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  • MP में आज 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, टीकमगढ़-दमोह समेत 5 जिलों में अति भारी बारिश के आसार

    MP में आज 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, टीकमगढ़-दमोह समेत 5 जिलों में अति भारी बारिश के आसार


    भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। मंगलवार को प्रदेश के करीब आधे हिस्से में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक टीकमगढ़, दमोह, नरसिंहपुर, बैतूल और राजगढ़ में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में ढाई इंच से ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

    इसके अलावा गुना, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, कटनी, शहडोल, छतरपुर, पन्ना, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    30 जिलों में भी बारिश का दौर
    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, डिंडौरी, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    भोपाल में तेज बारिश, विदिशा के बाजार में भरा पानी
    सोमवार को भोपाल समेत कई जिलों में जोरदार बारिश हुई। भोपाल के कई इलाकों में तेज बारिश के चलते यातायात प्रभावित हुआ। वहीं विदिशा के बाजार में पानी भरने से दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रायसेन और शाजापुर में भी बारिश का असर देखने को मिला।

    पिछले 24 घंटे में नर्मदापुरम में औसतन 3.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा शिवपुरी के करैरा में 5.4 इंच, निवाड़ी के ओरछा में 3.3 इंच, सागर के रहली में 3 इंच, भोपाल के कोलार में 3.2 इंच, नवीबाग में 3.1 इंच और भोपाल शहर में करीब 3 इंच बारिश हुई।

    लो प्रेशर और ट्रफ से बदला मौसम
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में लो प्रेशर एरिया और ट्रफ सक्रिय हैं। इन मौसमी सिस्टम की वजह से कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। अगले तीन दिनों तक भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    40 जिलों में सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश दर्ज की गई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिलों में सामान्य से 6% से 51% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी मध्यप्रदेश के भी कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, खंडवा, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 49% तक कम पानी गिरा है।

    15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    IMD के अनुसार अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन और राजगढ़ में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP में भारी बारिश का अलर्ट, डिंडौरी-बालाघाट में 8 इंच तक गिर सकता है पानी, 3 दिन एक्टिव रहेगा स्ट्रॉन्ग सिस्टम

    MP में भारी बारिश का अलर्ट, डिंडौरी-बालाघाट में 8 इंच तक गिर सकता है पानी, 3 दिन एक्टिव रहेगा स्ट्रॉन्ग सिस्टम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया से बने स्ट्रॉन्ग सिस्टम का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। डिंडौरी और बालाघाट में 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। दोनों जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सिवनी, जबलपुर, मंडला, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी और छतरपुर में भारी बारिश हो सकती है।

    वहीं भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सतना, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    भोपाल में तेज बारिश, लटेरी में बाजार में भरा पानी

    इससे पहले रविवार रात भोपाल में तेज बारिश हुई। वहीं विदिशा जिले के लटेरी में करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। इससे मेन बाजार की सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    27 अगस्त तक बारिश के आसार

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बना रहेगा। 27 अगस्त तक प्रदेश में भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहने के आसार हैं। पूर्वी हिस्से के साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश हो सकती है।

    प्रदेश में अब तक 24.8 इंच बारिश

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 1 जून से अब तक 629.8 मिमी यानी 24.8 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 707.3 मिमी यानी 27.8 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में सामान्य से करीब 3 इंच यानी 11% कम बारिश हुई है।

    पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 8% और पश्चिमी हिस्से में 14% कम बारिश दर्ज की गई है।

    39 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिलों में सामान्य से 6% से 50% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 1% से 48% तक कम बारिश हुई है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    प्रदेश के 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है। इनमें अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ शामिल हैं।

  • देश के कई हिस्सों में आफत बन सकती है बारिश, 22 अगस्त को भारी वर्षा और तेज हवाओं का अलर्ट, जानें आपके शहर का मौसम

    देश के कई हिस्सों में आफत बन सकती है बारिश, 22 अगस्त को भारी वर्षा और तेज हवाओं का अलर्ट, जानें आपके शहर का मौसम


    भोपाल । 22 अगस्त 2026 को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के मुताबिक मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है और कुछ इलाकों में भारी वर्षा के साथ गरज चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। मौसम में बदलाव का असर सामान्य जनजीवन के साथ यातायात और स्थानीय गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को अपने क्षेत्र के मौसम अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

