Tag: Madhya Pradesh politics

  • झालमुड़ी, राजनीति और पावर शो: मध्यप्रदेश में सियासत का ‘स्वादिष्ट’ और रंगीन अंदाज़

    झालमुड़ी, राजनीति और पावर शो: मध्यप्रदेश में सियासत का ‘स्वादिष्ट’ और रंगीन अंदाज़


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अनोखा अंदाज़ देखने को मिला। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में भाजपा की जीत का जश्न मनाया जा रहा था। मंच पर कार्यकर्ताओं के बीच झालमुड़ी का वितरण हुआ और माहौल पूरी तरह हल्का-फुल्का हो गया।
    जैसे ही मुख्यमंत्री को संबोधन के लिए बुलाया गया, उन्होंने पहले झालमुड़ी खाने की इच्छा जताई। इसके बाद उन्होंने मंच पर बैठकर झालमुड़ी का आनंद लिया। संचालन कर रही विधायक अर्चना चिटनीस ने मुस्कुराते हुए कहा कि “झालमुड़ी खाने के बाद ही संबोधन होगा,” जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताई। इसके बाद ही उन्होंने अपना संबोधन दिया और राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष पर तीखे हमले किए।

    नरोत्तम मिश्रा बने ‘झालमुड़ी वाले’, कार्यकर्ताओं का अनोखा स्वागत
    पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी झालमुड़ी के रंग में पूरी तरह रंगे नजर आए। उन्होंने भाजपा में शामिल हुए नए कार्यकर्ताओं का स्वागत झालमुड़ी खिलाकर किया। खास बात यह रही कि वे खुद “झालमुड़ी… झालमुड़ी…” कहते हुए कार्यकर्ताओं को बुलाते नजर आए।

    उनका यह अंदाज़ राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे उनकी सक्रियता और आगामी उपचुनावों की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। दतिया सीट को लेकर संभावित राजनीतिक समीकरणों के बीच मिश्रा लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।

    ‘नायक नहीं, खलनायक हूं मैं’ पर झूमा विदाई समारोह
    भिंड जिले में पुलिस अधीक्षक डॉ. असित यादव के विदाई समारोह का दृश्य पूरी तरह फिल्मी माहौल में बदल गया। उनके प्रमोशन के बाद जब विदाई दी जा रही थी, तो वहां फिल्म ‘खलनायक’ का गाना बज उठा नायक नहीं, खलनायक हूं मैं।

    इस गाने पर एसपी खुद भी झूमते नजर आए और समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। वीडियो सामने आने के बाद यह समारोह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। कुछ लोगों ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज़ में लिया, तो कुछ ने इसे अलग तरह का प्रतीकात्मक प्रदर्शन बताया।

    500 गाड़ियों के काफिले से शक्ति प्रदर्शन
    गुना के पूर्व सांसद केपी यादव ने राज्य खाद्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। वे करीब 500 गाड़ियों के काफिले के साथ भोपाल पहुंचे। जगह-जगह उनका भव्य स्वागत हुआ।

    इसके बाद उन्होंने भाजपा कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। उनके इस भव्य अंदाज़ को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। इसे उनकी राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

    राजनीति का नया रंग: हल्कापन और हाई-प्रोफाइल स्टाइल
    मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों गंभीरता के साथ मनोरंजन और प्रतीकात्मक शैली का अनोखा मिश्रण देखने को मिल रहा है। झालमुड़ी से लेकर फिल्मी गानों और शक्ति प्रदर्शनों तक हर घटना सियासत को एक नए रंग में पेश कर रही है।

  • एमपी में कल ‘हाईवे हल्ला’: आगरा-मुंबई NH पर कांग्रेस का चक्का जाम, 7 जगह ट्रैफिक थमेगा, किसानों के मुद्दों पर सियासी संग्राम

    एमपी में कल ‘हाईवे हल्ला’: आगरा-मुंबई NH पर कांग्रेस का चक्का जाम, 7 जगह ट्रैफिक थमेगा, किसानों के मुद्दों पर सियासी संग्राम


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर सियासत एक बार फिर गर्माने वाली है। कांग्रेस ने कल आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर बड़े स्तर पर चक्का जाम करने का ऐलान किया है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।

