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  • एमपी, यूपी और राजस्थान में पारा 47°C तक पहुंचने की आशंका, कई राज्यों में हीटवेव और बारिश दोनों के अलर्ट

    एमपी, यूपी और राजस्थान में पारा 47°C तक पहुंचने की आशंका, कई राज्यों में हीटवेव और बारिश दोनों के अलर्ट


    नई दिल्ली। मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून सामान्य समय से पहले 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है, लेकिन इसके बावजूद देश में मौसम का मिजाज चिंताजनक बना हुआ है। अमेरिकी एजेंसी NOAA की रिपोर्ट के अनुसार इस साल सुपर अल-नीनो की स्थिति बनने की संभावना है, जिससे मानसून कमजोर रह सकता है और देश के कई हिस्सों में सूखा व भीषण गर्मी बढ़ सकती है।

    अल-नीनो एक जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर का तापमान बढ़ने से मानसूनी हवाओं की दिशा प्रभावित होती है, जिससे भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में बारिश कम होने और तापमान बढ़ने की आशंका रहती है। इसी कारण इस बार बारिश सामान्य से कम और गर्मी अधिक रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।

    मौसम विभाग के मुताबिक इस बार मानसून केरल से 1 जून के बजाय 26 मई के आसपास प्रवेश कर सकता है, लेकिन इसके बाद अलग-अलग राज्यों में इसकी गति अलग-अलग रहेगी। अनुमान के अनुसार राजस्थान में 20 जून, मध्य प्रदेश में 12 जून, उत्तर प्रदेश में 18 जून और बिहार में 8 से 10 जून के बीच मानसून पहुंच सकता है।

    फिलहाल देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर जारी है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड और विदर्भ में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है, जहां तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। कई इलाकों में रात के समय भी लू चलने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    मध्य प्रदेश के भोपाल में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया, जिससे सड़कों का डामर तक पिघलने की स्थिति बन गई। वहीं राजस्थान के फलौदी में 44.8 डिग्री और महाराष्ट्र के अमरावती में 45.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जिससे कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

    इसके साथ ही मौसम विभाग ने अलग-अलग राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान के अलर्ट भी जारी किए हैं। झारखंड में ऑरेंज अलर्ट, बिहार और हरियाणा के कुछ जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी है, जबकि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

    वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र में हीटवेव का असर अगले एक सप्ताह तक जारी रहने की आशंका है। कई राज्यों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
     

  • यूपी में 18 जून तक मानसून की दस्तक संभव, भीषण गर्मी और लू से बढ़ी परेशानी

    यूपी में 18 जून तक मानसून की दस्तक संभव, भीषण गर्मी और लू से बढ़ी परेशानी


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में मानसून इस बार 18 जून के आसपास दस्तक दे सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून केरल में 26 मई के करीब पहुंचेगा और वहां से आगे बढ़ते हुए 18 जून तक गोरखपुर के रास्ते यूपी में प्रवेश कर सकता है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने इसे संभावित तारीख बताया है और स्पष्टता मानसून की वास्तविक गति के आधार पर ही आएगी।

    लखनऊ स्थित मौसम वैज्ञानिक Atul Kumar Singh ने बताया कि मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए यह अनुमान लगाया गया है। उन्होंने कहा कि जब मानसून केरल से आगे बढ़ेगा, तभी इसकी सटीक तारीख तय की जा सकेगी।

    फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और तेज धूप के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गर्मी का असर तेज है और कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। झांसी और ललितपुर सहित करीब 8 जिलों में लू चलने की चेतावनी दी गई है।

    पिछले 24 घंटों में कुछ जिलों में हल्की बारिश जरूर दर्ज की गई है, लेकिन उससे गर्मी में कोई खास राहत नहीं मिली। बांदा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 47 डिग्री तक भी जा सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो चुका है, जिसके कारण अब दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म रहेंगी। हीटवेव की स्थिति और तेज होने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग ने यह भी बताया कि इस साल मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। इसके पीछे प्रशांत महासागर में अल नीनो जैसी परिस्थितियों का प्रभाव और उत्तरी गोलार्ध में कम बर्फबारी को कारण माना जा रहा है, जिससे वर्षा प्रभावित हो सकती है।

    हालांकि पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में मानसून अपेक्षाकृत बेहतर रहा था और सामान्य से 10 से 15 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई थी। लेकिन इस बार मौसम पैटर्न बदलने से बारिश कम होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कृषि और जलस्तर पर असर पड़ सकता है।

  • राजस्थान की गर्म हवाओं का असर: सागर में पारा 43°C पार, लू का अलर्ट

    राजस्थान की गर्म हवाओं का असर: सागर में पारा 43°C पार, लू का अलर्ट


    नई दिल्ली । सागर शहर इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओं ने पूरे वातावरण को और अधिक तप्त बना दिया है, जिससे दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म महसूस की जा रही हैं।

