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  • भतीजे अभिषेक बनर्जी के पर कतरे और खुद दिल्ली आ रहीं ममता, टीएमसी के नाराज सांसदों की दिल्ली में मौजूदगी से सियासी हलचल तेज

    भतीजे अभिषेक बनर्जी के पर कतरे और खुद दिल्ली आ रहीं ममता, टीएमसी के नाराज सांसदों की दिल्ली में मौजूदगी से सियासी हलचल तेज

    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा आंतरिक असंतोष अब राज्य की भौगोलिक सीमाओं को पार कर देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गया है। राज्य विधानसभा में 58 विधायकों की बड़ी बगावत का सामना कर रहीं मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को अब देश की संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में भी एक बड़े विद्रोह की आशंका सताने लगी है। तृणमूल कांग्रेस के कई असंतुष्ट और नाराज लोकसभा सांसदों द्वारा अचानक दिल्ली में डेरा डाल दिए जाने के बाद से कोलकाता से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक गलियारों में कयासों का बाजार बेहद गर्म है।

    इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में दो-तिहाई बहुमत यानी ’19’ का एक ऐसा गणित है, जिसने तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की रातों की नींद उड़ा रखी है। दरअसल, वर्तमान लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के कुल 28 निर्वाचित सांसद हैं। देश के कड़े दल-बदल विरोधी कानून के प्रावधानों के तहत यदि किसी पार्टी के दो-तिहाई सांसद एक साथ अलग गुट नहीं बनाते हैं, तो उनकी संसद सदस्यता रद्द हो सकती है। ऐसे में टीएमसी के संसदीय दल को वैधानिक रूप से तोड़ने और कार्रवाई से बचने के लिए कम से कम 19 सांसदों के एक साथ आने की आवश्यकता है। सूत्रों का दावा है कि बागी गुट इसी जादुई आंकड़े को छूने की कवायद में जुटा हुआ है।

    संसदीय दल में संभावित बिखराव को रोकने और डैमेज कंट्रोल के लिए ममता बनर्जी ने बेहद आक्रामक और रणनीतिक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आधिकारिक आवास पर राष्ट्रीय कार्यसमिति की एक आपात बैठक बुलाकर ममता बनर्जी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के पर कतरने के साफ संकेत मिले हैं। ममता बनर्जी ने अभिषेक के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन को पार्टी का नया संयुक्त राष्ट्रीय सचिव नियुक्त कर दिया है, जिसे सीधे तौर पर अभिषेक के अधिकारों में कटौती के रूप में देखा जा रहा है।

    पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, सांसदों और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच उपजे इस असंतोष की सबसे बड़ी वजह डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली है। बागी गुट का आरोप है कि अभिषेक बनर्जी का संगठन चलाने का तरीका बेहद एकाकी है और वे पुराने व वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर एक विशेष ‘सिंडिकेट’ के जरिए पार्टी पर नियंत्रण स्थापित करना चाहते हैं। इसी कार्यप्रणाली से नाराज होकर कूचबिहार के सांसद जगदीश चंद्र बसुनिया समेत पार्टी के कुछ अन्य सांसद इस समय दिल्ली में मौजूद हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे निजी दौरा बताया जा रहा है। इसके साथ ही बंगाल के दो बड़े अभिनेता-सांसदों के भी अगले कुछ दिनों में दिल्ली पहुंचने की संभावना है।

    इस राजनीतिक घमासान के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संगठन के साथ खड़े होने का दावा किया है। सांसद सौगत रॉय ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सब कुछ ‘ऑपरेशन लोटस’ का हिस्सा है, जिसके तहत धनबल और केंद्रीय एजेंसियों के डर का इस्तेमाल कर क्षेत्रीय पार्टियों को तोड़ने का प्रयास किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस चुनौती का मजबूती से सामना करेगी। वहीं दूसरी ओर, कृष्णानगर की सांसद महुआ मोइत्रा और बर्धमान-दुर्गापुर के सांसद कीर्ति आजाद ने भी ममता बनर्जी के नेतृत्व के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त की है।

