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  • CM बनने से पहले तीखे तेवर… डीके शिवकुमार बोले- गुजरात नहीं ले जाने दूंगा कर्नाटक का हक

    CM बनने से पहले तीखे तेवर… डीके शिवकुमार बोले- गुजरात नहीं ले जाने दूंगा कर्नाटक का हक


    बेंगलुरु।
    डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) कर्नाटक (Karnataka) के अगले मुख्यमंत्री (Chief Minister) बनने वाले हैं। हालांकि मुख्यमंत्री बनने से पहले ही उन्होंने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहाकि सरकार में आते ही वह तय करेंगे कि कर्नाटक का हक गुजरात नहीं चला जाए। शिवकुमार ने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bangalore) की खिताबी जीत के बाद यह बयान दिया है। गौरतलब है आरसीबी ने आईपीएल के खिताबी मुकाबले में गुजरात टाइटंस को हराकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है।


    गुजरात पर प्रभाव के इस्तेमाल का आरोप

    डीके शिवकुमार ने मीडिया से बातचीत में कहाकि कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) को आईपीएल फाइनल की मेजबानी करनी थी। राज्य सरकार ने भी इसकी अनुमति दी थी। लेकिन गुजरात ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया और फाइनल की मेजबानी कर्नाटक से छीन ली। बुधवार को कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने जा रहे डीके ने कहाकि यह हमारे क्रिकेट प्रशंसकों को निराश कर सकता है। हम जरूरी कदम उठा रहे हैं ताकि यह फिर कभी न हो। हालांकि, इसमें कुछ समय लगेगा।


    अहमदाबाद में हुआ था फाइनल

    आरसीबी और जीटी के बीच यह फाइनल मुकाबला गुजरात के अहमदाबाद शहर स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया था। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जीत पर राजधानी बेंगलुरु और कर्नाटक के अन्य शहरों में जश्न का माहौल है। भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) ने पिछले महीने अहमदाबाद को आईपीएल फाइनल की मेजबानी के लिए नए वेन्यू के तौर पर चुना था। इससे पहले बेंगलुरु को इस फाइनल की मेजबानी करनी थी। लेकिन सांसदों और विधायकों के लिए टिकटों की मांग को लेकर विवाद के बाद यह फैसला लिया गया।


    दिल्ली पहुंच गए डीके

    गौरतलब है कि कर्नाटक के भावी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया राज्य के अगले मंत्रिमंडल को अंतिम रूप देने के लिए पार्टी आलाकमान से चर्चा करेंगे। सूत्रों का कहना है कि दोनों नेता मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया सोमवार दोपहर दिल्ली पहुंचे। शिवकुमार बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कांग्रेस नेतृत्व के कहने पर सिद्धरमैया के इस्तीफा देने के बाद वह इस जिम्मेदारी को संभालने जा रहे हैं।


    कब है शपथ ग्रहण

    कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष शिवकुमार तीन जून को शाम चार बजकर पांच मिनट पर लोक भवन परिसर में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस दौरान कुछ विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। शिवकुमार को शनिवार को औपचारिक रूप से कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था। कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद में अधिकतम 34 मंत्रियों को शामिल किए जाने का प्रावधान है।

  • गुजरात के सूरत में मुस्लिम युवक ने की महिला से छेड़छाड़, गुस्साई भीड़ ने आरोपी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

    गुजरात के सूरत में मुस्लिम युवक ने की महिला से छेड़छाड़, गुस्साई भीड़ ने आरोपी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

    सूरत। गुजरात की डायमंड सिटी नाम से मशहूर सूरत में कुछ देर पहले छेड़छाड़ की एक घटना को लेकर जमकर हंगामा हुआ. शहर के व्यस्त इलाके में एक मुस्लिम युवक ने महिला से छेड़छाड़ की. पीड़िता की चीख-पुकार सुन मौके पर मौजूद भीड़ ने आरोपी युवक को जमकर पीटा. शिकायत के बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए फौरन आरोपी को गिरफ्तार किया है. इस घटना से आक्रोशित भीड़ ने छेड़छाड़ के आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए अल्थान इलाके में थाने के बाहर खूब हंगामा और प्रदर्शन किया.
    स्थानीय लोगों ने थाने के बाहर नारेबाजी की. इस दौरान, उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई. इसके बाद, पुलिस ने लोगों को मौके से खदेड़ा. थाने का घेराव करने आए लोगों में महिला और पुरुष दोनों शामिल थे. लोग अपने हाथों में लाठी और डंडे लिए नजर आए.
    आरोपी को पीटा
    जब ये घटना सामने आई तो लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया. इसके बाद 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस को बुलाया गया. जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक ये खबर दावानल की तरह पूरे इलाके में फैल चुकी थी. इस वजह से बहुत सारे लोग वहां आ गए थे. इसके बाद, भीड़ ने पुलिस वैन से उतारकर आरोपी को पीटा. हालात बिगड़े तो और फोर्स बुलानी पड़ी और तब जाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया.
    हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में
    भारी संख्या में पुलिस फोर्स इलाके में तैनात की गई है. ACP, सूरत ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है. हम लोगों से अपील करते हैं कि कृपया कानून-व्यवस्था अपने हाथ न लें. पुलिस अपना काम कर रही है. हम दोषी को कड़ी सजा देंगे.
    विधायक ने की शांति की अपील

