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  • श्रीदेवी की याद दिलाने वाली अदाओं से छाईं कंटेंट क्रिएटर, वायरल वीडियो देख फैंस बोले- फिर लौट आईं 'हवा हवाई'

    श्रीदेवी की याद दिलाने वाली अदाओं से छाईं कंटेंट क्रिएटर, वायरल वीडियो देख फैंस बोले- फिर लौट आईं 'हवा हवाई'

    नई दिल्ली । दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी को आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिभाशाली और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिना जाता है। उनकी अभिनय शैली, नृत्य, चुलबुला अंदाज और सहज अभिव्यक्ति आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है। उनके निधन के वर्षों बाद भी प्रशंसक उन्हें याद करते हैं और उनके गीतों व फिल्मों को बड़े उत्साह से देखते हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक कंटेंट क्रिएटर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर कई लोग श्रीदेवी की याद ताजा होने की बात कह रहे हैं।

    इन दिनों भूमिका तिवारी नाम की कंटेंट क्रिएटर इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने फिल्म ‘चालबाज़’ के लोकप्रिय गीत ‘किसी के हाथ ना आएगी’ पर एक डांस वीडियो साझा किया है। वीडियो में उन्होंने श्रीदेवी की शैली से प्रेरित वेशभूषा, हावभाव और नृत्य प्रस्तुति को अपनाने की कोशिश की है। उनके एक्सप्रेशन और प्रस्तुति ने बड़ी संख्या में सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

    वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने भूमिका की तुलना सीधे श्रीदेवी से करनी शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि उनके चेहरे के भाव, मासूम मुस्कान और चुलबुले अंदाज में उन्हें दिवंगत अभिनेत्री की झलक दिखाई देती है। हालांकि यह प्रशंसकों की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया है, लेकिन वीडियो ने इंटरनेट पर व्यापक चर्चा जरूर छेड़ दी है।

    भूमिका तिवारी लंबे समय से श्रीदेवी के लोकप्रिय गीतों पर आधारित डांस रील्स बनाती रही हैं। उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल पर ऐसे कई वीडियो मौजूद हैं, जिनमें उन्होंने अभिनेत्री के यादगार गानों को अपने अंदाज में प्रस्तुत किया है। इसी निरंतरता ने उन्हें बड़ी संख्या में दर्शकों तक पहुंचाया है। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जहां उनके वीडियो नियमित रूप से अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त करते हैं।

    वायरल हुए इस वीडियो को भी बड़ी संख्या में लोगों ने पसंद किया है। इसे एक लाख से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं और कमेंट सेक्शन में हजारों यूजर्स ने उनकी प्रस्तुति की सराहना की है। कई लोगों ने लिखा कि उनके एक्सप्रेशन बेहद प्रभावशाली हैं, जबकि कुछ ने कहा कि वीडियो देखकर उन्हें श्रीदेवी की फिल्मों की याद आ गई। कई प्रशंसकों ने उन्हें भविष्य में फिल्मों में अभिनय करने की सलाह भी दी और उनके आत्मविश्वास तथा स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ की।

    सोशल मीडिया के दौर में ऐसे कई कलाकार सामने आए हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर अलग पहचान बनाई है। किसी लोकप्रिय अभिनेता या अभिनेत्री की शैली से प्रेरित प्रस्तुति दर्शकों का ध्यान आकर्षित करती है, लेकिन अपनी अलग पहचान बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है। भूमिका तिवारी का यह वीडियो भी इसी वजह से चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने अपने प्रदर्शन के माध्यम से दिवंगत अभिनेत्री को श्रद्धांजलि देने का प्रयास किया है।

    श्रीदेवी भारतीय सिनेमा की उन अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं, जिनकी फिल्मों और गीतों का प्रभाव आज भी दर्शकों के बीच बरकरार है। यही कारण है कि जब भी कोई कलाकार उनके अंदाज को मंच या सोशल मीडिया पर प्रस्तुत करता है, दर्शकों की उत्सुकता स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। भूमिका तिवारी का यह वीडियो भी इसी कड़ी में इंटरनेट पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • कंगना रनौत ने बयान पर दी सफाई, बोलीं- अशोभनीय हरकतों का किया था विरोध, मीडिया पर लगाया बयान तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप

    कंगना रनौत ने बयान पर दी सफाई, बोलीं- अशोभनीय हरकतों का किया था विरोध, मीडिया पर लगाया बयान तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप

    नई दिल्ली । अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत के छात्र विरोध प्रदर्शन को लेकर दिए गए हालिया बयान पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बढ़ते विवाद के बीच कंगना ने एक नया वीडियो जारी कर अपने बयान पर विस्तृत सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया और उनके पूरे बयान को दिखाने के बजाय केवल चुनिंदा हिस्सों को प्रचारित किया गया। उनका कहना है कि उन्होंने किसी वर्ग विशेष को निशाना नहीं बनाया, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर अशोभनीय व्यवहार का विरोध किया था।

    कंगना ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि उन्होंने सड़क पर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की मौजूदगी में होने वाली अभद्र भाषा और अश्लील हरकतों को सामान्य मानने से इनकार किया था। उनके अनुसार ऐसे व्यवहार को सामाजिक स्वीकृति नहीं दी जा सकती और समाज को इस तरह की प्रवृत्तियों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ सामाजिक वातावरण बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

    अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि उनके बयान के बाद मीडिया के एक वर्ग ने उन्हें लगातार निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि उनके सकारात्मक विचारों और अन्य मुद्दों पर दिए गए बयानों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि विवादित हिस्से को बार-बार प्रसारित किया जा रहा है। उनके मुताबिक टीआरपी, लाइक्स और व्यूज की होड़ में उनके पूरे संदेश को सामने नहीं रखा गया, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी।

    कंगना ने यह भी कहा कि उन्होंने हाल के दिनों में देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों की सराहना की है और युवाओं, विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों तथा देश को आगे बढ़ाने वाली नई पीढ़ी की प्रशंसा भी की है। उनका दावा है कि इन सकारात्मक बयानों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया और केवल विवाद से जुड़े अंशों को प्रमुखता मिली।

    वीडियो में उन्होंने अपने आलोचकों की प्रतिक्रियाओं पर भी टिप्पणी की। कंगना ने कहा कि कुछ लोग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गलत व्याख्या कर रहे हैं। उनके अनुसार व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं है कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसा व्यवहार किया जाए जिससे दूसरे लोगों की भावनाएं, आस्था या सम्मान प्रभावित हों। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में अधिकारों के साथ जिम्मेदारियां भी जुड़ी होती हैं और सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।

    उन्होंने आगे कहा कि समाज में अनुशासन और शालीनता का पालन प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक यदि कोई व्यक्ति सामाजिक या पेशेवर जीवन में मर्यादाओं का पालन नहीं करता तो उसे इसके परिणाम भी भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन का उद्देश्य स्वयं को बेहतर बनाना और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना होना चाहिए, न कि ऐसे आचरण को बढ़ावा देना जिससे सामाजिक व्यवस्था प्रभावित हो।

    वीडियो के अंत में कंगना रनौत ने सभी देशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लोगों से अपने गुरुओं के बताए मार्ग पर चलने, जीवन में अनुशासन अपनाने और निरंतर बेहतर इंसान बनने का संदेश दिया। उनके इस नए वीडियो के सामने आने के बाद भी उनके बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है, जबकि समर्थक और आलोचक दोनों अपने-अपने पक्ष पर कायम दिखाई दे रहे हैं।

  • प्रदर्शनकारियों पर कंगना रनौत का तीखा हमला, बोलीं- "हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है, अब रोने की जरूरत नहीं"

    प्रदर्शनकारियों पर कंगना रनौत का तीखा हमला, बोलीं- "हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है, अब रोने की जरूरत नहीं"

    नई दिल्ली। भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में अपनी बात रखने वाले लोगों को आलोचना और प्रतिक्रिया का सामना करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा किए गए अपने संदेश में कंगना ने प्रदर्शनकारियों के व्यवहार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

    कंगना रनौत ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सड़कों पर जिन प्रदर्शनकारियों को आम लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है, उसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार हैं। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर उनकी अभद्र और आपत्तिजनक सामग्री के कारण जनता में नाराजगी बढ़ी है। कंगना ने कहा कि जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखता है, तो उसे दूसरों की प्रतिक्रिया सुनने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।

    उन्होंने आगे लिखा कि यदि कोई सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो जनता भी उसके प्रति नाराजगी व्यक्त कर सकती है। कंगना के अनुसार यदि किसी को सरकार या देश की नीतियों से असहमति है और वह सार्वजनिक मंचों पर अपमानजनक भाषा का प्रयोग करता है, तो उन लोगों को भी अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है जो देश और सरकार का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को अपनी राय रखने का समान अधिकार है।

