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  • बॉक्स ऑफिस पर जब 'पार्टनर' ने मचाया था कोहराम: 28 करोड़ के बजट में 100 करोड़ कमाकर सलमान और गोविंदा के डूबते करियर को मिला था नया जीवन

    बॉक्स ऑफिस पर जब 'पार्टनर' ने मचाया था कोहराम: 28 करोड़ के बजट में 100 करोड़ कमाकर सलमान और गोविंदा के डूबते करियर को मिला था नया जीवन

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो न सिर्फ बॉक्स ऑफिस के समीकरण बदलती हैं, बल्कि डूबते हुए सितारों के करियर को भी एक नया जीवनदान दे देती हैं। वर्ष 2007 में रिलीज हुई निर्देशक डेविड धवन की फिल्म ‘पार्टनर’ को आज भी एक ऐसी ही कल्ट कॉमेडी फिल्म के रूप में याद किया जाता है। इस फिल्म ने न केवल दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया, बल्कि उस दौर में बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष कर रहे बॉलीवुड के दो दिग्गज अभिनेताओं, सलमान खान और गोविंदा के स्टारडम को फिल्म इंडस्ट्री में दोबारा मजबूती से स्थापित किया।

    यदि उस दौर के परिदृश्य पर नजर डालें तो नब्बे के दशक में सिनेमाई पर्दे पर राज करने वाले गोविंदा का करियर बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा था। सक्रिय राजनीति में कदम रखने के कारण उनका अभिनय से ध्यान भटक गया था और उनकी लगातार कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल साबित हुई थीं। फिल्म इंडस्ट्री उन्हें लगभग बिसरा चुकी थी। दूसरी तरफ, सलमान खान की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं थी। इस फिल्म के प्रदर्शन से ठीक पहले आई उनकी बड़े बजट की फिल्में जैसे ‘सलाम-ए-इश्क’, ‘जान-ए-मन’, ‘सांवरिया’ और ‘मैरीगोल्ड’ दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रही थीं। ऐसे नाजुक मोड़ पर दोनों ही कलाकारों को एक बड़ी व्यावसायिक सफलता की सख्त दरकार थी।

    निर्देशक डेविड धवन ने इस भांपते हुए महज 28 करोड़ रुपये के सीमित बजट में ‘पार्टनर’ का निर्माण किया। फिल्म ने सिनेमाघरों में आते ही बॉक्स ऑफिस पर ऐसा तहलका मचाया कि पहले ही सप्ताह में घरेलू बाजार में 30 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। यह उस समय के भारतीय सिनेमाई इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी डोमेस्टिक ओपनिंग दर्ज कराने वाली फिल्म बनी। दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने कुल 103 करोड़ रुपये से अधिक की शानदार कमाई की। इस ऐतिहासिक सफलता के लिए सलमान खान को जहां 15 करोड़ रुपये की भारी-भरकम फीस दी गई थी, वहीं उनके जोड़ीदार बने गोविंदा को 4 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था।

    व्यावसायिक सफलता के बीच इस फिल्म की कहानी को लेकर एक बड़ा विवाद भी खड़ा हुआ था। दरअसल, ‘पार्टनर’ की पूरी पटकथा वर्ष 2005 में आई हॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘हिच’ से प्रेरित थी, जिसमें विल स्मिथ ने एक लव गुरु की भूमिका निभाई थी। चूंकि भारतीय निर्माताओं ने हॉलीवुड फिल्म के आधिकारिक रीमेक राइट्स नहीं खरीदे थे, इसलिए ‘हिच’ की निर्माता कंपनी सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने ‘पार्टनर’ के मेकर्स पर 30 मिलियन डॉलर का कानूनी मुकदमा ठोकने की तैयारी कर ली थी। इस बड़े अंतरराष्ट्रीय कानूनी विवाद को कोर्ट पहुंचने से पहले ही आपसी सहमति से सुलझा लिया गया, जिसके तहत सोनी पिक्चर्स को इस फिल्म के वर्ल्डवाइड एक्सक्लूसिव सैटेलाइट ब्रॉडकास्टिंग राइट्स हमेशा के लिए सौंप दिए गए।