    इस बीच, अपनी पार्टी को बिखरने से बचाने और राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकजुटता का संदेश देने के लिए खुद ममता बनर्जी आठ जून को दिल्ली के दौरे पर आ रही हैं। वे यहां ‘इंडिया’ गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगी, जहां उनके साथ अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ ब्रायन भी मौजूद रहेंगे। दिल्ली दौरे के दौरान ममता बनर्जी अपने नाराज सांसदों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी शिकायतों को दूर करने का प्रयास भी कर सकती हैं, ताकि लोकसभा में किसी भी तरह के संभावित विभाजन को समय रहते टाला जा सके।

  • बंगाल में बड़ा सर्च ऑपरेशन: ईडी ने रंगदारी और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर कसा शिकंजा, कई शहरों में एक साथ कार्रवाई

    बंगाल में बड़ा सर्च ऑपरेशन: ईडी ने रंगदारी और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर कसा शिकंजा, कई शहरों में एक साथ कार्रवाई


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में गुरुवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। कोलकाता से लेकर मुर्शिदाबाद तक कई ठिकानों पर एक साथ की गई छापेमारी ने कथित रंगदारी और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े नेटवर्क पर जांच एजेंसियों का शिकंजा और कस दिया है। यह कार्रवाई सुबह करीब छह बजे शुरू हुई, जब अलग-अलग टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी और जांच अभियान को तेज कर दिया।

    सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला कथित जबरन वसूली और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच लंबे समय से चल रही थी। जांच एजेंसी को शुरुआती इनपुट्स में ऐसे संकेत मिले थे कि इस नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध धन को इधर-उधर किया गया और उसे वैध दिखाने की कोशिश की गई। इसी आधार पर कई स्थानों को चिन्हित कर एक साथ कार्रवाई की गई।

    कोलकाता के रॉय स्ट्रीट इलाके में स्थित एक होटल और एक कारोबारी के घर पर जांच टीमों ने छापेमारी की। इसके अलावा शहर के कुछ अन्य हिस्सों में भी तलाशी अभियान चलाया गया, जहां दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की गई। इसी दौरान कोलकाता पुलिस से जुड़े एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी और एक सब-इंस्पेक्टर के आवास पर भी जांच एजेंसी की टीमों के पहुंचने की जानकारी सामने आई, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

    वहीं मुर्शिदाबाद जिले के कांडी इलाके में भी एक महत्वपूर्ण ठिकाने पर छापेमारी की गई, जो कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़े व्यक्ति का निवास बताया जा रहा है। जांच एजेंसी इस पूरे मामले में आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि धन का प्रवाह किन माध्यमों से और किन लोगों तक पहुंचा।

    जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पूछताछ और प्रारंभिक विश्लेषण के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क में कई संस्थाओं और व्यक्तियों का उपयोग किया गया, जिसके जरिए काले धन को वैध आर्थिक ढांचे में बदलने की कोशिश की गई। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि इस पूरे रैकेट से किन प्रभावशाली लोगों को लाभ मिला और उनका इसमें क्या रोल रहा।

    फिलहाल जांच एजेंसी की टीमें दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड को खंगालने में जुटी हैं। अभी तक इस कार्रवाई को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन यह साफ है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे संभव हैं।

  • इतिहास रचते हुए नई शुरुआत,पश्चिम बंगाल में पहली बार BJP सरकार, शपथ समारोह बना राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन

    इतिहास रचते हुए नई शुरुआत,पश्चिम बंगाल में पहली बार BJP सरकार, शपथ समारोह बना राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन


    नई दिल्ली ।
    पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन पूरी तरह ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक बन गया, जब राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी और सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सत्ता की बागडोर संभाली। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित इस विशाल और भव्य समारोह में बड़ी संख्या में लोग और देश के प्रमुख राजनीतिक चेहरे मौजूद रहे। जैसे ही सुवेंदु अधिकारी ने बांग्ला भाषा में शपथ ग्रहण की, पूरा वातावरण उत्साह, तालियों और नारों से भर गया, जिसने इस पल को ऐतिहासिक बना दिया।

    शपथ ग्रहण के तुरंत बाद सुवेंदु अधिकारी ने मंच पर मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन किया। कार्यक्रम के दौरान कई ऐसे क्षण देखने को मिले जिन्होंने पूरे समारोह को भावनात्मक और यादगार बना दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता की ओर झुककर अभिवादन किया और उपस्थित लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इसी दौरान उन्होंने 98 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का सम्मान करते हुए उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जो पूरे समारोह का सबसे चर्चित और भावुक दृश्य बन गया।

