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  • UP: अमेठी में एक मेले में कचौरी-टिक्की खाने से बीमार हुए 102 लोग, दो गिरफ्तार

    UP: अमेठी में एक मेले में कचौरी-टिक्की खाने से बीमार हुए 102 लोग, दो गिरफ्तार


    अमेठी।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अमेठी जिले (Amethi district) के कोटवा गांव में आयोजित एक मेले के दौरान स्नैक्स (Snacks) खाने से 102 लोग अचानक बीमार पड़ गए. बताया जा रहा है कि मेले में लगे एक स्टॉल से कचौरी और टिक्की खाने (Kachoris and Tikkis Eating) के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है और इस मामले में दो लोगों को अरेस्ट कर लिया है।

    पुलिस अधीक्षक (SP) सरवणन टी ने बताया कि पुलिस ने मेले में फूड स्टॉल लगाने वाले राजकुमार और कुकिंग ऑयल इस्तेमाल करने वाले शिव कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया है। फूड सेफ्टी ऑफिसर मिथुन की शिकायत पर दर्ज की गई एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 275 और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के रिलेवेंट प्रोविजन्स लगाए गए हैं।

    एसपी के मुताबिक मोहनगंज थाना एरिया के मटरवा गांव के रहने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ की जा रही है.

    चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. अंशुमन सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधान ने अधिकारियों को सूचना दी थी कि मेले में स्नैक्स खाने के बाद बच्चों और बड़ों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई है. इसके तुरंत बाद एक मेडिकल टीम गांव पहुंची, 39 बच्चों और 63 वयस्कों समेत कुल 102 लोगों की जांच और इलाज शुरू किया गया।

    वहीं, गंभीर रूप से बीमार 10 बच्चों और सात वयस्कों समेत कुल 17 लोगों को इलाज के लिए तिलोई के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। CMO ने कहा कि सभी मरीज खतरे से बाहर हैं और सिचुएशन पर नजर रखने के लिए एक हेल्थ टीम गांव में तैनात है।

  • नर्मदा जल विवाद पर बड़ा फैसला…. महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त क्षेत्रों को गुजरात के उकाई डैम से मिलेगा 5 TMC पानी

    नर्मदा जल विवाद पर बड़ा फैसला…. महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त क्षेत्रों को गुजरात के उकाई डैम से मिलेगा 5 TMC पानी


    मुंबई/गांधीनगर।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) को नर्मदा जल विवाद (Narmada Water Dispute) के तहत गुजरात के उकाई बांध से 5 TMC पानी मिलेगा. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की समीक्षा समिति की बैठक में महाराष्ट्र के हिस्से का पानी उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया. यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब राज्य के 80 प्रतिशत से अधिक तालुका सूखे से प्रभावित बताए गए हैं।

    जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण ने महाराष्ट्र के लिए कुल 10 TMC पानी आवंटित किया है. इसमें से 5 TMC पानी डायवर्जन नहर के जरिए दिया जाएगा, जबकि बाकी 5 TMC पानी गुजरात के उकाई बांध से उपलब्ध कराया जाएगा।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैठक में उकाई बांध से 5 TMC पानी छोड़े जाने की मंजूरी मांगी. उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई पिछली बैठक में महाराष्ट्र को उसके हिस्से का पानी देने का निर्णय लिया गया था।


    सीआर पाटिल ने दिए जरूरी निर्देश

    विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने बैठक में आवश्यक निर्देश दिए. बैठक में नर्मदा जल बंटवारे और महाराष्ट्र को उसके निर्धारित हिस्से का पानी उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

    वर्चुअल माध्यम से आयोजित बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अलावा गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी शामिल हुए।


    सूखे के बीच पानी की मांग

    महाराष्ट्र में सूखे की गंभीर स्थिति के बीच पानी की उपलब्धता का मुद्दा अहम हो गया है. जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य के 80 प्रतिशत से अधिक तालुका सूखे से प्रभावित हैं. ऐसे में नर्मदा जल बंटवारे के तहत निर्धारित पानी उपलब्ध होने से राज्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है. हालांकि, पानी की आपूर्ति कब शुरू होगी और इसका वितरण किन क्षेत्रों में किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी विज्ञप्ति में नहीं दी गई है।