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विधायक मनु पटेल भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने भी लोगों से शांति बहाल करने की अपील की. उन्होंने कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की. इस घटना के मद्देनजर, मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है.

    क्राइम ब्रांच की टीम ने भी पूरे इलाके को राउंड अप किया. दूसरे थानों से भी पुलिस के जवान यहां पहुचे हैं.
    सूरत में ऐसा ही एक और घिनौना मामला

    सूरत की सरौली पुलिस ने इस घटना से पहले 21 वर्षीय मोजबीर को तीन साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में दबोचा था. बिहार निवासी आरोपी सरौली इलाके की एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था. बीते गुरुवार दोपहर जब पीड़िता की मां कुछ काम से बाहर गई थी, तब शेख ने उसे अगवा कर लिया और छत पर बने बाथरूम में ले गया. वहां उसने पीड़िता के साथ यौन उत्पीड़न शुरू कर दिया. इससे पहले कि वह कोई और जघन्य अपराध कर पाता, पीड़िता की मां उसे ढूंढते हुए छत पर पहुंच गई. स्थानीय लोग तुरंत इकट्ठा हो गए और शेख की पिटाई कर दी. सरौली पुलिस को सूचना दी गई और शेख के खिलाफ बलात्कार के मामले में बीएनएस (बाल यौन उत्पीड़न अधिनियम) और बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया.

  • गुजरात में मानवता की मिसाल: ब्रेन-डेड किसान के अंगों से 7 लोगों को नई जिंदगी

    गुजरात में मानवता की मिसाल: ब्रेन-डेड किसान के अंगों से 7 लोगों को नई जिंदगी

    अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद से एक भावुक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां एक ब्रेन-डेड किसान के अंगदान ने सात लोगों को नई जिंदगी दे दी। 39 वर्षीय मनुभाई परमार के परिवार ने कठिन समय में बड़ा फैसला लेते हुए अंगदान की सहमति दी और मानवता की मिसाल पेश की।

    सड़क हादसे के बाद ब्रेन-डेड घोषित
    खेड़ा जिले के रहने वाले मनुभाई परमार 12 अप्रैल को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सिर में गहरी चोट लगने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और ब्रेन-डेड घोषित कर दिया गया।

    परिवार ने लिया साहसी फैसला
    डॉक्टरों की सलाह पर उनकी पत्नी अरखाबेन ने अंगदान का निर्णय लिया। परिवार की इस सहमति के बाद दिल, लिवर, किडनी, आंखें और त्वचा दान की गईं, जिससे जरूरतमंद मरीजों को तुरंत लाभ मिला।

    कहां-कहां हुए ट्रांसप्लांट?

    लिवर और किडनी का ट्रांसप्लांट अहमदाबाद सिविल अस्पताल में किया गया
    दिल को CIMS अस्पताल भेजा गया
    आंखें एम एंड जे नेत्र अस्पताल को दान की गईं
    त्वचा सिविल अस्पताल के स्किन बैंक में संरक्षित की गई

    डॉक्टरों ने की सराहना
    अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. राकेश जोशी ने परिवार के इस फैसले को सराहनीय बताते हुए कहा कि मनुभाई भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके अंगों ने सात लोगों को नया जीवन दिया है।

    अंगदान के बढ़ते मामले
    अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अनुसार, अब तक 234 ब्रेन-डेड मरीजों द्वारा अंगदान किया जा चुका है, जिससे 774 अंग प्राप्त हुए हैं। इनमें सैकड़ों किडनी, लिवर, दिल और फेफड़े शामिल हैं।

    बढ़ रही जागरूकता
    गुजरात में पिछले कुछ वर्षों में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ी है। सरकारी पहल और सामाजिक प्रयासों के चलते लोग इस दिशा में आगे आ रहे हैं।

    मनुभाई परमार और उनके परिवार का यह निर्णय न केवल सात जिंदगियां बचाने वाला है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि कठिन परिस्थितियों में लिया गया एक साहसी फैसला कई लोगों के जीवन में रोशनी ला सकता है।

  • पेट्रोल गैस और खाद की सप्लाई पर गुजरात सरकार सख्त सीएम भूपेंद्र पटेल ने की समीक्षा..

