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  • सोना-चांदी बाजार में भूचाल, एक दिन में 11,700 रुपए तक टूटी कीमतें..

    सोना-चांदी बाजार में भूचाल, एक दिन में 11,700 रुपए तक टूटी कीमतें..


    नई दिल्ली । वैश्विक वित्तीय बाजारों में शुक्रवार को एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिली जब मजबूत डॉलर के दबाव ने सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज कराई। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों बाजारों में इन धातुओं पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिससे निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया। विशेषज्ञों के अनुसार डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।

    घरेलू वायदा बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली, जहां इसके जुलाई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में एक ही दिन में हजारों रुपए की कमजोरी दर्ज हुई। कारोबारी सत्र की शुरुआत से ही चांदी दबाव में रही और दिन के दौरान इसमें लगभग चार प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। कीमतों में इस गिरावट ने बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी और ट्रेडर्स के बीच मुनाफावसूली का दौर तेज हो गया।

    सोने के बाजार में भी कमजोरी का असर साफ दिखाई दिया, हालांकि चांदी की तुलना में सोने में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही। जून 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में सोना हल्की गिरावट के साथ खुला और दिनभर सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। शुरुआती गिरावट के बाद कुछ समय के लिए कीमतों में सुधार की कोशिश जरूर हुई, लेकिन अंततः बाजार दबाव में ही बना रहा। निवेशकों की नजर अब आने वाले वैश्विक संकेतों पर टिकी हुई है, जो सोने की दिशा तय कर सकते हैं।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला, जहां सोना और चांदी दोनों में गिरावट दर्ज की गई। डॉलर इंडेक्स में लगातार मजबूती के चलते अन्य मुद्राओं में खरीदारों के लिए कीमती धातुएं महंगी हो गईं, जिससे मांग में कमी आई। विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर इंडेक्स पिछले कई हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है, जिससे सोने और चांदी पर दबाव और बढ़ गया है।

    डॉलर इंडेक्स की मजबूती को वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की सुरक्षित निवेश रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो अन्य मुद्राओं के मुकाबले सोने की कीमतें अपने आप दबाव में आ जाती हैं। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं में गिरावट का रुझान देखने को मिला।

    बाजार विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल सोने की कीमतें एक सीमित दायरे में बनी रह सकती हैं। निवेशकों की नजर आने वाले आर्थिक आंकड़ों, ब्याज दरों और वैश्विक नीतिगत फैसलों पर रहेगी, जो आगे की दिशा तय करेंगे। कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि मौजूदा गिरावट लंबे समय तक जारी नहीं रहेगी, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितता के समय सोना अब भी एक सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है।

    चांदी में आई तेज गिरावट को औद्योगिक मांग और निवेश मांग दोनों से जोड़कर देखा जा रहा है। वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के संकेतों ने चांदी की मांग को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। वहीं सोने में अपेक्षाकृत स्थिरता बनी रहने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

  • गोल्ड-सिल्वर में मिला-जुला रुख, अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से निवेशक सतर्क..

    गोल्ड-सिल्वर में मिला-जुला रुख, अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से निवेशक सतर्क..


    नई दिल्ली । 
    वैश्विक स्तर पर जारी राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं का असर एक बार फिर कमोडिटी बाजार में साफ दिखाई दिया है। सप्ताह की शुरुआत में सोने और चांदी दोनों की कीमतों ने निवेशकों को मिश्रित संकेत दिए, जहां एक ओर सोना दबाव में रहा तो दूसरी ओर चांदी में हल्की मजबूती देखने को मिली।

    घरेलू वायदा बाजार में Gold की शुरुआत कमजोर रुख के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में इसमें मामूली गिरावट दर्ज की गई और इसके बाद पूरे सत्र में कीमतें उतार-चढ़ाव के बीच सीमित दायरे में घूमती रहीं। बाजार में स्पष्ट दिशा की कमी के कारण निवेशक सतर्क नजर आए और बड़ी खरीदारी से बचते दिखे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सोने में यह दबाव मुख्य रूप से वैश्विक घटनाक्रमों और निवेशकों की बदलती रणनीति के कारण देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता के चलते सुरक्षित निवेश की मांग तो बनी हुई है, लेकिन साथ ही अनिश्चितता ने बाजार को अस्थिर भी कर दिया है, जिससे कीमतों में स्थिरता नहीं बन पा रही है।