    फिल्म की सफलता में इसके संगीत का भी बहुत बड़ा योगदान था, जिसे संगीतकार जोड़ी साजिद-वाजिद ने तैयार किया था। फिल्म का मुख्य गीत ‘सोनी दी नखरे’ आज भी विवाह समारोहों और पार्टियों की मुख्य पसंद बना हुआ है। बेहद दिलचस्प बात यह है कि यह गाना वर्ष 1989 के मशहूर विदेशी ट्रैक ‘पंप अप द जैम’ से प्रेरित था। गोविंदा नब्बे के दशक में अपने अंतरराष्ट्रीय दौरों और स्टेज शोज के दौरान अक्सर इसी मूल अंग्रेजी गाने पर नृत्य किया करते थे। सालों बाद उन्हें उसी धुन के हिंदी रूपांतरण पर बड़े पर्दे पर थिरकने का मौका मिला, जिसने उनके इस कमबैक को भारतीय दर्शकों के लिए हमेशा-कहा के लिए यादगार बना दिया।

  • जब दिग्गज गायक ने एक नए अभिनेता के लिए अपनी फीस से किया था बड़ा समझौता..

    जब दिग्गज गायक ने एक नए अभिनेता के लिए अपनी फीस से किया था बड़ा समझौता..

    नई दिल्ली। अस्सी के दशक में जब बॉलीवुड की गलियों में एक नया लड़का अपनी थिरकन और मासूमियत से पहचान बनाने की कोशिश कर रहा था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि संगीत की दुनिया का सबसे बड़ा सितारा उसके लिए अपनी शर्तें बदल देगा। यह कहानी है ‘चीची’ यानी गोविंदा और किशोर कुमार के उस अनकहे रिश्ते की, जिसने फिल्म इंडस्ट्री में सफलता के नए मायने लिखे। साल 1986 में जब गोविंदा ने फिल्म ‘लव 86’ और ‘इल्जाम’ के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, तब वह महज एक उभरते हुए कलाकार थे। उनके पास टैलेंट तो था, लेकिन उस समय के सबसे महंगे और दिग्गज गायक किशोर कुमार की आवाज पाना उनके लिए एक सुनहरे सपने जैसा था।

    फिल्म ‘ड्यूटी’ गोविंदा के शुरुआती करियर की एक ऐसी फिल्म थी, जिसका बजट बेहद सीमित था। फिल्म के निर्देशक रविकांत नगैच और संगीतकार बाबला शाह इस बात को लेकर बेहद चिंतित थे कि इतने कम बजट में फिल्म को बड़े स्तर पर कैसे प्रमोट किया जाए। इसी बीच गोविंदा ने एक ऐसी मांग रख दी जिसने मेकर्स के पसीने छुड़ा दिए। गोविंदा चाहते थे कि फिल्म के दो महत्वपूर्ण गानों को केवल किशोर कुमार ही अपनी आवाज दें। गोविंदा का मानना था कि यदि किशोर दा जैसा बड़ा नाम उनके साथ जुड़ जाएगा, तो न केवल फिल्म की वैल्यू बढ़ जाएगी, बल्कि एक नए अभिनेता के तौर पर उन्हें इंडस्ट्री में वह गंभीरता मिलेगी जिसकी उन्हें तलाश थी।

    चुनौती यह थी कि किशोर कुमार उस दौर के सबसे व्यस्त और महंगे गायक थे। फिल्म का बजट इतना कम था कि निर्माता एक बड़े विलेन तक को कास्ट नहीं कर पा रहे थे, ऐसे में किशोर कुमार की भारी-भरकम फीस चुकाना नामुमकिन लग रहा था। जब संगीत निर्देशक बाबला शाह ने यह बात कल्याणजी-आनंदजी को बताई, तो कहानी में एक नया मोड़ आया। दरअसल, बाबला शाह दिग्गज संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी के छोटे भाई थे। अपने भाई के भविष्य और गोविंदा के जुनून को देखते हुए कल्याणजी-आनंदजी ने किशोर कुमार से खास सिफारिश की। किशोर दा के संबंध इस जोड़ी से बेहद मधुर थे, इसलिए उन्होंने मित्रता और सम्मान के खातिर अपनी फीस काफी कम कर दी और गानों के लिए हामी भर दी।

