Tag: Indian Cricket

  • दिल्ली में ट्रायल में हुए रिजेक्ट, पिता ने तीन दिन में बदल दी किस्मत: संजू सैमसन ने सुनाया संघर्ष का प्रेरक किस्सा

    दिल्ली में ट्रायल में हुए रिजेक्ट, पिता ने तीन दिन में बदल दी किस्मत: संजू सैमसन ने सुनाया संघर्ष का प्रेरक किस्सा


    नई दिल्ली । टी20 विश्व कप 2026 में भारत की खिताबी जीत के अहम नायकों में शामिल विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने क्रिकेट करियर के शुरुआती संघर्षों का भावुक किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली की टीम में बार-बार जगह नहीं मिलने के बाद उनके पिता ने ऐसा फैसला लिया जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी।

    जियोस्टार के शो ‘सुपरस्टार्स’ में बातचीत के दौरान संजू ने कहा कि बचपन में वह अपने दोस्तों को डीडीसीए की जैकेट पहनकर दिल्ली की टीम के लिए खेलते देखते थे। इससे उनके मन में भी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने का सपना जगा। उन्होंने कई बार ट्रायल दिए, स्टेट कैंप तक पहुंचे और अच्छे रन भी बनाए, लेकिन अंतिम टीम में कभी जगह नहीं मिली।

    संजू ने बताया कि एक ट्रायल के बाद जब चयनित खिलाड़ियों की सूची जारी हुई तो उसमें उनका नाम नहीं था। वह और उनके पिता चुपचाप घर लौट आए। घर पहुंचते ही उनके पिता विश्वनाथन ने मां से कहा कि अब परिवार को केरल जाना होगा। मां ने बच्चों की पढ़ाई का हवाला देते हुए कुछ साल रुकने की सलाह दी, लेकिन पिता अपने फैसले पर अडिग रहे।

    उन्होंने कहा कि पिता ने साफ शब्दों में कहा कि अब और इंतजार नहीं होगा। तीन दिन के भीतर टिकट बुक हुई और पूरा परिवार ट्रेन से केरल रवाना हो गया। वहीं से उनके क्रिकेट करियर का नया अध्याय शुरू हुआ और उन्होंने केरल की ओर से खेलना शुरू किया।

    संजू ने दिल्ली में अपने बचपन की यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनके पिता दिल्ली पुलिस की फुटबॉल टीम से जुड़े थे और रोज अभ्यास के लिए जाते थे। खेल का माहौल देखकर बचपन से ही उन्हें भी खिलाड़ी बनने की प्रेरणा मिली। पुलिस कॉलोनी की सड़कों पर टेनिस बॉल से गली क्रिकेट खेलते-खेलते उनका क्रिकेट के प्रति जुनून बढ़ता गया।

    उन्होंने बताया कि उनके पिता ने कभी फुटबॉल खेलने के लिए मजबूर नहीं किया। हालांकि वे फुटबॉल भी खेलते थे, लेकिन पिता ने उनकी बल्लेबाजी देखकर महसूस किया कि क्रिकेट में उनका भविष्य बेहतर हो सकता है। इसके बाद उन्होंने संजू और उनके भाई दोनों को क्रिकेट पर पूरा ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

    संजू ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम (तत्कालीन फिरोज शाह कोटला) से जुड़ी एक खास याद भी साझा की। उन्होंने बताया कि एक बार उनके पिता की वहां ड्यूटी थी। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध कर उन्हें नेट्स में अभ्यास करने का मौका दिलाया। संजू, उनके भाई और पिता ने करीब एक घंटे तक नेट्स में अभ्यास किया। संजू ने कहा कि उन्हें आज भी समझ नहीं आता कि उस समय उनके पिता ने यह कैसे संभव किया, लेकिन वही पल उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।

    संजू सैमसन की यह कहानी बताती है कि प्रतिभा के साथ सही समय पर लिया गया साहसी फैसला और परिवार का अटूट विश्वास किसी भी खिलाड़ी की सफलता की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।