    पार्टी के मुताबिक, किसानों की समस्याओं को लेकर यह विरोध प्रदर्शन राज्य के 7 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ किया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता हाईवे पर उतरकर आवाज बुलंद करेंगे और सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करेंगे।

    बताया जा रहा है कि इस आंदोलन में पार्टी के कई बड़े नेता भी शामिल होंगे, जिससे यह प्रदर्शन और ज्यादा प्रभावशाली बनने की संभावना है। कांग्रेस का आरोप है कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम नहीं मिल रहा, साथ ही बिजली, पानी और कर्ज जैसी समस्याओं ने उन्हें परेशान कर रखा है।

    पार्टी का कहना है कि सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है, इसलिए सड़क पर उतरकर विरोध करना जरूरी हो गया है। दूसरी ओर प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है और ट्रैफिक डायवर्जन समेत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।

    इस चक्का जाम का सीधा असर आम लोगों पर भी पड़ सकता है, खासकर उन यात्रियों पर जो आगरा-मुंबई हाईवे से गुजरने वाले हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर चेक करें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।

    कुल मिलाकर, किसानों के मुद्दों को लेकर होने वाला यह प्रदर्शन प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ ला सकता है, जहां सड़क से लेकर सत्ता तक टकराव साफ नजर आएगा।

  • मध्यप्रदेश में निगम मंडलों पर बड़ा फैसला, नाम तय दिल्ली से मिली हरी झंडी ,जल्द जारी होगी सूची

    मध्यप्रदेश में निगम मंडलों पर बड़ा फैसला, नाम तय दिल्ली से मिली हरी झंडी ,जल्द जारी होगी सूची


    भोपाल । मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों एक बार फिर हलचल तेज हो गई है जहां निगम मंडलों और विभिन्न प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर तस्वीर लगभग साफ होती नजर आ रही है। लंबे समय से लंबित इस प्रक्रिया को अब अंतिम रूप दे दिया गया है और सूत्रों के अनुसार संभावित नामों की सूची को दिल्ली से हरी झंडी भी मिल चुकी है। ऐसे में अब जल्द ही आधिकारिक सूची जारी होने की संभावना जताई जा रही है जिससे कई नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

    राजनीतिक और संगठनात्मक संतुलन साधने के लिहाज से इन नियुक्तियों को बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नामों का चयन किया है। संभावित सूची के अनुसार अनुसूचित जाति आयोग के लिए कैलाश जाटव का नाम सामने आ रहा है जबकि अनुसूचित जनजाति आयोग की जिम्मेदारी भगत सिंह नेताम को दी जा सकती है। वहीं युवा आयोग के लिए प्रवीण शर्मा का नाम चर्चा में है जो युवा वर्ग को साधने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

    इसी तरह लघु उद्योग निगम के लिए विनोद गोटिया का नाम आगे चल रहा है हालांकि उनकी रुचि पर्यटन विकास निगम में बताई जा रही है। मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के लिए संजय नगाइच का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। क्षेत्रीय विकास को गति देने के उद्देश्य से कटनी विकास प्राधिकरण में शशांक श्रीवास्तव और ओरछा विकास प्राधिकरण में अखिलेश अयाची को जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके अलावा वित्त विकास निगम के लिए दीपक सक्सेना और कोल विकास प्राधिकरण के लिए रामलाल रौतेल के नाम पर भी सहमति बनने की बात कही जा रही है।

    इन संभावित नियुक्तियों के अलावा कई वरिष्ठ नेताओं को भी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है। भोपाल से जुड़े कई पूर्व मंत्रियों के नाम इस सूची में शामिल बताए जा रहे हैं जिनमें लालसिंह आर्य अरविंद भदौरिया रामनिवास रावत उमाशंकर गुप्ता कमल पटेल रामपाल सिंह और इमरती देवी जैसे अनुभवी चेहरे शामिल हैं। इसके साथ ही अंचल सोनकर संजय शुक्ला अलकेश आर्य और कलसिंह भाबर को भी अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    वहीं विधायकों और पूर्व विधायकों को भी इस बार नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। अजय बिश्नोई शैलेंद्र जैन प्रदीप लारिया ध्रुव नारायण सिंह अभिलाष पांडे और आशीष शर्मा जैसे नाम भी चर्चा में हैं जिन्हें विभिन्न निगम मंडलों या प्राधिकरणों में जिम्मेदारी दी जा सकती है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी एक ओर जहां संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है वहीं दूसरी ओर असंतुष्ट नेताओं को साधने की रणनीति भी साफ नजर आ रही है। अब सभी की नजर आधिकारिक सूची पर टिकी है जो किसी भी वक्त जारी हो सकती है और प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकती है।