    किशोर कुमार ने इस फिल्म के लिए ‘जिस महफिल में आता हूं’ और ‘तुम जिसे चाहो’ जैसे दो शानदार गाने गाए। इन गानों के रिलीज होते ही संगीत प्रेमियों के बीच तहलका मच गया। किशोर दा की जादुई आवाज और पर्दे पर गोविंदा के बेहतरीन डांस मूव्स ने वह जादू पैदा किया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। इन गानों की सफलता ने गोविंदा को रातों-रात सुपरस्टार्स की कतार में खड़ा कर दिया। इसके बाद गोविंदा और किशोर कुमार की जोड़ी ने कई यादगार नगमे दिए, लेकिन फिल्म ‘ड्यूटी’ के वे दो गाने हमेशा इस बात के गवाह रहेंगे कि कैसे एक दिग्गज कलाकार ने अपनी दरियादिली से एक उभरते हुए सितारे की तकदीर बदल दी थी।

  • सुनीता आहूजा के तल्ख तेवरों ने उड़ाए फैंस के होश, आखिर क्यों पति के नाम पर भड़क रही हैं गोविंदा की पत्नी?

    सुनीता आहूजा के तल्ख तेवरों ने उड़ाए फैंस के होश, आखिर क्यों पति के नाम पर भड़क रही हैं गोविंदा की पत्नी?


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के गलियारों में इन दिनों अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच के रिश्तों को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो ने फैंस और फिल्म जगत के जानकारों को हैरान कर दिया है। इस वीडियो में सुनीता आहूजा का अपने पति गोविंदा के प्रति बेहद तल्ख और बेरुखा अंदाज देखने को मिल रहा है।

    जब सार्वजनिक स्थान पर मौजूद लोगों ने उनसे गोविंदा की गैर मौजूदगी और उनके ठिकाने के बारे में सवाल किया, तो सुनीता ने सामान्य जवाब देने के बजाय गुस्से में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें नहीं पता कि गोविंदा कहाँ हैं, वे शायद घर पर होंगे। उनके इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या इस मशहूर जोड़ी के बीच सब कुछ सामान्य है या फिर पर्दे के पीछे कोई बड़ी दरार आ चुकी है।

    सफेद शर्ट और जींस पहने अपने पालतू कुत्ते के साथ नजर आ रही सुनीता के चेहरे पर उस वक्त नाराजगी साफ देखी जा सकती थी, जब उनसे पूछा गया कि गोविंदा सर काफी समय से दिखाई क्यों नहीं दे रहे हैं। इस सवाल पर जिस तरह का चेहरा उन्होंने बनाया और जिस लहजे में जवाब दिया, वह किसी सामान्य वैवाहिक चर्चा जैसा नहीं था।

    अक्सर सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे की तारीफ करने वाले इस जोड़े के बीच ऐसी कड़वाहट पहले कभी नहीं देखी गई। इस घटना ने उन पुरानी चर्चाओं को फिर से जीवित कर दिया है, जिनमें अक्सर यह दावा किया जाता रहा है कि यह जोड़ी पिछले कुछ समय से व्यक्तिगत मतभेदों के कारण अलग-अलग रह रही है।

    गौरतलब है कि हाल ही में सुनीता आहूजा को उनके भांजे और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ एक मंच पर देखा गया था, जिसे सालों पुराने पारिवारिक विवाद के खात्मे के रूप में देखा जा रहा था। प्रशंसकों को लगा था कि अब परिवार में सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन पति के प्रति सुनीता की यह हालिया नाराजगी एक नई उलझन पैदा कर रही है।

    पिछले साल भी जब गोविंदा के निजी जीवन से जुड़ी कुछ खबरें सामने आई थीं, तब सुनीता ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि वे किसी भी बात को तब तक सच नहीं मानेंगी जब तक प्रमाण न देख लें, और सच साबित होने पर वे कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी।

    फिलहाल, इस वायरल घटनाक्रम ने बॉलीवुड प्रेमियों के बीच चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। जहाँ एक तरफ सुनीता के इस अंदाज को उनका स्वाभाविक बेबाकपन बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे एक टूटते हुए रिश्ते की आहट के तौर पर भी देखा जा रहा है।

    गोविंदा की ओर से इस पूरे मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सुनीता के इस ‘चौंकाने वाले’ जवाब ने यह साफ कर दिया है कि उनके और गोविंदा के बीच फिलहाल स्थितियां बहुत सहज नहीं हैं। आने वाले समय में ही यह साफ हो पाएगा कि यह महज एक पल का गुस्सा था या फिर किसी बड़े अलगाव की आधिकारिक शुरुआत।

  • प्रियदर्शन की सख्त शर्त के बाद गोविंदा ने किया कमाल भागम भाग की शूटिंग से जुड़ा दिलचस्प किस्सा आया सामने

