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  • सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, शुरुआती कारोबार में चांदी 2.34 प्रतिशत और सोना 1.80 प्रतिशत तक टूटा

    सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, शुरुआती कारोबार में चांदी 2.34 प्रतिशत और सोना 1.80 प्रतिशत तक टूटा

    नई दिल्ली । सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार, 28 सितंबर को गिरावट देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान दोनों कीमती धातुओं के भाव में कमजोरी दर्ज की गई। कारोबार के शुरुआती दौर में सोना करीब 1.80 प्रतिशत और चांदी 2.34 प्रतिशत तक टूट गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुओं की कीमतों में गिरावट रही।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अक्टूबर 2026 का वायदा कॉन्ट्रैक्ट पिछले कारोबारी सत्र में 1,50,881 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोमवार को यह 1,50,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। इसके बाद कीमत में और गिरावट दर्ज की गई।

    सुबह 9:50 बजे सोने का वायदा भाव 2,721 रुपये यानी 1.80 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,48,160 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबारी सत्र के दौरान सोने ने 1,47,667 रुपये प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर छुआ। वहीं, इसका उच्चतम स्तर 1,50,100 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

    सोने की तरह चांदी के भाव में भी गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स पर चांदी का 4 दिसंबर 2026 का वायदा कॉन्ट्रैक्ट पिछले कारोबारी सत्र में 2,34,696 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। सोमवार को यह 2,32,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला।

    सुबह 9:50 बजे चांदी 5,490 रुपये यानी 2.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,29,206 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। कारोबार के दौरान चांदी का न्यूनतम भाव 2,28,035 रुपये प्रति किलोग्राम और उच्चतम भाव 2,32,300 रुपये प्रति किलोग्राम रहा।

    घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 2.09 प्रतिशत गिरकर 4,230 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी की कीमत 3.67 प्रतिशत की गिरावट के साथ 62.43 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

    बाजार के जानकारों के मुताबिक, कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाए जाने की आशंका और डॉलर इंडेक्स में लगातार तेजी को प्रमुख वजह माना जा रहा है। डॉलर इंडेक्स बढ़कर 100.83 पर पहुंच गया है। डॉलर में मजबूती का असर सोने और चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है।

    डॉलर इंडेक्स के जरिए दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को मापा जाता है। इसमें यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कनाडाई डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक शामिल हैं। इन मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती या कमजोरी को दर्शाने वाला यह सूचकांक वैश्विक बाजार में डॉलर की स्थिति का संकेत देता है।

    सोमवार के शुरुआती कारोबार में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में सोने तथा चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, दिए गए कारोबारी आंकड़े सुबह 9:50 बजे तक के हैं और पूरे दिन के अंतिम भाव इनमें शामिल नहीं हैं।

  • सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल, निवेशकों की नजर अमेरिकी फेड के ब्याज दर संबंधी फैसले पर टिकी

    सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल, निवेशकों की नजर अमेरिकी फेड के ब्याज दर संबंधी फैसले पर टिकी

    नई दिल्ली ।सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को तेजी देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव में बढ़त दर्ज की गई। सोने की कीमत में करीब 0.85 प्रतिशत तक की तेजी रही, जबकि चांदी का भाव शुरुआती कारोबार में 1.57 प्रतिशत तक चढ़ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। इस बीच निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर होने वाली बैठक के फैसले पर टिकी है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 5 अक्टूबर 2026 का सोना वायदा अनुबंध बुधवार को 1,50,809 रुपये प्रति 10 ग्राम के पिछले बंद भाव की तुलना में 1,291 रुपये यानी 0.85 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,52,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। दोपहर 12 बजे तक सोना 953 रुपये यानी 0.63 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,51,762 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।

    दिन के कारोबार में अब तक सोने ने 1,51,450 रुपये प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और 1,52,100 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ। इससे संकेत मिलता है कि शुरुआती बढ़त के बाद सोने की कीमत सीमित दायरे में कारोबार करती रही।

    चांदी में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर 4 दिसंबर 2026 का चांदी वायदा अनुबंध पिछले बंद भाव 2,32,118 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में 3,667 रुपये यानी 1.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,35,785 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। दोपहर 12 बजे चांदी 3,250 रुपये यानी 1.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,35,988 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

