Tag: Indian Cricket

  • कम उम्र में बड़ा सपना, वैभव सूर्यवंशी बोले- लंबे समय तक क्रिकेट पर राज करना चाहता हूं

    कम उम्र में बड़ा सपना, वैभव सूर्यवंशी बोले- लंबे समय तक क्रिकेट पर राज करना चाहता हूं


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में अपने बल्ले से धमाल मचाने वाले 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के नए सितारे बनकर उभरे हैं। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ-साथ एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है। चयन के बाद वैभव ने अपने भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ क्रिकेट खेलना नहीं, बल्कि लंबे समय तक इस खेल में अपना दबदबा बनाए रखना है।

    राजस्थान रॉयल्स द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक इंटरव्यू में वैभव ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह ऐसा खिलाड़ी बनना चाहते हैं, जिसे क्रिकेट प्रेमी वर्षों तक याद रखें। वैभव का मानना है कि एक महान खिलाड़ी वही होता है जो अपने दम पर मैच का रुख बदल दे और टीम को जीत दिलाए।

    युवा बल्लेबाज ने कहा कि उन्होंने अपने करियर को लेकर स्पष्ट लक्ष्य तय कर रखा है। उनका सपना है कि जब भी लोग उनके खेल को देखें या भविष्य में उनके बारे में चर्चा करें तो यह महसूस करें कि वह ऐसा बल्लेबाज था जो अकेले दम पर मुकाबले का नतीजा बदल सकता था। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ वह लगातार मेहनत कर रहे हैं और अपने खेल को बेहतर बनाने में जुटे हुए हैं।

    वैभव ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कुछ साल क्रिकेट खेलकर संतुष्ट हो जाना नहीं है। वह चाहते हैं कि अगले 10 से 20 वर्षों तक उनके प्रदर्शन की चर्चा हो और उनका प्रभाव क्रिकेट जगत में बना रहे। उन्होंने कहा कि क्रिकेट उनके लिए केवल पेशा नहीं, बल्कि आनंद का माध्यम है। इसी कारण वह पूरी जिंदगी इस खेल का आनंद लेते हुए लगातार बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।

    भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने भी वैभव की प्रतिभा की सराहना की है। चयन समिति का मानना है कि युवा बल्लेबाज ने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और टीम में जगह पाने का मजबूत दावा पेश किया। आईपीएल 2026 में उनकी बल्लेबाजी ने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि विशेषज्ञों को भी प्रभावित किया।

    राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने पूरे सीजन में शानदार निरंतरता दिखाई। उन्होंने 16 पारियों में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 237 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने ऑरेंज कैप अपने नाम की और यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। इसके अलावा उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 72 छक्के जड़कर टी20 क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

    अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय सफर पर टिकी हैं। कम उम्र में मिली सफलता ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जाना शुरू कर दिया है। आने वाले महीनों में आयरलैंड, इंग्लैंड और एशियन गेम्स के मंच पर उनके प्रदर्शन से यह तय होगा कि वह घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट की सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी मजबूती से आगे बढ़ा पाते हैं।

  • सूर्यकुमार यादव पर बड़ा खुलासा! पूर्व चयनकर्ता ने बताई पर्दे के पीछे की असली वजह

    सूर्यकुमार यादव पर बड़ा खुलासा! पूर्व चयनकर्ता ने बताई पर्दे के पीछे की असली वजह


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में कप्तानी परिवर्तन के बाद सबसे अधिक चर्चा यदि किसी खिलाड़ी को लेकर हो रही है तो वह हैं सूर्यकुमार यादव। भारतीय टी20 टीम की कप्तानी से हटाए जाने और आयरलैंड, इंग्लैंड तथा एशियन गेम्स के लिए घोषित किसी भी टी20 स्क्वॉड में जगह नहीं मिलने के बाद यह माना जा रहा था कि चयनकर्ताओं ने उनसे आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है। लेकिन अब टीम इंडिया के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने इस पूरे मुद्दे को नई दिशा दे दी है।

    एमएसके प्रसाद का दावा है कि सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें आराम दिया गया है। उनके मुताबिक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और चयन समिति ने जसप्रीत बुमराह तथा हार्दिक पांड्या की तरह सूर्यकुमार को भी कुछ समय का ब्रेक दिया है, ताकि वह तरोताजा होकर टीम में वापसी कर सकें।

