जानकारी के मुताबिक कनिष्क अपने परिवार के साथ इंदौर की स्कीम नंबर 78 में रहता था। वह पिछले दो से तीन वर्षों से नियमित रूप से अटल खेल परिसर में व्यायाम करने जाता था। शनिवार को भी वह अपने बड़े भाई दिव्यांश के साथ परिसर पहुंचा था। शाम करीब पांच से छह बजे के बीच वह वॉर्मअप कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और वह गिर पड़ा। भाई ने उसे संभालने के साथ तत्काल CPR देने की कोशिश की। इसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके।
परिवार के रिश्तेदार हरीश बोयक के अनुसार कनिष्क पहले भी दौड़ते समय गिर चुका था। परिचितों ने बताया कि कुछ साल पहले हुई उस घटना के बाद डॉक्टरों ने हार्ट संबंधी परेशानी की आशंका जताई थी। हालांकि इसके बाद उसकी तबीयत सामान्य बताई जा रही थी और वह नियमित रूप से व्यायाम करने जाता रहा। शनिवार को हुई घटना के बाद परिवार के सामने एक बार फिर स्वास्थ्य संबंधी पुरानी आशंका का सवाल खड़ा हो गया है। फिलहाल मौत के सटीक कारणों की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
कनिष्क के परिवार पर पहले भी दुखों का पहाड़ टूट चुका है। करीब 12 साल पहले एक सड़क हादसे में उसके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद से वह अपनी मां और बड़े भाई दिव्यांश के साथ रह रहा था। परिवार के लिए कनिष्क की मौत एक बड़ा सदमा है। जिस बेटे को परिवार ने बड़े होते और अपने सपने संजोते देखा था उसकी अचानक मौत ने सभी को गहरे दुख में डाल दिया है।
घटना के समय बड़े भाई ने अपने स्तर पर भाई को बचाने की पूरी कोशिश की। CPR देकर उसे होश में लाने का प्रयास किया गया और फिर अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। इस हादसे के बाद खेल परिसर और आसपास के लोगों में भी शोक है। कनिष्क के अंतिम संस्कार की तैयारी की गई है। परिजनों के मुताबिक रविवार दोपहर दो बजे उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
कनिष्क की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में छोड़ दिया है। कम उम्र में अचानक हुई इस घटना से उसके परिचित और रिश्तेदार भी स्तब्ध हैं। परिवार के लिए यह ऐसा दुख है जिसकी भरपाई संभव नहीं है।