    कारोबार के दौरान चांदी ने अब तक 2,34,540 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम स्तर और 2,35,988 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर छुआ। इस तरह घरेलू वायदा बाजार में सोने के साथ चांदी में भी तेजी का रुख बना रहा।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में बढ़त देखने को मिली। कॉमेक्स पर सोना 0.77 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,366 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी की कीमत 1.96 प्रतिशत बढ़कर 65 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

    बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक के फैसले पर है। ब्याज दरों को लेकर बैठक के फैसलों की घोषणा बुधवार देर शाम की जाएगी। निवेशक इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि ब्याज दरों से जुड़ी जानकारी का असर सोने और चांदी समेत वैश्विक वित्तीय बाजारों पर पड़ सकता है।

    यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब मध्य पूर्व में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमत करीब चार महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इसी अवधि में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी 5 प्रतिशत से ऊपर जा चुकी है। इन परिस्थितियों के बीच फेड के फैसले पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।

  • सोने और चांदी में गिरावट, डॉलर की मजबूती के बीच अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर निवेशकों की नजर, जानें बाजार का हाल

    सोने और चांदी में गिरावट, डॉलर की मजबूती के बीच अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर निवेशकों की नजर, जानें बाजार का हाल

    नई दिल्ली । सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की गई। दोनों कीमती धातुओं में करीब 1.10 प्रतिशत तक की कमजोरी देखने को मिली। घरेलू बाजार में कीमतों में आई इस गिरावट के बीच निवेशकों की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर बनी हुई है, जो आने वाले समय में कीमती धातुओं की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर 5 अक्टूबर 2026 की डिलीवरी वाला सोने का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,52,341 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,571 रुपये या 1.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,50,770 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। हालांकि, शुरुआती कारोबार में इसमें कुछ सुधार दिखाई दिया।

    सुबह 9:48 बजे सोना 867 रुपये यानी 0.57 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,51,474 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोने ने 1,50,695 रुपये प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और 1,51,483 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऊपरी स्तर छुआ।

    चांदी की कीमतों में भी शुक्रवार को दबाव देखा गया। एमसीएक्स पर 4 दिसंबर 2026 की डिलीवरी वाला चांदी का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,34,099 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 2,530 रुपये यानी 1.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,31,569 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला।

    कारोबार के दौरान चांदी ने 2,30,270 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम स्तर और 2,32,096 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर दर्ज किया। इस तरह घरेलू वायदा बाजार में सोने के साथ चांदी पर भी बिकवाली का दबाव बना रहा।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं में कमजोरी दर्ज की गई। कॉमेक्स पर सोने की कीमत 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,350 डॉलर प्रति औंस पर थी। वहीं, चांदी 1.99 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 63.63 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

    जानकारों के मुताबिक, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच डॉलर की मजबूती सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव डाल रही है। दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स एक सप्ताह के उच्चतम स्तर 99.12 पर पहुंच गया है।

    बाजार में अब अमेरिका के महंगाई आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है। ये आंकड़े देर शाम जारी होने हैं और इनके बाद सोने तथा चांदी की कीमतों की दिशा को लेकर बाजार की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकती है।

    महंगाई के आंकड़ों को लेकर निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है। ऐसे में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों पर आने वाले आंकड़ों और डॉलर की चाल का असर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • सोना महंगा तो चांदी सस्ती क्यों दिख रही, गोल्ड-सिल्वर रेशियो और फेयर वैल्यू से समझिए दोनों धातुओं की कीमत का अंतर

    सोना महंगा तो चांदी सस्ती क्यों दिख रही, गोल्ड-सिल्वर रेशियो और फेयर वैल्यू से समझिए दोनों धातुओं की कीमत का अंतर

    नई दिल्ली ।मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर मंगलवार, 8 सितंबर को सोने और चांदी के वायदा भाव में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिका की मौद्रिक नीति को लेकर बनी उम्मीदों से कीमती धातुओं को समर्थन मिला। अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा और इसमें 0.14 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई। दूसरी ओर दिसंबर सिल्वर फ्यूचर्स 2.38 लाख रुपये प्रति किलो पर रहा, जिसमें 0.08 प्रतिशत की गिरावट आई।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4,434 डॉलर प्रति औंस और चांदी लगभग 66.95 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। दोनों धातुओं पर मौजूदा आर्थिक संकेतों का प्रभाव पड़ रहा है, लेकिन उनकी कीमत और वैल्यूएशन की स्थिति एक जैसी नहीं है।

