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  • ग्वालियर में महिला की हत्या की गुत्थी उलझी, विकृत चेहरे से AI भी नहीं बना सका स्केच, अब गुमशुदा महिलाओं का रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

    ग्वालियर में महिला की हत्या की गुत्थी उलझी, विकृत चेहरे से AI भी नहीं बना सका स्केच, अब गुमशुदा महिलाओं का रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस


    ग्वालियर । ग्वालियर में रेलवे ट्रैक के पास झाड़ियों में मिली अज्ञात महिला की हत्या का मामला 18 दिन से ज्यादा समय बीतने के बाद भी अनसुलझा है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान करना है। इसके लिए आधुनिक तकनीक से लेकर फॉरेंसिक जांच तक का सहारा लिया गया लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली। मृतका की उम्र करीब 35 से 40 साल के बीच आंकी गई है। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले थे। पहचान के प्रयासों में नाकामी मिलने के बाद अब ग्वालियर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी आठ जिलों से गुमशुदा महिलाओं का रिकॉर्ड मांगा है। पुलिस इन जानकारियों का मिलान मृतका के हुलिए से कर रही है ताकि उसकी पहचान सामने आ सके।

    मामला महाराजपुरा थाना क्षेत्र के महू जमार गांव का है। 13 अक्टूबर की सुबह रेलवे ट्रैक के पास झाड़ियों में एक महिला का शव मिला था। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव की स्थिति और सिर पर गंभीर चोट के निशान देखकर हत्या की आशंका सामने आई। पुलिस के अनुसार महिला की पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को सुनसान जगह पर फेंका गया हो सकता है। हालांकि हत्या के पीछे की वजह और वारदात को अंजाम देने वालों के बारे में अभी कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है।

    मृतका की पहचान के लिए पुलिस ने कई स्तर पर प्रयास किए। फॉरेंसिक और तकनीकी टीम को जांच में लगाया गया। पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से महिला के चेहरे का संभावित स्केच तैयार कराने की कोशिश भी की। लेकिन शव ज्यादा डीकंपोज हो जाने और चेहरा विकृत होने के कारण तकनीक से सटीक चेहरा तैयार नहीं हो सका। इस वजह से पुलिस को पहचान की दिशा में अपेक्षित मदद नहीं मिल पाई।

    घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की गई। पुलिस अब तक 150 से ज्यादा कैमरों के फुटेज खंगाल चुकी है। इन फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की गई कि वारदात के आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति या वाहन वहां से गुजरा था या नहीं। इसके बावजूद अभी तक ऐसा कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला है जिससे मृतका की पहचान या संदिग्धों तक पहुंचा जा सके।

    इसके बाद पुलिस ने संभाग के दूसरे जिलों से भी मदद लेने का फैसला किया। ग्वालियर एसपी की ओर से ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी आठ जिलों के पुलिस अधीक्षकों को आधिकारिक पत्र भेजा गया है। इसमें पिछले कुछ दिनों में लापता हुई 35 से 40 साल की महिलाओं की सूची और उनसे जुड़ा पूरा विवरण मांगा गया है। पुलिस का प्रयास है कि गुमशुदगी की रिपोर्ट में दर्ज हुलिए और अन्य जानकारियों का मृतका से मिलान किया जा सके। इससे महिला की पहचान होने के साथ उसके परिवार और आखिरी बार देखे जाने से जुड़ी अहम जानकारी भी मिल सकती है।

    मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए मृतका का पैनल पोस्टमार्टम कराया गया है। इससे मौत के वास्तविक कारण और समय के बारे में अधिक सटीक जानकारी मिलने की उम्मीद है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पुलिस तकनीकी सर्विलांस सीसीटीवी फुटेज और अलग-अलग जिलों से मिल रही गुमशुदा महिलाओं की जानकारी को जोड़कर मामले की कड़ियां तलाश रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच लगातार जारी है और सभी संभावित पहलुओं पर काम किया जा रहा है। अधिकारियों ने जल्द ही मामले का खुलासा करने और आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया है। फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि रेलवे ट्रैक के पास मिली महिला कौन थी और उसकी हत्या किसने की। जब तक मृतका की पहचान नहीं होती तब तक इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना रहेगा।

  • बिछिया किसने दी? इसी सवाल पर भड़का पति, करवाचौथ के अगले दिन पत्नी की हत्या कर खुद पुलिस को बुलाया

    बिछिया किसने दी? इसी सवाल पर भड़का पति, करवाचौथ के अगले दिन पत्नी की हत्या कर खुद पुलिस को बुलाया


