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  • देहरादून में जनसुनवाई के दौरान सीएम धामी ने सुनी जनता की फरियाद, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

    देहरादून में जनसुनवाई के दौरान सीएम धामी ने सुनी जनता की फरियाद, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश


    नई दिल्ली। देहरादून में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर जनता से सीधा संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान प्रदेशभर से आए लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिनमें कई मामलों का मौके पर ही समाधान भी किया गया।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सहायता से जुड़े कई मामलों पर तत्काल संज्ञान लिया गया और समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई।

    सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता को तेज, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी शिकायत के निपटारे में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी और हर मामले की नियमित निगरानी की जानी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि जनसुनवाई केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी माध्यम है। इससे न केवल समस्याओं का समाधान तेजी से होता है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में भी सुधार आता है।

    कार्यक्रम के दौरान कई लोगों को मौके पर ही राहत मिलने से उनके चेहरों पर संतोष देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उन योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से जनता तक पहुंचे।

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी मामलों को गंभीरता से लिया जाए और उनकी प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रशासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाना है।

    इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी। राज्य में लागू नई नीतियों और विकास कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की। उनका कहना था कि नई पहल से राज्य में रोजगार और विकास के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

    कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी भी देखने को मिली, जहां उन्होंने सरकारी योजनाओं पर आधारित रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं। मुख्यमंत्री ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां युवाओं में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ाती हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और युवा विकास को प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्य कर रही है। आने वाले समय में भी जनकल्याणकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा।

  • सीएम बनने के बाद पहली दिल्ली यात्रा में सम्राट चौधरी की पीएम मोदी से मुलाकात मंत्रिमंडल विस्तार और राज्य विकास पर मंथन

    सीएम बनने के बाद पहली दिल्ली यात्रा में सम्राट चौधरी की पीएम मोदी से मुलाकात मंत्रिमंडल विस्तार और राज्य विकास पर मंथन

    नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद Samrat Choudhary ने पहली बार राष्ट्रीय राजधानी पहुंचकर प्रधानमंत्री Narendra Modi से शिष्टाचार मुलाकात की इस मुलाकात को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें बिहार के विकास और भविष्य की योजनाओं को लेकर व्यापक चर्चा हुई

    बताया जा रहा है कि इस दौरान विकसित भारत और समृद्ध बिहार के विजन को लेकर विस्तार से विचार विमर्श किया गया मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त किया और राज्य के विकास को नई दिशा देने पर जोर दिया इस मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री का सहयोग और मार्गदर्शन बिहार की प्रगति को गति देने में अहम भूमिका निभाएगा

    सूत्रों के अनुसार इस मुलाकात के दौरान केवल औपचारिक चर्चा ही नहीं बल्कि राज्य की राजनीतिक स्थिति और आगामी रणनीतियों पर भी विचार किया गया माना जा रहा है कि बिहार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी बातचीत हुई है वर्तमान में राज्य सरकार का मंत्रिमंडल अधूरा है और इसे जल्द पूरा करना सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है

    गौरतलब है कि बिहार में अभी तक मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों ने ही शपथ ली है जनता दल यूनाइटेड की ओर से दो नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है जबकि भारतीय जनता पार्टी के हिस्से से अभी तक किसी विधायक को मंत्री पद नहीं दिया गया है ऐसे में गठबंधन के भीतर संतुलन बनाए रखने और प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए कैबिनेट विस्तार जरूरी माना जा रहा है

    बिहार विधानसभा में कुल मंत्रियों की संख्या 33 तक हो सकती है लेकिन वर्तमान स्थिति में सरकार अधूरी मानी जा रही है इससे शासन और निर्णय प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है इसलिए आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तेज गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं

    इस बीच राजनीतिक दृष्टि से एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने है 24 अप्रैल को बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी सरकार का विश्वास मत पेश करेंगे यह सत्र सरकार की स्थिरता और बहुमत को साबित करने के लिए निर्णायक माना जा रहा है

    विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री से हुई यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है इससे न केवल राज्य और केंद्र के बीच तालमेल मजबूत होगा बल्कि बिहार में नई सरकार के कामकाज को भी स्पष्ट दिशा मिलेगी

  • नीतीश युग का अंत, ‘सम्राट युग’ की शुरुआत, बिहार में नई सरकार के सामने ये हैं बड़ी चुनौतियां

    नीतीश युग का अंत, ‘सम्राट युग’ की शुरुआत, बिहार में नई सरकार के सामने ये हैं बड़ी चुनौतियां


    पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दो दशक से मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने पद से इस्तीफा दे दिया है और मंत्रिमंडल भंग होने के बाद राज्य में नए राजनीतिक युग की शुरुआत हो गई है। एनडीए विधायक दल ने सम्राट चौधरी को अपना नेता चुन लिया है, जिसके बाद अब उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ माना जा रहा है।

