Tag: Indian Cricket

  • भारतीय क्रिकेट को बड़ी खुशखबरी: Sanju Samson को ICC का बड़ा सम्मान

    भारतीय क्रिकेट को बड़ी खुशखबरी: Sanju Samson को ICC का बड़ा सम्मान


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर मार्च महीने के लिए International Cricket Council (ICC) के ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’ का खिताब अपने नाम कर लिया। यह सम्मान उन्हें टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने में निभाई गई अहम भूमिका के लिए दिया गया। सैमसन ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार बेहतरीन पारियां खेलीं और टीम को मुश्किल हालात से निकालते हुए खिताब दिलाया। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ उनके व्यक्तिगत करियर के लिए बड़ी है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी गर्व का क्षण है।
    विश्व कप जीत में निभाई निर्णायक भूमिका
    टी20 विश्व कप 2026 में संजू सैमसन का बल्ला जमकर बोला। उन्होंने लगातार तीन मैचों में मैच जिताऊ पारियां खेलकर टीम इंडिया को खिताब तक पहुंचाया। क्वार्टर फाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन बनाकर उन्होंने टीम को जीत दिलाई। इसके बाद सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन की शानदार पारी खेली और फिर फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 89 रन बनाकर भारत को विश्व चैंपियन बनाया। उनके इस लगातार प्रदर्शन ने उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ भी बनाया और अब उसी का इनाम ICC के इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड के रूप में मिला है।
     अवॉर्ड मिलने पर बोले सैमसन
    इस सम्मान को हासिल करने के बाद संजू सैमसन ने कहा कि यह उनके करियर का सबसे खास पल है। उन्होंने बताया कि विश्व कप जीत में योगदान देना किसी सपने के सच होने जैसा था और इस उपलब्धि को समझने में उन्हें थोड़ा समय लगा। सैमसन ने टीम के साथियों और कोचिंग स्टाफ का आभार जताते हुए कहा कि उनके भरोसे और समर्थन ने ही उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ देने की प्रेरणा दी।
    कड़ी टक्कर में जीता खिताब
    इस अवॉर्ड की दौड़ में जसप्रीत बुमराह और दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज कॉनर एस्टरहुइजन भी शामिल थे। बुमराह ने फाइनल में शानदार गेंदबाजी करते हुए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीता था, वहीं एस्टरहुइजन ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसके बावजूद सैमसन ने अपने लगातार मैच-विनिंग प्रदर्शन के दम पर दोनों को पीछे छोड़ दिया।
    भारतीय क्रिकेट के लिए सुनहरा दौर
    संजू सैमसन की यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन बना हुआ है, जो बड़े मंच पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। सैमसन जैसे खिलाड़ियों का उभरना आने वाले समय में टीम इंडिया को और मजबूती देगा।

  • मुकुल चौधरी ने रचा इतिहास और बने यह कारनामा करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी

    मुकुल चौधरी ने रचा इतिहास और बने यह कारनामा करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी


    नई दिल्ली। क्रिकेट के सबसे बड़े मंच आईपीएल में समय-समय पर कई दिग्गजों ने अपने बल्ले से जौहर दिखाए हैं, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने खेल जगत को एक नए सितारे से परिचित कराया है। मुकुल चौधरी ने मैदान पर वह कारनामा कर दिखाया है जिसकी कल्पना अब तक केवल किरोन पोलार्ड और एबी डी विलियर्स जैसे महान विदेशी खिलाड़ियों से की जाती थी। भारतीय क्रिकेट के इस उभरते हुए खिलाड़ी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और मानसिक दृढ़ता के दम पर वह मुकाम हासिल किया है जो इससे पहले किसी भी अन्य भारतीय खिलाड़ी के नाम दर्ज नहीं था। इस उपलब्धि ने न केवल उनके करियर को एक नई दिशा दी है बल्कि इस लीग के मंच पर भारतीयों के दबदबे को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।

    मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की उनकी अद्भुत क्षमता ने विपक्षी गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए। जब मुकुल क्रीज पर आए थे तब टीम को एक ऐसी पारी की जरूरत थी जो न केवल स्कोरबोर्ड को गति दे सके बल्कि प्रतिद्वंद्वी टीम के मनोबल को भी पूरी तरह से ध्वस्त कर दे। मुकुल ने इस जिम्मेदारी को बखूबी समझा और बिना किसी दबाव के अपनी स्वाभाविक बल्लेबाजी जारी रखी। उनकी टाइमिंग और तकनीक का मिश्रण इतना सटीक था कि खेल के बड़े विशेषज्ञ भी उनकी सराहना करने से खुद को रोक नहीं पाए। इस वैश्विक मंच पर जहां दुनिया के बेहतरीन गेंदबाज अपनी पूरी रणनीति के साथ आते हैं, वहां एक भारतीय युवा का इस तरह निडर होकर खेलना भविष्य के सुखद संकेत देता है।

    इस ऐतिहासिक प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि मुकुल ने उन रिकॉर्ड्स को चुनौती दी है जो सालों से अटूट माने जाते थे। पोलार्ड और डी विलियर्स जैसे खिलाड़ियों ने अपनी पावर हिटिंग से जो मानक स्थापित किए थे, मुकुल ने उन्हीं मानकों पर खरे उतरते हुए अपनी एक अलग पहचान बनाई है। खेल के प्रति उनका समर्पण और दबाव की स्थितियों में शांत रहने की कला उन्हें अन्य समकालीन खिलाड़ियों से अलग करती है। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों के शोर के बीच उन्होंने जिस एकाग्रता का परिचय दिया वह वाकई काबिल ए तारीफ है। इस पारी ने भविष्य की संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं और अब उन्हें क्रिकेट के अगले बड़े सितारे के रूप में देखा जा रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रदर्शन प्रतिभाओं को तराशने के उद्देश्य को सिद्ध करते हैं। यह प्रतियोगिता हमेशा से नए हुनर को बड़ा मंच देने का काम करती रही है और मुकुल चौधरी इस सिलसिले की सबसे नई और चमकदार कड़ी बनकर उभरे हैं। उनकी इस उपलब्धि से खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है और देश के युवा क्रिकेटर उनसे प्रेरित हो रहे हैं। कड़ी मेहनत और लगन से निकलकर दुनिया की सबसे कठिन मानी जाने वाली लीग के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज कराना किसी सपने के सच होने जैसा है। मुकुल ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों और मेहनत में ईमानदारी हो तो किसी भी बड़े रिकॉर्ड को तोड़ना असंभव नहीं है।

    मैच के दौरान मुकुल के फुटवर्क और हाथों की गति ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह खेल के सबसे छोटे प्रारूप के लिए पूरी तरह परिपक्व हैं। उन्होंने हर गेंद को उसकी मेरिट के आधार पर खेला और जोखिम लेने से भी पीछे नहीं हटे। उनकी इस पारी ने मैच का रुख पूरी तरह से बदल दिया और अंत में यही अंतर टीम की जीत का मुख्य आधार बना। आने वाले मैचों में मुकुल पर सभी की निगाहें टिकी होंगी और उनसे इसी तरह के निरंतर प्रदर्शन की उम्मीद की जाएगी। खेल प्रेमियों के लिए यह गर्व का क्षण है कि एक स्वदेशी खिलाड़ी ने वह कीर्तिमान स्थापित किया है जो अब तक केवल विदेशी दिग्गजों के नाम के साथ जुड़ा हुआ था।

  • जनप्रियता का जादू: विराट-रोहित के साथ बढ़ते वनडे मुकाबले

    जनप्रियता का जादू: विराट-रोहित के साथ बढ़ते वनडे मुकाबले


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम का 2026 का अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल पहले से ही काफी व्यस्त है, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इसे और व्यस्त बनाने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार ICC क्रिकेट विश्व कप 2027 से पहले टीम इंडिया के वनडे मैचों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। बताया जा रहा है कि कई विदेशी क्रिकेट बोर्ड ने भारत के साथ पहले से तय वनडे राउंड में अतिरिक्त मैच जोड़ने का अनुरोध किया है।