    पेट्रोल गैस और खाद की सप्लाई पर गुजरात सरकार सख्त सीएम भूपेंद्र पटेल ने की समीक्षा..


    नई दिल्ली: 
    Bhupendra Patel की अध्यक्षता में Gandhinagar में एक अहम हाई लेवल मीटिंग आयोजित की गई जिसमें राज्य में पेट्रोल डीजल गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता और सप्लाई सिस्टम की विस्तृत समीक्षा की गई यह बैठक मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बुलाई गई थी

    यह बैठक Narendra Modi द्वारा सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों के साथ की गई वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद आयोजित की गई जिसमें उन्होंने पेट्रोल डीजल गैस फर्टिलाइजर और खाद्य सामग्री की आपूर्ति को लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए थे

    बैठक में स्पष्ट किया गया कि गुजरात में फिलहाल पेट्रोल डीजल गैस और खाद समेत सभी जरूरी वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि भविष्य में भी सप्लाई में किसी तरह की कमी न आए इसके लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और बेहतर तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए

    इस दौरान राज्य में पीएनजी कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने पर भी जोर दिया गया मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की गाइडलाइंस को जल्द लागू करने और खासकर रिहायशी इलाकों शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए

    मीटिंग में जानकारी दी गई कि गुजरात देश में सबसे अधिक लगभग 23 प्रतिशत पीएनजी कनेक्शन वाला राज्य है वहीं देश के करीब 12 प्रतिशत सीएनजी फिलिंग स्टेशन भी यहीं संचालित हैं पिछले 10 दिनों में राज्य में 12 हजार से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन और 300 से अधिक कमर्शियल कनेक्शन दिए गए हैं जो तेजी से बढ़ती मांग को दर्शाता है

    राज्य में एलपीजी सप्लाई को लेकर भी सरकार सतर्क है करीब 1.28 करोड़ घरेलू एलपीजी कनेक्शन धारकों को नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तेल और गैस कंपनियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है साथ ही उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की गई है जिसमें अब तक 10 हजार शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है

    मुख्यमंत्री ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है ताकि लोगों में किसी भी तरह की कमी का डर न फैले

    इसके अलावा फर्टिलाइजर की उपलब्धता पर भी संतोष जताया गया और कृषि विभाग को खरीफ सीजन के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा गया पोर्ट्स पर कार्गो मैनेजमेंट को बेहतर बनाने और सप्लाई चेन में किसी भी रुकावट को रोकने के निर्देश भी दिए गए

    सरकार ने कर्मचारियों को समय पर वेतन देने पर भी जोर दिया ताकि वैश्विक हालात के बीच आर्थिक दबाव कम किया जा सके साथ ही राज्य और जिला स्तर पर कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाने का फैसला लिया गया ताकि सप्लाई चेन मजबूत बनी रहे

  • SIR के बाद 6 राज्यों की वोटर लिस्ट जारी… गुजरात में सबसे ज्यादा 68 लाख और MP में हटाए गए 34.25 लाख नाम

    SIR के बाद 6 राज्यों की वोटर लिस्ट जारी… गुजरात में सबसे ज्यादा 68 लाख और MP में हटाए गए 34.25 लाख नाम


    नई दिल्ली।
    भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India- ECI) ने देश के छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों (Voter lists) के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है। शनिवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर बदलाव दर्ज किए गए हैं। लाखों की संख्या में अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

    एसआईआर के आंकड़ों में सबसे चौंकाने वाली गिरावट गुजरात में देखी गई है। यहां कुल 68,12,711 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। पुनरीक्षण से पहले गुजरात में मतदाताओं की संख्या 5,08,43,436 थी, जो अब घटकर 4,40,30,725 रह गई है। यह कुल मतदाता संख्या में 13.40% की भारी गिरावट है। गुजरात के बाद मध्य प्रदेश में भी मतदाता सूची में बड़ी शुद्धि की गई है। यहां 34,25,078 नाम हटाए गए, जिससे मतदाताओं की संख्या 5,74,06,143 से कम होकर 5,39,81,065 (-5.97%) पर आ गई है।


    कहां कितनी हुई कटौती?

