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  • इंदौर में वॉर्मअप करते समय अचानक गिरा 15 साल का छात्र, बड़े भाई ने CPR देकर बचाने की कोशिश की लेकिन नहीं बची जान

    इंदौर में वॉर्मअप करते समय अचानक गिरा 15 साल का छात्र, बड़े भाई ने CPR देकर बचाने की कोशिश की लेकिन नहीं बची जान


    इंदौर । इंदौर में खेल परिसर में व्यायाम करने पहुंचे दसवीं कक्षा के 15 वर्षीय छात्र की अचानक गिरने से मौत हो गई। शनिवार शाम अटल खेल परिसर में वॉर्मअप करते समय कनिष्क बोयक अचानक जमीन पर गिर पड़ा। उसके साथ मौजूद 17 वर्षीय बड़े भाई दिव्यांश ने तुरंत CPR देकर उसे होश में लाने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद भी कनिष्क की हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है।

    जानकारी के मुताबिक कनिष्क अपने परिवार के साथ इंदौर की स्कीम नंबर 78 में रहता था। वह पिछले दो से तीन वर्षों से नियमित रूप से अटल खेल परिसर में व्यायाम करने जाता था। शनिवार को भी वह अपने बड़े भाई दिव्यांश के साथ परिसर पहुंचा था। शाम करीब पांच से छह बजे के बीच वह वॉर्मअप कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और वह गिर पड़ा। भाई ने उसे संभालने के साथ तत्काल CPR देने की कोशिश की। इसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके।

    परिवार के रिश्तेदार हरीश बोयक के अनुसार कनिष्क पहले भी दौड़ते समय गिर चुका था। परिचितों ने बताया कि कुछ साल पहले हुई उस घटना के बाद डॉक्टरों ने हार्ट संबंधी परेशानी की आशंका जताई थी। हालांकि इसके बाद उसकी तबीयत सामान्य बताई जा रही थी और वह नियमित रूप से व्यायाम करने जाता रहा। शनिवार को हुई घटना के बाद परिवार के सामने एक बार फिर स्वास्थ्य संबंधी पुरानी आशंका का सवाल खड़ा हो गया है। फिलहाल मौत के सटीक कारणों की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

    कनिष्क के परिवार पर पहले भी दुखों का पहाड़ टूट चुका है। करीब 12 साल पहले एक सड़क हादसे में उसके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद से वह अपनी मां और बड़े भाई दिव्यांश के साथ रह रहा था। परिवार के लिए कनिष्क की मौत एक बड़ा सदमा है। जिस बेटे को परिवार ने बड़े होते और अपने सपने संजोते देखा था उसकी अचानक मौत ने सभी को गहरे दुख में डाल दिया है।

    घटना के समय बड़े भाई ने अपने स्तर पर भाई को बचाने की पूरी कोशिश की। CPR देकर उसे होश में लाने का प्रयास किया गया और फिर अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। इस हादसे के बाद खेल परिसर और आसपास के लोगों में भी शोक है। कनिष्क के अंतिम संस्कार की तैयारी की गई है। परिजनों के मुताबिक रविवार दोपहर दो बजे उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    कनिष्क की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में छोड़ दिया है। कम उम्र में अचानक हुई इस घटना से उसके परिचित और रिश्तेदार भी स्तब्ध हैं। परिवार के लिए यह ऐसा दुख है जिसकी भरपाई संभव नहीं है।

  • CM के इंतजार में थमी भाजपा की पदयात्रा, नेता सीढ़ियों पर करते रहे प्रतीक्षा; बच्चों को थमाए गए पार्टी के झंडे

    CM के इंतजार में थमी भाजपा की पदयात्रा, नेता सीढ़ियों पर करते रहे प्रतीक्षा; बच्चों को थमाए गए पार्टी के झंडे


    इंदौर । इंदौर में भाजपा की ओर से निकाली गई लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ पदयात्रा के दौरान शुक्रवार को कई ऐसे नजारे देखने को मिले जिन्होंने कार्यक्रम को चर्चा में ला दिया। सुभाष नगर चौराहे से पाटनीपुरा चौराहे तक निकाली गई इस पदयात्रा के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इंतजार में यात्रा कुछ देर तक रुकी रही। मंच से लेकर सीढ़ियों तक केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री के पहुंचने की प्रतीक्षा करते नजर आए। वहीं कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के हाथों में भाजपा के झंडे और गले में पार्टी के गमछे दिखाई दिए। जब बच्चों से पूछा गया कि वे लोकतंत्र बचाने के लिए क्यों आए हैं तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। शिक्षकों ने उन्हें कार्यक्रम में लाया था।

    पदयात्रा की शुरुआत सुभाष नगर चौराहे से हुई थी। यात्रा परदेशीपुरा चौराहे पहुंची तो वहां मंच से नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने माइक संभाला और नारेबाजी करवाकर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा और सांसद शंकर लालवानी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे। नेताओं के भाषण पूरे होने के बाद भी मुख्यमंत्री मोहन यादव कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचे थे।