    नर्मदा परियोजना की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा

    बैठक के दौरान फडणवीस ने नर्मदा परियोजना के तहत महाराष्ट्र की जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी. अब उकाई बांध से पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया, आपूर्ति का समय और संबंधित व्यवस्थाओं पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

  • हैदराबादः भगवान राम की मूर्ति हटाने का विरोध.. BJP बोली – कांग्रेस का तेलंगाना में भी होगा UP जैसा हाल

    हैदराबादः भगवान राम की मूर्ति हटाने का विरोध.. BJP बोली – कांग्रेस का तेलंगाना में भी होगा UP जैसा हाल


    हैदराबाद।
    तेलंगाना (Telangana) की राजधानी हैदराबाद (Hyderabad) में एक चौराहे से भगवान राम की मूर्ति (Lord Ram – Idol) हटाने जाने का भाजपा (BJP) ने विरोध किया है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के ऊपर राम विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस फैसले के बाद उन्हें जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस ने इसी तरह से भगवान राम की मूर्ति हटाई थी। उसके बाद कांग्रेस वहां से साफ हो गई। यही हाल तेलंगाना में भी होने वाला है। बता दें, यह मूर्ति दशहरा के पहले कुछ हिंदु संगठनों द्वारा लगाई गई थी। बाद में इन संगठनों ने चौराहे का नाम बदलने की अपील की थी।

    दशहरे के कार्यक्रम के पूरा होने के बाद कुछ हिंदू समूहों ने चौराहे का नाम बदलने की अपील करते हुए मूर्ति को यहीं स्थापित रखने पर जोर दिया। प्रशासन को इसकी जानकारी मिलने के बाद नगर प्रशासन ने ट्रस्ट को मूर्ति हटाने का आदेश जारी कर दिया। सोशल मीडिया पर भी भगवान राम की मूर्ति हटाए जाने का वीडियो तेजी के साथ वायरल हो रहा है।


    प्रशासन ने दिया सुप्रीम कोर्ट का हवाला
    हिंदू संगठनों की तरफ से किए जा रहे विरोध के बीच नगर प्रशासन ने कानून का हवाला दिया। प्रशासन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के नियम का हवाला देते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों, फुटपाथों और सार्वजनिक ऊपयोग की जगह पर गैर कानूनी रूप से मूर्तियां स्थापित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।


    भाजपा बोली- कांग्रेस का उत्तर प्रदेश जैसा हाल होगा
    भारतीय जनता पार्टी के तेलंगाना अध्यक्ष एन रामचंद्र राव ने कहा कि कांग्रेस को अब जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस सरकार ने भगवान राम की प्रतिमा को हटाने की कोशिश की है। इससे पहले भी 1949 में पंडित नेहरू की सरकार ने प्रतिमा को हटा दिया था। बाद में कांग्रेस उत्तर प्रदेश से गायब हो गई। अब कांग्रेस सरकार ने बशीरबाग में भी अपनी हरकत को दोहराया है। फिर वही हाल कांग्रेस का इंतजार कर रहा है। लोग न भूलते हैं और न ही माफ करते हैं।

    इस घटनाक्रम का भाजपा और विश्व हिंदू परिषद की तरफ से विरोध किया गया। भाजपा के तेलंगाना सोशल मीडिया हैंडल पर कांग्रेस को हिंदू विरोधी मानसिकता का करार दिया गया। पोस्ट में लिखा गया, “कांग्रेस सरकार की हिंदू-विरोधी मानसिकता एक बार फिर सबके सामने आ गई है। हैदराबाद में बशीरबाग मंदिर के पास, दशहरा के पावन अवसर पर हिंदू संगठनों द्वारा स्थापित प्रभु श्री राम की मूर्ति को हटाना, करोड़ों भक्तों का सीधा अपमान है। उत्तर प्रदेश से लेकर बंगाल तक, जनता ने हमेशा राजनीतिक अहंकार को कुचला है। तेलंगाना की जनता न तो माफ करेगी और न ही चुप बैठेगी।”

