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  • MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बूंदाबांदी की संभावना

    MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बूंदाबांदी की संभावना


    भोपाल। मध्य प्रदेश के ऊपर से मानसून ट्रफ गुजर रही है, जिसके चलते रविवार को प्रदेश के तीन जिलों दतिया, रीवा और सीधी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत अन्य जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।

    मौसम केंद्र के अनुसार, 8 अगस्त से पश्चिमी बंगाल और आसपास के राज्यों में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से लो प्रेशर एरिया बन गया है। इसके आने वाले दिनों में और मजबूत होने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

    शनिवार को नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा बारिश
    शनिवार को भी प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हुई। नरसिंहपुर में 3 इंच, श्योपुर में 2.8 इंच और रीवा में 2.2 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा शिवपुरी, सीधी, नर्मदापुरम, बालाघाट, छतरपुर, सागर, गुना, रायसेन, मंडला, ग्वालियर, दतिया, टीकमगढ़, उमरिया, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सतना और शाजापुर समेत कई जिलों में बारिश हुई।

    शिवपुरी में उफान पर नदी-नाले, कई गांवों में घुसा पानी
    शिवपुरी जिले में शुक्रवार रात हुई तेज बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए। पिछोर क्षेत्र में रात 1 से 3 बजे के बीच हुई भारी बारिश से महुअर नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसके चलते खोड़-पिछोर मार्ग बंद हो गया और गुरुकुदवाया समेत कई गांवों में पानी घुस गया। खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

    रविवार को इन जिलों में हल्की बारिश के आसार
    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की बारिश की संभावना है। इनके अलावा दतिया, रीवा और सीधी में ही रविवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    MP में अब तक 20% कम बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 17.2 इंच बारिश हुई है, जबकि औसत बारिश 21.5 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक 4.3 इंच यानी 20% कम बारिश दर्ज की गई है। क्षेत्रवार आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 23% और पश्चिमी हिस्से में 18% कम बारिश हुई है।

    50 जिलों में बारिश का आंकड़ा औसत से नीचे
    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कई जिलों में 5% से 49% तक कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया शामिल हैं।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, दतिया, धार, गुना, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, बड़वानी और विदिशा में भी औसत से कम बारिश हुई है।

    सिर्फ 5 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी मध्य प्रदेश के ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में ही अब तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

  • MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर समेत 52 जिलों में बूंदाबांदी के आसार

    MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर समेत 52 जिलों में बूंदाबांदी के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की बेरुखी के बीच शनिवार को पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन तीनों जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के 52 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने का अनुमान है।

    IMD के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 16.8 इंच (426.6 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 21 इंच (533.6 मिमी) पानी गिरना चाहिए था। इस तरह प्रदेश में 4.2 इंच यानी 20% बारिश कम हुई है। सीजन में अब तक हुई बारिश सामान्य कोटे की आधी भी नहीं है। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है।

    दतिया में 24 घंटे में 3.5 इंच बारिश
    शुक्रवार को दतिया में बारिश ने जोरदार दस्तक दी। यहां सुबह महज 4 घंटे में करीब 1.57 इंच (40 मिमी) बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि 24 घंटे में कुल 3.5 इंच पानी बरसा। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिसके बाद स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी।

    भांडेर और सेवढ़ा ब्लॉक में कक्षा 8वीं से ऊपर के स्कूलों को लेकर फैसला स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर संस्था प्रमुखों पर छोड़ दिया गया है। रायसेन में भी शुक्रवार सुबह करीब 15 मिनट तेज बारिश हुई। इसके बाद रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा, जिससे कई सड़कों पर पानी भर गया।

    सीधी में सोन नदी के पुल पर पानी, 40 गांवों का संपर्क प्रभावित
    सीधी जिले के भंवरसेन घाट पर शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद सोन नदी के पुल पर पानी भर गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुल को बंद कर दिया गया, जिससे करीब 40 गांवों का मुख्यालय से संपर्क कट गया।

    भंवरसेन पहाड़ी से मिट्टी और पत्थर भी खिसककर सड़क पर आ रहे हैं। इससे मार्ग पर हादसे का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा खरगोन, सतना, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा और रायसेन समेत कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

    पूर्वी MP में 23% कम बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में अब तक 23% कम बारिश हुई है। इन संभागों का कोई भी जिला औसत से आगे नहीं है।

    अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 5% से 48% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से में भी बारिश का आंकड़ा माइनस में
    भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग वाले पश्चिमी हिस्से में भी औसत से 17% कम बारिश हुई है। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, दतिया, धार, गुना, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, बड़वानी और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन 6 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिस्से के सिर्फ ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, खंडवा और खरगोन में अब तक औसत से ज्यादा बारिश हुई है। बाकी अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।

