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  • इंदौर होटल कांड में नया मोड़, युवक ने बदली पहचान; मोबाइल और कमरे की तलाशी में मिला संदिग्ध सामान, पुलिस जांच में जुटी

    इंदौर होटल कांड में नया मोड़, युवक ने बदली पहचान; मोबाइल और कमरे की तलाशी में मिला संदिग्ध सामान, पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर । इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में स्थित एक होटल में युवती के साथ दो युवकों के मिलने के बाद रविवार रात हंगामा हो गया। स्कीम नंबर 114 पार्ट-1 स्थित होटल सिल्वर पैलेस में कुछ लोगों ने युवती के साथ गलत गतिविधि होने का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी। इसके बाद राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और होटल के कमरे से एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। दूसरा युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने फिलहाल पकड़े गए युवक के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मिली जानकारी के मुताबिक करणी सेना के कार्यकर्ताओं को होटल में एक हिंदू युवती के साथ दो युवकों के मौजूद होने की सूचना मिली थी। संगठन के पदाधिकारी होटल पहुंचे और कमरे में मौजूद युवकों से पूछताछ की। आरोप है कि दोनों युवक युवती को नशा करा रहे थे। पूछताछ के दौरान पकड़े गए युवक ने पहले अपनी पहचान छिपाते हुए अपना नाम लक्की बताया। बाद में पूछताछ में उसकी पहचान खजराना निवासी फैजान खान के रूप में हुई। उसके साथ मौजूद अमन खान मौके से निकल गया।

    मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने अमन पर फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों को डराने और ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। संगठन का दावा है कि दोनों युवक खजराना और आसपास के क्षेत्रों में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े हुए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही इन दावों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।

    घटना के दौरान फैजान के मोबाइल फोन की जांच किए जाने का भी दावा किया गया। संगठन के मुताबिक मोबाइल में कई युवतियों के साथ आपत्तिजनक फोटो वीडियो और चैट मिले। इसके अलावा गांजा एमडी और चाकू की तस्वीरें भी मोबाइल में होने की बात सामने आई। होटल के कमरे की तलाशी के दौरान शराब की बोतलें कंडोम और कथित तौर पर सेक्स वर्धक गोलियां मिलने का भी दावा किया गया है। पुलिस इन सभी बरामद वस्तुओं और डिजिटल सामग्री की जांच कर रही है।

    मामले में सबसे अहम पहलू युवती की स्थिति और उसके बयान को माना जा रहा है। लसूड़िया थाना प्रभारी राजकुमार यादव के मुताबिक पुलिस के पास करणी सेना के कार्यकर्ता फैजान नाम के युवक को लेकर आए थे। पुलिस का कहना है कि युवक काफी नशे की हालत में था। उसके मोबाइल में आपत्तिजनक वीडियो चाकू और गांजे से संबंधित तस्वीरें मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस अधिकारी के अनुसार युवक का नशा उतरने के बाद उससे विस्तार से पूछताछ की जाएगी और युवती से भी घटना के संबंध में जानकारी ली जाएगी।

    फिलहाल पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। फरार बताए जा रहे अमन खान की तलाश और मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। करणी सेना के पदाधिकारियों ने फरार युवक की गिरफ्तारी और पूरे मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि होटल के कमरे में वास्तव में क्या हुआ था और युवती के साथ किसी तरह की जबरदस्ती या नशीला पदार्थ देने की बात सही है या नहीं। फिलहाल मामले में लगाए गए सभी गंभीर आरोप जांच के अधीन हैं।

  • कोच के दस्तावेजों पर IDA का स्विमिंग पूल टेंडर? बिना अनुमति इस्तेमाल का आरोप, संस्था ने कहा- आरोप बेबुनियाद

    कोच के दस्तावेजों पर IDA का स्विमिंग पूल टेंडर? बिना अनुमति इस्तेमाल का आरोप, संस्था ने कहा- आरोप बेबुनियाद


    इंदौर  इंदौर में स्विमिंग पूल संचालन के एक टेंडर को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। दिल्ली के रिटायर्ड इंटरनेशनल स्विमिंग कोच मुकुंद मोहन शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनके शैक्षणिक और पेशेवर दस्तावेजों का कथित रूप से बिना अनुमति इस्तेमाल कर इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी IDA का स्विमिंग पूल संचालन का ठेका हासिल किया गया। कोच का दावा है कि उन्होंने ये दस्तावेज केवल दिल्ली के तालकटोरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के टेंडर में भाग लेने के लिए एक संस्था को दिए थे लेकिन बाद में उन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल इंदौर के टेंडर में कर लिया गया। मामला सामने आने के बाद उन्होंने इंदौर पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है और अब क्राइम ब्रांच मामले में FIR दर्ज करने की तैयारी कर रही है।

