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  • एमपी में गेहूं खरीदी पर गरमाई सियासत, देरी के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार पर लगाए घोटाले के आरोप

    एमपी में गेहूं खरीदी पर गरमाई सियासत, देरी के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार पर लगाए घोटाले के आरोप

    भोपाल। मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की देरी को लेकर सियासत गरमा गई है। गुरुवार से प्रदेश के चार संभागों में खरीदी शुरू हो गई, लेकिन देरी को लेकर कांग्रेस पार्टी ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किया। सरकार जहां इस देरी के पीछे इजराइल-ईरान युद्ध का हवाला दे रही है, वहीं विपक्ष इसे किसानों के साथ अन्याय बता रहा है।

    प्रदेशभर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

    खंडवा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की, जिसमें हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। रतलाम में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कृषि उपज मंडी में धरना दिया गया, जहां बड़ी संख्या में किसान भी पहुंचे। भोपाल और श्योपुर में भी विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी देखने को मिली।

    जीतू पटवारी के आरोप

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गेहूं खरीदी में देरी एक “रणनीतिक घोटाला” है। उन्होंने आरोप लगाया कि बारदाने की कमी का बहाना बनाकर खरीदी टाली गई और किसानों को नुकसान पहुंचाया गया।

    पटवारी ने कहा कि करीब 10 लाख क्विंटल गेहूं ओपन मार्केट में बिक चुका है और लगभग 25% गेहूं 1600 से 2000 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर बेचा गया। उन्होंने नरेंद्र मोदी, शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं, 3100 रुपए धान और 6000 रुपए सोयाबीन के दाम अब तक लागू नहीं किए गए हैं।

    व्यवस्थाओं की कमी से किसान परेशान

    रायसेन जिले में कई खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाएं अधूरी रहीं। बम्होरी केंद्र पर न तो पर्याप्त बारदाना पहुंचा और न ही किसानों के लिए छाया की व्यवस्था थी। स्लॉट बुकिंग के बावजूद किसानों को असमंजस का सामना करना पड़ा। वहीं, सागर में मंडी बंद होने पर जीतू पटवारी ने कलेक्टर को फोन कर नाराजगी जताई और कहा कि तेज गर्मी में किसान कई दिनों से परेशान हैं।

    श्योपुर और भोपाल में भी प्रदर्शन

    श्योपुर में जिला कांग्रेस कमेटी ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें विधायक बाबू जंडेल भी शामिल रहे। वहीं भोपाल में कलेक्टर कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेराव कर खरीदी व्यवस्था पर सवाल उठाए।

    सरकार का पलटवार
    राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में एक दाना भी गेहूं नहीं खरीदा गया था, जबकि वर्तमान सरकार किसानों से खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध के कारण थोड़ी देरी हुई, लेकिन अब व्यवस्थाएं पटरी पर आ रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का काम केवल विरोध करना है, जबकि सरकार किसानों के हित में काम कर रही है।

  • देर रात दंपति पर हमला भिंड में बदमाशों ने लूट की कोशिश में युवक को उतारा मौत के घाट

    देर रात दंपति पर हमला भिंड में बदमाशों ने लूट की कोशिश में युवक को उतारा मौत के घाट


    भिंड । मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है जहां देर रात घर लौट रहे एक दंपति पर बदमाशों ने हमला कर दिया और लूट की कोशिश के दौरान पति की गोली मारकर हत्या कर दी गई इस पूरी घटना को उसकी पत्नी और छोटी बच्ची के सामने अंजाम दिया गया जिससे पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है

    जानकारी के अनुसार यह घटना अटेर थाना क्षेत्र की है जहां बुधवार देर रात नीलेश जाटव अपनी पत्नी और मासूम बच्ची के साथ बाइक से अपनी ससुराल जामना गांव से खरिका गांव लौट रहे थे रास्ते में रमटा गांव के पास अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और नीलेश की पत्नी का पर्स छीनने का प्रयास किया

    जब नीलेश जाटव ने बदमाशों का विरोध किया तो आरोपियों ने बिना देर किए उस पर गोली चला दी गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया खून से लथपथ हालत में उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया इस पूरी घटना को उसकी पत्नी और बच्ची के सामने अंजाम दिया गया जिससे पत्नी गहरे सदमे में चली गई

    गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया वहीं घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए

    मृतक के छोटे भाई अविंद जाटव ने बताया कि नीलेश परिवार के साथ ससुराल से लौट रहे थे तभी दो अज्ञात बदमाशों ने उनकी पत्नी का पर्स छीनने की कोशिश की और विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी उन्होंने बताया कि हमलावर दो युवक थे जो वारदात के बाद मौके से फरार हो गए

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके

    इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है यह वारदात एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है जहां आम नागरिक भी सुरक्षित नहीं हैं

  • एमपी बोर्ड का बड़ा फैसला, अब फेल ही नहीं पास छात्र भी सुधार सकेंगे अंक, ‘द्वितीय परीक्षा’ से मिलेगा दूसरा मौका

    एमपी बोर्ड का बड़ा फैसला, अब फेल ही नहीं पास छात्र भी सुधार सकेंगे अंक, ‘द्वितीय परीक्षा’ से मिलेगा दूसरा मौका


    नई दिल्ली/भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल म.प्र. भोपाल ने इस वर्ष से परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव करते हुए पारंपरिक पूरक परीक्षा व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। इसके स्थान पर अब द्वितीय परीक्षा शुरू की जा रही है जिसमें फेल और पास दोनों ही प्रकार के छात्र शामिल हो सकेंगे। यह परीक्षा 7 मई 2026 से आयोजित होगी।

    नई व्यवस्था के तहत छात्र केवल अनुत्तीर्ण विषयों के लिए ही नहीं बल्कि अपने अंक सुधारने के उद्देश्य से भी किसी विषय में दोबारा परीक्षा दे सकेंगे। बोर्ड का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों को अपने परिणाम बेहतर करने का अधिक अवसर मिलेगा।

    पहले की व्यवस्था में हाईस्कूल 10वीं में अधिकतम दो विषय और हायर सेकेंडरी 12वीं में एक विषय में फेल छात्र ही पूरक परीक्षा दे सकते थे। लेकिन अब इस नई द्वितीय परीक्षा प्रणाली में सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान किया गया है।

    नियमों के अनुसार जो छात्र किसी विषय में फेल हैं उनके लिए उस विषय की परीक्षा देना अनिवार्य होगा। वहीं पास छात्र अपनी इच्छा से किसी भी विषय में शामिल होकर अपने अंक सुधार सकते हैं। इसे छात्रों के लिए राहतभरा कदम माना जा रहा है।

    जारी टाइमटेबल के मुताबिक 12वीं की द्वितीय परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित होगी जबकि 10वीं की परीक्षा 7 मई से 19 मई 2026 के बीच होगी। सभी परीक्षाएं निर्धारित केंद्रों पर कराई जाएंगी।

    बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि द्वितीय परीक्षा के बाद जारी अंकसूची मुख्य परीक्षा के समान ही होगी। छात्र के दोनों परिणामों में से जो बेहतर होगा वही अंतिम रूप से मान्य किया जाएगा जिससे उन्हें सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।

    द्वितीय परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित होने के सात दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से पूरी की जाएगी। इसके लिए छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.mpbse.nic.in पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  • बड़वानी के मोहिपुरा में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 3.4 तीव्रता दर्ज, घरों से बाहर निकले लोग

    बड़वानी के मोहिपुरा में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 3.4 तीव्रता दर्ज, घरों से बाहर निकले लोग


    बड़वानी । बड़वानी जिले के अंजड़ थाना क्षेत्र स्थित ग्राम मोहिपुरा में बुधवार दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 दर्ज की गई। बताया जा रहा है कि करीब दो मिनट तक धरती में कंपन होता रहा, जिससे ग्रामीणों में घबराहट फैल गई और लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए।

    गांव के निवासी लोकेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि वे दोपहर में अपने घर पर सो रहे थे, तभी अचानक तेज झटका महसूस हुआ। समय देखा तो 12:48 बजे थे। इसके बाद वे तुरंत बाहर आए और आसपास के लोगों से पूछताछ की, तब पता चला कि यह भूकंप के झटके थे। उन्होंने कहा कि इस तरह का अनुभव गांव में पहली बार हुआ है।