    प्रियदर्शन की सख्त शर्त के बाद गोविंदा ने किया कमाल भागम भाग की शूटिंग से जुड़ा दिलचस्प किस्सा आया सामने


    नई दिल्ली:भारतीय सिनेमा के मशहूर फिल्म निर्देशक Priyadarshan अपनी शानदार कॉमेडी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दी हैं जिनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है। उनकी फिल्मों की खासियत साफ सुथरी कॉमेडी मजबूत कहानी और कलाकारों की शानदार टाइमिंग रही है। यही वजह है कि उनकी बनाई कई फिल्में वर्षों बाद भी दर्शकों को उतना ही हंसाती हैं जितना रिलीज के समय हंसाती थीं।

    इन दिनों प्रियदर्शन एक बार फिर चर्चा में हैं क्योंकि वह जल्द ही अभिनेता Akshay Kumar के साथ नई फिल्म Bhoot Bangla लेकर आ रहे हैं। यह फिल्म 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म की रिलीज से पहले प्रियदर्शन ने एक इंटरव्यू में अपने करियर और पुराने अनुभवों को याद किया। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने अभिनेता Govinda के साथ काम करने से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया।

    प्रियदर्शन ने बताया कि एक बार उन्हें पद्म श्री सम्मान मिलने के बाद एक इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि क्या यही उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी असली उपलब्धि यह है कि उन्होंने गोविंदा और अभिनेता Salman Khan को सुबह पांच बजे फिल्म के सेट पर बुलाया और पूरी फिल्म समय पर खत्म कर ली।

    दरअसल फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय से यह चर्चा होती रही है कि कुछ कलाकार अक्सर सेट पर देर से पहुंचते हैं। इसी वजह से शूटिंग का शेड्यूल प्रभावित हो जाता है। प्रियदर्शन ने बताया कि उन्होंने गोविंदा के बारे में भी ऐसी कई बातें सुन रखी थीं। इसलिए जब उन्होंने गोविंदा को अपनी फिल्म के लिए साइन करने का फैसला किया तो उन्होंने शुरुआत में ही साफ शर्त रख दी थी।

    प्रियदर्शन ने बताया कि उन्होंने गोविंदा से साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने उनके बारे में बहुत सी बातें सुनी हैं। इसलिए अगर वह समय पर सेट पर नहीं आ सकते तो बेहतर होगा कि यह फिल्म ही न करें। निर्देशक के अनुसार उन्होंने यह बात बिल्कुल साफ तरीके से कही थी ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि गोविंदा ने उनकी इस शर्त को पूरी गंभीरता से लिया।

    प्रियदर्शन ने कहा कि उनके आश्चर्य की बात यह रही कि गोविंदा हर दिन समय पर सेट पर पहुंचते थे। उन्होंने बताया कि गोविंदा के साथ काम करने का अनुभव बेहद शानदार रहा और सेट पर उनके साथ काम करते हुए उन्हें काफी मजा आया। निर्देशक ने यह भी कहा कि गोविंदा की कॉमिक टाइमिंग और अभिनय की शैली वाकई कमाल की है और यही वजह है कि दर्शक उन्हें इतना पसंद करते हैं।

    हालांकि प्रियदर्शन ने एक और मजेदार बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि गोविंदा अक्सर अपने डायलॉग में बदलाव कर देते थे या खुद से कुछ नए डायलॉग जोड़ देते थे। कई बार यह बदलाव सीन को और मजेदार बना देते थे लेकिन कभी कभी निर्देशक को स्क्रिप्ट के हिसाब से काम करना जरूरी होता है। इसी बात को लेकर प्रियदर्शन ने एक दिन मजाक में गोविंदा से कहा कि वह पहले ही फिल्म के लेखक Neeraj Vora को पैसे दे रहे हैं इसलिए उन्हें एक और राइटर की जरूरत नहीं है।

    गौरतलब है कि गोविंदा ने प्रियदर्शन की लोकप्रिय कॉमेडी फिल्म Bhagam Bhag में काम किया था। यह फिल्म आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा कॉमेडी फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म के संवाद और किरदार आज भी दर्शकों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं जितने रिलीज के समय थे। यही कारण है कि प्रियदर्शन और गोविंदा से जुड़ी यह दिलचस्प कहानी आज भी फिल्म प्रेमियों को काफी पसंद आ रही है।