    बिहार में सम्राट युग की शुरुआत
    नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल के बाद अब बिहार में पहली बार बीजेपी से मुख्यमंत्री बनने की संभावना है। नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रशासनिक ढांचे को संभालने और विकास की रफ्तार को बनाए रखने की होगी। इसके अलावा राज्य में भ्रष्टाचार और अफसरशाही को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। रेड टेप कल्चर के कारण कई सरकारी योजनाएं जमीन पर सही ढंग से लागू नहीं हो पातीं, जिससे जनता तक योजनाओं का पूरा लाभ नहीं पहुंच पाता।

    बेरोजगारी और पलायन पर फोकस जरूरी

    बिहार में बेरोजगारी और पलायन हमेशा से बड़ा मुद्दा रहा है। युवाओं का लगातार अन्य राज्यों की ओर जाना सरकार के लिए गंभीर चुनौती है। पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दे भी राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रहे हैं।

    शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि ढांचा कमजोर
    राज्य में उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और कृषि व सिंचाई ढांचे की कमजोर स्थिति विकास में बाधा बनती रही है।

    शराबबंदी पर भी चर्चा तेज
    बिहार में लागू शराबबंदी नीति एक बार फिर चर्चा में है। कुछ एनडीए नेताओं द्वारा इस पर पुनर्विचार की मांग भी उठती रही है। हालांकि इस फैसले के सामाजिक और राजनीतिक असर को लेकर मतभेद बने हुए हैं।

    नीतीश से अलग पहचान बनाने की चुनौती

    नई सरकार के सामने एक बड़ी राजनीतिक चुनौती पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि और कार्यशैली से अलग पहचान बनाना भी होगी। नीतीश कुमार की सुशासन बाबू की छवि ने लंबे समय तक जनता को प्रभावित किया है। ऐसे में नई सरकार को ऐसी नीतियां और योजनाएं लानी होंगी, जो सीधे जनता, खासकर महिलाओं और युवाओं के जीवन में बदलाव ला सकें।

    कुल मिलाकर बिहार अब एक नए राजनीतिक चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां नेतृत्व परिवर्तन के साथ उम्मीदें भी बढ़ी हैं और चुनौतियां भी। नई सरकार के प्रदर्शन पर ही आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक दिशा तय होगी।

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल से वित्त आयोग अध्यक्ष पवैया की मुलाकात प्रदेश विकास में सक्रिय भूमिका पर जोर

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल से वित्त आयोग अध्यक्ष पवैया की मुलाकात प्रदेश विकास में सक्रिय भूमिका पर जोर


    भोपाल । भोपाल स्थित राजभवन में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण औपचारिक मुलाकात देखने को मिली जब राज्यपाल मंगुभाई पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने सौजन्य भेंट की इस दौरान आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने राज्य वित्त आयोग का कार्यभार ग्रहण करने की जानकारी राज्यपाल को दी और आगामी कार्ययोजना को लेकर चर्चा की

    ज्ञात हो कि 23 मार्च 2026 को जयभान सिंह पवैया ने आयोग के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था उनके साथ आयोग के सदस्य के के सिंह और सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार ने भी अपने अपने दायित्व ग्रहण किए हैं इस नई जिम्मेदारी के साथ आयोग अब राज्य के वित्तीय ढांचे को मजबूत करने और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में कार्य करेगा

    मुलाकात के दौरान राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने वित्त आयोग की भूमिका कार्यप्रणाली और विभिन्न गतिविधियों को लेकर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया उन्होंने कहा कि राज्य वित्त आयोग प्रदेश के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण कड़ी है और इसे अपने उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करते हुए वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए

    राज्यपाल ने यह भी अपेक्षा जताई कि आयोग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ करेगा जिससे प्रदेश के विकास को नई दिशा मिल सके उन्होंने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सौंपे गए दायित्वों का निष्ठा के साथ पालन करना ही राज्य और देश की सच्ची सेवा है

    इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि आयोग को दिए गए सभी दायित्वों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ किया जाएगा उन्होंने कहा कि आयोग राज्य के विकास में अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए पूरी तरह तत्पर है और वित्तीय व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य करेगा

    यह मुलाकात केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श का एक सशक्त मंच भी रही जिसमें भविष्य की योजनाओं और प्राथमिकताओं को लेकर सकारात्मक संकेत मिले अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य वित्त आयोग अपने कार्यों के माध्यम से प्रदेश के आर्थिक और विकासात्मक लक्ष्यों को किस प्रकार गति प्रदान करता है

  • प्रधानमंत्री मोदी ने दी मुख्यमंत्री मोहन यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं विकास कार्यों की सराहना

