Tag: Indian Cricket

  • अंडर-19 क्रिकेट में नई सनसनी: वैभव सूर्यवंशी का शतक, कप्तानी पारी ने भारत को साउथ अफ्रीका पर दी जीत की बढ़त

    अंडर-19 क्रिकेट में नई सनसनी: वैभव सूर्यवंशी का शतक, कप्तानी पारी ने भारत को साउथ अफ्रीका पर दी जीत की बढ़त


    नई दिल्ली । दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गई भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम के कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने तीसरे वनडे मुकाबले में ऐसी पारी खेली कि वह चर्चा का केंद्र बन गए। बेनोनी के विलोमूर पार्क मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में वैभव ने अपने संयम और आक्रामकता के अद्भुत संतुलन से मैच की दिशा प्रारंभिक ओवरों में ही तय कर दी।

    भारतीय पारी की शुरुआत से ही वैभव ने शानदार खेल दिखाया। शुरुआती ओवरों में गेंद को भली-भांति समझने के बाद उन्होंने बड़े शॉट्स खेलना शुरू किया और मैदान के चारों ओर रन बटोरे। महज 63 गेंदों में शतक पूरा कर उन्होंने साबित कर दिया कि वह केवल प्रतिभाशाली बल्लेबाज नहीं बल्कि मैच की परिस्थिति को समझने वाले लीडर भी हैं। उनकी 127 रन की पारी में लंबी हिटिंग सटीक टाइमिंग और आक्रामकता का शानदार मेल देखने को मिला।

    वैभव को इस पारी में ओपनिंग साथी आरोन जॉर्ज का भी साथ मिला। दोनों ने पहले विकेट के लिए 200 से अधिक रन की साझेदारी की, जिससे भारतीय टीम ने मजबूत स्कोर की नींव रखी। इस साझेदारी ने न केवल रन गति को तेज रखा, बल्कि दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस तरह की पारियों ने टीम के आत्मविश्वास को भी ऊँचाई पर पहुंचाया।तीसरे वनडे में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा। अंडर-19 वनडे में उनके कुल रन अब भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। कम मैचों में लगातार रन बनाते हुए उनका औसत और खेल का संतुलन चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

    इस सीरीज में भारत पहले ही दोनों मुकाबले जीतकर बढ़त बना चुका था। तीसरे वनडे में भी टीम ने अपनी संतुलित बल्लेबाजी और रणनीति से यह स्पष्ट कर दिया कि टीम में आत्मविश्वास और खेल भावना की कमी नहीं है। प्लेइंग इलेवन में किए गए बदलावों के बावजूद भारतीय बल्लेबाजी क्रम मजबूत और संतुलित नजर आया।वैभव सूर्यवंशी का यह प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भारतीय अंडर-19 टीम में नेतृत्व और व्यक्तिगत प्रतिभा का सही संतुलन है। उनकी कप्तानी में टीम का खेल और रणनीति दोनों बेहतर नजर आए। मौजूदा सीरीज में उनका लगातार योगदान भारत की सफलता में सबसे बड़ी वजह बनकर उभरा है। युवा बल्लेबाज के रूप में उनकी यह पारी न केवल फैंस के लिए उत्साहजनक है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की संभावनाओं को भी उजागर करती है।

  • बांग्लादेश की मैच रिशेड्यूलिंग पर BCCI लगाएगा ब्रेक? भारत सरकार का रोल कितना अहम, 5 पॉइंट्स में समझिए

    बांग्लादेश की मैच रिशेड्यूलिंग पर BCCI लगाएगा ब्रेक? भारत सरकार का रोल कितना अहम, 5 पॉइंट्स में समझिए

    नई दिल्ली। मुस्ताफिजुर रहमान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सिर्फ एक खिलाड़ी या एक टीम तक सीमित नहीं रहा है. यह मामला धीरे-धीरे इंटरनेशनल क्रिकेट और भारत-बांग्लादेश रिश्तों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने साफ शब्दों में कहा है कि वह भारत में सुरक्षित महसूस नहीं करता और इसलिए उसने ICC से मांग की है कि T20 वर्ल्ड कप 2026 में उसके मैच भारत की जगह श्रीलंका में कराए जाएं. इस मांग के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या BCCI इस रिशेड्यूलिंग को रोक सकता है और भारत सरकार की इसमें क्या भूमिका होगी.