    ग्वालियर । ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र में करवाचौथ के दिन एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। त्यागी नगर में रहने वाले आनंद श्रीवास्तव ने अपनी पत्नी मधु श्रीवास्तव की हत्या कर दी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे पत्नी के चरित्र पर शक था। करवाचौथ पर मधु को किसी ने बिछिया उपहार में दी थी। आनंद को संदेह था कि ये बिछिया उसके बड़े भाई ने दी हैं। इसी बात को लेकर पति पत्नी के बीच विवाद हुआ था। गुरुवार सुबह पत्नी के सिरहाने बिछिया देखकर उसका गुस्सा फिर भड़क गया। आरोप है कि इसके बाद उसने बिस्तर पर लेटी मधु के सिर और चेहरे पर मूसल से 17 बार वार किए। घटना के बाद आरोपी ने खुद पुलिस हेल्पलाइन 112 पर फोन कर हत्या की जानकारी दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

    पुलिस के मुताबिक आनंद और मधु ने वर्ष 2010 में प्रेम विवाह किया था। दोनों के एक बेटा और एक बेटी हैं। परिवार में करवाचौथ की तैयारियां चल रही थीं। घटना से एक रात पहले मधु ने अपने पति के नाम की मेहंदी लगाई थी और देर रात तक जागती रही थी। सुबह उठने के बाद उसने घर की सफाई की। बेटे के अनुसार मां ने कहा था कि आज उसका उपवास है और काम करने से प्यास लगेगी इसलिए वह फिलहाल काम नहीं करेगी। इसके बाद आनंद ने पोहा बनाया और खुद खाने के साथ बेटे को भी खिलाया। कुछ समय बाद घर में हुई घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।

    बेटे ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 10 बजे घर में शोर सुनकर उसकी नींद खुली। बाहर पुलिसकर्मी मौजूद थे। जब वह कमरे में पहुंचा तो मां का शव कंबल से ढका हुआ था। बेटे ने बताया कि उसे जानकारी नहीं है कि रात या सुबह माता पिता के बीच कोई झगड़ा हुआ था या नहीं। घटना के बाद दोनों बच्चे गहरे सदमे में हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी इस घटना से टूट गए हैं।

    पुलिस पूछताछ में आनंद ने बिछिया को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उसके मुताबिक करवाचौथ की शाम मधु नई बिछिया लेकर आई थी। उसने पत्नी से कई बार पूछा कि बिछिया किसने दी हैं लेकिन मधु ने केवल इतना बताया कि किसी ने उपहार में दी हैं। आनंद को शक था कि ये बिछिया उसके बड़े भाई ने दी हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी को यह संदेह भी था कि पत्नी परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ मिलकर संपत्ति हड़पने की योजना बना रही है। उसे पत्नी के अन्य लोगों से बातचीत करने पर भी शक था। हालांकि परिजनों ने बताया कि मधु के पास मोबाइल फोन तक नहीं था। इन आरोपों और संदेहों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

    मधु की बेटी ने भी पिता के व्यवहार को लेकर गंभीर बातें बताई हैं। उसके मुताबिक पिता उसे पीटते थे और पढ़ाई करने से रोकते थे। इसी वजह से वह पिता के पास जाने से बचती थी और अपने ताऊ ताई के साथ रहती थी। घटना के बाद परिवार के दोनों बच्चे अपने बुजुर्ग दादा को संभालते दिखाई दिए। घर में पसरे मातम के बीच बच्चों को भी इस दुखद घटना का सामना करना पड़ रहा है।

    सिटी एसपी संदीप बांगरे के मुताबिक पुलिस को सुबह 112 पर कॉल मिला था। फोन करने वाले आनंद श्रीवास्तव ने अपनी पत्नी की हत्या करने की जानकारी दी थी। सूचना मिलते ही मुरार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया मूसल भी जब्त किया है। आरोपी ने पूछताछ में पत्नी के प्रति नफरत होने की बात कही और हत्या पर पछतावा नहीं होने का दावा किया।

    पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात भी सामने आई है लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के जरिए मौत से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस अब पारिवारिक विवाद और घटना की परिस्थितियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।

  • मध्यप्रदेश में IPS अफसरों की बड़ी सर्जरी, सागर और देवास को मिले नए SP, भोपाल पुलिस मुख्यालय में भी अहम नियुक्तियां

    मध्यप्रदेश में IPS अफसरों की बड़ी सर्जरी, सागर और देवास को मिले नए SP, भोपाल पुलिस मुख्यालय में भी अहम नियुक्तियां