    शुक्रवार को सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर देखने को मिला। दोपहर तक हालात ऐसे हो गए कि बाजारों में सन्नाटा पसर गया और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए।

    मौसम विभाग के अनुसार सागर का अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मौसमीय सिस्टम और ट्रफ लाइन की वजह से हवा भट्टी जैसी गर्म हो रही है।

    राजस्थान से आने वाली गर्म हवाएं स्थिति को और गंभीर बना रही हैं, जिससे लू चलने की संभावना भी बढ़ गई है। अनुमान है कि रात का तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच विशेष सावधानी बरतने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।

  • गर्मी से हाहाकार: शाजापुर-नौगांव सबसे गर्म, MP में मौसम विभाग का अलर्ट

    गर्मी से हाहाकार: शाजापुर-नौगांव सबसे गर्म, MP में मौसम विभाग का अलर्ट


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश एक बार फिर भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए राज्य के करीब 40 जिलों में लू और गर्म हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों को दिन के समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    शाजापुर और छतरपुर के नौगांव में गुरुवार को अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रहा। इसके अलावा खरगोन, खंडवा, रतलाम, खजुराहो और अन्य जिलों में भी पारा 44 डिग्री के आसपास रहा।

    राज्य के प्रमुख शहरों की बात करें तो उज्जैन में 44 डिग्री, भोपाल में 43.4 डिग्री, जबलपुर में 43.3 डिग्री, इंदौर में 43 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच गर्मी का असर सबसे ज्यादा रहेगा। इस दौरान लोगों को घरों से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

    इंदौर, उज्जैन, रतलाम, देवास और धार जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां तेज लू के साथ रात में भी गर्मी का असर यानी ‘वॉर्म नाइट’ देखने को मिल सकता है।

    हालांकि, पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में फिलहाल लू का असर कम है, लेकिन वहां भी तेज गर्मी बनी हुई है।

    मौसम में यह बदलाव लंबे समय से चल रहे बारिश और आंधी के दौर के बाद आया है। मई महीने के शुरुआती दिनों में लगातार बारिश के कारण तापमान सामान्य बना हुआ था, लेकिन अब अचानक मौसम ने करवट ली है और गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है।

  • झांसी में भीषण गर्मी का कहर: पारा 44°C पार, अगले हफ्ते 47°C तक पहुंचने की आशंका

    झांसी में भीषण गर्मी का कहर: पारा 44°C पार, अगले हफ्ते 47°C तक पहुंचने की आशंका



    नई दिल्ली। झांसी में एक बार फिर भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर में तापमान लगातार बढ़ते हुए 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। शुक्रवार से लू चलने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं अगले सप्ताह स्थिति और गंभीर हो सकती है, जब अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

    कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह के अनुसार, दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं का असर और बढ़ेगा। दोपहर 1 से 3 बजे के बीच सड़कों पर आवाजाही काफी कम देखी जा रही है, क्योंकि तेज धूप में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

    बृहस्पतिवार को झांसी में अधिकतम तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान भी 27.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं और आने वाले दिनों में लोगों को भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा।

  • ग्वालियर मौसम बदला-बदला: रात में ठंडक, सुबह निकलते ही धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी

    ग्वालियर मौसम बदला-बदला: रात में ठंडक, सुबह निकलते ही धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी

    नई दिल्ली।  मध्य प्रदेश के Gwalior में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। कभी तेज बारिश और आंधी तो कभी चिलचिलाती धूप ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीते कुछ दिनों से शहर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

    मंगलवार शाम अचानक आई आंधी और बारिश के बाद रात के समय लोगों को हल्की राहत जरूर मिली, जब तापमान में गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री से घटकर 25.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी।
    बुधवार सुबह होते ही तेज धूप ने फिर से शहर को गर्मी की चपेट में ले लिया। हवा में लगभग 60 प्रतिशत नमी के कारण उमस और बढ़ गई, जिससे लोगों को भारी असहजता महसूस हुई। मौसम में इस बदलाव के चलते दिनभर बेचैनी का माहौल बना रहा।
    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सुबह के कुछ ही घंटों में तापमान में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह 5:30 बजे जहां तापमान 25.6 डिग्री था, वहीं 8:30 बजे तक यह बढ़कर 31.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह लगभग 5.8 डिग्री का उछाल दर्शाता है, जो मौसम में अस्थिरता का संकेत है।
    दिन के समय बढ़ती गर्मी का असर शहर की रफ्तार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर होते ही बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। लोग तेज धूप से बचने के लिए छाते, गमछे और पानी की बोतलों का सहारा ले रहे हैं। चिकित्सकों ने भी सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिनों तक मौसम शुष्क बना रह सकता है और तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही लू जैसे हालात बनने की आशंका भी जताई गई है, जिससे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
    फिलहाल मौसम का यह बदलता मिजाज लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आ रहा है, जहां रात की ठंडक के बाद दिन की गर्मी चुनौती बनती जा रही है।
  • झांसी में गर्मी का कहर: 39°C पार तापमान, तेज धूप और लू से जनजीवन बेहाल

    झांसी में गर्मी का कहर: 39°C पार तापमान, तेज धूप और लू से जनजीवन बेहाल



    नई दिल्ली। झांसी में मंगलवार को मौसम ने एक बार फिर गर्मी का तीखा रूप दिखाया, जहां सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया। शहर में सुबह 11 बजे तक तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे दिन की शुरुआत ही झुलसाने वाली गर्मी के साथ हुई। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, सड़कों पर गर्मी का असर और ज्यादा महसूस किया गया और दोपहर होते-होते लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई।

    भीषण गर्मी के कारण बाजारों और चौराहों पर सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम नजर आई। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। तेज धूप और लू से बचने के लिए कई लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर या सिर ढककर बाहर निकलते दिखे। सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और सड़क पर काम करने वाले लोगों पर पड़ा, जो छांव और पेड़ों के नीचे राहत तलाशते नजर आए।

    गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में ठंडे पेय पदार्थों की मांग भी बढ़ गई है। शिकंजी, जूस और ठंडे पेय की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है, क्योंकि लोग गर्मी से राहत पाने के लिए इनका सहारा ले रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार दिन के आगे बढ़ने के साथ तापमान में और वृद्धि हो सकती है और दोपहर बाद पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।

    हालांकि मौसम विभाग ने थोड़ी राहत की संभावना भी जताई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दोपहर बाद आसमान में बादल छा सकते हैं और हल्की बारिश भी हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो लोगों को कुछ समय के लिए गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल पूरे दिन तेज गर्मी और उमस बने रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पीते रहें और गर्मी से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाएं, ताकि लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

  • हीटवेव और बाढ़ से निपटने के लिए अमित शाह ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग… दिए ये निर्देश

    हीटवेव और बाढ़ से निपटने के लिए अमित शाह ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग… दिए ये निर्देश


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने रविवार को दिल्ली में एक हाई लेवल मीटिंग (High Level Meeting.) में देश में संभावित बाढ़ और हीट वेव (Floods and Heat Waves) से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमें ‘जीरो कैजुअल्टी डिजास्टर मैनेजमेंट’ के लिए काम करना होगा.

    मीटिंग में देश के हर राज्य में बाढ़ संकट प्रबंधन टीमों (FCMT) के गठन, हीटवेव से कृषि क्षेत्र को होने वाले नुकसान को न्यूनतम रखने और मौसम संबंधी योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर फोकस किया गया।

    इसके साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और सेंट्रल वाटर कमीशन के मौसम और बाढ़ संबंधी पूर्वानुमान के समय को 3 दिन से बढ़ाकर 7 दिन करने की बात भी कही गई।


    एनडीएमए के दिशानिर्देशों का पालन

    गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया कि आपदाओं को लेकर नेशनल डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) द्वारा जारी दिशानिर्देशों के पालन की राज्य, जिला और नगरपालिका स्तर पर नियमित समीक्षा की जानी चाहिए।

    जल संचय और चेक डैम परियोजनाओं के जरिए जलस्तर सुधारने और जल संरक्षण की संभावनाओं को बढ़ाने पर जोर दिया गया. इसके अलावा कैम्पा फंड का इस्तेमाल पर्यावरण संतुलन के लिए किए जा रहे प्रयासों को और प्रभावी बनाने के लिए कहा गया है.

    साथ ही, कम से कम 60 जोखिम वाली झीलों के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने की योजना पर काम करने के निर्देश दिए हैं. सभी राज्यों में स्टेट-लेवल इंटीग्रेटेड रिज़र्वॉयर ऑपरेशंस लागू करने पर भी जोर दिया गया. मौसम संबंधी पूर्वानुमानों और चेतावनियों का व्यापक और प्रभावी प्रचार-प्रसार की बात भी कही गई.

  • भीषण गर्मी में बढ़ा प्रेग्नेंसी रिस्क, समय से पहले डिलीवरी और लो बर्थ वेट का खतरा तेज..

    भीषण गर्मी में बढ़ा प्रेग्नेंसी रिस्क, समय से पहले डिलीवरी और लो बर्थ वेट का खतरा तेज..

    नई दिल्ली।
    भीषण गर्मी का असर अब सिर्फ सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका गंभीर प्रभाव गर्भवती महिलाओं और उनके अजन्मे बच्चों पर भी देखने को मिल रहा है। देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है, जिससे गर्म हवाएं और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है।

    चिकित्सकों के अनुसार, इस तरह की अत्यधिक गर्मी शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालती है, जिससे गर्भवती महिलाओं में कई प्रकार की जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। शरीर में पानी की कमी और गर्मी से होने वाला तनाव कई बार समय से पहले प्रसव का कारण बन सकता है। यह स्थिति मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम भरी मानी जाती है।

    गर्मी का असर केवल प्रसव प्रक्रिया तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि यह गर्भ में पल रहे शिशु के विकास को भी प्रभावित करता है। जब शरीर में पर्याप्त पोषण और रक्त प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता, तो बच्चे का वजन जन्म के समय सामान्य से कम हो सकता है। यह स्थिति आगे चलकर नवजात के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है।

    इसके अलावा, लंबे समय तक तेज धूप और गर्म वातावरण में रहने से गर्भवती महिलाओं में रक्तचाप बढ़ने का खतरा भी रहता है। यह स्थिति शरीर में कमजोरी, थकान और अन्य जटिलताओं को जन्म दे सकती है, जो प्रेग्नेंसी के दौरान अधिक खतरनाक साबित हो सकती हैं।

    विशेषज्ञ इस समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को दिन के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट रखना चाहिए। हल्का और संतुलित आहार तथा ठंडे वातावरण में आराम इस दौरान बेहद जरूरी माना जा रहा है।

  • भीषण गर्मी में श्रमिकों की सेहत पर खतरा: हीटवेव से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय

    भीषण गर्मी में श्रमिकों की सेहत पर खतरा: हीटवेव से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय

    नई दिल्ली।International Workers’ Day के मौके पर जहां श्रमिकों के अधिकार और सम्मान की बात की जाती है, वहीं उनकी सेहत और सुरक्षा पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है। देश के कई हिस्सों में बढ़ती भीषण गर्मी और Heatwave (लू) के चलते सबसे ज्यादा असर खुले में काम करने वाले मजदूरों पर पड़ रहा है। ऐसे में उनकी सुरक्षा और जागरूकता बेहद अहम हो जाती है।

    मेहनतकश हाथों की मेहनत से ही देश की तरक्की होती है, लेकिन तेज धूप और बढ़ते तापमान में काम करना उनकी सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। निर्माण कार्य में लगे मजदूर, खेतों में काम करने वाले किसान और सड़क किनारे काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा जोखिम में होते हैं।

    National Health Mission के अनुसार, लू से बचाव के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है। सबसे पहले कोशिश करें कि काम के दौरान ज्यादा से ज्यादा समय छाया में बिताया जाए। यदि धूप में काम करना जरूरी हो, तो सिर को टोपी, गमछा या कपड़े से ढककर रखें ताकि सीधे सूरज की किरणों से बचा जा सके।

    शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे महत्वपूर्ण है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और प्यास लगने का इंतजार न करें। छोटे-छोटे अंतराल में पानी पीना शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करता है। वहीं, ज्यादा चीनी वाले ठंडे पेय, कोल्ड ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स से दूरी बनाना चाहिए, क्योंकि ये शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ा सकते हैं।

    कपड़ों का चुनाव भी गर्मी से बचाव में अहम भूमिका निभाता है। हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनना चाहिए, जो पसीने को सोखते हैं और शरीर को ठंडक देते हैं। इसके अलावा, लगातार धूप में काम करने से बचें और हर 45 से 60 मिनट के बीच 10-15 मिनट का आराम जरूर करें।

    खानपान का भी ध्यान रखना जरूरी है। गर्मी में हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाना शरीर की गर्मी को बढ़ा सकता है, जिससे परेशानी और बढ़ सकती है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर किसी को लू लग जाए तो चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार और बेहोशी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। ऐसे में तुरंत व्यक्ति को छाया में ले जाकर ठंडे पानी से शरीर को ठंडा करना चाहिए और जल्द से जल्द डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए।

    इसके साथ ही उद्योग संगठनों और ट्रेड यूनियनों की जिम्मेदारी भी बनती है कि वे श्रमिकों के लिए काम के समय को संतुलित करें, पर्याप्त पानी और छाया की व्यवस्था करें और उन्हें जागरूक बनाएं।

    कुल मिलाकर, इस भीषण गर्मी में श्रमिकों की सुरक्षा केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक जरूरत है। सही सावधानियां अपनाकर और जागरूक रहकर ही Heatwave के खतरे से बचा जा सकता है और श्रमिकों की सेहत को सुरक्षित रखा जा सकता है।