Tag: Heavy Rain Alert

  • एमपी में आज दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट, 47 जिलों में हो सकती है हल्की बूंदाबांदी

    एमपी में आज दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट, 47 जिलों में हो सकती है हल्की बूंदाबांदी


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। प्रदेश के करीब 90 प्रतिशत हिस्से में 23 जुलाई तक हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान 4 से 5 जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने सोमवार को दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि भोपाल और इंदौर सहित 47 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार हैं।

    मौसम केंद्र भोपाल (IMD) के अनुसार, जुलाई में पिछले 12 दिनों से प्रदेश में व्यापक स्तर पर भारी बारिश नहीं हुई है। इसका असर प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़ों पर साफ दिखाई दे रहा है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में सामान्य से 16 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    अब तक प्रदेश में 261.4 मिमी (10.3 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 311.8 मिमी (12.3 इंच) होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में भी वर्षा 10 प्रतिशत कम रही है।

    इन जिलों में बारिश का अलर्ट

    दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक, तेज हवा के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।

    वहीं नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और आगर-मालवा में बादल छाए रहने का अनुमान है, हालांकि इन जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर नजर डालें तो 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 16 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

  • शनिवार को कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाएं भी बढ़ाएंगी मुश्किलें

    शनिवार को कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाएं भी बढ़ाएंगी मुश्किलें


    नई दिल्ली।
    भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 18 जुलाई (शनिवार) को देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। उत्तर, मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं, कई इलाकों में गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

    उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?

    आईएमडी के अनुसार जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि पूर्वी राजस्थान में भी अच्छी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में छिटपुट वर्षा का अनुमान है।

    मध्य और पूर्वी भारत में बारिश का दौर

    मध्य प्रदेश के कई जिलों में शनिवार को बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने किसानों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    पश्चिम और दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून

    गोवा, गुजरात के कुछ हिस्सों, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में व्यापक वर्षा जारी रह सकती है। आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ क्षेत्रों में भी हल्की वर्षा हो सकती है। कई स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

    पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की आशंका

    अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और तेज बहाव वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    पंजाब में फिलहाल कमजोर पड़ा मानसून

    पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर पड़ गई हैं, जिससे गर्मी और उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग ने फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा के लिए गर्मी और उमस का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और मोहाली के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब में 19 जुलाई से मानसून फिर सक्रिय होने की संभावना है। 20 से 22 जुलाई के बीच राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

  • MP Weather: 9 दिन बाद फिर सक्रिय होगा मानसून, बालाघाट-डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट

    MP Weather: 9 दिन बाद फिर सक्रिय होगा मानसून, बालाघाट-डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में करीब नौ दिनों के अंतराल के बाद एक बार फिर भारी बारिश की संभावना बनी है। मौसम विभाग (IMD) भोपाल ने शुक्रवार को बालाघाट और डिंडौरी जिलों के लिए भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा प्रदेश के 31 से अधिक जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक नया लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) विकसित हो रहा है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के ऊपर तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आगामी दिनों में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने के संकेत हैं।

    मौसम विभाग ने बताया कि 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से प्रदेश में फिर से तेज बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

    प्रदेश में पिछले नौ दिनों से कहीं भी उल्लेखनीय भारी बारिश दर्ज नहीं हुई है। इसका असर मानसून के कुल वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई दे रहा है। अब तक मध्य प्रदेश में 243.3 मिमी (9.6 इंच) वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 281.3 मिमी (11.1 इंच) होना चाहिए था। यानी प्रदेश में अब तक 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    यदि क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 26 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश सामान्य से 2 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।

    इन जिलों में बारिश की संभावना
    मौसम विभाग ने बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं आलीराजपुर, धार, बड़वानी, इंदौर, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, अनूपपुर और उमरिया में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

    वहीं ग्वालियर, भोपाल, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम और झाबुआ में फिलहाल उमस और गर्मी का असर बना रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में मानसून की स्थिति संतोषजनक है, लेकिन वर्षा की कमी कृषि और जल संसाधनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आगामी दिनों में सक्रिय हो रही निम्न दाब प्रणाली की दिशा और तीव्रता तय करेगी कि मानसून कितनी तेजी से दोबारा सक्रिय होता है। यदि मौसम प्रणालियां अनुकूल रहीं, तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