    बता दें, विश्व हिंदू परिषद और भाजपा समेत कई हिंदु संगठन इस चौराहे का नाम बशीबाग से बदलकर श्रीराम चौक करने की मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं। मूर्ति के हटाए जाने के बाद विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविनुथला शशिधर ने कहा कि भविष्य में मंदिर में 108 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब हैदराबाद समेत राज्य के कई शहरों के पुराने नाम बहाल किए जाएंगे।

  • CBI: केनरा बैंक से 212 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में IL&FS के एमडी और निदेशकों पर केस दर्ज

    CBI: केनरा बैंक से 212 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में IL&FS के एमडी और निदेशकों पर केस दर्ज


    मुंबई।
    केनरा बैंक (Canara Bank) की शिकायत पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) (Central Bureau of Investigation – CBI) ने आईएल एंड एफएस एनर्जी डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (IL&FS Energy Development Company Limited) और उसके प्रबंध निदेशकों व निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. यह मामला बैंक के साथ कथित धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ा है. सीबीआई के मुताबिक, इस मामले में बैंक को 212.34 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप है. मामले में भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।

    सीबीआई ने यह मामला मुंबई के बांद्रा पूर्व स्थित केनरा बैंक के मंडल कार्यालय की शिकायत के आधार पर दर्ज किया है. मामले में कंपनी के प्रबंध निदेशक और निदेशक सुनील वाधवा, अनूप सेठ, हरि शंकरन, रमेश चंद्र बाव और अरुण कुमार साहा के नाम शामिल हैं. इसके अलावा कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और निजी लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

    सीबीआई के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर आपराधिक साजिश के तहत तत्कालीन सिंडिकेट बैंक से 100 करोड़ रुपये का सावधि कर्ज लिया था. यह कर्ज मुंबई की एलसीबी शाखा से लिया गया था. इसके अलावा लंदन शाखा से 5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का कर्ज भी लिया गया था. आरोप है कि कंपनी ने बैंक से मिले पैसों का इस्तेमाल उस उद्देश्य के लिए नहीं किया, जिसके लिए कर्ज मंजूर किया गया था. सीबीआई के मुताबिक, कंपनी ने बैंक की रकम को अपनी सहयोगी कंपनियों के जरिए दूसरी जगह भेज दिया और इससे बैंक को नुकसान हुआ।


    मुंबई, दिल्ली और नोएडा में सीबीआई की छापेमारी

    सीबीआई ने 21 अक्टूबर 2026 को मामला दर्ज करने के बाद कंपनी के प्रबंध निदेशक और निदेशकों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली. ये तलाशी मुंबई, दिल्ली और नोएडा समेत कई जगहों पर की गई.तलाशी के दौरान जांच से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद हुए. इनमें बैंक से जुड़े दस्तावेज, जमा पर्चियां, म्यूचुअल फंड से जुड़े कागजात, निदेशकों के बैंक खातों और संपत्तियों की जानकारी और कंपनी के बही-खाते शामिल हैं. सीबीआई ने इन दस्तावेजों को जब्त कर लिया है।

  • बिहार में वोटिंग से पहले हाई वोल्टेज ड्रामा…. RJD उम्मीदवार के घर पहुंची पुलिस

    बिहार में वोटिंग से पहले हाई वोल्टेज ड्रामा…. RJD उम्मीदवार के घर पहुंची पुलिस


    पटना।
    बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) की 8 सीटों के लिए आज (शुक्रवार 23 अक्टूबर) मतदान (Voting) हो रहा है. इससे पहले पटना में देर रात हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. पटना शिक्षक निर्वाचन सीट (Patna Teachers’ Constituency Seat) से RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार (RJD candidate Dr. Sanjeev Kumar) के घर पुलिस पहुंची. बताया जा रहा है कि पुलिस और प्रशासन को जानकारी मिली थी कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए कुछ लोग RJD उम्मीदवार के घर पहुंचे हैं।

