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  • हनुमान जन्मोत्सव पर मध्यप्रदेश में भक्ति की धूम, सोने-चांदी का शृंगार, छतरपुर में 51 फीट प्रतिमा का अनावरण

    हनुमान जन्मोत्सव पर मध्यप्रदेश में भक्ति की धूम, सोने-चांदी का शृंगार, छतरपुर में 51 फीट प्रतिमा का अनावरण


    भोपाल । आज हनुमान जन्मोत्सव पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में शोभायात्राएं, भंडारे और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर सहित प्रमुख शहरों के हनुमान मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का दौर जारी है।

    प्रमुख मंदिरों में विशेष आयोजन
    भोपाल के खेड़ापति हनुमान मंदिर, इंदौर के पितरेश्वर और रणजीत हनुमान मंदिर, उज्जैन के गेबी हनुमान, जबलपुर के अर्जी वाले हनुमान और ग्वालियर के मंशापूर्ण हनुमान मंदिर में भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। सभी स्थानों पर विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं।

    सोने-चांदी से हुआ भव्य शृंगार

    ग्वालियर में रोकड़िया महाराज को करीब 1 लाख रुपए कीमत की चांदी की पोशाक पहनाई गई। वहीं रतलाम के श्री बरबड़ हनुमान मंदिर और श्री मेहंदी कुई बालाजी मंदिर में सोने से आकर्षक शृंगार किया गया। धानमंडी स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में बालाजी को 60 ग्राम केसर और सोने के वर्क से सजाया गया।

    छतरपुर में 51 फीट प्रतिमा का अनावरण

    छतरपुर में 171 क्विंटल अष्टधातु से बनी 51 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का लोकार्पण किया गया। इस विशाल प्रतिमा को बनाने में करीब 7 वर्षों का समय लगा, जो अब श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है।

    शुभ योग में मनाया जा रहा प्राकट्य दिवस

    धार्मिक मान्यता के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को हनुमानजी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस बार यह तिथि हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग में आई है, जो अत्यंत शुभ मानी जा रही है। इस अवसर पर श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए हनुमानजी की कृपा प्राप्त करने में जुटे हैं।

    गरगज हनुमान मंदिर की विशेष मान्यता
    ग्वालियर के बहोड़ापुर स्थित 400-500 वर्ष पुराने गरगज हनुमान मंदिर में विशेष आयोजन हो रहे हैं। मान्यता है कि यहां लगातार पांच मंगलवार दर्शन करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सुबह से यहां भजन-कीर्तन और दर्शन का सिलसिला जारी है।

    इंदौर में केसरिया महल थीम की सजावट

    इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर में इस बार केसरिया महल थीम पर भव्य सजावट की गई है। मंदिर को फूलों और केसरिया पर्दों से सजाया गया है, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में रंगा नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

    आगर मालवा में कन्या भोज और विशेष सजावट
    आगर मालवा के गोपाल मंदिर स्थित वीर हनुमान का आकर्षक शृंगार किया गया। यहां गन्नों से पंडाल सजाया गया और बच्चियों द्वारा रंगोली बनाई गई। 511 से अधिक कन्याओं को भोजन कराया गया। शाम 7:30 बजे महाआरती का आयोजन होगा।

    अनूपपुर में रामायण पाठ और भंडारे
    अनूपपुर जिले में सुबह से रामायण पाठ, हवन-पूजन और भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं। कोतमा, जैतहरी, अमरकंटक और बिजुरी सहित कई क्षेत्रों में मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद आरती की गई और शाम को शोभायात्रा निकाली जाएगी।

    सीहोर और भोपाल में उमड़े श्रद्धालु

    सीहोर के हनुमान फाटक मंदिर, मठ मंदिर और पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है। भोपाल के खटलापुरा हनुमान मंदिर में विशेष पूजा, सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जहां भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की।

    छिंदवाड़ा की 101 फीट प्रतिमा आकर्षण का केंद्र
    छिंदवाड़ा के सिमरिया में स्थित 101 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यह विशाल प्रतिमा क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

  • युवा विधायक सम्मेलन का समापन, उप सभापति बोले- युवाओं की सक्रियता से पूरा होगा विकसित भारत का सपना

    युवा विधायक सम्मेलन का समापन, उप सभापति बोले- युवाओं की सक्रियता से पूरा होगा विकसित भारत का सपना