    राज्यपाल आर.एन. रवि ने मुख्यमंत्री के साथ पांच अन्य नेताओं को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई। नई कैबिनेट में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक शामिल किए गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में मंत्रिमंडल का विस्तार भी किया जा सकता है ताकि प्रशासनिक और सामाजिक संतुलन को मजबूत किया जा सके। इस नई सरकार को लेकर समर्थकों में भारी उत्साह और उम्मीदें देखने को मिल रही हैं।

    समारोह में देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ राजनीतिक नेता शामिल हुए। पूरे आयोजन को बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और राजनीतिक परिवर्तन के संगम के रूप में प्रस्तुत किया गया। मंच पर बंगाली लोकसंस्कृति की झलक भी देखने को मिली, जिसने आयोजन को और विशेष बना दिया। साथ ही, राजनीतिक संघर्ष में जान गंवाने वाले कार्यकर्ताओं की स्मृति में विशेष श्रद्धांजलि स्थल भी तैयार किया गया, जहां नेताओं ने उन्हें नमन किया।

    यह शपथ ग्रहण समारोह एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक अवसर के साथ भी जुड़ा रहा, क्योंकि यह गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के आसपास आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने टैगोर को श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को भारत की सांस्कृतिक चेतना का आधार बताया।

    नई सरकार के गठन के बाद अब राज्य में विकास, रोजगार, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। यह सत्ता परिवर्तन केवल राजनीतिक जीत नहीं बल्कि लंबे संघर्ष का परिणाम माना जा रहा है। आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरण और नई दिशा देखने को मिल सकती है, जहां विकास और शासन की दिशा राज्य की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहेगी।

  • बंगाल में सत्ता बदलने की आहट! BJP 186 सीटों पर आगे, भवानीपुर में ममता vs सुवेंदु की सीधी टक्कर

    बंगाल में सत्ता बदलने की आहट! BJP 186 सीटों पर आगे, भवानीपुर में ममता vs सुवेंदु की सीधी टक्कर


    नई दिल्ली।
    पश्चिम बंगाल की सियासत में बड़ा उलटफेर होता दिख रहा है। 293 सीटों पर जारी मतगणना के रुझानों में Bharatiya Janata Party (BJP) ने स्पष्ट बढ़त बना ली है और सत्ता परिवर्तन की तस्वीर साफ नजर आने लगी है।

    ताजा आंकड़ों के मुताबिक BJP 186 सीटों पर आगे चल रही है और अब तक 14 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है, जबकि All India Trinamool Congress (TMC) 82 सीटों पर आगे है और 5 सीटें जीत चुकी है। बहुमत का आंकड़ा 148 है, जिसे BJP रुझानों में पार करती दिख रही है।

    सबसे ज्यादा नजरें भवानीपुर सीट पर टिकी हैं, जहां Mamata Banerjee और Suvendu Adhikari के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। यहां ममता बनर्जी करीब 7 हजार वोटों से आगे चल रही हैं। दोनों नेता काउंटिंग सेंटर पहुंच चुके हैं, जहां भारी सुरक्षा बल तैनात है और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।

    मतगणना के दौरान कुछ जगहों से तनाव की खबरें भी सामने आई हैं। Cooch Behar में TMC नेता के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है, जबकि Kolkata में पार्टी के अस्थायी कार्यालय में तोड़फोड़ की खबर है।

    भवानीपुर के सखावत स्कूल मेमोरियल काउंटिंग सेंटर में करीब 45 मिनट तक गिनती रुकी रही, हालांकि बाद में प्रक्रिया फिर शुरू कर दी गई। सुरक्षा के चलते उम्मीदवारों को मोबाइल फोन बाहर जमा कराकर अंदर जाने दिया गया।

    इस बीच पानीहाटी सीट से चर्चित आरजीकर केस से जुड़ी पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ करीब 20 हजार वोटों से आगे चल रही हैं, जो चुनाव का एक बड़ा मानवीय और भावनात्मक पहलू भी बन गया है।

    कुल मिलाकर, रुझान साफ संकेत दे रहे हैं कि बंगाल में लंबे समय बाद सत्ता परिवर्तन हो सकता है, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

  • ‘जय श्री राम’ बोलने पर 500 रुपये की छूट: कोलकाता के डॉक्टर के ऑफर पर सियासी बवाल