    हालांकि, RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने अपने घर का गेट पुलिस के लिए नहीं खोला. इसके बाद देर रात उन्होंने मीडिया से बात की और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

    इस घटनाक्रम को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा. तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि आखिर बिना सर्च वारंट के पुलिस RJD उम्मीदवार के घर क्यों पहुंची थी? तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि लालू प्रसाद यादव हों, तेजस्वी यादव हों या RJD के दूसरे नेता, वे डरने वाले नहीं हैं।


    8 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग

    बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए आज सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान हो रहा है. इन सीटों के लिए कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. चुनाव में 5,32,847 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इनमें 3,86,199 पुरुष, 1,46,611 महिला और 37 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं।

    स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की इन 8 सीटों पर कुल 150 प्रत्याशी मैदान में हैं. इनमें स्नातक सीटों पर 90 और शिक्षक सीटों पर 60 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है. पटना में सभी मतदान केंद्रों पर मतदान की तैयारी पूरी कर ली गई थी।

  • मेघालय: MDA गठबंधन में पहले दूसरी बड़ी पार्टी थी UDP… अब बचा मात्र एक विधायक

    मेघालय: MDA गठबंधन में पहले दूसरी बड़ी पार्टी थी UDP… अब बचा मात्र एक विधायक


    नई दिल्ली।
    भारत (India) के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय (Northeastern State Meghalaya) में MDA गठबंधन की सरकार है, जिसने राज्य की 60 में से 51 सीटों को अपने नाम किया है। खास बात है कि इसी गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) और UDP यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी भी है। राजनीतिक उठा पटक ऐसी हुई कि UDP जो गठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी थी, अब घटकर महज 1 विधायक पर आ गई है। वहीं, भाजपा बढ़कर दहाई के आंकड़े पर आ गई है। विस्तार से समझते हैं।

    एक गठबंधन है MDA, जिसकी अगुवाई नेशनल पीपुल्स पार्टी कर रही है। राज्य में एनपीपी के पास कुल 33 विधायक हैं। वहीं, पाला बदलने से पहले यूडीपी के पास सदस्यों की संख्या 12 पर थी। जबकि, भाजपा 2 सदस्यों के साथ थी। अब यूडीपी के 8 विधायक भाजपा में जा चुके हैं, जबकि 3 अन्य एनपीपी में विलय की कोशिशों में लगे हुए हैं।


    भाजपा में गए ये 8 विधायक

    आठ विधायकों में लखमेन रिम्बुई, पियस मारवेन, किरमेन श्यल्ला, मायरालबॉर्न सिएम, मैथ्यू बियॉन्डस्टार कुर्बाह, ओलन सिंह सुइन, बालाजीद कुपार सिनरेम और सिनशर कुपार रॉय लिंगदोह थाबाह शामिल हैं। इसके साथ ही भाजपा के विधायकों की संख्या 10 पर पहुंच गई थी। ये नेता 23 सितंबर को भाजपा में शामिल हुए थे और दो दिन बाद ही मेघालय विधानसभा को विलय के बारे में जानकारी दी थी। हाल ही में इस विलय को मान्यता दे दी गई है।


    NPP में जाने की कोशिश में तीन विधायक

    इसके साथ ही यूडीपी के पास महज 4 विधायक बचे थे, जिनमें से तीन एनपीपी में जा रहे हैं। खास बात है कि इसके बाद राज्य में यूडीपी के पास पार्टी अध्यक्ष मेतबाह लिंगदोह के रूप में एक ही विधायक रह जाएंगे, जो राज्य सरकार में मंत्री हैं। राज्य के मुख्यमंत्री कोनराड सांगमा हैं। उनकी पार्टी के विधायकों की संख्या 33 से बढ़कर 36 हो जाएगी।