    अपनी पोस्ट में कंगना ने न्यूटन के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए लिखा कि हर क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। उन्होंने कहा कि यदि अब तक लोग कारण और प्रभाव के सिद्धांत को नहीं समझ पाए हैं, तो मौजूदा परिस्थितियां उन्हें यह बात अच्छी तरह समझा देंगी। उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है और समर्थक व आलोचक दोनों अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।

    दरअसल, हाल के दिनों में छात्र आंदोलन और उससे जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए हैं। इन्हीं घटनाओं के संदर्भ में कंगना लगातार अपनी प्रतिक्रिया देती रही हैं। इससे पहले भी उन्होंने प्रदर्शनकारियों की भाषा और विरोध के तरीके पर सवाल उठाते हुए कई पोस्ट साझा किए थे। उन्होंने कुछ वायरल वीडियो का उल्लेख करते हुए प्रदर्शनकारियों की भाषा और व्यवहार की आलोचना की थी।

    कंगना ने इससे पहले एक अन्य पोस्ट में प्रदर्शनकारी युवाओं को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए लिखा था कि उन्होंने एक साथ इतनी अभद्रता पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने कुछ वीडियो को परेशान करने वाला बताते हुए युवाओं की भाषा, व्यवहार और परवरिश पर भी सवाल उठाए थे। उनके इन बयानों ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस को जन्म दिया था और विभिन्न वर्गों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।

    भाजपा सांसद होने के साथ-साथ कंगना रनौत सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखने के लिए जानी जाती हैं। उनके कई बयान पहले भी राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन चुके हैं। इस बार भी उनका ताजा बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। हालांकि, इस मुद्दे पर प्रदर्शनकारियों या संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

  • आरक्षण नीति पर डिजिटल मंचों पर छिड़ी नई बहस के बीच सोशल मीडिया अभियान तेजी से युवा आबादी को कर रहा आकर्षित

    आरक्षण नीति पर डिजिटल मंचों पर छिड़ी नई बहस के बीच सोशल मीडिया अभियान तेजी से युवा आबादी को कर रहा आकर्षित

    नई दिल्ली । परीक्षा प्रणालियों में सुधार की मांगों के बाद अब युवाओं ने देश की मौजूदा आरक्षण व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया मंचों पर एक नया व्यापक अभियान छेड़ दिया है। डिजिटल माध्यमों से शुरू हुई इस पहल को महज दो दिनों के भीतर लाखों की संख्या में युवाओं का समर्थन मिला है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बने विशेष पेज ने बहुत ही कम समय में रिकॉर्ड फॉलोअर्स जुटाकर इस विषय को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला खड़ा किया है। इस डिजिटल गोलबंदी को केवल ऑनलाइन तक सीमित न रखते हुए आयोजकों ने अब इसे राजधानी के जंतर-मंतर पर प्रत्यक्ष प्रदर्शन में बदलने की तैयारी शुरू कर दी है।

    इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य मौजूदा जातिगत आरक्षण प्रणाली के स्थान पर पूर्णतः योग्यता और आर्थिक स्थिति पर आधारित चयन प्रक्रिया को लागू कराना है। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों का तर्क है कि प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों में निष्पक्ष अवसरों के लिए पारदर्शी नीतियां आवश्यक हैं। इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए एक समर्पित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वेबसाइट तैयार की गई है, जिसके माध्यम से युवाओं को संगठित किया जा रहा है। अलग-अलग राज्यों से जुड़ रहे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र इस मंच पर खुलकर अपनी प्रतिक्रियाएं और अनुभव साझा कर रहे हैं।

    दूसरी ओर, इस ऑनलाइन पहल के सामने आते ही सोशल मीडिया पर नीति के पक्षधर समूहों की ओर से भी तीखी प्रतिक्रियाएं दर्ज की जा रही हैं। आरक्षण व्यवस्था का समर्थन करने वाले वर्गों का कहना है कि जब तक समाज से सामाजिक विषमताएं पूरी तरह समाप्त नहीं हो जातीं, तब तक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए यह संवैधानिक ढांचा अनिवार्य है। इसके जवाब में कई नए पेज और ऑनलाइन समूह भी सक्रिय हो गए हैं जो मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के सामाजिक महत्व को रेखांकित कर रहे हैं। इस प्रकार डिजिटल स्पेस में दोनों पक्षों के बीच विचारों का तीखा आदान-प्रदान देखने को मिल रहा है।

