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  • आंगनवाड़ी के माध्यम से शाला पूर्व शिक्षा को सशक्त बनाने की नई पहल

    आंगनवाड़ी के माध्यम से शाला पूर्व शिक्षा को सशक्त बनाने की नई पहल


    भोपाल । भोपाल में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया ने प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्रों में आयोजित विद्यारंभ समारोह में बच्चों को प्रमाणपत्र प्रदान कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्र बच्चों के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक पाठशाला हैं जहाँ पोषण और शिक्षा दोनों का समग्र ध्यान रखा जाता है। प्रदेश के 97 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों में एक साथ आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 10 लाख बच्चे आंगनवाड़ी से आगे बढ़कर औपचारिक स्कूल शिक्षा की ओर कदम रख रहे हैं।

    नेहरू नगर आंगनवाड़ी क्रं. 1061 में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मंत्री सुश्री भूरिया ने बच्चों और उनके अभिभावकों को शुभकामनाएँ दीं और बताया कि आंगनवाड़ी केन्द्र केवल बच्चों की देखभाल का स्थान नहीं बल्कि मातृ शिशु स्वास्थ्य पोषण और प्रारंभिक शिक्षा का समन्वित केन्द्र हैं। उन्होंने कहा कि यहां गर्भवती महिलाओं के पंजीयन से लेकर बच्चों के जन्म और छह वर्ष की आयु तक पोषण स्वास्थ्य और समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में “पोषण भी पढ़ाई भी” कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है जिससे बच्चों को खेल खेल में प्रारंभिक शिक्षा प्रदान की जाती है।

    मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि 3 से 6 वर्ष की आयु में बच्चों का शारीरिक बौद्धिक सामाजिक और भावनात्मक विकास आंगनवाड़ी केन्द्रों में विशेष ध्यान का विषय होता है। इसके आधार पर बच्चे आगे विद्यालयी शिक्षा के लिए तैयार होते हैं। भारत सरकार के निर्देशानुसार अब आंगनवाड़ी में 3 वर्ष की प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने वाले बच्चों को विद्यारंभ प्रमाणपत्र प्रदान किया जा रहा है जिससे उनकी शाला पूर्व शिक्षा को औपचारिक मान्यता मिल सके।

    उपलब्धि के इस अवसर पर मंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे मातृ शिशु स्वास्थ्य पोषण और शिक्षा जैसे अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन समर्पण और लगन के साथ कर रही हैं। उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप हर वर्ष लाखों बच्चे गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर विद्यालय में प्रवेश के लिए तैयार हो रहे हैं।

    सचिव महिला बाल विकास श्रीमती जी. वी. रश्मि ने इस अवसर पर कहा कि विद्यारंभ प्रमाणपत्र केवल एक दस्तावेज़ नहीं है बल्कि बच्चों की शिक्षा यात्रा का पहला महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी की अनौपचारिक शिक्षा से प्राथमिक विद्यालय की औपचारिक शिक्षा में बच्चों का सहज और आनंदपूर्वक प्रवेश सुनिश्चित करना है। उन्होंने माता पिता विशेषकर पिता की भूमिका को बच्चों के समग्र विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

    सचिव श्रीमती रश्मि ने यह भी कहा कि यह पहल राष्ट्रीय ECCE नीति 2013 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल परिवार और समुदाय में शाला पूर्व शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ेगी बल्कि बच्चों के स्कूल में प्रवेश और उनकी शैक्षणिक निरंतरता को भी बल मिलेगा।

    कार्यक्रम में मंत्री सुश्री भूरिया ने बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर बच्चों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए जबकि उनके अभिभावकों ने आंगनवाड़ी में शिक्षा और पोषण से हुए बदलावों के अनुभव साझा किए। इस प्रकार विद्यारंभ उत्सव ने बच्चों परिवार और समाज में शाला पूर्व शिक्षा के महत्व को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।

  • मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया

    मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया


    भोपाल।
    केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार देर शाम मध्य प्रदेश के प्रवास के दौरान भोपाल में मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसी राम सिलावट और विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी उपस्थित थे।