    इसके बाद मुख्यमंत्री के आने का इंतजार शुरू हो गया। इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से ये देश है वीर जवानों का गीत सुनाया और लोगों से आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री से पदयात्रा शुरू करने की अनुमति ले ली गई है। विजयवर्गीय ने आगे बढ़ने की बात भी कही लेकिन मुख्यमंत्री के आने की सूचना मिलने पर कार्यक्रम में मौजूद नेता रुक गए।

    मंत्री विजयवर्गीय के आग्रह पर जनप्रतिनिधि मंच से उतरकर सीढ़ियों की ओर बढ़े। हालांकि मुख्यमंत्री के कुछ देर में पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री और अन्य नेता वहीं रुककर उनका इंतजार करने लगे। इस दौरान विजयवर्गीय दोबारा मंच से नारे लगवाते रहे। कुछ समय बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव का काफिला परदेशीपुरा चौराहे पहुंचा। उनके आगमन की घोषणा की गई और फिर मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उन्होंने हवा में गुब्बारे छोड़े और इसके बाद पदयात्रा में शामिल हो गए।

    कार्यक्रम के दौरान एक और घटनाक्रम चर्चा में रहा। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा पाटनीपुरा स्थित मंच की ओर जाने के लिए सड़क की दूसरी लेन में पहुंचे। वहां उन्हें दो युवकों के साथ एक दोपहिया वाहन दिखाई दिया। उन्होंने वाहन रुकवाया और पीछे बैठे युवक को उतारकर खुद बैठ गए। उन्होंने चालक से उन्हें तुरंत मंच तक पहुंचाने को कहा। जैसे ही चालक ने वाहन मोड़ा उसका अगला पहिया फिसल गया। इससे सुमित मिश्रा और चालक दोनों गिरते-गिरते बच गए।

    पदयात्रा में स्कूली बच्चों की मौजूदगी ने भी सवाल खड़े किए। कुछ बच्चे हाथों में भाजपा के झंडे और गले में पार्टी के गमछे डालकर पहुंचे थे। ये बच्चे मां कनकेश्वरी देवी स्कूल के बताए गए। जब उनसे पूछा गया कि लोकतंत्र खतरे में क्यों है तो बच्चों ने कहा कि उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि स्कूल के शिक्षक उन्हें कार्यक्रम में लेकर आए थे और पहले से यह नहीं बताया गया था कि उन्हें किस उद्देश्य से यहां लाया जा रहा है।

    इस पदयात्रा को लेकर शहर में यातायात व्यवस्था पर भी सवाल उठे। रिपोर्ट के मुताबिक करीब डेढ़ किलोमीटर की यात्रा के लिए लगभग 50 रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई थी। सुबह आठ बजे से शुरू हुई व्यवस्था के कारण कई इलाकों में यातायात प्रभावित रहा और लोगों को करीब छह घंटे तक जाम तथा रास्तों की परेशानी का सामना करना पड़ा। इस तरह भाजपा की पदयात्रा राजनीतिक संदेश के साथ-साथ मुख्यमंत्री के इंतजार स्कूली बच्चों की मौजूदगी और शहर में हुई यातायात व्यवस्था को लेकर भी चर्चा में आ गई।

  • इंदौर में 25 वर्षीय युवक ने दी जान, आखिरी वीडियो में पत्नी और ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

    इंदौर में 25 वर्षीय युवक ने दी जान, आखिरी वीडियो में पत्नी और ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप


    इंदौर । इंदौर के लसूड़िया इलाके में एक 25 वर्षीय युवक की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। युवक ने गुरुवार देर रात अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना का पता उस समय चला जब उसकी चाची उसे खाना खाने के लिए बुलाने कमरे में पहुंचीं। वहां युवक फंदे पर लटका हुआ मिला। परिजन उसे तत्काल नजदीकी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। इसके बाद उसे एमवाय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस मामले में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि युवक ने जान देने से पहले एक वीडियो बनाया था। इसमें उसने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के कुछ लोगों पर मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए हैं।

    लसूड़िया पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान रवि सोलंकी उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई है। वह जगदीश सोलंकी का बेटा था और श्रीराम नगर में रहता था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि रवि देर रात ऑटो लेकर घर पहुंचा था। घर आने के बाद वह ऊपर बने अपने कमरे में चला गया। परिवार के लोगों को उस समय किसी अनहोनी की आशंका नहीं हुई। रात करीब दो बजे जब उसकी चाची उसे खाना खाने के लिए बुलाने कमरे में पहुंचीं तो वह फंदे पर लटका मिला। इसके बाद घर में अफरा तफरी मच गई और परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे।