    भोपाल । उप सभापति राज्यसभा हरिवंश सिंह ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज गति से उभरती अर्थव्यवस्था है। भारत चुनौतियों से निपट कर नया इतिहास बना रहा है और आने वाली सदी भारत की होगी। इसके लिए सकारात्मक और दूरदर्शी सोच के साथ कार्य करना आवश्यक है। उप सभापति राज्यसभा सिंह मंगलवार को मप्र विधानसभा में आयोजित मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन (राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र जोन-6) के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी एवं विकसित भारत@2047 में विधायकों की भूमिका पर विचार व्यक्त किये गये।

    उप सभापति राज्यसभा सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि युवा देश का इतिहास, दिशा और भविष्य बदल सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत का सपना युवाओं की सक्रियता से ही पूरा होगा। भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में विकास की यही गति जारी रही तो वर्ष@2047 के पहले भी भारत विकसित राष्ट्र बन सकता है।

    विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि विकसित भारत@2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए युवा विधायकों को समसामयिक परिस्थितियों में देश के प्रति समर्पण भाव से कार्य करना होगा। नेतृत्व विकास के लिए सकारात्मक सोच और अनुशासन से कार्य करना होगा। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने युवा विधायकों को संकल्प दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत@2047 का विजन केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। युवा विधायक चुनौतियों का समाधान कर अपनी नेतृत्व क्षमता का नवाचार में उपयोग करें। युवा नेतृत्व समाज की सोच में परिवर्तन ला सकता है। सुशासन के क्षेत्र में प्रयास हों और विकास को जनआंदोलन बनाया जाये। लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों का जागरूक होना अनिवार्य है। तोमर ने बताया कि युवा विधायकों ने टेक्नोलॉजी, स्वच्छता, सोलर एनर्जी, शिक्षा गुणवत्ता, अधोसंरचना, जनसंवाद और जनकल्याण पर विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने युवा विधायकों को सीख दी कि अध्ययन का विशेष महत्व होता है और विद्यार्थी भाव सदैव बना रहना चाहिए।

    कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसेासिएशन इंडिया रीजन के डॉ. राहुल कराड़ ने कहा कि हर विधानसभा में इस तरह के सम्मेलन किये जाना चाहिए। समाज का रूख बदलने में विधायकों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। विधायक अपने-अपने क्षेत्र के ब्रांड एम्बेसेडर होते है। उन्होंने ट्रेनिंग और एजुकेशन के साथ एआई के महत्व को भी बताया।

    सम्मेलन में विधानसभा के सात दशक पर केन्द्रित विधायिनी पत्रिका का विमोचन हुआ। विधायक डॉ. अभिलाष पाण्डेय, संतोष वरवडे, रामसिया भारती, छत्तीसगढ़ से श्रीमती विद्यावती सिदार, राजस्थान से थावर चंद सहित अन्य विधायकों ने विचार व्यक्त किये। दो दिवसीय सम्मेलन में तीन राज्यों के लगभग 40 विधायकों ने सम्मेलन में दिए गए विषयों पर अपने वक्तव्य दिए।

    कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व मंत्री अजय विश्नोई, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय सहित अन्य पदाधिकारी एवं युवा विधायक मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में विधानसभा के सचिव अरविन्द शर्मा ने आभार व्यक्त किया।

  • मप्र में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक, खाद्य मंत्री बोले- अफवाहों पर न दें ध्यान

    मप्र में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक, खाद्य मंत्री बोले- अफवाहों पर न दें ध्यान


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। किसी प्रकार की कमी नहीं हैं। लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।

    खाद्य मंत्री राजपूत ने सोमवार को एक बयान में कहा कि देश में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और देश व प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही हैं। इससे पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति निरंतर बनी हुई है और किसी प्रकार की रुकावट की स्थिति नहीं है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पीएनजी कनेक्शन लेने का भी आग्रह किया, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो और स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त भंडार बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के अनुरूप एलपीजी सिलेंडरों का निरंतर वितरण किया जा रहा है। कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकता क्रम और आवंटन प्रतिशत के आधार पर गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सतत रूप से की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं तथा जिला स्तर तक बॉटलिंग प्लांट और वितरकों के पास उपलब्धता एवं वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश की सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल और डीजल (एमएस/एचएसडी) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। रिटेल आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) पर भी पेट्रोल और डीजल की किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। कंपनियों के डिपो से पेट्रोल और डीजल की लगातार आपूर्ति की जा रही है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है। बढ़ी हुई मांग को देखते हुए ऑयल कंपनियों के डिपो अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं जिससे मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