    मुकुंद मोहन शर्मा के अनुसार वह वर्ष 2022 में अपने छात्र संदीप तोकस के माध्यम से देवा स्विमिंग इंस्टीट्यूट से जुड़े थे। इसके बाद 21 फरवरी 2023 को उन्होंने संस्था के डायरेक्टर देवेंद्र लांबा और उनकी पत्नी मधुलिका को अपने शैक्षणिक और पेशेवर योग्यता से जुड़े दस्तावेज दिए थे। उनका कहना है कि ये दस्तावेज केवल नई दिल्ली के तालकटोरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के स्विमिंग पूल संचालन के टेंडर में इस्तेमाल करने के लिए दिए गए थे। बाद में वह टेंडर निरस्त हो गया।

    कोच का आरोप है कि टेंडर निरस्त होने के बाद उन्होंने अपने दस्तावेजों को किसी अन्य सरकारी अर्धसरकारी या निजी संस्था की टेंडर प्रक्रिया में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद उन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल इंदौर में IDA के स्विमिंग पूल संचालन का ठेका हासिल करने में किया गया। शर्मा के मुताबिक 8 सितंबर 2023 को IDA का अनुबंध हासिल किया गया था। उनका दावा है कि पूरी प्रक्रिया में उनसे किसी तरह की लिखित अनुमति या सहमति नहीं ली गई।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शर्मा को कथित दस्तावेज दुरुपयोग की जानकारी करीब तीन साल बाद जनवरी 2026 में मिली। एक परिचित के माध्यम से उन्हें पता चला कि उनके दस्तावेज इंदौर के IDA टेंडर में लगाए गए हैं। इसके बाद उन्होंने IDA के CEO को ईमेल के जरिए शिकायत की। 25 फरवरी को उन्होंने मामले की जानकारी देते हुए ईमेल भेजा और 7 मार्च को रिमाइंडर भी भेजा। कई महीने तक स्पष्ट कार्रवाई या जांच की जानकारी नहीं मिलने के बाद उन्होंने लिखित शिकायत के साथ शपथपत्र भी दिया।

    शर्मा ने यह भी आशंका जताई है कि उनके शैक्षणिक और पेशेवर दस्तावेजों का इस्तेमाल अन्य शहरों में स्विमिंग पूल के टेंडर लाइसेंस या परमिट हासिल करने के लिए भी किया गया हो सकता है। उन्होंने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के लखनऊ स्थित रीजनल सेंटर के स्विमिंग पूल से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में भी अपने दस्तावेजों के इस्तेमाल की जांच कराने की मांग की है।

    हालांकि देवा स्विमिंग इंस्टीट्यूट के संचालक देवेंद्र लांबा ने शर्मा के आरोपों को पूरी तरह गलत और निराधार बताया है। उनका कहना है कि शर्मा पहले उनके संस्थान से जुड़े थे और उनकी शैक्षणिक योग्यता तथा उपलब्धियों से संबंधित दस्तावेज संस्था के रिकॉर्ड में उपलब्ध थे। लांबा के मुताबिक किसी कोच या कर्मचारी के संस्थान से जुड़ने पर उसकी योग्यता और उपलब्धियों के दस्तावेज रिकॉर्ड में रखना सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि क्राइम ब्रांच की शिकायत के बाद संस्था अपना जवाब दे चुकी है और जरूरत पड़ने पर संबंधित दस्तावेज और अंडरटेकिंग भी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराई जाएगी।

    लांबा ने यह भी कहा कि देवा स्विमिंग इंस्टीट्यूट का हेड ऑफिस गुरुग्राम में है और देश के अलग-अलग हिस्सों में उसके कई सेंटर संचालित होते हैं। उनके मुताबिक टेंडर प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि हेड ऑफिस के माध्यम से की जाती है।

    वहीं IDA के CEO डॉ. परीक्षित झाडे ने बताया कि मुकुंद मोहन शर्मा की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है और विभागीय स्तर पर इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला आरोप और जांच के स्तर पर है और क्राइम ब्रांच की पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दस्तावेजों का वास्तव में किस तरह इस्तेमाल हुआ और टेंडर प्रक्रिया में किसी नियम का उल्लंघन हुआ या नहीं।

  • रील बनाने का जुनून या ट्रैफिक के लिए खतरा? इंदौर में गाड़ियों के सामने जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटी इंफ्लुएंसर, पुलिस ने शुरू की जांच

    रील बनाने का जुनून या ट्रैफिक के लिए खतरा? इंदौर में गाड़ियों के सामने जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटी इंफ्लुएंसर, पुलिस ने शुरू की जांच


