्मों में काम क्यों नहीं करतीं लेकिन उन्हें लगता है कि वर्तमान दौर की फिल्मों में खुद को सहज रूप से ढाल पाना उनके लिए आसान नहीं है। यही कारण है कि उन्होंने नई फिल्मों से दूरी बनाए रखना बेहतर समझा।

    उन्होंने यह भी कहा कि हर दौर की अपनी अलग पहचान होती है और हर कलाकार उस दौर की जरूरतों के अनुसार काम करता है। उनका मानना है कि जिस तरह का सिनेमा उन्होंने अपने समय में किया वह आज भी दर्शकों के बीच पसंद किया जाता है और यही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। उनके अनुसार कलाकार के लिए यह संतोष की बात होती है कि वर्षों बाद भी उसके निभाए किरदार लोगों की यादों में जिंदा रहें।

    हेमा मालिनी ने अपने करियर की शुरुआत राज कपूर के साथ फिल्म सपनों का सौदागर से की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार कई सफल फिल्मों में अभिनय कर खुद को हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल कर लिया। अपनी खूबसूरती और अभिनय के दम पर उन्होंने करोड़ों दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई और ड्रीम गर्ल की पहचान हासिल की।

    उनकी आखिरी फिल्म शिमला मिर्ची थी जो वर्ष 2020 में रिलीज हुई थी। इसके बाद उन्होंने कोई नई फिल्म स्वीकार नहीं की। फिलहाल वह सक्रिय राजनीति में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं और सार्वजनिक जीवन के साथ परिवार को भी पूरा समय दे रही हैं। मुंबई में रहने के दौरान वह अपनी दोनों बेटियों और नाती नातिनों के साथ समय बिताना पसंद करती हैं। हालांकि फिल्मों से दूरी के बावजूद उनके प्रशंसकों के बीच उनका सम्मान और लोकप्रियता आज भी पहले जैसी ही बनी हुई है।

  • सलमान विवाद के बाद अकेले पड़ गए थे विवेक ओबरॉय ऐसे वक्त में अक्षय कुमार ने बढ़ाया मदद का हाथ

    सलमान विवाद के बाद अकेले पड़ गए थे विवेक ओबरॉय ऐसे वक्त में अक्षय कुमार ने बढ़ाया मदद का हाथ


    नई दिल्ली । फिल्मी दुनिया में सफलता जितनी तेजी से मिलती है उतनी ही तेजी से कठिन दौर भी सामने आ सकता है। अभिनेता विवेक ओबरॉय की जिंदगी इसका बड़ा उदाहरण है। शानदार फिल्मों और कई पुरस्कारों के बावजूद एक समय ऐसा आया जब उन्हें काम मिलना लगभग बंद हो गया। इंडस्ट्री में उनका बहिष्कार होने लगा और लगातार बढ़ती परेशानियों के बीच वह मानसिक रूप से भी बेहद परेशान रहने लगे। ऐसे कठिन समय में अभिनेता अक्षय कुमार उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आए और बिना किसी दिखावे के उनकी ऐसी मदद की जिसे विवेक आज भी कभी नहीं भूल पाए हैं।

    एक पुराने पॉडकास्ट में विवेक ओबरॉय ने उस दौर को याद करते हुए बताया कि वह लंबे समय तक घर पर ही रहने लगे थे और गहरे तनाव से गुजर रहे थे। तभी एक दिन अक्षय कुमार का फोन आया। उन्होंने हालचाल पूछा और कुछ ही समय बाद सीधे विवेक के घर पहुंच गए। अक्षय ने उनकी पूरी बात सुनी और उन्हें समझाया कि हर मुश्किल समय हमेशा नहीं रहता। उन्होंने कहा कि वह हर समस्या का समाधान तो नहीं कर सकते लेकिन उनका आत्मविश्वास जरूर वापस ला सकते हैं।

    विवेक के मुताबिक उस समय अक्षय कुमार कई बड़े स्टेज शो और कार्यक्रमों में व्यस्त थे। व्यस्त कार्यक्रम के कारण वह कुछ ऑफर स्वीकार नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में उन्होंने उन कार्यक्रमों और प्रोजेक्ट्स की सिफारिश विवेक ओबरॉय के लिए कर दी। इन आयोजनों में काम मिलने से विवेक को आर्थिक राहत मिली और सबसे बड़ी बात यह रही कि वह फिर से दर्शकों के बीच पहुंचने लगे। स्टेज पर लोगों का प्यार और तालियां सुनकर उनका आत्मविश्वास लौटने लगा और मानसिक स्थिति भी पहले से बेहतर होती गई।