    परिवार के मुताबिक रवि की पत्नी करीब आठ दिन पहले विवाद के बाद अपने मायके बागली चली गई थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौट रही थी। पत्नी के घर छोड़कर जाने और वापस नहीं आने की बात को लेकर रवि परेशान चल रहा था। परिजनों ने बताया कि इस पारिवारिक विवाद का असर उसकी मानसिक स्थिति पर भी पड़ रहा था। हालांकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मामले में सामने आए वीडियो ने जांच को एक नया पहलू दे दिया है। बताया गया है कि रवि ने आत्महत्या से पहले अपना वीडियो रिकॉर्ड किया था। इसमें उसने पत्नी के अलावा भोपाल में रहने वाले अपने साढ़ू भाई और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। वीडियो में उसने इन लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार भी बताया है। युवक के इन आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस वीडियो की सामग्री और उसमें कही गई बातों की जांच कर रही है।

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रवि और उसकी पत्नी के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ था। पत्नी के मायके जाने के बाद दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और युवक ने वीडियो में जिन लोगों का उल्लेख किया है उनकी इस पूरे मामले में क्या भूमिका रही। इन सभी बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल युवक की मौत के मामले में पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। वीडियो में लगाए गए आरोपों को जांच के बाद ही प्रमाणित माना जा सकेगा।

  • अनुकंपा नियुक्ति के बाद रिश्वत का आरोप, लोकायुक्त के शिकंजे में आए उपयंत्री पर निगम करेगा कार्रवाई

    अनुकंपा नियुक्ति के बाद रिश्वत का आरोप, लोकायुक्त के शिकंजे में आए उपयंत्री पर निगम करेगा कार्रवाई


    इंदौर । इंदौर नगर निगम में रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस के हाथों पकड़े गए उपयंत्री हर्ष गहलोत की मुश्किलें अब और बढ़ सकतीI हैं। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद निगम प्रशासन ने भी उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों के स्तर पर उसे फील्ड से हटाने को लेकर जल्द निर्णय लिया जा सकता है। हर्ष गहलोत को बुधवार को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया था। आरोप है कि उसने टैंकर के बिल का भुगतान कराने के लिए लॉग बुक का सत्यापन करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। लोकायुक्त पुलिस ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।

    लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक इस मामले में शिकायतकर्ता सोहेल पटेल नायता मुंडला क्षेत्र का निवासी है और पेटी कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम करता है। उसके टैंकर नगर निगम के काम में लगाए जाते हैं। टैंकरों के बिल का भुगतान कराने के लिए लॉग बुक का सत्यापन जरूरी था। इसी सिलसिले में वह जोन कार्यालय पहुंचा था। आरोप है कि उपयंत्री हर्ष गहलोत ने लॉग बुक का सत्यापन करने के बदले उससे 6 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। बातचीत के बाद दोनों के बीच 5 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। इसके बाद सोहेल ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की। शिकायत की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया के बाद बुधवार को जैसे ही हर्ष ने तय रकम ली लोकायुक्त की टीम ने उसे पकड़ लिया।

    इस कार्रवाई के बाद नगर निगम प्रशासन भी मामले को गंभीरता से देख रहा है। निगम के अधिकारी उपयंत्री के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई करने की तैयारी में हैं। उसे फील्ड की जिम्मेदारी से हटाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय होना बाकी है। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद अब विभागीय जांच और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी नजर रहेगी।

    बताया जाता है कि हर्ष गहलोत को पिता की मौत के बाद नगर निगम में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। बाद में कमिश्नर के आदेश पर उसे उपयंत्री के पद पर पदस्थ किया गया। वह जोन 13 में सहायक यंत्री प्रदीप के अधीन काम कर रहा था। नौकरी मिलने के बाद उसने निगम के अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभाली थी। हाल ही में उसका तबादला कर उसे जोन 13 में पदस्थ किया गया था।

    हर्ष की पिछली पदस्थापना वार्ड 75 में थी। यहां एक पार्षद के साथ उसका विवाद होने की बात सामने आई थी। इसके बाद उसका तबादला वार्ड 74 के अंतर्गत आने वाले जोन 13 में कर दिया गया था। अब इसी जोन में रिश्वत लेने के आरोप में लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद उसका नाम फिर चर्चा में है।

    शिकायतकर्ता सोहेल पटेल अपने टैंकरों के भुगतान से जुड़ी लॉग बुक का सत्यापन कराने के लिए लंबे समय से जोन कार्यालय के चक्कर लगा रहा था। इसी काम के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद निगम प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि उसे फील्ड से हटाया जाता है तो यह लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद निगम स्तर पर उठाया गया पहला बड़ा कदम होगा।

  • इंदौर में भाजपा की पदयात्रा में साधु-संतों से लेकर किन्नर समाज तक शामिल, मांडविया ने कांग्रेस पर कसा तंज

    इंदौर में भाजपा की पदयात्रा में साधु-संतों से लेकर किन्नर समाज तक शामिल, मांडविया ने कांग्रेस पर कसा तंज


