Tag: Heavy Rain Alert

  • मध्य प्रदेश में बारिश को लेकर बड़ा अलर्ट अगले 24 घंटे में 8 जिलों में हो सकती है मूसलाधार बारिश कई इलाकों में बढ़ेगा जलभराव का खतरा

    मध्य प्रदेश में बारिश को लेकर बड़ा अलर्ट अगले 24 घंटे में 8 जिलों में हो सकती है मूसलाधार बारिश कई इलाकों में बढ़ेगा जलभराव का खतरा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले तीन दिन प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी बारिश लेकर आ सकते हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को आठ जिलों में हैवी रेन का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले चौबीस घंटे के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। राजधानी भोपाल में सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया जिससे मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

    मौसम विभाग के अनुसार सतना कटनी उमरिया मंडला डिंडौरी सिवनी रायसेन और बैतूल में भारी बारिश की आशंका है। इन इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को नदी नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा भोपाल सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर झाबुआ अलीराजपुर धार बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन उज्जैन नीमच मंदसौर रतलाम आगर मालवा शाजापुर देवास नर्मदापुरम हरदा ग्वालियर श्योपुर मुरैना भिंड दतिया शिवपुरी गुना अशोकनगर जबलपुर नरसिंहपुर छिंदवाड़ा पांढुर्णा बालाघाट रीवा सीधी सिंगरौली मऊगंज मैहर शहडोल अनूपपुर सागर पन्ना दमोह छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा हो सकती है।

    प्रदेश में अब तक मानसून की स्थिति सामान्य से कमजोर बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 336 दशमलव 7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जबकि इस समय तक लगभग 407 मिलीमीटर वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की कमी लगभग 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 15 प्रतिशत दर्ज की गई है।

    बारिश की कमी का असर प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिखाई दे रहा है। अनूपपुर बालाघाट छतरपुर छिंदवाड़ा दमोह डिंडौरी जबलपुर कटनी मैहर मंडला मऊगंज नरसिंहपुर निवाड़ी पांढुर्णा पन्ना रीवा सागर सतना सिवनी शहडोल सीधी सिंगरौली टीकमगढ़ उमरिया आगर मालवा अलीराजपुर अशोकनगर बड़वानी बैतूल दतिया धार गुना ग्वालियर हरदा झाबुआ खंडवा खरगोन मुरैना नर्मदापुरम नीमच रायसेन रतलाम शाजापुर श्योपुर शिवपुरी उज्जैन और विदिशा सहित कुल 48 जिलों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। दूसरी ओर भोपाल भिंड बुरहानपुर देवास इंदौर मंदसौर राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इनमें देवास सबसे आगे है जहां सामान्य से लगभग 29 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अब पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट के करीब पहुंच चुका है। यह सिस्टम झारखंड और छत्तीसगढ़ से होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। इसके साथ मानसून ट्रफ भी सक्रिय बनी हुई है जिससे 28 जुलाई से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने नदी नालों के पास न जाने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम के कारण आने वाले दिनों में प्रदेश के जलाशयों का जलस्तर बढ़ने और खेती के लिए भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • एमपी के 8 जिलों में आज हैवी रेन अलर्ट, प्रदेश में अब भी 17% कम पानी बरसा

    एमपी के 8 जिलों में आज हैवी रेन अलर्ट, प्रदेश में अब भी 17% कम पानी बरसा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम और मानसून ट्रफ के असर से बारिश का सिलसिला जारी है। सोमवार को कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि मंगलवार के लिए मौसम विभाग ने आठ जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    राजधानी भोपाल में सुबह से रिमझिम बारिश का दौर जारी है। जिन जिलों में हैवी रेन की चेतावनी दी गई है, उनमें सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल शामिल हैं।

    इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने के आसार हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच (336.7 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक 16 इंच (407 मिमी) वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी करीब 17 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है। वहीं भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें देवास में सबसे अधिक 29 प्रतिशत अतिरिक्त वर्षा हुई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब अब पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के करीब पहुंच चुका है। यह सिस्टम झारखंड और छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से 28 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।

  • एमपी में शहडोल-अनूपपुर समेत 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में हल्की बूंदाबांदी की संभावना

    एमपी में शहडोल-अनूपपुर समेत 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में हल्की बूंदाबांदी की संभावना


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटे के लिए शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 4 इंच या उससे अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। वहीं, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर समेत करीब 50 जिलों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले चार दिनों तक कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। फिलहाल प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ, शियर जोन और पूर्वी व पश्चिमी हिस्सों में सक्रिय दो निम्न दबाव क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहे हैं। हालांकि शनिवार को अधिकांश क्षेत्रों में केवल हल्की बूंदाबांदी ही दर्ज की गई।