    इंदौर। सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में बनाए जा रहे वीडियो अब कई बार लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। इंदौर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां एक महिला इंफ्लुएंसर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में युवती ट्रैफिक सिग्नल के पास वाहनों के सामने जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटकर वीडियो शूट कराती नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद इंदौर पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने मामले को संज्ञान में लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस को वायरल वीडियो इंदौर के लैंटर्न चौराहे का प्रतीत हो रहा है। वीडियो में सिग्नल पर वाहन रुके हुए दिखाई देते हैं और इसी दौरान युवती उनके आगे जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटती नजर आती है। बताया जा रहा है कि युवती का नाम प्रकृति गौर है और वह सोशल मीडिया के लिए फोटो और वीडियो शूट करा रही थी। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी सड़क पर इस तरह शूटिंग करने को लेकर सवाल उठाए और यातायात नियमों के पालन की मांग की।

    मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने वायरल वीडियो को आइडेंटिफाई किया। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर सामने आए इस वीडियो की पुलिस ने पहचान की है। शुरुआती जांच में वीडियो लैंटर्न चौराहे का होने की संभावना सामने आई है। हालांकि पुलिस अब वीडियो से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि कर रही है।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो शूट के दौरान वास्तव में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं। इसके साथ ही यह देखा जा रहा है कि युवती के सड़क पर लेटने से यातायात प्रभावित हुआ या वाहन चालकों और राहगीरों के लिए किसी तरह का खतरा पैदा हुआ। अगर जांच में नियमों का उल्लंघन या लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने की बात सामने आती है तो संबंधित युवती के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

    एडिशनल डीसीपी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाने की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि यातायात नियमों की अनदेखी की जाए। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह की ओर से सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर जारी प्रिवेंटिव ऑर्डर के तहत भी इस मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इंफ्लुएंसर कोई भी हो यदि उसके कंटेंट के कारण यातायात बाधित होता है या खुद अथवा किसी अन्य व्यक्ति की जान को खतरा पैदा होता है तो कार्रवाई की जा सकती है।

    वहीं मामला सामने आने और विवाद बढ़ने के बाद संबंधित इंफ्लुएंसर ने एक अन्य वीडियो जारी कर सफाई दी और खेद जताया। उनका कहना है कि वीडियो को कुछ लोगों ने गलत तरीके से पेश किया है। इंफ्लुएंसर ने दावा किया कि शूटिंग के दौरान जानबूझकर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में सार्वजनिक स्थानों पर वीडियो शूट करते समय ज्यादा सावधानी बरती जाएगी।

    फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। वीडियो की वास्तविक लोकेशन शूटिंग के समय ट्रैफिक की स्थिति और नियमों के उल्लंघन से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों का ध्यान रखने की जरूरत को सामने लाता है।

  • मूविंग सीट से लेकर रोलर कोस्टर राइड तक इंदौर जू का 14D थिएटर बना नया आकर्षण पहले दिन सभी शो फुल

    मूविंग सीट से लेकर रोलर कोस्टर राइड तक इंदौर जू का 14D थिएटर बना नया आकर्षण पहले दिन सभी शो फुल


    इंदौर इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में शुरू हुआ 14D थिएटर आम लोगों के लिए खुलते ही शहरवासियों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है। मंगलवार को पहले दिन थिएटर के लगभग सभी शो हाउसफुल रहे और बड़ी संख्या में लोग परिवार तथा बच्चों के साथ यहां पहुंचे। सामान्य सिनेमा हॉल से बिल्कुल अलग अनुभव देने वाले इस थिएटर में दर्शकों को मूविंग सीट्स के साथ विजुअल इफेक्ट्स और अलग अलग राइडिंग इफेक्ट्स का अनुभव कराया जा रहा है। यही वजह रही कि पहले ही दिन थिएटर को देखने और इसमें फिल्म का रोमांच महसूस करने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह नजर आया।

    14D थिएटर में फिल्म देखने के दौरान दर्शकों को केवल स्क्रीन पर दृश्य देखने तक सीमित नहीं रहना पड़ता बल्कि स्क्रीन पर दिखाई जा रही गतिविधियों के साथ सीटों की मूवमेंट और अलग अलग इफेक्ट्स का अनुभव भी मिलता है। कभी सीट आगे पीछे होती है तो कभी अचानक ऊपर नीचे की हलचल महसूस होती है। कई दृश्यों में ऐसा अनुभव कराया जाता है जैसे दर्शक खुद उसी घटना का हिस्सा हों। बच्चों के लिए यह अनुभव खास तौर पर रोमांचक रहा। पहले दिन थिएटर पहुंचे परिवारों में महिलाओं और बच्चों की संख्या काफी ज्यादा नजर आई।

    शो खत्म होने के बाद बच्चों में थिएटर के अनुभव को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। कई बच्चों ने बताया कि उन्होंने इससे पहले ऐसा थिएटर नहीं देखा था। उनके लिए सबसे ज्यादा रोमांचक रोलर कोस्टर जैसी राइड रही। सीटों का अचानक हिलना डुलना और स्क्रीन पर चल रहे दृश्यों के साथ शरीर को मिलने वाला मूवमेंट बच्चों को खूब पसंद आया। कुछ बच्चों के लिए यह अनुभव किसी मनोरंजन पार्क की राइड जैसा रहा और उन्होंने इसे दोबारा देखने की इच्छा भी जताई।