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने सोशल मीडिया एक्स पर उक्त जानकारी साझा करते हुए आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ आत्मीय एवं सार्थक भेंट हुई। उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। इस अवसर पर राज्य के समावेशी विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रदेश की प्रगति को और गति देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा हुई।

    सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश में ‘स्टेट एआई मिशन’ की शुरुआत, सुशासन को अधिक सशक्त, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की एक दूरदर्शी पहल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विज़न को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह मिशन कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में बेहतर निर्णय क्षमता और जनकल्याण को नई गति देगा।


    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवार के निवास पहुंचकर व्यक्त की शोक संवेदना

    इससे पहले केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निवास पहुंचे और उनकी सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल के असामयिक निधन होने अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने खंडेलवाल से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

  • मध्य प्रदेश बहुत जल्द लॉन्च करेगा अपना स्टेट एआई मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्य प्रदेश बहुत जल्द लॉन्च करेगा अपना स्टेट एआई मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात् आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज के दौर का सर्वाधिक संभावनाशील सेक्टर है। शासन-प्रशासन व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सरकार भी आगे बढ़ रही है। अब इस दिशा में एआई की मदद ली जाएगी। हम बहुत जल्द मध्य प्रदेश का अपना ‘स्टेट एआई मिशन’ लॉन्च करने जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह एक लक्ष्य केंद्रित मिशन होगा। इस मिशन से शासन प्रणाली में कसावट और सुप्रबंधन लाने के प्रयास किए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन के जरिए नागरिक सेवाओं और सुविधाओं को और भी सिविक-फ्रेंडली बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए नई-नई तकनीकों से जुड़कर प्रदेश में नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सुशासन एवं विकास को नई गति देने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। स्टेट एआई मिशन में कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संभावित जोखिमों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मिशन को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 में एआई तकनीक के लिए ढांचागत विकास किया जाएगा। वर्तमान एआई पहलों को एकीकृत कर आधारभूत तैयारी सुदृढ़ की जाएगी। वित्त वर्ष 2027-28 में सफल यूज़ केसेस को विभिन्न विभागों में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा तथा वित्त वर्ष 2028-29 से एआई को शासन की स्थायी संस्थागत क्षमता के रूप में विकसित किया जाएगा।


    जयपुर में मिले 5,055 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बताया कि बीते शनिवार को जयपुर प्रवास के दौरान वहां निवेशकों से वन-टू-वन मीटिंग की। इस दौरान निवेशकों ने मध्य प्रदेश के प्रति अगाध स्नेह और अपनत्व जताया। विभिन्न औद्योगिक समूहों, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, फूड-प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों सहित 400 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी रही। सीआईआई राजस्थान के अध्यक्ष एवं न्यूरोइक्विलिब्रियम के एमडी रजनीश भंडारी ने स्वागत भाषण में मध्य प्रदेश की नीतियों एवं उसके क्रियान्वयन की तारीफ की। प्रमुख उद्योगपतियों मनीष गुप्ता (चेयरमैन, इनसोलेशन एनर्जी), महावीर प्रताप शर्मा (चेयरमैन, राजस्थान एंजेल्स) और केएल जैन (अध्यक्ष, राजस्थान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) ने भी अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस इन्टरैक्टिव सेशन में बेहद सकारात्मक संवाद के बाद सरकार को वहां के निवेशकों से 5,055 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे लगभग 3,530 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जयपुर में मिले निवेश प्रस्ताव के यह आंकड़े बताते हैं कि देश-विदेश के निवेशकों के बीच मध्य प्रदेश की साख और हमारी औद्योगिक नीतियों के प्रति विश्वास कितनी तेजी से बढ़ रहा है।


