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  • खराब मौसम ने अमरनाथ यात्रा पर लगाया ब्रेक…. भारी बारिश-भूस्खलन का अलर्ट

    खराब मौसम ने अमरनाथ यात्रा पर लगाया ब्रेक…. भारी बारिश-भूस्खलन का अलर्ट


    जम्मू।
    अगर आप 19 जुलाई को अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) पर निकलने वाले थे, तो यह खबर आपके लिए है. खराब मौसम (Bad Weather) के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) को फिलहाल रोक दिया है. पहलगाम (Pahalgam) और बालटाल (Baltal), दोनों रास्तों से किसी भी श्रद्धालु को आगे जाने की अनुमति नहीं होगी. जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप में श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है. खराब मौसम ने इस बार अमरनाथ यात्रा की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।

    प्रशासन ने 19 जुलाई 2026 से यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया है. यह रोक यात्रा के दोनों प्रमुख मार्गों पहलगाम और बालटाल पर लागू रहेगी. प्रशासन के मुताबिक, मौसम विभाग ने अगले कुछ समय के लिए खराब मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है. पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश, फिसलन और भूस्खलन जैसी स्थितियों की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता है, इसलिए जोखिम उठाने की बजाय यात्रा को फिलहाल रोकना जरूरी समझा गया।

    इस फैसले के बाद जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास बेस कैंप में मौजूद श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई. उन्हें बेस कैंप में ही रुकने और प्रशासन के अगले निर्देश का इंतजार करने को कहा गया है।

    हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ पहुंचते हैं. लेकिन ऊंचाई वाले इस इलाके में मौसम कुछ ही घंटों में बदल जाता है. ऐसे में प्रशासन समय-समय पर मौसम और रास्तों की स्थिति की समीक्षा करता है. अगर हालात अनुकूल नहीं होते, तो यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया जाता है।

    अधिकारियों ने कहा है कि जैसे ही मौसम साफ होगा, उसी हिसाब से फैसला लिया जाएगा. तब तक श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें. यानी फिलहाल बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालुओं को थोड़ा इंतजार करना होगा. मौसम की मार थमेगी, रास्ते सुरक्षित होंगे, तभी यात्रा दोबारा आगे बढ़ेगी।


    राजौरी में बारिश ने बिगाड़े हालात

    जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं. तेज बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं, जबकि कई निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है. जिला प्रशासन ने लोगों से बिना जरूरत यात्रा न करने, नदियों और नालों से दूर रहने तथा बाढ़ संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. प्रशासन का कहना है कि जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और हालात पर नजर रखी जा रही है।


    उत्तराखंड में भी बारिश की वजह से यात्रा पर असर

    लगातार हो रही बारिश का असर उत्तराखंड की तीर्थ यात्राओं पर भी पड़ा है. रुद्रप्रयाग जिले में गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर शुक्रवार को पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिरने के कारण रास्ता कुछ समय के लिए बंद हो गया था. हालांकि राहत एवं बचाव दलों ने मलबा हटाकर पैदल मार्ग फिर से खोल दिया, लेकिन सुरक्षा कारणों से घोड़ा-खच्चर और डोली सेवा फिलहाल स्थगित रखी गई है. प्रशासन लगातार मार्ग की निगरानी कर रहा है।

    वहीं, पिथौरागढ़ जिले में कैलाश-मानसरोवर यात्रा भी प्रभावित हुई है. गरबाधार क्षेत्र में भूस्खलन के कारण गुंजी मार्ग बंद हो गया. इसके चलते 50 श्रद्धालुओं वाले चौथे जत्थे को धारचूला बेस कैंप पर ही रोक दिया गया. प्रशासन का कहना है कि रास्ता सेफ होने के बाद ही यात्रियों को आगे भेजा जाएगा।

    राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों (DEOC) को 24 घंटे एक्टिव रखने, राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने और भूस्खलन संभावित मार्गों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं. साथ ही चारधाम यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करें. भारी बारिश के दौरान नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।

  • उत्तराखंड समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में आज भारी बारिश की चेतावनी…. अन्य हिस्सों में कमजोर पड़ा मॉनसून

    उत्तराखंड समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में आज भारी बारिश की चेतावनी…. अन्य हिस्सों में कमजोर पड़ा मॉनसून


