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  • फुटकर व्यापारी से साइबर फ्रॉड: फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वसूले 1.36 लाख रुपए

    फुटकर व्यापारी से साइबर फ्रॉड: फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वसूले 1.36 लाख रुपए


    नई दिल्ली। इंदौर में ऑनलाइन लोन एप के जरिए साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है। बाणगंगा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक फुटकर व्यापारी को इंस्टाग्राम पर दिखाए गए “स्वीट मनी” नामक लोन एप के विज्ञापन ने फंसा लिया, जिसके बाद वह धीरे-धीरे बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो गया।

    पीड़ित राहुल गिरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि फरवरी महीने में उन्हें पैसों की तत्काल जरूरत थी। इसी दौरान उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक लोन एप का विज्ञापन देखा, जिसमें आसान लोन उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्होंने एप डाउनलोड कर लिया और अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक डिटेल्स साझा कर दी।

    जानकारी देने के कुछ ही समय बाद उनके बैंक खाते में लगभग 4 हजार रुपए का लोन ट्रांसफर कर दिया गया। शुरुआत में यह प्रक्रिया सामान्य लगी, लेकिन कुछ दिनों बाद मामला पूरी तरह बदल गया। अलग-अलग मोबाइल नंबरों और वॉट्सएप अकाउंट से उन्हें लगातार कॉल और मैसेज आने लगे।

    आरोपियों ने लोन की रकम को कई गुना बढ़ाकर मांगना शुरू कर दिया। जब राहुल ने इसका विरोध किया तो उन्हें धमकाया गया कि उनके मोबाइल से ली गई तस्वीरें और डाटा उनके पास मौजूद हैं। आरोपियों ने डराने के लिए कहा कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो इन तस्वीरों को एडिट कर उनके रिश्तेदारों और परिचितों को भेज दिया जाएगा।

    डर और मानसिक दबाव में आकर पीड़ित ने आरोपियों द्वारा दिए गए यूपीआई अकाउंट्स में धीरे-धीरे करीब 1 लाख 36 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद ठगों की मांग खत्म नहीं हुई और वे लगातार और पैसे की मांग करते रहे।

    इसके बाद आरोपियों ने धमकी और तेज कर दी और पीड़ित के एडिट किए गए फोटो उसके रिश्तेदारों और जान-पहचान के लोगों को भेज दिए। इस घटना से परेशान होकर राहुल ने अपना मोबाइल भी फॉर्मेट कर दिया, लेकिन तब तक वह पूरी तरह से साइबर जाल में फंस चुका था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने पहले साइबर क्राइम यूनिट में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद मामला बाणगंगा थाना पुलिस को ट्रांसफर किया गया, जहां अब एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस को पीड़ित ने आधा दर्जन से अधिक यूपीआई आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं, जिनका उपयोग ठगी में किया गया।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साइबर गिरोह के पीछे कौन लोग हैं और यह नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा है। शुरुआती जांच में यह मामला संगठित ऑनलाइन लोन फ्रॉड और ब्लैकमेलिंग गिरोह से जुड़ा माना जा रहा है।

  • इंदौर में गुंडागर्दी: पैसे मांगने पर इनकार किया तो चाकू से हमला, मंडी में मचा हड़कंप

    इंदौर में गुंडागर्दी: पैसे मांगने पर इनकार किया तो चाकू से हमला, मंडी में मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। इंदौर की चोइथराम मंडी में बुधवार देर रात उस समय सनसनी फैल गई जब तीन से अधिक बदमाशों ने मंडी में काम करने वाले चार कर्मचारियों पर चाकू से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए। घटना में चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

    पुलिस के अनुसार घायल कर्मचारियों की पहचान अरुण (राजा रानी नगर निवासी), सुनील, रंजीत और सूरज के रूप में हुई है। ये सभी चोइथराम मंडी की एक दुकान पर काम करते हैं और रोज की तरह काम खत्म कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान मंडी गेट के पास बने सार्वजनिक शौचालय के नजदीक अंधेरे में बैठे बदमाशों ने उन्हें रोक लिया।