    ICC की चुप्पी ने बढ़ाया सस्पेंस

    अब तक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ICC चेयरमैन जय शाह ने शेड्यूल पर दोबारा विचार करने के संकेत दिए हैं, लेकिन जब तक ICC की तरफ से लिखित या आधिकारिक फैसला सामने नहीं आता, तब तक यह साफ नहीं है कि बांग्लादेश की मांग मानी जाएगी या नहीं. अगले कुछ दिनों में ICC, BCCI और BCB के बीच बैठक हो सकती है, जिसके बाद तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.

    BCCI के अधिकार कितने मजबूत हैं?

    T20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका की मेजबानी में हो रहा है. ऐसे में भारत में होने वाले मैचों की ग्राउंड लेवल की जिम्मेदारी BCCI के पास है. स्टेडियम, सिक्योरिटी, टिकटिंग, होटल और ट्रैवल जैसे सारे इंतजाम BCCI देख रही है. अगर ऐन मौके पर मैच दूसरी जगह शिफ्ट होते हैं तो इससे लॉजिस्टिक्स और रेवेन्यू दोनों पर असर पड़ेगा. ऐसे में BCCI के पास यह कहने का पूरा अधिकार है कि अब शेड्यूल बदलना आसान नहीं है.

    भारत सरकार की एंट्री क्यों अहम है

    यह मामला अब सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा. बांग्लादेश सरकार पहले ही IPL 2026 के टेलीकास्ट पर रोक लगाने जैसा सख्त कदम उठा चुकी है. ऐसे में वर्ल्ड कप मैचों की रिशेड्यूलिंग का फैसला दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों को भी प्रभावित कर सकता है. BCCI किसी भी बड़े फैसले से पहले भारत सरकार से सलाह ले सकती है. हाल ही में पूर्व बांग्लादेशी पीएम खालिदा जिया का निधन हो गया था. उसके बाद भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर उनके अंतिम संस्कार पर बांग्लादेश पहुंचे थे. उस दौरान दोनों ही तरफ से एक पॉजिटिव मैसेज गया था. इसलिए विदेश नीति और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार का रुख बेहद अहम होगा.

    ICC बांग्लादेश पर एक्शन ले सकता है?

    क्रिकेट इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं, जब किसी टीम ने सुरक्षा कारणों से मैच खेलने से इनकार किया और उसे नुकसान उठाना पड़ा. 1996 और 2003 वर्ल्ड कप में ऐसा हो चुका है, जहां मैच न खेलने वाली टीमों को अंक गंवाने पड़े थे. यहां तक कि 2016 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था. ऐसे में अगर बांग्लादेश मैच खेलने से इनकार करता है तो ICC कार्रवाई कर सकता है, हालांकि भारत-पाकिस्तान मैचों के उदाहरण के चलते फैसला आसान नहीं होगा.

    बाकी टीमों की परेशानी भी बनेगी मुद्दा

    अगर बांग्लादेश के मैच भारत से हटाकर श्रीलंका किए जाते हैं तो उसके ग्रुप की बाकी टीमों को भी दिक्कत होगी. उन्हें भारत और श्रीलंका के बीच बार-बार सफर करना पड़ेगा, जो टाइट शेड्यूल में मुश्किल है। ऐसे में दूसरी टीमें भी आपत्ति जता सकती हैं.

    कुल मिलाकर, बांग्लादेश की मांग को मानना ICC के लिए आसान फैसला नहीं है. इसमें BCCI, भारत सरकार, दूसरी टीमें और करोड़ों फैंस सभी के हित जुड़े हुए हैं.

  • विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट पर नवजोत सिंह सिद्धू का इमोशनल पोस्ट सोशल मीडिया पर छाया, बोले-भगवान से सिर्फ एक विश मांगूंगा।

    विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट पर नवजोत सिंह सिद्धू का इमोशनल पोस्ट सोशल मीडिया पर छाया, बोले-भगवान से सिर्फ एक विश मांगूंगा।


    नई दिल्ली:भारतीय क्रिकेट में अगर किसी खिलाड़ी ने पिछले डेढ़ दशक में सबसे ज्यादा जुनून, जुनूनी फैंस और जज्बे की पहचान बनाई है, तो वह नाम विराट कोहली का है। मैदान पर उतरते ही कोहली सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं रहते, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं की धड़कन बन जाते हैं। उनके हर शॉट, हर रिएक्शन और हर जश्न में फैंस खुद को देख लेते हैं।

    हालांकि अब विराट कोहली अपने करियर के अंतिम दौर की ओर बढ़ रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर उन्होंने धीरे-धीरे क्रिकेट के कुछ फॉर्मेट्स को अलविदा कह दिया है। टी20 क्रिकेट से पहले ही दूरी बना चुके कोहली ने इसी साल टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास लेकर फैंस को भावुक कर दिया। फिलहाल 37 वर्षीय कोहली केवल वनडे क्रिकेट में ही भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।फैंस भले ही विराट को टी20 में पसंद करते रहे हों, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनकी मौजूदगी कुछ अलग ही रोमांच पैदा करती थी। उनकी आक्रामक कप्तानी, तेज गेंदबाजों को उकसाने वाला अंदाज और कठिन परिस्थितियों में टीम को संभालने की क्षमता टेस्ट क्रिकेट को खास बना देती थी। यही वजह है कि आज भी फैंस को टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली की सबसे ज्यादा कमी खलती है।

    इसी भावनात्मक जुड़ाव को शब्दों में पिरोया है भारत के पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने। हाल ही में सिद्धू ने सोशल मीडिया पर विराट कोहली को लेकर एक पोस्ट साझा की जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इस पोस्ट को फैंस कोहली पगलूपोस्ट कहकर शेयर कर रहे हैं और जमकर भावनाएं जता रहे हैं।नवजोत सिंह सिद्धू ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि अगर भगवान उन्हें सिर्फ एक इच्छा मांगने का मौका दें, तो वह विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट वापस लेने की मांग करेंगे। सिद्धू के इस बयान ने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं को जैसे आवाज दे दी हो।

    अपनी पोस्ट में सिद्धू ने लिखा,

    अगर भगवान मुझे एक विश देते तो मैं उनसे कहता कि विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट की रिटायरमेंट से वापस लाओ। 1.5 अरब लोगों के देश को इससे बड़ी खुशी और आनंद किसी और चीज से नहीं मिल सकता। उनकी फिटनेस आज भी 20 साल के लड़के जैसी है। विराट खुद 24 कैरेट सोने जैसे खरे इंसान हैं।सिद्धू का यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि विराट कोहली ने इसी साल इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। यह फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि कोहली की फिटनेस और फॉर्म अभी भी बेहतरीन मानी जा रही थी।

    विराट कोहली ने 12 मई 2025 को आधिकारिक रूप से टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा। उन्होंने भारत के लिए 123 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 46.85 की शानदार औसत से 9,230 रन बनाए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 30 शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं। आंकड़ों से कहीं ज्यादा, कोहली का योगदान भारतीय टेस्ट टीम की मानसिकता बदलने में रहा।आज भले ही विराट टेस्ट क्रिकेट से दूर हों, लेकिन उनकी मौजूदगी और विरासत हर टेस्ट मैच में महसूस की जाती है। नवजोत सिंह सिद्धू का यह पोस्ट इस बात का सबूत है कि विराट कोहली सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक युग हैं जिसकी कमी आने वाले सालों तक महसूस की जाती रहेगी।