    सोने की मॉडल्ड फेयर वैल्यू 3,248 से 4,595 डॉलर प्रति औंस के बीच बताई गई है। इसका मिडपॉइंट 3,922 डॉलर प्रति औंस है। अगस्त की शुरुआत में सोना करीब 4,242 डॉलर प्रति औंस पर था, जो अनुमानित मिडपॉइंट से करीब 8 प्रतिशत अधिक था। जनवरी में सोना 5,589 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंचा था, जो मॉडल्ड रेंज से काफी ऊपर था।

    इसके बाद जून में सोने की कीमत लगभग 3,985 डॉलर प्रति औंस तक आई, जो अनुमानित फेयर वैल्यू के करीब थी। बाद में सोने में फिर तेजी देखने को मिली। इसका मतलब यह है कि पहले की तेज सट्टेबाजी कुछ कम हुई है, लेकिन सोना अभी भी मॉडल्ड मिडपॉइंट से ऊपर कारोबार कर रहा है।

    चांदी के मामले में तस्वीर कुछ अलग है। इसकी वैल्यूएशन को गोल्ड-सिल्वर रेशियो के आधार पर देखा जा रहा है। 60:1 के सामान्य रेशियो के अनुसार चांदी की अनुमानित कीमत 54 से 77 डॉलर प्रति औंस के बीच बनती है, जिसका मिडपॉइंट 65 डॉलर है। विश्लेषण के अनुसार चांदी करीब 61.7 डॉलर प्रति औंस पर थी, यानी मिडपॉइंट से लगभग 6 प्रतिशत नीचे।

    गोल्ड-सिल्वर रेशियो भी चांदी की तुलनात्मक स्थिति को समझने में मदद करता है। जनवरी में यह अनुपात करीब 46 तक पहुंच गया था, जिसका मतलब था कि सोने की तुलना में चांदी महंगी हो गई थी। अब यह लगभग 69 पर पहुंच चुका है, जो 21वीं सदी के करीब 69:1 के औसत के आसपास है।

    चांदी को केवल निवेश मांग से ही समर्थन नहीं मिलता। इसका इस्तेमाल औद्योगिक कार्यों में भी होता है। इसलिए इसकी कीमत पर निवेश मांग के साथ औद्योगिक मांग का भी प्रभाव पड़ता है। रुपये की कमजोरी भी घरेलू MCX सिल्वर के लिए समर्थन देने वाला कारक मानी जा रही है।

    MCX सिल्वर के लिए 2.36 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर सपोर्ट और 2.42 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर रेजिस्टेंस बताया गया है। यदि चांदी रेजिस्टेंस के ऊपर टिकती है तो खरीदारी बढ़ने की संभावना बताई गई है।

    अब बाजार की नजर अमेरिका के आने वाले महंगाई आंकड़ों पर है। PPI और CPI जैसे आंकड़े फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को प्रभावित कर सकते हैं। सोने के लिए 4,300 से 4,500 डॉलर प्रति औंस और चांदी के लिए 65 से 67 डॉलर प्रति औंस के स्तर महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

    भारतीय निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ रुपये की चाल भी अहम है। अंतरराष्ट्रीय कीमत बढ़ने के साथ रुपया कमजोर होने पर घरेलू सोने-चांदी की कीमतों में तेजी अधिक दिख सकती है। वहीं अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट की स्थिति में कमजोर रुपया घरेलू कीमतों में गिरावट को कुछ हद तक सीमित कर सकता है।

  • सोने की कीमतों में सीमित दायरे में तेजी, एमसीएक्स पर 1.63 लाख रुपये के ऊपर कारोबार, चांदी में 542 रुपये की गिरावट

    सोने की कीमतों में सीमित दायरे में तेजी, एमसीएक्स पर 1.63 लाख रुपये के ऊपर कारोबार, चांदी में 542 रुपये की गिरावट