    बताया जा रहा है कि बदमाशों ने कर्मचारियों से शराब पीने के लिए पैसे मांगे। जब सुनील ने पैसे देने से इनकार किया तो विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते बदमाशों ने चाकू निकालकर हमला कर दिया। सुनील को बचाने आए अन्य तीन साथियों पर भी आरोपियों ने ताबड़तोड़ वार किए, जिससे चारों घायल हो गए।

    घटना के बाद मंडी परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। राजेंद्र नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया है कि हमलावर अहिरखेड़ी इलाके के रहने वाले हो सकते हैं और इनका मंडी क्षेत्र में पहले से आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है।

    सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक दिखाई दिए हैं, जिनके आधार पर पुलिस ने उनकी पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस टीम लगातार दबिश देकर आरोपियों की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    इधर, मंडी क्षेत्र में एक अन्य विवाद भी सामने आया, जहां चोइथराम मंडी चौराहे पर अवैध गुमटी हटाने को लेकर देर रात झगड़ा हो गया। इस दौरान पथराव और मारपीट की घटनाएं भी हुईं। हालांकि पुलिस ने किसी बड़े संगठित संघर्ष या फायरिंग की बात से इनकार किया है।

    शराब दुकान संचालक और स्थानीय लोगों के बीच अवैध गुमटी हटाने को लेकर लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है, जो समय-समय पर विवाद का रूप ले लेती है। पुलिस फिलहाल दोनों घटनाओं की अलग-अलग जांच कर रही है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • घर के बाहर खड़े होने से शुरू हुआ झगड़ा, पूर्व सांसद के स्टाफ तक पहुंचा मामला, क्रॉस FIR दर्ज

    घर के बाहर खड़े होने से शुरू हुआ झगड़ा, पूर्व सांसद के स्टाफ तक पहुंचा मामला, क्रॉस FIR दर्ज

    इंदौर। आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी का बल्ला ऐसा गरजा है कि बड़े-बड़े दिग्गज भी पीछे छूट गए हैं। महज 15 साल की उम्र में वैभव ने ऑरेंज कैप की रेस को पूरी तरह अपने कब्जे में ले लिया है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में उन्होंने 97 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर न सिर्फ अपनी टीम को जीत दिलाई बल्कि ऑरेंज कैप की दौड़ में भी खुद को सबसे आगे पहुंचा दिया।

    वैभव सूर्यवंशी अब आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। उन्होंने 15 मैचों में 45.33 की शानदार औसत और 242.86 के तूफानी स्ट्राइक रेट से 680 रन बनाए हैं। इस सीजन उनके बल्ले से 55 चौके और 65 गगनचुंबी छक्के निकले हैं। यही नहीं वह आईपीएल इतिहास के पहले ऐसे बल्लेबाज भी बन गए हैं जिन्होंने एक सीजन में 200 से ज्यादा स्ट्राइक रेट के साथ 600 रन का आंकड़ा पार किया है।

    सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उनकी 97 रनों की पारी ने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। इस पारी में उन्होंने सिर्फ चौकों से नहीं बल्कि लंबे-लंबे छक्कों से गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। वैभव ने 12 छक्के और 5 चौके लगाकर दिखा दिया कि वह सिर्फ भविष्य के स्टार नहीं बल्कि मौजूदा समय के सबसे खतरनाक टी20 बल्लेबाजों में शामिल हो चुके हैं।

    हालांकि ऑरेंज कैप की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। वैभव सूर्यवंशी को सबसे बड़ा खतरा गुजरात टाइटंस के ओपनर साई सुदर्शन से है। सुदर्शन इस समय 652 रनों के साथ दूसरे नंबर पर मौजूद हैं और दोनों बल्लेबाजों के बीच सिर्फ 28 रनों का अंतर है। खास बात यह है कि अब राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच क्वालीफायर-2 मुकाबला खेला जाना है। ऐसे में इस मैच में तय हो सकता है कि ऑरेंज कैप आखिर किस खिलाड़ी के सिर सजने वाली है।

