इलाज पर विवाद: Gwalior में बच्चे की मौत के बाद परिजनों का हंगामा, डॉक्टरों ने झाड़-फूंक का लगाया आरोप


नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के Gwalior में 9 महीने के मासूम की मौत के बाद शुक्रवार सुबह माहौल तनावपूर्ण हो गया। निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान बच्चे की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर चक्का जाम कर दिया और डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने मामले को लेकर अलग दावा करते हुए पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सौंपा है।
22 अप्रैल को भर्ती, देर रात हुई मौत
मृतक बच्चे की पहचान तनुज कुशवाहा के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, बच्चे को उल्टी और सांस लेने में दिक्कत (पसली चलना) की शिकायत थी। 22 अप्रैल को उसे जनकगंज क्षेत्र स्थित एक निजी बाल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान गुरुवार देर रात उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।
परिजनों का आरोप गलत इलाज से गई जान
परिवार का आरोप है कि डॉक्टर Dr Sneha Gadkar ने उनकी अनुमति के बिना बच्चे को सांस की नली (वेंटिलेशन) पर डाल दिया और कई इंजेक्शन दिए। उनका कहना है कि बच्चे को मामूली तकलीफ थी, लेकिन गलत इलाज के चलते उसकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई।मृतक की मां ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर ने मामले को दबाने के लिए ₹50 हजार की पेशकश की, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।
डॉक्टर का दावा परिजनों ने करवाई झाड़-फूंक
वहीं अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए चौंकाने वाला दावा किया है। डॉक्टर ने पुलिस को सीसीटीवी वीडियो सौंपा है, जिसमें कथित तौर पर परिजन बच्चे का झाड़-फूंक कराते नजर आ रहे हैं। डॉक्टर का कहना है कि बच्चा गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर था, लेकिन परिजनों ने उसे हटाकर झाड़-फूंक करवाई, जिससे उसकी स्थिति और बिगड़ गई।
अस्पताल के बाहर प्रदर्शन, सड़क जाम
घटना के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल के बाहर धरना देकर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की। मौके पर भारी भीड़ जुट गई, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।
पुलिस पहुंची, जांच शुरू-पोस्टमार्टम से खुलेगा राज
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। Manish Yadav ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि बच्चे के शव का पैनल पोस्टमार्टम कराया जाएगा, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। इसके साथ ही अस्पताल से इलाज से जुड़े दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज भी जब्त कर लिए गए हैं।
दोनों पक्षों के दावों से उलझा मामला
एक तरफ परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन झाड़-फूंक को जिम्मेदार ठहरा रहा है। ऐसे में पूरा मामला जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।