  • क्रिकेट के हिटमैन का बड़ा सम्मान: रोहित शर्मा को पद्मश्री, राष्ट्रपति भवन में गूंजीं तालियां

    क्रिकेट के हिटमैन का बड़ा सम्मान: रोहित शर्मा को पद्मश्री, राष्ट्रपति भवन में गूंजीं तालियां


    नई दिल्ली ।भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम अध्यायों में अपना नाम दर्ज करा चुके दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। मंगलवार को द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। इस सम्मान के साथ रोहित शर्मा उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने खेल जगत में अपने उत्कृष्ट योगदान के दम पर देश का सर्वोच्च सम्मान हासिल किया है।

    रोहित शर्मा का नाम जनवरी 2026 में घोषित पद्म पुरस्कार विजेताओं की सूची में शामिल किया गया था। भारतीय क्रिकेट में उनके उल्लेखनीय योगदान, शानदार बल्लेबाजी, रिकॉर्डतोड़ उपलब्धियों और सफल नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया। वर्षों से क्रिकेट प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले रोहित ने अपने खेल से न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है।

    राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस विशेष समारोह में कुल 65 विशिष्ट हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इनमें 2 पद्म विभूषण, 7 पद्म भूषण और 56 पद्मश्री पुरस्कार शामिल रहे। समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। रोहित शर्मा के अलावा विजय अमृतराज, अलका याग्निक और ममूटी जैसे कई प्रतिष्ठित कलाकारों को भी सम्मान दिया गया।।

    रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी बल्लेबाजी का कोई सानी नहीं माना जाता। वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले वह दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी और बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन ने उन्हें विश्व क्रिकेट के महान खिलाड़ियों की श्रेणी में पहुंचा दिया है।

    बतौर कप्तान भी रोहित शर्मा ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी नेतृत्व क्षमता के तहत टीम इंडिया ने कई महत्वपूर्ण श्रृंखलाओं और टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया। मैदान पर उनका शांत स्वभाव, रणनीतिक सोच और खिलाड़ियों को प्रेरित करने की क्षमता उन्हें एक सफल कप्तान बनाती है।

    क्रिकेट के मैदान पर हासिल की गई उनकी उपलब्धियां केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं बल्कि उन्होंने करोड़ों युवाओं को प्रेरित करने का काम भी किया है। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर विश्व क्रिकेट के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल होना उनकी मेहनत, समर्पण और संघर्ष की कहानी को दर्शाता है।

    पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद खेल जगत और क्रिकेट प्रशंसकों ने रोहित शर्मा को बधाइयां दीं। सोशल मीडिया पर भी उनके सम्मान को लेकर खुशी की लहर देखने को मिली। यह सम्मान न केवल रोहित शर्मा की व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी गर्व का क्षण है।

    रोहित शर्मा की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और यह साबित करती है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण से किसी भी ऊंचाई को हासिल किया जा सकता है।

  • तबाही का दूसरा नाम वैभव सूर्यवंशी, 15 साल की उम्र में ही तोड़े कई बड़े रिकॉर्ड्स

    तबाही का दूसरा नाम वैभव सूर्यवंशी, 15 साल की उम्र में ही तोड़े कई बड़े रिकॉर्ड्स


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में एक नया नाम तेजी से सुर्खियों में है—वैभव सूर्यवंशी। महज 15 साल की उम्र में इस युवा बल्लेबाज ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरी दुनिया को चौंका दिया है। उनकी बल्लेबाजी शैली इतनी आक्रामक और प्रभावशाली है कि उन्हें “तबाही का दूसरा नाम” कहा जाने लगा है।

    हाल ही में श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज फाइनल में वैभव ने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड 12 गेंदों में था, जिसे उन्होंने आसानी से पीछे छोड़ दिया। इस पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वैभव भविष्य के नहीं, बल्कि वर्तमान के भी स्टार हैं।

