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  • आसमान से बरस रही आग, जमीन पर बढ़ी मुश्किलें: गर्मी के साथ पानी और बिजली संकट ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

    आसमान से बरस रही आग, जमीन पर बढ़ी मुश्किलें: गर्मी के साथ पानी और बिजली संकट ने बढ़ाई लोगों की परेशानी


    नई दिल्ली।देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी अब केवल मौसम की परेशानी नहीं रह गई है, बल्कि यह लोगों के दैनिक जीवन पर गहरा असर डालने लगी है। राजधानी सहित कई राज्यों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड छू रहा है और इसके साथ ही पानी तथा बिजली की बढ़ती समस्या ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। आसमान से बरसती आग और तपती सड़कों के बीच लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित होती दिखाई दे रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई क्षेत्रों में लोग राहत पाने के लिए संघर्ष करते नजर आ रहे हैं। गर्म हवाओं और तेज धूप ने शहरों से लेकर कस्बों तक लोगों की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है।
    भीषण गर्मी के कारण पानी की खपत अचानक बढ़ी है, जिससे कई इलाकों में जल आपूर्ति पर दबाव साफ दिखाई देने लगा है। कुछ स्थानों पर लोगों को जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण लंबी कतारें और इंतजार की स्थिति बन रही है। सुबह से ही लोग पानी की व्यवस्था में जुट जाते हैं ताकि दिनभर की जरूरतें पूरी की जा सकें। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच पानी की कमी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। कई परिवारों के लिए यह स्थिति रोजमर्रा की बड़ी चुनौती बन चुकी है।

    दूसरी तरफ बिजली की मांग में भी तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य उपकरणों के लगातार उपयोग से बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। कई इलाकों में बिजली की अनियमित आपूर्ति लोगों की परेशानी का बड़ा कारण बन रही है। दिन के समय तेज गर्मी और रात में बिजली बाधित होने से लोगों की दिनचर्या और नींद दोनों प्रभावित हो रही हैं। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए यह स्थिति और अधिक कठिन बनती जा रही है। लगातार गर्मी और बिजली की समस्या लोगों की सहनशक्ति की परीक्षा ले रही है।

    गर्मी का असर केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं। खेतों में काम करने वाले लोग तेज धूप के कारण लंबे समय तक बाहर नहीं रह पा रहे हैं। मजदूर वर्ग और रोजाना मेहनत करने वाले लोगों के लिए यह मौसम सबसे कठिन दौर साबित हो रहा है। सड़कों पर दोपहर के समय सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम आवाजाही दिखाई दे रही है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलना पसंद कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ता तापमान और बदलता मौसम भविष्य में और बड़ी चुनौतियां खड़ी कर सकता है। ऐसे हालात में स्वास्थ्य संबंधी सावधानी, पर्याप्त पानी का सेवन और धूप से बचाव बेहद जरूरी हो गया है। फिलहाल देश के कई हिस्सों में लोग गर्मी, पानी और बिजली की तिहरी चुनौती से जूझ रहे हैं और सभी की नजरें मौसम में राहत देने वाले बदलाव पर टिकी हुई हैं।

  • आसमान से बरस रही आग: कई राज्यों में भीषण गर्मी का प्रकोप, लू से बेहाल लोग, मानसून बनने लगा उम्मीद

    आसमान से बरस रही आग: कई राज्यों में भीषण गर्मी का प्रकोप, लू से बेहाल लोग, मानसून बनने लगा उम्मीद

    नई दिल्ली। देशभर में गर्मी का असर अब अपने सबसे खतरनाक दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। उत्तर से लेकर मध्य भारत तक कई राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और लोगों को भीषण गर्मी के साथ लू की मार झेलनी पड़ रही है। मई के अंतिम दिनों में मौसम की यह स्थिति आम जनजीवन पर गंभीर असर डाल रही है। कई शहरों की सड़कें दोपहर के समय सूनी नजर आने लगी हैं, जबकि तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों को घरों के भीतर रहने पर मजबूर कर दिया है।

    महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी इलाके ने इस बार गर्मी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां अधिकतम तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और कई अन्य राज्यों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य स्तर से काफी ऊपर पहुंच चुका है। गर्म हवाओं और तेज धूप ने हालात को और अधिक गंभीर बना दिया है। दोपहर के समय लोगों को घर से बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    मध्य भारत के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में भी राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र के कई इलाकों में लू की स्थिति अभी कुछ दिन और बनी रह सकती है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों में भी तेज गर्म हवाएं चलने की आशंका बनी हुई है। कुछ स्थानों पर भीषण लू जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना भी जताई जा रही है। लगातार बढ़ती गर्मी ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को भी बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

    पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भी गर्मी लोगों की परीक्षा ले रही है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। वहीं तटीय इलाकों में गर्मी के साथ उमस लोगों की परेशानी को दोगुना कर सकती है। ऐसे हालात में लोगों को पर्याप्त पानी पीने और तेज धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।

    हालांकि इस भीषण गर्मी के बीच लोगों के लिए राहत की उम्मीद अब मानसून से जुड़ी हुई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और इसके केरल पहुंचने की संभावना अगले कुछ दिनों में जताई जा रही है। यदि मानसून तय समय के आसपास सक्रिय होता है तो देश के कई हिस्सों को तेज गर्मी से राहत मिल सकती है। इसके साथ ही दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बनने की संभावना भी बनी हुई है।

    फिलहाल देश के करोड़ों लोगों की निगाहें अब आसमान पर टिकी हुई हैं। एक ओर जहां गर्मी अपने चरम पर है, वहीं दूसरी ओर मानसून की पहली बारिश राहत की सबसे बड़ी उम्मीद बनती जा रही है। आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

  • भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती पर मायावती का सरकार को संदेश, लोगों की परेशानी पर तुरंत कार्रवाई की अपील

    भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती पर मायावती का सरकार को संदेश, लोगों की परेशानी पर तुरंत कार्रवाई की अपील

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी और हीटवेव की स्थिति के बीच राज्य के कई हिस्सों में बिजली कटौती की समस्या ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इस स्थिति को लेकर राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जहां बसपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की है और सरकार से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।

    मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और जनसंख्या वाले राज्य में भीषण गर्मी के समय बिजली की निर्बाध आपूर्ति बेहद जरूरी है, लेकिन मौजूदा स्थिति में आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब, मध्यम वर्ग, किसान और छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, जिनके दैनिक जीवन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। उनके अनुसार बिजली कटौती के कारण लोगों में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है, जो कई जगहों पर सार्वजनिक रूप से भी सामने आ रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस समस्या को केवल अस्थायी रूप से नहीं बल्कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए और नए पावर प्लांट सहित अन्य संसाधनों पर ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि आपूर्ति व्यवस्था मजबूत हो सके।

    प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव की चेतावनी के बीच स्वास्थ्य विभाग भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में कहा जा रहा है कि लोग अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलें और पर्याप्त सावधानी बरतें। इसके बावजूद बिजली कटौती ने स्थिति को और अधिक कठिन बना दिया है, क्योंकि पंखे और कूलर जैसे साधनों पर निर्भरता के कारण आम लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।

    स्थानीय स्तर पर कई जगहों से बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। गर्मी और बिजली संकट के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और कई क्षेत्रों में लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन और नाराजगी भी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती बिजली मांग और उत्पादन के बीच संतुलन बिगड़ने से यह स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिसे सुधारने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम जरूरी हैं।

    कुल मिलाकर, भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली संकट ने जनता की परेशानियों को और बढ़ा दिया है, वहीं राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर आवाजें तेज हो रही हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए किस तरह के ठोस कदम उठाती है, जिससे आम लोगों को राहत मिल सके

  • झांसी में भीषण गर्मी का रेड अलर्ट: तापमान 47°C तक पहुंचने की आशंका, हीटवेव से हाहाकार

    झांसी में भीषण गर्मी का रेड अलर्ट: तापमान 47°C तक पहुंचने की आशंका, हीटवेव से हाहाकार



    झांसी। झांसी में भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विज्ञान विभाग ने जिले में रेड अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि आने वाले समय में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार, बुधवार की सुबह ही झांसी में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जो दिन बढ़ने के साथ और ज्यादा बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दोपहर के समय तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे हीटवेव का असर और तेज होगा।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि झांसी में अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें। दोपहर के समय धूप में बाहर जाने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है, ताकि लू से बचाव किया जा सके।

    पिछले कुछ दिनों से झांसी में तापमान लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 29.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे रात में भी गर्मी का असर बना हुआ है।