    खाद्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2,110 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 2,933 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए तथा 9 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके अतिरिक्त 391 पेट्रोल पंपों की जांच की गई, जिसमें एक प्रकरण दर्ज कर एफआईआर कराई गई है। प्रदेश के सभी जिला आपूर्ति नियंत्रकों और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को पेट्रोल पंपों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाओं द्वारा घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन से संबंधित मांग एवं शिकायतों के पंजीयन और उनके निराकरण के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। प्रदेश के जिन शहरों में पाइपलाइन नेटवर्क उपलब्ध है, वहां पाइपलाइन के आसपास के घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। अन्य जिलों में पाइपलाइन विस्तार के बाद पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही सीजीडी संस्थाओं को विभिन्न अनुमतियां प्राप्त करने के लिए सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की सुविधा भी प्रदान की गई है। इन संस्थाओं द्वारा संबंधित शहरों के लिए दूरभाष नंबर भी जारी किए गए हैं, जिन पर उपभोक्ता संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इनमें अवंतिका गैस लिमिटेड द्वारा पीथमपुर, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर के लिए संपर्क नंबर उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि गैल गैस लिमिटेड द्वारा देवास, रायसेन, शाजापुर और सीहोर के लिए संपर्क सुविधा दी गई है।

    इसी प्रकार नवेरिया गैस लिमिटेड द्वारा धार, थिंक गैस द्वारा भोपाल, राजगढ़ और शिवपुरी, आईओसीएल द्वारा गुना, मऊगंज, रीवा, अशोकनगर और मुरैना, बीपीसीएल द्वारा मैहर, सतना, शहडोल, सीधी और सिंगरौली तथा गुजरात गैस लिमिटेड द्वारा उज्जैन, देवास, इंदौर, रतलाम और झाबुआ क्षेत्रों के लिए दूरभाष नंबर जारी किए गए हैं, जिनके माध्यम से उपभोक्ता अपनी मांग या शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

    उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकता अनुसार ही पेट्रोल और डीजल की खरीद करें तथा अनावश्यक संग्रह से बचें। ऑयल कंपनियों ने भी यह स्पष्ट किया है कि एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

  • मप्र में बदला मौसम, भोपाल समेत कई जगह तेज बारिश, 6 जिलों में हुई ओलावृष्टि

    मप्र में बदला मौसम, भोपाल समेत कई जगह तेज बारिश, 6 जिलों में हुई ओलावृष्टि


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में सोमवार को अचानक मौसम बदल गया और कई जिलों में अचानक तेज बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया। नीमच और उज्जैन में बारिश के साथ ओले गिरे, जबकि भोपाल, मंदसौर, रीवा और बैतूल समेत कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई।

    मौसम विभाग ने छह जिलों में आंधी के साथ ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। इनमें खंडवा, बैतूल, देवास, नीमच, श्योपुर और खरगोन शामिल हैं। वहीं 10 से ज्यादा जिलों में बारिश-आंधी का असर देखने को मिलेगा। इनमें छिंदवाड़ा, रतलाम, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा और अनूपपुर (अमरकंटक) में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। यह सिस्टम अगले 3 से 4 दिनों तक सक्रिय रहेगा।

    प्रदेश के आसपास सक्रिय मौसम प्रणालियों के चलते प्रदेश में मौसम का मिजाज सोमवार को पूरी तरह बदल गया है। सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को खासा नुकसान हुआ है। मालवा-निमाड़ अंचल के नीमच, जावद, मनासा, डीकेन, खरगोन के भीकनगांव क्षेत्र और धार के डही में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी और कटाई के बाद रखी गेहूं व चना की फसल को नुकसान पहुंचा है।

    भोपाल के मौसम विज्ञान केन्द्र से मिली जानकारी के मुताबिक, श्योपुर कलां में 3.0 मिमी, अनूपपुर में 0.5 मिमी और नीमच में 2.0 मिमी बारिश शाम साढ़े पांच बजे तक रिकॉर्ड की गई। ग्वालियर और चंबल को छोड़कर दोपहर बाद भोपाल समेत प्रदेश के आसमान पर बादल छा गए। इसके चलते इंदौर, छिंदवाड़ा समेत प्रदेश के कई शहरों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हुई। वहीं, नर्मदापुरम और खजुराहो में पारा 40 डिग्री सेल्सियस रहा। नौ जिलों में दिन का तापमान 39 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पंजाब से होते हुए हरियाणा की तरफ एक द्रोणिका गुजर रही है, जो पश्चिमी राजस्थान से होते हुए अरब सागर तक बनी हुई है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी उप्र पर चक्रवातीय हवाओं का घेरा बना हुआ है, जो ओडिशा तक एक द्रोणिका के रूप में है। यह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक पास हो रहा है। इसके चलते प्रदेश के मौसम में यह बादल आए हैं।

    मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी, पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के सक्रिय होने से प्रदेश में मौसम में यह बदलाव आया है। तीन अप्रैल तक प्रदेश के मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा। मंगलवार से दिन के तापमान में गिरावट होगी। मौसम केंद्र द्वारा यलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई शहरों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।

    प्रदेश के दक्षिणी खंडवा, बैतूल, दक्षिणी देवास, उत्तरी नीमच, श्योपुर कलां और पूर्वी खरगोन में मध्यम तूफान के साथ ओलावृष्टि होने की संभावना है। साथ ही दक्षिणी नीमच, मंदसौर, गांधी सागर अभयारण्य, अनूपपुर, अमरकंटक, सिवनी, पांढुर्ना, पेंच, दक्षिणी छिंदवाड़ा, इंदौर, पश्चिम बड़वानी, दक्षिणी, पूर्वी धार, उत्तरी देवास, शाजापुर, उत्तरी रतलाम, दक्षिणी उज्जैन, रीवा, दक्षिणी बालाघाट में हल्की गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। दक्षिणी सीहोर और दक्षिणी भोपाल में बिजली गिरने, ओलावृष्टि के साथ मध्यम गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है।

  • मध्य प्रदेश डिजिटल गवर्नेंस में देश में दूसरा स्थान पर, मुख्यमंत्री ने दी बधाई

    मध्य प्रदेश डिजिटल गवर्नेंस में देश में दूसरा स्थान पर, मुख्यमंत्री ने दी बधाई


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश ने डिजिटल सेवाओं के मामले में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण मूल्यांकन (एनईएसडीए) रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश ने 1,752 ई-सेवाओं के साथ डिजिटल सेवाएं प्रदान कर देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डिजिटल गवर्नेंस में मध्य प्रदेश के देश में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि हमारे सद्प्रयासों को अब राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है। यह उपलब्धि सुशासन, पारदर्शिता, जनहितैषी और नागरिक-केंद्रित नीतियों के प्रति हमारी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस में मध्य प्रदेश ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण मूल्यांकन के मानकों के अनुसार यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश ने 1,752 ई-सेवाओं के साथ डिजिटल सेवाएं प्रदान करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल होकर पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद गर्व का विषय है कि प्रदेश में 59 अनिवार्य सेवाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है।

    गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 1,752 ई-सेवाएं नागरिकों को ऑनलाइन दी जा रही हैं, जिससे लोगों को सरकारी काम के लिए दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ रहे हैं। खास बात यह है कि 59 अनिवार्य सेवाओं को 100 प्रतिशत लागू भी किया गया है। प्रदेश में डिजिटल सेवाओं के विस्तार में काफी तेजी दिखाई है। अब गांव से लेकर शहर तक लोग ऑनलाइन ही कई जरूरी काम आसानी से कर पा रहे हैं, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है।

    राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण मूल्यांकन द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, ई-सेवाओं की संख्या के आधार पर कर्नाटक ने 2,102 सेवाओं के साथ पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि 1,752 सेवाओं के साथ मध्य प्रदेश दूसरे, 1,645 सेवाओं के साथ छत्तीसगढ़ तीसरे और 1,634 ई-सेवाओं के साथ तमिलनाडु चौथे स्थान पर है।

  • मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी स्लीमनाबाद टनल का कार्य शीघ्र होगा पूर्ण

    मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी स्लीमनाबाद टनल का कार्य शीघ्र होगा पूर्ण


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश की सबसे अधिक लम्बाई 11.952 किमी की स्लीमनाबाद टनल (जल सुरंग) का 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर शीघ्र ही उद्घाटन कार्यक्रम होगा।