    इन देशों ने किया अनुरोध
    रिपोर्ट के अनुसार इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड, न्यूजीलैंड क्रिकेट, क्रिकेट आयरलैंड और श्रीलंका क्रिकेट ने बीसीसीआई से वनडे मैचों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। इन मैचों का असर है कि अतिरिक्त वनडे मैचों से उन्हें आर्थिक रूप से फायदा होगा, क्योंकि भारतीय टीम के मैचों की वैश्विक दर्शकों की संख्या काफी अधिक होती है।

    रोहित-विराट की वजह से ज़्यादा मांग
    वनडे मैचों की संख्या बढ़ाने के पीछे सबसे बड़ी वजह भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली माने जा रहे हैं। दोनों खिलाड़ी अब मुख्य रूप से वनडे फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी लोकप्रियता बहुत ज़्यादा है। इसलिए जब ये खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं तो स्टेडियम में दर्शकों की संख्या और टीवी व्यूअरशिप दोनों बढ़ जाती हैं।

    इंग्लैंड दौरे में हो सकता है बदलाव
    फिलहाल भारत और इंग्लैंड क्रिकेट टीम के बीच होने वाली सीरीज में तीन वनडे और पांच टी20 मैच तय हैं। हालांकि रिपोर्ट्स के हिसाब से इस शेड्यूल में बदलाव हो सकता है और दो अतिरिक्त वनडे मैच जोड़े जा सकते हैं। ऐसा भी माना जा रहा है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली अपने लंबे करियर में शायद आखिरी बार इंग्लैंड का दौरा कर सकते हैं, इसलिए इस सीरीज को और बड़ा बनाया जा सकता है।

    श्रीलंका दौरे पर भी बातचीत
    अगस्त में भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी, जिसमें एक मैच सिंहली स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड में डे-नाइट हो सकता है। बताया जा रहा है कि श्रीलंका क्रिकेट इस दौरे में भी अतिरिक्त व्हाइट-बॉल मैच जोड़ने के लिए बीसीसीआई से बातचीत कर रहा है।

    अन्य सीरीज पर भी
    इसके अलावा बांग्लादेश और संयुक्त अरब अमीरात में अफगानिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ संभावित सीरीज को लेकर भी बनी हुई है। इसी वजह से भारत अपने कार्यक्रम में कुछ अतिरिक्त मैच जोड़ सकता है, जबकि आयरलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के मैचों की संख्या भी अभी तय नहीं है।

  • भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता खानचंद सिंह का कैंसर से निधन

    भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता खानचंद सिंह का कैंसर से निधन


    नई दिल्ली। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के दौरान भारतीय क्रिकेट जगत से एक भावुक खबर सामने आई है। भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार 27 फरवरी 2026 तड़के निधन हो गया। वह लंबे समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। परिवार के सूत्रों ने उनके निधन की पुष्टि की है।

    58 वर्षीय खानचंद सिंह पिछले काफी समय से गंभीर रूप से बीमार थे। अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. सुनील कुमार के अनुसार उनकी तबीयत हाल के दिनों में काफी बिगड़ गई थी और 21 फरवरी से उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। शुक्रवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली।

    पिता की गंभीर हालत की सूचना मिलने पर रिंकू सिंह को टी20 विश्व कप बीच में छोड़कर लौटना पड़ा था। हालांकि 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से पहले वह चेन्नई में टीम से दोबारा जुड़ गए थे लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। रिंकू सिंह के पूर्व कोच मसूद अमिनी ने अलीगढ़ से मीडिया को बताया कि खानचंद सिंह पिछले कुछ समय से लिवर कैंसर से संघर्ष कर रहे थे और अंतिम दिनों में उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी।

    गौरतलब है कि अलीगढ़ उत्तर प्रदेश के रहने वाले रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता की अहम भूमिका रही। खानचंद सिंह गैस सिलेंडर आपूर्ति का काम करते थे और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने परिवार का पालन-पोषण किया। शुरुआत में वह बेटे के क्रिकेट खेलने के पक्ष में नहीं थे लेकिन जब रिंकू को शानदार प्रदर्शन पर मोटरसाइकिल इनाम में मिली तो उन्होंने बेटे का पूरा समर्थन करना शुरू कर दिया। बाद में उन्होंने तमाम अभावों के बावजूद रिंकू के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग दिया।

