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  • मध्य प्रदेश पुलिस में देर रात बड़ा बदलाव, भोपाल ग्रामीण से सागर-नर्मदापुरम तक नए आईजी की तैनाती

    मध्य प्रदेश पुलिस में देर रात बड़ा बदलाव, भोपाल ग्रामीण से सागर-नर्मदापुरम तक नए आईजी की तैनाती


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए 9 भारतीय पुलिस सेवा यानी आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। गृह विभाग की ओर से देर रात जारी आदेशों में कई महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं। इस प्रशासनिक बदलाव के तहत शाजापुर और शहडोल जैसे अहम जिलों को नए पुलिस अधीक्षक मिले हैं जबकि भोपाल ग्रामीण सागर और नर्मदापुरम रेंज में भी नए पुलिस महानिरीक्षक यानी आईजी की तैनाती की गई है। माना जा रहा है कि कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा प्रशासनिक कार्यों में गति लाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है।

    तबादला सूची के अनुसार संजय कुमार अग्रवाल को शहडोल जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है जबकि प्रियंका शुक्ला को शाजापुर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों अधिकारियों को ऐसे समय नई जिम्मेदारी मिली है जब प्रदेश में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर सरकार लगातार सक्रिय नजर आ रही है।

    प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब तक पुलिस मुख्यालय में आईजी प्रशासन के पद पर कार्यरत रुचि वर्धन मिश्रा को भोपाल ग्रामीण जोन का नया आईजी बनाया गया है। उनके अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए उन्हें राजधानी से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं मिथिलेश शुक्ला को सागर रेंज का आईजी बनाया गया है। वे अब तक नर्मदापुरम जोन के आईजी थे और सागर रेंज का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। हिमानी खन्ना के सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद लंबे समय से अतिरिक्त प्रभार के रूप में संचालित हो रहा था जिसे अब नियमित नियुक्ति मिल गई है।

    इसी क्रम में चंद्रशेखर सोलंकी को नर्मदापुरम जोन का नया आईजी नियुक्त किया गया है। वे इससे पहले इंदौर एसएएफ रेंज में पदस्थ थे। वहीं हरि नारायणचारी मिश्रा को आईजी प्रशासन पुलिस मुख्यालय की जिम्मेदारी दी गई है। वे अभी तक आईजी एससीआरबी के पद पर कार्यरत थे।

    तबादला सूची में अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां मिली हैं। सिमाला प्रसाद को डीआईजी खरगोन रेंज बनाया गया है। यशपाल सिंह राजपूत को शाजापुर एसपी के पद से हटाकर पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर भेजा गया है जबकि रामजी श्रीवास्तव को शहडोल एसपी से एआईजी पुलिस अकादमी भौंरी पदस्थ किया गया है।

    सरकार ने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे हैं। विशेष पुलिस महानिदेशक प्रशासन आदर्श कटियार को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ स्पेशल डीजी दूरसंचार पुलिस मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं आईजी इंदौर ग्रामीण जोन अनुराग को आईजी एसएएफ इंदौर रेंज और आईजी आरएपीटीसी इंदौर की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विभागीय तबादलों के लिए समय सीमा तय की थी। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद देर रात गृह विभाग ने यह आदेश जारी किए। माना जा रहा है कि आगामी प्रशासनिक चुनौतियों और कानून व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने के लिए यह व्यापक फेरबदल किया गया है। नई नियुक्तियों से प्रदेश के विभिन्न जिलों और रेंज में पुलिस कार्यप्रणाली को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • एमपी पुलिसकर्मियों के सैलरी पैकेज पर संकट, HDFC, Axis और Canara Bank के एग्रीमेंट खत्म; PHQ ने जारी किया अलर्ट

    एमपी पुलिसकर्मियों के सैलरी पैकेज पर संकट, HDFC, Axis और Canara Bank के एग्रीमेंट खत्म; PHQ ने जारी किया अलर्ट