    ‘जय श्री राम’ बोलने पर 500 रुपये की छूट: कोलकाता के डॉक्टर के ऑफर पर सियासी बवाल

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist) के अनोखे ऑफर ने राजनीतिक गलियारों में विवाद खड़ा कर दिया है। डॉक्टर ने घोषणा की है कि जो भी मरीज उनके क्लिनिक में आकर ‘जय श्री राम’ कहेगा, उसे कंसल्टेशन फीस में 500 रुपये की भारी छूट दी जाएगी। डॉक्टर ने अपने इस कदम को राज्य में ‘राजनीतिक बदलाव’ की उम्मीद से जोड़ा है।
    इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पी.के. हाजरा ने यह छूट केवल दक्षिण कोलकाता स्थित अपने निजी चेंबर पर लागू की है। वे एक प्राइवेट अस्पताल में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी विभाग के निदेशक भी हैं, लेकिन वहां यह छूट लागू नहीं होगी।

    डॉ. हाजरा ने अपने क्लिनिक पर एक पोस्टर लगाया है, जिसमें वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दुपट्टा पहने नजर आ रहे हैं। उन्होंने यह जानकारी सोशल मीडिया पर भी शेयर की है। डॉक्टर के मुताबिक, यह पोस्टर उनके ही एक मरीज ने तैयार किया था।
    डॉ. हाजरा ने कहा कि यह पूरी तरह से उनके दिमाग की उपज है। उन्होंने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए कहा: पिछले कई वर्षों में एक डॉक्टर के तौर पर मैंने मरीजों के सवाल झेले हैं कि आखिर उन्हें इलाज के लिए दूसरे राज्यों में क्यों जाना पड़ता है। जब भी मैं बंगाल के मरीजों को इलाज के लिए असम, ओडिशा या दक्षिण भारत जाते देखता हूं, तो मुझे बहुत बुरा लगता है। इसके विपरीत दूसरे राज्यों से लोग यहां नहीं आते। मुझे लगता है कि इस चलन को बदलने की जरूरत है। डॉक्टर ने आगे कहा कि वह सीधे तौर पर भाजपा से नहीं जुड़े हैं, लेकिन वह भाजपा शासित अन्य राज्यों की प्रगति के प्रशंसक हैं।
    डॉ. हाजरा ने स्वीकार किया कि उन्हें अपने गृह जिले पश्चिम मेदिनीपुर के पिंगला से भाजपा का टिकट मिलने की उम्मीद थी। जब ऐसा नहीं हुआ, तो उन्होंने लोगों को राज्य में बदलाव के लिए वोट करने हेतु प्रेरित करने का यह अनोखा तरीका निकाला। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काम की तारीफ भी की, लेकिन कहा कि अन्य राज्यों की विकास गति को देखते हुए बंगाल पिछड़ रहा है। उनके अनुसार, केंद्र और टीएमसी सरकार के बीच चल रही “खींचतान” का सीधा असर राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली पर पड़ा है।
    तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पेशे से चिकित्सक डॉ. निर्मल माझी ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया: डॉ. हाजरा अपनी जुटाई गई अपार संपत्ति की रक्षा करने के लिए भाजपा का पक्ष लेने की कोशिश कर रहे हैं। वह खुद को बचाने के लिए भाजपा की ‘वाशिंग मशीन’ में घुसकर अपनी छवि साफ करना चाहते हैं। माझी ने यह भी दावा किया कि ऐसे कदमों से भाजपा को चुनाव जीतने में कोई मदद नहीं मिलेगी क्योंकि जनता का समर्थन टीएमसी के साथ है।
    भाजपा के राज्यसभा सांसद और बंगाल के पूर्व भाजपा अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने डॉ. हाजरा के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा: मुझे लगता है कि यह पहल अन्य डॉक्टरों को भी आगे आने और ऐसे फैसले लेने के लिए प्रेरित करेगी, ताकि राज्य के स्वास्थ्य ढांचे की बेहतरी के लिए बदलाव लाया जा सके। बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है, और मतों की गिनती 4 मई को की जाएगी।