    नई दिल्ली।
    देश के कई हिस्सों में मॉनसून (Monsoon) की गतिविधियां अभी कमजोर हैं, लेकिन उत्तराखंड, हिमाचल, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश (Heavy rain) की चेतावनी है. वहीं, राजस्थान में धूल भरी तेज आंधी चलने की संभावना है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तराखंड (Uttarakhand) में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी है।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 2-3 दिनों में पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4-5 दिन बाद बारिश होने की संभावना है. हालांकि, अगले 5-6 दिनों में उत्तर-पश्चिम, पश्चिम मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कमजोर मॉनसून और कम बारिश का अनुमान है।


    उत्तराखंड में बारिश का रेड अलर्ट

    उत्तराखंड में IMD ने भारी से बहुत भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. राज्य में बीते दिन भी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है. उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से 126 सड़कें बंद हैं, जिसमें दो नेशनल हाईवे भी शामिल हैं. यमुनोत्री राजमार्ग पर भी यातायात प्रभावित है. स्याना चट्टी में भूस्खलन के कारण ऋषिकेश-यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर यातायात ठप हुआ है।


    राजस्थान में धूल भरी हवाएं

    मौसम विभाग (IMD) के अपने पूर्वानुमान ने बताया कि अगले 5-6 दिनों में पूर्वी राजस्थान में सूखा रहेगा. हालांकि, 13 से 15 जुलाई के बीच शेखावाटी, जयपुर और भरतपुर संभाग में हल्की बारिश हो सकती है. जबकि पश्चिमी राजस्थान में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं चलने और धूल भरी आंधी आने की चेतावनी है.


    पश्चिम बंगाल में भारी बारिश

    पश्चिम बंगाल में बीते दिन अच्छी बारिश दर्ज की गई है. कोचबिहार जिले के पुंडिबारी में सबसे ज्यादा 89 मिमी बारिश हुई. IMD ने 14 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. उप-हिमालयी इलाकों और दक्षिणी जिलों (बांकुरा, बर्दवान, नदिया, मुर्शिदाबाद आदि) में भारी बारिश की संभावना है।


    ओडिशा में चार दिन बारिश का अलर्ट

    ओडिशा में अगले चार दिन तक कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. सोमवार को बालासोर, भद्रक, केंद्रापड़ा, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, केवझर, मयूरभंज, कालाहांडी, कंधमाल और रायगड़ा जिलों में भारी बारिश हो सकती है. IMD ने इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. IMD के मुताबिक, इस मॉनसून सीजन में ओडिशा में अब तक 348.1 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 8% ज्यादा है।


    दिल्ली और यूपी के मौसम की जानकारी

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर दर्ज किया जा रहा है. मौसम विभाग (IMD) ने अगले 7 दिनों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने का अनुमान लगाया है. दिल्ली में अधिकतम तापमान 35-36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26-28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

    वहीं, उत्तर प्रदेश में अगले 3-4 दिन बारिश की संभावना नहीं है.लखनऊ में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ साफ मौसम रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में इस सीजन में अब तक मॉनसून सामान्य से 17% कम रहा है. 1 जून से 12 जुलाई तक 158.8 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य 190.9 मिमी है।


    हिमाचल में भी हल्की से मध्यम बारिश

    हिमाचल प्रदेश में भी लगातार हल्की से मध्यम बारिश हो रही है. पिछले 24 घंटों में मंडी जिले के जोगिंदरनगर में सबसे ज्यादा 60 मिमी बारिश दर्ज की गई. वहीं, मनाली में 45 मिमी, सराहन में 38.5 मिमी, रोहड़ू में 25 मिमी और शिमला में 19 मिमी बारिश हुई है।

  • मानसून ने पकड़ी रफ्तार आज देशभर में बदल सकता है मौसम का मिजाज बारिश आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

    मानसून ने पकड़ी रफ्तार आज देशभर में बदल सकता है मौसम का मिजाज बारिश आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट


    मध्यप्रदेश । देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है और इसका असर अलग अलग राज्यों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आज कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा तेज हवाएं और गरज चमक के साथ बारिश भी लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में बाहर निकलने से पहले मौसम की जानकारी लेना बेहद जरूरी हो गया है।