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सूचना सामने आई है। पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों, पुलिस अधीक्षकों और यूनिट प्रभारी अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे उन पुलिसकर्मियों को तत्काल जानकारी दें, जिनके वेतन खाते एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और केनरा बैंक में संचालित हैं। कारण यह है कि इन बैंकों के साथ पुलिस विभाग के सैलरी पैकेज संबंधी अनुबंध समाप्त हो चुके हैं।

    पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन बैंकों के साथ हुए समझौतों के तहत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को कई विशेष सुविधाएं प्रदान की जाती थीं। इनमें दुर्घटना बीमा, सामान्य मृत्यु पर आर्थिक सहायता, विशेष बैंकिंग लाभ, प्रीमियम सेवाएं और अन्य वित्तीय सुरक्षा सुविधाएं शामिल थीं। अनुबंध समाप्त होने के बाद इन सुविधाओं की निरंतरता प्रभावित हो सकती है।

    पुलिस मुख्यालय के कल्याण प्रकोष्ठ द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित बैंक अब पूर्व अनुबंध के आधार पर सुविधाएं प्रदान करने के लिए बाध्य नहीं हैं। इसलिए कर्मचारियों को इस स्थिति से अवगत कराना जरूरी है ताकि वे भविष्य में किसी भी भ्रम या वित्तीय नुकसान से बच सकें।

    दस्तावेजों के अनुसार एक्सिस बैंक के साथ 23 अप्रैल 2021 को किया गया अनुबंध 22 अप्रैल 2023 को समाप्त हो गया था। इसी प्रकार एचडीएफसी बैंक के साथ 23 अप्रैल 2021 को हुआ समझौता 22 अप्रैल 2024 तक प्रभावी रहा और उसके बाद समाप्त हो गया। वहीं केनरा बैंक के साथ 19 फरवरी 2024 को हुआ अनुबंध 18 फरवरी 2025 को समाप्त हो चुका है।

    हालांकि पुलिस मुख्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन बैंकों के साथ समझौतों के नवीनीकरण के प्रयास लगातार जारी हैं। कल्याण शाखा की ओर से बैंक प्रबंधन के साथ संपर्क बनाए रखा गया है और अनुबंधों को दोबारा लागू कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। जब तक नए समझौते नहीं हो जाते, तब तक कर्मचारियों को सैलरी पैकेज के अंतर्गत मिलने वाले अतिरिक्त लाभों की उपलब्धता को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    पुलिस मुख्यालय का मानना है कि बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी इन बैंकों की सैलरी पैकेज योजनाओं से जुड़े हुए हैं। ऐसे में अनुबंध समाप्त होने की जानकारी समय पर उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि कर्मचारी अपनी बैंकिंग और बीमा संबंधी योजनाओं की समीक्षा कर सकें।

    सूत्रों के अनुसार यदि भविष्य में नए सिरे से समझौते होते हैं तो कर्मचारियों को फिर से विशेष बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिल सकता है। फिलहाल पुलिस विभाग की सभी इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वे इस सूचना को संबंधित कर्मचारियों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाएं।

    यह आदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल के कल्याण प्रकोष्ठ की ओर से जारी किया गया है और इसे पूरे प्रदेश की पुलिस इकाइयों में लागू किया जा रहा है।

  • थाली में पानी गिरने से शुरू हुआ विवाद, मारपीट में महिला घायल: टांके लगे, 5 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं, एसपी ऑफिस के चक्कर लगा रही पीड़िता

    थाली में पानी गिरने से शुरू हुआ विवाद, मारपीट में महिला घायल: टांके लगे, 5 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं, एसपी ऑफिस के चक्कर लगा रही पीड़िता


    मध्‍य प्रदेश । शिवपुरी जिले के सीहोर थाना क्षेत्र के ग्राम गनियार में एक मामूली-सी बात ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया, जो अब पुलिस कार्रवाई को लेकर सवालों के घेरे में है। गांव निवासी सीमा कुशवाह ने दो पड़ोसी भाइयों पर गंभीर मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद से वह लगातार न्याय की मांग कर रही हैं, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई है।

    घटना 7 जून की सुबह की बताई जा रही है, जब सीमा कुशवाह अपने घर में खाना खा रही थीं। इसी दौरान पड़ोसी दौलत सिंह कुशवाह ने कथित रूप से अपने घर की पाइपलाइन चालू कर दी, जिससे पानी बहकर उनकी थाली में गिर गया। इस बात को लेकर सीमा ने विरोध जताया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