    वैभव का सबसे बड़ा कारनामा केवल यही नहीं है। उन्होंने बेहद कम उम्र में लिस्ट ए क्रिकेट में शतक लगाने का भी रिकॉर्ड बनाया है। मात्र 14 साल 272 दिन की उम्र में शतक जड़कर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की थी। उस मैच में उन्होंने 190 रनों की विशाल पारी खेलकर विपक्षी टीम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था।

    इसके अलावा, वैभव सूर्यवंशी विश्व क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में सिर्फ 59 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी, जिसने एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गज का रिकॉर्ड तोड़ दिया था।

    लिस्ट ए क्रिकेट में भारत की ओर से तीसरा सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। उन्होंने मात्र 36 गेंदों में शतक पूरा कर यह कारनामा किया था। हालांकि भारत में उनसे तेज शतक ईशान किशन और अनमोलप्रीत ने लगाए हैं, लेकिन वैभव की उम्र को देखते हुए यह उपलब्धि बेहद खास मानी जाती है।

    यूथ क्रिकेट में भी वैभव का प्रदर्शन असाधारण रहा है। अंडर-19 टेस्ट में उन्होंने सिर्फ 58 गेंदों में शतक लगाकर इतिहास रचा था। यह अंडर-19 क्रिकेट इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक है और भारत की ओर से सबसे तेज भी माना जाता है।

    उनका करियर सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने बेहद कम उम्र में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू भी किया है। मात्र 12 साल 284 दिन की उम्र में उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कदम रखकर खुद को भविष्य का सुपरस्टार साबित किया।

    आईपीएल में भी वैभव ने अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए गुजरात टाइटंस के खिलाफ शानदार शतक लगाया था और मात्र 38 गेंदों में 101 रन बनाकर इतिहास रच दिया था। इसी सीजन में उन्होंने 72 छक्के लगाकर क्रिस गेल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

    इन सभी रिकॉर्ड्स को देखकर यह साफ है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की भी सबसे बड़ी खोज बन चुके हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और रिकॉर्ड तोड़ने की क्षमता उन्हें एक अलग ही श्रेणी में खड़ा करती है।

  • ‘टीम इंडिया के लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी है’: डेब्यू सीरीज में चमके गुरनूर बरार, सफलता का बताया राज

    ‘टीम इंडिया के लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी है’: डेब्यू सीरीज में चमके गुरनूर बरार, सफलता का बताया राज


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट को एक और उभरता हुआ तेज गेंदबाज मिल गया है। अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार ने अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने अपने पहले दोनों वनडे मुकाबलों में तीन-तीन विकेट लेकर यह साबित कर दिया कि वह भविष्य में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का अहम हिस्सा बन सकते हैं।

    लखनऊ में खेले गए मुकाबले के बाद गुरनूर बरार ने अपनी सफलता के पीछे घरेलू क्रिकेट और इंडिया ए टीम में मिले अनुभव को सबसे बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा कि इंडिया ए का मंच उनके लिए सीखने और खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने का महत्वपूर्ण माध्यम साबित हुआ है।

    गुरनूर ने कहा कि जब उन्हें इंडिया ए टीम में चुना गया था, तब वह बेहद उत्साहित थे। उनके अनुसार, इंडिया ए में खेलते समय उन्होंने वही रणनीति अपनाई जो वह रणजी ट्रॉफी में इस्तेमाल करते थे। हार्ड लेंथ पर लगातार तेज गेंदबाजी करना और गेंद को स्विंग कराना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। उन्होंने बताया कि इंडिया ए में मिले अनुभव ने उन्हें यह विश्वास दिया कि वह बड़े स्तर पर भी उसी आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन कर सकते हैं।

    युवा तेज गेंदबाज ने कहा कि उन्होंने भारतीय टीम के लिए खेलते समय भी अपनी स्वाभाविक गेंदबाजी पर भरोसा रखा। उन्होंने किसी तरह का अतिरिक्त दबाव नहीं लिया और अपनी मजबूत पक्षों पर ध्यान केंद्रित किया। बरार का मानना है कि अभी भी उनके प्रदर्शन में और सुधार की काफी गुंजाइश है और आने वाले मैचों में वह और बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।