    – राजस्थान: मतदाताओं की संख्या 5,46,56,215 से घटकर 5,15,19,929 हो गई। 31,36,286 नाम काटे गए।
    – छत्तीसगढ़: यहां मतदाता सूची 2,12,30,737 से घटकर 1,87,30,914 रह गई। 24,99,823 नाम काटे गए।
    – केरल: सूची से 8,97,211 नाम हटाए गए, जिसके बाद अब कुल मतदाता 2,69,53,644 हैं।
    – गोवा: मतदाताओं की संख्या में 1,27,468 की गिरावट दर्ज की गई।

    केंद्र शासित प्रदेशों की स्थिति
    – पुडुचेरी: 77,367 मतदाताओं के नाम हटाए गए।
    – अंडमान और निकोबार: 52,364 नामों की कटौती की गई।
    – लक्षद्वीप: यहां सबसे कम केवल 206 नामों में बदलाव हुआ है।

    चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव ‘नेट चेंज’ को दर्शाता है, जिसमें अपात्र मतदाताओं की संख्या में से नए जुड़े पात्र मतदाताओं को घटाया गया है। सूची से नाम हटाने के प्राथमिक कारणों में मृत्यु, स्थायी रूप से स्थानांतरण, एक से अधिक जगहों पर नाम और अन्य पात्रता संबंधी मुद्दे शामिल हैं। आयोग ने दोहराया कि मतदाता सूची को अपडेट करना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।

    उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की बारी
    निर्वाचन आयोग ने देश के 12 राज्यों में इस राष्ट्रव्यापी अभ्यास की शुरुआत की थी। दूसरे चरण के 12 राज्यों में से अब केवल तीन राज्य शेष हैं। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के लिए ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) का डेटा इस महीने के अंत में जारी किया जाएगा। आयोग ने शेष राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को भी प्रारंभिक कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

    SIR प्रक्रिया का अगला चरण अप्रैल में शुरू होने वाला है, जो मतदाता सूची के सत्यापन के देशव्यापी अभियान का हिस्सा होगा। फिलहाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, गोवा और अंडमान-निकोबार के लिए अंतिम मतदाता सूचियां आधिकारिक तौर पर प्रकाशित कर दी गई हैं।

  • पीएम मोदी बोले- सोमनाथ को तोड़ने वाले इतिहास के पन्नों में सिमट गए, मंदिर और भारत आज भी अडिग

    पीएम मोदी बोले- सोमनाथ को तोड़ने वाले इतिहास के पन्नों में सिमट गए, मंदिर और भारत आज भी अडिग


    गुजरात। गुजरात के सोमनाथ मंदिर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ऐतिहासिक और प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि लगभग 1000 साल पहले जब आक्रमणकारियों ने सोमनाथ मंदिर को तोड़ने की कोशिश की थी, तब उन्हें लगा कि उन्होंने हिंदुस्तान की शक्ति को खत्म कर दिया, लेकिन आज वही मंदिर खड़ा है और उसकी ध्वजा गर्व से फहरा रही है। पीएम मोदी ने चेतावनी दी कि दुर्भाग्य से आज भी देश में ऐसी ताकतें मौजूद हैं, जो मंदिरों के पुनर्निर्माण और देश की एकता का विरोध करती हैं।
    मोदी ने याद दिलाया कि जब स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की शपथ ली, तब भी उन्हें रोकने की कोशिश हुई। 1951 में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के मंदिर में शामिल होने पर आपत्ति जताई थी। मोदी ने कहा कि देशवासियों को आज भी ऐसी ताकतों से सतर्क और एकजुट रहने की आवश्यकता है, जो देश को बांटने में लगी हैं।

    पीएम मोदी ने मंदिर में लगभग 30 मिनट तक पूजा-अर्चना की। उन्होंने शिवलिंग पर जल चढ़ाया, पंचामृत से अभिषेक किया और फूल अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने कहा कि 1026 में पहले आक्रमण के बाद गजनवी ने सोमनाथ का वजूद मिटाने की कोशिश की थी, लेकिन मंदिर फिर से पुनर्निर्मित हुआ।

    इसके बाद खिलजी ने मंदिर को फिर तोड़ा, लेकिन जूनागढ़ के राजाओं ने इसे पुनः खड़ा किया। मोदी ने स्पष्ट किया कि न तो सोमनाथ नष्ट हुआ और न ही भारत।