    पीड़िता का आरोप है कि विवाद के दौरान दौलत सिंह ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उनके चेहरे और नाक के पास गंभीर चोटें आईं। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां डॉक्टरों ने टांके लगाए। इसी दौरान दूसरे आरोपी सतेन्द्र कुशवाह भी मौके पर पहुंच गया और दोनों भाइयों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। जब पीड़िता के पति बीच-बचाव करने आए, तो उनके साथ भी मारपीट की गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

    घटना के बाद पीड़िता ने सीहोर थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद उन्होंने जनसुनवाई में पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। सीमा कुशवाह के अनुसार, एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था और उन्हें थाने भेजा गया, लेकिन वहां भी FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्हें वापस एसपी कार्यालय भेज दिया गया, जिससे वे लगातार चक्कर काटने को मजबूर हैं।

    पीड़िता का कहना है कि वह पिछले पांच दिनों से न्याय की मांग कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने एक बार फिर एसपी कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने, जांच कराने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

    यह मामला न केवल एक घरेलू विवाद से शुरू होकर गंभीर मारपीट तक पहुंच गया, बल्कि पुलिस कार्रवाई की धीमी गति को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है। पीड़िता लगातार प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं, जबकि मामला अभी तक दर्ज नहीं हो सका है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कब तक कार्रवाई करती है और पीड़िता को न्याय मिल पाता है या नहीं।

  • कांग्रेस आईटी सेल केस में बड़ा एक्शन, हाईकोर्ट ने CCTV सुरक्षित ,रखने के दिए निर्देश


    जबलपुर । जबलपुर स्थित मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कांग्रेस आईटी सेल से जुड़े एक मामले में भोपाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सख्त रुख अपनाया है यह मामला उन तीन युवकों से जुड़ा है जिन्हें हिरासत में लेकर बिना किसी न्यायिक आदेश और ट्रांजिट रिमांड के राजस्थान पुलिस को सौंप दिए जाने का आरोप है

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी व्यक्ति को दूसरे राज्य की पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया पूरी तरह वैधानिक और न्यायिक आदेशों के अनुसार होनी चाहिए लेकिन इस मामले में नियमों की अनदेखी किए जाने की बात सामने आई है जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है

    कोर्ट ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाए

    इसके अलावा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए गिरफ्तारी स्थल के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को कहा है कोर्ट ने विशेष रूप से 20 अप्रैल की रात 2 बजे से लेकर 21 अप्रैल की शाम 5 बजे तक के सभी सीसीटीवी रिकॉर्ड सुरक्षित करने के आदेश दिए हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो सके

    मामले में कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी जिसमें कहा गया था कि प्रक्रिया के पालन के बिना ही युवकों को राजस्थान पुलिस को सौंप दिया गया जानकारी के अनुसार तीनों युवक बिलाल निखिल और इनाम पर आरोप है कि उन्होंने राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया से जुड़े महिला आरक्षण के एक कथित फर्जी पत्र को वायरल किया था इस मामले में राजस्थान के जयपुर स्थित ज्योति नगर थाने में केस दर्ज किया गया है

    राजस्थान पुलिस इन तीनों युवकों को जयपुर ले जा चुकी है लेकिन अब इस पूरे घटनाक्रम ने कानूनी प्रक्रिया और पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि तीनों युवकों को 27 अप्रैल को हर हाल में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए फिलहाल यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है और हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस प्रशासन की भूमिका पर निगाहें और तेज हो गई हैं

  • भोपाल में एनएसजी का शक्ति प्रदर्शन, सीएम बोले- देश की सुरक्षा की गारंटी हैं ब्लैक कैट कमांडो

    भोपाल में एनएसजी का शक्ति प्रदर्शन, सीएम बोले- देश की सुरक्षा की गारंटी हैं ब्लैक कैट कमांडो