    उन्होंने टीम प्रबंधन और गेंदबाजी कोच की भी जमकर तारीफ की। गुरनूर ने कहा कि उन्हें कोचिंग स्टाफ से पूरा समर्थन मिला है। टीम प्रबंधन ने उन्हें कोई नई तकनीक अपनाने के लिए मजबूर नहीं किया, बल्कि उनकी मौजूदा क्षमताओं पर भरोसा जताते हुए अपनी ताकत के अनुसार गेंदबाजी करने की सलाह दी। यही भरोसा उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मददगार साबित हुआ।

    गुरनूर बरार ने कहा कि वह भगवान के आभारी हैं कि उन्हें भारतीय टीम के लिए खेलने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह तो केवल शुरुआत है और वह आने वाले वर्षों में टीम इंडिया के लिए बहुत कुछ हासिल करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य केवल टीम में जगह बनाना नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की सफलताओं में महत्वपूर्ण योगदान देना है।

    आईपीएल 2026 में गुरनूर बरार गुजरात टाइटंस का हिस्सा रहे। हालांकि उन्हें अधिक मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन टीम के साथ बिताया गया समय उनके लिए बेहद मूल्यवान रहा। उन्होंने बताया कि गुजरात टाइटंस के ड्रेसिंग रूम में अनुभवी खिलाड़ियों और कोचों से बहुत कुछ सीखने को मिला।

    बरार ने कहा कि टीम में मुख्य कोच आशीष नेहरा के अलावा कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और इशांत शर्मा जैसे अनुभवी गेंदबाज मौजूद थे। उनके साथ समय बिताने और बातचीत करने से उन्हें गेंदबाजी के कई तकनीकी और मानसिक पहलुओं को समझने का मौका मिला।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार शुरुआत के बाद अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें गुरनूर बरार पर टिकी हैं। यदि वह इसी तरह निरंतर प्रदर्शन करते रहे, तो भारतीय तेज गेंदबाजी को एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प मिल सकता है।

  • कम उम्र में बड़ा सपना, वैभव सूर्यवंशी बोले- लंबे समय तक क्रिकेट पर राज करना चाहता हूं

    कम उम्र में बड़ा सपना, वैभव सूर्यवंशी बोले- लंबे समय तक क्रिकेट पर राज करना चाहता हूं


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में अपने बल्ले से धमाल मचाने वाले 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के नए सितारे बनकर उभरे हैं। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ-साथ एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है। चयन के बाद वैभव ने अपने भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ क्रिकेट खेलना नहीं, बल्कि लंबे समय तक इस खेल में अपना दबदबा बनाए रखना है।

    राजस्थान रॉयल्स द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक इंटरव्यू में वैभव ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह ऐसा खिलाड़ी बनना चाहते हैं, जिसे क्रिकेट प्रेमी वर्षों तक याद रखें। वैभव का मानना है कि एक महान खिलाड़ी वही होता है जो अपने दम पर मैच का रुख बदल दे और टीम को जीत दिलाए।

    युवा बल्लेबाज ने कहा कि उन्होंने अपने करियर को लेकर स्पष्ट लक्ष्य तय कर रखा है। उनका सपना है कि जब भी लोग उनके खेल को देखें या भविष्य में उनके बारे में चर्चा करें तो यह महसूस करें कि वह ऐसा बल्लेबाज था जो अकेले दम पर मुकाबले का नतीजा बदल सकता था। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ वह लगातार मेहनत कर रहे हैं और अपने खेल को बेहतर बनाने में जुटे हुए हैं।