    प्रसाद ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि कोई भी बोर्ड या चयन समिति विश्व कप विजेता कप्तान को अगले ही अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में बाहर नहीं करती। उन्होंने कहा कि सूर्यकुमार यादव भारतीय क्रिकेट के बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं और उनकी गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उनके अनुसार इतने बड़े खिलाड़ी को केवल खराब फॉर्म के आधार पर पूरी तरह नजरअंदाज करना सही नहीं होगा।

    पूर्व चयनकर्ता ने कहा कि सूर्यकुमार, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह लंबे समय तक आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। बुमराह आज भी दुनिया के नंबर-1 गेंदबाजों में गिने जाते हैं। ऐसे में इन खिलाड़ियों को समय-समय पर आराम देना टीम प्रबंधन की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि तीनों खिलाड़ी जल्द ही भारतीय टीम में फिर दिखाई देंगे।

    हालांकि दूसरी ओर चयनकर्ताओं के फैसले ने कई सवाल भी खड़े किए हैं। बीसीसीआई द्वारा घोषित आयरलैंड दौरे, इंग्लैंड दौरे और 2026 एशियन गेम्स की टी20 टीमों में सूर्यकुमार यादव का नाम शामिल नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि जसप्रीत बुमराह को एशियन गेम्स की टीम में जगह दी गई है, जबकि सूर्यकुमार पूरी तरह बाहर हैं। इसी वजह से कई क्रिकेट विशेषज्ञ इसे केवल आराम नहीं, बल्कि चयन संबंधी बड़ा फैसला मान रहे हैं।

    सूर्यकुमार यादव की हालिया फॉर्म भी चर्चा का विषय रही है। आईपीएल 2026 में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा और लगातार रन बनाने में उन्हें संघर्ष करना पड़ा। माना जा रहा है कि यही वजह चयनकर्ताओं के फैसले के पीछे प्रमुख कारण हो सकती है। वहीं उनकी बढ़ती उम्र भी भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है। 35 वर्षीय सूर्यकुमार के सामने अब युवा खिलाड़ियों की मजबूत चुनौती मौजूद है।

    इस बीच चयनकर्ताओं ने टी20 टीम की कमान श्रेयस अय्यर को सौंप दी है। अय्यर को भविष्य की टीम तैयार करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि सूर्यकुमार के अनुभव और उपलब्धियों को देखते हुए उनकी वापसी की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

    फिलहाल भारतीय क्रिकेट में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सूर्यकुमार यादव वास्तव में केवल आराम पर हैं या फिर यह भारतीय टी20 टीम में एक नए युग की शुरुआत है। आने वाले महीनों में उनका प्रदर्शन और चयनकर्ताओं की रणनीति इस सवाल का जवाब देगी।

  • ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा

    ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा


    मध्य प्रदेश । भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर पूर्व चयनकर्ता देवांग गांधी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पंत को भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज बताते हुए उनकी टेस्ट क्रिकेट में भूमिका की जमकर सराहना की।

    देवांग गांधी ने कहा कि भले ही पंत इस समय खराब फॉर्म से गुजर रहे हों, लेकिन उनकी क्षमता और मैच जिताने वाली पारियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि चयनकर्ता भी उनकी काबिलियत को समझते हैं और इसी वजह से उन्हें लगातार मौके दिए जा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पंत का इंग्लैंड दौरा काफी प्रभावशाली रहा था, हालांकि चोट के कारण वह पूरी सीरीज नहीं खेल पाए थे। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

    देवांग गांधी के अनुसार, पंत ने विदेशी पिचों पर भी शानदार प्रदर्शन किया है। चाहे दक्षिण अफ्रीका हो, इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया—उन्होंने कई अहम मौकों पर मैच जिताने वाली पारियां खेली हैं, जिससे उनकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है।

    पूर्व चयनकर्ता ने यह भी कहा कि पंत की विकेटकीपिंग पर अक्सर बात नहीं होती, जबकि उन्होंने इसमें काफी सुधार किया है और घरेलू व विदेशी दोनों परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने पंत को “आधुनिक दौर का सबसे प्रभावशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज” करार दिया।

    उन्होंने खास तौर पर गाबा टेस्ट में खेली गई पंत की ऐतिहासिक पारी का जिक्र करते हुए कहा कि वह हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार रहेगी। पंत अब अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले टेस्ट में अपने करियर का 50वां टेस्ट मैच खेलने उतर सकते हैं, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • वैभव सूर्यवंशी को लेकर आकाश चोपड़ा ने खोले पत्ते, बताया चयन में क्या है सबसे बड़ी बाधा

