Tag: Madhya Pradesh

  • एमपी बोर्ड सेकेंड एग्जाम का मौका 10वीं 12वीं के छात्रों के लिए आवेदन शुरू 7 मई से परीक्षा

    एमपी बोर्ड सेकेंड एग्जाम का मौका 10वीं 12वीं के छात्रों के लिए आवेदन शुरू 7 मई से परीक्षा


    भोपाल । मध्यप्रदेश में बोर्ड परीक्षा से जुड़े छात्रों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है जहां मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं की द्वितीय परीक्षा को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है इस फैसले के तहत उन छात्रों को बड़ा अवसर मिला है जो मुख्य परीक्षा में असफल रहे हैं या अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं

    बोर्ड द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार द्वितीय परीक्षा 7 मई 2026 से शुरू होगी इस परीक्षा में न केवल फेल हुए विद्यार्थी बल्कि वे छात्र भी शामिल हो सकेंगे जो अपने प्राप्त अंकों को बेहतर करना चाहते हैं यानी श्रेणी सुधार के इच्छुक छात्र भी इस मौके का लाभ उठा सकते हैं

    आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है छात्र एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 22 अप्रैल 2026 तक आवेदन कर सकते हैं बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होगा इसके बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा

    परीक्षा कार्यक्रम की बात करें तो 10वीं कक्षा की द्वितीय परीक्षा 7 मई से शुरू होकर 19 मई 2026 तक चलेगी वहीं 12वीं कक्षा की परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित की जाएगी इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 5 लाख विद्यार्थी इस द्वितीय परीक्षा में शामिल हो सकते हैं जो इसे एक बड़ा आयोजन बनाता है

    बोर्ड का यह कदम उन छात्रों के लिए राहत भरा है जो किसी कारणवश मुख्य परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए थे अब उन्हें बिना एक साल गंवाए अपनी स्थिति सुधारने का अवसर मिल रहा है इससे छात्रों का शैक्षणिक वर्ष भी सुरक्षित रहेगा और उनके करियर पर नकारात्मक प्रभाव भी कम होगा

    शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की द्वितीय परीक्षा प्रणाली छात्रों के लिए सकारात्मक पहल है क्योंकि इससे उन्हें एक और मौका मिलता है अपनी तैयारी को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने का साथ ही यह व्यवस्था शिक्षा प्रणाली को अधिक लचीला और छात्र हितैषी बनाती है कुल मिलाकर मध्यप्रदेश बोर्ड की यह पहल हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है जो अपने परिणाम को सुधारना चाहते हैं या आगे की पढ़ाई में बिना रुकावट के बढ़ना चाहते हैं

  • नर्मदापुरम में प्रतिभाओं का सम्मान 52 टॉपर्स को मिला मंच विधायक बोले यही जीवन के टर्निंग पॉइंट

    नर्मदापुरम में प्रतिभाओं का सम्मान 52 टॉपर्स को मिला मंच विधायक बोले यही जीवन के टर्निंग पॉइंट


    नर्मदापुरम । नर्मदापुरम जिले में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह प्रेरणा और उत्साह का केंद्र बन गया। मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं परीक्षाओं में जिले में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले 52 विद्यार्थियों को जिला पंचायत सभागार में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर सोमेश मिश्रा की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित हुआ, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में विधायक डॉ सीताशरन शर्मा मौजूद रहे।

    कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राधा पटेल, जनपद अध्यक्ष भूपेंद्र चौकसे और सीईओ हिमांशु जैन सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और सम्मान देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा जीवन का सबसे बड़ा अस्त्र है, जो व्यक्ति को हर चुनौती से लड़ने की क्षमता देता है। उन्होंने कहा कि 10वीं कक्षा जीवन का पहला महत्वपूर्ण पड़ाव होती है, जहां से भविष्य की नींव मजबूत होती है। इसके बाद 12वीं, उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में निरंतर मेहनत ही सफलता की कुंजी है।

    विधायक डॉ सीताशरन शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि 10वीं और 12वीं कक्षा जीवन के दो बड़े टर्निंग पॉइंट होते हैं। 10वीं के बाद विषयों का चयन और 12वीं के बाद करियर का निर्णय व्यक्ति के पूरे भविष्य को दिशा देता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की इस सफलता से उनके परिवारों में गर्व और खुशी का माहौल है।