    इंदौर । इंदौर में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ पदयात्रा के दौरान राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलीं। सुभाष नगर चौराहे से शुरू हुई यह पदयात्रा पाटनीपुरा चौराहे तक निकाली जा रही है। इसमें डॉक्टरों और वकीलों से लेकर व्यापारियों तथा साधु-संतों सहित विभिन्न समाजों और संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। यात्रा में किन्नर समाज के लोगों के साथ बुर्का पहने महिलाएं भी नजर आईं। भाजपा नेताओं ने इस आयोजन को लोकतंत्र और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जनभागीदारी का कार्यक्रम बताया।

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पदयात्रा को राष्ट्रभक्तों की रैली बताया। उनके अनुसार इसमें अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल होकर अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। पदयात्रा के दौरान उस समय स्थिति चर्चा में आ गई जब समाजसेवी प्रहलाद पांडे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पांडे अपने साथ एक पोस्टर लेकर पहुंचे थे। इस पोस्टर पर 30 हजार का बल्ब और 33 हजार लीटर फिनाइल लिखा हुआ था। बताया जा रहा है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से पुलिस को पांडे को वहां से हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

    प्रहलाद पांडे इससे पहले भी कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन कर चुके हैं। उस समय भी पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर गई थी। खबर के मुताबिक बाद में विजयवर्गीय ने उन्हें छुड़वाने के लिए पत्र लिखा था। इस बार पदयात्रा के दौरान उनके पोस्टर के साथ पहुंचने और पुलिस कार्रवाई को लेकर मामला चर्चा में रहा। पोस्टर पर लिखे संदेश का संबंध किस मुद्दे से था और इसके पीछे पांडे की क्या मांग थी इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री मांडविया भी शामिल हुए। उन्होंने कांग्रेस और उसके नेताओं पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी का नाम लिए बिना रॉकेट लॉन्चिंग का उदाहरण दिया। मांडविया ने कहा कि जैसे रॉकेट को ऊपर भेजने के लिए दीया सलाई लगाई जाती है वैसे ही कांग्रेस भी अपने नेताओं को बार-बार लॉन्च करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जनता से सवाल करते हुए कहा कि कई वर्षों से ऐसी कोशिशें की जा रही हैं लेकिन सफलता नहीं मिल रही। उनके इस बयान को कांग्रेस नेतृत्व पर राजनीतिक तंज के तौर पर देखा गया।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भी पदयात्रा में शामिल होने पहुंचे और बाद में पाटनीपुरा चौराहे पर बनाए गए मंच पर पहुंचे। यात्रा में राहुल गांधी का बैनर ओढ़कर आया एक युवक भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। आयोजन में अलग-अलग समुदायों और संगठनों की मौजूदगी के कारण पदयात्रा को व्यापक रूप देने की कोशिश दिखाई दी।

    भाजपा की इस पदयात्रा में एक ओर पार्टी नेताओं के भाषण और कांग्रेस पर राजनीतिक हमले चर्चा में रहे तो दूसरी ओर समाजसेवी प्रहलाद पांडे को हिरासत में लिए जाने का मामला भी सामने आया। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पुलिस ने उन्हें पोस्टर लेकर पहुंचने के बाद हिरासत में लिया। इस कार्रवाई को लेकर मंत्री के निर्देश की बात भी सामने आई है। हालांकि पुलिस की ओर से हिरासत के कारण और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

  • इंदौर में संघ का बड़ा आयोजन, ‘चरैवेति-एकत्रीकरण’ में राष्ट्र प्रथम और सामाजिक समरसता का संदेश, 2 नवंबर से अखिल भारतीय बैठक

    इंदौर में संघ का बड़ा आयोजन, ‘चरैवेति-एकत्रीकरण’ में राष्ट्र प्रथम और सामाजिक समरसता का संदेश, 2 नवंबर से अखिल भारतीय बैठक


    इंदौर । इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर बुधवार को चरैवेति-एकत्रीकरण का आयोजन किया जा रहा है। डेली कॉलेज परिसर में शाम 4:30 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में करीब एक लाख स्वयंसेवकों के शामिल होने का अनुमान है। संघ के मालवा प्रांत के इंदौर विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन के वरिष्ठ राष्ट्रीय पदाधिकारियों की मौजूदगी भी रहेगी। आयोजन के जरिए राष्ट्र निर्माण में निरंतर योगदान देने और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया जाएगा।

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वर्षभर देश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इंदौर में होने वाला चरैवेति-एकत्रीकरण इसी श्रृंखला का प्रमुख समापन कार्यक्रम है। इसमें इंदौर महानगर और महू ग्रामीण क्षेत्र के सक्रिय स्वयंसेवकों के साथ समाज के प्रबुद्ध वर्ग के लोगों की सहभागिता भी रहेगी। बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए आयोजन की तैयारियां पिछले एक महीने से की जा रही थीं। स्वयंसेवक कार्यक्रम की रूपरेखा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।