    इसके विपरीत Silver ने शुरुआती कारोबार में हल्की मजबूती दिखाई। चांदी की कीमतों में दिनभर सकारात्मक रुझान बना रहा, हालांकि इसमें तेज उछाल नहीं देखा गया। सीमित बढ़त के बावजूद निवेशकों की रुचि बनी रही और खरीदारी का माहौल थोड़ा बेहतर नजर आया।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुओं का रुख समान रूप से अस्थिर रहा। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक फिलहाल बड़े जोखिम लेने से बच रहे हैं। यही कारण है कि सोने और चांदी दोनों में स्पष्ट ट्रेंड के बजाय सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल रहा है।

    बाजार विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा समय में कमोडिटी बाजार पूरी तरह से खबरों और वैश्विक घटनाओं पर निर्भर हो गया है। किसी भी बड़े राजनीतिक या आर्थिक संकेत का सीधा असर कीमतों पर देखने को मिल रहा है, जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

    इस बीच वैश्विक स्तर पर चल रहे तनावपूर्ण हालात ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। विभिन्न देशों के बीच जारी मतभेद और कूटनीतिक अस्थिरता का असर सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग पर पड़ रहा है, लेकिन साथ ही बाजार की दिशा स्पष्ट नहीं हो पा रही है।

    कुल मिलाकर, मौजूदा परिस्थितियों में सोने और चांदी का बाजार संतुलन की तलाश में नजर आ रहा है। दोनों धातुएं सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं और निवेशक फिलहाल स्पष्ट संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम ही इस बाजार की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

  • अमेरिका-ईरान तनाव के बावजूद सोना-चांदी में गिरावट, बाजार में दबाव कायम..

    अमेरिका-ईरान तनाव के बावजूद सोना-चांदी में गिरावट, बाजार में दबाव कायम..


    नई दिल्ली।
    अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बावजूद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। वैश्विक संकेतों के बीच निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है, जिसके चलते कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।

    सोने के वायदा बाजार में कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई और कीमतें पिछली क्लोजिंग से नीचे स्तर पर खुलीं। दिनभर के कारोबार में भी सोने में बहुत ज्यादा मजबूती नहीं देखी गई और यह सीमित दायरे में ही बना रहा।

    चांदी की कीमतों में भी गिरावट का रुख देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में चांदी कमजोर खुली और पूरे सत्र के दौरान दबाव में बनी रही। बाजार में खरीदारी कमजोर रहने के कारण इसमें कोई बड़ी रिकवरी नहीं दिखी।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी दोनों में नरमी दर्ज की गई है। निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश से हटकर अन्य विकल्पों की ओर देख रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं की मांग पर असर पड़ा है।

    हालांकि भू-राजनीतिक तनाव अभी भी बना हुआ है, लेकिन बाजार ने इस पर सीमित प्रतिक्रिया दी है। ऊर्जा बाजार और वैश्विक आर्थिक संकेतों के बीच निवेशक फिलहाल इंतजार की स्थिति में हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर कोई स्पष्ट दिशा नहीं मिलती, तब तक सोना और चांदी में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना कम है। फिलहाल बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है और निवेशक बड़े फैसलों से बच रहे हैं।

  • सोने-चांदी के दामों में जोरदार उछाल, निवेशकों की मांग बढ़ी.

    सोने-चांदी के दामों में जोरदार उछाल, निवेशकों की मांग बढ़ी.