    पीएम ने कहा कि आज जब सोमनाथ मंदिर के आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ और इसके पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे हो रहे हैं, तो यह हमें हमारे गौरवशाली इतिहास और आस्था की शक्ति की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि यहां 72 घंटे तक अनवरत ओमकार और मंत्रोच्चार चलता रहा और इस हजार साल की गाथा को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। यह केवल समय और अनुभव ही संकलित कर सकता है।

    सद्भावना ग्राउंड में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह अद्भुत समय और वातावरण है। समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की गूंज और भक्तों की उपस्थिति इस दिव्य उत्सव को और भव्य बना रही है। मोदी ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सेवा का अवसर मिला।

    उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारत अपने गौरव को नई बुलंदियों तक ले जाएगा और गरीबी, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के खिलाफ लगातार लड़ाई जारी रखेगा।

    पीएम मोदी ने कहा कि जिस देश के पास अपनी विरासत होती है, वह उस पर गर्व करता है। लेकिन स्वतंत्रता के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने उस विरासत को भूलने की कोशिश की। सोमनाथ मंदिर ने यह साबित कर दिया कि आस्था, साहस और विश्वास किसी भी आघात के सामने टिक सकते हैं।

    सोमनाथ में पूजा-अर्चना और रैली के बाद पीएम मोदी ने रोड शो भी किया और लोगों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने एकजुटता, स्वाभिमान और देशभक्ति का संदेश दोहराया।

  • Makar Sankranti 2026: गुजरात से प्रयागराज तक, मकर संक्रांति की 5 सबसे रंगीन जगह

    Makar Sankranti 2026: गुजरात से प्रयागराज तक, मकर संक्रांति की 5 सबसे रंगीन जगह

    नई दिल्ली। Makar Sankranti 2026 Places to Visit: सूर्य के उत्तरायण होते ही उत्सवों का मौसम शुरू हो जाता है। शुरुआत मकर संक्रांति के पावन पर्व से होती है जो 14 या 15 जनवरी 2026 को ंमनाई जाएगी। मकर संक्रांति पूरे देश में मनाई जाती है, लेकिन अलग-अलग नामों और तरीकों से। मकर संक्रांति का पर्व अंधकार से प्रकाश की ओर और शीत से ऊर्जा की ओर बढ़ने का समय है।

    यह वही दिन है जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और दक्षिणायन से उत्तरायण की यात्रा शुरू होती है। भारतीय परंपरा में इसे अत्यंत शुभ माना गया है। खेतों में नई फसल की खुशी, घरों में तिल-गुड़ की मिठास और आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें, मकर संक्रांति हर रूप में उल्लास रचती है।

    लेकिन यह पर्व पूरे भारत में एक जैसा नहीं मनाया जाता। हर क्षेत्र इसे अपने रंग, नाम और संस्कार के साथ जीता है। आइए जानते हैं उन जगहों के बारे में, जहां मकर संक्रांति की धूम देखते ही बनती है।

    गुजरात
    गुजरात में मकर संक्रांति केवल त्योहार नहीं, बल्कि जन-उत्सव है। अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा में अंतर्राष्ट्रीय पतंग फेस्टिवल का आयोजन होता है। छतों पर लोग “काई पो चे” के नारों के साथ पतंगबाजी करते हैं। ऊंधियू, जलेबी और चिक्की यहां की पहचान हैं। रात में टुक्कल (लैंप पतंग) आसमान को जादुई बना देते हैं।

    प्रयागराज
    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संगम में आस्था की डुबकी लगाकर मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। यूपी में मकर संक्रांति का अर्थ है पवित्र स्नान। प्रयागराज के संगम पर लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में डुबकी लगाते हैं। दान-पुण्य, खिचड़ी, तिल और वस्त्र दान का विशेष महत्व है। यह दिन आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है।

    तमिलनाडु
    तमिलनाडु में पोंगल के रूप में चार दिन का उत्सव मनाया जाता है। दक्षिण भारत में मकर संक्रांति को पोंगल कहा जाता है। यह चार दिन तक चलने वाला पर्व है, भोगी, थाई पोंगल, मट्टू पोंगल और कानुम पोंगल। नई फसल से बना मीठा पोंगल, गाय-बैलों की पूजा और घरों के सामने रंगोली, यह त्योहार किसानों के सम्मान का उत्सव है।