    भूकंप के दौरान ग्रामीणों ने अपने घरों में रखे बर्तन, फर्नीचर और पंखों को हिलते हुए देखा। इंदिरा सागर पावर स्टेशन की भूकंप वेधशाला और राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की वेबसाइट पर भी इसी समय भूकंप दर्ज किया गया है।

    जिला मुख्यालय पर संचालित भूकंप केंद्र की सिस्मोमीटर मशीन में भी इस हलचल को 3.4 रिक्टर स्केल पर रिकॉर्ड किया गया। केंद्र के ऑपरेटर हुकुम कुमार के अनुसार, एमईक्यू माइक्रोअर्थक्विक मशीन 24 घंटे सक्रिय रहती है और नर्मदा नगर पुनासा, खंडवा स्थित सेंटर से प्रतिदिन सुबह रिपोर्ट जारी की जाती है।

    उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर अंजड़ क्षेत्र में दर्ज इस भूकंपीय हलचल की तीव्रता 3.4 रही, जिसे एमईक्यू मशीन ने रिकॉर्ड किया। यह मशीन लगभग 40 से 50 किलोमीटर के दायरे में जमीन की हलचल को मापने में सक्षम है।

  • आग बुझाने गया किसान खुद बन गया शिकार, सतना में 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत

    आग बुझाने गया किसान खुद बन गया शिकार, सतना में 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत


    सतना । सतना जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया जहां अरहर के खेत में लगी आग बुझाने के प्रयास में एक वृद्ध किसान की झुलसकर मौत हो गई। यह घटना बरौंधा थाना क्षेत्र के बकोटा गांव की है जहां मंगलवार दोपहर अचानक खेत में आग भड़क उठी और देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार बकोटा गांव निवासी 80 वर्षीय मुरलिया यादव अपने खेत में लगी आग को बुझाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। आग तेजी से फैल रही थी और आसपास की फसलों को भी अपनी चपेट में ले रही थी। ऐसे में मुरलिया यादव ने बिना अपनी सुरक्षा की परवाह किए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया लेकिन इसी दौरान वे लपटों में घिर गए और गंभीर रूप से झुलस गए।

    ग्रामीणों ने घटना को देख तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया और मुरलिया यादव को बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उन्हें गंभीर रूप से जलने से बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल छा गया और हर कोई इस हादसे से स्तब्ध नजर आया।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि खेत में आग अचानक लगी हालांकि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में खेतों में सूखी फसल और तेज हवाओं के कारण आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में थोड़ी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में जागरूकता अभियान चलाया जाए और किसानों को सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी जाए।

    यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि खेतों में आग लगने की स्थिति में बिना सुरक्षा के उसे बुझाने का प्रयास कितना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आग लगने पर तुरंत फायर ब्रिगेड या संबंधित अधिकारियों को सूचना देना चाहिए और खुद जोखिम उठाने से बचना चाहिए।

    मुरलिया यादव का यह बलिदान गांव के लोगों के लिए एक बड़ी क्षति है। वे अपने परिवार और समुदाय के लिए समर्पित किसान थे। इस दुखद घटना ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।

    प्रशासन और पुलिस अब इस घटना की जांच कर रहे हैं और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

  • रेत माफिया का आतंक मुरैना में गश्ती दल पर हमला वन आरक्षक की मौके पर मौत

    रेत माफिया का आतंक मुरैना में गश्ती दल पर हमला वन आरक्षक की मौके पर मौत


    मुरैना । मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई करने निकली टीम पर माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया इस हमले में एक वन आरक्षक की मौके पर ही मौत हो गई जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है

    जानकारी के मुताबिक यह घटना दिमनी थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 552 के पास की है जहां चंबल नदी के ऐसाह घाट से अवैध रेत खनन और परिवहन की शिकायतें लगातार मिल रही थीं इसी सूचना के आधार पर अंबाह रेंज की वन विभाग की टीम तड़के सुबह गश्त पर निकली थी

    गश्ती के दौरान रथोल का पुरा और रानपुर के बीच वन आरक्षक हरिकेश गुर्जर ने रेत से भरे एक ट्रैक्टर ट्रॉली को रोकने की कोशिश की लेकिन चालक ने रुकने के बजाय बेरहमी से वाहन उन पर चढ़ा दिया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वाहन लेकर फरार हो गया