  • MP में मानसून पड़ा सुस्‍त, औसत से 18% कम बरसा पानी, 43 जिले पिछड़े, आज 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    MP में मानसून पड़ा सुस्‍त, औसत से 18% कम बरसा पानी, 43 जिले पिछड़े, आज 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से बारिश का आंकड़ा लगातार गिर रहा है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है और 55 में से 43 जिले औसत से पीछे चल रहे हैं। पिछले पांच दिनों से कहीं भी भारी बारिश रिकॉर्ड नहीं हुई है। हालांकि मौसम विभाग ने नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। बुधवार को पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पिछले तीन-चार दिनों से प्रदेश के ऊपर मौसम संबंधी सिस्टम सक्रिय तो रहे, लेकिन पर्याप्त मजबूत नहीं होने के कारण व्यापक और तेज बारिश नहीं हो सकी। इसके चलते बारिश का कुल आंकड़ा लगातार घटता गया। फिलहाल प्रदेश के उत्तरी हिस्से में दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग के कुछ क्षेत्रों में बारिश हुई है।

    मौसम वैज्ञानिक शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, जिसका असर अगले कुछ दिनों में प्रदेशभर में दिखाई देगा। इसके प्रभाव से कई इलाकों में तेज बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

    इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
    बुधवार को दतिया, भिंड, छतरपुर, पन्ना और सतना में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।

    कोटे से 3.5 इंच कम बारिश
    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक औसतन 407.2 मिमी (16 इंच) बारिश हुई है, जबकि इस समय तक 495.2 मिमी (19.5 इंच) बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 3.5 इंच (18 प्रतिशत) बारिश की कमी दर्ज की गई है।

    पूर्वी हिस्से की स्थिति सबसे खराब
    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में औसतन 22 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इन संभागों का कोई भी जिला सामान्य बारिश के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया है। अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 1 से 42 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में औसतन 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। भोपाल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिले अभी भी औसत से पीछे हैं। अब तक बड़वानी, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, खंडवा और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

  • MP में 4-5 अगस्त से फिर शुरू होगा भारी बारिश का दौर, दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय

    MP में 4-5 अगस्त से फिर शुरू होगा भारी बारिश का दौर, दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले दो दिन हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा, लेकिन 4 और 5 अगस्त से एक बार फिर कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से मौसम बदला हुआ है। हालांकि अगले 48 घंटों तक कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, राजस्थान के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया और प्रदेश से गुजर रही मानसून ट्रफ का असर बना हुआ है। इसके चलते भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित अधिकांश जिलों में रविवार और सोमवार को रुक-रुक कर हल्की बारिश हो सकती है। शनिवार को भी खरगोन, रतलाम, भोपाल समेत कई इलाकों में बूंदाबांदी दर्ज की गई।

    4 और 5 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
    मौसम विभाग ने 4 अगस्त को छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं 5 अगस्त को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।

    43 जिलों में अब भी बारिश सामान्य से कम
    प्रदेश के 43 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, हरदा, झाबुआ, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं।

    इन जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
    अब तक भोपाल, बड़वानी, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, खंडवा, खरगोन, सीहोर, शहडोल और उमरिया समेत 12 जिलों में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगस्त के पहले सप्ताह में सक्रिय होने वाले नए सिस्टम से प्रदेश में बारिश का आंकड़ा और बेहतर हो सकता है।

  • एमपी में 3 मानसूनी सिस्टम का असर, इंदौर-उज्जैन संभाग में 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनी, आज 12 जिलों में अलर्ट

    एमपी में 3 मानसूनी सिस्टम का असर, इंदौर-उज्जैन संभाग में 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनी, आज 12 जिलों में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में तीन मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने से मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के पश्चिमी हिस्से, खासकर मालवा-निमाड़ क्षेत्र में अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को 12 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई शहरों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    इन जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट
    मौसम केंद्र के अनुसार, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और धार में अति भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं नीमच, आगर-मालवा, उज्जैन, देवास, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और छिंदवाड़ा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, खंडवा, मंदसौर, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है।

    कई जिलों में गुरुवार को भी झमाझम बारिश
    गुरुवार को भोपाल, उज्जैन, रतलाम, हरदा और खरगोन सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही वर्षा के चलते सारणी स्थित सतपुड़ा बांध के सात गेट इस मानसून सीजन में पहली बार खोले गए।