    भोपाल । भोपाल में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड को देश का अभेद्य सुरक्षा कवच बताते हुए कहा कि एनएसजी की मौजूदगी से देश हर परिस्थिति में सुरक्षित महसूस करता है लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी शो में उन्होंने समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ किया

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति जहां सबके कल्याण की बात करती है वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने यह भी साबित किया है कि यदि कोई राष्ट्र को चुनौती देता है तो उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाता है उन्होंने कहा कि अतिवादी ताकतें देश के विकास में बाधक हैं और उनसे पूरी मजबूती से निपटना आवश्यक है

    कार्यक्रम में एनएसजी कमांडो ने मॉक टेररिस्ट अटैक का जीवंत प्रदर्शन किया जिसमें आतंकवादी हमलों से निपटने की पूरी रणनीति और कार्रवाई को दर्शाया गया इस दौरान कमांडो द्वारा हवा में किए गए साहसिक करतब और सटीक ऑपरेशन ने उपस्थित लोगों को रोमांचित कर दिया मुख्यमंत्री ने इसे पराक्रम और साहस की पराकाष्ठा बताया

    मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की उन्होंने बताया कि काउंटर टेररिस्ट ग्रुप के आधुनिकीकरण के लिए 200 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है और जल्द ही इस पर कार्य शुरू किया जाएगा साथ ही भोपाल जिले की हुजूर तहसील के ग्राम तूमड़ा में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा जहां सुरक्षा बलों को आतंकवाद और आकस्मिक आपदाओं से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा

    उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के केंद्र में स्थित है इसलिए यहां इस तरह का प्रशिक्षण केंद्र राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण साबित होगा मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की एटीएस और सीटीजी यूनिट आधुनिक तकनीक और हथियारों से लैस होकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बना रही हैं

    मुख्यमंत्री ने देश के सशस्त्र बलों के पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया के सशक्त देशों में अपनी पहचान बना चुका है उन्होंने एनएसजी के इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि 1984 में स्थापित यह बल आज अपनी पेशेवर दक्षता और अनुशासन के लिए विश्वभर में जाना जाता है

    कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने जानकारी दी कि एनएसजी और मध्यप्रदेश पुलिस का संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम एक माह तक चलेगा जिसमें काउंटर टेररिज्म से जुड़े आठ प्रमुख विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा इस दौरान पुलिस जवान अपनी तकनीकी दक्षता और ऑपरेशनल क्षमता को और बेहतर बनाएंगे

    एनएसजी के महानिदेशक बी श्रीनिवासन ने कहा कि देशभर में हजारों जवानों को प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता का विकास किया गया है और मध्यप्रदेश की एटीएस तथा सीटीजी इकाइयां भी बेहतर कार्य कर रही हैं कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने पुलिस जवानों के साथ समूह चित्र खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि सुरक्षा बलों की तत्परता और साहस ही देश की सबसे बड़ी ताकत है

  • अनूपपुर में अवैध कोयले पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 टन कोयला जब्त, ड्राइवर गिरफ्तार

    अनूपपुर में अवैध कोयले पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 टन कोयला जब्त, ड्राइवर गिरफ्तार


    अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में भालूमाड़ा पुलिस ने अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार रात करीब तीन टन चोरी का कोयला जब्त किया। इस दौरान एक मालवाहक वाहन को भी पकड़ा गया और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से 49 हजार रुपए नकद भी बरामद किए हैं।

    नाकाबंदी कर पकड़ा गया अवैध कोयला

    थाना प्रभारी विपुल शुक्ला के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि एक मालवाहक वाहन में चोरी का कोयला ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम पयारी नंबर 02 में ठाकुर बाबा के पास नाकाबंदी की। जांच के दौरान पिकअप वाहन (क्रमांक CG 10 BK 0962) को रोका गया, जिसमें अवैध कोयला लोड पाया गया।

    ड्राइवर गिरफ्तार, नकदी भी बरामद

    जब्त किए गए कोयले का वजन लगभग तीन टन है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 40 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने वाहन के ड्राइवर संतोष कुमार चौधरी (42 वर्ष), निवासी मुंडा, थाना जैतहरी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से 49 हजार रुपए नकद भी बरामद हुए हैं। पुलिस को आशंका है कि यह राशि पहले बेचे गए कोयले से संबंधित हो सकती है।

    आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज

    पुलिस ने जब्त वाहन को थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा कराया है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। उसे मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

    पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

    गौरतलब है कि तीन दिन पहले 27 मार्च को भी भालूमाड़ा पुलिस ने एक ऑटो से करीब सात क्विंटल चोरी का कोयला जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह कोयला आसपास के गांवों से गुजरने वाली मालगाड़ियों से चोरी किया जाता है और बाद में ईंट भट्ठों या होटल संचालकों को बेच दिया जाता है।

  • जबलपुर में बड़ी कार्रवाई: काम में लापरवाही पर 26 थाना प्रभारियों को निंदा की सजा, एसपी ने दर्ज कराया सर्विस रिकॉर्ड में दंड

    जबलपुर में बड़ी कार्रवाई: काम में लापरवाही पर 26 थाना प्रभारियों को निंदा की सजा, एसपी ने दर्ज कराया सर्विस रिकॉर्ड में दंड


    जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से पुलिस विभाग में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है। यहां पुलिस अधीक्षक ने काम में लापरवाही बरतने वाले 26 थाना प्रभारियों टीआई के खिलाफ एक साथ सख्त कदम उठाते हुए उन्हें निंदा की सजा सुनाई है। इस कार्रवाई में शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के थाना प्रभारी शामिल हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में टीआई पर की गई कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और इसे अनुशासनात्मक सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।

    जानकारी के मुताबिक पुलिस अधीक्षक ने जिले में कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पाया कि कई थाना क्षेत्रों में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों में कमी आई है। विशेष रूप से अपराध रोकथाम के लिए की जाने वाली कार्रवाई जैसे शांति भंग की आशंका पर गिरफ्तारी बाउंड ओवर की कार्रवाई और अन्य एहतियाती कदम अपेक्षाकृत कम किए गए। इसे पुलिस अधीक्षक ने गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित थाना प्रभारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

    इसी के तहत 26 थाना प्रभारियों को निंदा की सजा दी गई है। यह सजा भले ही सेवा नियमों के अनुसार लघु दंड की श्रेणी में आती है लेकिन इसका प्रभाव अधिकारी के पूरे करियर पर पड़ सकता है। सरकारी सेवा में निंदा का अर्थ है कि कर्मचारी के खिलाफ औपचारिक रूप से लिखित चेतावनी जारी की जाती है और इसे उसके सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है। यह प्रविष्टि भविष्य में पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक निर्णयों के दौरान महत्वपूर्ण मानी जाती है।

    पुलिस विभाग के जानकारों के अनुसार निंदा की कार्रवाई भले ही निलंबन या वेतन कटौती जैसी कठोर सजा नहीं होती लेकिन यह अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। कई मामलों में इस तरह की प्रविष्टि होने से पदोन्नति की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और अधिकारी को आगे की सेवा में सावधानी बरतने की चेतावनी के रूप में भी देखा जाता है।

    बताया जा रहा है कि पुलिस अधीक्षक ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि थाना स्तर पर कानून व्यवस्था को लेकर गंभीरता बनी रहे और अधिकारी अपराध नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई समय पर करें। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि प्रतिबंधात्मक कार्रवाई अपराध रोकने का एक अहम माध्यम होती है और इसमें कमी आने से कानून व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

    इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है। कई थाना प्रभारियों को उम्मीद नहीं थी कि समीक्षा के बाद इतनी बड़ी संख्या में एक साथ कार्रवाई होगी। हालांकि विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह कदम अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराने और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई को विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इससे स्पष्ट संकेत दिया गया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध रोकने के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • मुलताई पुलिस की त्वरित कार्रवाई बहला-फुसलाकर ले जाई गई नाबालिग बालिका सकुशल बरामद

    मुलताई पुलिस की त्वरित कार्रवाई बहला-फुसलाकर ले जाई गई नाबालिग बालिका सकुशल बरामद