  • बिहार-बंगाल समेत पूर्वोत्तर में आज भारी बारिश का अलर्ट… अन्य हिस्सों में साफ रहेगा मौसम

    बिहार-बंगाल समेत पूर्वोत्तर में आज भारी बारिश का अलर्ट… अन्य हिस्सों में साफ रहेगा मौसम


    नई दिल्ली।
    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार, 14 जुलाई को पूर्वोत्तर भारत (Northeast India), बिहार (Bihar) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में एक और दिन भारी बारिश (Heavy rain) का अनुमान लगाया है. वहीं उत्तर-पश्चिम, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के ज्यादातर हिस्सों में मॉनसून की गतिविधियां कमजोर रहने की उम्मीद है।

    मौसम का यह पैटर्न दक्षिण-पश्चिम मॉनसून में चल रहे ठहराव को दिखाता है, जिसमें मॉनसून ट्रफ हिमालय की तलहटी के करीब खिसक रही है. नतीजतन, भारी बारिश की गतिविधियां देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में केंद्रित हो गई हैं, जबकि अन्य बड़े हिस्सों में बारिश कमजोर पड़ गई है।

    IMD के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी।

    सबसे अधिक बारिश मेघालय में होने की उम्मीद जताई जा रही है, जहां कुछ जगहों पर 20 सेमी से अधिक बारिश हो सकती है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश की संभावना है.

    यह अनुमान पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश के बाद लगाया गया है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत ज़्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय और त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश हुई है. अरुणाचल प्रदेश, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी 7 से 11 सेमी के बीच भारी बारिश की सूचना मिली है.

    IMD ने इस लगातार बारिश का कारण कई सक्रिय मौसम प्रणालियों को बताया है, जिनमें श्री गंगानगर से मणिपुर तक फैली मॉनसून ट्रफ, दक्षिण बांग्लादेश, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और पूर्वी बांग्लादेश के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन, और उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक फैली एक ट्रफ शामिल हैं. मध्य पाकिस्तान के ऊपर बना एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) भी उत्तरी भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है.

  • मानसून हुआ सुस्त, 22 जिलों में आज हल्की बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी से आने वाला सिस्टम बदलेगा मौसम का मिजाज

    मानसून हुआ सुस्त, 22 जिलों में आज हल्की बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी से आने वाला सिस्टम बदलेगा मौसम का मिजाज


    मध्य प्रदेश। मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश का दौर रुक गया है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले पांच दिनों से कहीं भी भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं हुई है। फिलहाल करीब 60 प्रतिशत हिस्से से मानसूनी बादल छंट चुके हैं, जिसके कारण प्रदेश में केवल हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर बना हुआ है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 16 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए मौसम तंत्र के सक्रिय होने के बाद एक बार फिर प्रदेश में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

    सोमवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और अलीराजपुर समेत 22 जिलों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई जिलों में दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार फिलहाल मानसून को सक्रिय रखने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियां कमजोर पड़ गई हैं या उनका प्रभाव मध्यप्रदेश से दूर चला गया है। इसी वजह से प्रदेश में लगातार रिमझिम बारिश तो हो रही है लेकिन कहीं भी जोरदार वर्षा देखने को नहीं मिल रही। अगले दो से तीन दिन तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग का कहना है कि 13 से 19 जुलाई के बीच उत्तर बंगाल की खाड़ी में ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बनने के संकेत हैं। यदि यह सिस्टम निम्न दाब क्षेत्र में बदलता है तो इसका सीधा असर मध्यप्रदेश पर पड़ेगा और प्रदेश में फिर से व्यापक और तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इसके अलावा प्रशांत महासागर में बन रहे नए मौसम तंत्रों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है क्योंकि इनमें से किसी एक के बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने पर मानसून को नई ताकत मिल सकती है।

    बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने का असर प्रदेश के मौसमी आंकड़ों पर भी दिखाई देने लगा है। कुछ दिन पहले तक सामान्य से करीब 30 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा रही थी, लेकिन अब यह बढ़त घटकर केवल एक प्रतिशत रह गई है। मौसम विभाग के अनुसार अब तक प्रदेश में 241.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य औसत 239.8 मिलीमीटर है। यानी फिलहाल बारिश सामान्य से केवल एक प्रतिशत अधिक है।