    साई सुदर्शन के अलावा गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल भी इस रेस में बने हुए हैं। गिल के नाम इस सीजन 618 रन हैं और अगर वह क्वालीफायर-2 में बड़ी पारी खेलते हैं तो ऑरेंज कैप की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। अगर गुजरात फाइनल में पहुंचती है तो गिल और सुदर्शन दोनों को एक अतिरिक्त मैच खेलने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत हो जाएगी।

    दूसरी तरफ विराट कोहली अब इस रेस में काफी पीछे दिखाई दे रहे हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार बल्लेबाज ने इस सीजन 15 मैचों में 600 रन बनाए हैं और वह ऑरेंज कैप की सूची में छठे स्थान पर हैं। आरसीबी पहले ही क्वालीफायर-1 जीतकर फाइनल में पहुंच चुकी है, ऐसे में विराट के पास अपने रन बढ़ाने का सिर्फ एक ही मौका बचा है।

    यही वजह है कि अब ऑरेंज कैप की असली जंग वैभव सूर्यवंशी, साई सुदर्शन और शुभमन गिल के बीच सिमटती नजर आ रही है। मगर जिस फॉर्म में वैभव बल्लेबाजी कर रहे हैं उसे देखकर यही लग रहा है कि ऑरेंज कैप उनसे छीनना अब किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होगा।

  • ऑटो की किश्तें नहीं भर पाया तो ड्राइवर ने लगाई फांसी, इंदौर में दो सुसाइड केस से हड़कंप

    ऑटो की किश्तें नहीं भर पाया तो ड्राइवर ने लगाई फांसी, इंदौर में दो सुसाइड केस से हड़कंप


    नई दिल्ली। इंदौर शहर में बुधवार रात दो अलग-अलग स्थानों पर आत्महत्या के दर्दनाक मामले सामने आए, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों ही घटनाओं में शुरुआती कारण आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    पहली घटना विजयनगर थाना क्षेत्र की है, जहां अंबिका नगर निवासी 28 वर्षीय विशाल वर्मा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    परिवार के अनुसार विशाल ऑटो रिक्शा चलाता था और उसने फाइनेंस से वाहन लिया था। पिछले तीन वर्षों से वह नियमित रूप से किश्तें चुका रहा था, लेकिन पिछले दो महीनों से आर्थिक परेशानी के कारण वह भुगतान नहीं कर पा रहा था। इसी वजह से वह लगातार मानसिक तनाव में था। परिजनों ने बताया कि फाइनेंस कंपनी की ओर से लगातार किश्त जमा करने के लिए कॉल आ रहे थे, जिससे उसकी चिंता और बढ़ गई थी।

    परिवार ने यह भी बताया कि विशाल घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे माता-पिता, पत्नी और एक छोटी बेटी है, जिससे परिवार पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

    दूसरी घटना छोटी ग्वालटोली क्षेत्र की है, जहां बजरंग होटल के कमरे में 25 वर्षीय पवन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पवन मूल रूप से ग्वालियर का रहने वाला था और अपने दोस्त विपिन के साथ काम के सिलसिले में इंदौर आया था।

    जानकारी के अनुसार दोनों युवक बड़वानी में एक शराब दुकान पर काम करते थे। आरोप है कि दुकान के मैनेजर द्वारा एक महीने का भुगतान नहीं किया गया और दोनों के साथ मारपीट कर उन्हें वहां से भगा दिया गया था। इसके बाद से ही पवन मानसिक रूप से परेशान था।

    घटना से पहले पवन ने अपने चचेरे भाई को फोन कर आत्महत्या करने की बात भी कही थी। सूचना मिलने पर उसका दोस्त विपिन होटल पहुंचा, लेकिन कमरा अंदर से बंद था। होटल कर्मचारियों की मदद से दरवाजा खोला गया तो पवन फंदे पर लटका मिला। उसे तुरंत एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर आर्थिक दबाव, नौकरी की अस्थिरता और मानसिक तनाव को मुख्य कारण माना जा रहा है।