  • डेंगू–चिकनगुनिया से जूझ रहे युजवेंद्र चहल, फिटनेस बिगड़ने के कारण क्रिकेट से कुछ हफ्तों का ब्रेक

    डेंगू–चिकनगुनिया से जूझ रहे युजवेंद्र चहल, फिटनेस बिगड़ने के कारण क्रिकेट से कुछ हफ्तों का ब्रेक


    नई दिल्ली/भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इन दिनों क्रिकेट मैदान से दूर हैं। इसकी वजह उननई दिल्लीकी खराब सेहत है। चहल डेंगू और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिसके चलते उनकी फिटनेस पर गहरा असर पड़ा है और उन्हें डॉक्टरों ने पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है। इस बीमारी के कारण उन्हें घरेलू क्रिकेट के अहम मुकाबलों से भी बाहर रहना पड़ा है।युजवेंद्र चहल को आखिरी बार नवंबर महीने में हरियाणा की ओर से सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के ग्रुप मैच में खेलते हुए देखा गया था। इसके बाद से ही वह टीम से लगातार बाहर चल रहे थे, जिससे उनके फैंस के बीच उनकी अनुपस्थिति को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे थे। अब खुद चहल ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात की पुष्टि कर दी है कि वह डेंगू और चिकनगुनिया से प्रभावित रहे हैं और इसी वजह से क्रिकेट से ब्रेक लेना पड़ा। 
    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला हरियाणा के लिए बेहद अहम था, लेकिन इस निर्णायक मैच में भी चहल अपनी टीम का हिस्सा नहीं बन सके। फाइनल से पहले उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी सेहत को लेकर अपडेट साझा किया। चहल ने लिखा कि वह टीम के साथ मैदान पर उतरना चाहते थे, लेकिन शरीर ने साथ नहीं दिया। उन्होंने हरियाणा टीम को फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वह जल्द पूरी तरह फिट होकर वापसी करेंगे।

    डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से उबरने में आमतौर पर समय लगता है और इसका सीधा असर खिलाड़ी की फिटनेस और स्टैमिना पर पड़ता है। ऐसे में चहल की वापसी को लेकर कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि अब उनकी नजरें विजय हजारे ट्रॉफी पर होंगी, जिसकी शुरुआत 24 दिसंबर से हो रही है। हालांकि, इसमें उनका खेलना पूरी तरह उनकी फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।गौरतलब है कि युजवेंद्र चहल पिछले काफी समय से भारतीय सीनियर टीम से भी बाहर चल रहे हैं। अगस्त 2023 के बाद से उन्होंने भारत के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिला, हालांकि इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट और विदेशी लीगों में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा है।

    बीमारी से पहले चहल इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलते हुए नजर आए थे। उन्होंने नॉर्थम्पटनशायर की ओर से वनडे कप और काउंटी चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी गेंदबाजी किफायती रही, जबकि रेड बॉल क्रिकेट में उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी। उनके इस प्रदर्शन ने यह दिखाया था कि वह अभी भी लंबे फॉर्मेट में प्रभावी गेंदबाज बने हुए हैं।फिलहाल, चहल का पूरा फोकस अपनी सेहत पर है। फैंस और क्रिकेट जगत को उम्मीद है कि वह जल्द ही इन बीमारियों से पूरी तरह उबरकर मैदान पर वापसी करेंगे और एक बार फिर अपनी लेग स्पिन से बल्लेबाजों को परेशान करते नजर आएंगे।

  • कोहरा, धुंध और जहरीली हवा की मार: IND vs SA चौथा T20I रद्द, BCCI की प्लानिंग पर उठे सवाल

    कोहरा, धुंध और जहरीली हवा की मार: IND vs SA चौथा T20I रद्द, BCCI की प्लानिंग पर उठे सवाल