    नई दिल्ली ।घरेलू वायदा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। सोने में सीमित दायरे में कारोबार के बीच मामूली बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी की कीमत में गिरावट रही। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के बीच निवेशकों की नजर कीमती धातुओं के बाजार पर बनी हुई है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दोपहर 12 बजे अक्टूबर 2026 डिलीवरी वाला सोना 247 रुपये यानी 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,63,476 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोने ने 1,62,564 रुपये प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और 1,63,617 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऊपरी स्तर दर्ज किया।

    सोने की कीमत में दिन के दौरान ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। इससे बाजार में फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार का संकेत मिला। मंगलवार सुबह सोना पिछले कारोबारी सत्र के 1,63,229 रुपये प्रति 10 ग्राम के बंद भाव की तुलना में मामूली कमजोरी के साथ 1,63,015 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला था। बाद में खरीदारी बढ़ने के साथ कीमत में सुधार हुआ और यह 1.63 लाख रुपये के स्तर को पार कर गया।

    दूसरी ओर चांदी के वायदा भाव में कमजोरी रही। सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी दोपहर तक 542 रुपये यानी 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,43,678 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। दिन के कारोबार में चांदी ने 2,44,420 रुपये प्रति किलोग्राम का ऊपरी स्तर और 2,42,299 रुपये प्रति किलोग्राम का निचला स्तर छुआ।

    चांदी की शुरुआत भी पिछले बंद भाव की तुलना में कमजोर रही। इसका पिछला बंद भाव 2,44,220 रुपये प्रति किलोग्राम था, जबकि मंगलवार सुबह कारोबार की शुरुआत 2,42,299 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर हुई। इसके बाद कीमत में कुछ सुधार आया, लेकिन यह पिछले बंद स्तर से नीचे बनी रही।

    बाजार में सोने की मजबूती के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंधों और ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर सेकेंडरी सैंक्शन के खतरे ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की मांग को समर्थन मिल सकता है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत मजबूत बनी हुई थी। कॉमेक्स पर सोना 0.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,708 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय कीमत का यह स्तर पिछले करीब तीन महीनों में सबसे ऊंचे स्तर के आसपास रहा। दूसरी ओर चांदी लगभग स्थिर रही और करीब 68 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी।

    कीमती धातुओं के बाजार में आगे की दिशा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और निवेशकों की धारणा से प्रभावित हो सकती है। सोने को सुरक्षित निवेश की मांग से समर्थन मिलता रहा तो इसकी कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है। वहीं चांदी की चाल पर औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजारों के संकेतों का भी असर पड़ सकता है।

    फिलहाल घरेलू बाजार की तस्वीर में सोना बढ़त के साथ और चांदी गिरावट के साथ कारोबार कर रही है। निवेशकों के लिए आने वाले कारोबारी सत्रों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा और ईरान से जुड़े घटनाक्रम महत्वपूर्ण संकेतक बने रह सकते हैं।

  • सोने की कीमत में तेजी जारी, एमसीएक्स पर भाव 1.63 लाख रुपए के पार पहुंचा, चांदी में मुनाफावसूली से गिरावट दर्ज

    सोने की कीमत में तेजी जारी, एमसीएक्स पर भाव 1.63 लाख रुपए के पार पहुंचा, चांदी में मुनाफावसूली से गिरावट दर्ज

    नई दिल्ली ।भारतीय वायदा बाजार में सोमवार को सोने की कीमत में तेजी जारी रही और कारोबार के दौरान इसका भाव 1.63 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया। दूसरी ओर चांदी की कीमत में गिरावट देखने को मिली। घरेलू बाजार में दोनों कीमती धातुओं के विपरीत रुख ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर 5 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने वाला सोने का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग के मुकाबले शुरुआती कारोबार में कमजोर स्तर पर खुला। पिछली क्लोजिंग 1,62,438 रुपए प्रति 10 ग्राम थी, जबकि सोमवार को कारोबार की शुरुआत 1,62,052 रुपए प्रति 10 ग्राम से हुई।

    इसके बाद सोने की कीमत में तेजी आई और कारोबार के दौरान यह 0.53 प्रतिशत यानी 862 रुपए की बढ़त के साथ 1,63,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। दिन के कारोबार में सोने ने 1,62,001 रुपए प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और 1,63,590 रुपए प्रति 10 ग्राम का ऊपरी स्तर दर्ज किया।