    139 दिन लगातार चलेगा तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। मध्यप्र देश में तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान गत 19 मार्च से प्रारंभ हो चुका है। बीते दो अभियानों को अच्छा प्रतिसाद मिला। इस दौरान प्रदेश में नये कुंए, बावड़ियों, अमृत सरोवरों, तालाबों के साथ-साथ पुरानी जल संरचनाओं के पुनर्भरण और सूखी नदियों के पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किये गये। बीते साल खंडवा जिले में जल संचयन के लिए अभूतपूर्व काम हुआ।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीसरे अभियान में करीब 2500 करोड़ रुपये से प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचयन कार्य किए जाएंगे। बीते सालों की तरह इस वर्ष भी जल संरक्षण के लिए विभिन्न कार्य किये जायेंगे। साथ-साथ नदियों, तालाबों, बावडियों और कुओं का जीर्णोद्धार भी मिशन मोड में किया जायेगा। नदियों के उद्गम क्षेत्रों में हरित विकास के लिये गंगोत्री हरित योजना में कार्य किये जायेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि हमारे जल गंगा संवर्धन अभियान को केंद्र सरकार से भी सराहना और समर्थन मिला है। जल बचाने के लिए देशभर में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों में मध्यप्रदेश का जल गंगा संवर्धन अभियान अव्वल श्रेणी में आया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले वर्ष 2024 में करीब 30 दिन, दूसरे वर्ष 2025 में 120 दिन यह अभियान चलाया। मौजूदा साल में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक कुल 139 दिन तक लगातार यह अभियान चलाया जाएगा।


    3 से 5 अप्रैल तक बनारस में होगा सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन

    मुख्यमंत्री ने मंत्रीगण को बताया कि आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भगवान काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी (बनारस) में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन किया जायेगा। यह वीर विक्रमादित्य के महात्म्य के दिनों-दिन बढ़ता प्रभाव है।


    उज्जैन में नैवेद्य लोक का लोकार्पण

    मुख्यमंत्री ने मंत्रीगण को बताया कि उन्होंने हाल ही में उज्जैन में नैवेद्य लोक का लोकार्पण किया है। यह मालवांचल के व्यंजनों को एक प्लेटफार्म देने का प्रयोगात्मक प्रयास है। इसे इंदौर की छप्पन दुकानों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां कुल 108 दुकानें हैं, जो विभिन्न मालवी व्यंजनों का रसास्वादन कराती हैं।


    अंतरराष्ट्रीय खुशहाली दिवस

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते सप्ताह आनंद विभाग के अधीन राज्य आनंद संस्थान द्वारा भोपाल में अंतरराष्ट्रीय खुशहाली दिवस मनाया गया। वे स्वयं इस आयोजन में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारे मनुष्यगत मनोभावों को अभिव्यक्त करने मनोरंजक का माध्यम बना। सरकार सबके जीवन में खुशहाली लाने के लिए ही तो काम कर रही है। इस प्रकार के आयोजनों से हमारी कार्यक्षमता और कार्यदक्षता सहित जीवन में खुशहाली भी बढ़ती है।

  • मप्र में 13 दिन से ठप पड़ी कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई ठप…. आज से होगी शुरू, आदेश जारी

    मप्र में 13 दिन से ठप पड़ी कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई ठप…. आज से होगी शुरू, आदेश जारी


    भोपाल।
    पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के चलते मध्य प्रदेश में पिछले 13 दिन से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद पड़ी हुई है। मंगलवार से इसकी सप्लाई शुरू हो सकती है। दरअसल, सोमवार देर रात राज्य सरकार ने होटल-रेस्टोरेंट समेत ढाबों और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई के आदेश जारी कर दिए हैं।

    आदेश के मुताबिक होटल, रेस्टोरेंट और कैर्ट्स को नौ प्रतिशत कमर्शियल एलपीजी सप्लाई दी जाएगी, जबकि ढाबा और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को सात प्रतिशत गैस मिलेगी। इसके अलावा कैटर्स और अन्य उद्योगों को भी सिलेंडर देने के निर्देश दिए गए हैं।

    कमर्शियल गैस की सप्लाई 13 दिन तक ठप रहने से प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित रहे। कई होटल बंद होने की कगार पर पहुंच गए थे, तो कई जगह मेन्यू बदलना पड़ा। हालात ऐसे बन गए कि डीजल भट्टी और इंडक्शन के जरिए काम चलाना पड़ा, जिसमें छोटे ढाबे और स्ट्रीट फूड वेंडर्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।

    बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन में 10 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर देने का प्रावधान है, लेकिन सप्लाई के स्पष्ट आदेश नहीं मिलने से प्रदेश में गैस की किल्लत हो गई। इसी कारण होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर संकट गहरा गया।

    गैस संकट को लेकर एक दिन पहले यानी रविवार को होटल और रेस्टोरेंट संगठनों ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि शमी से मुलाकात कर गैस की निर्बाध सप्लाई बहाल करने की मांग की थी। इसके बाद सरकार ने आदेश जारी किए। भोपाल होटल एवं रेस्टोरेंट संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने कहा कि कमर्शियल गैस आपूर्ति पर पाबंदी के कारण होटल व्यवसाय ठप होने की कगार पर पहुंच गया था। अब इस फैसले से राहत मिलेगी।


    घरेलू उपभोक्ताओं को भी सिलेंडर समय पर उपलब्ध कराने के दिये निर्देश

    खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरूण शमी ने सोमवार को सिलेंडर की वितरण व्यवस्था सुचारू बनाए रखने तथा घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये हैं।

    उन्होंने कहा कि शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को आवश्यकता की 100 प्रतिशत गैस की आपूर्ति की जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के लिए विशेष छूट के निर्देश भी जारी किये हैं। इसके अतिरिक्त राज्यो को 10 प्रतिशत अधिक आवंटन की पेशकश की है जो पीएनजी प्रणाली की ओर बदलाव का समर्थन करने वाले सुधारो से जुड़ा है। मंत्रालय द्वारा पीएनजी गैस के आवेदन तथा शुरूआत के बीच के समय को कम करने के निर्देश भी दिये हैं।

    अपर मुख्य सचिव शमी ने बताया कि ऑइल कंपनियो के प्रतिनिधि के अनुसार पूर्व मे जहां 84 प्रतिशत उपभोक्ता ऑनलाइन बुकिंग करवा रहे थे, वह संख्या बढकर 90 प्रतिशत से अधिक हो गयी है। कंपनियो ने मोबाइल एप, एसएमएस, व्हाट्सएप तथा आईवीआरएस कॉल द्वारा गैस बुकिंग की सुविधा प्रदान की है। उपभोक्ता बुकिंग के लिए इन डिजिटल माध्यम का प्रयोग करें तथा अनावश्यक रूप से एजेंसी पर जाने से बचे।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश मे एलपीजी की कालाबाजारी तथा जमाखोरी के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश मे 1844 स्थानों पर कार्यवाही कर 2717 सिलेंडर जब्त किये गए। पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी तथा घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता के सम्बन्ध में ऑयल कंपनियों से समन्वय के लिए राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय समिति भी गठित की गयी है, जो प्रदेश में कामर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी करेगी।

    एसीएस रश्मि अरुण शमी ने औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संस्थाओ से आग्रह किया है कि वे उपलब्धता अनुसार पीएनजीके कनेक्शन लें। उन्होंने कहा कि पीएनजी की आपूर्ति लगातार बनी हुई है और आगे भी जारी रहेगी। पेट्रोल, डीजल, घरेलू पीएनजी तथा सीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता है और इनकी आपूर्ति भी निरंतर एवं बिना कटौती के जारी रहेगी।

    ऑयल कंपनी के स्टेट नोडल ऑफिसर अजय श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक है तथा प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट एवं वितरकों के गोदाम में पर्याप्त सिलेण्डर उपलब्ध हैं। घरेलू उपभोक्ताओं से अपील की गयी है कि विगत अंतिम रिफिल के 25 दिन बाद पुनः बुकिंग करायें।

    प्रशासन द्वारा वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह भी दी गयी है। जिन कामो में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रदेश में घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति जारी है, उपभोक्ता अनावश्यक रूप से अफवाहों से भ्रमित न हों। देश की रिफायनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही हैं तथा पश्चिम एशिया के अतिरिक्त अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