    उत्तर भारत के कई राज्यों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश उत्तराखंड दिल्ली हरियाणा पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के आसार हैं। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ राजस्थान और गुजरात के कई जिलों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। लगातार हो रही वर्षा से नदियों और तालाबों का जलस्तर बढ़ सकता है। किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई और विकास के लिए पर्याप्त नमी मिल रही है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में खेतों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।

    पूर्वी भारत के बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भारी वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी खतरा बना हुआ है इसलिए खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

    दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश की संभावना है। तटीय इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं इसलिए मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

    कुछ क्षेत्रों में बारिश के बावजूद उमस लोगों को परेशान कर सकती है। जहां वर्षा कम होगी वहां दिन में गर्मी और नमी का असर महसूस होगा। ऐसे मौसम में पर्याप्त पानी पीना हल्के कपड़े पहनना और धूप में लंबे समय तक रहने से बचना स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहेगा।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां बनी रहेंगी। कई राज्यों में रुक रुक कर बारिश होती रहेगी जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि किसी क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट जारी हो तो प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। सावधानी और सतर्कता ही बदलते मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।

  • Weather Update 11 July बारिश का डबल अलर्ट कई राज्यों में गरज चमक के साथ झमाझम बारिश की संभावना

    Weather Update 11 July बारिश का डबल अलर्ट कई राज्यों में गरज चमक के साथ झमाझम बारिश की संभावना


    मध्यप्रदेश । 11 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत मध्य भारत पश्चिम भारत और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा। कई स्थानों पर गरज चमक के साथ तेज बारिश और 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली एनसीआर उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मध्य प्रदेश राजस्थान बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल महाराष्ट्र गुजरात कर्नाटक तमिलनाडु और केरल समेत कई राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। कुछ इलाकों में जलभराव बिजली गिरने और तेज हवाओं की आशंका भी जताई गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव और नदी नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। वहीं मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है जिससे किसानों को राहत मिल सकती है लेकिन अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की जरूरत होगी।

    दक्षिण भारत में कर्नाटक तमिलनाडु और केरल के कई इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। पश्चिमी तट के कोंकण और गोवा क्षेत्र में भी तेज बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने समुद्र में जाने वाले मछुआरों को स्थानीय चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सक्रिय मानसून प्रणाली के कारण अगले कुछ दिनों तक देश के बड़े हिस्से में बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में 15 जुलाई के बाद वर्षा की तीव्रता में बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने सुरक्षित स्थान पर शरण लेने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी गई है।

  • देशभर में सक्रिय हुआ मानसून…. दिल्ली-यूपी समेत 18 राज्यों में आज भारी बारिश का अलर्ट!

    देशभर में सक्रिय हुआ मानसून…. दिल्ली-यूपी समेत 18 राज्यों में आज भारी बारिश का अलर्ट!


    नई दिल्ली।
    देशभर में मानसून (Monsoon) अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और कई राज्यों में इसका असर लगातार तेज होता जा रहा है. इसी बीच मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए दिल्ली (Delhi), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सहित 18 राज्यों में भारी बारिश (Heavy rain), तेज आंधी और खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. ऐसे में लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने और मौसम से जुड़ी आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

    मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले 48 घंटे के दौरान बारिश का दौर और तेज हो सकता है. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना है. कई स्थानों पर जलभराव, यातायात प्रभावित होने और पेड़ गिरने जैसी घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।


    पहाड़ी राज्यों में बढ़ सकता है खतरा

    हिमालयी राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने और नदियों-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है. पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. प्रशासन भी संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए है.


    पूर्वी भारत में बिजली गिरने का खतरा

    पूर्वी भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है.


    देश के 18 राज्यों में बारिश और तेज आंधी का अलर्ट

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 10 जुलाई के लिए देश के 18 राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की है. प्रभावित राज्यों में उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, महाराष्ट्र और केरल शामिल हैं. विभाग के अनुसार कई इलाकों में 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं, कुछ राज्यों में बड़े आकार के ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।


    मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

    समुद्र और नदी किनारे रहने वाले लोगों के साथ-साथ मछुआरों को भी सतर्क रहने को कहा गया है. विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए समुद्र में नहीं जाने और नदी तटीय क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह जारी की है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसके साथ ही मानसून ट्रफ उत्तर-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है. यही प्रणाली कई राज्यों में लगातार बारिश और तेज हवाओं की वजह बन रही है।


    किन राज्यों पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर?