    क्यों बदल रहे हैं पाला

    विधायक किरमिन शायला ने कहा, ‘हमारी पांच बड़ी मांगें हैं, जैसे राज्य में कोयला निकालना और MRSSA कानून। केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा जैसी पार्टी इन बातों को सुलझा सकती है। उन्होंने हमें पक्का भरोसा दिया है कि इन मांगों को पूरा किया जाएगा, इसलिए हमने भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया है।’

    उन्होंने कहा, ‘भाजपा लंबे समय से राज्य विधानसभा में दो अंकों की संख्या में अपनी मौजूदगी चाहती थी। अब जब बीजेपी के पास 10 विधायक हैं, तो इससे न केवल पार्टी को बल्कि आम जनता को भी फायदा होगा। आखिरकार लोग काम होते देखना चाहते हैं और अगर भाजपा इसे पूरा कर पाती है, तो लोग पार्टी को और मौके देंगे।’

    भाजपा प्रवक्ता एम खारक्रांग ने कहा, ‘पार्टी जो भी हो। राज्य का विकास प्राथमिकता है। समय गुजरने के साथ उन्हें लगा कि मुश्किल से कोई नतीजे मिल रहे हैं और राज्य के लिए काम करना मुश्किल हो रहा है। इसलिए उन्होंने ऐसी पार्टी चुनी, जो केंद्र में भी है। वो लोगों के लिए और भी अच्छे से काम कर सकेंगे।’


    NPP में जाने वाले क्या बोले

    पश्चिम शिलॉन्ग से विधायक पॉल लिंगदोह एनपीपी में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूडीपी में संगठन स्तर पर समस्याएं हैं। उन्होंने कहा, ‘मेघालय पर इसका अच्छा असर होगा। खंडित जनादेश के कारण राज्य को कई बार नुकसान उठाना पड़ा है, जिससे अस्थिरता आई और बार बार सत्ता परिवर्तन हुआ। अब जब हमने एकजुटता बना ली है, तो हालात काफी बेहतर हो जाएंगे।’


    UDP ने पार्टी से निकाला

    लिंगदोह ने वेस्ट शिलांग के विधायक पॉल लिंगदोह, मावकिरवाट के विधायक रेनिक्टन लिंगदोह टोंगखर और मूकाइआव के विधायक नुजोर्की सुंगोह की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी। पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘आज स्थानीय समाचारों से यह स्पष्ट है कि आप सभी नेशनल पीपुल्स पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। इसलिए यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष के रूप में मुझे प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए मैं आप तीनों को आज, 19 अक्टूबर 2026 से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करता हूं।’

  • AAP का आरोप…. दिल्ली एयरपोर्ट पर CM भगवंत मान को 3 घंटे तक रोका… 50 हजार का जुर्माना लगाया?

    AAP का आरोप…. दिल्ली एयरपोर्ट पर CM भगवंत मान को 3 घंटे तक रोका… 50 हजार का जुर्माना लगाया?


    नई दिल्ली।
    पंजाब (Punjab) में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) होने वाले हैं। इसे देखते हुए पंजाब की राजनीति गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोप लगाया है कि पेरिस (Paris) में एक फूड ट्रेड फेयर से लौटते समय 19 अक्टूबर की देर रात पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Mann) को दिल्ली एयरपोर्ट (Delhi Airport) पर तीन घंटे तक रोककर रखा गया। उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। AAP के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने ये आरोप लगाए हैं।

    आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार भगवंत मान को अपमानित करने और पंजाब की गरिमा को ठेस पहुंचाने की एक सोची-समझी कोशिश है। पन्नू ने आरोप लगाया, “जब मुख्यमंत्री पेरिस से लौटकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें जानबूझकर रोका गया। बहाने बनाए गए कि उनका सामान अभी आ रहा है या अभी चेक हो रहा है। ये सरासर झूठ थे। तीन घंटे बाद जब भगवंत मान को जाने दिया गया तो उन पर 50,000 रुपये का चालान काट दिया गया।”


    चालान क्यों काटा गया?