    भोपाल । मध्यप्रदेश में पुलिस प्रशासन को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य शासन के गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा के चार अधिकारियों की पदस्थापना में फेरबदल किया गया है। इस बदलाव के तहत सागर और देवास जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले गए हैं जबकि कुछ अधिकारियों को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रशासनिक स्तर पर हुए इस फेरबदल को पुलिस व्यवस्था के संचालन और विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदारियों के नए निर्धारण के रूप में देखा जा रहा है। आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों की नई पदस्थापना और कार्यभार संभालने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।

    जारी जानकारी के मुताबिक 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया को सागर पुलिस अधीक्षक के पद से हटाकर भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक यानी AIG के पद पर पदस्थ किया गया है। उनके स्थान पर 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार सिन्हा को सागर जिले का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। संजीव कुमार सिन्हा इससे पहले ग्वालियर में 14वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल के सेनानी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें सागर जिले की पुलिस व्यवस्था का नेतृत्व करना होगा। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना अपराधों पर नियंत्रण करना और पुलिस प्रशासन के कामकाज को प्रभावी बनाए रखना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।

    इसी प्रशासनिक फेरबदल के तहत देवास जिले में भी पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी बदली गई है। 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी पुनीत गहलोत को देवास एसपी के पद से हटाकर भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के रूप में पदस्थ किया गया है। वहीं बालाघाट में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी आदित्य मिश्रा को देवास जिले का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। इस बदलाव के बाद देवास की पुलिस व्यवस्था की कमान अब आदित्य मिश्रा के हाथों में होगी। जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना अपराधों की रोकथाम करना और पुलिस की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाए रखना उनके सामने अहम जिम्मेदारियां होंगी।

    गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में संबंधित अधिकारियों की नई पदस्थापना का उल्लेख किया गया है। आदेश की प्रतियां संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजे जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि किसी भी प्रशासनिक बदलाव के पीछे विशेष कारण होने का निष्कर्ष केवल उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं निकाला जा सकता। इसलिए इस फेरबदल को फिलहाल अधिकारियों की नई पदस्थापना के रूप में ही देखा जाना चाहिए। नई जिम्मेदारियों के तहत अधिकारियों को अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र में पुलिस प्रशासन का संचालन करना होगा।

    मध्यप्रदेश में पुलिस व्यवस्था के लिए जिला स्तर पर पुलिस अधीक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ अपराध नियंत्रण और पुलिस बल के समन्वय की जिम्मेदारी भी उन्हीं के नेतृत्व में संचालित होती है। ऐसे में सागर और देवास में नए पुलिस अधीक्षकों की नियुक्ति के बाद इन जिलों की पुलिस व्यवस्था पर नजर रहेगी। वहीं अनुराग सुजानिया और पुनीत गहलोत की भोपाल पुलिस मुख्यालय में नई पदस्थापना से उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव होगा। अब संबंधित अधिकारी नई जिम्मेदारियां संभालकर शासन के निर्देशों के अनुसार कामकाज आगे बढ़ाएंगे।

  • इंदौर की राजकमल रेसीडेंसी में मिला बिजली कर्मचारी का शव, महिला मित्र से पूछताछ, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

    इंदौर की राजकमल रेसीडेंसी में मिला बिजली कर्मचारी का शव, महिला मित्र से पूछताछ, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार


    इंदौर । इंदौर के गांधी नगर क्षेत्र स्थित राजकमल रेसीडेंसी में एक बिजली कर्मचारी का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान निर्मल राजपूत के रूप में हुई है जो बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर काम करता था। उसका शव एक महिला मित्र के फ्लैट में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। पुलिस को उसके शरीर पर हल्के चोट के निशान भी मिले हैं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक मौत करीब 12 घंटे पहले हुई हो सकती है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है और पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

    आधी रात को मिली सूचना के बाद पहुंची पुलिस

    पुलिस के मुताबिक सोमवार रात करीब 12 बजकर 30 मिनट पर घटना की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम राजकमल रेसीडेंसी स्थित फ्लैट पर पहुंची और जांच शुरू की। मौके पर शव की स्थिति का निरीक्षण किया गया। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। शरीर पर चोट के हल्के निशान मिलने के बाद पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।

    निर्मल मूल रूप से बागड़दा एरोड्रम क्षेत्र का निवासी था। वह बिजली विभाग में लाइनमैन के रूप में कार्यरत था। पुलिस के अनुसार वह राजकमल रेसीडेंसी में रहने वाली महिला का परिचित था। महिला अपने पति से अलग रहती है। फिलहाल पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की है ताकि घटना से जुड़ी परिस्थितियों और मृतक के फ्लैट तक पहुंचने के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।