    नई दिल्ली ।लखनऊ/भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाने वाला चौथा टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला बुधवार, 17 दिसंबर को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में होना था, लेकिन खराब मौसम और बेहद कम दृश्यता के कारण मैच को रद्द करना पड़ा। घने कोहरे, धुंध और खतरनाक स्तर तक पहुंच चुके वायु प्रदूषण ने मैदान को पूरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लिया था। कई बार निरीक्षण के बावजूद मैच शुरू नहीं हो सका, जिससे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI की मैच शेड्यूलिंग नीति पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    यह मुकाबला आधिकारिक तौर पर ‘अत्यधिक कोहरे’ के कारण रद्द किया गया, लेकिन वास्तविकता यह थी कि लखनऊ में प्रदूषण और स्मॉग की मोटी परत ने पूरे स्टेडियम को ढक लिया था। बुधवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स AQI 400 के पार पहुंच गया था, जो ‘गंभीर’ से भी ऊपर की खतरनाक श्रेणी में आता है। ऐसे हालात में खिलाड़ियों की सेहत और सुरक्षा को लेकर चिंताएं स्वाभाविक रूप से बढ़ गईं।मैच शाम सात बजे शुरू होना था, लेकिन टॉस तक नहीं हो पाया। अंपायरों ने कुल छह बार मैदान और परिस्थितियों का निरीक्षण किया। हर बार दृश्यता इतनी कम पाई गई कि खेल कराना संभव नहीं था। अंततः रात करीब साढ़े नौ बजे मैच को औपचारिक रूप से रद्द करने का फैसला लिया गया। तब तक यह लगभग तय हो चुका था कि जैसे-जैसे रात बढ़ेगी, कोहरा और घना होता जाएगा।

    खराब हवा का असर खिलाड़ियों पर भी साफ दिखा। भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को वार्मअप के दौरान सर्जिकल मास्क पहने देखा गया, जो इस बात का संकेत था कि प्रदूषण का स्तर कितना गंभीर था। खिलाड़ी शाम साढ़े सात बजे तक वार्मअप कर चुके थे और उसके बाद ड्रेसिंग रूम लौट गए। ठंड और धुंध के चलते दर्शकों की संख्या भी धीरे-धीरे कम होने लगी।निरीक्षण के दौरान बीसीसीआई के उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के वरिष्ठ अधिकारी राजीव शुक्ला भी मैदान पर मौजूद थे। उन्होंने मैच अधिकारियों से बातचीत की, लेकिन उनकी निराशा उनके हाव-भाव से साफ झलक रही थी। मैदान और मौसम की हालत ऐसी थी कि किसी भी तरह का जोखिम लेना उचित नहीं माना गया।

    इस पूरी स्थिति ने बीसीसीआई की सर्दियों के दौरान उत्तर भारत में अंतरराष्ट्रीय मैच कराने की योजना पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पूरी सीरीज के लिए जिन शहरों को आयोजन स्थल चुना गया था, उनमें लखनऊ, न्यू चंडीगढ़ और धर्मशाला जैसे स्थान शामिल थे। यह वे इलाके हैं जहां नवंबर-दिसंबर के महीनों में प्रदूषण और कोहरे की समस्या आम तौर पर सबसे ज्यादा रहती है।इससे पहले धर्मशाला में खेले गए तीसरे टी20 इंटरनेशनल में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया था। उस मैच के बाद भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने भी स्वीकार किया था कि इतनी ठंड में खेलना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने इससे पहले कभी इतने ठंडे हालात में क्रिकेट नहीं खेला।

    अब सीरीज का आखिरी टी20 मुकाबला शुक्रवार को अहमदाबाद में खेला जाएगा। कोई रिजर्व डे नहीं होने के कारण लखनऊ वाला मैच दोबारा नहीं कराया जाएगा। फिलहाल भारत सीरीज में 2-1 से आगे है। माना जा रहा है कि बीसीसीआई आने वाली न्यूजीलैंड सीरीज के लिए आयोजन स्थलों में बदलाव पर दोबारा विचार कर सकता है, ताकि खिलाड़ियों को मौसम और प्रदूषण से होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके।यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की योजना बनाते समय मौसम और पर्यावरणीय हालात को प्राथमिकता दी जा रही है या नहीं।