    पन्नू ने आगे कहा, “तीन घंटे बाद जब भगवंत मान अपना सामान गाड़ी में रखकर निकलने ही वाले थे तो अधिकारी दौड़ते हुए उनके पास आए और कहा कि उन पर ऊपर से भारी दबाव है। इसके बाद उन्होंने 50,000 रुपये का एक बेतुका चालान काट दिया। यह पंजाब की पहचान और गरिमा पर सीधा हमला है।” पन्नू ने यह नहीं बताया कि जुर्माना किस वजह से लगाया गया।


    हाईकोर्ट से मिली थी भगवंत मान को मंजूरी

    आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने भगवंत मान की पेरिस यात्रा के लिए मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पंजाब सरकार पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट पहुंच गई। हाईकोर्ट ने केंद्र के फैसले को रद्द करते हुए कहा कि केंद्र ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह राजनीतिक पहलू या दृष्टिकोण क्या है। पन्नू ने बताया कि मान की फ्रांस यात्रा को मंजूरी देते समय हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि पंजाब के मुख्यमंत्री को उचित प्रोटोकॉल दिया जाए, लेकिन केंद्र सरकार की दुर्भावना इतनी थी कि पेरिस में मौजूद कॉन्सल जनरल भी उनसे मिलने नहीं आए।

    पन्नू ने कहा, “क्या कभी किसी मुख्यमंत्री को इस तरह हवाई अड्डे पर तीन घंटे तक रोका गया है? क्या कभी किसी मुख्यमंत्री का 50,000 रुपये का चालान काटकर अपमान किया गया है? ऐसा सिर्फ इसलिए हो रहा है क्योंकि भगवंत सिंह मान एक पंजाबी हैं, पंजाब के मुख्यमंत्री हैं और पंजाब की बेहतरी के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।”

    पन्नू ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पंजाब और पंजाबी पहचान को कमजोर करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। चाहे किसानों को डेढ़ साल तक दिल्ली की सीमाओं पर रोके रखना हो या पंजाब के हक का फंड रोक देना हो, केंद्र सरकार ने लगातार हर स्तर पर पंजाब का गला घोंटने की कोशिश की है।”

  • J&K : मेजर रैंक के अफसर की पत्नी पर चीन एजेंट को संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप…. केस दर्ज

    J&K : मेजर रैंक के अफसर की पत्नी पर चीन एजेंट को संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप…. केस दर्ज


    नई दिल्ली।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में एक मेजर रैंक के अधिकारी की पत्नी पर चीनी खुफिया एजेंसियों (Chinese intelligence agencies) के लिए संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप लगा है। जासूसी के आरोप में महिला के खिलाफ पुलिस ने रविवार को केस दर्ज किया। आरोप है कि उसने राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर एक शोध पत्र तैयार करके चीनी एजेंसी के साथ साझा किया। इन शोध पत्रों को लिखने के लिए उसने चैटजीपीटी (ChatGPT) और क्लाउड जैसे एआई टूल का इस्तेमाल किया था।

    अभी इस मामले में महिला को गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन एफआईआर दर्ज होने के बाद उससे पूछताछ की जा रही है। खबर है कि महिला जांच में पुलिस का पूरा सहयोग कर रही है। इसकी जांच एक उपाधीक्षक को सौंपी गई है। पुलिस के मुताबिक, तेलंगाना की रहने वाली यह महिला उच्च शिक्षित है। उसने 2021 में बेंगलुरु से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में मास्टर डिग्री और 2022 में जिनेवा से स्नातकोत्तर या PG की पढ़ाई की है। 2023 में उसने संयुक्त राष्ट्र के साथ आईटी इंटर्नशिप की थी और वर्तमान में एक फ्रीलांस रिसर्चर के रूप में काम कर रही है। उसकी शादी अक्तूबर, 2023 में भारतीय सेना के एक मेजर से हुई थी।