    प्रदेश में इस बार जून के मुकाबले जुलाई से ज्यादा उम्मीदें हैं क्योंकि सामान्य तौर पर मानसून की लगभग 40 प्रतिशत बारिश इसी महीने होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में जुलाई सबसे अधिक वर्षा वाला महीना माना जाता है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि नया सिस्टम मजबूत हुआ तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में बारिश की कमी तेजी से पूरी हो सकती है।

    बारिश के आंकड़ों की बात करें तो देवास इस समय प्रदेश का सबसे अधिक बारिश वाला जिला बना हुआ है, जहां सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, हरदा, सीहोर, उज्जैन और कई अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश हुई है। दूसरी ओर अलीराजपुर, झाबुआ, धार और कुछ पूर्वी जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सक्रिय होने वाला नया सिस्टम इन क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश लेकर आएगा।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, बारिश ने 25% कोटा किया पूरा, पन्ना-सतना में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, बारिश ने 25% कोटा किया पूरा, पन्ना-सतना में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी रफ्तार में है। प्रदेश में अब तक सीजन की 25 प्रतिशत यानी 9.4 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित 32 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि पूरे जुलाई महीने बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे वर्षा का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से तेज बारिश की संभावना जताई है। पन्ना और सतना जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन दोनों जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश होने का अनुमान है।

    11 जिलों में हुई बारिश, मंडला में सबसे अधिक पानी गिरा
    गुरुवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा। मंडला में करीब पौन इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि सिंगरौली में आधा इंच से अधिक और बालाघाट में लगभग आधा इंच पानी बरसा। बैतूल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सतना और सीधी में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई।

    जुलाई के नौ दिनों में बदली तस्वीर
    जून महीने में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने के बावजूद प्रदेश में सामान्य से 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई थी। हालांकि जुलाई के शुरुआती नौ दिनों में हुई तेज बारिश ने यह कमी पूरी कर दी। अब प्रदेश में सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।

    आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक कुल 234.4 मिमी (9.4 इंच) बारिश हुई है, जबकि सामान्य औसत 212.3 मिमी (8.3 इंच) है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 29 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

    एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। पन्ना, छतरपुर और खंडवा समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मंगलवार को तेज बारिश के कारण कई सड़क मार्ग बंद हो गए, जबकि नदियां उफान पर रहीं।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र के अनुसार, प्रदेश में अगले चार दिनों तक भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक वर्षा हो सकती है।

    बुधवार के लिए श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर और टीकमगढ़ जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, दमोह, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, धार, झाबुआ, नीमच और मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    इसके अलावा आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, भोपाल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर और सिंगरौली जिलों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।

    कई जिलों में बारिश से बढ़ी परेशानी
    मंगलवार को हुई तेज बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले। इंदौर के खुड़ैल रोड स्थित जेतकारण गांव में सड़क धंस जाने से स्कूली बच्चों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं, खजुराहो में कई मार्ग बंद हो गए और पन्ना में जलभराव की स्थिति बनी रही।

    मंगलवार को प्रदेश के 29 जिलों में वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक पौने दो इंच बारिश छतरपुर के खजुराहो में हुई। धार में डेढ़ इंच से अधिक, राजगढ़ में सवा इंच, रतलाम और उज्जैन में पौन इंच, जबकि भोपाल, सागर और खरगोन में करीब आधा इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई।

    बारिश से तापमान में आई गिरावट
    लगातार बारिश के चलते प्रदेशभर में मौसम सुहावना हो गया है और दिन के तापमान में भी कमी दर्ज की गई। पांच प्रमुख शहरों में इंदौर का अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर 30.6 डिग्री, भोपाल 31 डिग्री, उज्जैन 31.5 डिग्री और ग्वालियर 33.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    सबसे अधिक तापमान श्योपुर में 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि मलाजखंड सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सिवनी, धार, नौगांव, दमोह, खंडवा, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, खरगोन, टीकमगढ़ और सतना में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    सामान्य से 5 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
    प्रदेश में जून महीने से ही आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। 6 जुलाई तक हुई वर्षा के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 200.5 मिमी (करीब 8 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य 191.3 मिमी (7.7 इंच) वर्षा की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। हालांकि प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

  • मानसून ने बदली मध्य प्रदेश की तस्वीर: 35 जिलों में मेहरबान बादल, खजुराहो-मंडला में रिकॉर्ड बारिश, कई इलाकों में बढ़ा खतरा