    युवाओं के इस तेजी से बढ़ते रुख को देखते हुए सामाजिक और नीतिगत विश्लेषक इसे नए दौर का डिजिटल जनआंदोलन मान रहे हैं। अभियान के आयोजक अब इस ऑनलाइन समर्थन को एक संगठित ढांचा देने के लिए ऑनलाइन सदस्यता और देशव्यापी नेटवर्किंग पर बल दे रहे हैं। आने वाले समय में यदि यह अभियान दिल्ली की सड़कों तक पहुंचता है, तो यह प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों के लिए एक नई चुनौती पेश कर सकता है। फिलहाल, डिजिटल मंचों पर यह विषय शीर्ष रुझानों में बना हुआ है और युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।

  • इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी का जलवा रिकॉर्ड व्यूज के बाद युवाओं के लिए जारी किया खास धन्यवाद संदेश

    इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी का जलवा रिकॉर्ड व्यूज के बाद युवाओं के लिए जारी किया खास धन्यवाद संदेश


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए देश के युवाओं और नागरिकों से संवाद स्थापित किया है। हाल ही में जारी उनके वीडियो संदेश को मिली अभूतपूर्व प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने नया वीडियो साझा कर सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। खास तौर पर युवाओं और जेन जी का धन्यवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों का स्नेह और सकारात्मक सुझाव उन्हें लगातार प्रेरित करते हैं तथा भविष्य में भी यह संवाद और अधिक मजबूती के साथ जारी रहेगा।

    अपने नए वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली रात देशवासियों से संवाद का अवसर मिला और जिस तरह लोगों ने वीडियो को देखा उस पर अपनी प्रतिक्रिया दी तथा सकारात्मक सुझाव साझा किए उसके लिए वह सभी के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है और आने वाले समय में भी यह रिश्ता लगातार मजबूत होता रहेगा। वीडियो के साथ साझा किए गए संदेश में भी प्रधानमंत्री ने युवाओं को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए लिखा कि जिन्होंने उनका वीडियो देखा और उस पर अपनी प्रतिक्रिया दी उनके प्रति वह आभार व्यक्त करते हैं।

    प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है जब उनका पिछला इंस्टाग्राम वीडियो सोशल मीडिया पर रिकॉर्ड व्यूज हासिल कर सुर्खियों में बना हुआ है। बताया जा रहा है कि वीडियो को पहले चौबीस घंटे के भीतर 30 करोड़ से अधिक बार देखा गया। इस असाधारण प्रतिक्रिया ने इसे इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले वीडियो में शामिल कर दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने वीडियो पर अपनी राय और सुझाव भी साझा किए जिससे यह सोशल मीडिया पर चर्चा का प्रमुख विषय बन गया।

    वीडियो की लोकप्रियता का असर प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी दिखाई दिया। रिकॉर्ड व्यूज के साथ उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर बड़ी संख्या में नए फॉलोअर्स जुड़े। इससे यह साफ हो गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री की पहुंच लगातार मजबूत बनी हुई है और युवाओं के बीच उनकी सक्रिय मौजूदगी पहले की तरह प्रभावी है।

    आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ऐसे वैश्विक राजनेता हैं जिन्होंने इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स का आंकड़ा पार किया है। सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता लंबे समय से चर्चा का विषय रही है और विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उनके वीडियो और संदेशों को बड़ी संख्या में लोग देखते और साझा करते हैं।

    सोशल मीडिया विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल माध्यम अब नेताओं और नागरिकों के बीच सीधे संवाद का सबसे प्रभावी मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री का ताजा वीडियो भी इसी बदलते दौर की एक मिसाल माना जा रहा है जहां कुछ ही घंटों में करोड़ों लोगों तक संदेश पहुंच गया। बड़ी संख्या में युवाओं ने वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर यह संकेत दिया कि सोशल मीडिया अब केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि जनसंवाद का भी महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन चुका है।