  • सपनों की तिकड़ी टूटी: भागम भाग 2 में नहीं दिखेंगे गोविंदा, अब मनोज बाजपेयी के साथ 'डबल रोल' में दिखेंगे परेश रावल

    सपनों की तिकड़ी टूटी: भागम भाग 2 में नहीं दिखेंगे गोविंदा, अब मनोज बाजपेयी के साथ 'डबल रोल' में दिखेंगे परेश रावल


    नई दिल्ली। साल 2006 में आई फिल्म ‘भागम भाग’ ने अपनी जबरदस्त कॉमेडी और अक्षय-गोविंदा-परेश की तिगड़ी से दर्शकों को लोटपोट कर दिया था। सालों से फैंस इसके दूसरे भाग का इंतजार कर रहे थे, लेकिन ‘भागम भाग 2’ से जुड़ी एक ताजा खबर ने प्रशंसकों को थोड़ा निराश कर दिया है। फिल्म के सीक्वल से कॉमेडी किंग गोविंदा बाहर हो गए हैं और उनकी जगह इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी ने ले ली है।

    दिग्गज अभिनेता परेश रावल ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इस बार अक्षय कुमार और मनोज बाजपेयी का एक बिल्कुल ‘यूनीक’ और अनूठा कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। परेश रावल के अनुसार, मनोज बाजपेयी जैसे गंभीर और वर्सेटाइल अभिनेता का कॉमेडी जॉनर में अक्षय के साथ आना फिल्म को एक नई ऊर्जा और अलग स्तर पर ले जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह सेट पर गोविंदा को मिस करेंगे, क्योंकि पहली फिल्म की सफलता में गोविंदा की कॉमिक टाइमिंग का बहुत बड़ा हाथ था।

    दिलचस्प बात यह है कि इस सीक्वल में परेश रावल खुद डबल रोल निभाते नजर आएंगे। परेश इससे पहले ‘अंदाज अपना अपना’ और ‘ओए लकी! लकी ओए!’ जैसी फिल्मों में अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित कर चुके हैं। फिल्म में फीमेल लीड की बात करें तो मीनाक्षी चौधरी की एंट्री हो चुकी है, जो अक्षय कुमार के अपोजिट नजर आएंगी। वहीं, मनोज बाजपेयी के लिए अभिनेत्री की तलाश अभी जारी है।

    गोविंदा का फिल्म से बाहर होना उनके प्रशंसकों के लिए किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि वे लंबे समय से उनकी बड़े पर्दे पर वापसी का इंतजार कर रहे थे। दूसरी तरफ, अक्षय कुमार और परेश रावल की जोड़ी आने वाले समय में ‘हेरा फेरी 3’, ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘भूत बंगला’ जैसी बड़ी फिल्मों में भी साथ दिखने वाली है। ‘भागम भाग 2’ में हुए इस बदलाव के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मनोज बाजपेयी अपनी संजीदगी और कॉमेडी के मिश्रण से गोविंदा की कमी को पूरा कर पाएंगे।

  • जब चमकदार परदे से संसद तक का सफर अधूरा रह गया: राजनीति में ज्यादा दिन टिक नहीं पाए ये बॉलीवुड स्टार्स

    जब चमकदार परदे से संसद तक का सफर अधूरा रह गया: राजनीति में ज्यादा दिन टिक नहीं पाए ये बॉलीवुड स्टार्स


    नई दिल्ली ।बॉलीवुड और राजनीति का रिश्ता नया नहीं है। फिल्मों की लोकप्रियता और जनता के बीच गहरी पैठ के चलते कई सितारों ने सोचा कि वे सियासत में भी उतनी ही सफलता हासिल कर लेंगे। कुछ स्टार्स ने चुनाव जीते तो कुछ को हार का सामना करना पड़ा लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इनमें से कई ज्यादा समय तक राजनीति में टिक नहीं पाए और फिर वापस अपनी पुरानी दुनिया या निजी जिंदगी में लौट गए।

    महानायक अमिताभ बच्चन इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। साल 1984 में उन्होंने एक्टिंग से ब्रेक लेकर राजनीति में कदम रखा और इलाहाबाद सीट से रिकॉर्ड जीत दर्ज की। उस वक्त माना जा रहा था कि वह राजनीति में लंबी पारी खेलेंगे लेकिन तीन साल बाद ही 1987 में उन्होंने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया। बाद में कई मौकों पर बिग बी ने यह संकेत दिया कि राजनीति उनके स्वभाव के अनुकूल नहीं थी।