    चरैवेति शब्द का भाव लगातार आगे बढ़ते रहने और अपने उद्देश्य के प्रति सक्रिय रहने से जुड़ा है। इसी विचार को केंद्र में रखकर कार्यक्रम में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और समाज को संगठित बनाने का संदेश दिया जाएगा। सामाजिक समरसता को मजबूत करने और नागरिकों में अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर रहेगा। संघ की ओर से यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि शताब्दी वर्ष पूरा होने के बाद भी राष्ट्र निर्माण और सामाजिक कार्यों की गतिविधियां निरंतर जारी रहनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और व्यक्तिगत स्तर पर देशहित में योगदान देने के महत्व को रेखांकित किया जाएगा।

    कार्यक्रम में स्वयंसेवक शारीरिक गतिविधियों और व्यायाम का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ योग की प्रस्तुतियां भी होंगी। आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण चरैवेति-चरैवेति सामूहिक गीत रहेगा। इसके माध्यम से निरंतर आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने का भाव व्यक्त किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान इंदौर विभाग में शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित गतिविधियों और विभिन्न आयोजनों की जानकारी भी साझा की जाएगी।

    आयोजन में बौद्धिक उद्बोधन के जरिए संघ के विचारों और सामाजिक दायित्वों पर चर्चा होगी। साथ ही राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका और समाज के प्रति जिम्मेदारियों को लेकर विचार रखे जाएंगे। इस कार्यक्रम को शताब्दी वर्ष के दौरान हुए कार्यों की समीक्षा और आगे की गतिविधियों के लिए नई ऊर्जा जुटाने के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की भागीदारी के कारण यह इंदौर में संघ के प्रमुख आयोजनों में शामिल है।

    चरैवेति-एकत्रीकरण के बाद इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक भी आयोजित की जाएगी। यह बैठक 2 नवंबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है। इस दौरान संगठनात्मक कार्यों और आगामी गतिविधियों से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

    इसी बीच मालवा प्रांत के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की तैयारी भी चर्चा में है। प्रस्तावित योजना के तहत मालवा प्रांत को इंदौर और उज्जैन संभाग में विभाजित करने पर विचार किया जा रहा है। नई व्यवस्था 2027 से लागू किए जाने की संभावना बताई गई है। इसका उद्देश्य संगठनात्मक कामकाज को छोटे और अधिक प्रभावी क्षेत्रों में बांटना है ताकि स्थानीय स्तर पर संपर्क गतिविधियों और योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिल सके। हालांकि प्रस्तावित बदलाव की अंतिम रूपरेखा और लागू होने की प्रक्रिया को लेकर आगे की जानकारी महत्वपूर्ण रहेगी।

    कुल मिलाकर इंदौर का यह आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष की गतिविधियों के समापन के साथ भविष्य के सामाजिक और संगठनात्मक कार्यों के लिए दिशा तय करने का अवसर माना जा रहा है।

  • इंदौर एयरपोर्ट की रेटिंग में बढ़ोतरी लेकिन रैंकिंग में झटका, पिछली तिमाही में था 80वां स्थान, अब 79वें नंबर पर

    इंदौर एयरपोर्ट की रेटिंग में बढ़ोतरी लेकिन रैंकिंग में झटका, पिछली तिमाही में था 80वां स्थान, अब 79वें नंबर पर


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की यात्री सुविधाओं की रेटिंग में सुधार दर्ज किया गया है लेकिन इसके बावजूद रैंकिंग में एयरपोर्ट को अपेक्षित बढ़त नहीं मिली। एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल के एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी सर्वे के मुताबिक जुलाई से सितंबर 2026 की तीसरी तिमाही में इंदौर एयरपोर्ट को पांच में से 4.90 अंक मिले हैं। इससे पहले अप्रैल से जून की दूसरी तिमाही में एयरपोर्ट की रेटिंग 4.88 अंक थी। यानी रेटिंग में 0.02 अंक का सुधार हुआ है। इसके बावजूद इंदौर की रैंकिंग में मामूली बदलाव हुआ और वह 79वें स्थान पर पहुंच गया। पिछली तिमाही में इंदौर एयरपोर्ट 80वें स्थान पर था।

    यात्री सुविधाओं के आकलन में इंदौर एयरपोर्ट की रेटिंग देश के चुनिंदा 16 एयरपोर्ट की औसत रेटिंग के बराबर रही। तीसरी तिमाही में इन एयरपोर्ट की औसत रेटिंग भी 4.90 अंक दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि इंदौर एयरपोर्ट का प्रदर्शन औसत के अनुरूप रहा है। हालांकि दूसरे एयरपोर्ट की रेटिंग में हुए बदलाव के कारण इंदौर को रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाने का मौका नहीं मिला। रेटिंग और रैंकिंग के बीच का यह अंतर बताता है कि किसी एयरपोर्ट के अंक बढ़ने के बावजूद दूसरे एयरपोर्ट के प्रदर्शन में ज्यादा सुधार होने पर उसकी रैंकिंग प्रभावित हो सकती है।