    राजस्थान
    यहां पतंगबाजी और लोक-संस्कृति का संगम है। जयपुर और अन्य शहरों में मकर संक्रांति पर पतंगबाजी प्रतियोगिताएं, लोकगीत और पारंपरिक व्यंजन त्योहार को खास बना देते हैं। महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर सूर्य को अर्घ्य देती हैं।

    महाराष्ट्र
    महाराष्ट्र में मकर संक्रांति सामाजिक सौहार्द का पर्व है। लोग एक-दूसरे को तिलगुल देकर कहते हैं, “तिलगुल घ्या, गोड गोड बोला।” यह संदेश है कि जैसे तिल और गुड़ मिलकर मिठास देते हैं, वैसे ही जीवन में भी कटुता छोड़कर मधुरता अपनाई जाए।

  • पीएम मोदी का ब्लॉग 1000 साल बाद भी अडिग खड़ा है सोमनाथ विध्वंस नहीं पुनरुत्थान की गाथा

    पीएम मोदी का ब्लॉग 1000 साल बाद भी अडिग खड़ा है सोमनाथ विध्वंस नहीं पुनरुत्थान की गाथा


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में सोमनाथ मंदिर के इतिहास को याद करते हुए इसे भारत की आस्था संस्कृति और संघर्ष का प्रतीक बताया। 1026 में गजनी के महमूद द्वारा सोमनाथ पर किया गया आक्रमण जिसने मंदिर को ध्वस्त कर दिया था आज से एक हजार साल पहले हुआ था। इस आक्रमण का उद्देश्य केवल मंदिर को नष्ट करना नहीं था बल्कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति को भी नष्ट करना था। हालांकि इस आक्रमण के बावजूद आज भी सोमनाथ मंदिर पूरे गर्व और गौरव के साथ खड़ा है और यह भारत की अडिग आस्था और संघर्ष का प्रतीक बन चुका है।प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ब्लॉग में लिखा सोमनाथ शब्द सुनते ही हमारे मन और हृदय में गर्व और आस्था की भावना भर जाती है। यह मंदिर भारत के आत्मगौरव का शाश्वत प्रतीक है जो न केवल एक धार्मिक स्थल है बल्कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति की अमिट छाप भी छोड़ता है।

    सोमनाथ का ऐतिहासिक महत्व

    गुजरात के प्रभास पाटन में स्थित सोमनाथ भारत के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में पहला स्थान रखता है। शास्त्रों के अनुसार सोमनाथ के दर्शन से व्यक्ति अपने पापों से मुक्त हो जाता है और उसे आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व ने इसे कई बार विदेशी आक्रमणों का निशाना बना दिया। विशेष रूप से 1026 में महमूद गजनवी द्वारा किया गया आक्रमण इस मंदिर के इतिहास का एक काला अध्याय था जिसने सोमनाथ को ध्वस्त कर दिया था।

    आक्रमण के बावजूद पुनर्निर्माण

    प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि 1026 में सोमनाथ पर आक्रमण के बाद भी मंदिर का पुनर्निर्माण लगातार होता रहा। 1951 में सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ और इस मंदिर का वर्तमान स्वरूप 11 मई 1951 को श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था। यह घटना भारतीय आस्था और संस्कृति की विजयी गाथा बन गई। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में हुए इस पुनर्निर्माण समारोह का उल्लेख किया और बताया कि सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण भारतीय स्वाभिमान और आस्था की एक शक्तिशाली मिसाल है।

    सरदार पटेल का योगदान

    प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को भी याद किया। 1947 में दीवाली के समय सरदार पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए दृढ़ संकल्प लिया था। यह उनका सपना था कि इस पवित्र मंदिर को फिर से खड़ा किया जाए और श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना कर सकें। उनका यह प्रयास भारतीय इतिहास का एक अहम हिस्सा बन चुका है।

    सोमनाथ की प्रेरणा

    पीएम मोदी ने अपने ब्लॉग में कहा कि सोमनाथ का पुनर्निर्माण हमें यह सिखाता है कि भारत कभी नहीं हारता। उन्होंने यह भी बताया कि सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण केवल एक शारीरिक संरचना का पुनर्निर्माण नहीं था बल्कि यह भारतीय सभ्यता के पुनरुत्थान का प्रतीक था। उन्होंने कहा सोमनाथ हमें यह संदेश देता है कि आस्था में शक्ति होती है जबकि घृणा और कट्टरता में विनाश की ताकत।