    बच्चों के साथ थिएटर पहुंचे अभिभावकों ने भी इसे सामान्य फिल्म देखने से अलग अनुभव बताया। कई माता पिता का कहना था कि बच्चों के साथ समय बिताने और उन्हें कुछ नया अनुभव कराने के लिहाज से यह जगह काफी अच्छी है। दर्शकों ने सीटों की मूवमेंट विजुअल इफेक्ट्स और अलग अलग राइडिंग इफेक्ट्स को थिएटर की सबसे बड़ी खासियत बताया। कुछ लोगों ने इसे पैसा वसूल अनुभव करार दिया। उनका कहना था कि इंदौर आने वाले रिश्तेदारों और बाहर से आने वाले मेहमानों को भी अब इस थिएटर का अनुभव कराया जा सकता है।

    14D थिएटर को लेकर युवाओं में भी खासा उत्साह दिखाई दिया। युवाओं ने बताया कि शहर में मनोरंजन के कई विकल्प मौजूद हैं लेकिन इस तरह का अनुभव अलग है। खास तौर पर सीटों की मूवमेंट और स्क्रीन पर दिखाई देने वाले दृश्यों के साथ होने वाले इफेक्ट्स ने उन्हें प्रभावित किया। पहले दिन बड़ी संख्या में युवाओं के पहुंचने से यह भी साफ हुआ कि थिएटर सिर्फ बच्चों तक सीमित आकर्षण नहीं है बल्कि अलग तरह के मनोरंजन की तलाश करने वाले लोगों को भी आकर्षित कर रहा है।

    हालांकि वर्चुअल जंगल सफारी को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। कुछ लोगों को इसका अनुभव अच्छा लगा जबकि कुछ दर्शकों को यह उनकी उम्मीद के मुताबिक प्रभावी नहीं लगा। इसके बावजूद 14D थिएटर के मुख्य अनुभव को लेकर ज्यादातर दर्शकों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही।

    वहीं कुछ अभिभावकों ने छोटे बच्चों के टिकट की कीमत को लेकर भी सुझाव दिया। एक महिला दर्शक ने कहा कि छोटे बच्चों के लिए टिकट की दर कम होनी चाहिए क्योंकि अचानक होने वाली सीटों की तेज मूवमेंट और इफेक्ट्स से कुछ छोटे बच्चे डर सकते हैं। ऐसी स्थिति में माता पिता को शो बीच में छोड़कर बच्चे को बाहर लाना पड़ सकता है। इसके लिए छोटे बच्चों के टिकट पर अलग दर तय करने की मांग भी सामने आई।

    पहले ही दिन मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद कमला नेहरू जू का 14D थिएटर इंदौर में मनोरंजन के नए आकर्षण के तौर पर उभरता दिखाई दे रहा है। परिवार बच्चों और युवाओं की मौजूदगी ने इसकी लोकप्रियता की शुरुआत को खास बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि शुरुआती उत्साह के बाद भी दर्शकों की भीड़ इसी तरह बनी रहती है या नहीं।

  • वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर बरसे CM मोहन यादव, बोले- देशभक्ति के गीत का सम्मान करना चाहिए

    वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर बरसे CM मोहन यादव, बोले- देशभक्ति के गीत का सम्मान करना चाहिए


    इंदौर । इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार ऐसा अवसर आया है जब वंदे मातरम् को पूरे देश में व्यापक रूप से सम्मान दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता इस राष्ट्रीय गीत को लेकर सम्मान का भाव नहीं दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस न इंदौर में वंदे मातरम् गाती है और न ही दिल्ली में उसके नेता इसका सम्मान करते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से अपने रुख को लेकर देश से माफी मांगने की मांग की।

    मुख्यमंत्री इंदौर दौरे के दौरान शहर के चिड़ियाघर भी पहुंचे। यहां उन्होंने तोते उड़ाकर नए 14D थिएटर का शुभारंभ किया। इस थिएटर में दर्शकों को सामान्य फिल्म देखने से अलग तरह का अनुभव देने की व्यवस्था की गई है। थिएटर में करीब 20 मिनट के शो के लिए टिकट दर 70 रुपये निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई है। (naidunia.com)