    पांच दिनों में सुधरे बारिश के आंकड़े
    बीते पांच दिनों की बारिश से प्रदेश में वर्षा की कमी में सुधार आया है। 20 जुलाई तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इसके बाद यह अंतर घटकर 21 जुलाई को 14 प्रतिशत, 22 जुलाई को 11 प्रतिशत, 23 जुलाई को 10 प्रतिशत और 24-25 जुलाई को 11 प्रतिशत रह गया। अब तक प्रदेश में औसतन 330.4 मिमी (करीब 13 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 370.9 मिमी (14.6 इंच) वर्षा होनी चाहिए थी। वर्तमान में पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन जिलों में बारिश की संभावना
    अगले 24 घंटे के दौरान भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने के आसार हैं।

    जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, जून में मानसून कमजोर रहने से बारिश का आंकड़ा कम रहा। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन इसके बाद लगातार कई दिनों तक भारी बारिश नहीं होने के कारण वर्षा का ग्राफ फिर सामान्य से नीचे आ गया।

    आमतौर पर जुलाई महीने में प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा दर्ज होता है। मध्य प्रदेश की सामान्य वार्षिक वर्षा 37.3 इंच है, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच के बीच रहती है। इनमें जबलपुर ऐसा प्रमुख शहर है, जहां जुलाई में औसतन 17 इंच से अधिक बारिश दर्ज की जाती है।

  • बरसात का नया दौर शुरू भोपाल इंदौर सहित 35 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी मानसून ने पकड़ी रफ्तार

    बरसात का नया दौर शुरू भोपाल इंदौर सहित 35 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी मानसून ने पकड़ी रफ्तार


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार शनिवार को भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में बारिश का यही सिलसिला जारी रहेगा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम मजबूत बना हुआ है, जिससे कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है और मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। इसके चलते हवा में नमी का स्तर 80 से 95 प्रतिशत तक बना हुआ है, जिससे लगातार बारिश की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा समेत 35 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं रीवा, सतना, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, शहडोल और आसपास के जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

    लगातार चार दिनों से हो रही बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई देने लगा है। 20 जुलाई तक जहां प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं अब यह कमी घटकर 11 प्रतिशत रह गई है। प्रदेश में अब तक औसतन 330.4 मिमी यानी करीब 13 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो पूरे मानसून के निर्धारित कोटे का लगभग 35 प्रतिशत है।

    बारिश के मामले में देवास जिला सबसे आगे है, जहां अब तक करीब 19.6 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड और मंदसौर सहित 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों में उफान और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। मैहर में तेज बारिश के दौरान एक पांच वर्षीय बच्चा पानी के तेज बहाव में बहने लगा, जिसे स्थानीय लोगों ने समय रहते सुरक्षित बचा लिया। ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

  • MP Weather Update: प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून फिर हुआ एक्टिव; 50 से ज्यादा जिलों में बरसेंगे बादल

    MP Weather Update: प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून फिर हुआ एक्टिव; 50 से ज्यादा जिलों में बरसेंगे बादल


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के पांच जिलों-श्योपुर, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

    गुरुवार को भी प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा डेढ़ इंच वर्षा टीकमगढ़ में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा रतलाम, छतरपुर, श्योपुर, धार, नर्मदापुरम, शिवपुरी, सीधी, इंदौर, उज्जैन, उमरिया, जबलपुर, रायसेन, राजगढ़, सागर, सतना, भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, शाजापुर, सीहोर, विदिशा और देवास सहित कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई।

    प्रदेश में 24 जून को मानसून की दस्तक के बाद से अब तक औसतन 12.8 इंच (325.1 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि यह सामान्य से लगभग 10 प्रतिशत कम है। इस समय तक प्रदेश में 14.1 इंच (359.6 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। राहत की बात यह है कि पिछले तीन दिनों में बारिश की कमी लगातार कम हुई है। 20 जुलाई तक जहां प्रदेश में वर्षा सामान्य से 17 प्रतिशत कम थी, वहीं अब यह अंतर घटकर 10 प्रतिशत रह गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 13 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम वैज्ञानिक शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार जुलाई के अंतिम सप्ताह में प्रदेशभर में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम के कारण कई जिलों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है, जिससे बारिश की कमी और कम हो सकती है।