    भविष्य के लिए संदेश

    प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में कहा कि अगर एक खंडित मंदिर को पुनर्निर्मित किया जा सकता है तो भारत भी अपने प्राचीन गौरव को पुनः प्राप्त कर सकता है। उन्होंने इस प्रेरणा के साथ नए संकल्प के साथ एक विकसित भारत के निर्माण की बात की। मोदी ने यह भी कहा कि सोमनाथ आज भी हमारे विश्वास और आस्था का सबसे मजबूत आधार है जो हमें आगे बढ़ने और सफलता की ओर प्रेरित करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की गाथा को याद करते हुए यह स्पष्ट किया कि यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं है बल्कि यह भारतीय संस्कृतिस्वाभिमान और संघर्ष का प्रतीक है। 1026 के आक्रमण के बाद आज तक सोमनाथ ने हमें यह सिखाया है कि हमारी आस्था को न तो नष्ट किया जा सकता है और न ही इसे झुका जा सकता है। यही संदेश भारत को दुनिया भर में हर कठिनाई से निपटने की प्रेरणा देता है।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर की गाथा को याद करते हुए कहा- यह भारतीय सभ्यता और साहस का प्रतीक है

    प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर की गाथा को याद करते हुए कहा- यह भारतीय सभ्यता और साहस का प्रतीक है


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमनाथ मंदिर के विध्वंस और पुनर्निर्माण की गाथा को याद किया और इसे भारतीय सभ्यता की अमर चेतना का प्रतीक बताया। यह वही मंदिर है जिस पर आज से ठीक एक हजार वर्ष पहले यानी 1026 में गजनी के महमूद ने पहला भीषण आक्रमण किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से बात करते हुए इसे भारत की आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक बताया।

    सोमनाथ मंदिर का महत्व

    सोमनाथ मंदिर गुजरात के प्रभास पाटन में स्थित एक अत्यधिक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है और यह द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख स्थान रखता है। शास्त्रों के अनुसार इस मंदिर के दर्शन से पापों से मुक्ति और आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है। इसी आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व के कारण यह मंदिर कई बार विदेशी आक्रमणों का लक्ष्य बन चुका है लेकिन इसके बावजूद यह सदैव अपने स्थान पर अडिग खड़ा रहा।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ब्लॉग में लिखा कि “जय सोमनाथ! 2026 में हम उस पवित्र स्थल के पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने का स्मरण कर रहे हैं। बार-बार हुए हमलों के बावजूद हमारा सोमनाथ मंदिर आज भी अडिग खड़ा है। यह मंदिर भारत माता की उन करोड़ों वीर संतानों के स्वाभिमान और अदम्य साहस की गाथा है जिनके लिए अपनी संस्कृति और सभ्यता सर्वोपरि रही।”

    गजनी के महमूद द्वारा आक्रमण

    जनवरी 1026 में गजनी के महमूद ने सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण किया था जिसका उद्देश्य केवल मंदिर को तोड़ना नहीं था बल्कि भारतीय आस्था और संस्कृति को नष्ट करना था। यह आक्रमण भारतीय इतिहास का एक अत्यधिक कष्टकारी क्षण था लेकिन इसके बावजूद सोमनाथ के प्रति भारतीयों की आस्था और विश्वास कभी कम नहीं हुआ।

    सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद से यह भारतीय सभ्यता और सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक बन गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस महत्वपूर्ण क्षण को याद करते हुए कहा कि यह गाथा केवल मंदिर के विध्वंस की नहीं बल्कि संघर्ष बलिदान और पुनर्निर्माण की कहानी है। यह मंदिर आज भी दुनिया को यह संदेश देता है कि आस्था को न तो समाप्त किया जा सकता है और न ही उसे झुकाया जा सकता है।

    सोमनाथ का पुनर्निर्माण और वर्तमान स्थिति

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण भारतीयों की न केवल आस्था बल्कि उनकी संकल्पशक्ति को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि एक खंडित मंदिर फिर से खड़ा हो सकता है तो भारत भी अपने प्राचीन गौरव के साथ पुनः दुनिया को मार्ग दिखा सकता है।

    आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संदेश

    प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि सोमनाथ की यह कहानी केवल भारत के इतिहास से जुड़ी नहीं है बल्कि यह भारत के पुनर्निर्माण और सामर्थ्य की भी गाथा है। वह मानते हैं कि आज के समय में जब भारत पुनः अपनी सांस्कृतिक पहचान को लेकर गर्व महसूस करता है सोमनाथ मंदिर से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि अपनी आस्था और संस्कृति के साथ आगे बढ़ना कितना महत्वपूर्ण है।