    तीसरी तिमाही की सूची में पुणे एयरपोर्ट ने 4.98 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। चेन्नई और पटना एयरपोर्ट 4.94-4.94 अंकों के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। कालीकट और वाराणसी एयरपोर्ट की रेटिंग 4.93 अंक रही। इस सूची में पुणे का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा जबकि चेन्नई और पटना ने भी ऊंची रेटिंग हासिल की। इन एयरपोर्ट की रेटिंग से पता चलता है कि यात्री सुविधाओं के मामले में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।

    चेन्नई एयरपोर्ट की रेटिंग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। दूसरी तिमाही में उसे 4.85 अंक मिले थे जो तीसरी तिमाही में बढ़कर 4.94 हो गए। इसके साथ ही उसकी रैंकिंग 87वें स्थान से सुधरकर 66वें स्थान पर पहुंच गई। इसी तरह कालीकट एयरपोर्ट की रेटिंग 4.82 से बढ़कर 4.93 हो गई और उसकी रैंकिंग 90वें स्थान से सुधरकर 69वें स्थान पर पहुंच गई। दूसरी ओर रायपुर एयरपोर्ट की रेटिंग में गिरावट दर्ज की गई। उसकी रेटिंग 4.93 से घटकर 4.90 रह गई और रैंकिंग 66वें स्थान से फिसलकर 78वें स्थान पर आ गई।

    रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की औसत एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी रेटिंग भी इस अवधि में कम हुई है। दूसरी तिमाही में विश्व औसत 4.38 अंक था जो तीसरी तिमाही में घटकर 4.36 अंक रह गया। इसके मुकाबले इंदौर एयरपोर्ट की 4.90 अंक की रेटिंग काफी बेहतर है। देश के चुनिंदा एयरपोर्ट की औसत रेटिंग भी 4.88 से बढ़कर 4.90 अंक हो गई है।

    इंदौर एयरपोर्ट के लिए एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि उसकी रेटिंग समझौता ज्ञापन में निर्धारित लक्ष्य से अधिक रही। रिपोर्ट के अनुसार उत्कृष्ट रेटिंग का लक्ष्य पांच में से 4.68 अंक तय किया गया है जबकि इंदौर को 4.90 अंक मिले हैं। इस तरह एयरपोर्ट ने निर्धारित लक्ष्य से 0.22 अंक अधिक हासिल किए हैं। रेटिंग में सुधार के बावजूद रैंकिंग में बड़ी बढ़त नहीं मिलने से यात्री सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाने की जरूरत सामने आती है। आने वाली तिमाहियों में इंदौर एयरपोर्ट का प्रदर्शन किस दिशा में जाता है इस पर यात्रियों और विमानन क्षेत्र की नजर रहेगी।

  • करवा चौथ पर मौसम डाल सकता है खलल, भोपाल में 8:26 और इंदौर में 8:34 बजे चंद्रोदय, जानें अपने शहर का समय

    करवा चौथ पर मौसम डाल सकता है खलल, भोपाल में 8:26 और इंदौर में 8:34 बजे चंद्रोदय, जानें अपने शहर का समय


    भोपाल। मध्य प्रदेश में गुरुवार 29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखेंगी। सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद शुरू होने वाला यह व्रत रात में चंद्र दर्शन और पूजा के बाद पूरा किया जाता है। हालांकि इस बार मौसम महिलाओं की प्रतीक्षा बढ़ा सकता है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में चांद के निर्धारित समय पर निकलने के बावजूद उसका स्पष्ट दर्शन होने में देरी हो सकती है।

    खगोलीय गणनाओं के अनुसार मध्य प्रदेश में सबसे पहले सिंगरौली में रात करीब 8 बजकर 1 मिनट पर चंद्रमा दिखाई देने का अनुमान है। इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में चंद्रोदय होगा। राजधानी भोपाल में रात 8 बजकर 26 मिनट पर जबकि इंदौर में रात 8 बजकर 34 मिनट पर चांद दिखने का अनुमान है। प्रदेश के पश्चिमी छोर पर स्थित आलीराजपुर में चंद्र दर्शन का समय रात करीब 8 बजकर 41 मिनट बताया गया है। इस तरह राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच चंद्रोदय के समय में लगभग 40 मिनट का अंतर हो सकता है।

    नेशनल अवॉर्डी विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के मुताबिक पृथ्वी के भौगोलिक विस्तार और अलग-अलग देशांतर स्थितियों के कारण हर जिले में चांद निकलने का समय एक जैसा नहीं होता। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्थित जिलों में चंद्रमा पहले दिखाई देता है जबकि पश्चिमी जिलों में इसके दर्शन कुछ देर बाद होते हैं। इसी वजह से सिंगरौली से आलीराजपुर तक चंद्र दर्शन के समय में अंतर देखने को मिलता है।