    सीसीटीवी फुटेज भी जांच के दायरे में

    पुलिस जांच में सोसायटी के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कैमरों में निर्मल बिल्डिंग में पीछे के रास्ते से आता दिखाई दिया है। पुलिस अब फुटेज और घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि निर्मल फ्लैट पर कब पहुंचा था और उसके बाद वहां क्या परिस्थितियां बनीं।

    हालांकि अभी तक पुलिस की ओर से मौत के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। शरीर पर मिले चोट के निशानों की प्रकृति और उनकी मौत से संभावित संबंध का पता मेडिकल जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस महिला से पूछताछ के साथ दूसरे जरूरी पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

    एसीपी निधि सक्सेना के मुताबिक शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है और महिला मित्र से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोट के निशान कैसे आए और क्या उनका मौत से कोई संबंध है।

    निर्मल के परिवार में पत्नी और एक बेटी हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लिए भी यह मामला चिंता और सदमे का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस ने मौत को लेकर किसी अंतिम नतीजे की घोषणा नहीं की है। जांच के नतीजे और मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल सीसीटीवी फुटेज पूछताछ और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

  • रिटायर्ड IAS की हत्या के 26 दिन बाद भी फरार वरुण का सुराग नहीं, मोबाइल की सर्च हिस्ट्री और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही SIT

    रिटायर्ड IAS की हत्या के 26 दिन बाद भी फरार वरुण का सुराग नहीं, मोबाइल की सर्च हिस्ट्री और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही SIT


    भोपाल । भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में फरार केयरटेकर वरुण कुमार को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस की जांच में उसके पुराने पारिवारिक विवादों और आक्रामक व्यवहार से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। जांच से जुड़े इनपुट के मुताबिक वरुण अपने पिता की दूसरी शादी से नाराज था और इस वजह से उन पर हमला भी कर चुका था। इसके अलावा पंजाब में रहने वाली अपनी नाबालिग गर्लफ्रेंड के साथ मारपीट के मामले में भी उसका नाम सामने आया है। हालांकि पुलिस के अनुसार इन पुराने विवादों का राकेश अग्रवाल की हत्या से सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस आरोपी की तलाश और हत्या से जुड़े सबूतों की पड़ताल पर है।

    राकेश अग्रवाल की हत्या 30 सितंबर को भोपाल के रातीबड़ इलाके के सूरज नगर स्थित उनके घर में हुई थी। वारदात के बाद से केयरटेकर वरुण कुमार फरार है। मामले में गठित विशेष जांच टीम यानी एसआईटी अब नए सिरे से जांच कर रही है। पुलिस अलग-अलग शहरों में आरोपी के संपर्कों और संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी है। जांच के दौरान सामने आया है कि वरुण ग्वालियर आगरा दिल्ली और भोपाल जैसे शहरों में केयरटेकर के तौर पर काम कर चुका है। वह करीब छह साल से अपने परिवार से अलग रह रहा था। उसके परिजनों और करीबी लोगों से पूछताछ के दौरान पुराने विवादों और उसके व्यवहार से संबंधित जानकारियां मिली हैं।

    इस हत्याकांड की जांच में एक महत्वपूर्ण सुराग मृतक का मोबाइल फोन भी है। पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद वरुण राकेश अग्रवाल का मोबाइल अपने साथ ले गया था। क्राइम ब्रांच ने बाद में फोन बरामद कर लिया। जांच से जुड़े इनपुट के अनुसार आरोपी ने करीब दो दिन तक इस मोबाइल का इस्तेमाल किया था। अब पुलिस फोन की सर्च हिस्ट्री कॉल रिकॉर्ड मैसेज और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की पड़ताल कर रही है। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से वारदात के बाद आरोपी की गतिविधियों और उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती है।

    पुलिस ने वरुण की तलाश में कई जगहों पर जांच की है। उसकी आखिरी लोकेशन आगरा-वृंदावन रोड पर ट्रेस किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद से उसका कोई पुख्ता सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस पंजाब में रहने वाली उसकी बहन आगरा में उसके दोस्तों और ग्वालियर में रहने वाले पिता से भी पूछताछ कर चुकी है। अलग-अलग शहरों में उसके पुराने संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि फरारी के दौरान उसे मदद मिलने की संभावनाओं की जांच की जा सके।