    प्रधानमंत्री के नए धन्यवाद संदेश को भी लोगों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उनके समर्थकों का कहना है कि जनता से सीधे संवाद की यह शैली लोकतांत्रिक सहभागिता को मजबूत बनाती है जबकि बड़ी संख्या में युवाओं ने इसे प्रेरणादायक पहल बताया है। रिकॉर्ड व्यूज और लगातार बढ़ती डिजिटल पहुंच के बीच प्रधानमंत्री का यह नया संदेश सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है।

  • इंस्टाग्राम पर फिर आए पीएम मोदी, युवाओं का जताया आभार, कहा- 'थैंक यू फ्रेंड्स'

    इंस्टाग्राम पर फिर आए पीएम मोदी, युवाओं का जताया आभार, कहा- 'थैंक यू फ्रेंड्स'


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर रात इंस्टाग्राम पर एक और वीडियो साझा कर युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स का आभार जताया। उन्होंने एक दिन पहले पोस्ट किए गए अपने वीडियो पर मिले सकारात्मक सुझावों और समर्थन के लिए लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका यह स्नेह और जुड़ाव आगे भी बना रहेगा।

    वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा, “थैंक यू फ्रेंड्स। कल देर रात आपसे जुड़ने का मौका मिला। मैंने जो वीडियो साझा किया था, उस पर आपने जिस तरह प्रतिक्रिया दी और सकारात्मक सुझाव दिए, उसके लिए आप सभी का धन्यवाद। आपका यह प्यार आगे भी बना रहेगा और हमारा संवाद लगातार मजबूत होता रहेगा। थैंक यू, थैंक यू दोस्तों।”

    वीडियो पोस्ट होने के महज 20 मिनट के भीतर इसे 10 लाख से अधिक बार देखा गया, जिससे सोशल मीडिया पर इसकी तेजी से चर्चा होने लगी।

    मंत्रियों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की सलाह
    हाल ही में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रिपरिषद के सदस्यों को सोशल मीडिया, विशेष रूप से इंस्टाग्राम पर अधिक सक्रिय रहने की सलाह दी थी। सूत्रों के अनुसार उन्होंने बैठक में यह भी पूछा कि कितने मंत्री नियमित रूप से इंस्टाग्राम का उपयोग करते हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा इस प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं, इसलिए सरकार को उनसे सीधे संवाद स्थापित करने और सरकारी योजनाओं व संदेशों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का अधिक उपयोग करना चाहिए।

    NEET मुद्दे पर भी दिया था संदेश
    इससे पहले गुरुवार रात करीब 11:52 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने एक सेल्फी वीडियो जारी कर छात्रों से सीधा संवाद किया था। उन्होंने NEET पेपर लीक विवाद का जिक्र करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और पेपर लीक जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    उन्होंने कहा था कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में सरकार फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था और परीक्षा संबंधी अपराधों पर कड़ी सजा के प्रावधान वाले प्रस्तावित कानून पर भी विचार कर रही है।

  • अदनान शेख के बयान पर उर्फी जावेद का तीखा पलटवार, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस …

    अदनान शेख के बयान पर उर्फी जावेद का तीखा पलटवार, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस …


    नई दिल्ली ।
    सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अदनान शेख की एक टिप्पणी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक पॉडकास्ट के दौरान विधवा और तलाकशुदा महिलाओं पर दिए गए उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। कई लोगों ने उनकी भाषा और शब्दों के चयन पर आपत्ति जताई, जबकि अभिनेत्री और सोशल मीडिया हस्ती उर्फी जावेद ने भी इस मामले में खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद यह मुद्दा इंटरनेट पर व्यापक चर्चा का विषय बन गया।

    विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक बातचीत के दौरान अदनान शेख से इस्लाम में चार शादियों से जुड़े विषय पर सवाल पूछा गया। जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति विधवा या तलाकशुदा महिला से विवाह करना चाहता है तो समाज को इसका विरोध नहीं करना चाहिए। हालांकि अपनी बात समझाने के दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए एक ऐसा शब्द इस्तेमाल किया, जिसे बड़ी संख्या में लोगों ने अपमानजनक और असंवेदनशील माना। बयान सामने आने के बाद उसका वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    वीडियो वायरल होने के बाद अभिनेत्री उर्फी जावेद ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया कि इस तरह की भाषा बोलने की अनुमति ऐसे लोगों को क्यों मिलनी चाहिए। उर्फी ने महिलाओं के सम्मान और गरिमा का मुद्दा उठाते हुए बयान की आलोचना की। उनकी प्रतिक्रिया के बाद यह विवाद और अधिक चर्चा में आ गया तथा सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी राय व्यक्त की।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई उपयोगकर्ताओं ने भी अदनान शेख के बयान पर आपत्ति दर्ज कराई। लोगों का कहना है कि किसी भी महिला के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग स्वीकार्य नहीं हो सकता। कई प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया कि यदि उनका उद्देश्य विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के पुनर्विवाह का समर्थन करना था, तब भी अपनी बात सम्मानजनक और संवेदनशील भाषा में रखी जानी चाहिए थी। वहीं कुछ लोगों ने सार्वजनिक मंचों पर जिम्मेदारी के साथ बयान देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

    यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब सोशल मीडिया पर सार्वजनिक व्यक्तियों के बयानों को लेकर जवाबदेही और संवेदनशीलता पर लगातार चर्चा होती रही है। किसी भी टिप्पणी का प्रभाव लाखों लोगों तक पहुंचता है, इसलिए शब्दों के चयन को लेकर अधिक सतर्क रहने की अपेक्षा की जाती है। विशेष रूप से महिलाओं से जुड़े सामाजिक मुद्दों पर दिए गए बयान व्यापक सामाजिक प्रतिक्रिया का कारण बन सकते हैं।

    फिलहाल इस पूरे मामले में अदनान शेख की ओर से विवाद को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर यह बहस जारी है कि सार्वजनिक मंचों पर व्यक्त किए जाने वाले विचारों में भाषा की मर्यादा और सामाजिक संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रभावशाली व्यक्तियों के सार्वजनिक बयान समाज में किस तरह का संदेश छोड़ते हैं और उनकी जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण होती है।

  • दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में दीपिका पादुकोण, सोशल मीडिया पोस्ट से साझा की थर्ड ट्राइमेस्टर की चुनौतियां, जल्द घर आएगा नया मेहमान

    दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में दीपिका पादुकोण, सोशल मीडिया पोस्ट से साझा की थर्ड ट्राइमेस्टर की चुनौतियां, जल्द घर आएगा नया मेहमान

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में हैं और जल्द ही अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने वाली हैं। लंबे समय से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रह रही अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक हल्के-फुल्के अंदाज में वीडियो साझा कर अपने प्रशंसकों को प्रेग्नेंसी से जुड़ा नया अपडेट दिया। उनकी इस पोस्ट को बड़ी संख्या में लोगों ने पसंद किया और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दीं।

    दीपिका ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के दौरान होने वाली सामान्य शारीरिक असुविधाओं को हास्यपूर्ण अंदाज में दिखाया गया है। वीडियो में एक गर्भवती महिला को धीरे-धीरे चलते हुए दिखाया गया है, जो अंतिम महीनों में होने वाली शारीरिक चुनौतियों की झलक पेश करता है। अभिनेत्री ने इस पोस्ट के साथ केवल एक साधारण इमोजी साझा किया, लेकिन बिना अधिक शब्दों के भी उनका संदेश प्रशंसकों तक आसानी से पहुंच गया।

    प्रेग्नेंसी के इस अंतिम दौर में दीपिका की पोस्ट को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली। प्रशंसकों ने उनकी सहज अभिव्यक्ति की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने गर्भावस्था के अनुभव को बेहद स्वाभाविक और सकारात्मक तरीके से साझा किया है। कई लोगों ने उनके स्वस्थ रहने और सुरक्षित डिलीवरी की शुभकामनाएं भी दीं।

    दीपिका पादुकोण और अभिनेता रणवीर सिंह ने इसी वर्ष अप्रैल में दूसरी बार माता-पिता बनने की खुशखबरी साझा की थी। दोनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी अपने प्रशंसकों तक पहुंचाई थी, जिसके बाद फिल्म जगत और उनके चाहने वालों ने उन्हें बधाई दी थी। इससे पहले दोनों ने सितंबर 2024 में अपनी पहली संतान, बेटी दुआ का स्वागत किया था। बेटी के जन्म के बाद भी यह जोड़ी लगातार अपने पारिवारिक जीवन को लेकर चर्चा में रही है।

    गर्भावस्था के दौरान भी दीपिका ने अपने पेशेवर दायित्वों को प्राथमिकता दी। जानकारी के अनुसार उन्होंने अपनी आगामी फिल्म ‘किंग’ की अंतरराष्ट्रीय शूटिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा किया और उसके बाद भारत लौट आईं। इस फिल्म में उनके साथ शाहरुख खान, सुहाना खान और अभिषेक बच्चन भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म वर्ष 2026 के अंत में सिनेमाघरों में रिलीज होने की तैयारी में है और इसे लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है।