    बैतूल मध्यप्रदेश । बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में बहला फुसलाकर ले जाई गई एक नाबालिग बालिका को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बरामद कर लिया। बालिका के सुरक्षित मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली है। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए बालिका की तलाश शुरू की थी।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आठ मार्च को एक महिला ने थाना मुलताई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी छह मार्च की सुबह करीब दस बजे घर से निकली थी लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी। काफी देर तक बेटी के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद चिंतित मां ने पुलिस थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    महिला ने पुलिस को दी गई शिकायत में आशंका जताई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी बेटी को बहला फुसलाकर अपने साथ कहीं ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुलताई थाना पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बालिका की तलाश के लिए अलग अलग टीमें गठित कीं और संभावित स्थानों पर खोजबीन शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की और तकनीकी माध्यमों की मदद से भी सुराग जुटाए। पुलिस की सतत प्रयासों और त्वरित कार्रवाई के चलते बालिका का पता लगाने में सफलता मिली। पुलिस टीम ने बालिका को सकुशल बरामद कर लिया और उसे सुरक्षित थाना लाया गया।

    इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बेटी के सुरक्षित मिलने से परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने समय पर कार्रवाई कर उनकी बड़ी चिंता दूर कर दी।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाता है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करना प्राथमिकता होती है। इस मामले में भी शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और कम समय में बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि बालिका को किस परिस्थिति में और किसके द्वारा बहला फुसलाकर ले जाया गया था। यदि इस घटना में किसी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    मुलताई थाना पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में सराहना मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की तत्परता के कारण एक नाबालिग बालिका सुरक्षित अपने घर पहुंच सकी जो कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है।

  • इंदौर के विजयनगर में पुलिस की हाईटेक निगरानी: 40 से ज्यादा CCTV कैमरे लगे, जल्द 150 कैमरों से होगी पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग

    इंदौर के विजयनगर में पुलिस की हाईटेक निगरानी: 40 से ज्यादा CCTV कैमरे लगे, जल्द 150 कैमरों से होगी पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में अपराध पर लगाम लगाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस लगातार नई तकनीकों का सहारा ले रही है। इसी कड़ी में शहर के व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्रों में गिने जाने वाले विजयनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने हाईटेक निगरानी व्यवस्था शुरू की है। क्षेत्र में फिलहाल 40 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिनके माध्यम से पूरे इलाके की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आने वाले समय में इन कैमरों की संख्या बढ़ाकर 150 से अधिक करने की योजना भी तैयार की गई है।

    जानकारी के मुताबिक इन सभी कैमरों का कंट्रोल सीधेमध्य प्रदेश पुलिस के विजय नगर पुलिस स्टेशन से किया जा रहा है। खास बात यह है कि थाना प्रभारी के कक्ष में ही एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है जहां से पुलिसकर्मी लगातार कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इस व्यवस्था के जरिए पुलिस संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रख सकती है और किसी भी घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर सकती है।

    विजयनगर थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने बताया कि आधुनिक तकनीक के इस इस्तेमाल से अपराधियों पर नजर रखना आसान हो गया है। उनके अनुसार सीसीटीवी कैमरे अपराध रोकने और वारदात के बाद आरोपियों की पहचान करने में बेहद प्रभावी साबित हो रहे हैं। कैमरों के माध्यम से न केवल क्षेत्र की निगरानी की जा रही है बल्कि कई मामलों में अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया है।

    पुलिस अब इस निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। अगले चरण में क्षेत्र के घरों अस्पतालों मॉल दुकानों और अन्य निजी संस्थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी पुलिस के कंट्रोल रूम से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। यदि यह योजना सफल होती है तो पूरे विजयनगर क्षेत्र की निगरानी एक ही जगह से संभव हो सकेगी। इससे पुलिस को किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

    थाना प्रभारी के मुताबिक कैमरे लगने के बाद क्षेत्र में चोरी और अन्य अपराधों की घटनाओं में कमी देखने को मिली है। कई मामलों में कैमरों में कैद फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे कैमरों की संख्या बढ़ेगी वैसे-वैसे अपराधियों के लिए क्षेत्र में वारदात करना और भी मुश्किल हो जाएगा।