    एसआईटी अब सीसीटीवी फुटेज और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों का दोबारा विश्लेषण कर रही है। वारदात के बाद आरोपी के भागने के रास्ते और उसकी गतिविधियों को समझने के लिए उपलब्ध फुटेज की जांच की जा रही है। पहले सामने आई जानकारी के अनुसार हत्या के बाद वरुण घर से निकलकर करीब दो किलोमीटर तक गया था और फिर ट्रेन से फरार होने की आशंका जताई गई थी। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों को अन्य तथ्यों से मिलाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

    इस मामले में पुराने आर्थिक विवाद का पहलू भी जांच के दायरे में बताया गया है। सामने आई जानकारी के अनुसार राकेश अग्रवाल ने करीब 11 महीने पहले अपने पूर्व परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को लेकर शिकायत की थी। पुलिस जांच में इस पहलू की क्या भूमिका है यह अभी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल वरुण की गिरफ्तारी इस मामले की जांच के लिए अहम बनी हुई है। पुलिस के सामने चुनौती यह है कि फरार आरोपी का पता लगाकर हत्या के पीछे की परिस्थितियों और घटनाक्रम को साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट किया जाए।

  • हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान की संपत्ति का आंकड़ा 65.71 करोड़ तक पहुंचा, लोकायुक्त को मिले नए प्लॉट और बैंक खातों के रिकॉर्ड

    हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान की संपत्ति का आंकड़ा 65.71 करोड़ तक पहुंचा, लोकायुक्त को मिले नए प्लॉट और बैंक खातों के रिकॉर्ड


    इंदौर  । इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल ड्राइवर फिरोज खान की संपत्तियों को लेकर लोकायुक्त की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच के दौरान देवास की आदर्श कॉलोनी में दो प्लॉट बैंक खातों में जमा रकम और एक आरा मशीन की जानकारी सामने आई है। लोकायुक्त के मुताबिक अब तक फिरोज खान से संबंधित 50 अचल संपत्तियां चिह्नित की जा चुकी हैं। इनकी सरकारी गाइडलाइन के अनुसार कीमत 18.29 करोड़ रुपये आंकी गई है जबकि अनुमानित बाजार मूल्य 65.71 करोड़ रुपये बताया गया है। जांच एजेंसी संपत्तियों के दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है ताकि संपत्ति से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा सके।

    लोकायुक्त ने 14 अक्टूबर को फिरोज खान से जुड़े विभिन्न आवासों और ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस कार्रवाई के बाद से जमीनों मकानों बैंक खातों और अन्य निवेशों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में देवास के सीनियर राधागंज क्षेत्र की आदर्श कॉलोनी में दो प्लॉट की जानकारी सामने आई। रिकॉर्ड के अनुसार प्लॉट नंबर 16ए का क्षेत्रफल 958 वर्गफीट और प्लॉट नंबर 45 का क्षेत्रफल 1060 वर्गफीट है। दोनों प्लॉट साहिल ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर क्रमशः 8.74 लाख रुपये और 9.32 लाख रुपये में खरीदे गए थे। इनकी मौजूदा अनुमानित बाजार कीमत करीब 60.54 लाख रुपये बताई गई है।

    जांच में बैंक खातों में जमा रकम का विवरण भी सामने आया है। लोकायुक्त को बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक महाराजा रियल एस्टेट के खाते में 9.70 लाख रुपये जमा पाए गए हैं। अब तक विभिन्न बैंक खातों में कुल 19.76 लाख रुपये जमा होने की जानकारी मिली है। एजेंसी इन खातों से जुड़े लेनदेन और दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य संपत्तियों के स्वामित्व और खरीद से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल करना है। आगे की जांच में खातों में जमा रकम के स्रोत और संबंधित लेनदेन से जुड़े तथ्यों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

    देवास जिले के सोनकच्छ क्षेत्र के पिपलरावां में लकड़ी की आरा मशीन होने की जानकारी भी जांच के दौरान मिली है। रिकॉर्ड के अनुसार यह आरा मशीन फिरोज खान की मां वहीदा खान के नाम पर 6 लाख रुपये में खरीदी गई थी। लोकायुक्त इस संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रहा है। इसके साथ ही अन्य संपत्तियों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि संबंधित संपत्तियां कब और किसके नाम पर खरीदी गईं और उनके लेनदेन का विवरण क्या है।