    मौसम विभाग के अनुसार 10 जुलाई को दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत कुल 18 राज्यों में कहीं भारी तो कहीं बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है. कई जिलों के लिए अलग-अलग स्तर के अलर्ट भी जारी किए गए हैं. आगे हम राज्यवार और जिला स्तर पर जानेंगे कि 10 जुलाई को कहां सबसे ज्यादा बारिश की संभावना है, किन जिलों में तेज आंधी चल सकती है और किन इलाकों में लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत होगी।

  • बारिश से बेहाल मध्यप्रदेश अंडरब्रिज डूबे नदियां उफान पर कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

    बारिश से बेहाल मध्यप्रदेश अंडरब्रिज डूबे नदियां उफान पर कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में मानसून अब पूरे शबाब पर है और लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बीते चौबीस घंटे के दौरान 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। धार में सबसे अधिक करीब 2.4 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई जबकि राजगढ़ रतलाम शिवपुरी टीकमगढ़ खरगोन भोपाल और उज्जैन सहित कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर नदी नाले उफान पर आ गए हैं और लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

    शाजापुर जिले में हालात ऐसे बन गए कि शिक्षकों को जान जोखिम में डालकर उफनता नाला पार कर स्कूल पहुंचना पड़ा। वहीं रतलाम में सागोद रोड से ईश्वर नगर जाने वाले अंडरब्रिज में पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हो गया। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों को लंबा रास्ता तय कर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।

    प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार सुबह से रिमझिम और तेज बारिश का दौर जारी है। कहीं पिछले 16 घंटे से लगातार मध्यम और तेज बारिश हो रही है तो कहीं सुबह से आसमान में बादल छाए रहने के साथ लगातार फुहारें पड़ रही हैं। इस बारिश से जहां उमस और गर्मी से राहत मिली है वहीं निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में नदी नालों के उफान ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।

    भोपाल के जलस्रोतों पर भी बारिश का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है। कुलांस नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे राजधानी के बड़े तालाब में पानी की आवक तेज हो गई है। दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में लगातार बारिश के कारण कई छोटे बड़े नाले उफान पर हैं। कई गांवों का संपर्क अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है और प्रशासन लोगों से अनावश्यक रूप से नदी नाले पार नहीं करने की अपील कर रहा है।

    मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई स्थानों पर चौबीस घंटे के दौरान चार से आठ इंच तक बारिश हो सकती है। श्योपुर शिवपुरी गुना अशोकनगर सागर और टीकमगढ़ जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जहां लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    इसके अलावा ग्वालियर मुरैना भिंड दतिया निवाड़ी छतरपुर दमोह कटनी जबलपुर नरसिंहपुर रायसेन नर्मदापुरम विदिशा सीहोर राजगढ़ आगर मालवा उज्जैन इंदौर धार झाबुआ नीमच और मंदसौर में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल देवास हरदा बैतूल खरगोन बड़वानी खंडवा बुरहानपुर छिंदवाड़ा सिवनी मंडला बालाघाट पन्ना सतना रीवा सीधी शहडोल और सिंगरौली सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
    इसके अलावा ग्वालियर मुरैना भिंड दतिया निवाड़ी छतरपुर दमोह कटनी जबलपुर नरसिंहपुर रायसेन नर्मदापुरम विदिशा सीहोर राजगढ़ आगर मालवा उज्जैन इंदौर धार झाबुआ नीमच और मंदसौर में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल देवास हरदा बैतूल खरगोन बड़वानी खंडवा बुरहानपुर छिंदवाड़ा सिवनी मंडला बालाघाट पन्ना सतना रीवा सीधी शहडोल और सिंगरौली सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी नालों से दूर रहें जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर और तेज होने की संभावना बनी हुई है।

  • मूसलाधार बारिश के बाद इंदौर में दर्दनाक हादसा नाले में बहे युवक का शव बरामद अहीरखेड़ी का युवक अब भी लापता