    घटना के बाद वन विभाग की टीम ने तुरंत घायल वनकर्मी को अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया परिजन भी जिला अस्पताल पहुंचे जिससे माहौल गमगीन हो गया

    बताया जा रहा है कि हरिकेश गुर्जर हाल ही में दूसरे जिले से स्थानांतरित होकर अंबाह रेंज में पदस्थ हुए थे उनकी इस तरह की मौत ने एक बार फिर अवैध खनन के बढ़ते खतरे और उसमें शामिल माफियाओं के हौसलों को उजागर कर दिया है

    मामले पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उसकी पहचान भी कर ली गई है सुरेन्द्र पाल सिंह डाबर ने बताया कि आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा

    इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और कानून का डर खत्म होता जा रहा है

    यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है बल्कि यह भी दिखाती है कि अवैध खनन का नेटवर्क कितना खतरनाक हो चुका है जब कानून की रक्षा करने वाले ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करे और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए

  • मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू, 10 अप्रैल से होगी खरीदी

    मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू, 10 अप्रैल से होगी खरीदी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभागों में समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन 10 अप्रैल से शुरू होगा। इसके लिए पंजीकृत किसान आज यानी मंगलवार से अपने उपार्जन स्लॉट बुक कर सकते हैं।

    स्लॉट बुकिंग और तैयारी
    खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने बताया कि इस बार प्रदेश में 19,04,644 किसानों ने पंजीकरण कराया है। उपार्जन के लिए 3,627 केंद्र बनाए गए हैं। समर्थन मूल्य 2,625 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा, इसके अलावा 40 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इस बार अनुमानित 78 लाख टन गेहूं का उपार्जन होगा। इसके लिए 3,12,000 गठान बारदान तैयार हैं और स्टॉक उपलब्ध है।

    खाद्य मंत्री का भरोसा
    गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि पंजीकृत किसानों से पूरी उपज खरीदी जाएगी। कुछ स्थानों पर नौ अप्रैल से भी खरीदी शुरू हो सकती है। जूट कमिश्नर से ढाई करोड़ बोरे आवंटित किए जा चुके हैं, साथ ही प्लास्टिक और एक बार उपयोग वाले जूट के बोरे भी टेंडर कर दिए गए हैं।

    कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

    कांग्रेस पार्टी नौ अप्रैल को जिलों में कलेक्टर कार्यालयों का घेराव करेगी। इसके अलावा 15 अप्रैल को भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री के आवास के बाहर उपवास कार्यक्रम भी रखा गया है। वहीं, मोहन यादव ने किसानों से खरीदी सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि पहले छोटे, फिर मध्यम और अंत में बड़े किसानों से उपज खरीदी जाएगी। सभी बारदाने की आपूर्ति पर्याप्त है। उपार्जन व्यवस्था पर नियमित निगरानी के लिए राज्य स्तरीय और कृषि उपज मंडियों में कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। किसानों के लिए बिजली, पीने का पानी, बैठक, छाया, प्रसाधन और पार्किंग की पूरी सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिए गए हैं।

  • उज्जैन के डोंगला से उठी ब्रह्मांड की नई दृष्टि महाकाल सम्मेलन में विज्ञान और परंपरा का संगम

    उज्जैन के डोंगला से उठी ब्रह्मांड की नई दृष्टि महाकाल सम्मेलन में विज्ञान और परंपरा का संगम

    उज्जैन । उज्जैन जिले के महिदपुर तहसील स्थित डोंगला गांव में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम के दूसरे दिन विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। इस महत्वपूर्ण आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सहभागिता की और खगोल विज्ञान तथा अंतरिक्ष अनुसंधान पर आयोजित सत्र में शामिल होकर वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियां केवल तकनीकी सफलता नहीं हैं बल्कि यह देश की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक हैं जो विश्व पटल पर भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाती हैं।

    मुख्यमंत्री के डोंगला पहुंचने पर प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल सहित जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। सम्मेलन के दौरान आयोजित गतिविधियों ने इसे केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि ज्ञान और नवाचार के उत्सव में बदल दिया। दूसरे दिन विद्यार्थियों के लिए आरसी प्लेन कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें उन्हें एयरोमॉडलिंग और उड़ान तकनीक की बारीकियों से परिचित कराया गया। इसके साथ ही ग्रहों और डीप स्काई ऑब्जर्वेशन कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को ब्रह्मांड के रहस्यों को करीब से देखने का अवसर दिया।

    कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है जिसमें आमजन और विद्यार्थियों को काल गणना अंतरिक्ष विज्ञान और ब्रह्मांड से जुड़ी भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ आधुनिक वैज्ञानिक उपलब्धियों की जानकारी दी जा रही है। इस प्रदर्शनी में शिक्षा मंत्रालय के भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ सीएसआईआर इसरो टीआईएफआर एमपीसीएसटी आईआईटी इंदौर डीआरडीओ और ब्रह्मोस एयरोस्पेस जैसे प्रतिष्ठित संस्थान अपनी उपलब्धियों और शोध कार्यों को प्रदर्शित कर रहे हैं। इसके अलावा कालगणना और प्राचीन भारतीय विज्ञान से संबंधित पुस्तकों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी भी लोगों को आकर्षित कर रही है।

    तीन दिवसीय इस सम्मेलन में मुख्य वक्तव्य उच्च स्तरीय पैनल चर्चा तकनीकी सत्र ओपन सेशन टेक्नोलॉजी एक्सपो और स्टार्टअप कॉन्फ्रेंस जैसी विविध गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। प्रतिभागियों को डोंगला स्थित वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला का भ्रमण भी कराया जा रहा है जहां वे खगोलीय उपकरणों और अनुसंधान प्रक्रियाओं को समझ रहे हैं। साथ ही यूएवी ड्रोन आरसी और सैटेलाइट निर्माण से जुड़ी कार्यशालाएं युवाओं के बीच विज्ञान और तकनीक के प्रति रुचि बढ़ाने का माध्यम बन रही हैं।

    कर्क रेखा पर स्थित डोंगला गांव खगोल विज्ञान के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। इसी महत्व को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2013 में यहां आधुनिक खगोलीय वेधशाला की स्थापना की गई थी जो आज वैज्ञानिक अध्ययन और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। यह सम्मेलन न केवल भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास है बल्कि इसे आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही उज्जैन और डोंगला को वैश्विक मेरिडियन के रूप में स्थापित करने की पहल भी इस आयोजन के माध्यम से मजबूत होती दिखाई दे रही है।

    गौरतलब है कि इससे पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 को भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव डोंगला पहुंचे थे जहां शून्य छाया जैसी दुर्लभ खगोलीय घटना का अवलोकन किया गया था। उनके नेतृत्व में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में देशभर के सैकड़ों प्रतिभागियों ने भाग लिया था। इस बार के सम्मेलन में भी देश के प्रमुख वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की उपस्थिति ने इसे और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। यह आयोजन न केवल विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाओं को उजागर कर रहा है बल्कि युवाओं को नवाचार और अनुसंधान के लिए प्रेरित करने का सशक्त मंच भी प्रदान कर रहा है।

  • दतिया सीट खाली, 3 साल की सजा के बाद कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त

    दतिया सीट खाली, 3 साल की सजा के बाद कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त


    भोपाल। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। विधानसभा सचिवालय ने शुक्रवार को आदेश जारी करते हुए निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 22-दतिया को रिक्त घोषित कर दिया।

    यह कार्रवाई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा 2 अप्रैल 2026 को सुनाए गए फैसले के बाद हुई, जिसमें राजेंद्र भारती को एफडी फर्जीवाड़े के मामले में तीन साल की सजा और एक लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया था।

    संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के तहत दो साल या उससे अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है। इसी आधार पर 2 अप्रैल 2026 से उनकी सदस्यता निरस्त मानी गई और सीट खाली घोषित कर दी गई।

    क्या है मामला
    राजेंद्र भारती पर जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष रहते हुए एफडी दस्तावेजों में हेरफेर का आरोप था। जांच में सामने आया कि अवधि और ब्याज दर में बदलाव कर अवैध लाभ लिया गया। अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। हालांकि कोर्ट ने उन्हें जमानत भी दे दी है, जिससे उन्हें तत्काल जेल नहीं जाना पड़ा।