    इंदौर में कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं बल्कि देश के स्वतंत्रता संघर्ष और राष्ट्रभक्ति की भावना से जुड़ा हुआ प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने लोगों में देश के प्रति समर्पण और राष्ट्रप्रेम की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इसे सम्मान मिलना पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के मौके पर देशभक्ति से जुड़े प्रतीकों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के कथित बयानों पर आपत्ति जताई और कहा कि यदि किसी नेता ने वंदे मातरम् का अपमान किया है तो उसे देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। हालांकि मुख्यमंत्री के इस बयान में जिन कांग्रेस नेताओं या बयानों का उल्लेख किया गया है उनकी विस्तृत जानकारी इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने अपने इंदौर दौरे के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि अटल जी की पुण्यतिथि पर देश उन्हें श्रद्धापूर्वक याद कर रहा है। मुख्यमंत्री ने उनके राजनीतिक जीवन और विपक्ष में लंबे समय तक काम करने का उल्लेख करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व में संवाद के जरिए समाधान निकालने और सभी को साथ लेकर चलने की विशेष क्षमता थी।

    मोहन यादव ने अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल से जुड़े कई प्रसंगों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने पड़ोसी देश के साथ संवाद का रास्ता अपनाया लेकिन जब पाकिस्तान ने इसका सम्मान नहीं किया तो कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने दृढ़ता के साथ जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने अटल जी के नेतृत्व को राष्ट्रहित और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति से जोड़ते हुए उनके योगदान को याद किया।

    मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन बलिदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करना नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का माध्यम है।

    इंदौर के चिड़ियाघर में 14D थिएटर का शुभारंभ शहर में मनोरंजन और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक नई पहल के तौर पर देखा जा रहा है। सामान्य थिएटर की तुलना में 14D तकनीक दर्शकों को स्क्रीन पर दिखाई जा रही कहानी के साथ अधिक इमर्सिव अनुभव देने के लिए जानी जाती है। इसमें दृश्य प्रभावों के साथ सीट मूवमेंट और अन्य प्रभावों का इस्तेमाल किया जाता है।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान मछलियां भी छोड़ीं और शहर की पर्यावरणीय तथा मनोरंजन संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इंदौर लगातार शहरी विकास के साथ पर्यटन और मनोरंजन के नए विकल्प विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    वंदे मातरम् को लेकर मुख्यमंत्री का बयान ऐसे समय में आया है जब स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में राष्ट्रीय प्रतीकों और देशभक्ति से जुड़े गीतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। मुख्यमंत्री ने इसे राजनीतिक विवाद से आगे देशभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान का विषय बताया। वहीं कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

  • इंदौर में विशालकाय कोबरा से दहशत, घर में छिपे 12 से 14 साल पुराने जहरीले सांप का सुरक्षित रेस्क्यू

    इंदौर में विशालकाय कोबरा से दहशत, घर में छिपे 12 से 14 साल पुराने जहरीले सांप का सुरक्षित रेस्क्यू


    इंदौर । इंदौर के श्रीयंत्र नगर में एक घर के भीतर पांच फीट लंबा विशाल कोबरा निकल आने से इलाके में दहशत फैल गई। परिवार के सदस्यों ने जैसे ही जहरीले सांप को देखा उनके होश उड़ गए। हालांकि घबराने के बजाय उन्होंने सूझबूझ दिखाई और तुरंत सर्पमित्र को सूचना दी। मौके पर पहुंचे सर्पमित्र ने महज पांच मिनट में कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे पकड़ लिया। बाद में सांप को प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

    जानकारी के अनुसार घटना सोमवार देर रात श्रीयंत्र नगर की है। परिवार के लोगों ने घर के भीतर एक बड़े आकार के कोबरा को देखा जो लोहे की चादर के नीचे छिपकर बैठा हुआ था। सांप का आकार और उसकी फुंफकार देखकर परिवार के सदस्य घबरा गए लेकिन किसी ने उसे छेड़ने की कोशिश नहीं की। सभी लोग सुरक्षित दूरी बनाकर लगातार सांप पर नजर रखते रहे ताकि उसके स्थान की जानकारी बनी रहे।

    सूचना मिलने पर सर्पमित्र महेंद्र श्रीवास्तव तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले घर के लोगों को शांत रहने और सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। इसके बाद सावधानीपूर्वक लोहे की चादर हटाई गई जहां कोबरा छिपा बैठा था। कुछ ही मिनटों की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। पूरी रेस्क्यू प्रक्रिया करीब पांच मिनट में पूरी हो गई।

    महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि कोबरा का आकार सामान्य से काफी बड़ा था। उसकी लंबाई करीब पांच फीट थी और शरीर की मोटाई भी अन्य कोबरा सांपों की तुलना में अधिक दिखाई दे रही थी। उनके अनुभव के अनुसार यह कोबरा लगभग 12 से 14 वर्ष की उम्र का हो सकता है। इतना बड़ा और परिपक्व कोबरा रिहायशी इलाके में दिखाई देना असामान्य माना जाता है।

    उन्होंने बताया कि मकान के आसपास खुला क्षेत्र होने के कारण संभावना है कि सांप वहीं से घर के भीतर पहुंच गया होगा। बरसात के मौसम में बिलों में पानी भरने या भोजन की तलाश में सांप अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं। ऐसे समय लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत होती है।