    फिलहाल पुलिस का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द विजयनगर थाना क्षेत्र में 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि पूरे इलाके के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा सके। पुलिस का कहना है कि इस हाईटेक निगरानी व्यवस्था से न केवल अपराध पर नियंत्रण मिलेगा बल्कि आम लोगों में भी सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।

  • मुरैना पुलिस लाइन में रंगों की धूम पुलिसकर्मियों ने खेली जमकर होली दमकल की फुहार में भीगे अफसर और जवान

    मुरैना पुलिस लाइन में रंगों की धूम पुलिसकर्मियों ने खेली जमकर होली दमकल की फुहार में भीगे अफसर और जवान


    मुरैना में पुलिस लाइन गुरुवार को रंगों और उल्लास से सराबोर नजर आई जब पुलिस अधिकारियों और जवानों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ होली का पर्व मनाया। परंपरा के अनुसार आम लोगों की होली के एक दिन बाद पुलिसकर्मियों की होली खेली जाती है क्योंकि होली के दिन पुलिस बल शहर में कानून व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी निभाता है। इसी परंपरा को निभाते हुए इस बार भी पुलिस लाइन में रंग और गुलाल के साथ होली का आयोजन किया गया जहां अनुशासन में रहने वाली पुलिस फोर्स आज मस्ती और उल्लास के रंग में डूबी दिखाई दी।

    कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब नौ बजे हुई जब पुलिस अधिकारी और कर्मचारी पुलिस लाइन में एकत्रित हुए। इसके बाद सभी अधिकारी और जवान एक साथ पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ के बंगले पहुंचे और उन्हें होली खेलने के लिए आमंत्रित किया। आमंत्रण के बाद एसपी समीर सौरभ को पुलिस लाइन लाया गया जहां रंग और गुलाल लगाकर उनके साथ होली की शुरुआत की गई। इस दौरान माहौल पूरी तरह उत्साह और उमंग से भरा हुआ दिखाई दिया और पुलिसकर्मियों ने एक दूसरे को रंग लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं।

    होली के इस आयोजन में एडिशनल एसपी सुरेंद्र प्रताप सिंह सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी एसडीओपी डीएसपी और विभिन्न थाना प्रभारियों ने भी हिस्सा लिया। सभी अधिकारियों ने एसपी को गुलाल लगाकर होली की शुरुआत की और इसके बाद पूरा परिसर रंगों से सराबोर हो गया। खास बात यह रही कि आयोजन में दमकल वाहन को भी बुलाया गया और उसकी मदद से पानी की तेज फुहार चलाकर पुलिसकर्मियों को भिगोया गया। दमकल की इस बारिश ने होली के जश्न को और भी रोमांचक बना दिया और सभी अधिकारी और जवान बच्चों की तरह मस्ती करते नजर आए।

    पुलिस लाइन में डीजे की धुनों पर भी खूब रंग जमाया गया। पुलिस अधिकारी और कर्मचारी एक साथ गानों पर थिरकते दिखाई दिए। सामान्य दिनों में अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने वाले पुलिसकर्मी इस मौके पर पूरी तरह त्योहार की मस्ती में डूबे नजर आए। रंगों से सने चेहरे और गूंजते गीतों के बीच पूरा माहौल उत्साह और भाईचारे से भर गया।

    इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने सभी पुलिसकर्मियों को होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि होली का त्योहार जीवन में खुशियां और रंग भरने का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि आम जनता सुरक्षित और शांति से होली मना सके इसके लिए पुलिसकर्मी पूरे दिन ड्यूटी निभाते हैं और कानून व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहते हैं। यही कारण है कि पुलिस की होली एक दिन बाद पुलिस लाइन में मनाई जाती है ताकि सभी पुलिसकर्मी एक साथ मिलकर इस पर्व का आनंद ले सकें।

    होली के इस आयोजन ने पुलिसकर्मियों के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारे की भावना को भी मजबूत किया। रंगों और खुशियों के इस माहौल में अधिकारी और जवानों ने मिलकर त्योहार की उमंग को साझा किया और पूरे परिसर में उत्सव का वातावरण बना रहा।