    बारिश का असर कई इलाकों में दिखाई देने लगा है। रायसेन जिले के बेगमगंज क्षेत्र में बीना नदी का जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। वहीं बड़वानी के सेंधवा स्थित बिजासन घाट में लगातार तीसरे दिन घना कोहरा और धुंध छाई रही। टीकमगढ़ में भी रुक-रुककर हो रही बारिश से मौसम सुहावना बना हुआ है।

    प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर नजर डालें तो फिलहाल 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है, जबकि 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आगामी दिनों में होने वाली लगातार बारिश से अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर के करीब पहुंच सकता है।

  • बारिश और बादलों का डबल अटैक शुक्रवार को कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

    बारिश और बादलों का डबल अटैक शुक्रवार को कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट


    मध्यप्रदेश । देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तर मध्य पूर्व और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है जबकि कुछ इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश से नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ रहा है वहीं कई शहरों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश राजस्थान उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में शुक्रवार को तेज बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

    मध्य प्रदेश में लगातार सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण कई जिलों में अच्छी बारिश का दौर जारी रह सकता है। भोपाल इंदौर उज्जैन जबलपुर सिवनी मंडला छिंदवाड़ा रायसेन नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों में कहीं कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार वर्षा के चलते निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

    उत्तर भारत में दिल्ली एनसीआर के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और पहाड़ी रास्तों पर फिसलन का खतरा बना रह सकता है इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून सक्रिय रहेगा। बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल असम मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में भी गरज चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां मजबूत बनी रहेंगी। इसके चलते कई राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है।

    विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाते समय सावधानी रखें और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े न हों। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखना भी जरूरी है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते बचाव किया जा सके।

  • एमपी के रतलाम-मंदसौर समेत 5 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, जाने मौसम के ताजा हाल

    एमपी के रतलाम-मंदसौर समेत 5 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, जाने मौसम के ताजा हाल


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए श्योपुर, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान चार इंच तक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

    एक महीने में 12.8 इंच बारिश, फिर भी सामान्य से कम
    प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी। तब से अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 12.8 इंच (325.1 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग के अनुसार, इस अवधि तक प्रदेश में 14.1 इंच (359.6 मिमी) वर्षा हो जानी चाहिए थी।

    हालांकि बीते कुछ दिनों में बारिश की स्थिति में सुधार देखने को मिला है। 20 जुलाई तक जहां प्रदेश में वर्षा की कमी 17 प्रतिशत थी, वहीं अब यह घटकर 10 प्रतिशत रह गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में अब भी 13 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन जिलों में भी होगी बारिश
    भारी बारिश के अलर्ट वाले पांच जिलों के अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत 50 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

    जुलाई के अंतिम सप्ताह तक रहेगा बारिश का दौर
    मौसम विभाग का अनुमान है कि जुलाई के आखिरी सप्ताह में भी प्रदेश में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे कई इलाकों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है।

    14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
    प्रदेश में फिलहाल 15 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर है, जबकि 41 जिलों में अब भी वर्षा सामान्य से कम दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में निवाड़ी एकमात्र ऐसा जिला है, जहां औसत से अधिक बारिश हुई है। वहीं प्रदेश के 14 जिलों में सामान्य से ज्यादा वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि बाकी 41 जिले अब भी बारिश की कमी का सामना कर रहे हैं।

  • मध्य प्रदेश में बारिश का रौद्र रूप, भोपाल में जर्जर मकान गिरा, सिवनी में 4.9 इंच बारिश, इंदौर में अकेले निकला दूल्हा

    मध्य प्रदेश में बारिश का रौद्र रूप, भोपाल में जर्जर मकान गिरा, सिवनी में 4.9 इंच बारिश, इंदौर में अकेले निकला दूल्हा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार तीसरे दिन भी देखने को मिला। प्रदेश के ऊपर एक साथ सक्रिय तीन मौसम प्रणालियों ने बारिश की रफ्तार और तेज कर दी है। बीते 24 घंटों के दौरान 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा 4.9 इंच वर्षा सिवनी में रिकॉर्ड की गई, जबकि राजधानी भोपाल और राजगढ़ में 1.6 इंच बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश के चलते कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कहीं सड़कें जलमग्न हो गईं तो कहीं पुराने भवनों को नुकसान पहुंचा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए इंदौर और उज्जैन संभाग सहित 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून ट्रफ, ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और पूर्व-पश्चिम शियर जोन एक साथ सक्रिय हैं। इन तीनों सिस्टम के कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिल रही है। यही वजह है कि प्रदेश के कई हिस्सों में कम समय में तेज बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का यही सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    सिवनी में सबसे अधिक 4.9 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा धार, पचमढ़ी, उमरिया, दमोह, सीधी और मंडला में एक इंच से ज्यादा वर्षा हुई। शाजापुर, आगर मालवा, सीहोर, विदिशा, देवास, बड़वानी, मंदसौर, श्योपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, इंदौर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, जबलपुर, छतरपुर, बैतूल, रतलाम, गुना, नरसिंहपुर, खंडवा, रीवा, उज्जैन, सागर और सतना समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    लगातार हो रही बारिश का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई दिया। राजधानी भोपाल में करीब 90 वर्ष पुराने जर्जर मकान का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। हादसे में एक युवक घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और कुछ मार्गों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