    महेंद्र ने यह भी बताया कि इसी परिवार के लोगों ने लगभग एक महीने पहले भी घर के आसपास एक कोबरा देखा था। संभव है कि वही सांप आसपास के क्षेत्र में रह रहा हो और दोबारा भोजन या सुरक्षित स्थान की तलाश में घर के अंदर पहुंच गया हो।

    रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित कंटेनर में रखा गया और मंगलवार को उसे जंगल में प्राकृतिक वातावरण के बीच छोड़ दिया गया। सर्पमित्र ने लोगों से अपील की कि यदि घर या आसपास कहीं भी सांप दिखाई दे तो उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें। तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित सर्पमित्र को सूचना दें क्योंकि अधिकांश मामलों में सांप बिना किसी नुकसान के सुरक्षित रेस्क्यू किए जा सकते हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में घर के आसपास झाड़ियां साफ रखें खुले स्थानों पर कबाड़ जमा न होने दें और बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखें। किसी भी जहरीले सांप के दिखाई देने पर घबराने के बजाय सतर्कता और समय पर सूचना देना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

  • उल्टियों से शुरू हुई परेशानी बनी मौत की वजह, इंदौर में 6 वर्षीय बच्चे की संदिग्ध मौत, पुलिस जांच में जुटी

    उल्टियों से शुरू हुई परेशानी बनी मौत की वजह, इंदौर में 6 वर्षीय बच्चे की संदिग्ध मौत, पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर । इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र में रहने वाले एक मजदूर परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब उनके छह वर्षीय बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मंगलवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद बच्चे को पहले स्थानीय क्लीनिक फिर निजी अस्पताल और आखिर में एमवाय अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है जिससे मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।

    पुलिस के अनुसार कनाड़िया क्षेत्र निवासी छह वर्षीय मनीष की तबीयत मंगलवार शाम अचानक खराब हो गई। बच्चे को लगातार उल्टियां होने लगीं जिससे परिजन घबरा गए। सबसे पहले उसे पास के एक क्लीनिक में दिखाया गया जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के साथ कुछ खिलाकर दवा देने की सलाह दी। परिवार को उम्मीद थी कि दवा लेने के बाद बच्चे की तबीयत में सुधार हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

    घर लौटते समय मनीष की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। उसे घबराहट और बेचैनी महसूस होने लगी जिससे परिवार के लोग और अधिक चिंतित हो गए। समय गंवाए बिना परिजन उसे तुरंत पास के एक अन्य अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां मौजूद डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया ताकि बेहतर इलाज मिल सके।

    देर रात परिजन मनीष को एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस घटना से परिवार सदमे में है और अस्पताल परिसर में परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस को घटना की सूचना मिलने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

    कनाड़िया थाना पुलिस ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। प्रारंभिक तौर पर मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं इसलिए शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्चे की मौत किसी बीमारी विषाक्तता या अन्य कारण से हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

    मृतक बच्चे के पिता कनसिंह ने बताया कि वह मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनका परिवार मूल रूप से खरगोन जिले के नागलवाड़ी क्षेत्र का रहने वाला है लेकिन रोजगार की तलाश में इंदौर के कनाड़िया इलाके में रह रहा है। मनीष परिवार का सबसे बड़ा बेटा था। उसके बाद एक छोटा भाई और एक बहन हैं। बेटे की अचानक मौत से पूरे परिवार पर गहरा दुख छा गया है।

    स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर दुख जताया और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। पड़ोसियों का कहना है कि मनीष सामान्य रूप से खेलकूद करने वाला स्वस्थ बच्चा था और उसकी अचानक मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अन्य संदिग्ध तथ्य सामने आते हैं तो उसके अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और पुलिस हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

  • राजबाड़ा बाजार में अचानक बिगड़ी तबीयत, देवास से खरीदारी करने आए व्यक्ति ने अस्पताल में तोड़ा दम

    राजबाड़ा बाजार में अचानक बिगड़ी तबीयत, देवास से खरीदारी करने आए व्यक्ति ने अस्पताल में तोड़ा दम


    इंदौर ।  इंदौर के व्यस्त राजबाड़ा बाजार में उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब देवास जिले के बागली से खरीदारी करने आए 50 वर्षीय व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की आशंका जताई है जबकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगी। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि हृदय संबंधी समस्याएं बिना किसी बड़े संकेत के भी अचानक सामने आ सकती हैं।

    मृतक की पहचान विक्रम पुत्र नाथूलाल चौहान निवासी बागली जिला देवास के रूप में हुई है। बताया गया कि वह अपने एक रिश्तेदार के साथ घरेलू खरीदारी के लिए इंदौर आए थे। दोनों राजबाड़ा क्षेत्र में अलग अलग दुकानों पर सामान खरीद रहे थे। इसी दौरान विक्रम एक दुकान पर बैठे हुए थे तभी उन्हें अचानक घबराहट महसूस हुई। आसपास मौजूद लोगों के अनुसार कुछ ही क्षणों में उनकी तबीयत और बिगड़ गई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।