    मानसून ने बदली मध्य प्रदेश की तस्वीर: 35 जिलों में मेहरबान बादल, खजुराहो-मंडला में रिकॉर्ड बारिश, कई इलाकों में बढ़ा खतरा


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में जुलाई की शुरुआत के साथ ही मानसून ने पूरी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई जिससे एक ओर लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली तो दूसरी ओर कई इलाकों में जनजीवन भी प्रभावित हो गया। मौसम विभाग के अनुसार खजुराहो में 4.4 इंच और मंडला में 4.2 इंच बारिश दर्ज की गई जो प्रदेश में सबसे अधिक रही। लगातार छह दिनों से हो रही बारिश का असर यह हुआ कि प्रदेश की औसत वर्षा करीब 7 इंच तक पहुंच गई है। जून के आखिर तक जहां बारिश सामान्य से 33 प्रतिशत कम थी वहीं अब यह कमी घटकर महज 1 प्रतिशत रह गई है।

    सतना रतलाम सीधी उमरिया पन्ना पचमढ़ी रीवा श्योपुर नौगांव भोपाल नरसिंहपुर दमोह टीकमगढ़ बैतूल नर्मदापुरम इंदौर सिवनी सागर शिवपुरी बालाघाट छिंदवाड़ा रायसेन धार जबलपुर गुना उज्जैन खंडवा खरगोन दतिया मैहर शाजापुर सीहोर छतरपुर बुरहानपुर बड़वानी और पांढुर्णा सहित अनेक जिलों में दिनभर बारिश का दौर जारी रहा। लगातार हो रही वर्षा से जलस्तर बढ़ा है और खेतों में भी पर्याप्त नमी पहुंचने लगी है जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।

    बारिश के बीच कई स्थानों पर हादसे भी सामने आए। बड़वानी जिले के सेंधवा स्थित सांदीपनि सीएम राइज स्कूल में कक्षा नौ की छत का प्लास्टर अचानक गिर गया जिससे दो छात्राएं घायल हो गईं। दोनों के सिर में मामूली चोटें आईं और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराया गया। इस घटना ने सरकारी स्कूलों की इमारतों की स्थिति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    उधर इंदौर के पास खुड़ैल रोड स्थित जेतकारण गांव में लगातार बारिश के कारण सड़क धंस गई जिससे स्कूली बच्चों का आवागमन बाधित हो गया। उफनते नाले को पार कराने के लिए ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर बच्चों को सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया। यह दृश्य स्थानीय लोगों की सतर्कता और सहयोग की मिसाल बन गया।

    पन्ना जिले में भी तेज बारिश के कारण हरसा बागोहा नाला उफान पर आ गया। पुल के ऊपर से पानी बहने के बावजूद लोग जोखिम उठाकर नाला पार करते नजर आए जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। वहीं खजुराहो में लगातार बारिश के चलते खूडर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और एहतियात के तौर पर खजुराहो जटकरा मार्ग बंद करना पड़ा। प्रशासन लोगों से नदी नालों से दूर रहने की अपील कर रहा है।

    हरदा जिले में भी बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। इस मानसून सीजन में यहां अब तक 13 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। कई जिलों में तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस से राहत मिली है।

    मौसम विभाग ने आने वाले घंटों के लिए भी चेतावनी जारी की है। गुना अशोकनगर विदिशा सागर और छतरपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जबकि बड़वानी धार बुरहानपुर रतलाम टीकमगढ़ पन्ना सहित कई जिलों में भारी बारिश और गरज चमक के साथ वर्षा की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह बारिश का सिलसिला जारी रहा तो प्रदेश में खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलेगा और जलाशयों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ेगा।