    मध्य प्रदेश की बात करें तो 22 अगस्त की सुबह से 23 अगस्त की सुबह तक कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। रायसेन नर्मदापुरम दतिया भिंड सिंगरौली सीधी छिंदवाड़ा सिवनी बालाघाट पन्ना दमोह सागर छतरपुर टीकमगढ़ निवाड़ी और पांढुर्णा में भारी बारिश के साथ गरज चमक और करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना बताई गई है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी गरज चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

    भोपाल में भी 22 अगस्त को मौसम सुहावना रहने के साथ बादल छाए रहने की संभावना है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल में शनिवार को न्यूनतम तापमान करीब 20.3 डिग्री और अधिकतम तापमान करीब 26.4 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। अगले कुछ दिनों में भी शहर में बादल और कहीं कहीं बारिश की स्थिति बनी रहने का अनुमान है। ऐसे में सुबह और शाम के समय मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।

    देश के दूसरे हिस्सों में भी 22 अगस्त को मौसम पूरी तरह सामान्य रहने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार दिल्ली उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश जम्मू कश्मीर पश्चिम बंगाल पंजाब राजस्थान मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं की रफ्तार 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है जबकि निचले इलाकों में जलभराव की परेशानी सामने आ सकती है।

    लगातार बारिश वाले इलाकों में नदी नालों और छोटे जलस्रोतों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बारिश के दौरान बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले मैदान पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना जरूरी है। वाहन चालकों को भी तेज बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखने और जलभराव वाली सड़कों से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    मौसम के इस बदले मिजाज का असर किसानों पर भी पड़ सकता है। जहां बारिश फसलों के लिए राहत लेकर आ सकती है वहीं अत्यधिक वर्षा से खेतों में जलभराव और फसल को नुकसान की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम विभाग की सलाह के अनुसार कृषि कार्य करने की जरूरत है।

    कुल मिलाकर 22 अगस्त को मानसून कई क्षेत्रों में सक्रिय रहने वाला है। मध्य प्रदेश में कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है जबकि भोपाल समेत कई इलाकों में बादल और बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम को देखते हुए लोगों के लिए जरूरी है कि घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखें और भारी बारिश या आंधी की स्थिति में प्रशासन की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करें।

  • MP में बारिश का जोर, 16 जिलों में अलर्ट, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

    MP में बारिश का जोर, 16 जिलों में अलर्ट, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय होने से पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर जारी है। मानसून ट्रफ, चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया के असर से पिछले दो दिनों से कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। शनिवार को भी 16 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा और अशोकनगर में भारी बारिश की चेतावनी है।

    24 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, प्रदेश में इस समय तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से पूर्वी हिस्से के साथ उत्तर और मध्य मध्यप्रदेश में भी बारिश हो रही है। अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर बना रहने की संभावना है।

    उन्होंने बताया कि 24 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्यप्रदेश की ओर बढ़ सकती हैं।

    रीवा में सड़कों पर पानी, नदियों का बढ़ा जलस्तर

    विंध्य क्षेत्र में लगातार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। शुक्रवार शाम से शुरू हुआ बारिश का दौर देर रात तक चलता रहा। रीवा शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। कई सड़कें जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित हुआ है।

    लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। मऊगंज, सतना और चित्रकूट में नदियां उफान पर हैं।

    नागौद में एक दिन में 6.4 इंच बारिश

    सतना जिले के नागौद में पिछले 24 घंटे में 6.4 इंच बारिश दर्ज की गई। यह इस मानसून सीजन में जिले में एक दिन में हुई सबसे ज्यादा बारिश है।

    सतना में 1 जून से 21 अगस्त तक औसतन 32.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से करीब 5 इंच अधिक है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    नर्मदा-मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर

    पूर्वी मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। नर्मदा और मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। पन्ना में केन, मिढ़ासन, व्यारमा और पतने नदी में भी उफान है। तेंदुघाट बांध के पांच गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है।

    उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के दो गेट एक-एक मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