    चांदी का प्रदर्शन इसके विपरीत रहा। एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 को समाप्त होने वाला चांदी का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,46,597 रुपए प्रति किलोग्राम के मुकाबले 2,45,597 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुला। इसके बाद इसमें और कमजोरी आई।

    कारोबार के दौरान चांदी 1,098 रुपए यानी 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,45,499 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। चांदी ने अब तक के कारोबार में 2,44,815 रुपए प्रति किलोग्राम का निचला स्तर और 2,46,475 रुपए प्रति किलोग्राम का ऊपरी स्तर छुआ।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की चाल एक जैसी नहीं रही। कॉमेक्स पर सोना 0.44 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,701 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 0.68 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 69 डॉलर प्रति औंस पर थी।

    सोने की कीमत में तेजी के पीछे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट को प्रमुख कारण माना जा रहा है। अमेरिकी सरकार की ओर से लंबी अवधि के बॉन्ड बायबैक की सीमा 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर 4 अरब डॉलर किए जाने के बाद 30 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड में करीब आधा प्रतिशत की कमी आई।

    बॉन्ड यील्ड में गिरावट आम तौर पर सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश साधनों के लिए समर्थनकारी मानी जाती है। इसी वजह से वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों को मजबूती मिली और इसका असर भारतीय वायदा बाजार में भी दिखाई दिया।

    वहीं, चांदी में आई कमजोरी को हाल की तेजी के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली से जोड़कर देखा जा रहा है। लगातार तेजी के बाद कुछ निवेशकों द्वारा ऊंचे स्तर पर सौदे कम करने से चांदी पर दबाव बना। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की दिशा आगे भी वैश्विक आर्थिक संकेतों और बॉन्ड यील्ड की चाल से प्रभावित हो सकती है।

    इसी बीच मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भी बढ़त के साथ हुई। दोनों प्रमुख घरेलू सूचकांकों में शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 0.20 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इससे बाजार में व्यापक स्तर पर सकारात्मक रुख का संकेत मिला।

  • वैश्विक दबाव में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, एमसीएक्स पर सिल्वर करीब दो प्रतिशत फिसली

    वैश्विक दबाव में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, एमसीएक्स पर सिल्वर करीब दो प्रतिशत फिसली


    नई दिल्ली । 
    वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच बुधवार को घरेलू सर्राफा और वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं पर बने दबाव का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी में करीब दो प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि सोना भी 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से नीचे कारोबार करता नजर आया।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4350 डॉलर प्रति औंस के नीचे कारोबार करता रहा। इसी तरह हाजिर चांदी करीब 62.8 डॉलर प्रति औंस के स्तर के आसपास कमजोर बनी रही। वैश्विक बाजार में कीमतों में नरमी के साथ घरेलू निवेशकों की बिकवाली ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया।

    एमसीएक्स पर सितंबर डिलीवरी वाली चांदी पिछले कारोबारी सत्र के 2,32,419 रुपये प्रति किलोग्राम के बंद भाव से गिरकर 2,27,931 रुपये प्रति किलोग्राम के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गई। इस स्तर पर चांदी में 4,488 रुपये यानी 1.93 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाद में इसमें कुछ सुधार हुआ और कारोबार के दौरान चांदी 3,734 रुपये यानी 1.61 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,28,685 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रही।

    बाजार विश्लेषकों के मुताबिक व्यापक कमोडिटी बाजार में कमजोरी और मुनाफावसूली ने चांदी पर अतिरिक्त दबाव डाला। चांदी की कीमतों पर औद्योगिक मांग से जुड़े संकेतों और निवेश धारणा का भी असर पड़ता है, इसलिए बाजार में जोखिम बढ़ने पर इसमें सोने की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

    सोने के वायदा भाव में भी गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स पर अक्टूबर डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स अपने पिछले बंद भाव 1,54,262 रुपये प्रति 10 ग्राम से 858 रुपये यानी 0.55 प्रतिशत गिरकर 1,53,404 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर पहुंचा। बाद में सोने में कुछ सुधार आया और यह 581 रुपये यानी 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,53,681 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता रहा।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की नरमी के साथ डॉलर इंडेक्स की मजबूती ने भी घरेलू कीमतों को प्रभावित किया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार बढ़ोतरी को कीमती धातुओं के लिए महत्वपूर्ण दबाव वाले कारकों में शामिल किया जा रहा है। ऊंची बॉन्ड यील्ड निवेशकों को निश्चित रिटर्न वाले विकल्पों की ओर आकर्षित कर सकती है, जिससे ब्याज नहीं देने वाली संपत्तियों की मांग प्रभावित होती है।

    कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। डब्ल्यूटीआई क्रूड और ब्रेंट क्रूड की कीमतें क्रमशः करीब 85.5 डॉलर और 91.5 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। महंगे तेल से वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा होती है, जिससे प्रमुख केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की संभावना मजबूत हो सकती है।

    मध्य पूर्व की स्थिति भी सोने और चांदी की आगे की दिशा के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जुड़े संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व का रुख, बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रम कीमती धातुओं की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यदि बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती बनी रहती है तो सोने और चांदी पर दबाव जारी रह सकता है। दूसरी ओर वैश्विक तनाव बढ़ने या ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत होने पर दोनों धातुओं को दोबारा सुरक्षित निवेश की मांग से समर्थन मिल सकता है।

  • सोना 1.54 लाख रुपये के पार, चांदी 2.35 लाख पर पहुंची, घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उछा

    सोना 1.54 लाख रुपये के पार, चांदी 2.35 लाख पर पहुंची, घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उछा

    नई दिल्ली । सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को मजबूत तेजी दर्ज की गई। घरेलू सराफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव में करीब 1,800 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई। इस तेजी के बाद 24 कैरेट सोने की कीमत 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई, जबकि चांदी का भाव भी 2.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर चला गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुओं की कीमतों में बढ़त रही, जिसका असर घरेलू बाजार पर दिखाई दिया।

    घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव 1,804 रुपये बढ़कर 1,54,167 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इससे पहले सोना 1,52,363 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। एक ही कारोबारी सत्र में इतनी बढ़ोतरी से सोने की कीमत ने फिर ऊंचे स्तर की ओर रुख किया है। निवेशकों के साथ आभूषण बाजार की नजर भी अब आगे की कीमतों पर बनी हुई है।

    22 कैरेट सोने की कीमत में भी तेजी रही। इसका भाव 1,652 रुपये बढ़कर 1,41,217 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि इससे पहले कीमत 1,39,565 रुपये थी। इसी तरह 18 कैरेट सोना 1,353 रुपये महंगा होकर 1,15,625 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी स्तर पर इसकी कीमत 1,14,272 रुपये थी।

    चांदी ने भी सोमवार के कारोबार में मजबूती दिखाई। इसकी कीमत 1,800 रुपये बढ़कर 2,35,642 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इससे पहले चांदी 2,33,842 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी। चांदी में यह तेजी ऐसे समय में आई है, जब औद्योगिक मांग और निवेश से जुड़े कारकों के कारण वैश्विक बाजार में भी इस धातु की कीमतों पर लगातार नजर बनी हुई है।

    हाजिर बाजार के अलावा वायदा कारोबार में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी रही। एमसीएक्स पर 5 अक्टूबर 2026 के सोने के अनुबंध में 1,419 रुपये यानी 0.92 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई और भाव 1,55,925 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। इससे घरेलू वायदा बाजार में भी खरीदारी का रुख मजबूत रहने का संकेत मिला।

    चांदी के वायदा अनुबंध में भी बढ़त दर्ज की गई। 4 सितंबर 2026 का अनुबंध 2,419 रुपये यानी 1.03 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,38,343 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। हाजिर और वायदा दोनों बाजारों में एक साथ तेजी से कीमती धातुओं के कारोबार में मजबूती का संकेत मिला है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई। कॉमेक्स पर सोना 0.83 प्रतिशत बढ़कर 4,474 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी में 2.05 प्रतिशत की तेजी रही और इसका भाव 66.43 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया। वैश्विक बाजार की यह मजबूती घरेलू कीमतों को भी समर्थन देती दिखाई दी।