    वैभव सूर्यवंशी को लेकर आकाश चोपड़ा ने खोले पत्ते, बताया चयन में क्या है सबसे बड़ी बाधा


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को भारतीय टी20 टीम में शामिल किए जाने की मांग लगातार उठ रही है। हालांकि पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर Aakash Chopra का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में वैभव को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने के लिए अभी कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है।

    आकाश चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग और टॉप ऑर्डर की जगहों के लिए पहले से ही कड़ा मुकाबला है। उनके अनुसार Sanju Samson और Abhishek Sharma लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे वैभव के लिए तत्काल अवसर बनना मुश्किल दिखाई देता है।

    चोपड़ा ने विशेष रूप से संजू सैमसन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने टी20 विश्व कप 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन किया और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे। ऐसे में उनकी जगह किसी युवा खिलाड़ी को मौका देना चयनकर्ताओं के लिए आसान फैसला नहीं होगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक शर्मा पिछले काफी समय से टी20 क्रिकेट में निरंतर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में गिने जा रहे हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन उनके स्थान पर भी बदलाव करने की जल्दी में नहीं होगा।

    हालांकि आकाश चोपड़ा ने वैभव की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि 15 वर्षीय बल्लेबाज असाधारण क्षमता रखते हैं और भविष्य में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर पाने के लिए उन्हें थोड़ा धैर्य रखना होगा और लगातार प्रदर्शन जारी रखना होगा।

    आईपीएल 2026 में बनाया इतिहास
    वैभव सूर्यवंशी का आईपीएल 2026 सीजन बेहद शानदार रहा। उन्होंने 16 मैचों में 237 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। पूरे टूर्नामेंट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी चर्चा का विषय रही।

    इतना ही नहीं, वैभव ने टी20 दिग्गज Chris Gayle का एक बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा 72 छक्के लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। एलिमिनेटर और दूसरे क्वालिफायर में उनकी मैच जिताऊ पारियों ने उनकी लोकप्रियता और बढ़ा दी।

    अब श्रीलंका दौरे पर नजरें
    वैभव को श्रीलंका में होने वाली त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। 9 जून से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। यदि वे यहां भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं, तो निकट भविष्य में राष्ट्रीय टी20 टीम के दरवाजे उनके लिए और मजबूती से खुल सकते हैं।

    फिलहाल क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं, लेकिन टीम इंडिया में स्थायी जगह बनाने के लिए उन्हें अपने प्रदर्शन की निरंतरता बनाए रखनी होगी।

  • आईपीएल 2026 में रिंकू सिंह का खराब प्रदर्शन टीम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। फॉर्म में वापसी अब बेहद जरूरी हो गई है।

    आईपीएल 2026 में रिंकू सिंह का खराब प्रदर्शन टीम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। फॉर्म में वापसी अब बेहद जरूरी हो गई है।

    नई दिल्ली/कोलकाता। कभी आखिरी ओवर में लगातार पांच छक्के लगाकर क्रिकेट जगत में सनसनी मचाने वाले रिंकू सिंह इस समय अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। आईपीएल 2026 में उनका लगातार खराब प्रदर्शन न केवल उनकी व्यक्तिगत फॉर्म पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम संतुलन और रणनीति को भी प्रभावित कर रहा है। जिस खिलाड़ी को टीम का सबसे भरोसेमंद फिनिशर माना जाता था, वही अब संघर्ष करता नजर आ रहा है।

    9 अप्रैल 2023 का वह मुकाबला आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे रोमांचक पलों में गिना जाता है, जब रिंकू सिंह ने असंभव को संभव कर दिखाया था। आखिरी ओवर में 29 रन की जरूरत थी और उन्होंने लगातार पांच छक्के लगाकर टीम को यादगार जीत दिलाई थी। उस पारी के बाद रिंकू सिंह को एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में देखा जाने लगा, जो किसी भी मुश्किल परिस्थिति में मैच का रुख बदल सकता है। उनकी इसी क्षमता ने उन्हें भारतीय क्रिकेट में एक खास पहचान दिलाई।

    इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में भी मौके मिले और उन्होंने कई अहम पारियां खेलकर अपनी उपयोगिता साबित की। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय सफर पूरी तरह स्थिर नहीं रहा और उन्हें टीम में जगह बनाने के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ा। इसके बावजूद केकेआर ने उन पर पूरा भरोसा जताया और उन्हें लंबे समय तक टीम के साथ बनाए रखा। आईपीएल 2025 में टीम ने उन्हें बड़ी कीमत पर रिटेन किया और भविष्य के प्रमुख खिलाड़ी के रूप में देखा।

    मौजूदा सीजन में उनकी फॉर्म ने सभी को निराश किया है। आईपीएल 2026 में वह रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और कई पारियों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। चाहे उन्हें ऊपरी क्रम में भेजा जाए या निचले क्रम में, उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास की कमी साफ दिखाई दे रही है। उनके शॉट चयन और टाइमिंग में भी वह धार नजर नहीं आ रही, जिसने उन्हें कभी खतरनाक बल्लेबाज बनाया था।

    रिंकू सिंह की खराब फॉर्म का सीधा असर टीम के प्रदर्शन पर भी पड़ा है। मध्यक्रम में स्थिरता की कमी के कारण टीम को निर्णायक मौकों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एक समय जिस खिलाड़ी पर टीम को सबसे ज्यादा भरोसा था, वही अब टीम के लिए चिंता का कारण बन गया है। उनकी असफलता ने टीम प्रबंधन को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।

    आने वाले समय में रिंकू सिंह के लिए यह दौर बेहद अहम साबित हो सकता है। यदि वह जल्द ही अपनी लय में वापसी नहीं करते हैं, तो टीम संयोजन में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। लंबे समय से टीम का हिस्सा रहे इस खिलाड़ी के सामने अब खुद को फिर से साबित करने की चुनौती है और इसके लिए उन्हें अपने खेल में निरंतर सुधार करना होगा।

  • शतक से छाए Sanju Samson, Dale Steyn बोले-टीम का माहौल पूरी तरह बदला

    शतक से छाए Sanju Samson, Dale Steyn बोले-टीम का माहौल पूरी तरह बदला


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में शुरुआत में लड़खड़ाने वाली Chennai Super Kings अब शानदार वापसी करती नजर आ रही है। टीम की इस वापसी का बड़ा कारण बने हैं विकेटकीपर बल्लेबाज Sanju Samson, जिनके शतक ने पूरे कैंप का माहौल बदल दिया।
    लगातार हार के बाद मुश्किल में थी टीम
    सीजन की शुरुआत में CSK को लगातार तीन मैचों में हार झेलनी पड़ी थी। इससे टीम का मनोबल काफी गिर गया था। लेकिन इसके बाद टीम ने जोरदार वापसी करते हुए लगातार दो मुकाबले जीत लिए और अंकतालिका में Kolkata Knight Riders और Mumbai Indians से ऊपर पहुंच गई।
    सैमसन का शतक बना टर्निंग पॉइंट
    दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज Dale Steyn का मानना है कि यह बदलाव सैमसन की शानदार पारी के बाद आया। दिल्ली के खिलाफ खेले गए मैच में सैमसन ने 56 गेंदों पर नाबाद 115 रन ठोक दिए, जिसमें 15 चौके और 4 छक्के शामिल थे। स्टेन ने कहा कि एक जीत टीम के आत्मविश्वास को पूरी तरह बदल देती है और वही CSK के साथ हुआ।
    जीत से बढ़ा आत्मविश्वास
    स्टेन के मुताबिक, “आईपीएल में मैच जीतना आसान नहीं होता। लेकिन जब टीम एक मैच जीतती है, तो खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे बेहतर प्रदर्शन करने लगते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि सैमसन टीम के बदलाव को लीड कर रहे हैं।
    चेपॉक में दिखी CSK की ताकत
    घरेलू मैदान चेपॉक में CSK ने 20 ओवर में 212 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया और मुकाबला 23 रन से जीत लिया। इसके बाद टीम ने Kolkata Knight Riders को भी 32 रन से हराकर अपनी लय बरकरार रखी। इस मैच में भी सैमसन ने अहम 48 रन की पारी खेली।
    गायकवाड़ से भी बड़ी उम्मीद
    स्टेन ने कप्तान Ruturaj Gaikwad की भी तारीफ करते हुए कहा कि वह शानदार बल्लेबाज हैं और आने वाले मैचों में टीम के लिए अहम भूमिका निभाएंगे।
  • भारतीय क्रिकेट को बड़ी खुशखबरी: Sanju Samson को ICC का बड़ा सम्मान