    विवेक ने बताया कि अक्षय कुमार ने कभी यह दावा नहीं किया कि वह उनके लिए किसी से लड़ेंगे या इंडस्ट्री की राजनीति बदल देंगे। उन्होंने केवल एक व्यावहारिक रास्ता दिखाया जिससे वह फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सके। यही वजह है कि विवेक आज भी उस मदद को अपने जीवन का सबसे बड़ा सहारा मानते हैं।

    दरअसल विवेक ओबरॉय का करियर उस समय विवादों में आ गया था जब उन्होंने अभिनेता सलमान खान के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई गंभीर आरोप लगाए थे। यह मामला उस दौर में काफी चर्चा में रहा और इसके बाद उन्हें फिल्मों के ऑफर कम मिलने लगे। हालांकि इस कठिन दौर में भी उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे धीरे अपने करियर को नई दिशा देने का प्रयास किया।
    दरअसल विवेक ओबरॉय का करियर उस समय विवादों में आ गया था जब उन्होंने अभिनेता सलमान खान के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई गंभीर आरोप लगाए थे। यह मामला उस दौर में काफी चर्चा में रहा और इसके बाद उन्हें फिल्मों के ऑफर कम मिलने लगे। हालांकि इस कठिन दौर में भी उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे धीरे अपने करियर को नई दिशा देने का प्रयास किया।

    विवेक ओबरॉय की यह कहानी बताती है कि सफलता के पीछे केवल प्रतिभा ही नहीं बल्कि कठिन समय में मिलने वाला सही साथ भी बेहद मायने रखता है। अक्षय कुमार की संवेदनशीलता और व्यवहारिक मदद ने साबित किया कि सच्ची दोस्ती केवल शब्दों से नहीं बल्कि सही समय पर किए गए सहयोग से पहचानी जाती है। यही वजह है कि वर्षों बाद भी विवेक ओबरॉय खुले दिल से उस मदद को याद करते हैं और अक्षय कुमार के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हैं।

  • जुलाई में OTT पर एंटरटेनमेंट का धमाका नेटफ्लिक्स से जियोहॉटस्टार तक रिलीज होंगी ये बड़ी फिल्में और सीरीज

    जुलाई में OTT पर एंटरटेनमेंट का धमाका नेटफ्लिक्स से जियोहॉटस्टार तक रिलीज होंगी ये बड़ी फिल्में और सीरीज


    नई दिल्ली। जुलाई का महीना ओटीटी दर्शकों के लिए जबरदस्त मनोरंजन लेकर आ रहा है। अगर आप घर बैठे नई फिल्में और वेब सीरीज देखने के शौकीन हैं तो आने वाले हफ्तों में आपके पास विकल्पों की कोई कमी नहीं होगी। नेटफ्लिक्स जियोहॉटस्टार और एप्पल टीवी प्लस जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म पर कई बड़ी और बहुप्रतीक्षित रिलीज दस्तक देने जा रही हैं। इनमें एक्शन ड्रामा कॉमेडी थ्रिलर साइंस फिक्शन और के ड्रामा जैसे अलग अलग जॉनर शामिल हैं।

    महीने की शुरुआत 2 जुलाई को नेटफ्लिक्स की पहली ओरिजिनल तेलुगू सीरीज सुपर सुब्बू से होगी। सात एपिसोड की यह कॉमेडी ड्रामा सीरीज एक साधारण युवक की मजेदार और दिलचस्प जिंदगी पर आधारित है। इसमें संदीप किशन मुख्य भूमिका निभा रहे हैं जबकि मिथिला पालकर और मुरली शर्मा भी अहम किरदारों में नजर आएंगे।

    इसके अगले दिन यानी 3 जुलाई को जियोहॉटस्टार पर प्रीतम एंड पेड्रो रिलीज होगी। इस वेब सीरीज को मशहूर फिल्मकार राजकुमार हिरानी ने क्रिएट और प्रोड्यूस किया है जबकि निर्देशन अविनाश अरुण ने किया है। अमित दुबे की चर्चित किताबों से प्रेरित इस सीरीज में अर्शद वारसी और विक्रांत मैसी मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगे। इसी प्रोजेक्ट के जरिए वीर हिरानी अभिनय की दुनिया में कदम रख रहे हैं।

    3 जुलाई को ही एप्पल टीवी प्लस पर साइंस फिक्शन सीरीज साइलो सीजन 3 भी रिलीज होगी। भविष्य की दुनिया पर आधारित यह कहानी उन लोगों के इर्दगिर्द घूमती है जो जहरीले वातावरण के कारण जमीन के नीचे बने विशाल साइलो में रहने को मजबूर हैं। पहले दो सीजन की सफलता के बाद तीसरे सीजन का दर्शकों को लंबे समय से इंतजार था।