    वैभव ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कुछ साल क्रिकेट खेलकर संतुष्ट हो जाना नहीं है। वह चाहते हैं कि अगले 10 से 20 वर्षों तक उनके प्रदर्शन की चर्चा हो और उनका प्रभाव क्रिकेट जगत में बना रहे। उन्होंने कहा कि क्रिकेट उनके लिए केवल पेशा नहीं, बल्कि आनंद का माध्यम है। इसी कारण वह पूरी जिंदगी इस खेल का आनंद लेते हुए लगातार बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।

    भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने भी वैभव की प्रतिभा की सराहना की है। चयन समिति का मानना है कि युवा बल्लेबाज ने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और टीम में जगह पाने का मजबूत दावा पेश किया। आईपीएल 2026 में उनकी बल्लेबाजी ने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि विशेषज्ञों को भी प्रभावित किया।

    राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने पूरे सीजन में शानदार निरंतरता दिखाई। उन्होंने 16 पारियों में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 237 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने ऑरेंज कैप अपने नाम की और यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। इसके अलावा उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 72 छक्के जड़कर टी20 क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

    अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय सफर पर टिकी हैं। कम उम्र में मिली सफलता ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जाना शुरू कर दिया है। आने वाले महीनों में आयरलैंड, इंग्लैंड और एशियन गेम्स के मंच पर उनके प्रदर्शन से यह तय होगा कि वह घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट की सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी मजबूती से आगे बढ़ा पाते हैं।

  • सूर्यकुमार यादव पर बड़ा खुलासा! पूर्व चयनकर्ता ने बताई पर्दे के पीछे की असली वजह

    सूर्यकुमार यादव पर बड़ा खुलासा! पूर्व चयनकर्ता ने बताई पर्दे के पीछे की असली वजह


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में कप्तानी परिवर्तन के बाद सबसे अधिक चर्चा यदि किसी खिलाड़ी को लेकर हो रही है तो वह हैं सूर्यकुमार यादव। भारतीय टी20 टीम की कप्तानी से हटाए जाने और आयरलैंड, इंग्लैंड तथा एशियन गेम्स के लिए घोषित किसी भी टी20 स्क्वॉड में जगह नहीं मिलने के बाद यह माना जा रहा था कि चयनकर्ताओं ने उनसे आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है। लेकिन अब टीम इंडिया के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने इस पूरे मुद्दे को नई दिशा दे दी है।

    एमएसके प्रसाद का दावा है कि सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें आराम दिया गया है। उनके मुताबिक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और चयन समिति ने जसप्रीत बुमराह तथा हार्दिक पांड्या की तरह सूर्यकुमार को भी कुछ समय का ब्रेक दिया है, ताकि वह तरोताजा होकर टीम में वापसी कर सकें।

    प्रसाद ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि कोई भी बोर्ड या चयन समिति विश्व कप विजेता कप्तान को अगले ही अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में बाहर नहीं करती। उन्होंने कहा कि सूर्यकुमार यादव भारतीय क्रिकेट के बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं और उनकी गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उनके अनुसार इतने बड़े खिलाड़ी को केवल खराब फॉर्म के आधार पर पूरी तरह नजरअंदाज करना सही नहीं होगा।

    पूर्व चयनकर्ता ने कहा कि सूर्यकुमार, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह लंबे समय तक आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। बुमराह आज भी दुनिया के नंबर-1 गेंदबाजों में गिने जाते हैं। ऐसे में इन खिलाड़ियों को समय-समय पर आराम देना टीम प्रबंधन की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि तीनों खिलाड़ी जल्द ही भारतीय टीम में फिर दिखाई देंगे।

    हालांकि दूसरी ओर चयनकर्ताओं के फैसले ने कई सवाल भी खड़े किए हैं। बीसीसीआई द्वारा घोषित आयरलैंड दौरे, इंग्लैंड दौरे और 2026 एशियन गेम्स की टी20 टीमों में सूर्यकुमार यादव का नाम शामिल नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि जसप्रीत बुमराह को एशियन गेम्स की टीम में जगह दी गई है, जबकि सूर्यकुमार पूरी तरह बाहर हैं। इसी वजह से कई क्रिकेट विशेषज्ञ इसे केवल आराम नहीं, बल्कि चयन संबंधी बड़ा फैसला मान रहे हैं।