    प्रधानमंत्री मोदी ने दी मुख्यमंत्री मोहन यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं विकास कार्यों की सराहना


    मध्यप्रदेश । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को उनके जन्मदिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं इस मौके पर प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व और उनके द्वारा प्रदेश में किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना भी की

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है उन्होंने उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल कर रहे हैं जिनका सकारात्मक असर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जनकल्याण और विकास को केंद्र में रखकर किए जा रहे प्रयासों के कारण मध्यप्रदेश नई ऊंचाइयों को छू रहा है उन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यों को प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की

    इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभेच्छाएं भी व्यक्त कीं उनका यह संदेश राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है

    मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर प्रधानमंत्री का यह संदेश न केवल एक औपचारिक शुभकामना है बल्कि यह राज्य और केंद्र के बीच समन्वय और सहयोग का भी प्रतीक माना जा रहा है राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के संदेश नेतृत्व के प्रति विश्वास और समर्थन को भी दर्शाते हैं

    कुल मिलाकर मुख्यमंत्री मोहन यादव के जन्मदिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई शुभकामनाएं उनके कार्यों की सराहना और भविष्य के लिए सकारात्मक संदेश के रूप में देखी जा रही हैं जो प्रदेश की राजनीति और विकास यात्रा दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देती हैं

  • जयशंकर ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला से की मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर हुई चर्चा

    जयशंकर ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला से की मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर हुई चर्चा


    नई दिल्ली/ भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की मुलाकात के बाद जयशंकर ने कहा कि भारत के राजकीय दौरे पर आए राष्ट्रपति लूला से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं उन्होंने बताया कि लूला ने साझा हितों और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए अपनी गाइडेंस और गर्मजोशी भरी भावनाओं का प्रदर्शन किया उन्होंने यह भी कहा कि आज बाद में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक से द्विपक्षीय संबंधों को नई रफ्तार मिलेगी इसके बाद ब्राजील के राष्ट्रपति ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और पीएम मोदी से भी मुलाकात की और उसके बाद दोनों नेता द्विपक्षीय बैठक करेंगे विदेश मंत्रालय ने पहले ही बताया था
    कि दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे प्रधानमंत्री आने वाले गणमान्य व्यक्ति के सम्मान में लंच होस्ट करेंगे और आपसी हितों के क्षेत्रीय और ग्लोबल मुद्दों पर विचार करेंगे जिसमें बहुपक्षीय फोरम में सहयोग रिफॉर्म्ड मल्टीलेटरलिज्म ग्लोबल गवर्नेंस और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दे शामिल हैं राष्ट्रपति लूला दूसरे एआई इम्पैक्ट समिट के लिए 18 फरवरी को भारत आए उनके साथ करीब 14 मंत्री और ब्राजील की कंपनियों के टॉप सीईओ का डेलीगेशन भी है जो अपने भारतीय समकक्षों के साथ मीटिंग करेंगे
    यह राष्ट्रपति लूला का भारत का छठा दौरा है वे पहली बार 2004 में रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन के गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में भारत आए थे और आखिरी बार सितंबर 2023 में जी20 समिट के लिए भारत आए थे प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला अक्सर मिलते रहे हैं प्रधानमंत्री 7 से 8 जुलाई 2025 तक राजकीय दौरे पर ब्रासीलिया में थे और नवंबर 2025 में जी20 के दौरान जोहान्सबर्ग में भी उनकी मुलाकात हुई भारत और ब्राजील के बीच करीबी और रणनीतिक साझेदारी साझा डेमोक्रेटिक मूल्यों लोगों के बीच गहरे रिश्तों और खास सेक्टरों में बढ़ते सहयोग पर आधारित है दोनों देश 2006 से रणनीतिक साझेदार हैं
    ब्राजील एलएसी इलाके में भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है और व्यापार निवेश रक्षा कृषि स्वास्थ्य फार्मास्यूटिकल्स ऊर्जा जिसमें रिन्यूएबल्स जरूरी मिनरल्स रेयर अर्थ मटीरियल्स साइंस टेक्नोलॉजी और नवाचार शामिल हैं जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का जुड़ाव लगातार गहरा होता जा रहा है
    इसमें डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एआई स्पेस और लोगों के बीच जुड़ाव के क्षेत्र में सहयोग भी शामिल है दोनों देश यूएन रिफॉर्म्स क्लाइमेट चेंज और आतंकवाद से लड़ने जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समान विचार रखते हैं विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति लूला का यह राजकीय दौरा दोनों पक्षों को आपसी फायदे के मुद्दों पर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और द्विपक्षीय क्षेत्रीय और ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर सहयोग को और गहरा करने का अवसर देगा