ग्वालियर में दरिंदगी: आंगन से मासूम को उठा ले गया हैवान; एकांत में रौंदा बचपन, पुलिस ने दबोचा


ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ पिछोर थाना क्षेत्र में एक बदमाश ने न केवल कानून को चुनौती दी, बल्कि एक मासूम के बचपन को भी अपनी हवस की आग में झोंक दिया। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब दो बजे, जब पूरा इलाका गहरी नींद में सोया था, तब एक 14 वर्षीय किशोरी को उसके अपने ही घर से अगवा कर लिया गया। आरोपी ने एकांत में ले जाकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सोमवार रात को ही आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।

आधी रात की वो खौफनाक वारदात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछोर क्षेत्र की रहने वाली 14 वर्षीय पीड़िता अपने परिवार के साथ घर में सो रही थी। शनिवार की रात भोजन के बाद जब सभी परिजन सो गए, तो रात के करीब दो बजे नाबालिग की नींद खुली। वह सामान्य रूप से बाथरूम जाने के लिए आंगन में निकली थी। उसे आभास भी नहीं था कि अंधेरे में कोई दरिंदा उसकी ताक में बैठा है। जैसे ही वह आंगन में पहुँची, पड़ोस में ही रहने वाला अनिल केवट (पुत्र सुंदर केवट) अचानक उसके सामने आ गया। इससे पहले कि मासूम शोर मचा पाती या कुछ समझ पाती, आरोपी ने पूरी ताकत से उसका मुँह दबा दिया।

एकांत में ले जाकर मिटाई हवस
आरोपी अनिल किशोरी को जबरन उठाकर घर से दूर एक सुनसान और एकांत स्थान पर ले गया। वहां उसने डरी-सहमी किशोरी के साथ जबरदस्ती की और दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। दरिंदगी के बाद आरोपी का मन नहीं भरा, तो उसने मासूम को खौफजदा करने के लिए उसे जान से मारने की धमकी दी। उसने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इस बारे में किसी को बताया, तो वह न केवल उसे, बल्कि उसके पूरे परिवार को खत्म कर देगा। इस धमकी से डरी-सहमी पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुँची।

साहस जुटाकर सुनाई आपबीती
घर पहुँचने के बाद पीड़िता गहरे सदमे में थी, लेकिन उसने साहस जुटाया और अपनी माँ को पूरी घटना की जानकारी दी। बेटी की हालत देख परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। रात में ही मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजन उसे लेकर महिला थाने पहुँचे। पुलिस ने पीड़िता के बयानों के आधार पर तुरंत मामला दर्ज किया और जीरो पर कायमी कर केस डायरी संबंधित पिछोर थाने को भेज दी।

पुलिस की घेराबंदी और आरोपी की गिरफ्तारी
पिछोर थाना प्रभारी शिवम सिंह राजावत ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई और आरोपी की तलाश में दबिश दी जाने लगी। आरोपी अनिल शहर छोड़ने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी करते हुए सोमवार की रात उसे धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के मन में डर पैदा करने का काम किया है। स्थानीय निवासियों ने आरोपी के खिलाफ कठोरतम सजा की मांग की है।