    बारिश और बादलों से बढ़ सकता है इंतजार

    करवा चौथ के दिन प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर सागर रीवा और शहडोल संभाग में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल इंदौर नर्मदापुरम उज्जैन ग्वालियर और चंबल संभाग में बादल छाए रह सकते हैं। मौसम की ऐसी स्थिति में चंद्रमा के क्षितिज पर आने के बाद भी उसका दीदार तुरंत नहीं हो पाएगा। ऊंची इमारतों पहाड़ियों और स्थानीय मौसम की वजह से भी चांद दिखाई देने में 10 से 15 मिनट की देरी हो सकती है। इसलिए महिलाओं को अपने जिले में बताए गए चंद्रोदय के समय के साथ आसमान की स्थिति पर भी ध्यान देना होगा।

    सरगी से होती है व्रत की शुरुआत

    करवा चौथ पर व्रत शुरू करने से पहले सुबह सरगी ग्रहण करने की परंपरा है। आमतौर पर सास अपनी बहू को सरगी देती हैं। इसमें फल मिठाई मेवे और फेनी जैसे खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं। दिनभर बिना भोजन और पानी के रहने से पहले पौष्टिक आहार लेना उपयोगी हो सकता है। व्रत रखने वाली महिलाओं को अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए पर्याप्त पौष्टिक भोजन करना चाहिए। यदि किसी को मधुमेह या कोई दूसरी स्वास्थ्य समस्या है तो निर्जला व्रत रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

    चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है व्रत

    करवा चौथ पर महिलाएं भगवान गणेश चौथ माता और चंद्र देव की पूजा करती हैं। परंपरा के अनुसार रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है। इसके बाद व्रत खोलने की मान्यता है। कई परिवारों में करवा चौथ की कथा सुनने और पूजा की विधि पूरी करने का विशेष महत्व होता है।

    इस बार प्रदेश के अलग-अलग शहरों में चंद्र दर्शन का समय अलग रहेगा और मौसम भी भूमिका निभा सकता है। इसलिए व्रत रखने वाली महिलाओं को अपने जिले के अनुमानित चंद्रोदय समय की जानकारी पहले से रखनी चाहिए। बादलों की वजह से चांद दिखाई देने में देरी हो तो धैर्य रखें और पूजा से जुड़ी परंपराओं का पालन स्थानीय मान्यताओं के अनुसार करें।

  • भारतीय नस्ल की गायों के पालकों के लिए बड़ा मौका, इंदौर में पहले विजेता को 1 लाख और दूसरे को मिलेंगे 50 हजार रुपए

    भारतीय नस्ल की गायों के पालकों के लिए बड़ा मौका, इंदौर में पहले विजेता को 1 लाख और दूसरे को मिलेंगे 50 हजार रुपए


    इंदौर । इंदौर जिले में भारतीय नस्ल की उन्नत गायों के पालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई पहल की जा रही है। वृंदावन ग्राम योजना के तहत जिले के चार गांवों में गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना आयोजित होगी। यह कार्यक्रम 27 से 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें सबसे ज्यादा दूध देने वाली गायों के पालकों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। योजना के तहत प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे पशुपालकों को बेहतर नस्ल की गायों के पालन और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।

    पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग के उप संचालक डॉ. दिनकर राव पाटील के मुताबिक जिले के रंगवासा दतोदा शिवनी और बनेड़िया गांवों में योजना के तहत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गांवों में पात्र पशुपालकों का पंजीयन किया जाएगा। इसके बाद गायों के दुग्ध उत्पादन के आधार पर विजेताओं का चयन होगा। प्रतियोगिता में उन्हीं पशुपालकों को शामिल होने का अवसर मिलेगा जिनकी भारतीय नस्ल की उन्नत गाय प्रतिदिन कम से कम छह लीटर दूध देती है।

    योजना के तहत प्रत्येक चयनित गांव में तीन पुरस्कार दिए जाएंगे। सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाली गाय के पालक को प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपए मिलेंगे। दूसरे स्थान पर आने वाले पशुपालक को 50 हजार रुपए और तीसरा स्थान हासिल करने वाले पालक को 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। इस तरह प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादन के आधार पर तीन विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार राशि के जरिए पशुपालकों को बेहतर पशुपालन पद्धतियां अपनाने और अपनी गायों की देखभाल पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करने का लक्ष्य रखा गया है।

    गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना का प्रमुख उद्देश्य भारतीय नस्ल की उन्नत गायों के संरक्षण और पालन को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही दूध उत्पादन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पशुपालकों को प्रोत्साहन देना भी योजना का अहम हिस्सा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन कई परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में दूध उत्पादन बढ़ने से पशुपालकों की आमदनी में सुधार की संभावना बन सकती है। योजना के माध्यम से बेहतर नस्लों के पालन और दुग्ध उत्पादन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।