    गोविंदा भी उन स्टार्स में शामिल हैं जिन्होंने राजनीति को लेकर खुलकर पछतावा जताया। साल 2004 में कांग्रेस के टिकट पर मुंबई नॉर्थ से लोकसभा चुनाव जीतने वाले गोविंदा ने 2009 में राजनीति से दूरी बना ली। कई इंटरव्यू में उन्होंने माना कि राजनीति ज्वाइन करना उनके जीवन की एक बड़ी गलती थी।

    उर्मिला मातोंडकर ने भी कांग्रेस के साथ राजनीति में एंट्री ली। उन्होंने मुंबई नॉर्थ सीट से चुनाव लड़ा लेकिन हार का सामना करना पड़ा। चुनाव के कुछ ही दिनों बाद उर्मिला ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और राजनीति से पूरी तरह किनारा कर लिया।

    साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत ने भले ही चुनाव नहीं लड़ा लेकिन उनकी राजनीतिक घोषणा ने देशभर में हलचल मचा दी थी। 2017 में उन्होंने रजनी मक्कल मंडराम पार्टी बनाने का ऐलान किया मगर 2021 में खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए राजनीति में सक्रिय रूप से उतरने से इनकार कर दिया।

    संजय दत्त ने भी समाजवादी पार्टी के साथ सियासी सफर शुरू किया था। साल 2008 में पार्टी से जुड़े संजय को जनरल सेक्रेटरी बनाया गया लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने न सिर्फ पद छोड़ा बल्कि पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया।

    जावेद जाफरी ने 2014 में आम आदमी पार्टी ज्वाइन की और चुनाव लड़ा लेकिन हार के बाद वे राजनीति में सक्रिय नजर नहीं आए। वहीं शेखर सुमन ने 2009 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा हार के बाद 2012 में पार्टी छोड़ दी और बाद में साफ कहा कि वह दोबारा राजनीति में नहीं आएंगे।

    मराठी सिनेमा के चर्चित नाम महेश मांजरेकर ने भी 2014 में चुनाव लड़ा लेकिन हार के बाद उनका राजनीतिक सफर वहीं थम गया। इन सभी उदाहरणों से साफ है कि फिल्मों की लोकप्रियता राजनीति में सफलता की गारंटी नहीं होती। राजनीति की जटिलताएं दबाव और जिम्मेदारियां हर किसी के बस की बात नहीं होतीं और यही वजह है कि कई सितारे जल्द ही इस दुनिया से दूरी बना लेते हैं।

  • 55 साल की उम्र में सुनीता आहूजा कर रही हैं धमाल बोलीं– भूल गई हूं गोविंदा की पत्नी हूं

    55 साल की उम्र में सुनीता आहूजा कर रही हैं धमाल बोलीं– भूल गई हूं गोविंदा की पत्नी हूं


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा हमेशा अपने बेबाक और खुले अंदाज के लिए जानी जाती हैं। पिछले कुछ सालों से वह मीडिया और इंटरव्यूज में चर्चा में हैंलेकिन हाल ही में उन्होंने अपने जीवन और पहचान को लेकर एक खास खुलासा किया। सुनीता ने कहा कि अब वह 55 साल की उम्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैंऔर लोग उन्हें सिर्फ गोविंदा की पत्नी नहीं बल्कि सुनीता आहूजा के नाम से जानने लगे हैं।मिस मालिनी के साथ बातचीत में सुनीता ने बतायाआज मेरे नसीब ने 55 साल में नामइज्जत और शोहरत देने का मौका दिया है। लोग मुझे अब सुनीता आहूजा के नाम से जानते हैं। गोविंदा की पत्नी तो हूंयह सबको पता है। लेकिन मैंने अपनी भी तो पहचान बनानी है। यहां तक कि अब मैं भूल गई हूं कि मैं गोविंदा की पत्नी हूं! पति हैं लेकिन अपनी भी तो पहचान होनी चाहिए ना।