    गर्मी और हीटवेव के कारण शहर में बिजली की मांग भी बढ़ गई है, जिससे कई इलाकों में अघोषित बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे लोगों को दिन और रात दोनों समय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसानों से कहा गया है कि वे दोपहर के समय खेतों में काम करने से बचें और शरीर को पूरी तरह ढककर ही बाहर निकलें।

    फिलहाल मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम है, इसलिए लोगों को पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है।

  • मध्य प्रदेश में भीषण लू का कहर: पारा 45°C के पार, कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

    मध्य प्रदेश में भीषण लू का कहर: पारा 45°C के पार, कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी और तपती लू की चपेट में है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और हालात ऐसे बन गए हैं कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

    राज्य के ग्वालियर, भिंड, मुरैना, रतलाम, खंडवा, खरगोन और आसपास के इलाकों में गर्म हवाओं का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। दोपहर के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब लू के थपेड़े शरीर को झुलसा देने वाले हो जाते हैं।

    मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक राहत मिलने की संभावना कम है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह भीषण लू 20 मई तक जारी रह सकती है। इसके बाद ही मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

    गर्मी का असर सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग दिन के सबसे गर्म समय यानी 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।

    स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे धूप में अनावश्यक यात्रा से बचें और हल्के, ढीले व सूती कपड़े पहनें। साथ ही, सिर को ढककर बाहर निकलने और छायादार स्थानों में रहने की सलाह दी गई है।

    गांवों और कस्बों में स्थिति और अधिक कठिन हो गई है, जहां बिजली कटौती और पानी की कमी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। किसान वर्ग भी इस गर्मी से प्रभावित हो रहा है, क्योंकि खेतों में काम करना दिन के समय लगभग असंभव हो गया है।

    कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में गर्मी का यह दौर लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले दिनों में सतर्क रहने की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। फिलहाल लोगों को राहत का इंतजार है, लेकिन आसमान से बरसती आग अभी थमती नजर नहीं आ रही है।

  • आग बरसाता आसमान: उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर, पाकिस्तान से आने वाली लू बनी बड़ी वजह

    आग बरसाता आसमान: उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर, पाकिस्तान से आने वाली लू बनी बड़ी वजह

    नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में इस समय गर्मी अपने सबसे खतरनाक रूप में दिखाई दे रही है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में सूरज मानो आग बरसा रहा है। सुबह से ही तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है, जबकि दोपहर होते-होते सड़कें तपते तवे जैसी महसूस होने लगती हैं। कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इसके और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। लगातार बढ़ती गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बाजारों में भीड़ कम हो गई है, सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दे रहा है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार गर्मी सामान्य से कहीं अधिक तेज महसूस की जा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह प्री-मॉनसून गतिविधियों का कमजोर पड़ना माना जा रहा है। आमतौर पर मई के मध्य तक उत्तर भारत में आंधी, हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही शुरू हो जाती है, जिससे तापमान में कुछ राहत मिलती है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। आसमान पूरी तरह साफ है और तेज धूप सीधे धरती को गर्म कर रही है। लगातार कई दिनों तक बारिश नहीं होने से जमीन भी तेजी से तप रही है, जिसका असर तापमान पर साफ दिखाई दे रहा है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान और थार रेगिस्तान की ओर से आने वाली गर्म और सूखी हवाएं भी इस भीषण गर्मी को और खतरनाक बना रही हैं। ये हवाएं राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होते हुए मध्य भारत तक पहुंच रही हैं। दिन के समय चलने वाली लू लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। कई इलाकों में रात के समय भी गर्मी कम नहीं हो रही, जिससे लोगों को आराम तक नहीं मिल पा रहा है। लगातार गर्म रहने वाली रातें स्वास्थ्य के लिए भी खतरा पैदा कर रही हैं।

    मौसम की मौजूदा स्थिति के पीछे समुद्री सिस्टम का कमजोर होना भी एक बड़ा कारण बताया जा रहा है। बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम भारत की ओर सक्रिय असर नहीं डाल पाया, जबकि अरब सागर में बनने वाली गतिविधियां भी कमजोर बनी हुई हैं। इसके कारण नमी वाली हवाएं उत्तर भारत तक नहीं पहुंच पा रहीं। नतीजा यह है कि गर्मी को रोकने वाला कोई मजबूत मौसम तंत्र फिलहाल सक्रिय नहीं दिख रहा।

    डॉक्टरों ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज धूप और लू के कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है। दिन के समय ज्यादा देर तक धूप में रहने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है।

