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  • दिल्ली हिंसा तुर्कमान गेट में कर्फ्यू जैसे हालात पुलिस ने इलाके को छावनी में तब्दील किया

    दिल्ली हिंसा तुर्कमान गेट में कर्फ्यू जैसे हालात पुलिस ने इलाके को छावनी में तब्दील किया


    नई दिल्ली । दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में 6 जनवरी की रात को हुए हिंसक घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर दिया। एमसीडी द्वारा फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास चलाए गए अवैध अतिक्रमण हटाने केअभियान के दौरान उपद्रवियों ने पुलिस और नगर निगम कर्मचारियों पर पथराव किया जिससे पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी। फिलहाल तुर्कमान गेट के आस-पास कर्फ्यू जैसे हालात हैं सभी दुकानें बंद हैं और सड़कें सुनसान हैं। पुलिस ने इलाके को छावनी में बदल दिया है और गली-गली में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

    फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाईएमसीडी द्वारा यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर की गई थी जो लंबे समय से पेंडिंग था। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास 36 400स्क्वायर फीट इलाके में अवैध रूप से दो मंजिला दीवार और उसके ऊपर एकमंजिला संरचना बनाई गई थी। पुलिस और नगर निगम की टीम ने 32 बुलडोजरों 4 एक्सकेवेटरों और कई ट्रकों का इस्तेमाल कर इस अतिक्रमण को हटाने की कोशिश की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की पूरी टीम मौके पर मौजूद थी और स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की गई।

    पत्थरबाजी और हिंसा

    जैसे ही बुलडोजर अभियान शुरू हुआ कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस और नगर निगम कर्मचारियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस हमले में 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और भीड़ को खदेड़ने के लिएअतिरिक्त बल तैनात किया गया। पुलिस ने इलाके में सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है और मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। ड्रोन कैमरों से इलाके की निगरानी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा को फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है।

    एफआईआर और गिरफ्तारी

    दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट मस्जिद के पास हुई पत्थरबाजी के मामले में अज्ञात संदिग्धों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दंगा सरकारी कर्मचारी पर हमला और ड्यूटी में रुकावट डालने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच जारी है और CCTV फुटेज के माध्यम से उपद्रवियों की पहचान की जाएगी।

    सीसीटीवी और बॉडी कैमरा फुटेज से आरोपियों की पहचान

    दिल्ली पुलिस ने बताया कि उपद्रवियों की पहचान के लिए पुलिस अधिकारियों के बॉडी कैमरा फुटेज और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया जाएगा। जॉइंट पुलिस कमिश्नर सेंट्रल रेंज मधुर वर्मा ने कहा कि इस तरह के शरारती तत्वों को पकड़ने के लिए पुलिस को पूरी जानकारी उपलब्ध हो रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि पत्थरबाजी के दौरान उन्होंने अत्यधिक बल का इस्तेमाल नहीं किया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया।

    तबाही की स्थिति और छावनी जैसा माहौल

    पथराव के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया। तुर्कमान गेट क्षेत्र में सभी दुकानें और बाजार बंद हैं और सड़कें वीरान पड़ी हैं। दिल्ली पुलिस रैपिड एक्शन फोर्स और सीआरपीएफ के जवान गली-गली में पैट्रोलिंग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन ने कर्फ्यू जैसी स्थिति बनाए रखने के लिए मुख्य मार्गों पर बैरिकेड्स लगाए हैं और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाया है।तुर्कमान गेट की यह हिंसक घटना दिल्ली में एक और विवादास्पद और संवेदनशील स्थिति का उदाहरण बन गई है। पुलिस और प्रशासन ने प्रभावी सुरक्षा कदम उठाए हैं और स्थिति पर नियंत्रण पा लिया है। हालांकि इस घटना से इलाके में असंतोष और तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले की गहरी जांच की जाएगी और जिन लोगों ने हिंसा भड़काई उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
  • इंदौर में बुजुर्गों को एटीएम ठगी का शिकार बनाने वाला गिरोह गिरफ्तार 40 हजार रुपये की चोरी

    इंदौर में बुजुर्गों को एटीएम ठगी का शिकार बनाने वाला गिरोह गिरफ्तार 40 हजार रुपये की चोरी


    इंदौर । इंदौर शहर में बुजुर्गों को एटीएम ठगी का शिकार बनाने वाला एक गिरोह पकड़ा गया है। विजयनगर थाना क्षेत्र में इस गिरोह के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है जिसमें 86 वर्षीय बुजुर्ग का एटीएम कार्ड बदलकर आरोपियों ने खाते से 40 हजार रुपये की चोरी की। ये ठगी 2 जनवरी को हुई थी जब बुजुर्ग जगदीश पाल भमोरी स्थित स्टेट बैंक के एटीएम पर बैलेंस चेक करने पहुंचे थे।