    भारतीय क्रिकेट को बड़ी खुशखबरी: Sanju Samson को ICC का बड़ा सम्मान


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर मार्च महीने के लिए International Cricket Council (ICC) के ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’ का खिताब अपने नाम कर लिया। यह सम्मान उन्हें टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने में निभाई गई अहम भूमिका के लिए दिया गया। सैमसन ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार बेहतरीन पारियां खेलीं और टीम को मुश्किल हालात से निकालते हुए खिताब दिलाया। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ उनके व्यक्तिगत करियर के लिए बड़ी है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी गर्व का क्षण है।
    विश्व कप जीत में निभाई निर्णायक भूमिका
    टी20 विश्व कप 2026 में संजू सैमसन का बल्ला जमकर बोला। उन्होंने लगातार तीन मैचों में मैच जिताऊ पारियां खेलकर टीम इंडिया को खिताब तक पहुंचाया। क्वार्टर फाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन बनाकर उन्होंने टीम को जीत दिलाई। इसके बाद सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन की शानदार पारी खेली और फिर फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 89 रन बनाकर भारत को विश्व चैंपियन बनाया। उनके इस लगातार प्रदर्शन ने उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ भी बनाया और अब उसी का इनाम ICC के इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड के रूप में मिला है।
     अवॉर्ड मिलने पर बोले सैमसन
    इस सम्मान को हासिल करने के बाद संजू सैमसन ने कहा कि यह उनके करियर का सबसे खास पल है। उन्होंने बताया कि विश्व कप जीत में योगदान देना किसी सपने के सच होने जैसा था और इस उपलब्धि को समझने में उन्हें थोड़ा समय लगा। सैमसन ने टीम के साथियों और कोचिंग स्टाफ का आभार जताते हुए कहा कि उनके भरोसे और समर्थन ने ही उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ देने की प्रेरणा दी।
    कड़ी टक्कर में जीता खिताब
    इस अवॉर्ड की दौड़ में जसप्रीत बुमराह और दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज कॉनर एस्टरहुइजन भी शामिल थे। बुमराह ने फाइनल में शानदार गेंदबाजी करते हुए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीता था, वहीं एस्टरहुइजन ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसके बावजूद सैमसन ने अपने लगातार मैच-विनिंग प्रदर्शन के दम पर दोनों को पीछे छोड़ दिया।
    भारतीय क्रिकेट के लिए सुनहरा दौर
    संजू सैमसन की यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन बना हुआ है, जो बड़े मंच पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। सैमसन जैसे खिलाड़ियों का उभरना आने वाले समय में टीम इंडिया को और मजबूती देगा।

  • मुकुल चौधरी ने रचा इतिहास और बने यह कारनामा करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी

    मुकुल चौधरी ने रचा इतिहास और बने यह कारनामा करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी


    नई दिल्ली। क्रिकेट के सबसे बड़े मंच आईपीएल में समय-समय पर कई दिग्गजों ने अपने बल्ले से जौहर दिखाए हैं, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने खेल जगत को एक नए सितारे से परिचित कराया है। मुकुल चौधरी ने मैदान पर वह कारनामा कर दिखाया है जिसकी कल्पना अब तक केवल किरोन पोलार्ड और एबी डी विलियर्स जैसे महान विदेशी खिलाड़ियों से की जाती थी। भारतीय क्रिकेट के इस उभरते हुए खिलाड़ी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और मानसिक दृढ़ता के दम पर वह मुकाम हासिल किया है जो इससे पहले किसी भी अन्य भारतीय खिलाड़ी के नाम दर्ज नहीं था। इस उपलब्धि ने न केवल उनके करियर को एक नई दिशा दी है बल्कि इस लीग के मंच पर भारतीयों के दबदबे को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।

    मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की उनकी अद्भुत क्षमता ने विपक्षी गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए। जब मुकुल क्रीज पर आए थे तब टीम को एक ऐसी पारी की जरूरत थी जो न केवल स्कोरबोर्ड को गति दे सके बल्कि प्रतिद्वंद्वी टीम के मनोबल को भी पूरी तरह से ध्वस्त कर दे। मुकुल ने इस जिम्मेदारी को बखूबी समझा और बिना किसी दबाव के अपनी स्वाभाविक बल्लेबाजी जारी रखी। उनकी टाइमिंग और तकनीक का मिश्रण इतना सटीक था कि खेल के बड़े विशेषज्ञ भी उनकी सराहना करने से खुद को रोक नहीं पाए। इस वैश्विक मंच पर जहां दुनिया के बेहतरीन गेंदबाज अपनी पूरी रणनीति के साथ आते हैं, वहां एक भारतीय युवा का इस तरह निडर होकर खेलना भविष्य के सुखद संकेत देता है।

    इस ऐतिहासिक प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि मुकुल ने उन रिकॉर्ड्स को चुनौती दी है जो सालों से अटूट माने जाते थे। पोलार्ड और डी विलियर्स जैसे खिलाड़ियों ने अपनी पावर हिटिंग से जो मानक स्थापित किए थे, मुकुल ने उन्हीं मानकों पर खरे उतरते हुए अपनी एक अलग पहचान बनाई है। खेल के प्रति उनका समर्पण और दबाव की स्थितियों में शांत रहने की कला उन्हें अन्य समकालीन खिलाड़ियों से अलग करती है। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों के शोर के बीच उन्होंने जिस एकाग्रता का परिचय दिया वह वाकई काबिल ए तारीफ है। इस पारी ने भविष्य की संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं और अब उन्हें क्रिकेट के अगले बड़े सितारे के रूप में देखा जा रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रदर्शन प्रतिभाओं को तराशने के उद्देश्य को सिद्ध करते हैं। यह प्रतियोगिता हमेशा से नए हुनर को बड़ा मंच देने का काम करती रही है और मुकुल चौधरी इस सिलसिले की सबसे नई और चमकदार कड़ी बनकर उभरे हैं। उनकी इस उपलब्धि से खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है और देश के युवा क्रिकेटर उनसे प्रेरित हो रहे हैं। कड़ी मेहनत और लगन से निकलकर दुनिया की सबसे कठिन मानी जाने वाली लीग के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज कराना किसी सपने के सच होने जैसा है। मुकुल ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों और मेहनत में ईमानदारी हो तो किसी भी बड़े रिकॉर्ड को तोड़ना असंभव नहीं है।

    मैच के दौरान मुकुल के फुटवर्क और हाथों की गति ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह खेल के सबसे छोटे प्रारूप के लिए पूरी तरह परिपक्व हैं। उन्होंने हर गेंद को उसकी मेरिट के आधार पर खेला और जोखिम लेने से भी पीछे नहीं हटे। उनकी इस पारी ने मैच का रुख पूरी तरह से बदल दिया और अंत में यही अंतर टीम की जीत का मुख्य आधार बना। आने वाले मैचों में मुकुल पर सभी की निगाहें टिकी होंगी और उनसे इसी तरह के निरंतर प्रदर्शन की उम्मीद की जाएगी। खेल प्रेमियों के लिए यह गर्व का क्षण है कि एक स्वदेशी खिलाड़ी ने वह कीर्तिमान स्थापित किया है जो अब तक केवल विदेशी दिग्गजों के नाम के साथ जुड़ा हुआ था।

  • जनप्रियता का जादू: विराट-रोहित के साथ बढ़ते वनडे मुकाबले

    जनप्रियता का जादू: विराट-रोहित के साथ बढ़ते वनडे मुकाबले


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम का 2026 का अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल पहले से ही काफी व्यस्त है, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इसे और व्यस्त बनाने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार ICC क्रिकेट विश्व कप 2027 से पहले टीम इंडिया के वनडे मैचों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। बताया जा रहा है कि कई विदेशी क्रिकेट बोर्ड ने भारत के साथ पहले से तय वनडे राउंड में अतिरिक्त मैच जोड़ने का अनुरोध किया है।

    इन देशों ने किया अनुरोध
    रिपोर्ट के अनुसार इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड, न्यूजीलैंड क्रिकेट, क्रिकेट आयरलैंड और श्रीलंका क्रिकेट ने बीसीसीआई से वनडे मैचों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। इन मैचों का असर है कि अतिरिक्त वनडे मैचों से उन्हें आर्थिक रूप से फायदा होगा, क्योंकि भारतीय टीम के मैचों की वैश्विक दर्शकों की संख्या काफी अधिक होती है।