    राजनीतिक विवाद तेज
    इस फैसले के बाद प्रदेश में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई भाजपा के दबाव में की गई है और नियमों के खिलाफ है। पार्टी ने कहा है कि वह इस फैसले को अदालत में चुनौती देगी।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विधायक को अपील का समय दिए जाने के बावजूद सदस्यता खत्म करना गलत है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ वकीलों की टीम इस मामले को लेकर कानूनी तैयारी कर रही है।

    वहीं, राज्य सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी कार्रवाई कानून के तहत हुई है और इसका किसी राजनीतिक मकसद से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दो साल से अधिक की सजा मिलने पर सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है।

    आगे क्या होगा
    अदालत ने राजेंद्र भारती को अपील के लिए 60 दिन का समय दिया है। यदि इस दौरान उन्हें उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिलती है, तो दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना तय है। नियमों के अनुसार, सीट खाली होने के छह महीने के भीतर चुनाव कराना आवश्यक होता है। विधानसभा सचिवालय ने सीट रिक्त होने की जानकारी चुनाव आयोग को भेज दी है, अब आगे की प्रक्रिया आयोग तय करेगा।

  • मध्‍य प्रदेश के धार भोजशाला विवाद पर 6 अप्रैल से रोजाना होगी हाईकोर्ट में सुनवाई

    मध्‍य प्रदेश के धार भोजशाला विवाद पर 6 अप्रैल से रोजाना होगी हाईकोर्ट में सुनवाई


    भोपाल । मध्‍य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला विवाद मामले की उच्च न्यायालय में 6 अप्रैल से रोजाना सुनवाई होगी। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच आगामी सोमवार को दोपहर 2.30 बजे से सभी याचिकाओं को एक साथ सुनवाई करेगी।

    मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान कहा कि पहले याचिकाकर्ताओं के तर्क सुने जाएंगे, उसके बाद आपत्ति जताने वाले पक्ष को दलील रखने का मौका मिलेगा। इस दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वकील विष्णु शंकर जैन और विनय जोशी मौजूद रहे, जबकि मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी की ओर से एडवोकेट सलमान खुर्शीद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

    गौरतलब है कि बुधवार को उच्‍चतम न्‍यायालय ने स्पष्ट किया था कि इस विवाद का अंतिम निर्णय अब उच्‍च न्‍यायालय ही करेगी। उच्‍च न्‍यायालय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट, वीडियोग्राफी और पक्षकारों की आपत्तियों पर अंतिम सुनवाई करेगी। एएसआई की सर्वे रिपोर्ट सभी पक्षों को उपलब्ध कराई जा चुकी है और कई पक्षों ने इस पर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

    बता दें कि उच्‍च न्‍यायालय में पहले ही एएसआई सर्वे रिपोर्ट पेश की जा चुकी है। एएसआई की रिपोर्ट में परिसर के ऐतिहासिक स्वरूप, स्थापत्य और शिलालेखों से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। 10वीं से 13वीं शताब्दी के दौरान राजा भोज और राजा अर्जुन वर्मन द्वारा कराए गए निर्माण और सांस्कृतिक कार्यों के प्रमाण मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, परिसर में कुल 106 स्तंभ मिले हैं जिन पर विभिन्न प्रकार की नक्काशी है। इसके अलावा 32 शिलालेख पाए गए हैं। इनमें राजा भोज के समय के शिलालेख और अर्जुन वर्मन के राजगुरु मदन द्वारा रचित ‘पारिजलमंजरी नाटिका’ और ‘विजयश्री’ नाटक के पहले दो अंकों का उल्लेख है।

    कुछ शिलालेखों में 14वीं शताब्दी में मालवा में मुसलमानों के आगमन और मुस्लिम शासन की स्थापना का जिक्र भी है। 1389 ईस्वी में दिलावर खान (मूल नाम हुसैन) को दिल्ली से मालवा प्रांत का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने धार में स्वतंत्रता की घोषणा कर 1401 ईस्वी में शाही उपाधि धारण की। इन ऐतिहासिक और कानूनी तथ्यों को लेकर उच्‍च न्‍यायालय में अब विस्तृत बहस की संभावना है। मुस्लिम पक्ष एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर आपत्तियां रखेगा और सभी याचिकाओं पर एक साथ दलीलें सुनी जाएंगी।