  • राष्ट्रगीत विवाद: इंदौर की दो महिला कांग्रेस पार्षदों पर FIR, घंटों पूछताछ के बाद पुलिस की कार्रवाई

    राष्ट्रगीत विवाद: इंदौर की दो महिला कांग्रेस पार्षदों पर FIR, घंटों पूछताछ के बाद पुलिस की कार्रवाई


    इंदौर । नगर निगम के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के कथित अनादर के मामले में पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। जांच पूरी होने के बाद एमजी रोड थाना पुलिस ने कांग्रेस की दो महिला पार्षदों रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम के खिलाफ बुधवार को मामला दर्ज कर लिया।

    शिकायत और वीडियो के आधार पर कार्रवाई

    पुलिस ने यह कार्रवाई भाजपा पार्षदों द्वारा दी गई शिकायत और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को आधार बनाकर की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पहले दोनों पार्षदों को पूछताछ के लिए तलब किया था। एमजी रोड थाना पुलिस ने सोमवार और मंगलवार को दोनों आरोपियों को बुलाकर विस्तृत पूछताछ की। इस दौरान उनसे कई अहम सवाल पूछे गए और पूरे घटनाक्रम को लेकर उनके बयान दर्ज किए गए।

    साढ़े चार घंटे तक चली पूछताछ, दर्ज हुए बयान

    एसीपी विनोद दीक्षित के मुताबिक, भाजपा पार्षद दल ने थाने पहुंचकर इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई। सोमवार को पार्षद फौजिया शेख अलीम के बयान दर्ज किए गए, जबकि मंगलवार को रुबीना इकबाल खान से पूछताछ की गई। दोनों से करीब साढ़े चार घंटे तक सवाल-जवाब किए गए।

    इस धारा में दर्ज हुआ केस

    पूछताछ और जांच के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196/1 के तहत केस दर्ज किया है। यह धारा विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता बढ़ाने और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने से संबंधित है।

  • राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव: बाला बच्चन ने जताई भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका

    राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव: बाला बच्चन ने जताई भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका


    बड़वानी । मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस के पूर्व गृहमंत्री और राजपुर विधायक बाला बच्चन ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए राज्यसभा चुनाव में षड्यंत्र की आशंका जताई। बाला बच्चन का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस को राज्यसभा पहुंचने से रोकने के लिए अपनी रणनीति के तहत विधायकों की खरीद-फरोख्त कर रही है।

    बाला बच्चन बुधवार को बड़वानी पहुंचे और मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पहले भी भाजपा ने विधायकों की खरीद-फरोख्त कर सरकारें बनाई हैं। उन्होंने याद दिलाया कि मध्य प्रदेश में 27 विधायकों की खरीद-फरोख्त के जरिए सरकार बनाई गई थी और यह प्रयोग अन्य राज्यों में भी होते रहे हैं। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ की संभावना है, जिसे रोकने के लिए कांग्रेस पूरी तरह सतर्क है।

    पूर्व गृहमंत्री ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी की ओर से घोषित प्रत्याशी के पक्ष में सभी विधायक मतदान करेंगे और उनके विजयी होने के लिए पूरी सक्रियता के साथ काम करेंगे। बाला बच्चन ने जोर देकर कहा कि बड़वानी जिले के तीनों कांग्रेस विधायक पूरी तरह से पार्टी के साथ हैं और किसी भी प्रकार की बाहरी राजनीति से प्रभावित नहीं होंगे। उनका कहना था कि कांग्रेस पूरे राज्य में अपने विधायकों को संभालने और राज्यसभा में पूर्ण बहुमत सुनिश्चित करने के लिए सजग और अलर्ट है।

    बाला बच्चन ने यह भी कहा कि भाजपा की कथित षड्यंत्रपूर्ण गतिविधियों से लोकतंत्र कमजोर होता है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने और विधायकों की स्वतंत्र भूमिका सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बाला बच्चन का यह बयान राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गर्मी को और बढ़ा सकता है।

