छत्तीसगढ़ के जांबाजों का सम्मान: 77वें गणतंत्र दिवस पर 10 पुलिसकर्मियों को मिलेगा 'सराहनीय सेवा पदक'


रायपुर । 77वें गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के गौरवशाली अवसर पर छत्तीसगढ़ पुलिस के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के 10 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस यानी सराहनीय सेवा पदक के लिए चुना है। यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों प्रदान किया जाएगा। यह पदक उन जांबाजों को दिया जा रहा है जिन्होंने अपनी कर्तव्यनिष्ठा, साहस और कार्यकुशलता से राज्य की कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में मिसाल पेश की है।

इन 10 जांबाजों के नाम सराहनीय सेवा पदक

सराहनीय सेवाओं के लिए चयनित अधिकारियों की सूची में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर जमीनी स्तर पर तैनात जांबाज शामिल हैं ध्रुव गुप्ता: आईजी पुलिस मुख्यालय रायपुर। प्रशांत ठाकुर: डीआईजी एवं एसएसपी, सूरजपुर। श्वेता राजमणी: कमांडेंट, 19वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल जगदलपुर। रवि कुमार कुर्रे पुलिस अधीक्षक जिला कोरिया। कौशिल्या भट्ट: निरीक्षक पुलिस मुख्यालय, रायपुर। रोहित कुमार झा: सहायक महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय, रायपुर। कमलेश कुमार मिश्रा: निरीक्षक विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय। दल सिंह नामदेव: प्लाटून कमांडर। महेन्द्र कुमार पाठक: उप निरीक्षक जिला नारायणपुर।मनोज कुमार साहू: सहायक उप निरीक्षक जिला बस्तर। क्यों दिया जा रहा है यह सम्मान

चयनित पुलिसकर्मियों ने अपने करियर के दौरान कई चुनौतीपूर्ण मोर्चों पर खुद को साबित किया है नक्सल मोर्चे पर सफलता: कई अधिकारियों ने बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियानों और शांति बहाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रशासनिक सुधार पुलिस मुख्यालय में तैनात अधिकारियों को उनकी अनुकरणीय कार्यशैली और संगठनात्मक सुधारों के लिए सम्मानित किया जा रहा है। अनुशासन और समर्पण: यह पदक उन कर्मियों को मिलता है जिनकी सेवा का रिकॉर्ड दागमुक्त और संसाधनपूर्ण रहा हो।

राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक

सराहनीय सेवा पदकों के अलावा, छत्तीसगढ़ के डीजी जेल हिमांशु गुप्ता को ‘विशिष्ट सेवाओं’ के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा, जो पुलिस सेवा का सर्वोच्च सम्मान है।