    सुनीता ने अपने उदाहरण में जया बच्चन को भी बताया। उन्होंने कहाजैसे जया जी को संसद में एक बार जया अमिताभ बच्चन कहकर बुलाया गया था। लेकिन वह जया भादुड़ी हैं! प्लीज सभी को यह समझना चाहिए कि उनके पास अमिताभ हैंलेकिन अपनी भी तो पहचान होनी चाहिए। दरअसलयह वह घटना थी जब जया बच्चन को उनके पति अमिताभ बच्चन के नाम से जोड़ा गया था और उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि वह अपने नाम और पहचान की वजह से अलग हैं।सुनीता आहूजा अब इसी रास्ते पर चल रही हैं। वह खुद को एक स्वतंत्र और पहचान बनाने वाली महिला के रूप में स्थापित करना चाहती हैं। उन्होंने अपने इंटरव्यूज में पति गोविंदा के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर पर भी बात की थीजिसके बारे में गोविंदा ने सफाई दी कि उनकी पत्नी किसी साजिश का शिकार हुई हैं।

    इस बीच सुनीता को उनके फैंस और मीडिया द्वारा मिली पहचान ने उन्हें और भी प्रेरित किया है। वह कहती हैं कि अब लोग उन्हें सिर्फ गोविंदा की पत्नी के रूप में नहीं देखतेबल्कि उनके अपने व्यक्तित्व और उपलब्धियों की वजह से जानते हैं। सुनीता का यह बेबाक अंदाज और अपने नाम के लिए जुझारूपन उन्हें और भी लोकप्रिय बनाता है।55 साल की उम्र में अपनी पहचान बनाने की यह कहानी बताती है कि उम्र कभी भी किसी की पहचान या महत्व को कम नहीं कर सकती। सुनीता आहूजा का यह उदाहरण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकता हैजो अपने जीवन में व्यक्तिगत पहचान बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।

  • सुनीता आहूजा ने गोविंदा पर फिर खोला मोर्चा, कहा- गोविंदा को कभी माफ नहीं करूंगी, सतर्क हो जा बेटा…

    सुनीता आहूजा ने गोविंदा पर फिर खोला मोर्चा, कहा- गोविंदा को कभी माफ नहीं करूंगी, सतर्क हो जा बेटा…


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के चर्चित कपल सुनीता आहूजा और गोविंदा लंबे समय से अपने रिश्ते को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। कई बार तलाक की अफवाहें आईं, लेकिन दोनों ने उन्हें नकार दिया। वहीं अब सुनीता ने एक बार फिर गोविंदा को लेकर शॉकिंग स्टेटमेंट दिया है, जिसमें उन्होंने गोविंदा के अफेयर और रिश्ते पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी।

    सुनीता ने मिसमालिनी को दिए इंटरव्यू के प्रोमो में कहा, मैं गोविंदा को माफ नहीं करूंगी। मैं नेपाल की हूं।

    इसके बाद उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, खुखरी निकाल दूंगी, ना तो सबकी हालत खराब हो जाएगी। इसलिए बोलती हूं, सतर्क हो जा बेटा अभी भी।
    सुनीता ने आगे बताया कि गोविंदा के आसपास ऐसी लड़कियां अक्सर आती हैं, लेकिन उन्होंने कहा, तुम थोड़ी बेवकूफ हो। तुम 63 के हो गए हो। तुम्हें अभी टीना की शादी करवानी है, यश का करियर है।
    गोविंदा के बेटे यश के करियर में उनके कम शामिल होने पर सुनीता ने कड़ा रुख दिखाया।
    उन्होंने कहा कि गोविंदा ने बेटे की मदद नहीं की और खुद उनसे भी कोई सहयोग नहीं मांगा। उन्होंने कहा, “मैंने उसके मुंह पर बोला कि तू बाप है कि क्या है?

    पिछले साल गणेश चतुर्थी पर सुनीता ने तलाक को लेकर कहा था कि मीडिया उन्हें अलग नहीं कर सकता। उन्होंने कहा था, हमको साथ में देखकर… अगर कुछ होता तो इतने नजदीक थोड़ी दिखते? हमारी दूरियां होती हैं। कोई हम दोनों को अलग नहीं कर सकता। मेरा गोविंदा सिर्फ मेरा है और किसी का नहीं।सूत्रों के मुताबिक सुनीता अपने व्लॉग और इंटरव्यू में गोविंदा के साथ अपने रिश्ते और अनबन पर खुलकर बात करती हैं, लेकिन गोविंदा इस पर कभी प्रतिक्रिया नहीं देते।