    इस वर्ष के परीक्षा परिणामों में खास बात यह रही कि ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया। सीमित संसाधनों के बावजूद इन छात्रों ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता हासिल की, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।

    पथरौटा के सरकारी स्कूल की छात्रा रितिका कुरुचि ने 12वीं होम साइंस में टॉप कर एक मिसाल पेश की। माता-पिता के साये के बिना दादा-दादी और चाचा-चाची के सहयोग से पढ़ाई करते हुए उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। वहीं तारारोड़ा गांव की आंशिक सराठे ने आर्ट्स संकाय में 93.2 प्रतिशत अंक लाकर पहला स्थान प्राप्त किया। उनके पिता सैलून चलाते हैं, जिससे यह सफलता और भी प्रेरणादायक बन जाती है।

    उत्कृष्ट विद्यालय की शेख जोया ने आर्ट्स में दूसरा स्थान हासिल किया, जिनके पिता बाइक मैकेनिक हैं। गणित में अवनी गोहिया और रशिका राय, विज्ञान में आदित्य लोवंशी और नमामि बसेड़िया, कृषि में कनक चौरे और कॉमर्स में निखिल सोनी तथा शिफा शाह ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। 10वीं कक्षा में नैना यादव, सोनम परिहार और प्रिंसी साहू टॉपर रहीं।

    जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मी नारायण प्रजापति के अनुसार, जिले का 10वीं का परिणाम 78 प्रतिशत और 12वीं का 81 प्रतिशत रहा, जिससे नर्मदापुरम को प्रदेश में 16वीं रैंक प्राप्त हुई है। यह समारोह केवल सम्मान का मंच नहीं बल्कि उन संघर्षों और सफलताओं की कहानी भी है, जो यह बताती हैं कि मेहनत और संकल्प से किसी भी परिस्थिति को पार किया जा सकता है।

  • LPG किल्लत को लेकर विरोध प्रदर्शन सड़क पर उतरे लोग मंत्री का काफिला घिरा

    LPG किल्लत को लेकर विरोध प्रदर्शन सड़क पर उतरे लोग मंत्री का काफिला घिरा


    सीधी । सीधी जिले में एलपीजी गैस सिलेंडर की कथित किल्लत को लेकर लोगों का गुस्सा उस समय खुलकर सामने आ गया जब महिलाओं ने सड़क पर सिलेंडर रखकर मंत्री राधा सिंह के काफिले का रास्ता रोक दिया। यह पूरा घटनाक्रम उस वक्त हुआ जब पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह “नारी शक्ति वंदन रैली” में शामिल होने सीधी पहुंची थीं।

    जानकारी के अनुसार, मंत्री का काफिला पूजा पार्क से सम्राट चौक, सराफा बाजार और गांधी चौक होते हुए पैदल मार्च के रूप में आगे बढ़ रहा था। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी उनके साथ चल रही थीं और “नारी शक्ति, राष्ट्र शक्ति” के नारे लगाए जा रहे थे। लेकिन इसी बीच पढ़ैनिया गैस एजेंसी के पास कुछ महिलाओं ने सड़क पर सिलेंडर रखकर विरोध शुरू कर दिया और मंत्री के काफिले को रोक दिया।

    प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप था कि क्षेत्र में गैस सिलेंडर की भारी किल्लत है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि बुकिंग कराने के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा है, जिससे घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है। कुछ महिलाओं ने कहा कि इंडेन कनेक्शन होने के बावजूद सप्लाई नियमित नहीं है, जबकि प्रताप गैस एजेंसी से भी समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

    वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर मंत्री राधा सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश में कहीं कोई किल्लत नहीं है और कुछ लोग जानबूझकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में महिला आरक्षण लागू होने जा रहा है, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को बधाई दी।

    घटना के दौरान स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण रही, हालांकि कुछ ही मिनटों में मौके पर रखे गए सिलेंडर हट गए और प्रदर्शनकारी वहां से हट गए। बताया जा रहा है कि मंत्री अपने काफिले से बाहर नहीं उतरीं और स्थिति सामान्य होने के बाद कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया। इस घटना ने एक बार फिर गैस आपूर्ति व्यवस्था और जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं की परेशानियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • मध्यप्रदेश में बड़ी बैंक डकैती सिंगरौली में दिनदहाड़े लूट से पुलिस अलर्ट