    लोकायुक्त के अनुसार अब तक फिरोज खान से संबंधित 50 अचल संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। इनकी गाइडलाइन कीमत और बाजार मूल्य में बड़ा अंतर बताया गया है। सरकारी गाइडलाइन के आधार पर इन संपत्तियों की कीमत 18.29 करोड़ रुपये है जबकि अनुमानित बाजार मूल्य 65.71 करोड़ रुपये आंका गया है। जांच एजेंसी संपत्तियों के साथ चल संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है।

    इस मामले में पहले भी फिरोज खान और उनसे जुड़े लोगों के नाम कई संपत्तियों बैंक खातों और वाहनों की जानकारी सामने आने की खबरें प्रकाशित हुई थीं। बेटी की शादी में नोट उड़ाने के वीडियो सामने आने के बाद भी यह मामला चर्चा में आया था। अब देवास में दो प्लॉट और आरा मशीन की जानकारी मिलने के बाद जांच का दायरा आगे बढ़ा है। हालांकि संपत्तियों के मूल्य और स्वामित्व से जुड़े अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने तथा संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल लोकायुक्त की टीम उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर मामले की जांच जारी रखे हुए है।

  • शिकायत करने थाने जा रहा था परिवार, रास्ते में घेरकर मां-बहन और भाई को पीटा, शिवपुरी में 7 लोगों पर FIR दर्ज

    शिकायत करने थाने जा रहा था परिवार, रास्ते में घेरकर मां-बहन और भाई को पीटा, शिवपुरी में 7 लोगों पर FIR दर्ज


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में पुरानी रंजिश को लेकर एक ही परिवार के सदस्यों के साथ दो बार मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। खनियाधाना थाना क्षेत्र के बसंतपुर गांव में हुए इस घटनाक्रम में परिवार के पांच लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि पहले पिता और ताऊ के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। इसके बाद परिवार के लोग जब शिकायत करने थाने जा रहे थे तो रास्ते में उनकी मां बहन और भाई के साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    शिकायतकर्ता सुनील लोधी उम्र 18 वर्ष के मुताबिक घटना 21 अक्टूबर की दोपहर करीब दो बजे की है। वह अपने ताऊ के बेटे अमित लोधी को इलाज के लिए शिवपुरी ले जा रहा था। इसी दौरान गांव में नीलेश लोधी के घर के सामने कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। सुनील का आरोप है कि आनंद लोधी जनकराम लोधी राजकुमार लोधी और करन लोधी ने पुरानी रंजिश को लेकर गाली गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई।

    सुनील की शिकायत के अनुसार इस दौरान राजकुमार और करन ने उसके पिता रमेश लोधी के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। वहीं आनंद और जनकराम ने उसके ताऊ हरभजन लोधी को निशाना बनाया। मारपीट में दोनों को सिर सहित शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोटें आईं। घटना के बाद परिवार के लोग घायलों को लेकर आगे की कार्रवाई करने और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी करने लगे।

    आरोप है कि परिवार के सदस्य जब पहली घटना की शिकायत करने थाने जा रहे थे तभी रास्ते में एक बार फिर विवाद हो गया। सुनील के मुताबिक प्रागीलाल लोधी रजभान लोधी और यशपाल लोधी ने उसकी मां सुमन ताई कुसमा बहन सोनम और भाई अभिषेक के साथ मारपीट की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चारों को जमीन पर पटककर लात-घूंसों से पीटा गया। अचानक हुए इस हमले से परिवार के सदस्य घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।

    सुनील ने पुलिस को बताया कि बीच-बचाव के दौरान आरोपियों ने थाने में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। परिवार का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते उन्हें निशाना बनाया गया और शिकायत करने जाने के दौरान दोबारा हमला किया गया। हालांकि घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। अब मामले में आरोपों की जांच की जा रही है और घटना के दौरान मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई जा सकती है। पुलिस की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों घटनाओं में किसकी क्या भूमिका रही और विवाद की वास्तविक वजह क्या थी।

    बसंतपुर गांव की इस घटना में एक ही परिवार के सदस्यों के साथ दो बार मारपीट किए जाने के आरोप ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। फिलहाल घायलों का उपचार कराया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

  • पुरानी रंजिश में पथराव और गोलियां चलने से मचा हड़कंप, ग्वालियर में मुख्य आरोपी उदय गुर्जर पकड़ा गया, बाकी की तलाश तेज

    पुरानी रंजिश में पथराव और गोलियां चलने से मचा हड़कंप, ग्वालियर में मुख्य आरोपी उदय गुर्जर पकड़ा गया, बाकी की तलाश तेज