    स्कूल बंद, कई गांवों का संपर्क टूटा

    बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मैहर और डिंडौरी में शुक्रवार को स्कूल बंद रहे थे। डिंडौरी में आंगनवाड़ियों को भी बंद रखा गया। पन्ना में लगातार बारिश के चलते शुक्रवार और शनिवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया।

    सीधी के रामपुर नैकिन में भवरसेन पहाड़ की मिट्टी और पत्थर सड़क पर आ जाने से यातायात बाधित हुआ। इससे करीब 30 गांवों का मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है।

    मैहर में 7 फीट पानी में फंसा ट्रक, पुलिस ने बचाया

    मैहर में गुरुवार देर रात मर्जुआ नाला पार करते समय एक ट्रक करीब 7 फीट गहरे पानी में फंस गया। सूचना मिलने पर मुकुंदपुर चौकी प्रभारी नागेश्वर मिश्रा मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से रस्से के जरिए ट्रक ड्राइवर राकेश साहू और क्लीनर इंद्रकमल द्विवेदी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    सतना में सेमरावल नदी का पानी पुल के ऊपर आने से सेमरिया रोड बंद है। वहीं कोठी क्षेत्र के पवैया विद्युत सब स्टेशन में बारिश का पानी भर गया। कोटर तहसील के अबेर गांव में अलहा तालाब की मेड़ टूटने से पानी बस्ती में घुस गया।

    MP में अब तक 24 इंच बारिश, फिर भी 11% कमी

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में 1 जून से अब तक 609.2 मिमी यानी करीब 24 इंच बारिश हो चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश 685.3 मिमी यानी करीब 27 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक करीब 3 इंच बारिश कम हुई है और ओवरऑल 11% बारिश की कमी है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 10% और पश्चिमी हिस्से में 12% कम बारिश हुई है।

    39 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 19% तक कम बारिश दर्ज की गई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में 5% से 60% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी मध्यप्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 37% तक कम बारिश हुई है।

    इन 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    अनूपपुर, डिंडौरी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • बारिश से फिर भीगेगा मध्य प्रदेश 20 अगस्त को इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भोपाल समेत कई जिलों में बढ़ी मौसम की हलचल

    बारिश से फिर भीगेगा मध्य प्रदेश 20 अगस्त को इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भोपाल समेत कई जिलों में बढ़ी मौसम की हलचल


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है और 20 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है जबकि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां धीरे धीरे मध्य और पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

    20 अगस्त को टीकमगढ़ और सागर समेत कुछ इलाकों में भारी से बेहद भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 21 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर बना रहेगा। ग्वालियर दतिया और शिवपुरी सहित कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना बताई गई है। इस दौरान गरज चमक और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है।

    राजधानी भोपाल की बात करें तो 20 अगस्त को मौसम मुख्य रूप से बादलों से घिरा रहने और बारिश के आसार बने रहने की संभावना है। मौसम पूर्वानुमान में दिन का तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अगले कुछ दिनों में भी भोपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना दिखाई दे रही है।

    प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में नदी नालों और जलाशयों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने और खेतों में पानी जमा होने जैसी स्थिति भी सामने आ सकती है।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश की गतिविधि के पीछे सक्रिय मानसूनी सिस्टम का प्रभाव अहम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का जोर रहने के बाद यह गतिविधि मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकती है। ऐसे में इंदौर उज्जैन भोपाल सागर जबलपुर रीवा और ग्वालियर चंबल संभाग के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि किसी एक शहर में बारिश की तीव्रता अलग अलग हो सकती है इसलिए स्थानीय मौसम चेतावनी पर ध्यान देना जरूरी है।

    बारिश के साथ बिजली गिरने और गरज चमक का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे मौसम में खुले मैदान खेत या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सड़क पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचना बेहतर होगा क्योंकि कई बार कम समय में हुई तेज बारिश से पानी तेजी से बढ़ सकता है।

    कुल मिलाकर 20 अगस्त को मध्य प्रदेश में मौसम सक्रिय रहने वाला है। कई जिलों में बारिश का दौर तेज हो सकता है जबकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखनी चाहिए। आने वाले दिनों में भी प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहने के संकेत हैं।

  • MP में फिर एक्टिव हुआ मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम, 5 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी

    MP में फिर एक्टिव हुआ मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम, 5 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। ट्रफ और डिप्रेशन के असर से पूर्वी हिस्से में बारिश का जोर है। मौसम विभाग ने सागर संभाग के टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर और दमोह में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में 8 इंच तक पानी गिर सकता है। दतिया, भिंड, निवाड़ी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, मैहर और सतना में भारी बारिश की चेतावनी है। भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    मौसम विभाग के अनुसार, 18 से 24 अगस्त के बीच प्रदेश में बारिश का मिजाज बदलता रहेगा। 19 अगस्त को विंध्य और महाकौशल में भारी से अति भारी बारिश हुई। अब 20 से 24 अगस्त के दौरान बारिश का असर धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने के संकेत हैं।

    चित्रकूट में गुप्त गोदावरी उफनी, गुफाएं बंद

    बुधवार को पूर्वी मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश से कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने। सतना के तराई क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बाद चित्रकूट की गुप्त गोदावरी में पानी बढ़ गया। पहाड़ी का पानी गुफाओं के ऊपर से बहने लगा। सुरक्षा को देखते हुए चित्रकूट नगर परिषद ने दोनों गुफाएं बंद कर पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी।

    सतना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के भुमकहर गांव में 55 वर्षीय चरवाहा नाले में बह गया। सूचना मिलने के बाद SDERF की टीम मौके पर पहुंची और उसकी तलाश शुरू की।

    डिंडौरी में नदी-नाले उफने, 12 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूटा

    डिंडौरी में बुधवार सुबह से तेज बारिश जारी है। नदी-नाले उफान पर हैं और 12 से ज्यादा गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। पन्ना के बृजपुर क्षेत्र के कई गांवों में पानी भर गया। सिमरिया के बोदा गांव में भी जलभराव हुआ। घरों में रखा खाद्य सामग्री भी बारिश के पानी से भीग गई।

    उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के तीन गेट 4 मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

    MP में अब तक 23 इंच बारिश, फिर भी 12% कम

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में 1 जून से अब तक 583.4 मिमी यानी करीब 23 इंच बारिश हो चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश 663.7 मिमी यानी 26.1 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक करीब 3.1 इंच यानी 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 14% और पश्चिमी हिस्से में 10% कम बारिश दर्ज की गई है।

    39 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 19% तक कम बारिश हुई है। 18 जिलों में बारिश 4% से 58% तक कम है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के 21 जिलों में भी सामान्य से 5% से 39% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    इसके विपरीत अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है।

    जून में कमी, जुलाई में कोटा पूरा; अगस्त में फिर तेज हुआ मानसून

    मौसम विभाग के अनुसार, जून में प्रदेश में सामान्य से 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश हुई, लेकिन इसके बाद मानसून दो बार कमजोर पड़ा और कई दिनों तक बारिश थमी रही।

    अगस्त में मानसून ने फिर जोर पकड़ा और महीने के दूसरे हिस्से में स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय हुआ। इससे बारिश के आंकड़े में सुधार आया, लेकिन जून की कमी अब तक पूरी नहीं हो पाई है। पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में औसतन 37.3 इंच बारिश होती है, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है।

  • MP में फिर बदला मौसम का मिजाज! 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, इन 3 जिलों में आफत बन सकती है बारिश

    MP में फिर बदला मौसम का मिजाज! 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, इन 3 जिलों में आफत बन सकती है बारिश


    भोपाल । मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है और प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर तेज होने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार टीकमगढ़ पन्ना और नरसिंहपुर में अगले 24 घंटे के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में 4 से 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में ढाई से 4 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। बारिश का सबसे ज्यादा असर विंध्य बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र में देखने को मिल सकता है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक 18 अगस्त को झारखंड के ऊपर सक्रिय अवदाब ने पूर्वी मध्य प्रदेश को बारिश का मुख्य केंद्र बना दिया है। इसके प्रभाव से 19 अगस्त को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम की गतिविधियां आने वाले दिनों में धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की तरफ बढ़ सकती हैं। 20 से 24 अगस्त के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ने के संकेत हैं।