    घटना होते ही वहां मौजूद लोगों ने तुरंत मानवता का परिचय दिया और बिना समय गंवाए उन्हें ऑटो की मदद से महाराजा यशवंतराव अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल जांच की लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में मौत की वजह हार्ट अटैक मानी जा रही है हालांकि पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक अंतिम कारण पर कुछ भी कहने से इनकार किया है।

    घटना की सूचना मिलते ही सराफा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। यदि किसी अन्य चिकित्सकीय कारण का पता चलता है तो उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    परिजनों के अनुसार विक्रम सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए थे और बागली क्षेत्र में एक गैर सरकारी संस्था के साथ काम करते थे। उनका व्यवहार मिलनसार था और समाज सेवा में उनकी सक्रिय भूमिका रही थी। परिवार में पत्नी चार बच्चे और अन्य सदस्य हैं। अचानक हुई इस घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जैसे ही मौत की खबर गांव पहुंची परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।

    चिकित्सकों का कहना है कि लगातार बढ़ती भागदौड़ तनाव अनियमित दिनचर्या और हृदय रोगों के प्रति लापरवाही के कारण इस तरह की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। यदि किसी व्यक्ति को अचानक सीने में दर्द घबराहट सांस लेने में तकलीफ अत्यधिक पसीना या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना बेहद जरूरी है। समय पर इलाज मिलने से कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।

    यह दुखद घटना एक बार फिर स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की जरूरत को रेखांकित करती है। नियमित स्वास्थ्य जांच संतुलित जीवनशैली और समय पर चिकित्सा सलाह हृदय संबंधी गंभीर जोखिमों को काफी हद तक कम कर सकती है। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद लोगों की तत्परता भी आपातकालीन परिस्थितियों में किसी की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

  • पानी की टंकी में मिली डिकंपोज बॉडी, फिनाइल डालने की सलाह पड़ी भारी; फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने बताया क्यों है खतरनाक

    पानी की टंकी में मिली डिकंपोज बॉडी, फिनाइल डालने की सलाह पड़ी भारी; फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने बताया क्यों है खतरनाक


    इंदौर इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र स्थित जबरन कॉलोनी में एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां एक व्यक्ति का सड़ा-गला शव उसके घर की पानी की टंकी से बरामद किया गया। कई दिनों तक लापता रहने के बाद जब घर से तेज दुर्गंध आने लगी तो पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच के बाद टंकी से शव बाहर निकलवाया। प्रारंभिक जांच में पानी में डूबने से मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 45 वर्षीय ओमप्रकाश उर्फ पप्पू मालवीय के रूप में हुई है। वह पेशे से पुताई का काम करता था और जबरन कॉलोनी में अकेले रहता था। परिजनों ने बताया कि उसकी पत्नी और बेटी कई वर्ष पहले उसे छोड़कर चली गई थीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक वह शराब पीने का आदी भी था।

    बताया जा रहा है कि रविवार के बाद से ओमप्रकाश किसी को दिखाई नहीं दिया। पहले लोगों ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद उसके घर से तेज बदबू आने लगी। जब लोगों ने घर का गेट खोलकर देखा तो पानी की टंकी से दुर्गंध आ रही थी। सूचना मिलते ही रावजी बाजार थाना पुलिस, एफएसएल टीम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।

    करीब सात फीट गहरी और साढ़े तीन फीट चौड़ी पानी की टंकी में लगभग डेढ़ फीट पानी भरा हुआ था। उसी में ओमप्रकाश का शव डूबा मिला। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव पूरी तरह डिकंपोज हो चुका था और शरीर की चमड़ी भी निकलने लगी थी। शव की स्थिति इतनी खराब थी कि पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई थी। संकरी टंकी से शव निकालना भी बेहद मुश्किल साबित हुआ। इसके लिए मौके पर मौजूद टीम को फर्श का हिस्सा तोड़ना पड़ा, तब जाकर शव को बाहर निकाला जा सका।

    शव निकालने के दौरान एक दिलचस्प लेकिन महत्वपूर्ण स्थिति भी सामने आई। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बदबू कम करने के लिए पानी की टंकी में फिनाइल डालने की सलाह दी। यहां तक कि कुछ लोग फिनाइल की बोतल भी ले आए थे, लेकिन पुलिस ने तत्काल उन्हें रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का रासायनिक पदार्थ डालने से जांच प्रभावित हो सकती है और पोस्टमार्टम के दौरान भी यह गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।