    सोमनाथ के द्वारा दिया गया संदेश
    आज भी सोमनाथ मंदिर लाखों श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह भारतीय समाज के अदम्य साहस संघर्ष और पुनर्निर्माण की जीवंत मिसाल भी प्रस्तुत करता है। पीएम मोदी ने अपनी ब्लॉग पोस्ट में इस तथ्य का उल्लेख किया कि सोमनाथ का पुनर्निर्माण भारत के अदम्य साहस आत्मविश्वास और संस्कृति के प्रति आस्थाओं की महत्ता को दर्शाता है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर के महत्व को एक नए दृष्टिकोण से पेश किया जो केवल आस्था का केंद्र नहीं है बल्कि यह भारत की ताकत सामर्थ्य और संघर्ष की भी गाथा है। मोदी ने यह संदेश दिया कि जैसे सोमनाथ का पुनर्निर्माण हुआ वैसे ही भारत अपनी गौरवशाली संस्कृति और सभ्यता के साथ पुनः उठ सकता है और दुनिया को मार्ग दिखा सकता है।

  • गुजरात के गांधीनगर में 100 लोग अस्पताल में भर्ती; पानी के सेंपल लिए

    गुजरात के गांधीनगर में 100 लोग अस्पताल में भर्ती; पानी के सेंपल लिए


    गांधीनगर।
    इंदौर (Indore) के बाद अब गुजरात (Gujarat) के गांधीनगर (Gandhinagar) के कई इलाकों में प्रशासन ने लोगों को पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई बरतने की सलाह दी है। बताया जाता है कि टाइफाइड (Typhoid) के चलते 104 संदिग्ध मरीजों (104 Suspected patients) को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य जांच में पता चला है कि प्रभावित क्षेत्रों का पीने का पानी असुरक्षित है जिसके बाद नगर निगम ने घर-घर सर्वेक्षण और क्लोरीन की गोलियां बांटना शुरू कर दिया है। खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मरीजों के इलाज के लिए 22 डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। प्रशासन ने लोगों को पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई बरतने की सलाह दी है।


    बच्चों समेत 104 मरीज भर्ती

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, गांधीनगर में बड़े पैमाने पर टाइफाइड के मामले सामने आए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों समेत 104 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीते 3 दिनों में सिविल अस्पताल में टाइफाइड के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। बाल चिकित्सा वार्ड में 104 मरीजों को भर्ती कराया गया है। खुद उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शनिवार को गांधीनगर सिविल अस्पताल में हालात की समीक्षा की।


    22 डॉक्टरों की टीम गठित

    हर्ष संघवी ने बताया कि अस्पताल में स्थिति का जायजा लेने के लिए उप जिलाधिकारी समेत वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। भर्ती मरीजों के परिवारों के लिए भोजन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था कर दी गई है। मरीजों के इलाज के लिए 22 डॉक्टरों की एक टीम गठित की गई है।


    अमित शाह ने ली हालात की जानकारी

    उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जिलाधिकारी से फोन पर 3 बार हालात की जानकारी ली। 104 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। प्रशासन इलाज के साथ ही निगरानी व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रहा है। मरीजों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिशें हो रही हैं।


    इलाकों से लिए पानी के नमूने

    वहीं सिविल अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मीता पारिख ने बताया कि गांधीनगर के सेक्टर 24, 25, 26 और 28 के साथ-साथ आदिवाड़ा क्षेत्र से बच्चों सहित कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोगों की हालत स्थिर है। इन क्षेत्रों से पानी के सेंपल जमा किए गए हैं। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पीने का पानी सुरक्षित नहीं है।


    पानी उबाल कर पीने की सलाह

    यही कारण है कि गांधीनगर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को पानी उबाल कर पीने और घर का बना खाना खाने की सलाह दी गई है। नगर निगम पानी की टंकियों की सफाई पर जोर दे रहा है। साथ ही क्लोरीन की गोलियां भी बांट रहा है।

    इंदौर में गर्म है माहौल
    यह घटना ऐसे वक्त में सामने आई है जब इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो गई है। इसे लेकर माहौल गर्म है। इंदौर प्रशासन ने भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक छह लोगों के मारे जाने की बात कही है तो स्थानीय नागरिक 6 महीने के बच्चे समेत 16 लोगों के मारे जाने की बात कह रहे हैं। वहीं इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि उनको 10 मरीजों की मौत की जानकारी मिली है। बता दें कि इंदौर नगर निगम पड़ोसी खरगोन जिले के जलूद में नर्मदा नदी से पानी को 80 किलोमीटर दूर लाकर घर-घर पहुंचाता है।