    आज टीकमगढ़ पन्ना और नरसिंहपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं रायसेन सागर दमोह जबलपुर कटनी मंडला शहडोल सीधी मऊगंज रीवा सतना और छतरपुर में भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में ढाई से 4 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार अलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर-मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर छिंदवाड़ा सिवनी बालाघाट डिंडौरी पांढुर्णा सिंगरौली मैहर उमरिया अनूपपुर और निवाड़ी में भी मौसम बदला रह सकता है। यहां कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।

    लगातार बारिश के बीच जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ी है। जबलपुर के बरगी डैम के 9 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। नदी नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और स्थानीय जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।

    प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में अब तक 573.1 मिलीमीटर यानी करीब 22.6 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि सामान्य बारिश के मुकाबले अभी करीब 3 इंच पानी कम है। मध्य प्रदेश में इस समय तक सामान्य बारिश करीब 25.6 इंच होनी चाहिए थी। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में कुल मिलाकर करीब 12 प्रतिशत बारिश कम हुई है। पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी करीब 16 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 9 प्रतिशत बताई गई है।

    प्रदेश के करीब 40 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा है। बालाघाट छतरपुर छिंदवाड़ा दमोह डिंडौरी जबलपुर कटनी मैहर मंडला मऊगंज नरसिंहपुर निवाड़ी पांढुर्णा पन्ना रीवा सागर सतना सिवनी और टीकमगढ़ जैसे जिलों में सामान्य से 4 प्रतिशत से लेकर 58 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं पश्चिमी हिस्से में भी कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है।

    इसके बावजूद कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। अनूपपुर शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया बड़वानी भिंड भोपाल बुरहानपुर देवास ग्वालियर खंडवा खरगोन राजगढ़ और गुना में औसत से ज्यादा बारिश हुई है।

    मौसम विभाग के मुताबिक जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में बारिश की स्थिति बेहतर हुई और महीने का कोटा पूरा हो गया लेकिन जून की कमी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी। मानसून के बीच दो बार ब्रेक की स्थिति भी बनी जिसके कारण कई दिनों तक बारिश कमजोर रही। अब अगस्त के दूसरे हिस्से में सक्रिय सिस्टम के कारण बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ रही हैं।

    मध्य प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल इंदौर जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच तक रहती है। अगस्त के महीने में इन शहरों में बारिश का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है।

    भोपाल में अगस्त महीने में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 2006 में दर्ज हुआ था जब करीब 35 इंच पानी गिरा था। 14 अगस्त 2006 को 24 घंटे में करीब 12 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। इंदौर में अगस्त की सर्वाधिक मासिक बारिश करीब 28 इंच रही है जो 1944 में दर्ज हुई थी। 22 अगस्त 2020 को यहां 24 घंटे में करीब साढ़े 10 इंच बारिश हुई थी।

    ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड 10 अगस्त 1927 का है जबकि मासिक सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 1916 में करीब 28 इंच रहा था। जबलपुर में अगस्त की बारिश का रिकॉर्ड और भी बड़ा है। वर्ष 1923 में यहां एक महीने में करीब 44 इंच बारिश हुई थी और 20 अगस्त को 24 घंटे में करीब 13 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी अगस्त के दौरान तेज बारिश का इतिहास रहा है। वर्ष 2006 में यहां करीब 35 इंच बारिश दर्ज की गई थी।

    फिलहाल मौसम का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में दिखाई दे रहा है। अगले कुछ दिनों में सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में नदी नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

  • MP के 12 जिलों में आज हैवी रेन की चेतावनी, पूर्वी हिस्से में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव

    MP के 12 जिलों में आज हैवी रेन की चेतावनी, पूर्वी हिस्से में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। पूर्वी हिस्से में बने स्ट्रॉन्ग सिस्टम के कारण बुधवार को टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं रायसेन, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, मंडला, शहडोल, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना और छतरपुर में भारी बारिश की चेतावनी है।

    मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, 18 अगस्त को झारखंड के ऊपर सक्रिय अवदाब के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश बारिश का मुख्य केंद्र बना हुआ है। इसके असर से 19 अगस्त को विंध्य, बुंदेलखंड और महाकौशल में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर रहेगा। 20 से 24 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकती हैं।

    आज इन जिलों में तेज बारिश के आसार

    टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में 4 से 8 इंच तक बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। रायसेन, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, मंडला, शहडोल, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना और छतरपुर में 2.5 से 4 इंच तक बारिश हो सकती है।

    भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    22.6 इंच बारिश, फिर भी सामान्य से 12% कम

    IMD के अनुसार प्रदेश में अब तक 573.1 मिमी यानी 22.6 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश 25.6 इंच (651.4 मिमी) से करीब 3 इंच कम है। प्रदेश में अब तक कुल 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में 16% और पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 9% कम बारिश दर्ज की गई है।

    40 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ में 4% से 58% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 5% से 39% तक कम बारिश हुई है।

    15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के मुताबिक अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP Weather Alert: पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का खतरा रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में अलर्ट बांधों पर भी बढ़ा दबाव

    MP Weather Alert: पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का खतरा रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में अलर्ट बांधों पर भी बढ़ा दबाव


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता दिखाई दे रहा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से अगले तीन दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार मंगलवार को रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं टीकमगढ़ छतरपुर सागर छिंदवाड़ा पांढुर्णा नरसिंहपुर सिवनी मंडला कटनी शहडोल सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर जबलपुर डिंडौरी सतना मऊगंज मैहर उमरिया अनूपपुर पन्ना दमोह और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

    बारिश के इस दौर के बीच बांधों और जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ने लगी है। मंडला डिंडौरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण बरगी बांध के गेट इस साल पहली बार खोले जाने की तैयारी है। 18 अगस्त को सुबह 11 बजे बांध के 9 गेट 0.78 मीटर की औसत ऊंचाई तक खोलकर करीब 1031 क्यूमेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। 17 अगस्त की रात बांध का जलस्तर 420.80 मीटर दर्ज किया गया था जबकि पानी की आवक करीब 1620 क्यूमेक बताई गई।

    उमरिया में भी जोहिला डैम के दो गेट एक एक मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में नदी नालों और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में परेशानी पैदा हो सकती है।

    हालांकि प्रदेश में बारिश का वितरण अभी भी एक समान नहीं है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर रीवा सागर और शहडोल संभाग में अब तक औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। कई जिलों में बारिश की कमी 4 से 58 प्रतिशत तक बताई गई है। पश्चिमी हिस्से के भी कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। दूसरी तरफ अनूपपुर शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया बड़वानी भिंड भोपाल बुरहानपुर देवास ग्वालियर खंडवा खरगोन राजगढ़ और गुना में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके अलावा ऊपरी स्तर पर दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण और दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार 17 से 21 अगस्त के दौरान मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की संभावना बनी रहेगी।

    ऐसे में अगले तीन दिन प्रदेश के कई हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। भारी बारिश वाले जिलों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जा सकती है। खासकर नदी नालों और जलाशयों के आसपास जाने से बचना जरूरी है क्योंकि लगातार बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

  • रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी MP में स्ट्रॉन्ग सिस्टम

    रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी MP में स्ट्रॉन्ग सिस्टम


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय स्ट्रॉन्ग सिस्टम के चलते रीवा और बालाघाट समेत 14 जिलों में मंगलवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के मुताबिक, अगले तीन दिन प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। 24 घंटे के दौरान कुछ जिलों में 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।

    रीवा-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट
    मंगलवार को रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, कटनी, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, डिंडौरी, सतना, मऊगंज, मैहर, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    पहली बार खुलेंगे बरगी बांध के 9 गेट
    मंडला, डिंडौरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते इस साल पहली बार बरगी बांध के गेट खोले जाएंगे। मंगलवार 18 अगस्त को सुबह 11 बजे बांध के 9 गेट 0.78 मीटर की औसत ऊंचाई तक खोले जाएंगे। इससे 1,031 क्यूमेक पानी छोड़ा जाएगा। 17 अगस्त की रात 8 बजे बांध का जलस्तर 420.80 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि बांध में पानी की आवक 1,620 क्यूमेक बनी हुई थी।

    40 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ में सामान्य से 4% से 58% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 1% से 49% तक कम बारिश हुई है।

    15 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
    IMD के अनुसार, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    कई मौसम प्रणालियां सक्रिय
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके अलावा ऊपरी हिस्से में दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं और दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग ने 17 से 21 अगस्त के दौरान प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है।