  • T20 WC 2026 : आज SA और NZ के बीच पहला सेमीफाइनल कोलकाता में…

    T20 WC 2026 : आज SA और NZ के बीच पहला सेमीफाइनल कोलकाता में…


    कोलकाता।
    दक्षिण अफ्रीका (South Africa) और न्यूजीलैंड (New Zealand) के बीच बुधवार को कोलकाता के ईडेन गार्डेंस (Eden Gardens, Kolkata) पर टी20 विश्व कप (T20 World Cup) के पहले सेमीफाइनल मैच खेला जाएगा। यह रोमांचक मुकाबला होने की संभावना है जिसमें दोनों टीम के कप्तानों की भूमिका अहम होगी। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्करम और न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर इस समय शानदार फॉर्म में हैं। अमूमन ऐसा नहीं होता कि दोनों टीमों के कप्तान ही सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हों। ऐसे में मार्करम और सैंटनर के बीच मुकाबला दिलचस्प होगा जो ईडन गार्डंस में हजारों दर्शकों को रोमांच से भर देगा।

    मार्करम बनाम सैंटनर
    इस मुकाबले के केंद्र में दो ऐसे कप्तान हैं, जिनकी अक्सर उतनी प्रशंसा या चर्चा नहीं होती जितनी होनी चाहिए थी क्योंकि वह रणनीतिक और तकनीकी रूप से उन कप्तानों से कहीं बेहतर हैं जिनकी कहीं अधिक प्रशंसा की जाती है। मार्करम ने अभी तक इस टूर्नामेंट में 175 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 268 रन बनाए हैं। उन्होंने पावरप्ले में गेंदबाजों को अच्छी तरह से निशाना बनाया है। दूसरी तरफ सैंटनर ने 6.35 की इकॉनमी रेट के साथ बल्लेबाजों को बांधे रखा है। उन्होंने बल्लेबाजी में भी कमाल दिखाया है। कुल मिलाकर कई ऐसे कारक हैं जिससे पहला सेमीफाइनल रोमांचक होने की संभावना है।


    टी20 में भारी है दक्षिण अफ्रीकी का पलड़ा

    न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 में दक्षिण अफ्रीका का पलड़ा भारी है। दोनों टीमों के बीच अब तक टी20 में कुल 19 मुकाबले खेले गए हैं जिसमें से दक्षिण अफ्रीका ने 12 मुकाबले जीते हैं, जबकि सात मैच न्यूजीलैंड के नाम रहे हैं। मौजूदा टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका की टीम अबतक अजेय बनी हुई है और उसने एक भी मैच नहीं गंवाया है। वहीं, न्यूजीलैंड को पिछले ही मैच में इंग्लैंड से हार का सामना करना पड़ा था।

    टी20 विश्व कप के प्रसारण अधिकार स्टार स्पोर्ट्स के पास है और दर्शक इसके मुकाबले स्टार स्पोर्ट्स के चैनलों पर देख सकेंगे। इसके अलावा मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार एप पर होगी।

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026: गौतम गंभीर कालीघाट मंदिर पहुंचे, भारत-वेस्टइंडीज मैच से पहले लिया आशीर्वाद

    टी20 वर्ल्ड कप 2026: गौतम गंभीर कालीघाट मंदिर पहुंचे, भारत-वेस्टइंडीज मैच से पहले लिया आशीर्वाद


    कोलकाता: भारतीय क्रिकेट टीम टी20 विश्व कप 2026 में अपना आखिरी सुपर-8 मुकाबला वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार को कोलकाता के ईडन गार्डेन में शाम 7 बजे खेलेगी। इस महत्वपूर्ण मैच से एक दिन पहले शनिवार को टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर कालीघाट मंदिर पहुंचे।

    गौतम गंभीर ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर टीम की बड़ी जीत के लिए आशीर्वाद मांगा। भारत के लिए यह मुकाबला क्वार्टर फाइनल जैसा है। टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए वेस्टइंडीज को हराना बेहद जरूरी है। वेस्टइंडीज के लिए भी यही स्थिति है, अगर वह भारत को हराने में सफल रहती है तो उसका सेमीफाइनल में प्रवेश पक्का हो जाएगा।

    टीम इंडिया इस मैच में वेस्टइंडीज को हल्के में लेने वाली नहीं है। वेस्टइंडीज ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई मैच गंवाए सुपर-8 में जगह बनाई थी। सुपर-8 में उसने जिम्बाब्वे पर बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना किया। भारत का प्रदर्शन भी इसी तरह रहा है, सुपर-8 में टीम को केवल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार मिली।