    मूसलाधार बारिश के बाद इंदौर में दर्दनाक हादसा नाले में बहे युवक का शव बरामद अहीरखेड़ी का युवक अब भी लापता


    इंदौर । इंदौर में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच हुए हादसों ने शहर को झकझोर दिया है। बुधवार शाम हुई मूसलाधार बारिश के दौरान अलग अलग स्थानों पर तेज बहाव में दो युवक बह गए थे। इनमें लसूड़िया क्षेत्र से लापता हुए युवक का शव गुरुवार सुबह बरामद कर लिया गया जबकि अहीरखेड़ी क्षेत्र से बहा युवक अब भी लापता है। पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही है।

    पुलिस के अनुसार लसूड़िया मोरी निवासी 34 वर्षीय गोलू पंवार बुधवार रात करीब नौ बजे अपने पिता के लिए खाना लेकर जा रहा था। रास्ते में वह नाले के किनारे से गुजर रहा था तभी तेज बारिश के कारण बढ़े पानी के बहाव में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नाले में बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने रात में उसकी तलाश शुरू की लेकिन अंधेरा और तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी।

    गुरुवार सुबह एसडीईआरएफ की टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद गोलू का शव पुल के नीचे कचरे में फंसा मिला। टीम ने शव को बाहर निकालकर पुलिस को सौंप दिया जिसके बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया। गोलू ईंट निर्माण फैक्ट्री में काम करता था। उसके परिवार में माता पिता और छोटा भाई हैं। उसके पिता एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

    दूसरी ओर अहीरखेड़ी क्षेत्र में बुधवार को तेज बहाव में बहा युवक महेश चौहान अब भी लापता है। जानकारी के अनुसार महेश अपने दोस्त मनीष के साथ पुल की रपट पार कर रहा था। इसी दौरान दोनों पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। मनीष किसी तरह खुद को बचाने में सफल रहा लेकिन महेश बह गया और तब से उसका कोई पता नहीं चल सका है।

    पुलिस और राहत दल ने बुधवार रात से ही आसपास के इलाकों में खोज अभियान शुरू कर दिया था। गुरुवार सुबह भी एसडीईआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया लेकिन समाचार लिखे जाने तक महेश का कोई सुराग नहीं मिला था। अधिकारियों का कहना है कि पानी का बहाव कम होने के साथ खोज अभियान लगातार जारी रहेगा।

    लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई नाले और पुलिया उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों नालों और रपटों को पार करने का प्रयास न करें तथा मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी ऐसे मौसम में बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

  • क्रेडिट कार्ड का कर्ज नहीं चुका पाया डिलीवरी बॉय ने उठाया खौफनाक कदम इंदौर में दो युवकों की मौत से सनसनी

    क्रेडिट कार्ड का कर्ज नहीं चुका पाया डिलीवरी बॉय ने उठाया खौफनाक कदम इंदौर में दो युवकों की मौत से सनसनी


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज के दबाव के बीच एक युवा डिलीवरी बॉय की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चंदन नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले 25 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह लंबे समय से आर्थिक परेशानियों और क्रेडिट कार्ड के कर्ज को लेकर तनाव में था। वहीं शहर के आजाद नगर क्षेत्र में भी एक 21 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। दोनों मामलों की पुलिस जांच जारी है।

    पुलिस के अनुसार चंदन नगर के व्यास नगर निवासी लखन कोटे ने बुधवार को अपने घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसकी पत्नी ने परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी जिसके बाद परिजन उसे तत्काल एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन गुरुवार तड़के उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि लखन पार्सल डिलीवरी का काम करने के साथ साथ रेपिडो चलाकर भी परिवार का खर्च उठाता था। पिछले कुछ समय से आमदनी कम हो गई थी जबकि खर्च लगातार बढ़ रहे थे। आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कर्ज लिया था। परिजनों के अनुसार वह समय पर भुगतान नहीं कर पा रहा था और इसी कारण मानसिक तनाव में रहने लगा था। हालांकि उसने कितना कर्ज लिया था इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

    लखन की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी। परिवार में उसके माता पिता पत्नी और बड़ा भाई हैं। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है इसलिए आत्महत्या के कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस आर्थिक लेनदेन और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

