मामला महाराजपुरा थाना क्षेत्र के महू जमार गांव का है। 13 अक्टूबर की सुबह रेलवे ट्रैक के पास झाड़ियों में एक महिला का शव मिला था। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव की स्थिति और सिर पर गंभीर चोट के निशान देखकर हत्या की आशंका सामने आई। पुलिस के अनुसार महिला की पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को सुनसान जगह पर फेंका गया हो सकता है। हालांकि हत्या के पीछे की वजह और वारदात को अंजाम देने वालों के बारे में अभी कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है।
मृतका की पहचान के लिए पुलिस ने कई स्तर पर प्रयास किए। फॉरेंसिक और तकनीकी टीम को जांच में लगाया गया। पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से महिला के चेहरे का संभावित स्केच तैयार कराने की कोशिश भी की। लेकिन शव ज्यादा डीकंपोज हो जाने और चेहरा विकृत होने के कारण तकनीक से सटीक चेहरा तैयार नहीं हो सका। इस वजह से पुलिस को पहचान की दिशा में अपेक्षित मदद नहीं मिल पाई।
घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की गई। पुलिस अब तक 150 से ज्यादा कैमरों के फुटेज खंगाल चुकी है। इन फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की गई कि वारदात के आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति या वाहन वहां से गुजरा था या नहीं। इसके बावजूद अभी तक ऐसा कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला है जिससे मृतका की पहचान या संदिग्धों तक पहुंचा जा सके।
इसके बाद पुलिस ने संभाग के दूसरे जिलों से भी मदद लेने का फैसला किया। ग्वालियर एसपी की ओर से ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी आठ जिलों के पुलिस अधीक्षकों को आधिकारिक पत्र भेजा गया है। इसमें पिछले कुछ दिनों में लापता हुई 35 से 40 साल की महिलाओं की सूची और उनसे जुड़ा पूरा विवरण मांगा गया है। पुलिस का प्रयास है कि गुमशुदगी की रिपोर्ट में दर्ज हुलिए और अन्य जानकारियों का मृतका से मिलान किया जा सके। इससे महिला की पहचान होने के साथ उसके परिवार और आखिरी बार देखे जाने से जुड़ी अहम जानकारी भी मिल सकती है।
मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए मृतका का पैनल पोस्टमार्टम कराया गया है। इससे मौत के वास्तविक कारण और समय के बारे में अधिक सटीक जानकारी मिलने की उम्मीद है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पुलिस तकनीकी सर्विलांस सीसीटीवी फुटेज और अलग-अलग जिलों से मिल रही गुमशुदा महिलाओं की जानकारी को जोड़कर मामले की कड़ियां तलाश रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच लगातार जारी है और सभी संभावित पहलुओं पर काम किया जा रहा है। अधिकारियों ने जल्द ही मामले का खुलासा करने और आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया है। फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि रेलवे ट्रैक के पास मिली महिला कौन थी और उसकी हत्या किसने की। जब तक मृतका की पहचान नहीं होती तब तक इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना रहेगा।