  • धार्मिक मंच से सामाजिक संदेश, बारिश का पानी जमीन में उतारने पर जोर

    धार्मिक मंच से सामाजिक संदेश, बारिश का पानी जमीन में उतारने पर जोर


    नई दिल्ली। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से बकरीद के मौके पर सांप्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की अनोखी तस्वीर सामने आई। सदर बाजार स्थित ईदगाह में नमाज से पहले शहर काजी डॉ. इशरत अली ने समाज को एकता, भाईचारे और जिम्मेदारी का संदेश दिया। उन्होंने खुले मंच से गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग उठाई, जिसका वहां मौजूद हजारों नमाजियों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। इसके बाद शांतिपूर्ण माहौल में ईद की नमाज अदा की गई।

    शहर काजी ने अपने संबोधन में कहा कि गाय को देश की दूसरी कौम के लोग बेहद सम्मान की नजर से देखते हैं। मुसलमानों पर अक्सर गोवंश को लेकर आरोप लगाए जाते हैं। ऐसे में अब समय आ गया है कि सरकार गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करे, ताकि उसके संरक्षण को और मजबूती मिल सके तथा उसके वध पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

    उन्होंने कहा कि समाज में आपसी सम्मान और धार्मिक भावनाओं की कद्र करना ही असली इंसानियत है। काजी की इस अपील पर ईदगाह में मौजूद नमाजियों ने हाथ उठाकर समर्थन जताया। इस दौरान माहौल भाईचारे और सौहार्द के संदेश से भरा नजर आया।

    शहर काजी ने पर्यावरण और जल संरक्षण को लेकर भी लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी को जमीन में उतारने के लिए हर व्यक्ति को आगे आना होगा। सिर्फ सरकार या प्रशासन के भरोसे रहने से समस्या हल नहीं होगी। उन्होंने लोगों से अपने घरों और मोहल्लों में जल संरक्षण के उपाय अपनाने की अपील की।

    अपने संबोधन में उन्होंने नशे के बढ़ते कारोबार पर भी चिंता जताई। काजी इशरत अली ने साफ शब्दों में कहा कि समाज के कुछ लोग खुद नशे के कारोबार में शामिल हैं और यह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि नशा समाज को खोखला कर रहा है और इससे युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। उन्होंने महिलाओं के भी इस अवैध धंधे में शामिल होने पर चिंता व्यक्त की।

    उन्होंने कहा कि इंदौर में नशे के खिलाफ आवाज सबसे पहले उन्होंने उठाई थी और लगातार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की भी सराहना की।

    इंदौर की ईद एक और वजह से खास रही। यहां पिछले करीब 50 वर्षों से हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल कायम करने वाली परंपरा निभाई जा रही है। ईद के दिन शहर काजी को उनके घर से ईदगाह तक लाने और वापस छोड़ने की जिम्मेदारी एक हिंदू परिवार निभाता है। इस बार भी सत्यनारायण सलवाडिया और उनके परिवार ने इस परंपरा को निभाया। उन्होंने शहर काजी का फूलमालाओं से स्वागत किया और उन्हें ससम्मान सजाई गई बग्घी में ईदगाह तक पहुंचाया।

    वहीं प्रशासन और पुलिस ने भी त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल तैनात रहा।

    इधर खंडवा में भी बकरीद के मौके पर शहर काजी सैयद निसार अली ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज वर्षों से हिंदू समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए गोवंश की कुर्बानी से बचता रहा है। साथ ही गोवंश के नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग और अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई।

    बकरीद के मौके पर इंदौर और खंडवा से आया यह संदेश सामाजिक सौहार्द, धार्मिक सम्मान और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

  • इंदौर में आज बड़ा प्रदर्शन: कांग्रेस का राजबाड़ा पर हल्ला बोल, महापौर के इस्तीफे की मांग के साथ विरोध तेज