    पूर्व गृहमंत्री ने मीडिया से कहा कि कांग्रेस के विधायक अपने मताधिकार का प्रयोग निष्पक्ष और पार्टी लाइन के अनुसार करेंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस का उम्मीदवार विजयी होगा और पार्टी अपने विधायकों के साथ मजबूती से खड़ी है।

    राज्यसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। बाला बच्चन के बयान ने भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनावी लड़ाई को और अधिक गर्म कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पूरी तरह अपने विधायकों को जुटाकर राज्यसभा में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखेगी।

    इस प्रकार, बाला बच्चन ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह राज्यसभा चुनाव में अपने हित साधने के लिए षड्यंत्र कर रही है, जबकि कांग्रेस पूरी सजगता और सक्रियता के साथ अपने प्रत्याशी को विजयी बनाने की योजना में लगी हुई है। यह बयान मध्य प्रदेश की राजनीतिक पटल पर आगामी राज्यसभा चुनाव की सख्त लड़ाई और पारदर्शिता पर सवाल उठाता है।

  • सीएम मोहन यादव ने बताया असली धुरंधर का दौर, भाजपा विचारधारा को अमर कर संगठन विस्तार

    सीएम मोहन यादव ने बताया असली धुरंधर का दौर, भाजपा विचारधारा को अमर कर संगठन विस्तार


    भोपाल । आज भाजपा का 47वां स्थापना दिवस प्रदेशभर में उत्साह और जोश के साथ मनाया गया भोपाल के प्रदेश कार्यालय में प्राथमिक और सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन आयोजित किया गया और इसी स्थान से 17 जिलों में नए जिला कार्यालयों के भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल वर्चुअली जुड़े

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भारत अब तीसरा ऐसा देश बन गया है जो अपने दुश्मनों को उनके देश में जाकर न केवल रोकता बल्कि ठिकाने भी लगाता है उन्होंने मोदी जी के नेतृत्व में धुरंधर-2 का दौर चल रहा बताया और याद दिलाया कि पहले भी असली धुरंधर का जमाना था जब नकली नोटों के जरिए पाकिस्तान परेशान करता था उस समय भी भारत ने अपने सुरक्षा और सामर्थ्य से उनका मुकाबला किया ।

    सीएम ने भाजपा की विचारधारा की अमरता की ओर इशारा करते हुए कहा कि फीनिक्स पक्षी तो राख बनकर फिर जीवित होता है लेकिन उन्होंने भाजपा को देखा जिसकी विचारधारा अटल और अमर हो गई है उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में गठबंधन के दौर को पार करते हुए सरकार ने अपने वादों को पूरा किया और 24 दलों के साथ सफलतापूर्वक शासन चलाया ।

    प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी उसका कार्यकर्ता है और संगठन को मजबूत करने के लिए 17 जिलों में कार्यालयों का निर्माण कार्य शुरू किया गया है उनका लक्ष्य अगले स्थापना दिवस तक प्रदेश के सभी 62 जिलों में पार्टी कार्यालय बनाना है प्रत्येक कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम और पुस्तकालय की सुविधा होगी ताकि संगठन और विचारधारा से जुड़ी सामग्री आसानी से उपलब्ध हो सके

    कार्यक्रम में दिवंगत नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिजनों का सम्मान भी किया गया मुख्यमंत्री स्वयं मंच से नीचे उतरकर पूर्व विधायक स्वर्गीय रमेश शर्मा के परिजनों को सम्मानित किया इस मौके पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल सांसद विधायक और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे ।

    सीएम ने प्रदेश में सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया उन्होंने कहा कि गेहूं खरीदी में किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है और दर 2625 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है सिंचाई का क्षेत्र अब 55 लाख हेक्टेयर तक बढ़ा दिया गया है बिजली आपूर्ति में सुधार किया गया है और किसानों को पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है उन्होंने कहा कि सरकार अंत्योदय के सिद्धांत के तहत गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने के लिए कार्यरत है ।

    सीएम ने कहा कि सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास सबका प्रयास के मंत्र के साथ सरकार आगे बढ़ रही है और 17 नए कार्यालयों के भूमिपूजन के साथ संगठन विस्तार का कार्य तेज हो गया है उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी और संगठन की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया

    बीजेपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल ने कहा कि 1980 से 2026 तक 47 वर्षों में पार्टी की विकास यात्रा देश और दुनिया के लिए प्रेरणा बनी है अब पंच परिवर्तन के रूप में पर्यावरण समरसता स्वदेशी कुटुंब प्रबोधन और नागरिकता भाव जैसी चुनौतियों का सामना करना है

    प्रदेश अध्यक्ष ने जोर दिया कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना जरूरी है और पार्टी का हर कार्यकर्ता इसकी सबसे बड़ी ताकत है इस मौके पर भाजपा कार्यालय में ध्वज फहराया गया और 17 जिलों में भूमि पूजन औपचारिक रूप से किया गया मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष वर्चुअली जुड़कर इस कार्यक्रम का हिस्सा बने इस तरह भाजपा का स्थापना दिवस पार्टी विचारधारा और संगठन विस्तार दोनों के संदेश के साथ मनाया गया जिसमें राजनीतिक प्रशासनिक और सामाजिक दिशा को बल मिला

  • शक्ति प्रदर्शन के बीच भाजपा कार्यालय की नई शुरुआत क्या इस बार खड़ी होंगी दीवारें

    शक्ति प्रदर्शन के बीच भाजपा कार्यालय की नई शुरुआत क्या इस बार खड़ी होंगी दीवारें


    सीहोर । मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अपने नए जिला कार्यालय के निर्माण को लेकर बड़ा कदम उठाया है लेकिन इस बार के भूमिपूजन के साथ ही पुरानी यादें और अधूरे वादे भी चर्चा में आ गए हैं। स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी ने पूरे उत्साह और शक्ति प्रदर्शन के साथ नए कार्यालय के निर्माण का शंखनाद किया हालांकि राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इस बार यह परियोजना जमीन से उठकर वास्तव में पूरी हो पाएगी।

    इछावर रोड स्थित निर्धारित भूमि पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और भूमिपूजन की औपचारिकता पूरी की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इसे एक तरह के राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का रूप दे दिया।

    पार्टी के जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा के अनुसार प्रस्तावित कार्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और करीब 10 हजार वर्गफीट क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इस भवन के निर्माण पर लगभग डेढ़ से ढाई करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इसमें संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों के लिए अलग अलग कक्ष मीटिंग हॉल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा और चुनावी रणनीति तैयार करने के लिए एक अत्याधुनिक वार रूम भी बनाया जाएगा। साथ ही बाहर से आने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं के ठहरने के लिए गेस्टहाउस की व्यवस्था भी की जाएगी।

    हालांकि इस पूरे प्रोजेक्ट को लेकर सबसे बड़ी चुनौती इसकी विश्वसनीयता को लेकर है क्योंकि यह पहला मौका नहीं है जब इस कार्यालय के निर्माण की घोषणा हुई हो। इससे पहले भी कई बार भूमिपूजन हो चुका है लेकिन निर्माण कार्य कभी धरातल पर नहीं उतर सका। वर्ष 2016 में पहली बार भूमि क्रय कर शिलान्यास किया गया था लेकिन इसके बाद भी योजनाएं कागजों तक ही सीमित रहीं। यही वजह है कि फिलहाल पार्टी का जिला कार्यालय किराए के भवन में संचालित हो रहा है जिससे संगठनात्मक कामकाज में अस्थिरता बनी रहती है।

    इस बार पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट लक्ष्य तय करते हुए दावा किया है कि निर्माण कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाएगा और 6 अप्रैल 2027 को इसका विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। यह घोषणा कार्यकर्ताओं में नई उम्मीद जरूर जगाती है लेकिन पिछले अनुभवों को देखते हुए लोगों के मन में आशंका भी बनी हुई है।

    कुल मिलाकर यह परियोजना केवल एक भवन निर्माण तक सीमित नहीं है बल्कि यह संगठन की साख और भरोसे से भी जुड़ी हुई है। अब देखना यह होगा कि क्या इस बार भाजपा अपने इस लंबे समय से लंबित वादे को पूरा कर पाती है या फिर यह पहल भी पिछले प्रयासों की तरह अधूरी रह जाएगी। फिलहाल नजरें 2027 की तय समयसीमा पर टिकी हैं जो इस पूरे प्रोजेक्ट की असली परीक्षा साबित होगी।

  • MP में EMI मॉडल पर सरकार, नेता प्रतिपक्ष ने उठाए मुआवजा और कर्ज पर गंभीर सवाल

    MP में EMI मॉडल पर सरकार, नेता प्रतिपक्ष ने उठाए मुआवजा और कर्ज पर गंभीर सवाल

    भोपाल: मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा हादसे के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार की मुआवजा नीति और प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सिंघार ने कहा कि प्रदेश में अब तक कोई समान कंपनसेशन पॉलिसी नहीं बनाई गई। उन्होंने बताया कि सरकार घोषणाएं तो कर देती है, लेकिन पीड़ित व्यक्ति को विभागों के चक्कर लगाते रहना पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को एक स्पष्ट और सरल मुआवजा नीति बनानी चाहिए, जिससे किसी दुर्घटना के पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत मिल सके।

    सिंघार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की सभा में शामिल न होने पर छिंदवाड़ा में अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की चेतावनी देने वाले पत्र जारी किए गए। इसके अलावा उन्होंने लाड़ली बहना योजना की राशि न मिलने की धमकी भी देने का आरोप लगाया। सिंघार ने कहा कि जिन टेंडरों में कमीशन मिलता है, उनके लिए सरकार तुरंत पॉलिसी बना देती है, लेकिन गरीब और पीड़ित परिवारों के लिए कोई ठोस नीति नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार ऐसे मामलों के लिए कोई सिंगल विंडो सिस्टम बनाएगी ताकि जनता को लगातार विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ें।

    एलपीजी गैस और व्यापारियों के मुद्दे पर भी सिंघार ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने एलपीजी गैस की अल्टरनेटिव पॉलिसी नहीं बताई और न ही यह स्पष्ट किया कि रिजर्व कितना है। इसके अलावा होटल व्यवसायियों और छोटे दुकानदारों के भविष्य और उनके व्यवसाय सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने सरकार की नीति पर सवाल खड़ा किया।

    सिंघार ने पिछले पांच वर्षों के आंकड़े पेश किए और बताया कि प्रदेश में 65 हजार से ज्यादा दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 14,791 लोगों की मौत हुई। इस मामले में मध्यप्रदेश देश में दूसरे नंबर पर है। उनके अनुसार यह स्थिति सीधे तौर पर सरकार की विफलता को दर्शाती है।

    नेता प्रतिपक्ष ने मध्यप्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कर्ज लेने में माहिर हैं और प्रदेश को “EMI मॉडल” पर चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो दशकों में भाजपा सरकार ने विकास के नाम पर लाखों करोड़ का कर्ज लिया, लेकिन सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में हालात जस के तस हैं। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष खत्म होने तक चौथी बार 2,500 करोड़ का कर्ज लिया गया और इस साल कुल कर्ज 91,500 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। सिंघार ने सवाल उठाया कि क्या सरकार ने तय कर लिया है कि प्रदेश को कर्ज में डुबोकर ही छोड़ेगी।

    सिंघार ने कहा कि जनता टैक्स पर टैक्स दे रही है, महंगाई झेल रही है, लेकिन सरकार बिना किसी रोडमैप और पारदर्शिता के कर्ज ले रही है। उन्होंने पूछा कि आखिर यह कर्ज किस योजना में लगा और इसका क्या परिणाम निकला। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार को इसका जवाब देना होगा।

    सिंघार के अनुसार यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का भी है। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेताया कि अब गरीबों और पीड़ित परिवारों के हितों को प्राथमिकता दी जाए और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

  • मध्य प्रदेश राजनीति ताजा: विजयपुर फैसला, सूचना आयोग और गैस संकट पर विपक्ष-सत्तापक्ष आमने-सामने

    मध्य प्रदेश राजनीति ताजा: विजयपुर फैसला, सूचना आयोग और गैस संकट पर विपक्ष-सत्तापक्ष आमने-सामने


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन शून्य घोषित होने के फैसले को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी और न्यायपालिका का सम्मान करते हुए विश्वास जताया कि वहां न्याय मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस मामले में दबाव बनाकर निर्णय करवाना चाहती है, क्योंकि उन्हें यह स्वीकार नहीं है कि एक आदिवासी नेता चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंच गया।