    10 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर फिल्म इक्का स्ट्रीम होगी। इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि करीब 29 साल बाद सनी देओल और अक्षय खन्ना की जोड़ी एक साथ नजर आएगी। फिल्म में दीया मिर्जा तिलोत्तमा शोम संजीदा शेख और आकांक्षा रंजन कपूर भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।

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    17 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर युवाओं की पसंदीदा रोमांटिक सीरीज हार्टस्टॉपर फॉरएवर सीजन 3 रिलीज होगी। यह सीरीज अपने अंतिम सीजन के साथ दर्शकों से विदा लेगी। इसी दिन के ड्रामा प्रेमियों के लिए द ईस्ट पैलेस भी स्ट्रीम होगी। रहस्य और फैंटेसी से भरपूर इस कहानी में नाम जू ह्युक ऐसे किरदार में नजर आएंगे जो जीवित और मृत दुनिया के बीच यात्रा कर सकता है।

    महीने के अंत में 29 जुलाई को जियोहॉटस्टार पर हॉलीवुड फिल्म द डेविल वीयर्स प्राडा 2 दस्तक देगी। फैशन इंडस्ट्री और कॉर्पोरेट दुनिया की पृष्ठभूमि पर बनी इस बहुप्रतीक्षित सीक्वल का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। थिएटर में रिलीज के बाद अब यह फिल्म ओटीटी दर्शकों के लिए उपलब्ध होगी।

    कुल मिलाकर जुलाई 2026 ओटीटी दर्शकों के लिए मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है। चाहे आपको एक्शन पसंद हो रोमांस थ्रिलर साइंस फिक्शन या फिर कॉमेडी हर वर्ग के दर्शकों के लिए इस महीने कुछ न कुछ खास देखने को मिलेगा।

  • जब अपनी ही फिल्म के फ्लॉप होने की दुआ मांगने लगे थे किशोर कुमार किस्मत ने बना दिया सुपरहिट

    जब अपनी ही फिल्म के फ्लॉप होने की दुआ मांगने लगे थे किशोर कुमार किस्मत ने बना दिया सुपरहिट


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के महान गायक अभिनेता और निर्माता किशोर कुमार अपनी शानदार गायकी के साथ साथ अपने अनोखे स्वभाव और मजेदार किस्सों के लिए भी जाने जाते थे। उनके जीवन से जुड़ी कई घटनाएं आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा उनकी सुपरहिट फिल्म चलती का नाम गाड़ी से जुड़ा है। कहा जाता है कि इस फिल्म के निर्माण के दौरान किशोर कुमार चाहते थे कि उनकी अपनी ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो जाए। हालांकि किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और यही फिल्म बाद में उनकी सबसे बड़ी सफलताओं में शामिल हो गई।

    बताया जाता है कि वर्ष 1958 के दौरान किशोर कुमार आयकर से जुड़े मामलों में उलझे हुए थे। उन पर टैक्स का बड़ा बकाया था और इसी परेशानी से निकलने के लिए उन्होंने एक अलग ही योजना बनाई। उनका विचार था कि यदि वह एक ऐसी फिल्म बनाएंगे जो बॉक्स ऑफिस पर असफल हो जाएगी तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा। इस नुकसान को आय में समायोजित करके टैक्स का बोझ कम किया जा सकेगा।

    इसी सोच के साथ उन्होंने निर्देशक सत्येन बोस के साथ मिलकर चलती का नाम गाड़ी का निर्माण शुरू किया। फिल्म में मधुबाला को मुख्य भूमिका दी गई जबकि किशोर कुमार अपने भाइयों के साथ पर्दे पर नजर आए। इस फिल्म का निर्माण हिंदी के साथ साथ बंगाली भाषा में भी किया गया जहां इसे लुकचुरी नाम से रिलीज किया गया।

    कहा जाता है कि किशोर कुमार मन ही मन यही चाहते थे कि फिल्म दर्शकों को पसंद न आए और उनकी योजना सफल हो जाए। लेकिन रिलीज के बाद कहानी पूरी तरह बदल गई। फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला और यह उस दौर की सबसे बड़ी सफल फिल्मों में शामिल हो गई। अपनी शानदार कॉमेडी दमदार अभिनय और यादगार गीतों की वजह से फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की और लंबे समय तक सिनेमाघरों में चलती रही।