    इसके अलावा दीपिका आने वाले समय में कई अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स का भी हिस्सा हैं। बताया जा रहा है कि वह निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में विशेष भूमिका निभाती दिखाई देंगी। साथ ही वह अभिनेता अल्लू अर्जुन की बहुप्रतीक्षित पैन इंडिया फिल्म ‘राका’ से भी जुड़ी हुई हैं। हालांकि फिलहाल अभिनेत्री अपना अधिकतर समय परिवार और स्वास्थ्य पर केंद्रित कर रही हैं।

    दीपिका पादुकोण की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने यह भी दिखाया कि वह अपने निजी अनुभवों को प्रशंसकों के साथ सहजता से साझा करना पसंद करती हैं। उनकी यह सादगी और सकारात्मक प्रस्तुति लोगों को पसंद आई है। अब उनके प्रशंसक बेसब्री से उस पल का इंतजार कर रहे हैं, जब दीपिका और रणवीर अपने दूसरे बच्चे के आगमन की खुशखबरी साझा करेंगे।

  • टीवी होस्ट मनीष पॉल की मां उर्मिल पॉल का निधन, भावुक श्रद्धांजलि से छलका दर्द, फिल्म और टीवी जगत ने जताई संवेदना

    टीवी होस्ट मनीष पॉल की मां उर्मिल पॉल का निधन, भावुक श्रद्धांजलि से छलका दर्द, फिल्म और टीवी जगत ने जताई संवेदना

    नई दिल्ली । अभिनेता और लोकप्रिय टीवी होस्ट मनीष पॉल की मां उर्मिल पॉल का 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया। इस दुखद समाचार की जानकारी स्वयं मनीष पॉल ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा कर दी। उन्होंने अपनी मां को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साथ बिताए जीवन के अनमोल पलों को याद किया और उनके जाने को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी व्यक्तिगत क्षति बताया। इस खबर के सामने आने के बाद फिल्म और टेलीविजन जगत से जुड़े कई कलाकारों ने उनके प्रति संवेदना व्यक्त की।

    मनीष पॉल ने अपने संदेश में लिखा कि उनकी मां केवल परिवार की सदस्य नहीं थीं, बल्कि उनकी सबसे बड़ी ताकत, प्रेरणा और जीवन का सबसे सुरक्षित सहारा थीं। उन्होंने कहा कि मां के जाने के बाद जीवन में ऐसा खालीपन आ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी लिखा कि अब उनके पास मां की सीख, स्नेह, साहस और संस्कार ही ऐसी अमूल्य विरासत हैं, जो हमेशा उनके जीवन का मार्गदर्शन करती रहेंगी।

    अपने भावुक संदेश में मनीष ने मां के प्रति आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिस निस्वार्थ प्रेम और अपनापन उन्हें अपनी मां से मिला, उसके लिए वह जीवनभर कृतज्ञ रहेंगे। उन्होंने उनकी आत्मा की शांति की कामना करते हुए विश्वास जताया कि एक दिन फिर उनसे मुलाकात होगी। इस भावनात्मक संदेश ने उनके प्रशंसकों और शुभचिंतकों को भी भावुक कर दिया।

    मां के निधन की खबर सामने आने के बाद मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से मनीष पॉल और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं। कई कलाकारों ने उन्हें इस कठिन समय में मजबूत बने रहने की शुभकामनाएं दीं और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही अनेक प्रशंसकों ने भी शोक संदेश साझा करते हुए परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

    मनीष पॉल लंबे समय से भारतीय टेलीविजन और मनोरंजन उद्योग का चर्चित चेहरा रहे हैं। अपने सहज अंदाज, हास्य शैली और प्रभावशाली मंच संचालन के कारण उन्होंने दर्शकों के बीच विशेष पहचान बनाई है। ऐसे समय में उनके निजी जीवन में आई इस अपूरणीय क्षति पर उनके प्रशंसकों ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है।

    परिवार के लिए किसी प्रिय सदस्य का निधन अत्यंत कठिन और भावनात्मक क्षण होता है। ऐसे समय में मिलने वाला सामाजिक सहयोग और संवेदनाएं परिवार को मानसिक संबल प्रदान करती हैं। मनीष पॉल के संदेश में भी मां के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जिसने अनेक लोगों को भावुक कर दिया।

