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  • धर्मेंद्र की दिल्ली प्रेयर मीट में ईशा देओल के एक्स पति भरत तख्तानी भी होंगे शामिल

    धर्मेंद्र की दिल्ली प्रेयर मीट में ईशा देओल के एक्स पति भरत तख्तानी भी होंगे शामिल


    नई दिल्ली बॉलीवुड के लिजेंडरी एक्टर धर्मेंद्र के निधन के बाद उनका परिवार अभी भी गहरे शोक में डूबा हुआ है। ऐसे में उनकी याद में आयोजित की जा रही प्रेयर मीट में परिवार और दोस्तों की उपस्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो गई है। इस बार हेमा मालिनी और उनकी बेटी ईशा देओल ने नई दिल्ली में एक प्रेयर मीट आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह आयोजन 11 दिसंबर को डॉक्टर अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर जनपथ में होने जा रहा है। यह एक इमोशनल अवसर होगा जब परिवार और धर्मेंद्र के शुभचिंतक उनके 90वें जन्मदिन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

    इस प्रेयर मीट की खबरों के अनुसार ईशा देओल के एक्स पति भरत तख्तानी भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। भरत और ईशा का तलाक हो चुका है लेकिन फिर भी दोनों के बीच दोस्ती और समझदारी बनी हुई है। उनका रिश्ता अब भले ही शादीशुदा नहीं रहा लेकिन वे एक-दूसरे के हर सुख-दुख में साथ हैं। पिछले साल उनका तलाक हुआ था लेकिन इस कठिन समय में भी भरत अपनी बेटी राध्या और मिराया के लिए ईशा के साथ खड़े हैं।

    यह घटनाक्रम दर्शाता है कि परिवार और रिश्तों की अहमियत जीवन में हमेशा बनी रहती है चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों। ईशा के बुरे वक्त में भरत का समर्थन एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि लोग भले ही अलग हो जाएं लेकिन इंसानियत और मानवीय संबंधों का सम्मान हमेशा महत्वपूर्ण रहता है।

    हेमा मालिनी ने 27 नवंबर को मुंबई में भी धर्मेंद्र की याद में एक प्रेयर मीट का आयोजन किया था जिसमें भरत तख्तानी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। यह मीट भी एक भावुक अवसर था जहां धर्मेंद्र के फैंस और परिवार ने उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त की। इस मीट में भरत के साथ उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हुए थे और ईशा के दुख में उनका साथ दिया था।

    अब दिल्ली में आयोजित होने वाली प्रेयर मीट में ईशा देओल की बहन अहाना देओल भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकती हैं। अहाना अपने पति वैभव वोहरा के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस प्रकार यह आयोजन पूरी देओल परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण और भावुक अवसर होगा जहां वे अपने प्रिय धर्मेंद्र की याद में एकजुट होंगे।

    धर्मेंद्र के 90वें जन्मदिन पर आयोजित इस प्रेयर मीट में सनी और बॉबी देओल ने भी भाग लिया था। इस दौरान वे फैंस के साथ मिले और धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि अर्पित की। सनी और बॉबी ने न केवल भारत से बल्कि विदेशों से आए फैंस के साथ भी अपनी भावनाएँ साझा कीं। धर्मेंद्र का योगदान भारतीय सिनेमा में अनमोल रहेगा और उनकी फिल्मों और व्यक्तित्व के प्रति प्रशंसा हमेशा बरकरार रहेगी। इस प्रकार धर्मेंद्र के परिवार द्वारा आयोजित किए गए यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम एक यादगार और भावुक मौका होगा जिसमें उनके साथ बिताए गए समय की यादें और उनके योगदान को सम्मानित किया जाएगा।

  • मां हिंदू, पिता क्रिश्चिय फिर भी दीया मिर्ज़ा ने क्यों अपनाया मुस्लिम सरनेम जानें वजह

    मां हिंदू, पिता क्रिश्चिय फिर भी दीया मिर्ज़ा ने क्यों अपनाया मुस्लिम सरनेम जानें वजह