    परिवार के अनुसार खानचंद सिंह का अंतिम संस्कार अलीगढ़ में किया जाएगा। रिंकू सिंह भी अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए चेन्नई से लौट रहे हैं। आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में 1 मार्च को कोलकाता में भारत का मुकाबला वेस्टइंडीज से होना है जो टीम इंडिया के लिए करो या मरो जैसा अहम मैच माना जा रहा है। वेस्टइंडीज को हराने पर भारत सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। हालांकि पिता के निधन के चलते इस मुकाबले में भी रिंकू सिंह की उपलब्धता को लेकर संशय बना हुआ है।

  • वर्ल्ड कप सिर्फ खेलना नहीं, ट्रॉफी भी जीतना है"; रोहित शर्मा ने अपने इस बयान से कर दिया काफी कुछ साफ

    वर्ल्ड कप सिर्फ खेलना नहीं, ट्रॉफी भी जीतना है"; रोहित शर्मा ने अपने इस बयान से कर दिया काफी कुछ साफ


    नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेले जा रहे टी20 वर्ल्ड कप 2026 पर अभी सभी का ध्यान है, तो वहीं साल 2027 में वनडे वर्ल्ड कप खेला जाना है जिसको लेकर भी इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों ने अपनी तैयारियों को शुरू कर दिया है। रोहित शर्मा जिनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप और उसके बाद साल 2025 की शुरुआत में खेली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी को अपने नाम किया था, अब उनका सपना देश के लिए वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को जीतना है। रोहित जो अब बतौर प्लेयर खेल रहे हैं, उनके इंटरनेशनल क्रिकेट के 2 फॉर्मेट से रिटायरमेंट लेने के बाद से वनडे से भी संन्यास लेने की अटकलें लेकर लगातार देखने को मिलती रहती हैं, जिसमें अब हिटमैन रोहित ने दिए अपने एक बयान से सबकुछ साफ कर दिया है।

    मैं जरूर अपने देश के लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहता हूं

    रोहित शर्मा जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ब्रांड एंबेसडर हैं उन्होंने आईसीसी के इवेंट में वनडे वर्ल्ड कप को लेकर सवाल पूछे जाने पर खुलकर अपनी बात रखी। रोहित शर्मा ने कहा कि मैं जरूर अपने देश के लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहता हूं। यह मेरा हमेशा से सपना रहा है। मैं 50 ओवर का वर्ल्ड कप देखते हुए बड़ा हुआ हूं और उस समय ना ही टी20 वर्ल्ड कप होता था और ना ही आईपीएल। यह उस दौर में क्रिकेट का सबसे बड़ा इवेंट था जो हर चार साल में होता था और हम सभी इसका बेसब्री से इंतजार भी करते थे। इसलिए उस एक ट्रॉफी की बहुत अहमियत थी और उसे जीतने की बेचैनी भी। ये बात सही है कि मुझे सच में वह ट्रॉफी चाहिए, इसलिए मैं अपनी तरफ से उसे जीतने की पूरी कोशिश करूंगा।
  • IND vs NZ T20 सीरीज: सूर्यकुमार यादव का रन-राज, अर्शदीप सिंह का पंजा; अभिषेक शर्मा ने छोड़ी अलग छाप

    IND vs NZ T20 सीरीज: सूर्यकुमार यादव का रन-राज, अर्शदीप सिंह का पंजा; अभिषेक शर्मा ने छोड़ी अलग छाप


    नई दिल्ली । भारत की शानदार जीत के साथ इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड टी20 सीरीज का रोमांचक समापन हो गया। तिरुवनंतपुरम में खेले गए आखिरी टी20 मुकाबले ने सीरीज की कहानी को पूरी तरह बयान कर दिया, जहां भारतीय बल्लेबाजों की तूफानी पारियों और गेंदबाजों के धारदार प्रदर्शन ने न्यूजीलैंड को बैकफुट पर धकेल दिया। ईशान किशन के शतक और कप्तान सूर्यकुमार यादव की विस्फोटक अर्धशतकीय पारी की बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए कीवी टीम संघर्ष करती दिखी और अंततः भारतीय गेंदबाजों के आगे घुटने टेक दिए।

