ईरान-US तनाव से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, ₹41 लाख करोड़ का मार्केट कैपिटल घटा, जाने क्‍या बोले एक्सपर्ट?

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से दुनियाभर के शेयर बाजारों में हड़कंप मचा हुआ है। भारतीय शेयर बाजार में भी बड़ी गिरावट देखी गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटल पिछले एक महीने में लगभग 9% या करीब ₹41 लाख करोड़ घट गया। 27 फरवरी 2026 को जहां मार्केट कैपिटल ₹463 लाख करोड़ था, वह 27 मार्च तक गिरकर ₹422 लाख करोड़ पर आ गया। हालांकि, इस गिरावट ने निवेशकों के लिए नए अवसर भी पैदा किए हैं।

एक्सपर्ट्स का क्या कहना है

मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि इस करेक्शन ने शेयरों के वैल्यूएशन को आकर्षक बनाया है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि निफ्टी का वैल्यूएशन अब अपनी 10 साल की औसत 22.4 गुना से नीचे, लगभग 19 गुना कमाई पर ट्रेड कर रहा है। उन्होंने आगाह किया कि यदि मौजूदा एनर्जी संकट भारत के मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल्स पर असर डालता है, तो वैल्यूएशन और भी गिर सकते हैं।

फिलिप कैपिटल इसे तकनीकी अवसर मान रहा है। ब्रोकरेज के अनुसार, मौजूदा गिरावट अस्थायी है और मिडिल ईस्ट में हालात सामान्य होने पर बाजार में सुधार संभव है। उन्होंने अपने पोर्टफोलियो में कैपिटल गुड्स, डिफेंस, बैंकिंग और स्टेपल सेक्टर में हिस्सेदारी बढ़ाई है, जबकि ऑटो, आईटी, ऑयल-गैस और फार्मा में कटौती की है।

Stoxkart के डायरेक्टर और सीईओ प्रणय अग्रवाल का कहना है कि अच्छी क्वालिटी वाले घरेलू कारोबारों के लिए लंबी अवधि के बुनियादी सिद्धांत मजबूत हैं। हालांकि, ऊर्जा लागत बढ़ने, स्टैगफ्लेशन और मौजूदा तनाव के माहौल में निवेशकों को रक्षात्मक रणनीति अपनाकर पूंजी बचाने पर ध्यान देना चाहिए।

विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट

देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी घट गया है। 20 मार्च को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 11.413 अरब डॉलर कम होकर 698.346 अरब डॉलर रह गया। यह मुख्य रूप से स्वर्ण भंडार में भारी गिरावट के कारण हुआ। इससे एक सप्ताह पहले भंडार 7.05 अरब डॉलर घटकर 709.76 अरब डॉलर रहा था। 27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में भंडार 4.88 अरब डॉलर बढ़कर 728.49 अरब डॉलर पर पहुंचा था, जो अब तक का सबसे उच्च स्तर था।