  • एमपी में मानसून पूरी तरह सक्रिय, आज 31 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में मानसून पूरी तरह सक्रिय, आज 31 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और जुलाई की शुरुआत से ही लगातार तेज बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले छह दिनों से हो रही बारिश के चलते प्रदेश में औसत वर्षा का आंकड़ा करीब 7 इंच (179.6 मिमी) तक पहुंच गया है। यह सामान्य औसत 181.6 मिमी से केवल 1 प्रतिशत कम है, जबकि जून महीने में बारिश सामान्य से 33 प्रतिशत कम दर्ज की गई थी।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी हिस्से, विशेष रूप से भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में बारिश का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। इन क्षेत्रों के अधिकांश जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। देवास जिले में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    5 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
    मंगलवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर और छतरपुर जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    इसके अलावा ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, मैहर, दमोह, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, आगर-मालवा, राजगढ़, झाबुआ, अलीराजपुर, धार और बड़वानी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना
    श्योपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, भोपाल, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर और रतलाम में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    डिंडौरी में बढ़ा नदी-नालों का जलस्तर, कई गांवों का संपर्क टूटा
    डिंडौरी जिले में लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश से नर्मदा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। तुड़ार नदी की पुलिया पर पानी बहने से करंजिया ब्लॉक के कई गांवों का संपर्क कट गया है। वहीं, 11 मकानों में पानी घुसने से लोगों के घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा है।

    इन जिलों में दर्ज हुई बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार श्योपुर में सबसे अधिक सवा इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। खजुराहो और मंडला में 1 इंच, जबकि नौगांव और दमोह में पौन इंच बारिश हुई। छिंदवाड़ा, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया और रीवा में करीब आधा इंच वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा जबलपुर, बैतूल, दतिया, नर्मदापुरम, खरगोन, सागर, सतना, सीहोर, छतरपुर और पांढुर्णा में भी अच्छी बारिश हुई।

    तापमान में आई गिरावट
    लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। मलाजखंड सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा सिवनी (28°), बैतूल (28.2°), पचमढ़ी (28.6°), खंडवा (29.1°), छिंदवाड़ा (29.3°) और खरगोन (29.6°) दर्ज किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों में जबलपुर का अधिकतम तापमान 31.3 डिग्री, भोपाल में 33.4 डिग्री, इंदौर में 33.8 डिग्री, उज्जैन में 34 डिग्री और ग्वालियर में 36.7 डिग्री सेल्सियस रहा।

    पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक बारिश
    इस वर्ष जून महीने से ही प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला बना हुआ है। 6 जुलाई तक प्रदेश में कुल 179.6 मिमी (करीब 7 इंच) बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। यह सामान्य औसत 181.6 मिमी से सिर्फ 1 प्रतिशत कम है। हालांकि, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 22 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।

  • एमपी में अगले 24 घंटे भारी, 23 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी; नदियां उफान पर, प्रशासन अलर्ट

    एमपी में अगले 24 घंटे भारी, 23 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी; नदियां उफान पर, प्रशासन अलर्ट


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरे शबाब पर है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 23 जिलों में भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है क्योंकि कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार सागर दमोह बैतूल देवास आलीराजपुर उमरिया सिवनी छिंदवाड़ा और अनूपपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रतलाम उज्जैन धार शाजापुर सीहोर विदिशा गुना नर्मदापुरम नरसिंहपुर जबलपुर मंडला बालाघाट डिंडौरी और पन्ना में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल ग्वालियर मुरैना दतिया शिवपुरी रीवा सतना सीधी सिंगरौली खंडवा खरगोन हरदा और अन्य कई जिलों में भी तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    बालाघाट जिले से सोमवार सुबह सामने आए वीडियो ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। किरनापुर और लांजी के बीच बहने वाली बाघ नदी में तेज बहाव के कारण कार जेसीबी और लोडर जैसी मशीनें पानी में बहती दिखाई दीं। बताया जा रहा है कि यहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 150 मीटर लंबे पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। हालांकि निर्माण कंपनी की ओर से घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।

    बीते 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। छिंदवाड़ा में लगभग 3 इंच बारिश हुई जबकि उज्जैन और बालाघाट में सवा दो इंच तथा उमरिया और खजुराहो में करीब 2 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। टीकमगढ़ सिवनी श्योपुर ग्वालियर भोपाल मंडला और कई अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    बारिश के बीच पांढुर्णा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई। वहीं सीहोर में घने बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया। कई शहरों में बाजारों और सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 163.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जो सामान्य से लगभग 6 प्रतिशत कम है। हालांकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश हुई है जबकि पूर्वी हिस्से में अब भी बारिश का आंकड़ा औसत से कम बना हुआ है। विभाग का मानना है कि जुलाई में मानसून और अधिक सक्रिय रहेगा तथा इसी महीने प्रदेश में कुल मानसूनी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा दर्ज होने की संभावना है।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बारिश के दौरान नदी नालों को पार करने का प्रयास न करें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं।