Tag: Madhya Pradesh Police
-

भोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या से उबाल, बैरागढ़ थाने में घुसने की कोशिश, लोगों की मांग आरोपी को हमारे हवाले करो
भोपाल। भोपाल के बैरागढ़ इलाके में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। शनिवार को बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे और बैरागढ़ थाने का घेराव कर दिया। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को उनके हवाले करने या उसे फांसी देने की मांग की। इस दौरान कुछ लोगों ने थाने के अंदर घुसने का प्रयास भी किया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने थाने के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।बच्ची की मौत की खबर सामने आने के बाद से ही क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है। प्रदर्शनकारी थाने के बाहर एकत्र हुए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नारे लगाए। उनका कहना था कि बच्ची के साथ हुई घटना बेहद गंभीर है और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को पुलिस के हवाले रखने के बजाय उन्हें सौंपने की मांग भी की। हालांकि कानून के तहत किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और सजा तय करने का अधिकार न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होता है।प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने बैरागढ़ थाने में प्रवेश करने की कोशिश की। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने लोगों को थाने के भीतर जाने से रोक दिया। पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों को बाहर ही रोके रखा गया। घटना के बाद इलाके में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता कानून व्यवस्था बनाए रखना और मामले की जांच को आगे बढ़ाना है।जानकारी के मुताबिक बच्ची गुरुवार रात घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश की। शुक्रवार को उसका शव बैरागढ़ क्षेत्र में कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित एक खंडहर में मिला। शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। बच्ची की हत्या की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने घटना पर नाराजगी जताई और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी।पुलिस ने मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर 23 वर्षीय एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। शुरुआती पूछताछ में उसके अपराध स्वीकार करने की बात सामने आने की जानकारी दी गई है। हालांकि मामले में आरोपों की पुष्टि और दोष तय करने की प्रक्रिया जांच तथा न्यायालय के माध्यम से पूरी होगी।प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। इस घटना ने क्षेत्र में गुस्से और भय का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की जांच कर रही है। वहीं प्रशासन के सामने कानून व्यवस्था बनाए रखने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की चुनौती है। लोगों की मांग है कि मामले में तेजी से कार्रवाई हो और दोषी को कानून के अनुसार सजा मिले। -

बैरागढ़ में मासूम की हत्या पर उबाल, आरोपी को सख्त सजा दिलाने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी, मुख्य मार्ग पर लगा जाम
भोपाल । भोपाल के बैरागढ़ इलाके में 12 साल की बच्ची की हत्या के मामले ने लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। शनिवार को बड़ी संख्या में लोग बैरागढ़ थाने के बाहर जमा हुए और आरोपी मोबिन को उनके हवाले करने के साथ उसे फांसी देने की मांग करने लगे। प्रदर्शन के दौरान लोगों का गुस्सा बढ़ता गया और कुछ प्रदर्शनकारियों ने थाने के भीतर जाने की कोशिश की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने थाने के गेट बंद कर दिए और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने और हालात नियंत्रित करने में जुटे रहे।बच्ची की हत्या की खबर सामने आने के बाद से ही क्षेत्र में तनाव का माहौल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मासूम के साथ हुई घटना बेहद गंभीर है और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर लोग थाने के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान मुख्य मार्ग पर जाम लग गया जिससे आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए स्थिति पर नजर रखी। लोग आरोपी को उनके हवाले करने की मांग पर अड़े रहे जबकि पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की।जानकारी के मुताबिक बैरागढ़ क्षेत्र में रहने वाली 12 वर्षीय बच्ची गुरुवार रात घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश की। शुक्रवार को बच्ची का शव कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित एक सुनसान खंडहर में मिला। शव मिलने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। बच्ची कबाड़ बीनने का काम करती थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आसपास के लोगों से पूछताछ की।जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। परिजनों से मिली जानकारी और अन्य शुरुआती तथ्यों के आधार पर 23 वर्षीय मोबिन को हिरासत में लिया गया। खबर के मुताबिक शुरुआती पूछताछ में उसके द्वारा अपराध स्वीकार करने की बात सामने आई है। हालांकि मामले में आरोपों की पुष्टि और अपराध से जुड़े तथ्यों को स्थापित करना पुलिस की जांच तथा कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। पुलिस साक्ष्य जुटाने और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी है।घटना के बाद लोगों में बच्ची के लिए न्याय की मांग तेज हो गई है। शनिवार को थाने के बाहर जमा भीड़ ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने थाने के गेट तक पहुंचकर अंदर जाने का प्रयास किया। भीड़ की संख्या बढ़ने और तनाव की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया। अधिकारियों की कोशिश रही कि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो और कानून व्यवस्था कायम रहे।इस मामले में बच्ची के शव की बरामदगी के बाद सामने आई परिस्थितियों ने भी लोगों को विचलित किया है। शुरुआती खबरों के मुताबिक बच्ची के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था और उसके शरीर पर चोट से जुड़े कुछ संकेत मिले थे। इन तथ्यों की विस्तृत पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी। पुलिस के लिए अब जरूरी है कि घटना से जुड़े सभी साक्ष्य सुरक्षित किए जाएं और जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाया जाए।बैरागढ़ में जारी प्रदर्शन के बीच लोगों की मांग है कि बच्ची को जल्द न्याय मिले और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। हालांकि किसी भी आरोपी को सजा देने का फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस इलाके की स्थिति पर नजर रखे हुए है। इस संवेदनशील मामले में आगे की जांच और प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। -

कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले 9 पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि, 21 अक्टूबर को परिजनों से मिलेंगे CM, लंबित भुगतान के निर्देश
भोपाल । मध्य प्रदेश में कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान गंवाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के परिवारों को राहत देने के लिए पुलिस मुख्यालय ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर 21 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। इस कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने संबंधित अधिकारियों को अनुकंपा नियुक्ति और लंबित देयकों के भुगतान से जुड़े मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गई है ताकि प्रत्येक प्रकरण की समीक्षा की जा सके और परिवारों को मिलने वाली सहायता की स्थिति स्पष्ट हो सके।पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच ड्यूटी के दौरान दिवंगत हुए नौ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय से प्राप्त हुई है। इन सभी के परिजनों को पुलिस स्मृति दिवस के कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और उनके लंबित भुगतान का निपटारा किया जाए। इस पहल का उद्देश्य उन परिवारों के मामलों को प्राथमिकता देना है जिन्होंने अपने परिजन को पुलिस सेवा के दौरान खोया है।सूची में भोपाल की 25वीं वाहिनी में पदस्थ निरीक्षक आशीष शर्मा का नाम शामिल है। इसके अलावा उज्जैन जिले के सब इंस्पेक्टर अशोक शर्मा सहायक उप निरीक्षक मदनलाल निनामा और महिला आरक्षक आरती पाल भी सूची में शामिल हैं। उमरिया के प्रधान आरक्षक ओम प्रकाश भवेदी राजगढ़ के प्रधान आरक्षक सर्जन सिंह भील मुरैना के प्रधान आरक्षक परिमाल सिंह तोमर सतना के आरक्षक विकास चतुर्वेदी और शहडोल के आरक्षक महेश प्रसाद पाठक ने भी ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई थी। इन सभी पुलिसकर्मियों के परिजनों से संबंधित मामलों में नियुक्ति और बकाया राशि के भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।सूची में शामिल निरीक्षक आशीष शर्मा नक्सल विरोधी अभियान के दौरान शहीद हुए थे। वे मध्य प्रदेश हॉक फोर्स में पदस्थ थे और छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव क्षेत्र के जंगलों में संयुक्त पुलिस अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अभियान में मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की पुलिस टीमें शामिल थीं। जंगल में पेट्रोलिंग के दौरान नक्सलियों की ओर से फायरिंग की गई थी। इस घटना में घायल आशीष शर्मा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनका बलिदान नक्सल विरोधी अभियान में पुलिसकर्मियों के सामने आने वाले जोखिमों की याद दिलाता है।उज्जैन जिले के तीन पुलिसकर्मियों की जान सितंबर 2025 में एक सड़क हादसे में गई थी। जानकारी के अनुसार लापता लड़की से जुड़े मामले की जांच के दौरान सुराग का पीछा करते समय उन्हेल थाने की कार शिप्रा नदी में गिर गई थी। इस दुर्घटना में सब इंस्पेक्टर अशोक शर्मा सहायक उप निरीक्षक मदनलाल निनामा और आरक्षक आरती पाल की मृत्यु हो गई थी। वहीं अन्य पुलिसकर्मियों की मौत सड़क दुर्घटनाओं और ड्यूटी से जुड़े हादसों में हुई। सागर जिले में बांदरी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की वैन ट्रक से टकरा गई थी। इस दुर्घटना में प्रधान आरक्षक परिमाल सिंह तोमर शहीद हो गए थे।पुलिस स्मृति दिवस हर साल उन पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। इस दिन शहीद जवानों और अधिकारियों को याद करने के साथ उनके परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना भी व्यक्त की जाती है। मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017 में शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की सम्मान निधि देने की घोषणा की थी। इस बार कार्यक्रम से पहले अनुकंपा नियुक्ति और लंबित देयकों के भुगतान पर जोर दिया गया है। अब संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई रिपोर्ट और परिवारों से मुख्यमंत्री की मुलाकात पर नजर रहेगी। -

भिंड से कानपुर तक खूनी साजिश का खुलासा, नर्सिंग ऑफिसर की हत्या कबूली, पचनदा में शव की तलाश जारी
भिंड । मध्य प्रदेश के भिंड में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक शादीशुदा युवक पर अपनी लिव-इन पार्टनर और नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक आरोपी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने पहले युवती के लापता होने की सूचना दर्ज कराई और मामले को गुमशुदगी का रूप देने की कोशिश की। हालांकि पुलिस की पड़ताल और सख्ती के बाद उसने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि स्नेहलता की हत्या करने के बाद उसके शव को उत्तर प्रदेश के पचनदा क्षेत्र में नदी में फेंक दिया गया। फिलहाल पुलिस की टीम शव की तलाश में जुटी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा है और उसकी कोई संतान नहीं थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क बिहार निवासी स्नेहलता से हुआ था। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे और उनका एक बेटा भी हुआ। पुलिस के मुताबिक समय के साथ आरोपी और उसकी पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा था। इसी पारिवारिक तनाव के बीच सत्यप्रकाश ने कथित तौर पर स्नेहलता की हत्या की साजिश रची। बताया गया है कि 8 अक्टूबर को उसने अपने बेटे को अपनी पत्नी के हवाले कर दिया। इसके बाद वह स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया।
पुलिस की जांच में सामने आए विवरण के मुताबिक इस यात्रा में एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य व्यक्ति भी साथ थे। आरोप है कि रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और उसके शव को पचनदा के पास नदी में फेंक दिया गया। हालांकि पुलिस अभी शव की तलाश कर रही है। शव बरामद होने और अन्य साक्ष्य सामने आने के बाद घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि में मदद मिल सकती है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित वारदात में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही और घटना को अंजाम देने के पीछे किन परिस्थितियों ने असर डाला।
मामले को छिपाने के लिए आरोपी ने कथित तौर पर गुमशुदगी की कहानी तैयार की। उसने भिंड की सिटी कोतवाली पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्नेहलता के लापता होने की सूचना दी। इतना ही नहीं उसने इस संबंध में पर्चे भी छपवाए। शुरुआत में यह मामला युवती के लापता होने से जुड़ा नजर आया लेकिन पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। पूछताछ के दौरान आरोपी के बयान में सामने आई जानकारी के बाद मामला हत्या की आशंका से जुड़ गया और पुलिस ने शव की तलाश शुरू कर दी।
सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के अनुसार लापता युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है और शव की तलाश की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई अभी जारी है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्य अहम होंगे। शव मिलने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच को दिशा मिल सकती है। -

डेयरी के बैनर पर मार्कर फेरने से भड़का विवाद, संचालक ने भाई और मां के साथ की मारपीट, चार लोगों पर केस
शिवपुरी । शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे में एक डेयरी के बैनर पर काले मार्कर से निशान बनाए जाने को लेकर दो डेयरी संचालकों के बीच विवाद हो गया। बुधवार रात शुरू हुआ यह विवाद मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि एक डेयरी संचालक अपने तीन साथियों के साथ दूसरे संचालक के घर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर संचालक और उसके भाई के साथ लात-घूंसों तथा लाठियों से मारपीट की गई। बीच-बचाव करने आई उनकी मां को भी नहीं बख्शा गया। घटना में गगन धाकड़ घायल हो गया जिसे उपचार के लिए कोलारस स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार कोलारस में गगन धाकड़ और रवि धाकड़ डेयरी का संचालन करते हैं। गगन धाकड़ के मुताबिक पड़ोसी रवि धाकड़ की डेयरी के बैनर पर किसी ने काले मार्कर से निशान बना दिए थे। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि रवि धाकड़ अपने साथियों वीरू धाकड़ रामकृष्ण धाकड़ और सनी देवल जाटव के साथ गगन के घर पहुंच गया। वहां पहुंचकर उन्होंने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी। बैनर पर निशान किसने बनाए थे और इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई विवाद था या नहीं इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
गगन धाकड़ के अनुसार जब उसके भाई राज धाकड़ ने गाली देने से मना किया तो विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि चारों लोगों ने गगन और राज के साथ मारपीट शुरू कर दी। दोनों पर लात-घूंसे चलाए गए और लाठियों से भी हमला किया गया। घर में मौजूद मां राजकुमारी धाकड़ जब बेटों को बचाने के लिए बीच में आईं तो उनके साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। मारपीट में गगन धाकड़ घायल हुआ जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
घटना की सूचना मिलने पर कोलारस पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने ले जाकर मामले की जानकारी ली। इसके बाद राज धाकड़ की शिकायत पर रवि धाकड़ वीरू धाकड़ रामकृष्ण धाकड़ और सनी देवल जाटव के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। घटना के पीछे बैनर पर मार्कर से निशान बनाने का विवाद बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस जांच में दोनों पक्षों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की पुष्टि की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर एक बैनर पर निशान बनाए जाने जैसी बात से शुरू हुआ विवाद परिवार के सदस्यों के साथ कथित मारपीट तक पहुंच गया। मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच के नतीजों पर नजर रहेगी। फिलहाल चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है और मामले की आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के आधार पर की जाएगी। -

हेड कॉन्स्टेबल की संपत्ति देख लोकायुक्त भी हैरान, जमीनों के सौदे से लेकर करोड़ों के बैंक ट्रांजैक्शन तक जांच के घेरे में फिरोज खान
इंदौर । इंदौर में पुलिस विभाग में हेड कॉन्स्टेबल ड्राइवर के पद पर तैनात फिरोज खान की संपत्तियों को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। लोकायुक्त पुलिस उनकी आय और संपत्ति के स्रोतों की जांच कर रही है। शुरुआती पड़ताल में छह करोड़ पचास लाख रुपए से अधिक की संपत्ति सामने आने की जानकारी दी गई है। हालांकि संपत्तियों का अंतिम मूल्यांकन और आय के स्रोतों की जांच अभी बाकी है। देवास और इंदौर में कुल 15 ठिकानों पर दस्तावेजों और संपत्तियों की पड़ताल की गई है। जांच में कृषि भूमि मकान फ्लैट कारोबारी फर्मों और बैंक खातों में हुए लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है ।इस पूरे मामले में सांवेर तहसील के ग्राम गुरान की करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि का विवाद अहम कड़ी बनकर सामने आया है। किसान परिवार के सदस्य गौरव चौधरी के मुताबिक जमीन को लेकर उनके परिवार में विवाद चल रहा था। इसी दौरान फिरोज खान ने उनके पिता से संपर्क किया और 35 लाख रुपए प्रति बीघा की दर से जमीन का सौदा करने की बात सामने आई। आरोप है कि बाद में अदालत ने जमीन पर स्थगन दिया और परिवार में समझौता होने के बावजूद जमीन को ऊंचे दाम पर बेचने की कोशिश की गई। गौरव का दावा है कि उनके पिता पर दबाव बनाकर कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए। इन आरोपों की जांच की जा रही है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि फिरोज खान विवादित जमीनों के सौदों में सक्रिय रहता था। बागली और राजोद की जमीनों से जुड़े मामले भी जांच के दायरे में हैं। आरोपों के अनुसार वह जमीन विवाद में उलझे परिवारों से संपर्क कर कम कीमत पर जमीन खरीदने का सौदा करता था और पुलिस विभाग में पदस्थ होने का प्रभाव दिखाकर दूसरे पक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश करता था। इसके बाद जमीन परिचितों के नाम कराने और बाजार में अधिक कीमत पर बेचने के आरोप हैं। इन मामलों में जमीन की रजिस्ट्री और वास्तविक कब्जे की स्थिति की जांच की जा रही है।
लोकायुक्त की पड़ताल में इंदौर की स्कीम नंबर 94 स्थित मनोरमा अपार्टमेंट में फिरोज की मां वहीदा खान के नाम दो फ्लैट और श्रीनगर कॉलोनी में एक अन्य फ्लैट की जानकारी सामने आई है। देवास में मकान और प्लॉट भी जांच के दायरे में हैं। मां और पत्नी के नाम साहिल ट्रेडिंग कंपनी का उल्लेख मिला है जिसके बैंक खातों में करोड़ों रुपए के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा रोशनी वर्मा के नाम रोशनी सेल्स एंड सर्विस और रियल एस्टेट निवेश से जुड़ी रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों को यह पता लगाना है कि इन फर्मों का वास्तविक कारोबार क्या है और संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल रकम कहां से आई।
जांच में देवास के आदर्श नगर सहित पुष्पकुंज कॉलोनी विजय नगर कॉलोनी इंदिरा गांधी नगर जेतपुरा और गद्दूखेड़ी की संपत्तियों का भी उल्लेख है। ग्राम गुरान गजीपुरा और बागली क्षेत्र की जमीनों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। कुछ जमीनों के राजस्व रिकॉर्ड में वर्ष 2023 से फिरोज या उनके परिचितों के नाम दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अब रजिस्ट्री नामांतरण और वास्तविक कब्जे का मिलान किया जाएगा। शिकायत में महंगी गाड़ियों और लकड़ी के कारोबार से जुड़े होने के आरोप भी लगाए गए हैं। स्कॉर्पियो सहित अन्य वाहनों की खरीद और भुगतान के स्रोतों की जांच होगी।
फरवरी में फिरोज खान की बेटी की शादी इंदौर के ग्रैंड शेरेटन और रॉयल पैलेस होटल में होने की जानकारी सामने आई थी। समारोह में नोट उड़ाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। बेटी की पढ़ाई पर लाखों रुपए खर्च होने की बात भी कही गई लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महंगी जीवनशैली या शादी का खर्च अपने आप में आय से अधिक संपत्ति का प्रमाण नहीं है। हालांकि जांच में इन खर्चों का उपलब्ध वित्तीय रिकॉर्ड से मिलान किया जा सकता है।
लोकायुक्त के डीएसपी सुनील तालान के मुताबिक फिरोज खान की संपत्तियों और जमीनों के कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल जारी है। अन्य संपत्तियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कुल संपत्ति उसके वैध आय स्रोतों और कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
-

चीफ जस्टिस के बंगले से चंद कदम दूर सनसनीखेज घटना, लूट की कोशिश के बाद एक्टिवा से फरार हुए 5 युवक
जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण इलाके में लूट की कोशिश का मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के बंगले से कुछ ही दूरी पर पांच युवकों ने एक युवक को रोककर लूटने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने चाकू निकाल लिया और युवक की ओर बढ़ने लगे। अपनी जान को खतरा देखकर पीड़ित को मौके से भागना पड़ा। घटना के बाद पीड़ित ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी। वारदात से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक रांझी निवासी वैभव दुबे एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। 12 अक्टूबर की रात करीब 1 बजकर 52 मिनट पर वह एक्टिवा से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान जब वह सिविल लाइन चौराहे पर पहुंचा तो दो एक्टिवा पर सवार पांच युवकों ने उसे रोक लिया। अचानक रास्ता रोके जाने से वैभव मुश्किल स्थिति में आ गया। आरोपियों में से एक युवक अपनी गाड़ी से उतरकर उसके करीब पहुंचा। वैभव ने हिम्मत दिखाते हुए उसे पकड़ने की कोशिश की लेकिन हालात जल्द ही बदल गए।
बताया गया है कि वैभव के विरोध करने पर आरोपी वहां से हटने लगे। हालांकि कुछ दूरी पर जाकर वे फिर रुक गए। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने के मुताबिक आरोपियों ने चाकू निकाला और वैभव की ओर बढ़ने लगे। बदमाशों के हाथ में चाकू देखकर वैभव को अपनी जान का खतरा महसूस हुआ और उसने वहां से दौड़ लगा दी। करीब 56 सेकेंड के फुटेज में आरोपी एक्टिवा पर सवार होकर तेज रफ्तार से इंद्रा मार्केट की ओर भागते नजर आ रहे हैं।
घटना के बाद वैभव किसी तरह सिविल लाइन थाने पहुंचा और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। मामला हाईकोर्ट चीफ जस्टिस के बंगले के नजदीक का होने के कारण भी इलाके की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि और आरोपियों की भूमिका का पता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक पांच आरोपियों में से मास्क पहने एक युवक की पहचान करने में सफलता मिली है। बाकी आरोपियों की पहचान के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी शशि धुर्वे के अनुसार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की दो टीमें लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द हिरासत में लेने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस घटना में राहत की बात यह है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार युवक आरोपियों के चंगुल से निकलने में सफल रहा। अब पुलिस के सामने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी संदिग्धों की पहचान करने और घटना की पूरी कड़ी जोड़ने की चुनौती है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपियों का मुख्य उद्देश्य लूट था और वारदात की योजना किस तरह बनाई गई थी। -

नशे के नेटवर्क पर सख्ती की तैयारी, रीवा संभाग में करोड़ों की ड्रग्स और 312 वाहन जब्त, युवाओं को बचाने पर फोकस
रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा संभाग में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले 18 महीनों के दौरान नशे के कारोबार में शामिल 1615 आरोपियों को जेल भेजा गया है। इस अवधि में गांजा और कोरेक्स से लेकर हेरोइन स्मैक ब्राउन शुगर और एमडी ड्रग्स जैसे नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। इनकी कुल कीमत 13 करोड़ 17 लाख 39 हजार 600 रुपये बताई गई है। वहीं नशे के अवैध कारोबार में इस्तेमाल होने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों को भी जब्त किया गया है। अब प्रशासन का जोर नशे के कारोबार को रोकने के साथ इसकी लत से पीड़ित लोगों के उपचार और पुनर्वास पर भी रहेगा।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा के सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में नशामुक्त भारत अभियान की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल छोटे स्तर पर काम करने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि नशीले पदार्थों के उत्पादन और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क तक पहुंचना जरूरी है। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
बैठक में रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत ने पिछले 18 महीनों की कार्रवाई का ब्योरा प्रस्तुत किया। उनके मुताबिक इस दौरान 5535 किलो 931 ग्राम गांजा और 97 हजार 665 शीशी कोरेक्स जब्त की गई। इसके अलावा 4 लाख 13 हजार 310 नशीली टैबलेट और कैप्सूल बरामद किए गए। पुलिस ने अफीम के 450 हरे पौधों के साथ 123.6 ग्राम हेरोइन 206.54 ग्राम स्मैक 244 ग्राम ब्राउन शुगर और 3 किलो 87 ग्राम एमडी ड्रग्स भी जब्त की है। जब्त नशीले पदार्थों की कुल कीमत 13 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
नशे के अवैध कारोबार में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने 181 दोपहिया और 131 चारपहिया वाहन जब्त किए हैं। इन वाहनों की कुल कीमत 10 करोड़ 41 लाख 70 हजार रुपये बताई गई है। अधिकारियों का मानना है कि नशीले पदार्थों की सप्लाई में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों पर कार्रवाई करना भी इस नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रीवा संभाग में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ भी अभियान चलाया गया। पिछले 18 महीनों में इस संबंध में 11 हजार 998 मामले दर्ज किए गए और 12 हजार 199 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 35 हजार 890 लीटर अवैध देशी शराब और 22 हजार 807 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई। जब्त शराब की कीमत 3 करोड़ 97 लाख 53 हजार 333 रुपये बताई गई है। उप मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश भी दिए।
राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि विंध्य क्षेत्र में कृषि उद्योग व्यापार और बुनियादी सुविधाओं के विकास से लोगों की आमदनी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में युवाओं का नशे की गिरफ्त में आना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने नशामुक्ति केंद्रों को सक्रिय करने और पीड़ितों को उपचार के साथ पुनर्वास की सुविधा देने पर जोर दिया। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि इसी सप्ताह नशे की लत से पीड़ित 50 लोगों की पहचान कर उन्हें पुनर्वास के लिए नशामुक्ति केंद्रों में भर्ती कराने की योजना है। कोरेक्स की लत से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा।
बैठक में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन की कोशिश है कि नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ लोगों को नशे से बाहर निकालने के लिए उपचार और जागरूकता पर भी काम किया जाए। -

सतना में गरबा प्रैक्टिस से लौट रही युवती का रास्ता रोककर छेड़छाड़, शादी का दबाव बनाने का आरोप, हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार
सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले में गरबा प्रैक्टिस करके घर लौट रही एक युवती के साथ छेड़छाड़ और जबरदस्ती करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक ने युवती का रास्ता रोककर उस पर शादी करने का दबाव बनाया। युवती ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसका मुंह दबाने की कोशिश की और मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया। घटना के बाद आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। पीड़िता की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक घटना 2 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे की है। युवती धवारी स्थित रंगभूमि पैलेस में गरबा प्रैक्टिस करने गई थी। अभ्यास खत्म होने के बाद वह पैदल अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान व्यंकट क्रमांक-1 स्कूल के पास ध्रुव पटारिया स्कूटी से वहां पहुंचा और युवती का रास्ता रोक लिया। आरोप है कि युवक ने युवती का हाथ पकड़कर उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की और शादी करने के लिए दबाव बनाने लगा। युवती ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसका मुंह दबाने का प्रयास किया। इस दौरान उसने युवती का मोबाइल भी छीन लिया और जमीन पर पटक दिया जिससे मोबाइल टूट गया।
घटना के दौरान आसपास के लोगों के पहुंचने पर आरोपी वहां से भाग निकला। जाने से पहले उसने युवती को धमकी भी दी। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस के पास पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की पहचान और उसके ठिकाने की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
सिटी कोतवाली थाना प्रभारी हेमंत शर्मा के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान ध्रुव पटारिया उम्र 22 वर्ष पिता राकेश पटारिया निवासी कंपनी बाग थाना सिटी कोतवाली सतना के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में पहले से कई गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। हालांकि इन मामलों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक जानकारी में नहीं दिया गया है। इस कार्रवाई में महिला प्रधान आरक्षक नीरा बागरी प्रधान आरक्षक मनोज सिंह बघेल आरक्षक धीरेन्द्र पटेल बलराम चौधरी और शिव कुमार तिवारी की भूमिका रही।
घटना ने महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर उनकी आवाजाही से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। गरबा जैसे सांस्कृतिक आयोजनों से लौटते समय भी सुरक्षा का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। ऐसे मामलों में पीड़ित की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होती है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। -

80 वर्षीय बुजुर्ग को आया बैंक अधिकारी का वीडियो कॉल, सीनियर सिटीजन कार्ड का झांसा देकर खाते से उड़ाए 10 लाख
उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है जहां सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने 80 वर्षीय रिटायर्ड प्रिंसिपल के बैंक खाते से 10 लाख रुपये निकाल लिए। आरोपी ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताकर बुजुर्ग से वॉट्सऐप वीडियो कॉल पर बातचीत की और इसी दौरान ATM कार्ड का नंबर पिन बैंक खाते की जानकारी तथा जन्मतिथि हासिल कर ली। कुछ समय बाद बुजुर्ग को ठगी का संदेह हुआ तो उन्होंने पड़ोसी को घटना की जानकारी दी और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। हालांकि तब तक उनके खाते से तीन बार में पूरी रकम निकाली जा चुकी थी। माधव नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस के अनुसार फरियादी सनत कुमार जैन उज्जैन के निर्माण नगर सेठीनगर क्षेत्र के निवासी हैं। वह आईटीआई कॉलेज में प्रिंसिपल के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। 11 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे उनके वॉट्सऐप नंबर पर एक अनजान मोबाइल नंबर से वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताया। उसने बुजुर्ग से पूछा कि क्या वह सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाना चाहते हैं। बुजुर्ग ने जब इसमें रुचि दिखाई तो आरोपी ने कार्ड बनवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही।इसी बहाने आरोपी ने उनसे ATM कार्ड का नंबर पिन बैंक खाते से संबंधित जानकारी और जन्मतिथि पूछ ली। बुजुर्ग को लगा कि बैंक से जुड़ी औपचारिकता पूरी की जा रही है इसलिए उन्होंने मांगी गई जानकारी साझा कर दी। जानकारी हासिल करने के बाद कॉल करने वाले ने उन्हें कुछ देर इंतजार करने के लिए कहा और फिर फोन काट दिया। इसके कुछ समय बाद सनत कुमार जैन को आशंका हुई कि उनके साथ धोखाधड़ी हो सकती है। उन्होंने तुरंत अपने पड़ोसी संजय शंकमनिरकर को पूरी घटना बताई। पड़ोसी ने भी इसे साइबर ठगी का मामला होने की आशंका जताई और शिकायत करने की सलाह दी।इसके बाद बुजुर्ग ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। हालांकि खाते में हुए लेनदेन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जब उन्होंने बैंक पासबुक में एंट्री कराई तो पता चला कि खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए रकम निकाली गई है। पहले खाते से 5 लाख रुपये निकाले गए। इसके बाद 3 लाख रुपये और फिर 2 लाख रुपये का लेनदेन हुआ। इस तरह कुल 10 लाख रुपये खाते से निकल गए। घटना के सामने आने के बाद परिवार और आसपास के लोगों में भी चिंता का माहौल है।माधव नगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस उस मोबाइल नंबर की जानकारी जुटा रही है जिससे बुजुर्ग को वीडियो कॉल किया गया था। साथ ही खाते से निकाली गई रकम किन खातों में पहुंची और लेनदेन में किन लोगों की भूमिका रही इसकी भी पड़ताल की जा रही है। जांच के जरिए ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।यह घटना बुजुर्गों को निशाना बनाकर की जाने वाली साइबर ठगी के तरीकों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत भी बताती है। बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाले किसी अनजान व्यक्ति को ATM कार्ड का नंबर पिन या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। सीनियर सिटीजन कार्ड या किसी अन्य बैंकिंग सुविधा के नाम पर जानकारी मांगे जाने पर संबंधित बैंक की आधिकारिक शाखा या हेल्पलाइन से पुष्टि करना जरूरी है।