    ठगी के आरोपी दो युवक थे जिन्होंने बुजुर्ग से बातचीत करने के दौरान उनका पिन नंबर देख लिया और एटीएम कार्ड बदल दिया। आरोपियों में से एक युवक ने बुजुर्ग को यह कहकर गुमराह किया कि एटीएम मशीन से पैसे नहीं निकल रहे हैं। इसके बाद बुजुर्ग बिना किसी शक के घर लौट गए। कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर लगातार बैंक ट्रांजैक्शन के मैसेज आने लगे जिससे ठगी का खुलासा हुआ।

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 40 हजार रुपये निकाल लिए। जब पीड़ित ने अपना कार्ड चेक किया तो वह किसी कैलाश नामक व्यक्ति के नाम का निकला। इसके बाद बुजुर्ग ने विजयनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई और सोमवार को एफआईआर दर्ज की गई।

    इसी दिन परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की ठगी की वारदात हुई थी जिसमें कलेक्टर कार्यालय से सेवानिवृत्त अधिकारी राजेश जोशी को निशाना बनाया गया था। इस मामले में भी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था रोहित भदौरिया निवासी भिंड हर्षवर्धन चौहान और अंकित परिहार दोनों निवासी मैनपुरी। पुलिस ने इनके कब्जे से एक बाइक भी बरामद की। पुलिस अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि विजयनगर में बुजुर्ग के साथ हुई ठगी में भी वही तीनों आरोपी शामिल थे।

    दोनों घटनाओं का तरीका और समय एक जैसा होने से यह गिरोह की भूमिका पुख्ता हुई है। पुलिस जांच में अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह ने शहर के अन्य इलाकों में भी इस तरह की ठगी की है या नहीं।पुलिस ने नागरिकों विशेषकर बुजुर्गों से अपील की है कि वे एटीएम पर किसी अनजान व्यक्ति से मदद न लें और अपना पिन नंबर किसी को न बताएं। यह मामला एटीएम ठगी के बढ़ते मामलों और सुरक्षा में सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करता है।

  • रतलाम की बेटी की रूह कंपा देने वाली दास्तां,सगे माता-पिता और मामा ही धकेलते थे देह व्यापार के दलदल में, भोपाल में दर्ज हुई FIR

    रतलाम की बेटी की रूह कंपा देने वाली दास्तां,सगे माता-पिता और मामा ही धकेलते थे देह व्यापार के दलदल में, भोपाल में दर्ज हुई FIR


    भोपाल। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। रतलाम जिले के एक गांव की 21 वर्षीय युवती ने अपने ही जन्मदाताओं और सगे मामाओं पर उसे देह व्यापार के नर्क में धकेलने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पिछले 7 सालों से जुल्म सह रही यह युवती किसी तरह जान बचाकर भोपाल पहुंची, जहां उसने पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाई।
    7 साल की उम्र से सह रही थी जुल्म
    पीड़िता ने भोपाल के महिला थाने में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया कि जब वह महज 14 साल की थी, तभी से उसके माता-पिता और दो मामा मिलकर उससे जबरन देह व्यापार करवा रहे थे। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में उसे दरिंदगी के हवाले कर दिया गया।
    युवती का आरोप है कि जब भी वह इस घिनौने काम का विरोध करती, तो उसके परिजन उसे बेरहमी से पीटते और तरह-तरह की शारीरिक व मानसिक यातनाएं देते थे।

    नर्क से भागकर भोपाल में ली शरण
    सालों तक जुल्म की बेड़ियां सहने के बाद, युवती ने आखिरकार साहस जुटाया और मौका मिलते ही अपने गांव से भागकर भोपाल आ गई। यहां उसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई और एक आवेदन के माध्यम से अपनी पूरी कहानी बयां की।

    पीड़िता की हालत और उसकी बातों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।

    भोपाल में ‘जीरो’ पर FIR, अब रतलाम पुलिस करेगी जांच
    महिला थाना प्रभारी (TI) अंजना दुबे के अनुसार, 21 वर्षीय पीड़िता के बयानों के आधार पर उसके माता-पिता और दो मामा के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

    चूंकि मामला रतलाम जिले का है, इसलिए भोपाल पुलिस ने ‘जीरो पर एफआईआर’ दर्ज की है। अब केस डायरी आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए रतलाम पुलिस को सौंपी जा रही है।

    मामले के मुख्य आरोपी: सगे माता-पिता और दो मामा।
    पिछले 7 सालों से (14 वर्ष की आयु से) लगातार शोषण।
    अपराध: जबरन देह व्यापार और मारपीट।
    कानूनी स्थिति, भोपाल में जीरो FIR दर्ज, मामला रतलाम ट्रांसफर।
    यह मामला समाज के उस काले चेहरे को उजागर करता है जहां संरक्षक ही भक्षक बन गए। अब सबकी नजरें रतलाम पुलिस पर हैं कि वह इन आरोपियों के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई करती है।