    बाजार विशेषज्ञों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स पर है। निवेशकों को उम्मीद है कि इससे ब्याज दरों की आगे की दिशा और मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं। ब्याज दरों से जुड़े संकेत वैश्विक स्तर पर सोने की मांग और कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार, फेड के रुख और निवेशकों की गतिविधियां सोने तथा चांदी की अगली चाल के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी।

  • अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोना-चांदी चमके, सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में कीमतें उछलीं

    अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोना-चांदी चमके, सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में कीमतें उछलीं

    नई दिल्ली ।अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा वैश्विक बाजारों में सुरक्षित निवेश की मांग के बीच बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं में खरीदारी बढ़ी, जबकि निवेशकों की नजर अमेरिका के महंगाई आंकड़ों पर बनी हुई है। इन आंकड़ों से आगे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर संकेत मिलने की उम्मीद है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर अक्टूबर डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स पिछले बंद भाव 1,53,765 रुपये की तुलना में 1,182 रुपये की बढ़त के साथ 1,54,947 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। कारोबार के दौरान सोना 1,54,950 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। इसका निचला स्तर 1,54,323 रुपये रहा।

    कारोबार के दौरान सोने में 0.77 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। खबर लिखे जाने तक सोना 895 रुपये यानी 0.58 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,54,660 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था। हालांकि सोना इस वर्ष के 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर से अभी काफी नीचे है।

    चांदी में भी मजबूत तेजी देखने को मिली। एमसीएक्स पर सितंबर डिलीवरी वाला सिल्वर फ्यूचर्स 2,35,659 रुपये के पिछले बंद भाव के मुकाबले 2,314 रुपये की बढ़त के साथ 2,37,973 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। कारोबार के दौरान चांदी 2,38,271 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंची।

    चांदी का इंट्रा-डे उच्च स्तर पिछले बंद भाव से 1.10 प्रतिशत यानी 2,612 रुपये अधिक रहा। इसका निचला स्तर 2,36,500 रुपये दर्ज किया गया। खबर लिखे जाने तक चांदी 1,241 रुपये यानी 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,36,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में मजबूती रही। कॉमेक्स पर सोना 4,430 डॉलर प्रति औंस पर खुलने के बाद 4,473.50 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। यह पिछले बंद भाव की तुलना में 32.40 डॉलर की बढ़त को दर्शाता है।

    कॉमेक्स पर चांदी 64.87 डॉलर प्रति औंस पर खुली और कारोबार के दौरान 65.90 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। वैश्विक बाजार में चांदी में करीब 0.97 डॉलर प्रति औंस की बढ़त दर्ज हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार की इस मजबूती का असर भारतीय वायदा बाजार में भी दिखाई दिया।

    बाजार में इस समय अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के आंकड़ों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महंगाई के आंकड़े फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति को प्रभावित कर सकते हैं। यदि महंगाई में नरमी के संकेत मिलते हैं तो ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव आ सकता है।

    हाल के कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना घटकर 48 प्रतिशत रह गई है। हालांकि अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों के बीच महंगाई को लेकर मतभेद बने हुए हैं। शिकागो फेड के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने भी महंगाई को चिंता का विषय बताया है।

    सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले अन्य प्रमुख कारकों में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतें भी शामिल हैं। अमेरिका-ईरान तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में अनिश्चितता और समुद्री जहाजों से जुड़ी घटनाओं ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम से बचने के लिए कीमती धातुओं की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने और चांदी की कीमतों को सहारा मिल रहा है।

  • तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच रुपया मजबूत, अगले सप्ताह वैश्विक घटनाक्रम और डॉलर की चाल से मिलेंगे अहम संकेत

    तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच रुपया मजबूत, अगले सप्ताह वैश्विक घटनाक्रम और डॉलर की चाल से मिलेंगे अहम संकेत

    नई दिल्ली । कमोडिटी बाजार के लिए आने वाला सप्ताह काफी अहम माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए की चाल और पश्चिम एशिया की भू राजनीतिक स्थिति बाजार की दिशा पर सीधा असर डाल सकती है। खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर रहेगी, क्योंकि इस क्षेत्र में किसी भी बदलाव का असर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है।