    ग्वालियर । ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र के दुल्लपुर इलाके में पथराव और फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बुधवार देर रात इस मामले के मुख्य आरोपी उदय गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बन गया था। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया था। आरोप है कि दोनों ओर से छतों पर चढ़कर पत्थर बरसाए गए और फायरिंग भी की गई। इस दौरान घरों के बाहर खड़े कई वाहनों के कांच टूट गए थे। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

    मामला 7 अक्टूबर का है जब दुल्लपुर इलाके में रहने वाले रघुवीर गुर्जर और रामवीर गुर्जर के परिवारों के बीच कहासुनी हो गई थी। दोनों परिवार एक दूसरे के आमने सामने रहते हैं। जानकारी के मुताबिक घर के पास खड़ी कार के नजदीक आग जलाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। शुरुआत में मामूली दिखाई देने वाली यह कहासुनी कुछ ही देर में बढ़ गई और दोनों पक्षों के लोग आमने सामने आ गए। इसके बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई और पथराव शुरू हो गया।

    बताया गया है कि विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के लोग अपने घरों की छतों पर पहुंच गए और एक दूसरे पर पत्थर फेंकने लगे। इस दौरान फायरिंग किए जाने की बात भी सामने आई थी। अचानक हुए इस घटनाक्रम से आसपास रहने वाले लोग घबरा गए। घरों के बाहर खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचा और इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान करने में जुट गई।

    पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई कि दोनों परिवारों के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था। करीब चार महीने पहले भी दोनों पक्षों के बीच हिंसक संघर्ष हुआ था। उस मामले में एक पक्ष की शिकायत पर 11 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज किया गया था। बाद में उदय गुर्जर का नाम भी इस मामले में जोड़ा गया था। बताया जा रहा है कि पुराने मामले में राजीनामा करने के लिए दबाव बनाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच रंजिश बढ़ गई थी। इसी पुरानी दुश्मनी के बीच 7 अक्टूबर को एक बार फिर विवाद भड़क गया।

    पुलिस ने अब उदय गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ के जरिए घटना की पूरी परिस्थितियों और अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। थाटीपुर थाना पुलिस इस मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के दौरान फायरिंग किसने की और हिंसा में किन लोगों की भूमिका रही।

    दुल्लपुर की यह घटना बताती है कि पुरानी रंजिश और मामूली विवाद किस तरह गंभीर हिंसा का रूप ले सकते हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पूछताछ तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। इलाके के लोगों को अब उम्मीद है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई के बाद स्थिति सामान्य होगी और इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सकेगी।

  • टीआई और ड्राइवर ने पीटा, सिर फोड़ा और वर्दी फाड़ी, हवलदार का आरोप, शिकायत के बाद भी ASP ने किया सस्पेंड, जांच शुरू

    टीआई और ड्राइवर ने पीटा, सिर फोड़ा और वर्दी फाड़ी, हवलदार का आरोप, शिकायत के बाद भी ASP ने किया सस्पेंड, जांच शुरू


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में नो-एंट्री पॉइंट पर ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। शहपुरा थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक लखन निषाद ने थाना प्रभारी प्रवीण कुमार धुर्वे उनके ड्राइवर और अन्य पुलिसकर्मियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। हवलदार का दावा है कि विवाद के दौरान उनका सिर और नाक घायल हो गए एक दांत टूट गया चश्मा क्षतिग्रस्त हो गया और वर्दी भी फाड़ दी गई। दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों ने प्रधान आरक्षक को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया है। मामले की जांच एसडीओपी पाटन को सौंपी गई है।

    जानकारी के अनुसार रविवार देर रात शहपुरा के बाहर नो-एंट्री पॉइंट पर बैरिकेड लगाकर भारी वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश थे कि रात एक बजे से पहले भारी वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाए। रात करीब साढ़े बारह बजे तक सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। इसी दौरान भोपाल की ओर जा रहे एक ट्रक चालक ने जल्द आगे जाने की अनुमति देने का आग्रह किया। प्रधान आरक्षक लखन निषाद के अनुसार उन्होंने चालक को थाना प्रभारी प्रवीण कुमार धुर्वे का मोबाइल नंबर दिया और कहा कि यदि अधिकारी अनुमति देते हैं तो वाहन को आगे जाने दिया जा सकता है।

    बताया जा रहा है कि ट्रक चालक ने जब थाना प्रभारी को फोन किया और बताया कि नंबर हवलदार ने दिया है तो इस बात पर टीआई नाराज हो गए। इसके बाद फोन पर ही थाना प्रभारी और प्रधान आरक्षक के बीच तीखी बहस हो गई। लखन निषाद का आरोप है कि कुछ देर बाद टीआई अपने ड्राइवर राहुल गुप्ता और आरक्षक विकास कुमार के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उनके साथ गाली गलौज की गई और विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी गई। प्रधान आरक्षक का दावा है कि इस दौरान उनके हाथ पकड़े गए और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।