    इंदौर में आज बड़ा प्रदर्शन: कांग्रेस का राजबाड़ा पर हल्ला बोल, महापौर के इस्तीफे की मांग के साथ विरोध तेज


    इंदौर। इंदौर शहर में लगातार बढ़ रही पानी की समस्या को लेकर अब राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। शहर की कई कॉलोनियों और बस्तियों में पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं, और टैंकरों के जरिए भी पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस मुद्दे को लेकर अब कांग्रेस ने नगर निगम प्रशासन और महापौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

    कांग्रेस ने मंगलवार को राजबाड़ा पर बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन शाम 5 बजे से शुरू होगा, जिसमें कांग्रेस के नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक शामिल होंगे। इस प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नगर निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे के साथ-साथ पीसीसी चीफ जीतू पटवारी भी मौजूद रहेंगे।

    कांग्रेस का आरोप है कि शहर में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है, लेकिन नगर निगम और महापौर की ओर से इस समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। इसी कारण जनता को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। कई इलाकों में हालात इतने खराब हैं कि लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है।

    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस महापौर के इस्तीफे की मांग करेगी। चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया है कि वर्तमान महापौर शहर की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं और प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि शहर की जनता “त्राहिमाम” कर रही है, लेकिन समाधान के नाम पर केवल आश्वासन मिल रहे हैं।

    प्रदर्शन की रूपरेखा के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ता राजबाड़ा पर धरना देंगे, नारेबाजी करेंगे और सरकार के खिलाफ विरोध जताएंगे। इसके बाद यह प्रदर्शन नगर निगम कार्यालय की ओर बढ़ेगा, जहां प्रतीकात्मक रूप से खाली मटके फोड़े जाएंगे। यह कदम पानी संकट और प्रशासन की कथित लापरवाही के खिलाफ विरोध का प्रतीक माना जा रहा है।

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल शुरुआत है और यदि जल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और भी व्यापक किया जाएगा। उनका आरोप है कि शहर में बढ़ती आबादी के अनुरूप जल प्रबंधन व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, जिसके कारण यह संकट लगातार गहराता जा रहा है।

    इधर, प्रशासन का पक्ष अभी सामने नहीं आया है, लेकिन शहर में पानी की आपूर्ति को लेकर शिकायतों में वृद्धि को देखते हुए यह मुद्दा पहले से ही चर्चा में है। ऐसे में राजबाड़ा पर होने वाला यह प्रदर्शन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुल मिलाकर इंदौर में पानी संकट अब सिर्फ जनसमस्या नहीं बल्कि राजनीतिक संघर्ष का बड़ा मुद्दा बन गया है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

  • इंदौर में खूनी विवाद: युवकों के बीच चाकू चले, दो घायल; पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह

    इंदौर में खूनी विवाद: युवकों के बीच चाकू चले, दो घायल; पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह


    इंदौर। इंदौर शहर में एक बार फिर चाकूबाजी की घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तिलक नगर इलाके में देर रात पुरानी रंजिश और नशे की हालत में हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

    जानकारी के अनुसार, विशाल सोलंकी निवासी श्रृंदा कॉलोनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में पवन (संविद नगर), आयुष वर्मा, छोटू और उनके साथियों पर चाकू और पत्थर से हमला करने का आरोप लगाया गया है। घटना सोमवार देर रात उस समय हुई जब विशाल की मुलाकात आयुष वर्मा से हुई, जो उस समय नशे की हालत में था।

    बताया जा रहा है कि मुलाकात के दौरान आयुष ने अचानक गाली-गलौज शुरू कर दी, जिससे विवाद बढ़ गया। इसी दौरान पवन भी मौके पर पहुंच गया और स्थिति और बिगड़ गई। आरोप है कि आयुष ने चाकू से विशाल के पैर पर वार किया, जबकि पवन ने भी हमला किया जो पैर में लगा। इसी दौरान छोटू ने पत्थर से मारपीट की। बीच-बचाव करने आए निखिल के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की और बाद में मौके से फरार हो गए।

    घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    इसी बीच शहर के आजाद नगर इलाके से भी चाकूबाजी की एक और घटना सामने आई है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यहां पिता और कुछ युवकों के बीच हुई कहासुनी के बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और बेटे पर चाकू से हमला कर दिया गया।

    अजय बछानिया की शिकायत पर पुलिस ने अनुराग (पालदा चौक), शिवा और विजय के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात अजय के पिता रमेश से आरोपियों की कहासुनी हुई थी, जिसके बाद विवाद बढ़ता गया और फिर बेटे पर हमला कर दिया गया।

    पुलिस ने दोनों मामलों में गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जा रही है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सनसनी: गला घोंटकर हत्या के बाद आत्महत्या की पुष्टि

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सनसनी: गला घोंटकर हत्या के बाद आत्महत्या की पुष्टि


    इंदौर। इंदौर के मेघदूत नगर में हुए दंपती की संदिग्ध मौत के मामले में अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे घटनाक्रम से पर्दा हटा दिया है। पुलिस को सोमवार को मिली रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि पहले पत्नी रोशनी की गला दबाकर हत्या की गई और उसके बाद उसके पति हल्केवीर सिंह ने आत्महत्या कर ली। इस खुलासे के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और पुलिस जांच और तेज कर दी गई है।

    हीरानगर थाना प्रभारी सुशील पटेल के अनुसार, दोनों के पोस्टमार्टम में हत्या और आत्महत्या की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि रोशनी के शरीर पर मारपीट के निशान भी पाए गए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि घटना से पहले दोनों के बीच संघर्ष हुआ था। हालांकि, पुलिस अभी तक दोनों परिवारों के बयान दर्ज नहीं कर सकी है, जिन्हें जल्द ही रिकॉर्ड किया जाएगा ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

    घटना के बाद हल्केवीर के परिवार ने भी हैरानी जताई है और वे लगातार आसपास के लोगों और किरायेदारों से जानकारी जुटा रहे हैं। परिजन यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में यह दर्दनाक घटना हुई।

    इस पूरे मामले में एक और व्यक्ति सतीश सांवले का नाम भी सामने आया है, जिसने जांच को और पेचीदा बना दिया है। बताया जा रहा है कि सतीश को दंपती की मौत की जानकारी फोन पर मिली, जिसके बाद उसने अपने मोबाइल को बंद कर दिया। इसके बाद उसने नई सिम लेने की कोशिश की और दुकानदार से यह भी पूछा कि क्या नई सिम लेने पर लोकेशन ट्रेस की जा सकती है। दुकानदार द्वारा जवाब मिलने पर वह घबरा गया और उसने जहर खरीदकर खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

    पुलिस के अनुसार सतीश पिछले करीब 15 वर्षों से पीथमपुर में काम कर रहा था और उसका परिवार भी वहीं रहता है। उसकी अचानक मौत ने जांच को और जटिल बना दिया है। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम के हर एंगल की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इन मौतों के पीछे असल वजह क्या थी और क्या किसी तरह का मानसिक दबाव या विवाद इसके पीछे था।

    इधर, पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे हल्केवीर ने कथित तौर पर छोड़ा था। हालांकि, इसकी भी फोरेंसिक जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही है, जिसमें पारिवारिक विवाद, व्यक्तिगत संबंध और मानसिक तनाव जैसे बिंदु शामिल हैं।

    फिलहाल पुलिस ने दोनों परिवारों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बयान और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही इस केस की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग अभी भी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर एक साथ इतने दर्दनाक घटनाक्रम कैसे सामने आए।