    मध्यप्रदेश में बड़ी बैंक डकैती सिंगरौली में दिनदहाड़े लूट से पुलिस अलर्ट


    सिंगरौली । सिंगरौली जिले में दिनदहाड़े उस समय सनसनी फैल गई जब हथियारबंद बदमाशों ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में घुसकर बड़ी डकैती को अंजाम दिया। जिला मुख्यालय वैढ़न स्थित इस बैंक में 4 से 5 नकाबपोश बदमाश फिल्मी अंदाज में दाखिल हुए और अचानक बंदूक की नोक पर बैंक कर्मचारियों तथा वहां मौजूद ग्राहकों को बंधक बना लिया।

    घटना के दौरान बदमाशों ने बेहद तेजी से पूरे बैंक परिसर को नियंत्रण में ले लिया और कुछ ही मिनटों में कैश काउंटर से लाखों रुपये समेट लिए। पूरी वारदात इतनी सुनियोजित और तेज थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। लूट को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और बैंक परिसर को घेर लिया गया। पुलिस ने जांच के लिए बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ले ली है।

    फिलहाल पूरे शहर में नाकेबंदी कर दी गई है और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस आसपास के इलाकों और संभावित भागने के रास्तों पर लगातार जांच कर रही है। इस सनसनीखेज वारदात ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • ओंकारेश्वर में एकात्म पर्व का भव्य शुभारंभ मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक विरासत पर सीएम का संदेश

    ओंकारेश्वर में एकात्म पर्व का भव्य शुभारंभ मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक विरासत पर सीएम का संदेश


    खंडवा। ओंकारेश्वर में जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के प्रकटोत्सव पर आयोजित भव्य एकात्म पर्व का शुभारंभ आज वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच किया गया। खंडवा जिले के पवित्र ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में पांच दिवसीय इस आयोजन का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती के सान्निध्य में दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया और संतों तथा विद्वानों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मध्यप्रदेश एक अद्भुत धरती है जहां हर युग में दिव्य सानिध्य की अनुभूति होती रही है। उन्होंने कहा कि वनवास काल में भगवान श्रीराम के आगमन से लेकर श्रीकृष्ण के शिक्षा ग्रहण तक इस भूमि का इतिहास दिव्यता से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर का एकात्म धाम जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की महान परंपरा का जीवंत प्रतीक है और यह स्थान अद्वैत वेदांत की शाश्वत शिक्षाओं को विश्व पटल पर स्थापित करने की क्षमता रखता है।

    कार्यक्रम के दौरान अद्वैत लोक और अक्षर ब्रह्म प्रदर्शनी का लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने यज्ञ में आहुतियां देकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। यह आयोजन आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास और मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा वैशाख शुक्ल पंचमी के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष पद्मश्री निवेदिता भिड़े सहित कई संत और विद्वान उपस्थित रहे जिन्होंने अद्वैत दर्शन और आधुनिक युवा पीढ़ी के संबंधों पर विचार साझा किए।

    आयोजन के अंतर्गत द्वैत लोक संग्रहालय के निर्माण की भी योजना है जो दूसरे चरण में विकसित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने बड़ी राशि की स्वीकृति प्रदान की है। इस मंच पर अद्वैत वेदांत की प्रासंगिकता पर विशेष विमर्श भी शुरू हुआ जिसमें संतों ने आत्मा ब्रह्म और भगवान की एकता पर प्रकाश डाला। शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा कि यह तीनों तत्व वास्तव में एक ही सत्य के विभिन्न रूप हैं और इन्हीं के समागम से भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक चेतना का विस्तार होता है।

    पांच दिवसीय एकात्म पर्व के दौरान ओंकारेश्वर में विभिन्न धार्मिक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बन रहा है बल्कि यह अद्वैत दर्शन को आधुनिक समाज से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी माना जा रहा है। यहां आने वाले लोग भारतीय संस्कृति की गहराई और उसकी एकात्म दृष्टि का अनुभव कर रहे हैं।

    इस आयोजन के माध्यम से सरकार और संत परंपरा मिलकर भारतीय दर्शन की गहराई को जन जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। ओंकारेश्वर में बढ़ती श्रद्धालुओं की उपस्थिति से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है और पर्यटन को नई पहचान मिल रही है। यहां आने वाले युवा और विद्यार्थी अद्वैत वेदांत के मूल सिद्धांतों को समझकर जीवन में संतुलन और सकारात्मकता की प्रेरणा ले रहे हैं। यह आयोजन आने वाले समय में मध्यप्रदेश को आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आगाज: राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन, खेती को स्मार्ट बनाने पर जोर

    रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आगाज: राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन, खेती को स्मार्ट बनाने पर जोर


    भोपाल। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में तीन दिवसीय राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। रायसेन के दशहरा मैदान में शनिवार को आयोजित इस मेले का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे।

    किसानों के लिए बदलाव का मंच बनेगा महोत्सव
    उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह कृषि महोत्सव किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन खेती को नई दिशा देंगे।

    किसान अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव

    राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का आधार किसान है। कृषि और पशुपालन से शुरू होकर उद्योग और सेवाओं तक पूरी व्यवस्था किसान की मेहनत पर टिकी है। उन्होंने युवाओं से कृषि क्षेत्र से जुड़ने और आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को स्मार्ट बनाने की अपील की।

    सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का जिक्र

    अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता सीधे किसानों के खातों में पहुंच रही है जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। फसल बीमा बिजली सड़क और सिंचाई जैसी सुविधाओं में भी सुधार हुआ है।

    तकनीक और नवाचार पर विशेष फोकस
    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस मेले में देशभर के कृषि वैज्ञानिक विशेषज्ञ और प्रगतिशील किसान शामिल हुए हैं। यहां एकीकृत खेती बागवानी ड्रोन तकनीक और कम जमीन में अधिक उत्पादन जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

    किसानों के लिए सीखने का मंच
    उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेला नहीं बल्कि किसानों के लिए एक प्रशिक्षण मंच है जहां वे वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर सकते हैं और अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। इसे एक तरह से किसानों का स्कूल बताया गया।

    जिलों के लिए तैयार हो रहा विशेष रोडमैप

    शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हर राज्य के लिए कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में विदिशा रायसेन सीहोर और देवास जिलों के लिए विशेष कृषि योजनाएं बनाई गई हैं ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खेती को और बेहतर बनाया जा सके।

  • मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 26 IAS अधिकारियों के तबादले, 14 जिलों में बदले कलेक्टर

    मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 26 IAS अधिकारियों के तबादले, 14 जिलों में बदले कलेक्टर


    भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के 26 अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने गुरुवार रात आदेश जारी कर नई पदस्थापनाएं तय कीं। इस फेरबदल में 14 जिलों के कलेक्टर भी बदले गए हैं। जारी आदेश के अनुसार, जिन आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है, उनमें 14 जिलों के कलेक्टरों को इधर से उधर किया गया है।
    इनमें धार जिले के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल जिला कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि मौजूदा भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव पद के साथ आयुक्त सह-संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त और स्कूल शिक्षा विभाग की पदेन सचिव शिल्पा गुप्ता को हटाकर गृह विभाग में सचिव बनाया गया है। वहीं, उनकी जगह पर गृह विभाग में सचिव अभिषेक सिंह को आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय पदस्थ किया गया है।

    महिला अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी

    सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, तबादला सूची में महिला अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। इंदौर लोक सेवा आयोग की सचिव राखी सहाय को उमरिया कलेक्टर, सहकारिता विभाग की उप सचिव शीला दाहिमा को श्योपुर कलेक्टर और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उप सचिव बिदिशा मुखर्जी को मैहर कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा, नेहा मीना को झाबुआ से स्थानांतरित कर सिवनी कलेक्टर तथा प्रतिभा पाल को रीवा से सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीना को हटाकर वित्त विभाग में अपर सचिव और सिवनी कलेक्टर शीतला पटले को लोक सेवा आयोग में सचिव बनाया गया है। मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ को सहकारिता विभाग में उपसचिव बनाया है।

    संभाग स्तर पर भी बदलाव

    नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी को हटा कर आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण बनाया गया है। उनकी जगह पर आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ को आयुक्त नर्मदापुरम संभाग बनाया गया है। वहीं, शिवपुरी जिले के कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी को नर्मदा घाटी विकास विभाग में अपर सचिव बनाया गया है, जबकि उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन को विमानन विभाग का अपर सचिव पदस्थ किया गया है। सागर कलेक्टर संदीप जी आर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह श्रम आयुक्त इंदौर, दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव तथा पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

    अन्य जिलों में भी फेरबदल

    इसके अलावा विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह आयुक्त-सह संचालक संस्थागत वित्त तथा संचालक, बजट राजीव रंजन मीना को धार कलेक्टर, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के उप सचिव प्रताप नारायण यादव को दमोह कलेक्टर, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा जल संसाधन के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राहुल नामदेव धोटे को मंडला कलेक्टर, आयुष्मान भारत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेश तुकाराम भरसट को झाबुआ कलेक्टर, नगर पालिक निगम रीवा के आयुक्त डॉ.सौरभ संजय सोनवणे को बैतूल कलेक्टर बनाया गया है।

    इसी प्रकार श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिवपुरी कलेक्टर, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना को सिवनी कलेक्टर, मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा को नर्मदापुरम कलेक्टर, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को रीवा कलेक्टर, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को सागर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है।

  • Weather: मध्य प्रदेश में थमा ओला-बारिश का दौर, अब गर्मी दिखाएगी अपना रौद्र रूप

    Weather: मध्य प्रदेश में थमा ओला-बारिश का दौर, अब गर्मी दिखाएगी अपना रौद्र रूप


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में पिछले कई दिनों से जारी आंधी-बारिश (Storm and Rain) और ओलों (Hail) का दौर अब खत्म होने की कगार पर है। मौसम का यह राहत भरा फेज अब तेजी से बदल रहा है और प्रदेश एक बार फिर झुलसाने वाली गर्मी की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (Meteorological Department.) के अनुसार, शुक्रवार से मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा और तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।


    9 दिन बाद खत्म हुआ राहत वाला दौर

    अप्रैल की शुरुआत इस बार अलग रही। जहां आमतौर पर इस समय तक तेज गर्मी पड़ने लगती है, वहीं इस साल 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलों का असर बना रहा। लगातार एक्टिव रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस ने गर्मी पर ब्रेक लगा दिया था। गुरुवार को भी पूर्वी मध्यप्रदेश के उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। कहीं तेज आंधी चली तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई।


    अब 5 दिन नहीं होगी बारिश

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब ये सिस्टम कमजोर पड़ चुके हैं। शुक्रवार से मौसम साफ रहेगा और अगले पांच दिन तक प्रदेश में कहीं भी बारिश के आसार नहीं हैं। यानी पूरा प्रदेश ड्राई जोन में रहेगा और तापमान तेजी से बढ़ेगा।


    15 अप्रैल को नया सिस्टम, असर कम

    मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, लेकिन इसका असर मध्यप्रदेश में सीमित ही रहेगा। ऐसे में गर्मी से राहत की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।मौसम विभाग मानता है कि जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं, वैसे ही गर्मी के लिए अप्रैल और मई सबसे महत्वपूर्ण महीने हैं। इस बार मार्च के दूसरे पखवाड़े में ही तापमान 41°C के पार पहुंच गया था, लेकिन बाद में मौसम बदलने से गर्मी की रफ्तार थम गई थी।


    बार-बार बदला मौसम, फसलों को नुकसान

    इस साल फरवरी और मार्च में चार-चार बार मौसम बदला। कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ। गेहूं, पपीता और केले की फसलें प्रभावित हुईं। मार्च के आखिरी और अप्रैल के पहले पखवाड़े में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम अब अपने पुराने ट्रेंड पर लौट रहा है। बारिश का दौर थमते ही तेज धूप और गर्म हवाएं असर दिखाने लगेंगी। आने वाले दिनों में लू चलने की स्थिति भी बन सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा।

  • गुरु अर्जन देव जी के प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का संदेश, मानवता और सेवा की राह पर चलने का आह्वान

    गुरु अर्जन देव जी के प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का संदेश, मानवता और सेवा की राह पर चलने का आह्वान


    भोपाल । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सिख धर्म के पांचवें गुरु गुरु अर्जन देव जी के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। इस पावन अवसर पर उन्होंने गुरु अर्जन देव जी के जीवन और उनके आदर्शों को स्मरण करते हुए कहा कि उनका त्याग सेवा समर्पण और सहिष्णुता का संदेश आज भी पूरे विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गुरु अर्जन देव जी ने मानवता को जो मार्ग दिखाया वह केवल एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है बल्कि संपूर्ण समाज और विश्व के कल्याण के लिए है। उन्होंने कहा कि गुरु जी के विचार हमें यह सिखाते हैं कि सत्य के मार्ग पर चलते हुए हमें हर परिस्थिति में धैर्य और करुणा बनाए रखनी चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में जब समाज कई प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहा है तब गुरु अर्जन देव जी की शिक्षाएं और अधिक प्रासंगिक हो जाती हैं। उनका जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि सेवा और समर्पण के माध्यम से ही सच्ची मानवता की स्थापना की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि वे गुरु जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में प्रेम भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करें।