    नई दिल्ली। शुक्रवार सुबह घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। Multi Commodity Exchange यानी MCX पर सोने के भाव 500 रुपये से अधिक बढ़ गए और चांदी के भाव में 9,000 रुपये से भी अधिक की उछाल दर्ज की गई। सुबह के शुरुआती कारोबार में अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 525 रुपये बढ़कर 1,60,234 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। इसी तरह मई डिलीवरी वाली चांदी में 9,547 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के बाद भाव 2,77,500 रुपये तक जा पहुंचा। हालांकि दिन के मध्य में थोड़ी मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में तेजी की लहर मजबूत बनी रही।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की इस तेजी के पीछे वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक तनाव मुख्य कारण हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती अनिश्चितता, अमेरिकी टैरिफ को लेकर निवेशकों की चिंताएं और वैश्विक बाजार में सॉलिडिटी की तलाश ने कीमती धातुओं में मांग बढ़ा दी है। निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ते हुए सोने-चांदी को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    विशेष रूप से चांदी की कीमत में इतनी तेज बढ़ोतरी देखी गई है कि यह फिर से 2.75 लाख रुपये प्रति किलो के पार चली गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव और बढ़ता रहा तो यह रुझान आगे भी जारी रह सकता है। सोने में निवेशकों की मजबूत रुचि के कारण एमसीएक्स पर सोने के कारोबार में भी जोरदार तेजी बनी रही।

    इस तेजी का असर सिर्फ निवेशकों तक सीमित नहीं रहा बल्कि ज्वेलरी मार्केट और स्थानीय सोने-चांदी व्यापारियों के भाव में भी असर दिखा। व्यापारियों ने कहा कि खरीदारी में तेजी के चलते कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। विशेषकर त्योहार और शादी के सीजन में सोने-चांदी की कीमतों में इतनी तेज बढ़ोतरी आम लोगों के बजट को प्रभावित कर सकती है।

    विशेषज्ञ यह भी सलाह दे रहे हैं कि निवेशक भावों में अचानक उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर निवेश करें। हालांकि सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोना और चांदी हमेशा आकर्षक रहे हैं, लेकिन मौजूदा समय में वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के कारण उतार-चढ़ाव अधिक देखने को मिल रहा है।

    इस बीच, घरेलू वायदा बाजार में एमसीएक्स के आंकड़े बताते हैं कि सोना और चांदी में तेजी की शुरुआत सुबह के शुरुआती कारोबार से ही हुई थी और निवेशकों ने इसी लहर का फायदा उठाया। अप्रैल डिलीवरी वाले सोने का भाव लगातार बढ़कर 1,60,234 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया जबकि मई डिलीवरी वाली चांदी ने 2,77,500 रुपये प्रति किलो का स्तर छू लिया।

    वैश्विक निवेशकों की नजरों में बढ़ते तनाव और टैरिफ अस्थिरता ने सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश का प्रमुख साधन बना दिया है। इसलिए घरेलू बाजार में भी तेजी की यह लहर मजबूत बनी हुई है। निवेशक और व्यापारी इस उछाल का लाभ उठाने की रणनीति बना रहे हैं।

  • डॉलर मजबूत होने और भारी मुनाफावसूली के चलते सोने-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट निवेशकों में बेचैनी का माहौल

    डॉलर मजबूत होने और भारी मुनाफावसूली के चलते सोने-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट निवेशकों में बेचैनी का माहौल


    नई दिल्ली। इस हफ्ते सोने और चांदी के बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। निवेशकों ने भारी मुनाफावसूली की और डॉलर के मजबूत होने के चलते कीमती धातुओं के दाम अचानक नीचे आ गए। एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना करीब 9 प्रतिशत गिरा जबकि मार्च डिलीवरी वाली चांदी में 25 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल सोने का भाव 1,49,075 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 2,91,922 रुपए प्रति किलो रिकॉर्ड किया गया।

    इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर घटकर 1,65,795 रुपए पर आ गया था, जबकि इससे पहले यह 1,75,340 रुपए पर बंद हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने की वजह से निवेशकों ने तेजी से बिकवाली शुरू की। डॉलर के मजबूती का मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति ने फेडरल रिजर्व चेयरमैन के रूप में केविन वार्श के नाम की घोषणा करना बताया गया है। केविन वार्श महंगाई को काबू में रखने के लिए सख्त रुख रखते हैं और कम ब्याज दरों के पक्ष में नहीं माने जाते।

    विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, वास्तविक बॉन्ड यील्ड बढ़ीं और सोने व चांदी में लीवरेज्ड पोजीशन, जिन्हें करेंसी वैल्यू घटने से बचाव के तौर पर लिया गया था, तेजी से खत्म कर दी गई। इसके चलते बाजार में अरबों डॉलर का मार्केट वैल्यू साफ हुआ और कमजोर निवेशक बाहर हो गए। विशेषज्ञों के मुताबिक यह गिरावट लंबी अवधि की मंदी की शुरुआत नहीं है बल्कि एक जरूरी सुधार प्रक्रिया है।लंबी अवधि के बुनियादी कारक अब भी मजबूत बने हुए हैं। केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स में बढ़ती औद्योगिक मांग के कारण चांदी की आपूर्ति में संरचनात्मक कमी बनी हुई है। यही वजह है कि विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि में सोने और चांदी के लिए तेजी का नजरिया बरकरार है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस गिरावट के बाद जरूरत से ज्यादा सट्टेबाजी और जोखिम भरे निवेश बाहर हो गए हैं जिससे आगे चलकर बाजार स्थिर तरीके से ऊपर जा सकता है। चांदी की कीमत यदि 3 लाख से 3.10 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर आती है तो वहां से दोबारा खरीदारी शुरू हो सकती है। इसके चलते चांदी संभावित रूप से 3.40 लाख से 3.50 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है।इस गिरावट को निवेशकों के लिए मौका भी माना जा रहा है क्योंकि बाजार में स्थिरता आने के बाद धातुओं की कीमतें फिर से ऊपर जा सकती हैं।

  • तिजोरी खोल लो! चांदी ने लगाया रिकॉर्ड ‘आग’, सोना भी महंगा – जानें आज के भाव

    तिजोरी खोल लो! चांदी ने लगाया रिकॉर्ड ‘आग’, सोना भी महंगा – जानें आज के भाव


    नई दिल्ली। घरेलू और वैश्विक बाजारों में सोना और चांदी ने निवेशकों को खुश कर दिया। खासकर चांदी ने नया ऑल-टाइम हाई 1,93,452 प्रति किलो छूकर इतिहास रच दिया। सोने की कीमत भी बढ़कर 1,30,320 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।

    MCX पर जोरदार उछाल

    फरवरी कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 0.40% बढ़कर 1,30,320 रुपये प्रति 10 ग्राम हुआ।

    मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 1.81% की छलांग लगाकर 1,92,148 रुपये प्रति किलो पर पहुंची।

    दिन के कारोबार में चांदी ने 1,93,452 रुपये प्रति किलो का नया ऑल-टाइम हाई भी बनाया।

    वैश्विक बाजार की चमक

    अमेरिकी सोने का फरवरी कॉन्ट्रैक्ट 1% से अधिक बढ़कर 4,271.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। चांदी भी लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। यह तेजी फेडरल रिजर्व द्वारा तीसरी बार ब्याज दर में कटौती के बाद देखने को मिली।

    देश के प्रमुख शहरों में सोने का भाव

    दिल्ली: 1,30,350 प्रति 10 ग्राम

    मुंबई, कोलकाता: 1,30,200

    चेन्नई: 1,31,460

    अहमदाबाद, वडोदरा: 1,30,250

    बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल, पुणे: 1,30,200

    निवेशकों के लिए संभावनाएं

    विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और फेड की दर कटौती के चलते सोना और चांदी में तेजी और जारी रह सकती है। निवेशकों के लिए यह समय कीमती धातुओं में निवेश करने के लिहाज से बेहद लाभकारी माना जा रहा है।

    निष्कर्ष: चांदी ने इतिहास रचकर निवेशकों को आकर्षित किया और सोने ने भी मजबूती दिखाई। फेड की ब्याज दर में कटौती ने बाजार को नई ऊर्जा दी है, जिससे घरेलू और वैश्विक स्तर पर तेजी की संभावना बरकरार है।