    यूएन में चीनी नागरिक से बना संपर्क

    महिला ने अपनी यूएन इंटर्नशिप के दौरान कई विदेशी नागरिकों से बातचीत की थी। इसमें एक चीनी नागरिक भी शामिल था, जिसके साथ वह व्हाट्सऐप पर संपर्क में थी। इसके अलावा, 2024 में वह सोशल मीडिया के जरिये एक मलेशियाई नागरिक के संपर्क में थी, जो एक कंसल्टेंसी चलाता है और कथित तौर पर चीनी खुफिया एजेंसियों के लिए काम कर रहा था।


    स्टेशन पर पकड़ी महिला

    केंद्रीय खुफिया एजेंसी और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने गत 14 अक्तूबर को जम्मूतवी रेलवे स्टेशन पर महिला को उस समय रोका, जब वह पठानकोट के लिए ट्रेन पकड़ने की तैयारी कर रही थी। उसे पास के एक सैन्य स्टेशन ले जाकर पूछताछ की गई और उसका मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।


    एआई को आधार बनाया

    महिला का दावा है कि उसने जो भी सामग्री तैयार की, वह पूरी तरह से ओपन-सोर्स जानकारी और एआई प्लेटफॉर्म्स पर आधारित थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने के लिए उसके डिजिटल उपकरणों और वित्तीय लेनदेन का व्यापक फोरेंसिक विश्लेषण कर रही हैं कि क्या उसने फ्रीलांस रिसर्च के नाम पर जानबूझकर विदेशी संपर्कों के साथ संवेदनशील जानकारी साझा की थी।

    अधिकारियों के अनुसार, महिला के फोन से कई मुद्दों पर शोध लिखे दस्तावेज मिले हैं। इसमें जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा, अरुणाचल प्रदेश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और ड्रोन तैनाती जैसे संवेदनशील विषय हैं। मानेकशॉ सेंटर में भारत-इटली रक्षा बैठक, भारतीय सेना प्रमुख की अमेरिका यात्रा, भारत-रूस रक्षा समझौता आदि दस्तावेज मिले हैं।

    अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में शुक्रवार को जम्मू के गांधी नगर थाने में मामला दर्ज किया गया है। महिला पर जासूसी करने और गोपनीय सरकारी जानकारी को बिना अनुमति इस्तेमाल करने से जुड़े शासकीय गोपनीयता अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा आपराधिक साजिश रचने और देश की संप्रभुता के खिलाफ अपराधों से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धाराएं भी लगाई गई हैं।

  • JK: उड़ी के राजेरवानी में भारी बारिश….भूस्खलन से नेशनल हाईवे बंद, 33 केवी लाइन टूटने से अंधेरे में डूबे 50 गांव

    JK: उड़ी के राजेरवानी में भारी बारिश….भूस्खलन से नेशनल हाईवे बंद, 33 केवी लाइन टूटने से अंधेरे में डूबे 50 गांव


    श्रीनगर।
    उत्तरी कश्मीर (North Kashmir) के बारामुला जिले (Baramulla district) के सीमांत सब-डिवीजन उड़ी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश (Torrential Rain) के चलते राजेरवानी क्षेत्र में भारी भूस्खलन (Massive Landslide) हुआ है। इस आपदा से राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, वहीं 33 केवी विद्युत ट्रांसमिशन लाइन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के करीब 40 से 50 गांव अंधेरे में डूब गए हैं।

    जानकारी के अनुसार, एनएचपीसी उड़ी-I के पास एडीआईटी-4 के समीप भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। प्रभावित हिस्से पर लगातार पत्थरों के गिरने से स्थिति काफी जोखिम भरी बनी हुई है।

    प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एक एडवाइजरी जारी कर इस मार्ग से यात्रा न करने की अपील की है। चालकों और यात्रियों को गिंगल–दावरान–परमपिला–बांडी–उड़ी के वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, रात के समय और लगातार गिरते पत्थरों के कारण मलबा हटाने के काम में बाधा आ रही है।