    सिलेण्डर बुकिंग संबंधित शिकायत/सुझाव हेतु इन टोल फ्री नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है
    – भारत गैस हेल्पलाइन नंबर – 1800-22-4344 (टोल फ्री)
    – इंडेन गैस कस्टमर केयर नंबर- 1800-2333-555 (टोल फ्री)
    – एचपी गैस कस्टमर केयर नंबर- 1800-2333-555 (टोल फ्री)

  • मध्य प्रदेश में एलपीजी का संकट, 12 दिन से होटल-रेस्टोरेंट को नहीं मिले सिलेंडर

    मध्य प्रदेश में एलपीजी का संकट, 12 दिन से होटल-रेस्टोरेंट को नहीं मिले सिलेंडर


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में एलपीजी का संकट बना हुआ है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत ने होटल और रेस्टोरेंट उद्योग की कमर तोड़ दी है। लगातार 12 दिन से होटल और रेस्टोरेंट को कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई नहीं हुई है।

    इसे लेकर रविवार को नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया मध्य प्रदेश चैप्टर और फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने प्रदेश की खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि शमी से मुलाकात की। मुख्य सचिव शमी ने छुट्टी के दिन होटल संचालकों से बात और ऑयल कंपनियों के साथ बैठक भी की।

    दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के कारण देश में गैस आपूर्ति बाधित हुई है। केंद्र सरकार द्वारा शुरुआत में आपूर्ति बंद करने के बाद इसे 20 प्रतिशत तक बहाल करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर यह राहत अब तक व्यवसायियों तक नहीं पहुंच सकी है। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट पर संकट के बादल छाए हुए हैं। वे बंद होने की कगार पर है।

    होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की बढ़ती परेशानियों को देखते हुए मध्य प्रदेश होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने खाद्य आपूर्ति सचिव रश्मि अरुण शमी से बातचीत की। प्रदेश भर के होटल संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि केंद्र के 20 प्रतिशत आपूर्ति के आदेश के बावजूद राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर वितरण व्यवस्था ठप पड़ी है।

    सूरी ने कहा कि हमने सरकार के सामने अपनी मांगे रखी हैं और हमें उम्मीद है कि जल्द से जल्द हमें मदद मिलेगी। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिशन से लाखों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। सभी के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सुमित सूरी के अनुसार संगठन की प्रमुख मांग है कि वर्तमान 20 प्रतिशत की सीमा को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए, ताकि व्यवसायों का संचालन सुचारू रूप से हो सके। इसके अलावा उन्होंने एक नया प्रस्ताव भी रखा है कि सभी संस्थानों के लिए आपूर्ति का एक समान नियम नहीं होना चाहिए। होटलों की श्रेणी और उनकी मांग के आधार पर गैस का कोटा निर्धारित किया जाना चाहिए। बड़े संस्थानों को उनकी खपत के अनुसार अधिक और छोटे संस्थानों को उनके अनुपात में गैस उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही पीएनजी सप्लाई को भी मांग के अनुरूप बढ़ाने की मांग रखी गई है।

    इधर, भोपाल होटल एवं रेस्तरां संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने बताया कि कमर्शियल गैस आपूर्ति पर सख्त पाबंदी के कारण होटल व्यवसाय ठप होने की कगार पर है, जिसके समाधान को लेकर अपर मुख्य सचिव से चर्चा कर गैस की निर्बाध आपूर्ति बहाल करने की मांग की और ज्ञापन सौंपा गया है।

    पाली ने बताया कि भोपाल के होटल, रेस्तरा, ढाबों, खान-पान सेवा आदि रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर के अभाव में संचालन व्यवस्था में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि भोपाल के पंजीकृत होटलों और रेस्तरांओं को उनकी वास्तविक परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों का एक सीमित कोटा आवंटित किया जाए। प्रत्येक प्रतिष्ठान को आवश्यक रसोई संचालन बनाए रखने और खाद्य सेवाओं में व्यवधान से बचने के लिए वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर प्रदाय किए जाए। भोपाल में 2 हजार होटल और रेस्टोरेंट है। जहां हालात गंभीर हो गए हैं।

    नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधि अभिषेक बाहेती ने बताया कि कमर्शियल गैस नहीं मिलने की बात से मुश्किलें बढ़ गई हैं। गैस के अभाव में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों पर बड़ा संकट खड़ा हुआ है। इसे दूर करने की मांग की गई है।

  • मप्र के उज्जैन में सिंहस्थ से पहले दो धड़ों में बंटे अखाड़े, अध्यक्ष पद को लेकर विवाद

    मप्र के उज्जैन में सिंहस्थ से पहले दो धड़ों में बंटे अखाड़े, अध्यक्ष पद को लेकर विवाद


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश के उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 (महाकुंभ) से पहले अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर विवाद सामने आया है। इस पद पर दो दावे किए जा रहे हैं। 13 अखाड़े दो गुट में बंटे नजर आ रहे हैं। एक धड़ा निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी को अध्यक्ष मानता है, जबकि दूसरा महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी को अध्यक्ष बता रहा है। एक जैसा नाम होने से असमंसज की स्थिति बनी है।

    दरअसल, उज्जैन में वर्ष 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ आयोजित होने वाला है। सिंहस्थ को लेकर जहां एक और सरकार और प्रशासन बड़े स्तर पर तैयारी कर रहा है। निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी पिछले छह महीनों से अध्यक्ष के रूप में उज्जैन आते-जाते रहे हैं। इस दौरान प्रशासन ने उन्हें शिप्रा नदी प्रोजेक्ट सहित मेले की तैयारियों की जानकारी भी दी, लेकिन अब साधु संतों में दो फाड़ दिखाई दे रही है। देश के 13 अखाड़े में से आठ अखाड़ों का समर्थन महानिर्वाणी अखाड़े के रविंद्र पूरी महाराज को मिला है।

    रविवार को उज्जैन में मंगलनाथ मार्ग स्थित निर्वाणी अणि अखाड़ा में संतों का समागम हुआ। इसमें बड़ी संख्या में संत मौजूद रहे। संतों के इस समागम में 13 में से आठ अखाड़ों के साधु संत शामिल हुए। खास बात यह रही कि यहां हरिद्वार से पहली बार आए महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव संत रविंद्र पुरी महाराज स्वागत सम्मान हुआ। ढोल-नगाड़ों के बीच संतों में उत्साह नजर आया। कार्यक्रम में महंत सत्यानंद महाराज (बड़ा उदासीन), महंत मंगलदास जी (नया अखाड़ा), महंत विनीत गिरी (महानिर्वाणी), महंत रामेश्वर दास, भगवान दास और दिग्विजय दास सहित विभिन्न अखाड़ों के संत-महंत शामिल हुए।

    कार्यक्रम के बाद रविंद्र पुरी महाराज ने मीडिया से कहा कि वे खुद वर्तमान में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष हैं। उनके साथ में निर्मोही अणि अखाड़े के राजेंद्र दास सचिव हैं। उन्हें लिखित और चयनित दोनों रूपों में 13 में से आठ अखाड़े का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद चार संप्रदाय से मिलकर बनी है। इसमें संन्यासी, उदासीन, वैष्णव और निर्मल शामिल है। इन चारों संप्रदाय के अखाड़े उनके नेतृत्व वाली अखाड़ा परिषद में शामिल हैं। इसीलिए वे खुद अखाड़ा परिषद के चुने गए अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 मे सिंहस्थ महाकुंभ आयोजित होने वाला है। सिंहस्थ को लेकर सरकार और प्रशासन बड़े स्तर पर तैयारी कर रहा है। सिंहस्थ कुंभ के आयोजन को लेकर हमारी समय समय पर अधिकारियों से सूक्ष्म चर्चा होती रहती है। हम लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे।