    यह जानकारी रविवार देर शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सीएम हाउस स्थित समत्व भवन में हुई नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की 270 वीं बैठक में दी गई। प्राधिकरण की बैठक के साथ ही नर्मदा नियंत्रण मंडल की 87वीं बैठक और नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट लिमिटेड के संचालक मंडल की 34 वीं बैठक भी हुई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न निर्मणाधीन सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र के विस्तार के लिए निर्माणाधीन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा किया जाए। प्रशासकीय और वित्तीय कठिनाइयों को दूर कर लंबित कार्यों की पूर्णता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने इस क्रम में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा बरगी व्यपवर्तन परियोजना के कार्यों को आधुनिक तकनीक का उपयोग कर तेजी से पूरा करने के प्रयासों की प्रशंसा भी की।


    दो वर्ष की अवधि में रिकार्ड सिंचाई क्षेत्र का विस्तार

    बैठक में बताया गया कि बरगी व्यपवर्तन परियोजना की स्वीकृति वर्ष 2008 में हुई थी। कार्यों में अनेक तरह की बाधाएं भी सामने आईं लेकिन बीते दो वर्ष में तेजी से कार्य पूरे किए गए। स्लीमनाबाद टनल के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए प्रशासकीय और वित्तीय स्तर पर कमियों को दूर करते हुए कार्य पूर्ण किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और नर्मदा घाटी विकास विभाग ने परियोजना के कार्यों की सतत समीक्षा भी की है। टनल के पश्चात 1.85 लाख हेक्टेयर कमान क्षेत्र को हराभरा जीवन प्राप्त होगा। इस टनल के राष्ट्रीय राजमार्ग, रेल्वे लाइनों, भूमिगत क्रॉसिंग और आबादी क्षेत्र इत्यादि के नीचे से सुरक्षित गुजरते हुए संरचना को कोई क्षति नहीं पहुंची। प्रभावित परिवारों को मुआवजा राशि सहित पुनर्वास और सुरक्षित स्थानांतरण के कार्य संवेदनशीलता के साथ पूरे किए गए।


    6 जिलों के डेढ़ हजार गांव में 2 लाख 45 हजार हेक्टेयर में बढ़ेगी सिंचाई

    बरगी व्यपवर्तन परियोजना से जबलपुर के निकट स्थित बरगी बांध से निकलने वाली ट्रांस-वैली कैनाल प्रदेश की सर्वाधिक 227 क्यूमेक डिस्चार्ज करयिंग कैपेसिटी की मुख्य नहर 197 किमी होगी। जबलपुर,कटनी , सतना, मैहर, पन्ना और रीवा जिलों के 1450 गांव की दो लाख 45 हजार हेक्टेयर भूमि को स्थाई सिंचाई का वरदान मिलेगा। इस निर्माण कार्य में नर्मदा और सोन कछार को विभक्त करने वाली विंध्य पर्वत श्रंखला की रिज लाइन को पार करना, दुष्कर कार्य था। उच्च भूजल स्तर जैसी चुनौतियों भी सामने थीं, जो स्लीमनाबाद टनल के निर्माण से दूर करने की पहल की गई। यह टनल प्रदेश की जीवन रेखा नर्मदा की तरह एक किस्म की धड़कन होगी, जो देश की सबसे लम्बी जल सुरंग भी है। कुल 11.952 किमी लंबाई और 2 किमी व्यास की यह विशाल तरंग नर्मदा जल को बिना पंप की सहायता से प्राकृतिक प्रवाह के रूप में बहाते हुए विशाल क्षेत्र को लाभान्वित करने का माध्यम बनेगी।


    बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में बैठक में लिए गए निर्णय प्रदेश के किसानों को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे। सेल्दामाल माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति: 42.95 करोड़ रुपए (18% जीएसटी सहित)। खण्डवा जिले के 04 ग्रामों में 1410 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा। दूधी सिंचाई परियोजना: कमांड क्षेत्र वृद्धि (55410 से 60828 हेक्टेयर) एवं पुनरीक्षित लागत 1925.06 करोड़ रुपए की स्वीकृति।

    खालवा उद्वहन माइक्रो लिफ्ट सिंचाई: 35110 से 37490 हेक्टेयर वृद्धि, पुनरीक्षित लागत 724.10 करोड़ रुपए की स्वीकृति। बरगी व्यपवर्तन परियोजना: पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति 7881.75 करोड़ (2.45 लाख हेक्टेयर)। आईएसपी-कालिसिंध द्वितीय चरण: पुनरीक्षित लागत 5985.46 करोड़ (1.10 लाख हेक्टेयर)। आईएसपी-पावती चरण-III एवं IV: पुनरीक्षित लागत 5164.68 करोड़ (1,00,278 हेक्टेयर)। बदनावर माइक्रो लिफ्ट एवं डोबी सिंचाई (सीहोर): क्रमशः 1952.71 करोड़ एवं 275.57 करोड़ की पुनरीक्षित स्वीकृति।

    बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव जन संसाधन एवं नर्मदा घाटी डॉ. राजेश राजौरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • इनोवेशन अपनाकर मध्य प्रदेश बनेगा उद्यमिता का हब : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    इनोवेशन अपनाकर मध्य प्रदेश बनेगा उद्यमिता का हब : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। आज प्रदेश का युवा अपनी सोच को आकार देकर नए-नए इनोवेशन कर आईटी तकनीकी के माध्यम से स्टार्टअप कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुरूप वर्ष 2047 तक मध्य प्रदेश स्टार्टअप एवं इनोवेशन को अपनाते हुए उद्यमिता विकास का हब बन जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के सिंहासा में स्थित आईटी पार्क में बने लॉन्चपैड इनक्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आज दुनिया तेजी से बदल रही है। वर्तमान समय में इंसान को उसके ज्ञान से ही मापा जाता है। उन्होंने कहा कि युवा नवीन तकनीकी को अपनाएं और स्टार्टअप करें एवं दूसरों को रोजगार देने वाले सफल उद्यमी बने। उन्होंने कहा कि भोपाल में प्रदेश की पहली नॉलेज और एआई सिटी बन रही है। उज्जैन को साइंस सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। नवाचार और विज्ञान के माध्यम से अनेक कार्य हो रहे हैं। लोग कभी जमीन और प्रापर्टी को अपना सब कुछ समझते थे। अब तो ज्ञान ही सबसे बड़ा खजाना है। ज्ञान होने से मनुष्य अपने आप धनवान हो जाता है। नॉलेज के बलबूते पर उन्नति के मार्ग पर तेजी से जा सकते हैं। सत्यवादी मार्ग पर बढ़ने का यही समय है। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन रहा है।

    उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भोपाल के अलावा इंदौर और उज्जैन क्षेत्र मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित होने वाले हैं। हमारे सभी संसाधन भविष्य की दृष्टि से विकसित किए जाएंगे। मध्य प्रदेश को इनोवेशन हब बनाकर प्रदेश की भूमिका को सशक्त करना है। मध्य प्रदेश नवाचार और उद्यमिता का केंद्र बन रहा है। मध्य प्रदेश स्टार्ट-अप पॉलिसी, फंडिंग सपोर्ट के माध्यम से इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित कर भारत की स्टार्टअप क्रान्ति को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रदेश के युवा एआई पर आधारित एग्रीटेक स्टार्टअप, हेल्थटेक, स्किलटेक, ग्रीन इनोवेशन और डिजिटल सॉल्यूशन में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्टार्टअप हब बन रहे हैं।


    लांचपैड सेंटर का किया निरीक्षण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लॉन्चपेड इनोवेशन सेंटर के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान युवाओं द्वारा अपनी सोच को नवीन तकनीकी से आकर देकर निर्मित की गई अत्याधुनिक मशीनों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि गत वर्ष इस सेंटर का भूमि-पूजन किया था और आज उसके लोकार्पण अवसर पर युवाओं की आधुनिक सोच एवं आइडियाज को देखकर अति प्रसन्नता हो रही है।


    स्टार्टअप वाले युवाओं से किया संवाद

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपने आइडिया से स्टार्टअप शुरू करने वाले युवा उद्यमियों से संवाद किया। उन्होंने युवा उद्यमियों से जाना की वे किस क्षेत्र में कार्य कर रहे है। युवाओं के कार्यों के बारे में जानकर उनका हौंसला बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी कार्य को करने की अगर हमारी मंशा सही है तो उस कार्य में सफलता अवश्य मिलती है।

    भारतीय औद्योगिक प्रबंध संस्थान इंदौर के निदेशक सुभाष एस जोशी ने बताया कि “लॉन्चपैड : इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर” की स्थापना आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन (आईआईटी इंदौर का टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन एवं रिसर्च पार्क) तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) के संयुक्त सहयोग से की गई है। इस केंद्र का उद्देश्य डीप-टेक नवाचार को प्रोत्साहित करना, उच्च प्रभाव वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना, उन्नत विनिर्माण तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में प्रदेश को सशक्त बनाना और उद्योग एवं अकादमिक जगत के बीच सहयोग को मजबूत करना है।