    रविवार के मुकाबले में जो भी टीम जीतेगी, सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेगी। वेस्टइंडीज की मजबूत बल्लेबाजी और कमजोर गेंदबाजी टीम इंडिया के लिए रणनीतिक फायदा हो सकती है। इस मैच में भारत के पास 2016 टी20 विश्व कप का बदला लेने का भी मौका है, जब वेस्टइंडीज ने उस साल सेमीफाइनल में भारत को हराकर टूर्नामेंट से बाहर किया था।

    गौतम गंभीर का मंदिर दौरा टीम के मनोबल और शुभंशी संकेत का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि खिलाड़ी मानसिक रूप से तैयार होकर इस निर्णायक मुकाबले में उतरें।

  • नेपाल से इस्तांबुल जा रही तुर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट की कोलकाता में इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित

    नेपाल से इस्तांबुल जा रही तुर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट की कोलकाता में इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित


    कोलकाता/काठमांडू। नेपाल की राजधानी काठमांडू से तुर्की के इस्तांबुल जा रही तुर्किश एयरलाइंस की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को बुधवार दोपहर उस समय आपात स्थिति का सामना करना पड़ा जब विमान के एक इंजन में गंभीर तकनीकी खराबी और आग की आशंका सामने आई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलटों ने सूझबूझ और त्वरित निर्णय लेते हुए विमान को भारत के कोलकाता की ओर मोड़ दिया जहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस घटना में विमान में सवार सभी 236 यात्री और 11 चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार तुर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या टीएचवाई-727 जो एक वाइडबॉडी एयरक्राफ्ट थी ने बुधवार दोपहर 1 बजकर 29 मिनट पर काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इस्तांबुल के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद जब विमान ऊंचाई पकड़ रहा था तभी कॉकपिट में पायलटों को चेतावनी संकेत मिला कि विमान के दो इंजनों में से एक इंजन में खराबी आ गई है। कुछ रिपोर्टों में दाहिने इंजन में आग लगने की आशंका भी जताई गई।

    तकनीकी संकेत मिलते ही पायलटों ने तुरंत काठमांडू एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी जानकारी दी। स्थिति का सही आकलन करने और आगे की रणनीति तय करने के लिए विमान को नेपाल के धाडिंग जिले के धरके क्षेत्र के ऊपर कुछ समय तक होल्ड पर रखा गया। इस दौरान पायलट और तकनीकी टीम ने विमान के सिस्टम की बारीकी से जांच की और संभावित जोखिमों का मूल्यांकन किया।

    प्रारंभिक जांच के बाद चालक दल इस नतीजे पर पहुंचा कि एक ही इंजन के सहारे लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ान जारी रखना यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं होगा। हालांकि पायलटों के पास काठमांडू लौटने या नेपाल के ही भैरहवा हवाई अड्डे पर विमान उतारने जैसे विकल्प मौजूद थे लेकिन अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों और रनवे सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कोलकाता को सबसे सुरक्षित विकल्प माना गया।

    कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल को जैसे ही संभावित आपात स्थिति की सूचना मिली हवाई अड्डे पर फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई। फायर ब्रिगेड मेडिकल टीम एंबुलेंस और तकनीकी स्टाफ को रनवे के पास तैनात कर दिया गया। सभी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर रहीं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

    करीब डेढ़ घंटे की उड़ान के बाद विमान ने दोपहर 3 बजकर 3 मिनट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की। जैसे ही विमान रनवे पर उतरा फायर और रेस्क्यू टीमों ने उसे घेर लिया और इंजन की तत्काल जांच शुरू की गई। राहत की बात यह रही कि लैंडिंग के दौरान किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई और सभी यात्री सुरक्षित विमान से बाहर निकल आए।

    हवाई अड्डा अधिकारियों ने बताया कि लैंडिंग के बाद विमान को एक अलग बे में खड़ा कर विस्तृत तकनीकी निरीक्षण किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में इंजन में तकनीकी खराबी की पुष्टि हुई है हालांकि आग लगने की वास्तविक स्थिति को लेकर विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। तुर्किश एयरलाइंस की तकनीकी टीम और भारतीय विमानन सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं।

    यात्रियों को टर्मिनल भवन में ले जाया गया जहां उनके लिए भोजन पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई। एयरलाइन की ओर से यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों या ठहरने की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। कई यात्रियों ने पायलट और क्रू की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम के दौरान चालक दल ने शांत रहकर यात्रियों को भरोसा दिलाया जिससे घबराहट नहीं फैली।