    इन अखाड़ों का समर्थन बताया

    देश के 13 अखाड़े में से 8 अखाड़ों का समर्थन महानिर्वाणी अखाड़े के रविंद्र पूरी महाराज को मिला है। इन अखाड़ों में 1- महानिर्वाणी अखाड़ा, 2- अटल अखाड़ा, 3-निर्मल अखाड़ा, 4- नया उदासी अखाड़ा, 5- बड़ा उदासीन अखाड़ा, 6-निर्वाणी अणि अखाड़ा, 7- दिगंबर अणि अखाड़ा और 8-निर्मोही अणि अखाड़ा शामिल है। इस प्रकार बहुमत के आधार पर अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महानिर्वाणी अखाड़े के रविंद्र पुरी महाराज ही होंगे।

    इधर निरंजनी अखाड़े से जुड़े रविंद्र पूरी महाराज ने कहा कि कुम्भ आ रहा है, ऐसे कई संत अपने आप को अध्यक्ष बताएंगे। सर्वसम्मति से मुझे अध्यक्ष बनाया गया था। जब मैंने इस्तीफा दिया नहीं तो महानिर्वाणी वाले रविंद्र पूरी कैसे अध्यक्ष बन सकते है।

  • मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ के दौरे पर

    मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ के दौरे पर


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रविवार को उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले के प्रवास पर रहेंगे। वे यहां परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ में एक कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर में अस्प प्रवास पर रीवा पहुंचेंगे और यहां से हेलीकाप्टर द्वारा अपरान्ह 1.40 बजे मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) जिले के परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ के लिए रवाना होंगे।

    मुख्यमंत्री दोपहर 2:15 बजे शक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम हेलीपैड पर पहुंचेंगे। यहां वे स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री शाम 4:30 बजे शक्तेशगढ़ से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होंगे और 5:05 बजे रीवा एयरपोर्ट पहुंचेंगे और यहां से विमान द्वारा भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

  • आसमान से आफत मध्यप्रदेश में ओलावृष्टि से खेत तबाह किसान मुआवजे की राह तकते

    आसमान से आफत मध्यप्रदेश में ओलावृष्टि से खेत तबाह किसान मुआवजे की राह तकते

    मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट बदलते हुए किसानों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है बीती रात कई जिलों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है खासतौर पर डबरा और रायसेन जिलों में स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है जहां किसानों को अपनी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है

    डबरा और भितरवार अंचल में अचानक तेज हवा गरज और बेर के आकार के ओलों के साथ हुई बारिश ने खेतों में खड़ी गेहूं सहित रबी सीजन की फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया है किसानों के अनुसार करीब 50 प्रतिशत तक फसलें बर्बाद हो चुकी हैं तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण फसलें जमीन पर गिर गई हैं जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा

    गांवों में किसानों की चिंता साफ तौर पर देखी जा सकती है सेकरा जागीर सहित कई क्षेत्रों के किसान अपनी फसलों का नुकसान देख मायूस हैं किसान दीपक आकाश अमर सिंह बृजमोहन सुघर सिंह और लक्ष्मण सिंह जैसे कई कृषक बताते हैं कि अब तक कोई सरकारी अमला सर्वे के लिए नहीं पहुंचा है ऐसे में वे सरकार से मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं यह प्राकृतिक आपदा उनके लिए आर्थिक संकट का कारण बनती जा रही है

    इधर रायसेन जिले के सुल्तानगंज तहसील क्षेत्र में भी मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया नई गढ़िया गोपई उमरहारी और गुलवाड़ा जैसे गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है यहां चने और बेर के आकार के ओले गिरने से खेतों में खड़ी गेहूं और चना फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है

    जिस समय किसान फसल की कटाई की तैयारी कर रहे थे उसी दौरान मौसम के इस बदलाव ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया तेज ठंडी हवाएं और काले बादलों ने पूरे इलाके का माहौल बदल दिया और खेतों में खड़ी तैयार फसलें अब बर्बादी की कगार पर पहुंच गई हैं

    बारिश का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं रहा बल्कि स्थानीय बाजारों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिला सुल्तानगंज और बेगमगंज क्षेत्रों में चांद रात को लेकर सजी दुकानों पर भी बारिश ने खलल डाल दिया जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा

    बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों और व्यापारियों दोनों के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं अब सभी की नजरें प्रशासन और सरकार पर टिकी हैं कि जल्द सर्वे कराकर नुकसान का आकलन किया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वे इस संकट से उबर सकें

  • उज्जैन में चेट्रीचंड की धूम: CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी, झूलेलाल के संदेश से दिया एकता का आह्वान

    उज्जैन में चेट्रीचंड की धूम: CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी, झूलेलाल के संदेश से दिया एकता का आह्वान


    उज्जैन । मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंधी समाज ने भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव चेट्रीचंड का पर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया। इस अवसर पर टॉवर चौक पर भव्य आयोजन किया गया जहां से आकर्षक चल समारोह निकाला गया। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहुंचकर समारोह को भगवा झंडी दिखाकर रवाना किया और समाजजनों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान झूलेलाल जैसे महान संत और गुरुजन सदैव समाज को सही दिशा दिखाते हैं। उनका आशीर्वाद सभी के जीवन में सुख समृद्धि और शांति बनाए रखता है। उन्होंने प्रार्थना की कि किसी के जीवन में कोई कष्ट न आए और यह नववर्ष सभी के लिए नई ऊर्जा आशा और खुशियां लेकर आए।

    उन्होंने समाज में आपसी प्रेम भाईचारे और एकता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि सुख दुख में एक दूसरे का साथ देना ही समाज को मजबूत बनाता है। विकास के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज का हर व्यक्ति महत्वपूर्ण है और सभी के सामूहिक प्रयासों से ही शहर प्रदेश और देश को आगे बढ़ाया जा सकता है।

    इस भव्य आयोजन में बॉलीवुड और टीवी जगत की कई जानी मानी हस्तियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की रौनक और बढ़ा दी। प्रसिद्ध अभिनेत्री जयाप्रदा अभिनेता आफताब शिवदासानी और लोकप्रिय टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा में ‘गोली’ का किरदार निभाने वाले कुश शाह भी विशेष रूप से शामिल हुए।

    इसके अलावा कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया विधायक सतीश मालवीय भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल समेत कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी उपस्थित रहे।चेट्रीचंड का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा बल्कि समाज में एकता प्रेम और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश भी देता नजर आया। रंग बिरंगे झांकियों भजन कीर्तन और उत्साह से भरे इस चल समारोह ने पूरे शहर को भक्तिमय माहौल में रंग दिया।

  • बैतूल में सड़क पर बनी बाइक आग का गोला, पेट्रोल टंकी ब्लास्ट से मचा हड़कंप

    बैतूल में सड़क पर बनी बाइक आग का गोला, पेट्रोल टंकी ब्लास्ट से मचा हड़कंप


    बैतूल । मध्य प्रदेश के बैतूल में शुक्रवार दोपहर एक खौफनाक हादसा सामने आया जब एक बाइक अचानक आग का गोला बन गई। चंद मिनटों में ही आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी बाइक जलकर राख हो गई। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया।

    जानकारी के अनुसार एक युवक अपनी खराब हो चुकी बाइक को धक्का देकर कॉलेज चौक की ओर ले जा रहा था। तभी अचानक बाइक से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते उसमें आग लग गई। शुरुआत में आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग इतनी तेजी से फैल गई कि कोई कुछ कर नहीं सका।

    स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब बाइक की पेट्रोल टंकी में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके के साथ आग की लपटें और तेज हो गईं जिससे बाइक पूरी तरह आग की चपेट में आ गई। कुछ ही पलों में वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया।

    घटना के कारण सड़क पर यातायात बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया लेकिन तब तक बाइक पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी।

    गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई वरना पेट्रोल टंकी के विस्फोट से बड़ा हादसा हो सकता था। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि गर्मी के मौसम में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना कितना जरूरी है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान बढ़ने के साथ वाहनों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में नियमित सर्विसिंग फ्यूल लीकेज की जांच और इंजन की स्थिति पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।यह घटना न केवल एक हादसा है बल्कि एक चेतावनी भी है कि छोटी सी लापरवाही बड़े खतरे में बदल सकती है। सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन ही ऐसे हादसों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।