    लखन निषाद के मुताबिक मारपीट में उनका एक दांत टूट गया चश्मा क्षतिग्रस्त हो गया और सिर तथा नाक पर चोटें आईं। उन्होंने वर्दी फाड़ने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि घटना के बाद जब वे अपनी गाड़ी लेने थाने पहुंचे तो उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। गंभीर चोटों और हाथ में फ्रैक्चर की आशंका के चलते उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। सोमवार को वे अपनी शिकायत लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी पहुंचे।

    हालांकि थाना प्रभारी प्रवीण कुमार धुर्वे ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि ग्वालियर में हुए मंदिर हादसे के बाद नो-एंट्री व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश थे। उनके अनुसार हवलदार वाहनों को जल्दी छोड़ने की बात कह रहे थे और उन्हें केवल समझाइश दी गई थी। टीआई ने किसी तरह के विवाद या मारपीट से इनकार किया है। इस तरह दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग हैं और घटना की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी के अनुसार अमन ढाबा के पास वाहनों को रोकने के दौरान प्रधान आरक्षक लखन निषाद ने थाना प्रभारी के साथ अनुशासनहीनता की थी। इसी आधार पर उन्हें निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच एसडीओपी पाटन को सौंपी गई है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि नो-एंट्री पॉइंट पर विवाद किस वजह से बढ़ा और मारपीट के आरोपों में कितनी सच्चाई है। पुलिसकर्मी द्वारा लगाए गए आरोपों और अधिकारियों के पक्ष को देखते हुए जांच रिपोर्ट इस मामले में अहम होगी।

  • जबलपुर में दशहरे पर दिखा परंपरा और अनुशासन का संगम, पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन, अधिकारियों और जवानों ने की सुख-समृद्धि की प्रार्थना

    जबलपुर में दशहरे पर दिखा परंपरा और अनुशासन का संगम, पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन, अधिकारियों और जवानों ने की सुख-समृद्धि की प्रार्थना


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में विजयादशमी का पर्व पारंपरिक उत्साह और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया जिसमें पुलिस विभाग के अधिकारियों और जवानों ने विधि-विधान से अपने हथियारों की पूजा की। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजन के दौरान परंपरा के निर्वहन के साथ पुलिस बल के अनुशासन सुरक्षा और कर्तव्य के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया।

    पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और इसी अवसर पर पुलिस तथा सुरक्षा बल अपने हथियारों का पूजन कर अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण व्यक्त करते हैं। कार्यक्रम में धार्मिक मान्यताओं और विभागीय अनुशासन का संगम देखने को मिला।

    पूजन के दौरान हथियारों की साफ-सफाई रखरखाव और सुरक्षित उपयोग के महत्व पर भी जोर दिया गया। पुलिस बल के लिए हथियार केवल सुरक्षा का साधन नहीं बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की रक्षा करने की जिम्मेदारी का प्रतीक भी हैं। ऐसे आयोजनों के जरिए जवानों को अपने उपकरणों की देखभाल के प्रति सजग रहने और निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करने का संदेश दिया जाता है।

    कार्यक्रम में शामिल मंत्री राकेश सिंह और पुलिस अधिकारियों ने धार्मिक परंपरा के अनुसार पूजन में हिस्सा लिया। इस अवसर पर पुलिस विभाग की टीम और प्रदेशवासियों के लिए सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। आयोजन का उद्देश्य विजयादशमी की सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ पुलिस बल में कर्तव्यनिष्ठा और एकजुटता की भावना को मजबूत करना भी रहा।

    विजयादशमी पर शस्त्र पूजन देश के कई हिस्सों में लंबे समय से चली आ रही परंपरा है। पुलिस और अन्य सुरक्षा बल इस दिन अपने हथियारों तथा उपकरणों का पूजन करते हैं। यह आयोजन उन्हें अपनी जिम्मेदारियों की याद दिलाने और सुरक्षा व्यवस्था के प्रति सतर्कता बनाए रखने का अवसर भी देता है। जबलपुर पुलिस लाइन में हुए कार्यक्रम में भी धार्मिक आस्था और पुलिस अनुशासन दोनों का महत्व सामने आया। अधिकारियों और जवानों ने इस अवसर पर सुरक्षित वातावरण बनाए रखने और अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का संकल्प दोहराया।