    सूर्यकुमार यादव की हालिया फॉर्म भी चर्चा का विषय रही है। आईपीएल 2026 में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा और लगातार रन बनाने में उन्हें संघर्ष करना पड़ा। माना जा रहा है कि यही वजह चयनकर्ताओं के फैसले के पीछे प्रमुख कारण हो सकती है। वहीं उनकी बढ़ती उम्र भी भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है। 35 वर्षीय सूर्यकुमार के सामने अब युवा खिलाड़ियों की मजबूत चुनौती मौजूद है।

    इस बीच चयनकर्ताओं ने टी20 टीम की कमान श्रेयस अय्यर को सौंप दी है। अय्यर को भविष्य की टीम तैयार करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि सूर्यकुमार के अनुभव और उपलब्धियों को देखते हुए उनकी वापसी की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

    फिलहाल भारतीय क्रिकेट में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सूर्यकुमार यादव वास्तव में केवल आराम पर हैं या फिर यह भारतीय टी20 टीम में एक नए युग की शुरुआत है। आने वाले महीनों में उनका प्रदर्शन और चयनकर्ताओं की रणनीति इस सवाल का जवाब देगी।

  • ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा

    ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा


    मध्य प्रदेश । भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर पूर्व चयनकर्ता देवांग गांधी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पंत को भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज बताते हुए उनकी टेस्ट क्रिकेट में भूमिका की जमकर सराहना की।

    देवांग गांधी ने कहा कि भले ही पंत इस समय खराब फॉर्म से गुजर रहे हों, लेकिन उनकी क्षमता और मैच जिताने वाली पारियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि चयनकर्ता भी उनकी काबिलियत को समझते हैं और इसी वजह से उन्हें लगातार मौके दिए जा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पंत का इंग्लैंड दौरा काफी प्रभावशाली रहा था, हालांकि चोट के कारण वह पूरी सीरीज नहीं खेल पाए थे। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

    देवांग गांधी के अनुसार, पंत ने विदेशी पिचों पर भी शानदार प्रदर्शन किया है। चाहे दक्षिण अफ्रीका हो, इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया—उन्होंने कई अहम मौकों पर मैच जिताने वाली पारियां खेली हैं, जिससे उनकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है।

    पूर्व चयनकर्ता ने यह भी कहा कि पंत की विकेटकीपिंग पर अक्सर बात नहीं होती, जबकि उन्होंने इसमें काफी सुधार किया है और घरेलू व विदेशी दोनों परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने पंत को “आधुनिक दौर का सबसे प्रभावशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज” करार दिया।

    उन्होंने खास तौर पर गाबा टेस्ट में खेली गई पंत की ऐतिहासिक पारी का जिक्र करते हुए कहा कि वह हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार रहेगी। पंत अब अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले टेस्ट में अपने करियर का 50वां टेस्ट मैच खेलने उतर सकते हैं, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • वैभव सूर्यवंशी को लेकर आकाश चोपड़ा ने खोले पत्ते, बताया चयन में क्या है सबसे बड़ी बाधा

    वैभव सूर्यवंशी को लेकर आकाश चोपड़ा ने खोले पत्ते, बताया चयन में क्या है सबसे बड़ी बाधा


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को भारतीय टी20 टीम में शामिल किए जाने की मांग लगातार उठ रही है। हालांकि पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर Aakash Chopra का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में वैभव को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने के लिए अभी कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है।

    आकाश चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग और टॉप ऑर्डर की जगहों के लिए पहले से ही कड़ा मुकाबला है। उनके अनुसार Sanju Samson और Abhishek Sharma लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे वैभव के लिए तत्काल अवसर बनना मुश्किल दिखाई देता है।