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की खूबसूरत और टैलेंटेड एक्ट्रेस दीया मिर्ज़ा ने 2001 में बॉलीवुड इंडस्ट्री में कदम रखा और अपनी पहली ही फिल्म से दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बना ली। हालांकि दीया की व्यक्तिगत जिंदगी और उनके बैकग्राउंड के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। उनका परिवार काफी विविधतापूर्ण रहा है उनकी मां हिंदू और पिता क्रिश्चियन थे फिर भी उन्होंने मुस्लिम सरनेम मिर्ज़ा क्यों अपनाया इसके पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प और भावुक है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से।

    दीया मिर्ज़ा का बैकग्राउंड और सरनेम का बदलाव

    दीया मिर्ज़ा का असली सरनेम हैंडरिच था जो उनके ईसाई पिता के परिवार से जुड़ा हुआ था। हालांकि जब वह महज 4 साल की थीं उनके माता-पिता का तलाक हो गया। इसके कुछ साल बाद 9 साल की उम्र में उनके पिता का निधन हो गया। इस घटना ने दीया को एक गहरे भावनात्मक झटके से गुजरने पर मजबूर किया। लेकिन इसके बाद उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव आया जब उनकी मां ने अहमद मिर्ज़ा से शादी की।

    अहमद मिर्ज़ा ने न केवल दीया की मां से विवाह किया बल्कि वह दीया के लिए एक सच्चे पिता की तरह बने। दीया ने एक इंटरव्यू में इस रिश्ते को बेहद खूबसूरत बताया और कहा कि अहमद मिर्ज़ा ने उन्हें हमेशा अपने बच्चे की तरह प्यार दिया। उनका यह प्यार इतना सच्चा था कि दीया ने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के दौरान अपने सौतेले पिता के प्रति सम्मान और स्नेह दिखाने के लिए उनका सरनेम मिर्ज़ा अपना लिया।

    मिर्ज़ा सरनेम अपनाने का कारण

    दीया मिर्ज़ा का कहना है कि अहमद मिर्ज़ा के साथ उनका रिश्ता बहुत गहरा था और वह हमेशा उनके लिए एक सच्चे पिता की तरह थे। दीया ने बताया कि मिस इंडिया में हिस्सा लेने के समय उन्होंने महसूस किया कि उन्हें अहमद मिर्ज़ा का सरनेम अपनाना चाहिए क्योंकि यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका था। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक नाम नहीं था बल्कि यह एक संबंध था जो मेरे दिल के करीब था।

    दो पिता खोने का दर्द

    दीया मिर्ज़ा ने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे। वह महज 23 साल की थीं जब उनके सौतेले पिता अहमद मिर्ज़ा का निधन हो गया। दीया ने उस समय को याद करते हुए कहा कि मैंने एक ही जीवन में दो पिता खो दिए हैं। उनके लिए यह बेहद कठिन समय था क्योंकि एक तरफ उन्हें अपने असली पिता का दुख था वहीं दूसरी ओर उन्हें अपने सौतेले पिता को भी खोने का गहरा दुख सहन करना पड़ा।

    दीया का ग्लैमरस सफर

    दीया मिर्ज़ा का बॉलीवुड करियर भी काफी सफल रहा। साल 2000 में उन्होंने मिस एशिया पैसिफिक इंटरनेशनल का खिताब जीता और उसी साल प्रियंका चोपड़ा ने मिस वर्ल्ड का टाईटल जीता था। इसके बाद दीया ने मॉडलिंग और बॉलीवुड दोनों में अपनी पहचान बनाई। अपनी फिल्मी यात्रा में उन्होंने विभिन्न शैलियों और किरदारों को निभाया और अपनी खूबसूरती और अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। दीया का ग्लैमरस सफर न केवल उनके अभिनय का बल्कि उनके व्यक्तिगत संघर्षों और धैर्य का भी प्रतीक बन चुका है।

    दीया मिर्ज़ा का जीवन केवल फिल्म इंडस्ट्री में उनके योगदान के लिए नहीं जाना जाता बल्कि उनके व्यक्तिगत संघर्ष और परिवार के प्रति उनके प्रेम के लिए भी जाना जाता है। उनके जीवन में एक मुसलमान सौतेले पिता का होना और उनके प्रति सम्मान जताने के लिए मुस्लिम सरनेम अपनाना उनके दिल से जुड़े रिश्तों को दर्शाता है। दीया की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि परिवार और प्रेम का कोई धर्म नहीं होता यह भावनाओं और रिश्तों का एक खूबसूरत रूप है।