    इस पूरी सीरीज में बल्लेबाजों का बोलबाला रहा, लेकिन सबसे चमकदार नाम रहा कप्तान सूर्यकुमार यादव का। सीरीज से पहले खराब फॉर्म की चर्चाओं से घिरे सूर्यकुमार ने बल्ले से जोरदार जवाब दिया और पांच मैचों की सीरीज में सबसे ज्यादा 242 रन बनाए। तीन अर्धशतकों के साथ उन्होंने न सिर्फ भारतीय पारी को मजबूती दी, बल्कि विरोधी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। भले ही उन्हें किसी मैच में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड न मिला हो, लेकिन सर्वाधिक रन बनाकर उन्होंने ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब अपने नाम किया।

    सूर्यकुमार यादव के साथ ईशान किशन भी पूरे रंग में नजर आए। आक्रामक अंदाज और बड़े शॉट्स के लिए पहचाने जाने वाले ईशान ने 215 रन बनाकर 200 रन का आंकड़ा पार किया। उनका शतक सीरीज का यादगार लम्हा रहा। वहीं युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने भी सभी को प्रभावित किया। 182 रन बनाकर वह तीसरे स्थान पर रहे और यह साबित किया कि वह बड़े मंच पर लंबी रेस के घोड़े हैं। न्यूजीलैंड की ओर से ग्लेन फिलिप्स 176 रन और डेरिल मिशेल 125 रन ने जिम्मेदारी निभाई और टॉप-5 बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाई।

    गेंदबाजी की बात करें तो सीरीज का आखिरी मैच अर्शदीप सिंह के नाम रहा। निर्णायक मुकाबले में पांच विकेट झटककर उन्होंने मैच का रुख ही पलट दिया। कुल 8 विकेट के साथ अर्शदीप इस सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। उनके अलावा न्यूजीलैंड के जेकब डफी ने 6 विकेट, जबकि मिचेल सेंटनर और ईश सोढ़ी ने 5-5 विकेट हासिल किए। सीमित मौके मिलने के बावजूद अक्षर पटेल ने भी अपनी उपयोगिता साबित की और अहम समय पर असरदार गेंदबाजी की।
    कुल मिलाकर, यह सीरीज भारतीय क्रिकेट के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही। बल्लेबाजी में गहराई, गेंदबाजी में धार और युवा खिलाड़ियों का उभरता प्रदर्शन आने वाले मुकाबलों के लिए शुभ संकेत है।

  • क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत

    क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले टीम इंडिया में वापसी करने वाले ईशान किशन ने अपने करियर की सबसे बड़ी चुनौती खुद से सवाल पूछनाकी कहानी दुनिया के सामने रखी। दो साल से ज्यादा समय तक टीम इंडिया से बाहर रहने के बाद, उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार रन बनाकर खुद को फिर से टीम में जगह दिलाई। और अब, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में उन्होंने 76 रनों की धुआंधार पारी खेलकर वापसी को और यादगार बना दिया। इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

    ईशान ने मैच के बाद बताया कि उन्होंने खुद से एक सवाल पूछा थाक्या मैं इंडिया के लिए खेलने के काबिल हूँ? क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ?उनका जवाब साफ था हाँ, वह कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना जारी रखा और इसी भरोसे के साथ मैदान पर उतरे।

    ईशान ने कहा कि उन्हें मैच के दौरान शुरुआत से ही गेंद कनेक्ट होती रही और उन्होंने खुद पर भरोसा रखा। उन्होंने बताया कि जब वे अच्छे शॉट्स खेलते रहे, तो उन्हें विश्वास था कि वे टीम के लिए बड़ा स्कोर बना सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना उनके लिए इसलिए जरूरी था ताकि वह खुद के सवालों का जवाब दे सकें और अपने आत्मविश्वास को वापस पा सकें।

    ईशान ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा, मैंने खुद से पूछा कि क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ? और मुझे इसका साफ जवाब मिला। अगर मैं आउट भी हो जाता, तो भी मैं सिर्फ अच्छा क्रिकेट खेलना चाहता था।

    इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 209 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे टीम इंडिया ने ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के अर्धशतकों की मदद से 15.2 ओवर में 7 विकेट से हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में मजबूती दिखाई और ईशान की पारी ने वापसी को पूरी तरह से सफल बना दिया।

  • BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल

    BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल



    नई दिल्ली। नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय क्रिकेट कोच गौतम गंभीर के साथ सेल्फी शेयर की और उनकी तारीफ की, जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। BJP का आरोप है कि थरूर की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस की राजनीति के खिलाफ है और अब उन्हें पार्टी से ‘फतवा’ मिल सकता है।

    भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस को थरूर की नागपुर यात्रा, गंभीर से मुलाकात या उनकी प्रशंसा में से कौन सी बात ज्यादा खलती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या थरूर के खिलाफ एक और “कांग्रेस फतवा” जारी होने वाला है।

    थरूर ने गंभीर को “प्रधानमंत्री मोदी के बाद सबसे कठिन काम करने वाला इंसान” बताया और कहा कि लाखों लोग उनके फैसलों पर सवाल उठाते हैं, फिर भी वह शांत रहते हैं और आगे बढ़ते हैं। उन्होंने गंभीर की नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए उन्हें सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

    गंभीर ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि जब समय आएगा, तब कोच के कथित ‘असीमित अधिकार’ पर सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने लिखा कि खुद के खिलाफ खड़ा देखकर उन्हें हंसी आ रही है।

    यह विवाद राजनीतिक स्तर पर बढ़ता जा रहा है, क्योंकि थरूर की आलोचना और प्रशंसा दोनों ही पक्षों के बीच नई बहस का कारण बन गई है।

  • ICC वनडे रैंकिंग में बड़ा बदलाव: विराट कोहली से छिना नंबर-1 का ताज, डेरिल मिचेल बने टॉप बल्लेबाज

    ICC वनडे रैंकिंग में बड़ा बदलाव: विराट कोहली से छिना नंबर-1 का ताज, डेरिल मिचेल बने टॉप बल्लेबाज


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के कप्तान विराट कोहली को वनडे रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज का ताज सिर्फ एक हफ्ते ही टिक सका। आईसीसी ने ताजा रैंकिंग में न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज डेरिल मिचेल को शीर्ष स्थान पर पहुंचते हुए नंबर-1 बल्लेबाज का खिताब दिया है। यह बदलाव उनके लगातार दो शानदार पारियों के दम पर संभव हुआ।

    विराट कोहली ने बीते हफ्ते भारत-न्यूजीलैंड श्रृंखला के पहले वनडे में 93 रनों की शानदार पारी खेली थी। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया और उसी रैंकिंग में वे नंबर-1 बल्लेबाज बने थे। लेकिन सिर्फ सात दिन बाद तीसरे वनडे में टीम इंडिया की हार के बावजूद मिचेल ने अपनी लगातार दो बड़ी पारियों के दम पर नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया।डेरिल मिचेल की शानदार पारी तीसरे वनडे में देखने को मिली जो इंदौर में खेला गया। मिचेल ने मुश्किल परिस्थितियों में 131 गेंदों पर 137 रन बनाए और टीम को संकट से बाहर निकाला। इस पारी में उन्होंने 15 चौके और 3 छक्के लगाए। खास बात यह थी कि उन्होंने टीम की शुरुआत में ही संकट का सामना किया जब न्यूजीलैंड की टीम 5 रन पर 2 विकेट गंवा चुकी थी। इस शानदार प्रदर्शन के बाद मिचेल की रेटिंग 845 तक पहुंच गई जो उनके करियर की अब तक की सर्वोत्तम रेटिंग है।

    वहीं विराट कोहली अब 795 रेटिंग के साथ नंबर-2 पर हैं। उनके अलावा रोहित शर्मा भी तीसरे स्थान से गिरकर चौथे स्थान पर आ गए हैं उनकी रेटिंग अब 757 है। अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान ने 764 रेटिंग के साथ तीसरे स्थान पर कब्जा जमाया।आईसीसी रैंकिंग में एक और दिलचस्प बदलाव केएल राहुल की टॉप-10 में एंट्री है। उन्होंने 11वें स्थान से छलांग लगाकर अब 670 रेटिंग के साथ दसवें स्थान पर जगह बनाई। वहीं श्रेयस अय्यर एक स्थान फिसलकर 11वें स्थान पर आ गए हैं।

    इस अपडेट के साथ ही वनडे रैंकिंग में नए खिलाड़ी और पुराने दिग्गजों के बीच प्रतिस्पर्धा और भी रोमांचक होती जा रही है। डेरिल मिचेल की निरंतरता और दबाव में शानदार खेल ने उन्हें दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है वहीं विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसी भारतीय स्टार बल्लेबाजों के लिए नंबर-1 की चुनौती अब और कठिन हो गई है।आईसीसी की यह ताजा रैंकिंग दर्शाती है कि वनडे क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और हर खिलाड़ी को लगातार अपने प्रदर्शन को बेहतर करना होगा।

  • 7 पारियों में 578 रन! भारतीय सरजमीं पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन गिल का शानदार दबदबा

    7 पारियों में 578 रन! भारतीय सरजमीं पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन गिल का शानदार दबदबा


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज और कप्तान शुभमन गिल का बल्ला न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय सरजमीं पर लगातार आग उगल रहा है। राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेले जा रहे वनडे मुकाबले में गिल ने एक बार फिर अपनी क्लास और निरंतरता का शानदार नमूना पेश किया। उन्होंने 53 गेंदों में 1 छक्का और 9 चौकों की मदद से 56 रन की अहम पारी खेली। यह इस सीरीज में उनका लगातार दूसरा अर्धशतक रहा जिसने टीम इंडिया को मजबूत शुरुआत दिलाई।

    भारतीय मैदानों पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन गिल का रिकॉर्ड बेहद लाजवाब रहा है। गिल ने अब तक कीवी टीम के खिलाफ भारत में कुल 7 वनडे पारियां खेली हैं, जिनमें उन्होंने 115.6 की शानदार औसत से 578 रन बनाए हैं। यह आंकड़ा न सिर्फ उनकी निरंतरता को दर्शाता है बल्कि बड़े मैचों में जिम्मेदारी लेने की उनकी क्षमता को भी उजागर करता है इन सात पारियों में गिल ने कई यादगार पारियां खेली हैं। इनमें 149 गेंदों पर खेली गई 208 रनों की ऐतिहासिक पारी, 78 गेंदों में 112 रन, नाबाद 80 रन और हालिया मैचों में लगातार दो अर्धशतक शामिल हैं। उनकी पारियों की सूची में 40*, 26, 56 और 56 रनों की पारियां भी शामिल हैं जो यह साबित करती हैं कि वह हर परिस्थिति में टीम के लिए योगदान दे रहे हैं।

    इस मुकाबले में भारतीय टीम शुभमन गिल की कप्तानी में मैदान पर उतरी है। टीम में अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन संतुलन नजर आया। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों के साथ श्रेयस अय्यर और केएल राहुल विकेटकीपर मध्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं। ऑलराउंडर के रूप में रवींद्र जडेजा और नितीश रेड्डी को शामिल किया गया है, जबकि गेंदबाजी विभाग में हर्षित राणा, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा टीम की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम माइकल ब्रेसवेल की कप्तानी में मैदान पर उतरी है। कीवी टीम में डेवोन कॉनवे, हेनरी निकोल्स, विल यंग और डेरिल मिशेल जैसे भरोसेमंद बल्लेबाज मौजूद हैं। ग्लेन फिलिप्स और मिशेल हे विकेटकीपर की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि काइल जैमीसन और जैकरी फाउल्क्स गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई कर रहे हैं।

    सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने वडोदरा में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर बढ़त बनाई थी। उस मैच में न्यूजीलैंड ने 300 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था, जवाब में टीम इंडिया ने विराट कोहली की 93 रनों की शानदार पारी और शुभमन गिल के अर्धशतक की बदौलत लक्ष्य हासिल कर लिया था।फिलहाल तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत 1-0 से आगे है। ऐसे में दूसरे मुकाबले में जीत दर्ज कर टीम इंडिया सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान पर उतरी है। शुभमन गिल का मौजूदा फॉर्म देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के लिए आगे की राह आसान नहीं होने वाली है।