    चोपड़ा ने विशेष रूप से संजू सैमसन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने टी20 विश्व कप 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन किया और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे। ऐसे में उनकी जगह किसी युवा खिलाड़ी को मौका देना चयनकर्ताओं के लिए आसान फैसला नहीं होगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक शर्मा पिछले काफी समय से टी20 क्रिकेट में निरंतर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में गिने जा रहे हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन उनके स्थान पर भी बदलाव करने की जल्दी में नहीं होगा।

    हालांकि आकाश चोपड़ा ने वैभव की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि 15 वर्षीय बल्लेबाज असाधारण क्षमता रखते हैं और भविष्य में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर पाने के लिए उन्हें थोड़ा धैर्य रखना होगा और लगातार प्रदर्शन जारी रखना होगा।

    आईपीएल 2026 में बनाया इतिहास
    वैभव सूर्यवंशी का आईपीएल 2026 सीजन बेहद शानदार रहा। उन्होंने 16 मैचों में 237 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। पूरे टूर्नामेंट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी चर्चा का विषय रही।

    इतना ही नहीं, वैभव ने टी20 दिग्गज Chris Gayle का एक बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा 72 छक्के लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। एलिमिनेटर और दूसरे क्वालिफायर में उनकी मैच जिताऊ पारियों ने उनकी लोकप्रियता और बढ़ा दी।

    अब श्रीलंका दौरे पर नजरें
    वैभव को श्रीलंका में होने वाली त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। 9 जून से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। यदि वे यहां भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं, तो निकट भविष्य में राष्ट्रीय टी20 टीम के दरवाजे उनके लिए और मजबूती से खुल सकते हैं।

    फिलहाल क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं, लेकिन टीम इंडिया में स्थायी जगह बनाने के लिए उन्हें अपने प्रदर्शन की निरंतरता बनाए रखनी होगी।

  • आईपीएल 2026 में रिंकू सिंह का खराब प्रदर्शन टीम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। फॉर्म में वापसी अब बेहद जरूरी हो गई है।

    आईपीएल 2026 में रिंकू सिंह का खराब प्रदर्शन टीम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। फॉर्म में वापसी अब बेहद जरूरी हो गई है।

    नई दिल्ली/कोलकाता। कभी आखिरी ओवर में लगातार पांच छक्के लगाकर क्रिकेट जगत में सनसनी मचाने वाले रिंकू सिंह इस समय अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। आईपीएल 2026 में उनका लगातार खराब प्रदर्शन न केवल उनकी व्यक्तिगत फॉर्म पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम संतुलन और रणनीति को भी प्रभावित कर रहा है। जिस खिलाड़ी को टीम का सबसे भरोसेमंद फिनिशर माना जाता था, वही अब संघर्ष करता नजर आ रहा है।

    9 अप्रैल 2023 का वह मुकाबला आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे रोमांचक पलों में गिना जाता है, जब रिंकू सिंह ने असंभव को संभव कर दिखाया था। आखिरी ओवर में 29 रन की जरूरत थी और उन्होंने लगातार पांच छक्के लगाकर टीम को यादगार जीत दिलाई थी। उस पारी के बाद रिंकू सिंह को एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में देखा जाने लगा, जो किसी भी मुश्किल परिस्थिति में मैच का रुख बदल सकता है। उनकी इसी क्षमता ने उन्हें भारतीय क्रिकेट में एक खास पहचान दिलाई।

    इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में भी मौके मिले और उन्होंने कई अहम पारियां खेलकर अपनी उपयोगिता साबित की। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय सफर पूरी तरह स्थिर नहीं रहा और उन्हें टीम में जगह बनाने के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ा। इसके बावजूद केकेआर ने उन पर पूरा भरोसा जताया और उन्हें लंबे समय तक टीम के साथ बनाए रखा। आईपीएल 2025 में टीम ने उन्हें बड़ी कीमत पर रिटेन किया और भविष्य के प्रमुख खिलाड़ी के रूप में देखा।

    मौजूदा सीजन में उनकी फॉर्म ने सभी को निराश किया है। आईपीएल 2026 में वह रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और कई पारियों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। चाहे उन्हें ऊपरी क्रम में भेजा जाए या निचले क्रम में, उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास की कमी साफ दिखाई दे रही है। उनके शॉट चयन और टाइमिंग में भी वह धार नजर नहीं आ रही, जिसने उन्हें कभी खतरनाक बल्लेबाज बनाया था।

    रिंकू सिंह की खराब फॉर्म का सीधा असर टीम के प्रदर्शन पर भी पड़ा है। मध्यक्रम में स्थिरता की कमी के कारण टीम को निर्णायक मौकों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एक समय जिस खिलाड़ी पर टीम को सबसे ज्यादा भरोसा था, वही अब टीम के लिए चिंता का कारण बन गया है। उनकी असफलता ने टीम प्रबंधन को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।

    आने वाले समय में रिंकू सिंह के लिए यह दौर बेहद अहम साबित हो सकता है। यदि वह जल्द ही अपनी लय में वापसी नहीं करते हैं, तो टीम संयोजन में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। लंबे समय से टीम का हिस्सा रहे इस खिलाड़ी के सामने अब खुद को फिर से साबित करने की चुनौती है और इसके लिए उन्हें अपने खेल में निरंतर सुधार करना होगा।

  • शतक से छाए Sanju Samson, Dale Steyn बोले-टीम का माहौल पूरी तरह बदला

    शतक से छाए Sanju Samson, Dale Steyn बोले-टीम का माहौल पूरी तरह बदला


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में शुरुआत में लड़खड़ाने वाली Chennai Super Kings अब शानदार वापसी करती नजर आ रही है। टीम की इस वापसी का बड़ा कारण बने हैं विकेटकीपर बल्लेबाज Sanju Samson, जिनके शतक ने पूरे कैंप का माहौल बदल दिया।
    लगातार हार के बाद मुश्किल में थी टीम
    सीजन की शुरुआत में CSK को लगातार तीन मैचों में हार झेलनी पड़ी थी। इससे टीम का मनोबल काफी गिर गया था। लेकिन इसके बाद टीम ने जोरदार वापसी करते हुए लगातार दो मुकाबले जीत लिए और अंकतालिका में Kolkata Knight Riders और Mumbai Indians से ऊपर पहुंच गई।
    सैमसन का शतक बना टर्निंग पॉइंट
    दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज Dale Steyn का मानना है कि यह बदलाव सैमसन की शानदार पारी के बाद आया। दिल्ली के खिलाफ खेले गए मैच में सैमसन ने 56 गेंदों पर नाबाद 115 रन ठोक दिए, जिसमें 15 चौके और 4 छक्के शामिल थे। स्टेन ने कहा कि एक जीत टीम के आत्मविश्वास को पूरी तरह बदल देती है और वही CSK के साथ हुआ।
    जीत से बढ़ा आत्मविश्वास
    स्टेन के मुताबिक, “आईपीएल में मैच जीतना आसान नहीं होता। लेकिन जब टीम एक मैच जीतती है, तो खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे बेहतर प्रदर्शन करने लगते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि सैमसन टीम के बदलाव को लीड कर रहे हैं।
    चेपॉक में दिखी CSK की ताकत
    घरेलू मैदान चेपॉक में CSK ने 20 ओवर में 212 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया और मुकाबला 23 रन से जीत लिया। इसके बाद टीम ने Kolkata Knight Riders को भी 32 रन से हराकर अपनी लय बरकरार रखी। इस मैच में भी सैमसन ने अहम 48 रन की पारी खेली।
    गायकवाड़ से भी बड़ी उम्मीद
    स्टेन ने कप्तान Ruturaj Gaikwad की भी तारीफ करते हुए कहा कि वह शानदार बल्लेबाज हैं और आने वाले मैचों में टीम के लिए अहम भूमिका निभाएंगे।