    अब भी सामान्य से 15% कम बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 14.7 इंच (373.3 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 17.2 इंच (438.3 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी करीब 15 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है।

    राज्य के 47 जिलों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां औसत से अधिक वर्षा हो चुकी है। इनमें देवास सबसे आगे है, जहां अब तक 29 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 3 मजबूत सिस्टम एक्टिव, 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 3 मजबूत सिस्टम एक्टिव, 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून फिर से पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन जैसे तीन मजबूत मौसम सिस्टम सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से अगले चार दिनों तक विशेष रूप से मालवा-निमाड़ क्षेत्र सहित कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए उज्जैन और सागर संभाग समेत 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

    5 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
    आईएमडी भोपाल के अनुसार धार, देवास, बुरहानपुर, हरदा और नर्मदापुरम जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां अति भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, रायसेन, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है।

    2 अगस्त तक बना रहेगा असर
    मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान मानसूनी सिस्टम 2 अगस्त तक सक्रिय रहेंगे। इस दौरान कई जिलों में लगातार तेज बारिश और कुछ स्थानों पर अति भारी वर्षा हो सकती है। बुधवार को रतलाम, बालाघाट, पचमढ़ी और भोपाल समेत कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    अब भी सामान्य से 16% कम बारिश
    बारिश का दौर तेज होने के बावजूद प्रदेश में अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 14.1 इंच (359.3 मिमी) बारिश हुई है, जबकि इस समय तक 16.9 इंच (428.9 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में फिलहाल करीब 16 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, अगले कुछ दिनों तक जारी रहने वाले तेज बारिश के दौर से इस कमी में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • मध्य प्रदेश में बारिश को लेकर बड़ा अलर्ट अगले 24 घंटे में 8 जिलों में हो सकती है मूसलाधार बारिश कई इलाकों में बढ़ेगा जलभराव का खतरा

    मध्य प्रदेश में बारिश को लेकर बड़ा अलर्ट अगले 24 घंटे में 8 जिलों में हो सकती है मूसलाधार बारिश कई इलाकों में बढ़ेगा जलभराव का खतरा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले तीन दिन प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी बारिश लेकर आ सकते हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को आठ जिलों में हैवी रेन का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले चौबीस घंटे के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। राजधानी भोपाल में सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया जिससे मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

    मौसम विभाग के अनुसार सतना कटनी उमरिया मंडला डिंडौरी सिवनी रायसेन और बैतूल में भारी बारिश की आशंका है। इन इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को नदी नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा भोपाल सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर झाबुआ अलीराजपुर धार बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन उज्जैन नीमच मंदसौर रतलाम आगर मालवा शाजापुर देवास नर्मदापुरम हरदा ग्वालियर श्योपुर मुरैना भिंड दतिया शिवपुरी गुना अशोकनगर जबलपुर नरसिंहपुर छिंदवाड़ा पांढुर्णा बालाघाट रीवा सीधी सिंगरौली मऊगंज मैहर शहडोल अनूपपुर सागर पन्ना दमोह छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा हो सकती है।

    प्रदेश में अब तक मानसून की स्थिति सामान्य से कमजोर बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 336 दशमलव 7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जबकि इस समय तक लगभग 407 मिलीमीटर वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की कमी लगभग 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 15 प्रतिशत दर्ज की गई है।

    बारिश की कमी का असर प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिखाई दे रहा है। अनूपपुर बालाघाट छतरपुर छिंदवाड़ा दमोह डिंडौरी जबलपुर कटनी मैहर मंडला मऊगंज नरसिंहपुर निवाड़ी पांढुर्णा पन्ना रीवा सागर सतना सिवनी शहडोल सीधी सिंगरौली टीकमगढ़ उमरिया आगर मालवा अलीराजपुर अशोकनगर बड़वानी बैतूल दतिया धार गुना ग्वालियर हरदा झाबुआ खंडवा खरगोन मुरैना नर्मदापुरम नीमच रायसेन रतलाम शाजापुर श्योपुर शिवपुरी उज्जैन और विदिशा सहित कुल 48 जिलों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। दूसरी ओर भोपाल भिंड बुरहानपुर देवास इंदौर मंदसौर राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इनमें देवास सबसे आगे है जहां सामान्य से लगभग 29 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अब पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट के करीब पहुंच चुका है। यह सिस्टम झारखंड और छत्तीसगढ़ से होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। इसके साथ मानसून ट्रफ भी सक्रिय बनी हुई है जिससे 28 जुलाई से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने नदी नालों के पास न जाने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम के कारण आने वाले दिनों में प्रदेश के जलाशयों का जलस्तर बढ़ने और खेती के लिए भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • एमपी के 8 जिलों में आज हैवी रेन अलर्ट, प्रदेश में अब भी 17% कम पानी बरसा