    डॉ यादव ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का जीवन त्याग और बलिदान की अद्भुत मिसाल है। उन्होंने समाज को एकता और समरसता का संदेश दिया और हर वर्ग को साथ लेकर चलने की प्रेरणा दी। उनके विचारों ने न केवल सिख समाज बल्कि पूरे मानव समाज को दिशा देने का कार्य किया है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हमें गुरु अर्जन देव जी के दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा भाव और परोपकार की भावना ही समाज को मजबूत बनाती है और यही किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति होती है।

    इस अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जहां श्रद्धालु गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके उपदेशों को याद कर रहे हैं। गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन और लंगर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर सेवा और भक्ति का संदेश आत्मसात कर रहे हैं। इस प्रकार गुरु अर्जन देव जी का प्रकाश पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि मानवता सेवा और भाईचारे के मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर भी है, जो समाज को एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करता है।

  • एमपी में UCC लागू होने से पहले सरकार का बड़ा कदम, डीजी-एडीजी स्तर के अधिकारी बने संभाग प्रभारी

    एमपी में UCC लागू होने से पहले सरकार का बड़ा कदम, डीजी-एडीजी स्तर के अधिकारी बने संभाग प्रभारी


    भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था की निगरानी को और मजबूत करने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अब अपर मुख्य सचिव की तर्ज पर डीजी, स्पेशल डीजी और एडीजी स्तर के अधिकारियों को संभागीय प्रभारी बनाया गया है। ये अधिकारी रेंज में तैनात आईजी के साथसाथ पूरे संभाग की कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। इस क्रम में वरुण कपूर को भोपाल, उपेंद्र कुमार जैन को उज्जैन और पंकज कुमार श्रीवास्तव को जबलपुर संभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    यूसीसी से पहले मॉनिटरिंग मजबूत करने की तैयारी
    यह व्यवस्था मोहन यादव सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता UCC लागू करने की तैयारी के बीच लागू की गई है। गृह विभाग ने संभावित कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए यह कदम उठाया है। कैबिनेट बैठक में UCC को लेकर निर्देश मिलने के बाद विभाग ने सभी संभागों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती कर दी है, ताकि सुपरविजन और मॉनिटरिंग को मजबूत किया जा सके।

    संभागवार आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी
    प्रदेश के विभिन्न संभागों के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को प्रभारी बनाया गया है। इनमें इंदौर, ग्वालियर और रीवा संभाग में पहले से तैनाती थी, जबकि सात अन्य संभागों में नई नियुक्तियां की गई हैं।

    भोपाल – वरुण कपूर (डीजी जेल)
    इंदौर – आदर्श कटियार (स्पेशल डीजी प्रशासन)
    उज्जैन – उपेंद्र कुमार जैन (डीजी ईओडब्ल्यू)
    ग्वालियर – प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव (डीजी होमगार्ड)
    जबलपुर – पंकज कुमार श्रीवास्तव (स्पेशल डीजी सीआईडी)
    रीवा – अनिल कुमार (स्पेशल डीजी महिला सुरक्षा)
    चंबल – जी अखेतो सेमा (स्पेशल डीजी जेल)
    नर्मदापुरम – रवि कुमार गुप्ता (स्पेशल डीजी रेल)
    सागर – अनंत कुमार सिंह (स्पेशल डीजी पुलिस हाउसिंग)
    शहडोल – राजाबाबू सिंह (एडीजी ट्रेनिंग)

    आईएएस अधिकारियों को भी सौंपी जिम्मेदारी

    प्रशासनिक स्तर पर भी संभागवार आईएएस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
    उज्जैन – डॉ. राजेश राजौरा
    ग्वालियर – अशोक बर्णवाल
    चंबल – मनु श्रीवास्तव
    जबलपुर – संजय दुबे
    नर्मदापुरम – नीरज मंडलोई
    इंदौर – अनुपम राजन
    भोपाल – संजय कुमार शुक्ल
    रीवा – रश्मि अरुण शमी
    सागर – दीपाली रस्तोगी
    शहडोल – शिवशेखर शुक्ला