    पिछले सप्ताह वैश्विक तेल बाजार में काफी अस्थिरता देखने को मिली। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 1.29 प्रतिशत बढ़कर 83.55 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। हालांकि, यह स्तर पिछले सप्ताह के 90.12 डॉलर प्रति बैरल के बंद भाव से अभी भी नीचे है। इसी तरह अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई सितंबर डिलीवरी वाला क्रूड 78.18 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि पिछले सप्ताह इसका स्तर 84.67 डॉलर प्रति बैरल था।

    तेल बाजार में इस उतार चढ़ाव की प्रमुख वजह होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी परिस्थितियां रही हैं। यह जलमार्ग दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां जहाजरानी को लेकर किसी संभावित समझौते की उम्मीद से बाजार में आपूर्ति सामान्य होने की संभावना बनी है। अगर जलमार्ग के संचालन को लेकर स्थायी समाधान सामने आता है तो तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

    सप्ताह की शुरुआत में डब्ल्यूटीआई क्रूड में तेज गिरावट देखी गई थी। इसके पीछे अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को रोकने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के संकेतों को प्रमुख कारण माना गया। बाद में जलमार्ग संचालन से जुड़ी सकारात्मक खबरों के कारण कच्चे तेल में कुछ सुधार आया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगले सप्ताह तेल बाजार में दोनों दिशाओं में तेज गतिविधि देखने को मिल सकती है। यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने को लेकर औपचारिक समझौता होता है तो आपूर्ति संबंधी चिंताएं कम हो सकती हैं और कच्चे तेल की कीमतों में और नरमी आ सकती है। इसके विपरीत क्षेत्र में तनाव बढ़ने पर भू राजनीतिक जोखिम प्रीमियम वापस आ सकता है, जिससे तेल कीमतों में दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है।

    घरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कच्चे तेल की कीमत सप्ताह के दौरान करीब 7,100 रुपये प्रति बैरल तक गिर गई थी। बाद में इसमें सुधार हुआ और भाव लगभग 7,400 रुपये के आसपास बंद हुआ। तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक 7,500 से 7,550 रुपये का स्तर निकट अवधि में प्रमुख प्रतिरोध बना हुआ है, जबकि 7,380 से 7,300 रुपये का दायरा अहम समर्थन क्षेत्र माना जा रहा है।

    यदि एमसीएक्स क्रूड इस समर्थन क्षेत्र से नीचे जाता है तो कीमत 7,250 रुपये तक फिसल सकती है। इसके बाद 7,100 से 7,000 रुपये के बीच मजबूत समर्थन मिलने की संभावना है। दूसरी ओर, 7,500 से 7,550 रुपये के ऊपर टिकने पर बाजार में तेजी का रुख मजबूत हो सकता है।

    इधर भारतीय रुपया भी पिछले सप्ताह अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई दिया। डॉलर के मुकाबले यूएसडी/आईएनआर करीब 95.2 रुपये पर बंद हुआ, जबकि सप्ताह के दौरान यह लगभग 94.9 रुपये के निचले स्तर तक पहुंचा। तकनीकी संकेत फिलहाल रुपए के पक्ष में नजर आ रहे हैं। यदि विनिमय दर 94.9 रुपये से नीचे बनी रहती है तो रुपया 94.7 से 94.5 रुपये तक मजबूत हो सकता है।

    वहीं 95.2 से 95.4 रुपये का स्तर डॉलर के लिए महत्वपूर्ण प्रतिरोध क्षेत्र माना जा रहा है। इसके ऊपर जाने पर यूएसडी/आईएनआर 95.5 से 95.7 रुपये तक पहुंच सकता है और रुपए पर दबाव बढ़ सकता है। तकनीकी संकेतकों में आरएसआई के ऊंचे स्तरों से नीचे आने और एमएसीडी में डॉलर की तेजी की रफ्तार घटने के संकेत मिल रहे हैं।

    अगले सप्ताह बाजार की दिशा केवल तकनीकी स्तरों से तय नहीं होगी। अमेरिकी डॉलर की चाल, विदेशी निवेशकों का प्रवाह, कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया की भू राजनीतिक स्थिति प्रमुख कारक रहेंगे। वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहने पर रुपए को मजबूती और तेल कीमतों में नरमी मिल सकती है, जबकि तनाव बढ़ने पर कमोडिटी बाजार में फिर से अस्थिरता बढ़ने की संभावना रहेगी।