    नागरिक उड्डयन विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में पायलट का समय पर निर्णय लेना सबसे अहम होता है। वाइडबॉडी विमानों में भले ही एक इंजन पर उड़ान भरने की क्षमता होती है लेकिन लंबी अंतरराष्ट्रीय दूरी के लिए यह जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में कोलकाता में इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला पूरी तरह से सुरक्षा मानकों के अनुरूप और सराहनीय माना जा रहा है।

    फिलहाल विमान की तकनीकी जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही खराबी के सही कारणों का पता चल सकेगा। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आधुनिक विमानन प्रणाली में सुरक्षा सर्वोपरि है और समय पर लिए गए फैसले सैकड़ों जिंदगियों को बचा सकते हैं।

  • मोहन भागवत ने कहाआरएसएस को भाजपा के नजरिए से देखना गलतमुस्लिम विरोधी होने के आरोपों को खारिज किया

    मोहन भागवत ने कहाआरएसएस को भाजपा के नजरिए से देखना गलतमुस्लिम विरोधी होने के आरोपों को खारिज किया


    नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को कोलकाता में आरएसएस 100 व्याख्यान माला कार्यक्रम के दौरान संघ के बारे में अहम बयान दिया। भागवत ने कहा कि आरएसएस का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है और इसे भारतीय जनता पार्टी भा,ज,पा, के नजरिए से देखना गलत है। उन्होंने साफ किया कि संघ और भाजपा अलग-अलग संगठन हैंजिनकी भूमिकाएं भी अलग हैंभले ही भाजपा के कई नेता संघ से जुड़े हुए हों।

    भागवत ने कहायदि आप संघ को समझना चाहते हैंतो इसका अनुभव करना पड़ेगा। अगर आप इसे सिर्फ एक और सेवा संगठन मानते हैंतो आप गलत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संघ का काम कभी भी संकीर्ण दृष्टिकोण से नहीं समझा जाना चाहिए। बहुत से लोग संघ को भाजपा से जोड़कर देखते हैंलेकिन यह एक बड़ी गलती है। संघ को राजनीति से परे और समाज की भलाईसुरक्षा और एकता के लिए काम करने वाला संगठन माना जाना चाहिए।

    संघ प्रमुख ने मुस्लिम विरोधी होने के आरोपों को भी पूरी तरह से नकारा किया। भागवत ने कहाऐसी धारणा पूरी तरह से तथ्यों के बजाय कथाओं पर आधारित है। हमारा काम पारदर्शी है और जो लोग हमारे काम को समझते हैंउन्होंने यह निष्कर्ष निकाला है कि हम कट्टर राष्ट्रवादी हैंजो हिंदुओं की सुरक्षा के लिए काम करते हैंलेकिन हम मुस्लिम विरोधी नहीं हैं। उन्होंने आलोचकों से आग्रह किया कि वे संघ का दौरा करें और इसे सीधे समझें। भागवत ने संघ के मुख्य उद्देश्य को भी स्पष्ट कियाजिसमें नैतिक रूप से ईमानदार और गुणी व्यक्तियों का निर्माण करना हैजो सेवामूल्यों और राष्ट्रीय गौरव से प्रेरित हों और देश के विकास में योगदान करें। उन्होंने कहासंघ का उद्देश्य किसी से दुश्मनी रखना नहीं हैबल्कि समाज में एकता और सहयोग को बढ़ावा देना है।

    इसके अलावाभागवत ने भारतीय समाज को एकजुट करने की आवश्यकता पर बल दिया और हिंदू समुदाय को अपनी सांस्कृतिक और सामाजिक जड़ों की ओर लौटने की अपील की। बंगाल की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्वामी विवेकानंदराजा राम मोहन रॉय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसी महान हस्तियों को याद कियाजिनकी सामाजिक सुधार में अहम भूमिका थी। उन्होंने खास तौर पर राजा राम मोहन रॉय की तारीफ कीजो सामाजिक बदलाव की दिशा में अग्रणी थेऔर कहा कि आरएसएस उसी सुधारात्मक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