    प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए गाय का भारतीय उन्नत नस्ल का होना और प्रतिदिन कम से कम छह लीटर दूध देना जरूरी है। पात्र पशुपालकों को पंजीयन कराना होगा और गाय के दूध उत्पादन से संबंधित जानकारी देनी होगी। पंजीयन की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों के बारे में संबंधित ग्राम या पशु चिकित्सा विभाग से जानकारी ली जा सकती है।

    27 अक्टूबर से शुरू होने वाली इस योजना के जरिए इंदौर जिले के चार गांवों में दुग्ध उत्पादन के आधार पर पशुपालकों को सम्मानित किया जाएगा। अब यह देखना होगा कि इस पहल में कितने पशुपालक भाग लेते हैं और पुरस्कार योजना से भारतीय नस्ल की गायों के पालन तथा दूध उत्पादन को बढ़ावा देने में कितनी मदद मिलती है।

  • इंदौर में संघ का शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि शताब्दी वर्ष का बड़ा आयोजन, 345 बस्तियों और महू के 65 मंडलों में निकले पथ संचलन

    इंदौर में संघ का शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि शताब्दी वर्ष का बड़ा आयोजन, 345 बस्तियों और महू के 65 मंडलों में निकले पथ संचलन


    इंदौर । इंदौर और महू क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन आयोजित किए जा रहे हैं। संघ के शताब्दी वर्ष के समापन कार्यक्रम की तैयारियों के बीच स्वयंसेवक अलग-अलग बस्तियों और मंडलों में कदमताल करते नजर आ रहे हैं। इंदौर के नंदा नगर से निकले पथ संचलन में मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके बेटे तथा पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय भी शामिल हुए। इस आयोजन के तहत इंदौर विभाग के चार महानगरीय जिलों के 34 नगरों की करीब 345 बस्तियों में पथ संचलन निकाले जा रहे हैं। वहीं महू ग्रामीण क्षेत्र के छह खंडों के 65 मंडलों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    संघ की ओर से इन आयोजनों की तैयारी पिछले एक महीने से की जा रही थी। शाखाओं में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन से पहले समता का अभ्यास किया। इन कार्यक्रमों के जरिए स्वयंसेवक अनुशासन और सामूहिक सहभागिता के साथ निर्धारित मार्गों पर संचलन कर रहे हैं। इंदौर और महू में अलग-अलग स्थानों पर आयोजित हो रहे इन कार्यक्रमों को संघ के शताब्दी वर्ष के समापन से पहले की महत्वपूर्ण गतिविधि माना जा रहा है।

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर 28 अक्टूबर को इंदौर विभाग का वृहत एकत्रीकरण आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम डेली कॉलेज परिसर में शाम 4 बजकर 30 मिनट से होगा। इसमें इंदौर विभाग के पांचों जिलों के सक्रिय स्वयंसेवकों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। पथ संचलन को इस बड़े आयोजन की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके माध्यम से स्वयंसेवक आगामी एकत्रीकरण के लिए जुट रहे हैं।

    इस एकत्रीकरण का ध्येय वाक्य चरैवेति-चरैवेति रखा गया है। इस संस्कृत वाक्य का आशय निरंतर आगे बढ़ते रहने से है। संघ के अनुसार इसका संदेश है कि स्वयंसेवक राष्ट्रकार्य को लगातार और समर्पण के साथ आगे बढ़ाते रहें। शताब्दी वर्ष पूरा होने के बाद भी समाज और राष्ट्र के लिए कार्य जारी रखने का संकल्प इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य बताया गया है।

    संघ की विचारधारा के मुताबिक राष्ट्र निर्माण के लिए व्यक्ति निर्माण और व्यक्ति परिवर्तन के माध्यम से समाज परिवर्तन पर जोर दिया जाता है। एकत्रीकरण में इसी विचार को आगे बढ़ाने और स्वयंसेवकों को भविष्य के कार्यों के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया जाएगा। संघ का कहना है कि भारत को परम वैभव पर प्रतिष्ठित करने के लक्ष्य के साथ स्वयंसेवक ऊर्जा और समर्पण से कार्य करते रहेंगे।

    इंदौर और महू क्षेत्र में हो रहे पथ संचलन के साथ अब 28 अक्टूबर को होने वाले वृहत एकत्रीकरण पर भी ध्यान केंद्रित है। पांच जिलों के सक्रिय स्वयंसेवकों की भागीदारी वाले इस कार्यक्रम के जरिए संघ अपने शताब्दी वर्ष के समापन को चिह्नित करेगा। फिलहाल विभिन्न बस्तियों और मंडलों में संचलन के आयोजन जारी हैं और स्वयंसेवक निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार इसमें भाग ले रहे हैं।