    उर्मिल पॉल के निधन के बाद उनके परिवार में शोक का माहौल है। अंतिम संस्कार और अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं की गई है। फिलहाल मनोरंजन जगत, मित्रों और प्रशंसकों की ओर से लगातार शोक संदेश सामने आ रहे हैं। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए मनीष पॉल और उनके परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति मिलने की कामना की है।

  • युवाओं को सोशल मीडिया की लत का आरोप मेटा पर 1.4 खरब डॉलर जुर्माने की मांग से बढ़ीं मुश्किलें

    युवाओं को सोशल मीडिया की लत का आरोप मेटा पर 1.4 खरब डॉलर जुर्माने की मांग से बढ़ीं मुश्किलें


    नई दिल्ली । अमेरिका में सोशल मीडिया कंपनी मेटा एक बार फिर कानूनी विवादों के केंद्र में आ गई है। फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी पर आरोप लगाया गया है कि उसने अपने प्लेटफॉर्म को इस तरह डिजाइन किया जिससे किशोरों और युवा यूजर्स में सोशल मीडिया की लत बढ़ी और कंपनी ने सुरक्षा से जुड़े संभावित खतरों के बारे में लोगों को पूरी और सही जानकारी नहीं दी। इन गंभीर आरोपों के आधार पर अमेरिका के चार राज्यों ने मेटा पर लगभग 1.4 खरब डॉलर के जुर्माने की मांग की है। यदि यह मांग अदालत में स्वीकार होती है तो यह तकनीकी कंपनियों के खिलाफ प्रस्तावित सबसे बड़े आर्थिक दंडों में से एक माना जाएगा।

    कैलिफोर्निया कोलोराडो केंटकी और न्यू जर्सी की ओर से दायर मामलों में कहा गया है कि मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म को इस तरह विकसित किया जिससे युवा उपयोगकर्ता लंबे समय तक स्क्रीन पर बने रहें। आरोप है कि कंपनी ने एल्गोरिद्म और अन्य फीचर्स के जरिए उपयोगकर्ताओं की निर्भरता बढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती। राज्यों का कहना है कि इस वजह से बड़ी संख्या में किशोर प्रभावित हुए हैं और इसी आधार पर भारी जुर्माने की मांग की गई है।

    मेटा ने अदालत में दायर अपने जवाब में इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि प्रस्तावित जुर्माना तथ्यों और कानूनी आधार से परे है। मेटा के अनुसार उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े मामलों में इतनी बड़ी राशि के दंड का कोई उदाहरण नहीं है। कंपनी का यह भी दावा है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम को युवाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लगातार नए सुरक्षा फीचर्स के साथ अपडेट किया जाता रहा है और सोशल मीडिया की लत संबंधी आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है।

    इस मामले में सिर्फ चार राज्य ही नहीं बल्कि अमेरिका के कई अन्य राज्यों ने भी मेटा के खिलाफ अलग-अलग कानूनी कार्रवाई शुरू कर रखी है। कुल 29 राज्यों ने संघीय अदालत में कंपनी पर बच्चों और किशोरों के डेटा संग्रह तथा ऑनलाइन गोपनीयता कानूनों के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। इन मामलों में यह भी कहा गया है कि कंपनी ने अभिभावकों की उचित सहमति के बिना नाबालिगों से संबंधित जानकारी एकत्र की जो संघीय कानूनों का उल्लंघन हो सकता है।

    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल मेटा तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि भविष्य में सभी बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों की कार्यप्रणाली और उनकी जवाबदेही तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। यदि अदालत राज्यों के पक्ष में फैसला देती है तो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों और किशोरों की सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में नए और कड़े नियम लागू होने का रास्ता खुल सकता है।

    अब इस बहुचर्चित मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई अगस्त में अमेरिकी संघीय अदालत में होगी। इस दौरान अदालत यह तय करेगी कि मेटा पर लगाए गए आरोपों में कितनी कानूनी मजबूती है और क्या कंपनी पर भारी आर्थिक दंड लगाया जाना उचित होगा। दुनिया भर की टेक कंपनियों और डिजिटल उद्योग की नजरें अब इस फैसले पर टिकी हुई हैं क्योंकि इसका असर वैश्विक सोशल मीडिया उद्योग पर भी पड़ सकता है।