    एमपी के 8 जिलों में आज हैवी रेन अलर्ट, प्रदेश में अब भी 17% कम पानी बरसा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम और मानसून ट्रफ के असर से बारिश का सिलसिला जारी है। सोमवार को कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि मंगलवार के लिए मौसम विभाग ने आठ जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    राजधानी भोपाल में सुबह से रिमझिम बारिश का दौर जारी है। जिन जिलों में हैवी रेन की चेतावनी दी गई है, उनमें सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल शामिल हैं।

    इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने के आसार हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच (336.7 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक 16 इंच (407 मिमी) वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी करीब 17 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है। वहीं भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें देवास में सबसे अधिक 29 प्रतिशत अतिरिक्त वर्षा हुई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब अब पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के करीब पहुंच चुका है। यह सिस्टम झारखंड और छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से 28 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।

  • एमपी में शहडोल-अनूपपुर समेत 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में हल्की बूंदाबांदी की संभावना

    एमपी में शहडोल-अनूपपुर समेत 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में हल्की बूंदाबांदी की संभावना


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटे के लिए शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 4 इंच या उससे अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। वहीं, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर समेत करीब 50 जिलों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले चार दिनों तक कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। फिलहाल प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ, शियर जोन और पूर्वी व पश्चिमी हिस्सों में सक्रिय दो निम्न दबाव क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहे हैं। हालांकि शनिवार को अधिकांश क्षेत्रों में केवल हल्की बूंदाबांदी ही दर्ज की गई।

    पांच दिनों में सुधरे बारिश के आंकड़े
    बीते पांच दिनों की बारिश से प्रदेश में वर्षा की कमी में सुधार आया है। 20 जुलाई तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इसके बाद यह अंतर घटकर 21 जुलाई को 14 प्रतिशत, 22 जुलाई को 11 प्रतिशत, 23 जुलाई को 10 प्रतिशत और 24-25 जुलाई को 11 प्रतिशत रह गया। अब तक प्रदेश में औसतन 330.4 मिमी (करीब 13 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 370.9 मिमी (14.6 इंच) वर्षा होनी चाहिए थी। वर्तमान में पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन जिलों में बारिश की संभावना
    अगले 24 घंटे के दौरान भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने के आसार हैं।

    जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, जून में मानसून कमजोर रहने से बारिश का आंकड़ा कम रहा। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन इसके बाद लगातार कई दिनों तक भारी बारिश नहीं होने के कारण वर्षा का ग्राफ फिर सामान्य से नीचे आ गया।

    आमतौर पर जुलाई महीने में प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा दर्ज होता है। मध्य प्रदेश की सामान्य वार्षिक वर्षा 37.3 इंच है, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच के बीच रहती है। इनमें जबलपुर ऐसा प्रमुख शहर है, जहां जुलाई में औसतन 17 इंच से अधिक बारिश दर्ज की जाती है।

  • बरसात का नया दौर शुरू भोपाल इंदौर सहित 35 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी मानसून ने पकड़ी रफ्तार

    बरसात का नया दौर शुरू भोपाल इंदौर सहित 35 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी मानसून ने पकड़ी रफ्तार


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार शनिवार को भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में बारिश का यही सिलसिला जारी रहेगा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम मजबूत बना हुआ है, जिससे कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है और मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। इसके चलते हवा में नमी का स्तर 80 से 95 प्रतिशत तक बना हुआ है, जिससे लगातार बारिश की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा समेत 35 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं रीवा, सतना, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, शहडोल और आसपास के जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

    लगातार चार दिनों से हो रही बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई देने लगा है। 20 जुलाई तक जहां प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं अब यह कमी घटकर 11 प्रतिशत रह गई है। प्रदेश में अब तक औसतन 330.4 मिमी यानी करीब 13 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो पूरे मानसून के निर्धारित कोटे का लगभग 35 प्रतिशत है।

    बारिश के मामले में देवास जिला सबसे आगे है, जहां अब तक करीब 19.6 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड और मंदसौर सहित 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों में उफान और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। मैहर में तेज बारिश के दौरान एक पांच वर्षीय बच्चा पानी के तेज बहाव में बहने लगा, जिसे स्थानीय लोगों ने समय रहते सुरक्षित बचा लिया। ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।