  • सड़क हादसे के बाद भिड़े दो पक्ष, लात-घूंसे चले, पुलिस जांच में जुटी

    सड़क हादसे के बाद भिड़े दो पक्ष, लात-घूंसे चले, पुलिस जांच में जुटी


    मध्यप्रदेश। इंदौर के तुकोगंज थाना क्षेत्र स्थित रेसकोर्स रोड के पास शनिवार देर रात दो बाइकों की टक्कर के बाद मामला अचानक हिंसक हो गया। टक्कर के बाद दोनों पक्षों के युवक आपस में भिड़ गए और सड़क पर ही लात-घूंसे चलने लगे।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद रॉन्ग साइड से बाइक टकराने को लेकर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। काफी देर तक सड़क पर हंगामा चलता रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अब वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

    गंग वाल बस स्टैंड पर शराबी युवकों का हंगामा, बैरिकेड तोड़कर भागने की कोशिश
    इसी दौरान इंदौर के गंगवाल बस स्टैंड इलाके में शनिवार देर रात पुलिस द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। करीब डेढ़ बजे गुजरात नंबर की एक कार में सवार चार युवकों ने अचानक बैरिकेड तोड़कर भागने की कोशिश की।

    हालांकि पुलिस ने पीछा कर कुछ दूरी पर ही कार को रोक लिया और सभी युवकों को पकड़ लिया। मौके पर थाना प्रभारी और पुलिस बल पहुंचा और युवकों को थाने ले जाया गया। इस दौरान युवकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा किया और आरोप लगाया कि उन्हें गलत तरीके से रोका गया है। कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया, लेकिन बाद में जब शराब पीकर वाहन चलाने की पुष्टि हुई तो वे वहां से हट गए।

    पुलिस ने सभी आरोपियों को छत्रीपुरा थाने भेजकर उनके खिलाफ शराब पीकर वाहन चलाने और प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की है।इंदौर में एक ही रात में दो अलग-अलग घटनाओं सड़क पर मारपीट और नशे में वाहन चलाने ने सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब दोनों मामलों की विस्तृत जांच में जुटी है।

  • इंदौर में दंपती के शव मिलने से सनसनी, हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका

    इंदौर में दंपती के शव मिलने से सनसनी, हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका


    मध्यप्रदेश। इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र के मेघदूत नगर में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक दंपती के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पहले पति ने अपनी पत्नी की हत्या की और फिर जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

    घटना का खुलासा उस समय हुआ जब सुबह घर से लगातार एक मासूम बच्ची के रोने की आवाज आ रही थी। पड़ोसियों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां पति-पत्नी दोनों मृत अवस्था में पाए गए।

    पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान हल्के वीर पटेल और उनकी पत्नी रोशनी के रूप में हुई है। दंपती की एक छोटी बेटी भी है, जो घटना के समय घर में मौजूद थी। हल्के वीर पटेल पीथमपुर की एक पेस्टिसाइड कंपनी में कार्यरत था और परिवार मूल रूप से होशंगाबाद का रहने वाला बताया जा रहा है।

    जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। पुलिस के मुताबिक पत्नी के कथित प्रेम संबंध पीथमपुर निवासी सतीश साहू से थे, जिसकी जानकारी पति को हो गई थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा था।

    बताया जा रहा है कि घटना से एक दिन पहले भी हल्के वीर अपने एक रिश्तेदार के साथ सतीश साहू से मिलने गया था। इसके बाद रविवार सुबह यह दर्दनाक घटना सामने आई।

    पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें पति ने पत्नी पर धोखा देने और दूसरे व्यक्ति से संबंध होने का आरोप लगाया है। नोट में यह भी लिखा गया है कि दोनों ने जहर खाकर जान दी है और बेटी की जिम्मेदारी उसकी साली को दी जाए। साथ ही संपत्ति बेटी के 18 वर्ष की होने पर उसे सौंपने की बात भी लिखी गई है।

    हालांकि पुलिस जांच में एक अहम सवाल भी सामने आया है। सुसाइड नोट में जहर खाने की बात लिखी गई है, लेकिन पत्नी रोशनी के गले पर चोट के निशान मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई हो सकती है।

    पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल यह मामला घरेलू विवाद, शक और रिश्तों में तनाव से जुड़ा एक गंभीर अपराध बनकर सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया है।