    इधर आजाद नगर थाना क्षेत्र के इदरीश नगर में रहने वाले 21 वर्षीय अनोज एड्रयू ने भी अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव कुछ परिचित लोग अस्पताल लेकर पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि शव अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल इस मामले में भी जांच जारी है और आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव की गंभीरता की ओर संकेत करती हैं। पुलिस दोनों मामलों में सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • दिल्ली-NCR में तेज आंधी और झमाझम बारिश से कूल-कूल हुआ मौसम…. आज कई राज्यों में अलर्ट

    दिल्ली-NCR में तेज आंधी और झमाझम बारिश से कूल-कूल हुआ मौसम…. आज कई राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) और एनसीआर (NCR) में गुरुवार रात तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश (Strong Winds, Thunderstorms Rain) के साथ मौसम ने अचानक करवट ले ली. दिनभर की भीषण गर्मी (Scorching heat) और उमस के बाद आई बारिश ने लोगों को राहत दी, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रेड अलर्ट जारी कर दिया।

    दिल्ली के कई इलाकों में देर रात तेज हवाएं चलीं, आसमान में घने बादल छा गए और बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों तक गरज-चमक के साथ बारिश जारी रह सकती है. इस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और उनके झोंके 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है.

    IMD ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, कमजोर ढांचों और पेड़ों से दूर रहने तथा खुले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है. विभाग के मुताबिक रेड अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति जान-माल के लिए खतरा पैदा कर सकती है और तत्काल सावधानी बरतना जरूरी है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पाकिस्तान और उससे सटे क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर वायुमंडलीय अस्थिरता बढ़ी है. इसी वजह से दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में मौसम तेजी से बदल रहा है.


    दिल्ली समेत इन राज्यों में आज भी बारिश

    शुक्रवार को भी उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम सक्रिय रहेगा. दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर राजस्थान में गरज-चमक, तेज हवाओं और धूल भरी आंधी की संभावना है. वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

    दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. केरल, तटीय कर्नाटक, अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, सिक्किम और पश्चिमी असम में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।

    हालांकि बारिश के बावजूद राजस्थान और विदर्भ के कुछ हिस्सों में लू का असर जारी रह सकता है. गुरुवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि उमस के कारण महसूस किया जाने वाला तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में बादल और बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

  • 36 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, 17 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट; 90 किमी रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

    36 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, 17 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट; 90 किमी रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं


    नई दिल्ली ।
    भीषण गर्मी से जूझ रहे देश के कई हिस्सों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। आगामी 36 घंटों के दौरान मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं के साथ बारिश का यह दौर कई इलाकों में सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकता है। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा को लेकर सावधान रहने की चेतावनी दी गई है।

    गर्मी के बीच मौसम ने बदली चाल

    लगातार बढ़ते तापमान और लू के हालात के बीच मौसम में यह बदलाव राहत लेकर आ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण बिहार और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाकों में भी एक मजबूत मौसम प्रणाली विकसित हुई है। इन प्रणालियों के प्रभाव से पूर्वी और उत्तरी भारत में मौसम तेजी से बदलने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, मेघालय, त्रिपुरा और पश्चिमी मध्य प्रदेश सहित 17 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

    पूर्वी राज्यों में ज्यादा असर की आशंका

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार पूर्वी भारत के राज्यों में मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। इसके साथ ही बिजली गिरने और वज्रपात का भी खतरा बना रहेगा। ऐसे हालात में लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

    बिहार के कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की संभावना जताई गई है। राजधानी पटना में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं झारखंड के कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश का असर दिखाई दे सकता है। पश्चिम बंगाल के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में भी मौसम का प्रभाव बना रहेगा।

    दिल्ली-यूपी समेत उत्तर भारत पर नजर

    राष्ट्रीय राजधानी और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी मौसम तेजी से बदल सकता है। दिल्ली में फिलहाल तापमान ऊंचा बना रहेगा, लेकिन आने वाले दिनों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी जिलों में बारिश के साथ तेज हवा चलने के संकेत हैं। कई शहरों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

    उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं और बारिश के चलते यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट देखने के बाद ही सफर करने की सलाह दी गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस बदलाव से कई क्षेत्रों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है, हालांकि तेज हवाओं और वज्रपात के कारण सतर्कता बेहद जरूरी रहेगी।