    रोहित-विराट की वजह से ज़्यादा मांग
    वनडे मैचों की संख्या बढ़ाने के पीछे सबसे बड़ी वजह भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली माने जा रहे हैं। दोनों खिलाड़ी अब मुख्य रूप से वनडे फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी लोकप्रियता बहुत ज़्यादा है। इसलिए जब ये खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं तो स्टेडियम में दर्शकों की संख्या और टीवी व्यूअरशिप दोनों बढ़ जाती हैं।

    इंग्लैंड दौरे में हो सकता है बदलाव
    फिलहाल भारत और इंग्लैंड क्रिकेट टीम के बीच होने वाली सीरीज में तीन वनडे और पांच टी20 मैच तय हैं। हालांकि रिपोर्ट्स के हिसाब से इस शेड्यूल में बदलाव हो सकता है और दो अतिरिक्त वनडे मैच जोड़े जा सकते हैं। ऐसा भी माना जा रहा है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली अपने लंबे करियर में शायद आखिरी बार इंग्लैंड का दौरा कर सकते हैं, इसलिए इस सीरीज को और बड़ा बनाया जा सकता है।

    श्रीलंका दौरे पर भी बातचीत
    अगस्त में भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी, जिसमें एक मैच सिंहली स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड में डे-नाइट हो सकता है। बताया जा रहा है कि श्रीलंका क्रिकेट इस दौरे में भी अतिरिक्त व्हाइट-बॉल मैच जोड़ने के लिए बीसीसीआई से बातचीत कर रहा है।

    अन्य सीरीज पर भी
    इसके अलावा बांग्लादेश और संयुक्त अरब अमीरात में अफगानिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ संभावित सीरीज को लेकर भी बनी हुई है। इसी वजह से भारत अपने कार्यक्रम में कुछ अतिरिक्त मैच जोड़ सकता है, जबकि आयरलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के मैचों की संख्या भी अभी तय नहीं है।

  • भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता खानचंद सिंह का कैंसर से निधन

    भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता खानचंद सिंह का कैंसर से निधन


    नई दिल्ली। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के दौरान भारतीय क्रिकेट जगत से एक भावुक खबर सामने आई है। भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार 27 फरवरी 2026 तड़के निधन हो गया। वह लंबे समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। परिवार के सूत्रों ने उनके निधन की पुष्टि की है।

    58 वर्षीय खानचंद सिंह पिछले काफी समय से गंभीर रूप से बीमार थे। अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. सुनील कुमार के अनुसार उनकी तबीयत हाल के दिनों में काफी बिगड़ गई थी और 21 फरवरी से उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। शुक्रवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली।

    पिता की गंभीर हालत की सूचना मिलने पर रिंकू सिंह को टी20 विश्व कप बीच में छोड़कर लौटना पड़ा था। हालांकि 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से पहले वह चेन्नई में टीम से दोबारा जुड़ गए थे लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। रिंकू सिंह के पूर्व कोच मसूद अमिनी ने अलीगढ़ से मीडिया को बताया कि खानचंद सिंह पिछले कुछ समय से लिवर कैंसर से संघर्ष कर रहे थे और अंतिम दिनों में उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी।

    गौरतलब है कि अलीगढ़ उत्तर प्रदेश के रहने वाले रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता की अहम भूमिका रही। खानचंद सिंह गैस सिलेंडर आपूर्ति का काम करते थे और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने परिवार का पालन-पोषण किया। शुरुआत में वह बेटे के क्रिकेट खेलने के पक्ष में नहीं थे लेकिन जब रिंकू को शानदार प्रदर्शन पर मोटरसाइकिल इनाम में मिली तो उन्होंने बेटे का पूरा समर्थन करना शुरू कर दिया। बाद में उन्होंने तमाम अभावों के बावजूद रिंकू के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग दिया।

    परिवार के अनुसार खानचंद सिंह का अंतिम संस्कार अलीगढ़ में किया जाएगा। रिंकू सिंह भी अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए चेन्नई से लौट रहे हैं। आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में 1 मार्च को कोलकाता में भारत का मुकाबला वेस्टइंडीज से होना है जो टीम इंडिया के लिए करो या मरो जैसा अहम मैच माना जा रहा है। वेस्टइंडीज को हराने पर भारत सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। हालांकि पिता के निधन के चलते इस मुकाबले में भी रिंकू सिंह की उपलब्धता को लेकर संशय बना हुआ है।