    विभिन्न कंपनियों के उद्यमियों से की चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कार्य कर रही विभिन्न कंपनियों के उद्यमियों से चर्चा भी की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी उद्यमियों से कहा कि अपनी कंपनियों में युवाओं को काम करने का मौका दें एवं उन्हें अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। हमारे देश में युवाओं के पास एक नई एवं आधुनिक सोच है हमारा देश चौथी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर कर आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक गोलू शुक्ला, मालिनी गौड़, राजेश मेंदोला, मनोज पटेल, अध्यक्ष सुमित मिश्रा, पवन सोनकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    मध्य प्रदेश में नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में इंदौर के सिंहासा आईटी पार्क में स्थापित “लाँचपैड : इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर” एक महत्वपूर्ण पहल है। इस केंद्र की स्थापना आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन (आईआईटी इंदौर का टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन एवं रिसर्च पार्क) तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) के संयुक्त सहयोग से की गई है।


    “लॉन्चपैड : इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर” एक महत्वपूर्ण पहल

    इंदौर के सिंहासा में स्थित आईटी पार्क में बने लगभग 10 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में विकसित इस अत्याधुनिक केंद्र में 5 हजार वर्ग फुट का को-वर्किंग एवं इन्क्यूबेशन स्पेस और 5 हजार वर्ग फुट की उन्नत प्रयोगशाला अवसंरचना विकसित की गई है। केंद्र में स्थापित इंटेलिजेंट मैन्युफैक्चरिंग लैब के माध्यम से उत्पादों की प्रोटोटाइपिंग, परीक्षण और सत्यापन की सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यह केंद्र विचार से लेकर व्यावसायीकरण तक संपूर्ण नवाचार प्रक्रिया को सहयोग प्रदान करेगा। साथ ही एआई,एमएल,इंडस्ट्री 4.0, रोबोटिक्स, डिजिटल हेल्थकेयर और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं, एमएसएमई और नवाचारकर्ताओं को आवश्यक तकनीकी एवं संस्थागत समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा।

    लगभग 10 करोड़ रुपये के अवसंरचना निवेश और 20 करोड़ रुपये के स्टार्टअप समर्थन प्रावधान के साथ यह केंद्र आगामी 7 वर्षों में 100 स्टार्टअप्स को विकसित करने और 200 से 300 रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य लेकर कार्य करेगा। यह केंद्र डीप-टेक नवाचार को प्रोत्साहित करने, उच्च प्रभाव वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने, उन्नत विनिर्माण तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में प्रदेश की क्षमताओं को मजबूत करने और उद्योग तथा अकादमिक जगत के बीच सहयोग को सुदृढ़ करने का कार्य करेगा।

  • मप्र हाईकोर्ट के न्यायाधीश भोजशाला पहुंचे, 53 मिनट तक किया परिसर का गोपनीय निरीक्षण

    मप्र हाईकोर्ट के न्यायाधीश भोजशाला पहुंचे, 53 मिनट तक किया परिसर का गोपनीय निरीक्षण


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के न्यायाधीश शनिवार को केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन धार जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक भोजशाला पहुंचे। उन्होंने करीब 53 मिनट तक भोजशाला परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। आगामी 2 अप्रैल को भोजशाला मामले की सुनवाई से पहले इस दौरे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मप्र उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी शनिवार दोपहर एक बजकर 52 मिनट पर भोजशाला परिसर पहुंचे। उनके साथ कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी भी मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच उन्होंने करीब 53 मिनट तक परिसर में रहकर हर हिस्से का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने संरचना के संरक्षण के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी।

    गौरतलब है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा लगभग 98 दिनों तक भोजशाला परिसर में किए गए सर्वे की रिपोर्ट उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की जा चुकी है और इसकी प्रतियां सभी पक्षकारों को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। भोजशाला के कानूनी विवाद को लेकर गत 16 मार्च को इंदौर उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान पक्षकारों से दावे और आपत्तियां मांगी गई थीं, उसी दौरान न्यायमूर्ति ने स्वयं भोजशाला का निरीक्षण करने की इच्छा जताई थी। साथ ही दो अप्रैल की तारीख सुनवाई के लिए निर्धारित की थी।

    मामले की सुनवाई से पहले न्यायाधीश शनिवार को धार पहुंचे। न्यायाधीशों के आगमन की सूचना मिलते ही सुबह से ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया था। न्यायमूर्ति के दौरे को देखते हुए भोजशाला के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी।

    निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति शुक्ला ने भोजशाला परिसर के भीतर स्तंभों की नक्काशी, प्राचीन खंभों पर उकेरी गई आकृतियों और ऐतिहासिक शिलालेखों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने दीवारों पर अंकित लिपियों को भी ध्यानपूर्वक देखा। साथ ही एएसआई द्वारा किए गए सर्वे के निशानों और चिन्हित स्थलों की जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा किए गए कार्यों और वर्तमान व्यवस्थाओं से भी अवगत कराया।

    भोजशाला को लेकर चल रहे कानूनी विवाद और वैज्ञानिक सर्वेक्षण की मांगों के बीच अब इस दौरे के बाद सभी की निगाहें आगामी 2 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जहां मामले में महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।

  • मध्य प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

    मध्य प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा इनके वितरण में किसी प्रकार की कमी या बाधा नहीं है।

    यह जानकारी शनिवार को प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कार्य कर रही हैं और कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है, जिससे ईंधन आपूर्ति में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की स्थिति सामान्य है और सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल (एमएस) और डीजल (एचएसडी) का पर्याप्त भंडार मौजूद है। पेट्रोल पंपों पर भी ईंधन की किसी प्रकार की कमी नहीं है तथा कंपनी के डिपो से पेट्रोल और डीजल की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।


    रसोई गैस की उपलब्धता पर्याप्त

    मंत्री राजपूत ने बताया कि एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं, जिससे किसी भी स्थिति में रसोई गैस की उपलब्धता प्रभावित न हो।


    बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए विशेष व्यवस्था

    राजपूत ने बताया कि प्रदेश में ईंधन की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए सभी सप्लाई लोकेशन को अधिक समय तक संचालित किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति को सुचारु बनाए रखते हुए स्थिति को सामान्य रखा जा सके।


    कालाबाजारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई

    मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2050 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 2912 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 9 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई है।


    पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने में तेजी

    उन्होंने बताया कि प्रदेश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। लंबित अनुमतियों को शीघ्र प्रदान करने और नई अनुज्ञप्तियां 24 कार्यकारी घंटों में जारी करने के लिए संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई की जा रही है।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में सीजीडी (City Gas Distribution) संस्थाओं द्वारा 2,14,980 घरेलू, 535 औद्योगिक और 661 वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। विभिन्न प्रकार की अनुमतियां प्रदान करने के लिए सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

    ऑयल कंपनियों आईओसीएल (IOCL), बीपीसीएल (BPCL) और एचपीसीएल (HPCL) तथा सीजीडी संस्थाओं के बीच आवश्यक समन्वय स्थापित कर भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

    मंत्री राजपूत ने आम नागरिकों से अपील की है कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि नागरिक आवश्यकतानुसार ही पेट्रोल और डीजल खरीदें तथा अनावश्यक संग्रह न करें। सरकार द्वारा प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन कर पीएनजी कनेक्शन लेने की भी अपील की गई है।

  • सुसनेर से कुरावर जा रही बस बनी हादसे का शिकार तेज रफ्तार ने ली एक जान

    सुसनेर से कुरावर जा रही बस बनी हादसे का शिकार तेज रफ्तार ने ली एक जान


    शाजापुर । मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ते सड़क हादसे एक बार फिर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं और ताजा मामला आगर मालवा जिले से सामने आया है जहां तेज रफ्तार का कहर एक और जान ले गया। सुसनेर से कुरावर जा रही एक निजी यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई जिससे मौके पर अफरा तफरी और चीख पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार यह बस सुसनेर से कुरावर की ओर जा रही थी तभी बड़ागांव के पास चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा और वाहन सड़क किनारे पलट गया। बस के पलटते ही यात्रियों में चीख पुकार मच गई और कई लोग अंदर ही फंस गए। आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया और स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया।

    घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को नलखेड़ा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस उसकी शिनाख्त करने में जुटी हुई है।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बस की तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है हालांकि तकनीकी खराबी या अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश में लगातार हो रहे ऐसे हादसे यह संकेत देते हैं कि यातायात नियमों का पालन और वाहनों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। खासकर निजी बसों में ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं आम होती जा रही हैं जो यात्रियों की जान के लिए खतरा बन रही हैं।

    जरूरत इस बात की है कि प्रशासन सख्ती दिखाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और लोगों में भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए ताकि इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके। फिलहाल इस दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है और लोग घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।