    भागवत ने कहा कि आरएसएस का उद्देश्य भारत को एक बार फिर विश्वगुरु बनाना है और इसके लिए समाज को तैयार करना संघ का कर्तव्य है। इसके तहतसंघ ने अपनी शताब्दी समारोह के अवसर पर कोलकातादिल्लीमुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में लेक्चर और सेशन आयोजित करने की योजना बनाई हैताकि जनता को संघ के काम और उद्देश्य को समझने का मौका मिल सके। इस दौरानभागवत ने लोगों से अपील की कि वे संघ के बारे में राय बनाने से पहले तथ्यों का अध्ययन करेंऔर अन्य स्रोतों की बजाय खुद संघ के काम को देखें।

  • लियोनेल मेसी के इंडिया टूर पर हुआ 100 करोड़ रुपये खर्च आयोजक ने खोला खर्च का पूरा विवरण

    लियोनेल मेसी के इंडिया टूर पर हुआ 100 करोड़ रुपये खर्च आयोजक ने खोला खर्च का पूरा विवरण


    कोलकाता । अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के हाल ही में भारत दौरे पर 100 करोड़ रुपये का खर्च हुआ जिसे लेकर अब कई अहम खुलासे हुए हैं। इस खर्च में से 89 करोड़ रुपये मेसी की फीस थी जबकि 11 करोड़ रुपये भारत सरकार को टैक्स के रूप में दिए गए। इस राशि को लेकर आयोजक सताद्रू दत्ता ने जांच एजेंसियों के सामने कई अहम बातें साझा की हैं।

    न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दत्ता ने एसआईटी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को बताया कि मेसी के इंडिया टूर के दौरान कुल 100 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस रकम में से 30 प्रतिशत स्पॉन्सर से मिला जबकि बाकी 30 प्रतिशत टिकटों की बिक्री से जुटाए गए थे। एसआईटी द्वारा दत्ता के बैंक खातों की जांच के बाद उनके अकाउंट में 20 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिली जो कथित तौर पर कोलकाता और हैदराबाद में आयोजित मेसी के इवेंट के टिकटों की बिक्री और स्पॉन्सरशिप से आई थी।

    सताद्रू दत्ता जो मेसी के इवेंट्स के प्रमुख आयोजक थे को गिरफ्तार कर लिया गया था। एसआईटी के अधिकारियों ने शुक्रवार को दत्ता के घर पर छापेमारी की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। दत्ता ने जांचकर्ताओं से कहा कि इवेंट के दौरान मेसी के प्रति सुरक्षा के तमाम इंतजाम किए गए थे लेकिन बावजूद इसके भीड़ के कारण कई समस्याएं उत्पन्न हुईं।

    कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में जब मेसी की उपस्थिति के दौरान हजारों दर्शक इवेंट में पहुंचे थे तब अफरातफरी का माहौल बन गया। फैंस की भीड़ इतनी बढ़ गई कि कई लोग मेसी के चारों ओर जमा हो गए जिससे वह गैलरी से मुश्किल से दिखाई दे रहे थे। इसके परिणामस्वरूप कई दर्शकों ने स्टेडियम के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की। इस घटना ने पुलिस और आयोजकों को एक बड़ी चुनौती दी और सुरक्षा में चूक को लेकर कई सवाल उठाए।

    एसआईटी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस घटना की पूरी जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक टीम गठित की जिसमें पीयूष पांडे जावेद शमीम सुप्रतिम सरकार और मुरलीधर शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि सुरक्षा में चूक आयोजकों की भूमिका और एक्सेस नियमों के उल्लंघन के पीछे कौन जिम्मेदार है।

    मेसी की सुरक्षा को लेकर दत्ता ने भी बयान दिया कि मेसी को छुआ या गले लगाया जाना पसंद नहीं आया और यह बात उनके सुरक्षा अधिकारियों ने आयोजकों को पहले ही बता दी थी। मेसी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेशी सुरक्षा अधिकारियों ने भी कई बार चेतावनी दी थी। दत्ता ने कहा भीड़ को रोकने के लिए कई बार पब्लिक अनाउंसमेंट किए गए लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। मेसी को इस तरह घेरने और गले लगाने का तरीका उनके लिए बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं था।

    इस दौरान एसआईटी अधिकारियों ने यह भी बताया कि दत्ता के बैंक खातों से जुड़ी रकम की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह रकम इवेंट्स से सही तरीके से जुटाई गई थी या इसमें कोई अनियमितता थी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से आयोजकों की जिम्मेदारी और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।