    इस पूरे मामले पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने भी पुलिस के फैसले को सही बताया। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. बी.के. सिंह के अनुसार, डिकंपोज शव वाले पानी में फिनाइल या कोई अन्य केमिकल मिलाने से वह शव के हर हिस्से तक पहुंच जाता है। इससे पोस्टमार्टम के दौरान मिलने वाले महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य और निष्कर्ष प्रभावित हो सकते हैं, जिससे मौत के कारणों का सही आकलन करना कठिन हो जाता है।

    उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में शव भले ही अत्यधिक सड़ चुका हो और दुर्गंध असहनीय हो, फिर भी वैज्ञानिक जांच की शुद्धता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ और डॉक्टर कई बार दो से तीन जोड़ी दस्ताने पहनकर पोस्टमार्टम करते हैं, ताकि आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए जांच पूरी की जा सके।

    फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह हादसा था, आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।

  • वीर सपूत को इंदौर का सलाम, मेजर हमजा आरिफ को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, हर आंख हुई नम

    वीर सपूत को इंदौर का सलाम, मेजर हमजा आरिफ को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, हर आंख हुई नम


    इंदौर  इंदौर ने रविवार को अपने वीर सपूत मेजर हमजा आरिफ को पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। एक महीने पहले जिस घर में शादी की खुशियां और शहनाइयों की गूंज थी, वहीं अब मातम पसरा हुआ था। तिरंगे में लिपटे मेजर हमजा आरिफ का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके घर पहुंचा, परिजनों का दर्द और पूरे शहर की भावनाएं एक साथ उमड़ पड़ीं। पत्नी ज्योति अरोरा की आंखों से बहते आंसू, माता-पिता की खामोशी और सेना की अंतिम सलामी ने हर मौजूद व्यक्ति को भावुक कर दिया।

    रविवार सुबह सैफी नगर में मेजर हमजा आरिफ की जनाजे की नमाज अदा की गई। इसके बाद भारतीय सेना के वाहन में तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर अंतिम यात्रा के लिए रवाना हुआ। अंतिम यात्रा सैफी नगर से माणिकबाग पुल, कलेक्टर चौराहा, राजबाड़ा और सदर बाजार होते हुए इमली बाजार स्थित शिया दाऊदी बोहरा कब्रिस्तान पहुंची। पूरे रास्ते शहरवासियों ने अपने वीर अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। कई लोगों ने घरों और दुकानों के बाहर खड़े होकर हाथ जोड़कर नमन किया, जबकि अनेक लोगों ने सैल्यूट कर सम्मान व्यक्त किया।

    राजबाड़ा पर अंतिम यात्रा के पहुंचते ही वातावरण देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। “भारत माता की जय” और “मेजर हमजा आरिफ अमर रहें” के नारों के बीच हजारों लोगों ने अपने वीर सपूत को अंतिम सलाम किया। शहरवासियों की भीड़ इस बात की गवाह बनी कि देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिक के प्रति समाज में कितना सम्मान और आदर है।

    कब्रिस्तान में भारतीय सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया और अपने साथी अधिकारी को अंतिम सलामी अर्पित की। इसके बाद धार्मिक परंपराओं के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में शहरवासी, समाजजन, रिश्तेदार और मित्र भी मौजूद रहे।

    अंतिम विदाई का सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब मेजर हमजा आरिफ की पत्नी ज्योति अरोरा अपने पति को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। कांपते हाथों से उन्होंने तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को नमन किया, लेकिन अपने आंसुओं को रोक नहीं सकीं। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सेना के अधिकारियों ने वह तिरंगा उन्हें सौंपा जिसमें मेजर हमजा आरिफ लिपटकर अपने घर लौटे थे। उन्होंने उस तिरंगे को सीने से लगाकर अपने जीवनसाथी को अंतिम विदाई दी। वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

    परिजनों ने बताया कि मेजर हमजा आरिफ का विवाह महज एक महीने पहले ही हुआ था। शादी के बाद वह कुछ दिनों की छुट्टी बिताकर अपनी ड्यूटी पर लौट गए थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि नई जिंदगी की शुरुआत के कुछ ही दिनों बाद वह तिरंगे में लिपटकर अपने घर वापस आएंगे।

    गौरतलब है कि गुरुवार देर रात राजस्थान के जैसलमेर जिले में ड्यूटी से लौटते समय सेना के वाहन के सामने अचानक एक ऊंट आ गया। टक्कर के बाद वाहन अनियंत्रित होकर कई बार पलट गया। हादसे में 31 वर्षीय मेजर हमजा आरिफ का मौके पर ही निधन हो गया, जबकि उनके साथ मौजूद दो लेफ्टिनेंट गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों का सैन्य अस्पताल में उपचार जारी है। नौ वर्षों तक भारतीय सेना में सेवाएं देने वाले मेजर हमजा आरिफ अपने पीछे माता-पिता, पत्नी और तीन बहनों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका बलिदान केवल उनके परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे इंदौर और देश के लिए गर्व और भावनाओं का विषय बन गया है।