    पटवारी ने भाजपा को चुनौती देते हुए विधायक निर्मला सप्रे के मामले का भी जिक्र किया और कहा कि अगर सरकार में हिम्मत है तो इस मामले में भी निर्णय कराए। वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य में सूचना आयोग के खाली पदों पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति लंबे समय से लंबित है और सरकार इस मामले में बेहद धीमी गति से काम कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से बातचीत कर दो सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की मांग भी की।

    सिंघार ने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा से जुड़े मामले और गैस सिलेंडर की कमी एवं महंगाई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना था कि भाजपा हर मामले में देर से निर्णय लेती है और जनता को राहत देने के बजाय केवल खजाना भरने में लगी है।

    वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस नेताओं के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करना चाहिए और अनावश्यक टिप्पणियों से उनकी अज्ञानता उजागर होती है।

    यह राजनीतिक वार्ता मध्य प्रदेश में आगामी चुनाव और राज्यसभा सीटों को लेकर बढ़ते तनाव की झलक देती है। विपक्ष और सरकार के बीच जारी इस बहस पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिक गई हैं।

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  • मामा कोचिंग मामा चलित अस्पताल और प्रतिभा सम्मान शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर शुरू किए जनसेवा के नए अभियान

    मामा कोचिंग मामा चलित अस्पताल और प्रतिभा सम्मान शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर शुरू किए जनसेवा के नए अभियान


    विदिशा :केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने अपने जन्मदिन के अवसर पर जनसेवा से जुड़े कई बड़े संकल्प लेने की घोषणा की है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण सेवा सहायता शिक्षा और प्रतिभा प्रोत्साहन जैसे पांच महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करने का संकल्प लिया है। उनके संसदीय क्षेत्र Vidisha में इस दिन को प्रेम सेवा संकल्प दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

    इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए मामा कोचिंग क्लासेस शुरू करने का फैसला किया है। इस पहल के तहत छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण तैयारी कराई जाएगी। शुरुआत में यह कोचिंग Vidisha के साथ साथ Raisen और Bhairunda से शुरू की जाएगी। यहां छात्रों को बैंकिंग एसएससी एमपीपीएससी डीआरडीओ और फॉरेस्ट सर्विस जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी ताकि ग्रामीण और छोटे शहरों के प्रतिभाशाली युवाओं को भी बेहतर अवसर मिल सकें।

    शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्रालयों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक नई परंपरा भी शुरू की है। उन्होंने कहा है कि सरकारी कार्यक्रमों में अब गुलदस्ते शाल और मोमेंटो की जगह पौधे भेंट किए जाएंगे। उनका मानना है कि उपहार देने के बजाय प्रकृति के लिए उपकार करना ज्यादा जरूरी है। इस अभियान के तहत पौधे लगाने वाले लोग क्यूआर कोड के माध्यम से अपनी फोटो पोर्टल पर अपलोड कर शिव वृक्ष मित्र बन सकेंगे।

    उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से भी अपील की है कि इस बार उनके जन्मदिन पर कोई भी होर्डिंग शाल या बुके लेकर न आए। इसके बजाय अधिक से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पृथ्वी सुरक्षित रह सके।

    इसके अलावा शिवराज सिंह चौहान ने अपने माता पिता की स्मृति में प्रेम सुंदर प्रतिभा सम्मान शुरू करने की घोषणा भी की है। इस योजना के तहत विदिशा लोकसभा क्षेत्र की आठों विधानसभाओं में कक्षा दसवीं और बारहवीं के टॉपर्स को सम्मानित किया जाएगा। प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः 51 हजार 31 हजार और 21 हजार रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। साथ ही लोकसभा स्तर पर भी शीर्ष तीन विद्यार्थियों को विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे।

    ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मामा चलित अस्पताल भी शुरू किए जाएंगे। इन मोबाइल अस्पतालों में आधुनिक जांच सुविधाएं और योग्य डॉक्टरों की टीम मौजूद रहेगी जो गांव गांव और दूरदराज के मजरे टोलों तक पहुंचकर लोगों को निशुल्क इलाज और परामर्श देगी। इन अस्पतालों का संचालन सांसद निधि और जनसहयोग से किया जाएगा।

    इसके साथ ही दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत क्षेत्र में दिव्यांग लोगों की पहचान कर उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दी जा रही है ताकि उनकी रोजमर्रा की आवाजाही आसान हो सके और वे बिना किसी पर निर्भर हुए अपने काम कर सकें।