ईरान-इजरायल जंग का असर: अबू धाबी के हिंदू मंदिर पर लटके ताले, आसमानी हमलों से दहला रेगिस्तान


नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में छिड़ा भीषण युद्ध अब आस्था के केंद्रों तक पहुँच गया है। ईरान द्वारा अमेरिका और उसके सहयोगियों पर किए जा रहे विनाशकारी पलटवार का सीधा असर अब अबू धाबी स्थित भव्य हिंदू मंदिर पर भी देखने को मिला है। ताजा सुरक्षा हालातों और आसमान से बरसती मिसाइलों के खतरे को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मंदिर को दर्शनार्थियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की तरफ से संयुक्त अरब अमीरात UAE को निशाना बनाकर लगातार दागी जा रही मिसाइलों और ‘शाहेद’ ड्रोन्स की बढ़ती संख्या ने सुरक्षा व्यवस्था को डिलीट कर नई चुनौतियाँ पेश कर दी हैं। मंदिर प्रशासन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं और इस कठिन समय में शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

दूसरी ओर, युद्ध की विभीषिका थमने का नाम नहीं ले रही है। ईरान की तरफ से आ रही मिसाइलों की दूसरी बड़ी खेप की पुष्टि खुद संयुक्त अरब अमीरात की रक्षा प्रणालियों ने की है। अमीरात के सैन्य अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने कई ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है, लेकिन मलबे के गिरने और संभावित खतरों को देखते हुए यूएई ने अपना हवाई क्षेत्र भी अस्थाई तौर पर बंद कर दिया है। मंदिर बंद होने से वहां पहुँचने वाले श्रद्धालुओं में भारी निराशा है, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि होने के कारण प्रशासन ने किसी भी प्रकार की ढील देने से मना कर दिया है।

अबू धाबी का यह मंदिर न केवल वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है बल्कि वैश्विक शांति का प्रतीक भी माना जाता है, लेकिन वर्तमान में युद्ध के बादलों ने इसकी रौनक को अस्थाई रूप से ढक दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यूएई सरकार पल-पल की निगरानी कर रही है और नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है। मंदिर के द्वार फिर कब खुलेंगे, यह पूरी तरह से आगामी सैन्य घटनाक्रमों और क्षेत्र की शांति बहाली पर निर्भर करेगा।