    करीब 35 लाख रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर लगभग एक करोड़ पच्चीस लाख रुपये का कारोबार किया जबकि दुनिया भर में इसकी कमाई करीब ढाई करोड़ रुपये तक पहुंच गई। उस समय के हिसाब से यह बेहद बड़ी सफलता मानी गई। फिल्म की अप्रत्याशित कामयाबी ने किशोर कुमार की टैक्स बचाने की पूरी योजना पर पानी फेर दिया क्योंकि नुकसान दिखाने की जगह उन्हें बड़ा मुनाफा हो गया।

    बताया जाता है कि आयकर से जुड़ा उनका मामला लंबे समय तक अदालतों में चलता रहा। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम का सकारात्मक पहलू यह रहा कि भारतीय सिनेमा को एक ऐसी क्लासिक कॉमेडी फिल्म मिली जिसे आज भी दर्शक पूरे परिवार के साथ देखना पसंद करते हैं। चलती का नाम गाड़ी समय के साथ एक यादगार फिल्म बन गई और इसके गीत तथा किरदार आज भी लोगों की यादों में ताजा हैं। यही वजह है कि किशोर कुमार का यह अनोखा किस्सा आज भी फिल्म प्रेमियों के बीच मुस्कान बिखेर देता है।

  • रिवॉल्वर रानी के किसिंग सीन पर फैली अफवाह पर वीर दास ने तोड़ी चुप्पी कंगना रनौत ने भी दिया करारा जवाब

    रिवॉल्वर रानी के किसिंग सीन पर फैली अफवाह पर वीर दास ने तोड़ी चुप्पी कंगना रनौत ने भी दिया करारा जवाब


    नई दिल्ली। फिल्म रिवॉल्वर रानी के एक पुराने किसिंग सीन को लेकर सोशल मीडिया पर फिर से चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में एक पॉडकास्ट में किए गए दावे के बाद यह अफवाह तेजी से वायरल होने लगी कि फिल्म की शूटिंग के दौरान कंगना रनौत ने किसिंग सीन करते समय अभिनेता और कॉमेडियन वीर दास के होंठ काट दिए थे जिससे उनके होंठ से खून निकल आया था। मामला चर्चा में आने के बाद अब खुद वीर दास ने सामने आकर इन दावों को पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बताया है। इसके बाद कंगना रनौत ने भी इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

    विवाद की शुरुआत एक वरिष्ठ पत्रकार के पॉडकास्ट इंटरव्यू से हुई जिसमें दावा किया गया कि रिवॉल्वर रानी की शूटिंग के दौरान एक किसिंग सीन में कंगना अपने किरदार में इतनी डूब गई थीं कि निर्देशक के कट बोलने के बाद भी नहीं रुकीं। बातचीत के दौरान यह भी कहा गया कि इसी वजह से वीर दास के होंठ पर चोट लगी और खून निकल आया। पॉडकास्ट का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

    जब यह दावा वायरल हुआ तो वीर दास ने सोशल मीडिया पर इसकी सच्चाई साफ करते हुए कहा कि यह पूरी कहानी काल्पनिक है और इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंगना रनौत शूटिंग के दौरान पूरी तरह प्रोफेशनल थीं और उनके साथ काम करने का अनुभव हमेशा अच्छा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि कंगना एक बेहतरीन अभिनेत्री हैं और उनके बारे में इस तरह की झूठी बातें फैलाना उचित नहीं है।

    वीर दास ने अपने खास अंदाज में हल्का मजाक भी किया। उन्होंने कहा कि बाद के वर्षों में कंगना ने उनकी स्टैंडअप कॉमेडी को लेकर उन्हें आतंकवादी जरूर कहा था लेकिन फिल्म के सेट पर उनके बीच कभी कोई समस्या नहीं हुई। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अफवाहों पर विराम लग गया।

    वीर दास की पोस्ट पर कंगना रनौत ने भी जवाब दिया। उन्होंने अफवाह फैलाने वाले दावे पर नाराजगी जताते हुए लिखा कि ऐसा लगता है जैसे कोई व्यक्ति अपनी कल्पनाओं को सच साबित करने के लिए उनका और वीर दास का नाम इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने पूरे दावे को बेहद अजीब बताते हुए कहा कि इस तरह की कहानियों का वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है।

    यह पहली बार नहीं है जब कंगना ने इस तरह की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी हो। इससे पहले भी जब यह दावा सोशल मीडिया पर सामने आया था तब उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में इसे खारिज किया था। अब वीर दास और कंगना दोनों के स्पष्ट बयानों के बाद यह साफ हो गया है कि वायरल हो रहा किसिंग सीन वाला दावा किसी प्रमाणित घटना पर आधारित नहीं है बल्कि केवल एक अपुष्ट और मनगढ़ंत कहानी है। दोनों कलाकारों ने अपने अपने तरीके से इस विवाद पर विराम लगाने की कोशिश की है।