    फिलहाल मौसम में तुरंत राहत मिलने के संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं। आने वाले कुछ दिन उत्तर भारत के लिए और अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। यदि जल्द बारिश या आंधी जैसी गतिविधियां शुरू नहीं होतीं, तो तापमान में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क और सुरक्षित रहने की जरूरत है।

  • एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, खजुराहो 46.8 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 22 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार

    एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, खजुराहो 46.8 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 22 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार


    भोपाल। मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिला। छतरपुर जिले के खजुराहो में अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रहा। वहीं नौगांव में पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया। प्रदेश के 22 शहरों में पहली बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में तापमान 44 डिग्री पहुंचने से सड़कों तक पर गर्मी का असर दिखाई दिया।

    मौसम विभाग के अनुसार, मई महीने में पहली बार पूरा मध्य प्रदेश भीषण गर्मी से तपता नजर आया। खजुराहो में यह अब तक का दूसरा सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ था। इंदौर में 44.3 डिग्री, ग्वालियर में 43.7 डिग्री, उज्जैन में 44 डिग्री और जबलपुर में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में इस बार पिछले साल की तुलना में अधिक गर्मी महसूस की गई।

    प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी छतरपुर जिले में दर्ज हुई, जहां खजुराहो और नौगांव दोनों सबसे गर्म शहर रहे। इसके अलावा राजगढ़ में 45.5 डिग्री, रतलाम में 45.4 डिग्री, खंडवा में 45.1 डिग्री तथा शाजापुर, श्योपुर और मुरैना में 45 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। दमोह और सतना में 44.8 डिग्री, सागर में 44.7 डिग्री, गुना और रीवा में 44.5 डिग्री, रायसेन में 44.4 डिग्री, खरगोन में 44.2 डिग्री तथा धार में 44.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। टीकमगढ़ और मंडला में पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है।

    मंगलवार के लिए मौसम विभाग ने भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में तीव्र लू का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तापमान 45 डिग्री या उससे अधिक रहने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, धार, खरगोन, खंडवा, देवास, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, शिवपुरी, मुरैना सहित कई जिलों में हीट वेव की चेतावनी जारी की गई है।

    जबलपुर, झाबुआ, आलीराजपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, शहडोल, रीवा और सिंगरौली समेत कई जिलों में लू का अलर्ट नहीं है, लेकिन यहां भी तेज गर्मी का असर बना रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा।

  • देश में मौसम बदल रहा रंग, अंडमान में समय से पहले पहुंचा मानसून, उत्तर भारत लू की चपेट में

    देश में मौसम बदल रहा रंग, अंडमान में समय से पहले पहुंचा मानसून, उत्तर भारत लू की चपेट में



    नई दिल्ली। देशभर में मौसम ने दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर दी हैं। जहां एक ओर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मानसून ने तय समय से पहले दस्तक दे दी है, वहीं दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर एवं मध्य भारत भीषण गर्मी और लू से झुलस रहा है। एक तरफ लोग बारिश का आनंद ले रहे हैं, तो दूसरी ओर तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन मुश्किल बना दिया है।

    मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणी समुद्री क्षेत्रों में मानसून तेजी से सक्रिय हो रहा है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी तक मानसून पहुंच चुका है, जिसके असर से केरल और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में प्री-मानसून बारिश शुरू हो गई है। विभाग का कहना है कि इस बार मानसून सामान्य समय से करीब पांच दिन पहले आगे बढ़ रहा है और 26 मई तक केरल पहुंच सकता है, जबकि आमतौर पर इसकी एंट्री 1 जून को होती है।

    केरल के कई हिस्सों में लगातार तेज बारिश हो रही है। पटनामथिट्टा और अलाप्पुझा समेत कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में भी पिछले 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    दूसरी ओर उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। बांदा सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। झांसी, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ में भी लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं। दिल्ली में भी सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया गया है।

    हरियाणा और पंजाब के सिरसा, रोहतक, हिसार और बठिंडा जैसे शहरों में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। सुबह 10 बजे के बाद ही तेज गर्म हवाओं के कारण लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।

    पहाड़ी राज्यों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। हिमाचल प्रदेश के ऊना में तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक माना जा रहा है। हालांकि मौसम विभाग ने 19 मई से मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पहाड़ी इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। चंबा, कांगड़ा और कुल्लू के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 22 और 23 मई को कुछ क्षेत्रों में बारिश होने से राहत मिलने की उम्मीद है।

    राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में भी भीषण गर्मी बनी हुई है, जहां तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। चंडीगढ़ में भी पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में और तेज लू चलने की चेतावनी दी है।

    भीषण गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। शरीर में पानी की कमी न होने दें और नियमित रूप से पानी, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ या लस्सी का सेवन करें। बाहर जाते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को कपड़े, टोपी या छतरी से ढककर रखें। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।

  • MP में गर्मी का कहर तेज, राजगढ़ 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म, अगले 4 दिन और बढ़ेगा तापमान

    MP में गर्मी का कहर तेज, राजगढ़ 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म, अगले 4 दिन और बढ़ेगा तापमान



    भोपाल । मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश का आधा हिस्सा इस समय हीटवेव की चपेट में है और कई जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। रविवार को राजगढ़ सबसे गर्म जिला रहा, जहां पारा 45 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं 11 जिलों में तापमान 43 डिग्री और 4 जिलों में 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक और बढ़ोतरी की संभावना जताई है। इसके चलते लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर, जबलपुर, छतरपुर, रीवा, मंदसौर, रतलाम, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर समेत कई जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के पार रहने की संभावना है।

    वहीं राजधानी भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित कई जिलों में लू का अलर्ट नहीं होने के बावजूद तेज गर्मी लोगों को परेशान करेगी। मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, धार, देवास, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, शहडोल और सिंगरौली समेत कई क्षेत्रों में दिनभर गर्म हवाएं और उमस बनी रहेगी।

    रविवार को प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। राजगढ़ के बाद रतलाम में 44.8 डिग्री, खंडवा में 44.5 डिग्री, नौगांव और खजुराहो में 44.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा गुना, श्योपुर, रायसेन, नरसिंहपुर, दतिया, दमोह, खरगोन और टीकमगढ़ में भी पारा 43 डिग्री के पार पहुंचा। प्रदेश के बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में 43 डिग्री, इंदौर में 42.8 डिग्री, भोपाल में 42.7 डिग्री, ग्वालियर में 42.6 डिग्री और जबलपुर में 42.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी बनी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं।

  • एमपी, यूपी और राजस्थान में पारा 47°C तक पहुंचने की आशंका, कई राज्यों में हीटवेव और बारिश दोनों के अलर्ट

    एमपी, यूपी और राजस्थान में पारा 47°C तक पहुंचने की आशंका, कई राज्यों में हीटवेव और बारिश दोनों के अलर्ट


    नई दिल्ली। मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून सामान्य समय से पहले 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है, लेकिन इसके बावजूद देश में मौसम का मिजाज चिंताजनक बना हुआ है। अमेरिकी एजेंसी NOAA की रिपोर्ट के अनुसार इस साल सुपर अल-नीनो की स्थिति बनने की संभावना है, जिससे मानसून कमजोर रह सकता है और देश के कई हिस्सों में सूखा व भीषण गर्मी बढ़ सकती है।

    अल-नीनो एक जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर का तापमान बढ़ने से मानसूनी हवाओं की दिशा प्रभावित होती है, जिससे भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में बारिश कम होने और तापमान बढ़ने की आशंका रहती है। इसी कारण इस बार बारिश सामान्य से कम और गर्मी अधिक रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।

    मौसम विभाग के मुताबिक इस बार मानसून केरल से 1 जून के बजाय 26 मई के आसपास प्रवेश कर सकता है, लेकिन इसके बाद अलग-अलग राज्यों में इसकी गति अलग-अलग रहेगी। अनुमान के अनुसार राजस्थान में 20 जून, मध्य प्रदेश में 12 जून, उत्तर प्रदेश में 18 जून और बिहार में 8 से 10 जून के बीच मानसून पहुंच सकता है।

    फिलहाल देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर जारी है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड और विदर्भ में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है, जहां तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। कई इलाकों में रात के समय भी लू चलने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    मध्य प्रदेश के भोपाल में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया, जिससे सड़कों का डामर तक पिघलने की स्थिति बन गई। वहीं राजस्थान के फलौदी में 44.8 डिग्री और महाराष्ट्र के अमरावती में 45.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जिससे कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

    इसके साथ ही मौसम विभाग ने अलग-अलग राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान के अलर्ट भी जारी किए हैं। झारखंड में ऑरेंज अलर्ट, बिहार और हरियाणा के कुछ जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी है, जबकि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

    वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र में हीटवेव का असर अगले एक सप्ताह तक जारी रहने की आशंका है। कई राज्यों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।