    भूस्खलन की चपेट में आने से मुख्य 33 कीवी विद्युत लाइन टूट गई, जिसके कारण क्षेत्र में शाम से ही ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है। बिजली विकास विभाग (पीडीडी) के एक अधिकारी ने बताया कि प्रतिकूल मौसम और लगातार पत्थरों के गिरने के कारण मरम्मत कर्मियों के लिए मौके पर पहुंचना खतरनाक बना हुआ है। अधिकारी के अनुसार, बांडी और सलामाबाद फीडर मौसम साफ होने और प्रभावित क्षेत्र के सुरक्षित होने तक प्रभावित रह सकते हैं। स्थिति सामान्य होते ही प्राथमिकता के आधार पर बहाली का कार्य शुरू किया जाएगा।

    गौरतलब है कि सड़क चौड़ीकरण कार्य के चलते एनएस ब्रिज और आसपास के इलाकों में गीली मिट्टी और फिसलन के कारण भूस्खलन का जोखिम बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाने, सुरक्षा उपाय पुख्ता करने और बिजली-सड़क संपर्क को जल्द से जल्द बहाल करने की मांग की है। आम जनता से भी अपील की गई है कि जब तक सड़क पूरी तरह सुरक्षित घोषित न हो जाए, तब तक सतर्कता बरतें और वैकल्पिक मार्ग का ही प्रयोग करें।

  • दिल्ली में मतदाता सूची में नाम जोड़ने का एक और मौका मिलेगा…. SIR में छूटे वोटरों की टेंशन हुई कम

    दिल्ली में मतदाता सूची में नाम जोड़ने का एक और मौका मिलेगा…. SIR में छूटे वोटरों की टेंशन हुई कम


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार (Chief Electoral Officer Ashok Kumar) ने सोमवार को कहा कि एसआईआर प्रक्रिया (SIR Process) के दौरान मतदाता सूची से छूटे पात्र मतदाताओं के लिए 18 और 25 अक्तूबर को विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इनमें जवाब दाखिल कर निस्तारण करा सकेंगे, वहीं पात्र लोग फॉर्म-6 भरकर जमा कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि फॉर्म-6 (Form-6) के साथ जरूरी दस्तावेज जमा करने वाले सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची (Voter List) में शामिल किए जाएंगे। कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर नहीं छूटेगा।

    दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के मुताबिक 33 लाख नोटिस पाने वाले मतदाताओं में से करीब 20 लाख मतदाताओं के नोटिस का निस्तारण किया जा चुका है। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में सभी एसडीएम ने अपने-अपने क्षेत्रों में जारी नोटिस के निस्तारित हो चुके मामलों की जानकारी दी।

    सीईओ कार्यालय का कहना है कि तार्किक विसंगतियों और नो-मैपिंग के कारण जिन मतदाताओं को नोटिस जारी हुए थे, उनकी ओर से दस्तावेज जमा कराकर नोटिस का निस्तारण कराया जा रहा है। अब तक ऐसे चार विशेष कैंप लगाए जा चुके हैं।


    पिछले हफ्ते मिले थे विपक्षी दल

    इससे पहले इंडिया गठबंधन के नेताओं ने बीते बुधवार को दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की थी और एसआईआर को रद्द करने और राष्ट्रीय राजधानी की मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए 47.56 लाख लोगों के नाम पुनः जोड़ने की मांग की थी। विपक्षी दलों द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, कश्मीरी गेट से दिल्ली निर्वाचन कार्यालय तक मार्च निकालने के बाद कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, माले और तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट) के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीईओ अशोक कुमार को एक ज्ञापन सौंपा।

    जानकारी के मुताबिक एसआईआर के दौरान तैयार की गई मसौदा सूची से 47 लाख से अधिक नाम बाहर कर दिए गए हैं, जबकि रिकॉर्ड में विसंगतियां होने के कारण 33 लाख से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। बयान में कहा गया था कि विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने नोटिस वापस लेने और उन सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बहाल करने की मांग की, जिनके नाम हटा दिए गए हैं।