    रायसेन जिले के बेगमगंज क्षेत्र में बीना नदी का जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया। कई सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।

    बारिश का असर सामाजिक आयोजनों पर भी देखने को मिला। इंदौर में गुरुवार सुबह गंगवाल से राजमोहल्ला जा रही एक बारात तेज बारिश की वजह से बिखर गई। अधिकांश बाराती बारिश से बचने के लिए रास्ते में रुक गए, जबकि दूल्हा डीजे के साथ अकेले ही आगे बढ़ता दिखाई दिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।

    मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए नदियों और नालों के आसपास जाने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

  • एमपी में लगातार 60 घंटे से मेहरबान मानसून, 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में लगातार 60 घंटे से मेहरबान मानसून, 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में तीन मजबूत मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से पिछले 60 घंटे से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। प्रदेश के 40 से अधिक जिले बारिश से तरबतर हो चुके हैं। मौसम विभाग (IMD) भोपाल ने अगले 24 घंटे के लिए इंदौर और उज्जैन संभाग सहित 17 जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ, ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पूर्व-पश्चिम शियर जोन सक्रिय हैं। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि इन तीनों सिस्टम की वजह से बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिल रही है, जिसके चलते कई जिलों में कम समय में तेज बारिश दर्ज की जा रही है।

    इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
    गुरुवार के लिए आलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं नीमच, रतलाम, उज्जैन, इंदौर, सीहोर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, डिंडौरी, सतना, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी रुक-रुककर तेज बारिश होने का पूर्वानुमान है।

    कई जिलों में बारिश का असर
    टीकमगढ़ में गुरुवार सुबह करीब 7:45 बजे से बारिश शुरू हो गई। पिछले चार दिनों से रुक-रुककर हो रही वर्षा के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है। जिले में अब तक औसतन 11.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है और पूरे दिन बारिश जारी रहने की संभावना है।

    बड़वानी जिले के सेंधवा में भी हल्की बारिश का दौर जारी है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। वहीं मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे के बिजासन घाट में लगातार तीसरे दिन घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को दिन के समय भी हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। राजधानी भोपाल में भी मंगलवार रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे शहर का मौसम लगातार ठंडा और सुहावना बना हुआ है।

  • एमपी में आज 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी, अगले चार दिन तेज बारिश के आसार

    एमपी में आज 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी, अगले चार दिन तेज बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 36 घंटों से प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र के अनुसार, आगामी चार दिनों तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना रहेगा। बुधवार को उज्जैन, धार, गुना समेत 15 जिलों के लिए भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी भोपाल में भी रात से लगातार रिमझिम बारिश हो रही है।

    चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट
    मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, सागर और डिंडौरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। वहीं श्योपुर, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार और बड़वानी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    इन जिलों में भी बारिश का दौर रहेगा जारी
    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    बारिश बढ़ने से सुधरे आंकड़े
    लगातार हुई बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई दिया है। एक ही दिन की बारिश से प्रदेश का कुल वर्षा घाटा 3 प्रतिशत कम हो गया है। सोमवार तक जहां मध्य प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं मंगलवार को यह घटकर 14 प्रतिशत रह गई।

    मौसम विभाग के अनुसार, अब तक प्रदेश में 286.8 मिमी (11.3 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि तक 335.3 मिमी (13.2 इंच) बारिश होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।

    41 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के 41 जिलों में अब भी औसत से कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में निवाड़ी को छोड़कर लगभग सभी जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही है। वहीं 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विशेषज्ञ ने क्या कहा
    मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून फिलहाल सक्रिय अवस्था में है। यदि बंगाल की खाड़ी से नमी की आपूर्ति और मौजूदा मौसमीय तंत्र बने रहते हैं, तो प्रदेश के मध्य हिस्सों में आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश जारी रह सकती है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति जल संसाधनों और कृषि के लिए लाभदायक होगी, हालांकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं।