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  • बारिश से फिर भीगेगा मध्य प्रदेश 20 अगस्त को इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भोपाल समेत कई जिलों में बढ़ी मौसम की हलचल

    बारिश से फिर भीगेगा मध्य प्रदेश 20 अगस्त को इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भोपाल समेत कई जिलों में बढ़ी मौसम की हलचल


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है और 20 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है जबकि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां धीरे धीरे मध्य और पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

    20 अगस्त को टीकमगढ़ और सागर समेत कुछ इलाकों में भारी से बेहद भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 21 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर बना रहेगा। ग्वालियर दतिया और शिवपुरी सहित कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना बताई गई है। इस दौरान गरज चमक और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है।

    राजधानी भोपाल की बात करें तो 20 अगस्त को मौसम मुख्य रूप से बादलों से घिरा रहने और बारिश के आसार बने रहने की संभावना है। मौसम पूर्वानुमान में दिन का तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अगले कुछ दिनों में भी भोपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना दिखाई दे रही है।

    प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में नदी नालों और जलाशयों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने और खेतों में पानी जमा होने जैसी स्थिति भी सामने आ सकती है।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश की गतिविधि के पीछे सक्रिय मानसूनी सिस्टम का प्रभाव अहम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का जोर रहने के बाद यह गतिविधि मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकती है। ऐसे में इंदौर उज्जैन भोपाल सागर जबलपुर रीवा और ग्वालियर चंबल संभाग के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि किसी एक शहर में बारिश की तीव्रता अलग अलग हो सकती है इसलिए स्थानीय मौसम चेतावनी पर ध्यान देना जरूरी है।

    बारिश के साथ बिजली गिरने और गरज चमक का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे मौसम में खुले मैदान खेत या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सड़क पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचना बेहतर होगा क्योंकि कई बार कम समय में हुई तेज बारिश से पानी तेजी से बढ़ सकता है।

    कुल मिलाकर 20 अगस्त को मध्य प्रदेश में मौसम सक्रिय रहने वाला है। कई जिलों में बारिश का दौर तेज हो सकता है जबकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखनी चाहिए। आने वाले दिनों में भी प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहने के संकेत हैं।

  • MP में फिर एक्टिव हुआ मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम, 5 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी

    MP में फिर एक्टिव हुआ मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम, 5 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। ट्रफ और डिप्रेशन के असर से पूर्वी हिस्से में बारिश का जोर है। मौसम विभाग ने सागर संभाग के टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर और दमोह में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में 8 इंच तक पानी गिर सकता है। दतिया, भिंड, निवाड़ी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, मैहर और सतना में भारी बारिश की चेतावनी है। भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    मौसम विभाग के अनुसार, 18 से 24 अगस्त के बीच प्रदेश में बारिश का मिजाज बदलता रहेगा। 19 अगस्त को विंध्य और महाकौशल में भारी से अति भारी बारिश हुई। अब 20 से 24 अगस्त के दौरान बारिश का असर धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने के संकेत हैं।

    चित्रकूट में गुप्त गोदावरी उफनी, गुफाएं बंद

    बुधवार को पूर्वी मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश से कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने। सतना के तराई क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बाद चित्रकूट की गुप्त गोदावरी में पानी बढ़ गया। पहाड़ी का पानी गुफाओं के ऊपर से बहने लगा। सुरक्षा को देखते हुए चित्रकूट नगर परिषद ने दोनों गुफाएं बंद कर पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी।

    सतना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के भुमकहर गांव में 55 वर्षीय चरवाहा नाले में बह गया। सूचना मिलने के बाद SDERF की टीम मौके पर पहुंची और उसकी तलाश शुरू की।

    डिंडौरी में नदी-नाले उफने, 12 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूटा

    डिंडौरी में बुधवार सुबह से तेज बारिश जारी है। नदी-नाले उफान पर हैं और 12 से ज्यादा गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। पन्ना के बृजपुर क्षेत्र के कई गांवों में पानी भर गया। सिमरिया के बोदा गांव में भी जलभराव हुआ। घरों में रखा खाद्य सामग्री भी बारिश के पानी से भीग गई।

    उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के तीन गेट 4 मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

    MP में अब तक 23 इंच बारिश, फिर भी 12% कम

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में 1 जून से अब तक 583.4 मिमी यानी करीब 23 इंच बारिश हो चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश 663.7 मिमी यानी 26.1 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक करीब 3.1 इंच यानी 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 14% और पश्चिमी हिस्से में 10% कम बारिश दर्ज की गई है।

    39 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 19% तक कम बारिश हुई है। 18 जिलों में बारिश 4% से 58% तक कम है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के 21 जिलों में भी सामान्य से 5% से 39% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    इसके विपरीत अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है।

    जून में कमी, जुलाई में कोटा पूरा; अगस्त में फिर तेज हुआ मानसून

    मौसम विभाग के अनुसार, जून में प्रदेश में सामान्य से 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश हुई, लेकिन इसके बाद मानसून दो बार कमजोर पड़ा और कई दिनों तक बारिश थमी रही।

    अगस्त में मानसून ने फिर जोर पकड़ा और महीने के दूसरे हिस्से में स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय हुआ। इससे बारिश के आंकड़े में सुधार आया, लेकिन जून की कमी अब तक पूरी नहीं हो पाई है। पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में औसतन 37.3 इंच बारिश होती है, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है।

  • MP में फिर बदला मौसम का मिजाज! 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, इन 3 जिलों में आफत बन सकती है बारिश

    MP में फिर बदला मौसम का मिजाज! 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, इन 3 जिलों में आफत बन सकती है बारिश


    भोपाल । मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है और प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर तेज होने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार टीकमगढ़ पन्ना और नरसिंहपुर में अगले 24 घंटे के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में 4 से 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में ढाई से 4 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। बारिश का सबसे ज्यादा असर विंध्य बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र में देखने को मिल सकता है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक 18 अगस्त को झारखंड के ऊपर सक्रिय अवदाब ने पूर्वी मध्य प्रदेश को बारिश का मुख्य केंद्र बना दिया है। इसके प्रभाव से 19 अगस्त को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम की गतिविधियां आने वाले दिनों में धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की तरफ बढ़ सकती हैं। 20 से 24 अगस्त के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ने के संकेत हैं।

    आज टीकमगढ़ पन्ना और नरसिंहपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं रायसेन सागर दमोह जबलपुर कटनी मंडला शहडोल सीधी मऊगंज रीवा सतना और छतरपुर में भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में ढाई से 4 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार अलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर-मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर छिंदवाड़ा सिवनी बालाघाट डिंडौरी पांढुर्णा सिंगरौली मैहर उमरिया अनूपपुर और निवाड़ी में भी मौसम बदला रह सकता है। यहां कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।

    लगातार बारिश के बीच जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ी है। जबलपुर के बरगी डैम के 9 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। नदी नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और स्थानीय जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।

    प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में अब तक 573.1 मिलीमीटर यानी करीब 22.6 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि सामान्य बारिश के मुकाबले अभी करीब 3 इंच पानी कम है। मध्य प्रदेश में इस समय तक सामान्य बारिश करीब 25.6 इंच होनी चाहिए थी। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में कुल मिलाकर करीब 12 प्रतिशत बारिश कम हुई है। पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी करीब 16 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 9 प्रतिशत बताई गई है।

    प्रदेश के करीब 40 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा है। बालाघाट छतरपुर छिंदवाड़ा दमोह डिंडौरी जबलपुर कटनी मैहर मंडला मऊगंज नरसिंहपुर निवाड़ी पांढुर्णा पन्ना रीवा सागर सतना सिवनी और टीकमगढ़ जैसे जिलों में सामान्य से 4 प्रतिशत से लेकर 58 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं पश्चिमी हिस्से में भी कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है।

    इसके बावजूद कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। अनूपपुर शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया बड़वानी भिंड भोपाल बुरहानपुर देवास ग्वालियर खंडवा खरगोन राजगढ़ और गुना में औसत से ज्यादा बारिश हुई है।

    मौसम विभाग के मुताबिक जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में बारिश की स्थिति बेहतर हुई और महीने का कोटा पूरा हो गया लेकिन जून की कमी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी। मानसून के बीच दो बार ब्रेक की स्थिति भी बनी जिसके कारण कई दिनों तक बारिश कमजोर रही। अब अगस्त के दूसरे हिस्से में सक्रिय सिस्टम के कारण बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ रही हैं।

    मध्य प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल इंदौर जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच तक रहती है। अगस्त के महीने में इन शहरों में बारिश का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है।

    भोपाल में अगस्त महीने में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 2006 में दर्ज हुआ था जब करीब 35 इंच पानी गिरा था। 14 अगस्त 2006 को 24 घंटे में करीब 12 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। इंदौर में अगस्त की सर्वाधिक मासिक बारिश करीब 28 इंच रही है जो 1944 में दर्ज हुई थी। 22 अगस्त 2020 को यहां 24 घंटे में करीब साढ़े 10 इंच बारिश हुई थी।

    ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड 10 अगस्त 1927 का है जबकि मासिक सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 1916 में करीब 28 इंच रहा था। जबलपुर में अगस्त की बारिश का रिकॉर्ड और भी बड़ा है। वर्ष 1923 में यहां एक महीने में करीब 44 इंच बारिश हुई थी और 20 अगस्त को 24 घंटे में करीब 13 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी अगस्त के दौरान तेज बारिश का इतिहास रहा है। वर्ष 2006 में यहां करीब 35 इंच बारिश दर्ज की गई थी।

    फिलहाल मौसम का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में दिखाई दे रहा है। अगले कुछ दिनों में सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में नदी नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

  • MP के 12 जिलों में आज हैवी रेन की चेतावनी, पूर्वी हिस्से में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव

    MP के 12 जिलों में आज हैवी रेन की चेतावनी, पूर्वी हिस्से में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। पूर्वी हिस्से में बने स्ट्रॉन्ग सिस्टम के कारण बुधवार को टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं रायसेन, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, मंडला, शहडोल, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना और छतरपुर में भारी बारिश की चेतावनी है।

    मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, 18 अगस्त को झारखंड के ऊपर सक्रिय अवदाब के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश बारिश का मुख्य केंद्र बना हुआ है। इसके असर से 19 अगस्त को विंध्य, बुंदेलखंड और महाकौशल में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर रहेगा। 20 से 24 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकती हैं।

    आज इन जिलों में तेज बारिश के आसार

    टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में 4 से 8 इंच तक बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। रायसेन, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, मंडला, शहडोल, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना और छतरपुर में 2.5 से 4 इंच तक बारिश हो सकती है।

    भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    22.6 इंच बारिश, फिर भी सामान्य से 12% कम

    IMD के अनुसार प्रदेश में अब तक 573.1 मिमी यानी 22.6 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश 25.6 इंच (651.4 मिमी) से करीब 3 इंच कम है। प्रदेश में अब तक कुल 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में 16% और पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 9% कम बारिश दर्ज की गई है।

    40 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ में 4% से 58% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 5% से 39% तक कम बारिश हुई है।

    15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के मुताबिक अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP Weather Alert: पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का खतरा रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में अलर्ट बांधों पर भी बढ़ा दबाव

    MP Weather Alert: पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का खतरा रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में अलर्ट बांधों पर भी बढ़ा दबाव


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता दिखाई दे रहा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से अगले तीन दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार मंगलवार को रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं टीकमगढ़ छतरपुर सागर छिंदवाड़ा पांढुर्णा नरसिंहपुर सिवनी मंडला कटनी शहडोल सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर जबलपुर डिंडौरी सतना मऊगंज मैहर उमरिया अनूपपुर पन्ना दमोह और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

    बारिश के इस दौर के बीच बांधों और जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ने लगी है। मंडला डिंडौरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण बरगी बांध के गेट इस साल पहली बार खोले जाने की तैयारी है। 18 अगस्त को सुबह 11 बजे बांध के 9 गेट 0.78 मीटर की औसत ऊंचाई तक खोलकर करीब 1031 क्यूमेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। 17 अगस्त की रात बांध का जलस्तर 420.80 मीटर दर्ज किया गया था जबकि पानी की आवक करीब 1620 क्यूमेक बताई गई।

    उमरिया में भी जोहिला डैम के दो गेट एक एक मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में नदी नालों और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में परेशानी पैदा हो सकती है।

    हालांकि प्रदेश में बारिश का वितरण अभी भी एक समान नहीं है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर रीवा सागर और शहडोल संभाग में अब तक औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। कई जिलों में बारिश की कमी 4 से 58 प्रतिशत तक बताई गई है। पश्चिमी हिस्से के भी कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। दूसरी तरफ अनूपपुर शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया बड़वानी भिंड भोपाल बुरहानपुर देवास ग्वालियर खंडवा खरगोन राजगढ़ और गुना में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके अलावा ऊपरी स्तर पर दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण और दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार 17 से 21 अगस्त के दौरान मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की संभावना बनी रहेगी।

    ऐसे में अगले तीन दिन प्रदेश के कई हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। भारी बारिश वाले जिलों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जा सकती है। खासकर नदी नालों और जलाशयों के आसपास जाने से बचना जरूरी है क्योंकि लगातार बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

  • रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी MP में स्ट्रॉन्ग सिस्टम

    रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी MP में स्ट्रॉन्ग सिस्टम


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय स्ट्रॉन्ग सिस्टम के चलते रीवा और बालाघाट समेत 14 जिलों में मंगलवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के मुताबिक, अगले तीन दिन प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। 24 घंटे के दौरान कुछ जिलों में 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।

    रीवा-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट
    मंगलवार को रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, कटनी, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, डिंडौरी, सतना, मऊगंज, मैहर, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    पहली बार खुलेंगे बरगी बांध के 9 गेट
    मंडला, डिंडौरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते इस साल पहली बार बरगी बांध के गेट खोले जाएंगे। मंगलवार 18 अगस्त को सुबह 11 बजे बांध के 9 गेट 0.78 मीटर की औसत ऊंचाई तक खोले जाएंगे। इससे 1,031 क्यूमेक पानी छोड़ा जाएगा। 17 अगस्त की रात 8 बजे बांध का जलस्तर 420.80 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि बांध में पानी की आवक 1,620 क्यूमेक बनी हुई थी।

    40 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ में सामान्य से 4% से 58% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 1% से 49% तक कम बारिश हुई है।

    15 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
    IMD के अनुसार, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    कई मौसम प्रणालियां सक्रिय
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके अलावा ऊपरी हिस्से में दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं और दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग ने 17 से 21 अगस्त के दौरान प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है।

  • मौसम 17 अगस्त 2026: MP में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम 17 अगस्त 2026: MP में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    मध्य प्रदेश 17 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश में मानसून का असर एक बार फिर तेज दिखाई दे सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम अधिक सक्रिय रहने के संकेत हैं जहां 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए 17 अगस्त को Very Heavy Rain का अलर्ट जारी किया है। इसके बाद भी 18 और 19 अगस्त को भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

    मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में भी बारिश से राहत मिलने के संकेत हैं। IMD के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15 से 17 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं पूरे मध्य प्रदेश में 15 से 21 अगस्त के दौरान कई क्षेत्रों में व्यापक बारिश का दौर बने रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में 17 अगस्त को बारिश का असर केवल एक-दो जिलों तक सीमित रहने के बजाय राज्य के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे सकता है।

    राजधानी भोपाल की बात करें तो 17 अगस्त को आसमान में बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। स्थानीय पूर्वानुमान में सोमवार को बादल और बीच-बीच में बारिश की स्थिति बताई गई है। तापमान में भी बहुत ज्यादा बढ़ोतरी के संकेत नहीं हैं। ऐसे में राजधानी में मौसम सुहावना रहने के साथ कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है।

    इंदौर में भी 17 अगस्त को मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। IMD के शहर आधारित पूर्वानुमान के अनुसार इंदौर में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और बारिश या गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी। अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। ऐसे में शहरवासियों को दिन के दौरान अचानक बारिश के लिए तैयार रहना होगा।

    पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम का असर ज्यादा गंभीर हो सकता है। IMD के चेतावनी बुलेटिन में 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति का संकेत दिया गया है। बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित होने की संभावना रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने तथा नदी नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी पर भी नजर रखना जरूरी होगा। ऐसे मौसम में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की सलाह दी जाती है।

    देश के स्तर पर भी 17 अगस्त को मानसून काफी सक्रिय रहने का अनुमान है। IMD के अनुसार 15 से 21 अगस्त के बीच कई राज्यों में व्यापक बारिश की स्थिति बन सकती है। पूर्वी और मध्य भारत के अलावा देश के कुछ अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसका असर सड़क और रेल यातायात के साथ स्थानीय जनजीवन पर पड़ सकता है।

    कुल मिलाकर 17 अगस्त को मध्य प्रदेश में मौसम राहत और चुनौती दोनों लेकर आ सकता है। भोपाल और इंदौर में बादल और बारिश की संभावना है जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। तेज बारिश के दौरान बिजली चमकने और हवाओं की स्थिति को देखते हुए खुले मैदानों में जाने से बचना और पेड़ों के नीचे खड़े न होना बेहतर रहेगा। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है इसलिए स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी होगा।

  • MP के पूर्वी हिस्से में आज तेज बारिश के आसार, जबलपुर-रीवा, शहडोल-सागर संभाग में अलर्ट

    MP के पूर्वी हिस्से में आज तेज बारिश के आसार, जबलपुर-रीवा, शहडोल-सागर संभाग में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, सागर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या इससे ज्यादा बारिश हो सकती है।

    वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मैहर, उमरिया, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

    बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम, MP में बढ़ी बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में 12 अगस्त की सुबह लो प्रेशर एरिया यानी निम्न दबाव क्षेत्र बना था। यह 13 अगस्त की सुबह डिप्रेशन में बदल गया। फिलहाल यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ रहा है।

    इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ सक्रिय रहेगी। इससे मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासकर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

    MP में अब तक 20.7 इंच बारिश
    मौसम केंद्र के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 524.8 मिमी यानी 20.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह सामान्य बारिश 23.5 इंच यानी 597 मिमी से 2.8 इंच कम है। इस तरह प्रदेश में अब तक कुल मिलाकर 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 20% और पश्चिमी हिस्से में 5% कम बारिश दर्ज की गई है।

    पूर्वी MP के कई जिलों में 53% तक कम बारिश
    जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 5% से 53% तक कम पानी गिरा है।

    वहीं पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 3% से 47% तक कम बारिश हुई है।

    इन 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 12 जिलों में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन शामिल हैं।

  • एमपी में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम का असर लगातार देखने को मिल रहा है। मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से पिछले दो दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई। राजधानी भोपाल में 24 घंटे के दौरान करीब 7 इंच वर्षा दर्ज की गई, जिससे कई कॉलोनियों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। नदियों और नालों के उफान पर आने से कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा।

    भारी बारिश का असर सीहोर, शाजापुर, विदिशा, मंडला और राजगढ़ जिलों में भी देखने को मिला। राजगढ़ के ब्यावरा क्षेत्र में रेलवे अंडरपास में पानी भरने से करीब 25 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ। विदिशा में बाढ़ के पानी में फंसे 17 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहीं राजगढ़ में नाले में एक ईको वैन बह जाने से तीन बच्चों और दो महिलाओं सहित नौ लोगों की मौत हो गई।

    सीहोर जिले में भीलाखेड़ी नदी के पास एक मकान में एक ही परिवार के 10 लोग पानी से घिर गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस और ग्रामीणों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    आज इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
    मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार के लिए नीमच, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना है।

    नदियां उफान पर, कई पुल डूबे
    रायसेन जिले में लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। सांची रोड स्थित पगनेश्वर क्षेत्र और भोपाल रोड पर जाखा बेतवा नदी के छोटे पुल पानी में डूब गए। कई इलाकों में पानी खेतों तक पहुंच गया। मंगलवार सुबह तक जिले में रुक-रुककर बारिश जारी रही।

    बारिश की स्थिति को देखते हुए भोपाल और आगर-मालवा जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।

  • दिल्ली में बारिश से बढ़ा यमुना का जलस्तर, असम में बाढ़ से 98 मौतें, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

    दिल्ली में बारिश से बढ़ा यमुना का जलस्तर, असम में बाढ़ से 98 मौतें, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है। रविवार को दिल्ली समेत उत्तर भारत, मध्य भारत और दक्षिणी राज्यों के कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। राजधानी में पिछले आठ दिनों से बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते यमुना नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। वहीं, असम में बाढ़ के कारण अब तक 98 लोगों की मौत हो चुकी है। हिमाचल प्रदेश और केरल में भी बारिश से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

    कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी ओडिशा के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह सिस्टम 8 अगस्त को विकसित हुआ और अब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

    रविवार को छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा असम, मेघालय, बिहार, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, केरल, तटीय कर्नाटक, लक्षद्वीप, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी बारिश हो सकती है।

    दिल्ली में हल्की बारिश, यमुना का जलस्तर बढ़ा
    राजधानी दिल्ली में लगातार बारिश के चलते यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को दिल्ली में हल्की बारिश का अनुमान है। हरियाणा और पंजाब में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। लगातार हो रही बारिश के कारण राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है।

    ओडिशा-छत्तीसगढ़ में ऑरेंज अलर्ट
    IMD के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा के आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण ओडिशा में भारी बारिश की संभावना है। इसे देखते हुए ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    हिमालयी राज्यों में भी अगले दिनों बारिश
    जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के हिमालयी इलाकों में अगले छह से सात दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। दक्षिण भारत में भी मानसून सक्रिय रहेगा। रविवार को तटीय कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और माहे में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में पूर्वी, मध्य, उत्तरी और दक्षिणी भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है।