  • गोविंदा का जन्मदिन स्पेशल बॉलीवुड से राजनीति तक गोविंदा का रंगीन सफर

    गोविंदा का जन्मदिन स्पेशल बॉलीवुड से राजनीति तक गोविंदा का रंगीन सफर

    नई दिल्ली ।मुंबई बॉलीवुड के सुपरस्टार गोविंदा आज भी फिल्मों और डांस के मामले में अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं।उनका नाम आते ही दिमाग में एक ही बात आती है कॉमेडी डांस और शानदार अभिनय। गोविंदा का असली नाम गोविंदा आहूजा है और उनका जन्म 21 दिसंबर 1963 को मुंबई महाराष्ट्र में हुआ।वह बॉलीवुड के सबसे सफल और चर्चित अभिनेताओं में से एक हैं जिनका करियर अब तक कई दशकों तक चला है। 
    गोविंदा ने अपने करियर की शुरुआत 1986 में फिल्म इल्जाम से की थी जिसमें उनके साथ नीलम शशि कपूर और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे सितारे थे। लेकिन उन्होंने अपनी पहचान कॉमेडी हीरो के रूप में बनाई और उनकी फिल्में दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए बसी रही। उनके फनी अंदाज बेहतरीन टाइमिंग और कॉमिक सीन ने उन्हें हर वर्ग के दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना दिया।

    सुपरहिट फिल्में और डांस आइकन
    गोविंदा की फिल्मों का जादू आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। उनकी फिल्मों जैसे राजा बाबू आंखें कुली नंबर वन आंदोलन बड़े मियां छोटे मियां दीवाना मस्ताना दुल्हे राजा अनाड़ी नंबर 1 शोला और शबनम राजा भैया जोरू का गुलाम हीरो नंबर 1 बेटी नंबर 1 और घर घर की कहानी ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया।इन फिल्मों में उनका अभिनय हास्य और शानदार डांस स्टाइल ने उन्हें दर्शकों का सबसे पसंदीदा स्टार बना दिया।

    गोविंदा का डांस भी कमाल का था।उनके डांस नंबर जैसे किसी डिस्को में जाएं सोना कितना सोना है तुझको ही दुल्हन बनाऊंगा और जोरू का गुलाम आज भी पार्टी और डांस के इवेंट्स में गाए जाते हैं।उनकी एनर्जी और स्टाइल ने उन्हें 90 और 2000 के दशक में डांस आइकन बना दिया। उनके डांस स्टेप्स और चुलबुले अंदाज को आज भी हर डांसर फॉलो करता है।

    राजनीतिक सफर

    गोविंदा का फिल्मी करियर ही नहीं उनकी राजनीतिक यात्रा भी उतनी ही दिलचस्प रही है। 2004 में गोविंदा ने राजनीति में कदम रखा और मुंबई उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय संसद के सदस्य के रूप में सेवा दी। वह कांग्रेस पार्टी से जुड़े और इस पार्टी के तहत उन्होंने 2004 से 2009 तक लोकसभा में अपनी भूमिका निभाई। फिल्मों और राजनीति के बीच अपने करियर को संतुलित करते हुए गोविंदा ने यह साबित किया कि वह सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि एक नेता भी हैं जो जनता की सेवा करना चाहते हैं। बाद में उन्होंने शिवसेना से जुड़ने का फैसला किया और पार्टी के साथ सक्रिय भूमिका निभाई। गोविंदा को उनके समर्थक उनकी ईमानदारी और मेहनत के लिए सराहते हैं।

    गोविंदा का व्यक्तित्व और विरासत

    गोविंदा का करियर आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है। उनका व्यक्तित्व और फिल्मों में किया गया काम उन्हें हमेशा याद दिलाता रहेगा। चाहे वह उनकी अनोखी कॉमिक टाइमिंग हो या फिर उनका अद्भुत डांस स्टाइल गोविंदा ने बॉलीवुड को ऐसी विरासत दी है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। आज भी वह एक प्रेरणा बने हुए हैं खासकर युवा पीढ़ी के लिए। उनकी कड़ी मेहनत ईमानदारी और कड़ी मेहनत ने उन्हें केवल एक अभिनेता ही नहीं बल्कि एक आदर्श भी बना दिया है।

    गोविंदा का बॉलीवुड से राजनीति तक का सफर रंगीन शानदार और प्रेरणादायक रहा है। उनका करियर हर किसी के लिए एक मिसाल है कि अगर आप मेहनत करें और दिल से अपने काम को प्यार करें तो सफलता मिलनी तय है। गोविंदा को उनके जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाएं और आगे आने वाले दिनों में और अधिक सफलता की कामना।