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  • मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया 27 जनवरी को करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ

    मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया 27 जनवरी को करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ


    भोपाल।भोपाल में 27 जनवरी 2026 की शाम खेल और युवा ऊर्जा का भव्य उत्सव देखने को मिलेगा। खेलो एमपी यूथ गेम्स की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया द्वारा किया जाएगा। यह भव्य समारोह शाम 6:30 बजे से टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित होगा, जिसमें खेलों की थीम पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और देश के जाने-माने पार्श्व गायक कैलाश खेर की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी।

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स की तैयारी व्यापक स्तर पर की गई है। प्रदेश में ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं, जबकि जिला और संभाग स्तरीय मुकाबले प्रगति पर हैं, जो 25 जनवरी 2026 तक संपन्न हो जाएंगे। इसके बाद राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभागों की टीमें प्रतिस्पर्धा में उतरेंगी।मंत्री श्री सारंग ने बताया कि शुभारंभ समारोह को पूरी तरह खेलों की भावना और युवा उत्साह पर आधारित रखा गया है। कैलाश खेर की संगीतमय प्रस्तुति के साथ-साथ इंडियाज़ गॉट टैलेंट फेम डांस ट्रूप द्वारा ऊर्जावान नृत्य, खेलों के इतिहास पर आधारित नृत्य-नाटिका और भव्य आतिशबाजी आयोजन को यादगार बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम खेल, संस्कृति और युवा शक्ति का जीवंत संगम होगा।

    खेलो एमपी यूथ गेम्स की एक बड़ी विशेषता यह है कि देश में पहली बार खेल विभाग और सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों के समन्वय से इतने बड़े स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि इस मॉडल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आए हैं। यह प्रयोग भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दिशा में मध्यप्रदेश का अहम कदम माना जा रहा है।खिलाड़ियों के चयन और सहभागिता को पारदर्शी बनाने के लिए डैशबोर्ड आधारित ऑनलाइन पंजीयन प्रणाली अपनाई गई है। अब तक एक लाख से अधिक खिलाड़ी पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीयन से लेकर परिणामों तक की पूरी प्रक्रिया रीयल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए की जा रही है।

    राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 31 जनवरी 2026 तक चलेंगी, जिनमें कुल 28 खेल शामिल हैं। खेलों का आयोजन प्रदेश के विभिन्न शहरों-भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर और नर्मदापुरम-में उनकी स्थानीय परंपरा और लोकप्रियता के अनुसार किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार पिट्टू और रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रोबॉल को भी विशेष स्थान दिया गया है।मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स प्रदेश के युवाओं को प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच प्रदान कर रहे हैं और यह आयोजन मध्यप्रदेश को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जन्मदिन की शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जन्मदिन की शुभकामनाएं




    मध्यप्रदेश / भोपाल के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को उनके जन्मदिन के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने शुभकामना संदेश में श्री शर्मा के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु जीवन और जनसेवा के प्रति उनकी निरंतर सक्रियता की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का नेतृत्व न केवल राजस्थान के विकास को नई दिशा दे रहा है, बल्कि सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में भी राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।

    डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में राजस्थान में विकास की गति तेज हुई है और आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अनेक प्रभावी योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि श्री शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में राजस्थान आने वाले समय में आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से और अधिक सशक्त राज्य के रूप में उभरेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि श्री भजनलाल शर्मा की कार्यशैली ऊर्जा, पारदर्शिता और समर्पण का प्रतीक है। वे जनसेवा को अपना प्रमुख उद्देश्य मानते हुए निरंतर जनता से संवाद बनाए रखते हैं, जिससे शासन और प्रशासन के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी स्थापित हो रही है। यह जनभागीदारी ही किसी भी राज्य के समग्र विकास की नींव होती है।

    अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा खाटू श्याम जी से प्रार्थना करते हुए कहा कि राजस्थान निरंतर विकास, सुशासन और जनकल्याण के पथ पर अग्रसर रहे। उन्होंने कामना की कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सदैव असीम ऊर्जा और सामर्थ्य प्राप्त हो, जिससे वे जनसेवा के अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ करते रहें।मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह शुभकामनाएं दोनों राज्यों के बीच सौहार्द, सहयोग और सकारात्मक राजनीतिक संवाद को भी दर्शाती हैं, जो संघीय व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

  • मप्र की समृद्ध वन संपदा में चीता मुकुटमणि और कोहिनूर के समान : मोहन यादव

    मप्र की समृद्ध वन संपदा में चीता मुकुटमणि और कोहिनूर के समान : मोहन यादव


    – मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो के जंगल में छोड़े 3 चीते

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों के अनुरूप श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीतों के पुनर्स्थापन को नई दिशा मिली है। आज अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस के अवसर पर मादा चीता ‘वीरा’ के साथ उसके दो शावक खुले वन में विचरण के लिए छोड़े गए हैं।

    राज्य में चीतों की संख्या अब 32 हो गई है। इसमें गांधीसागर अभयारण्य के तीन चीते भी शामिल हैं। कूनो नेशनल पार्क चीतों के पुनर्वास से अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का केंद्र बन चुका है। कूनो में हमारी धरती पर ही जन्मे तीसरे पीढ़ी के चीते विचरण कर रहे हैं। कूनो में जन्मी मादा चीता ‘मुखी’ के पांच शावक स्वस्थ हैं, यह सुखद समाचार है। कूनो के चीते अब श्योपुर से मुरैना और राजस्थान की धरती तक दौड़ लगा रहे हैं। राज्य की समृद्ध वन संपदा में चीता मुकुटमणि और कोहिनूर के समान है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को श्योपुर जिले के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर तीन चीतों को स्वछंद विचरण के लिए बाड़े से अभयारण्य (खुले जंगल) में छोड़ा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की भूमि पर सभी जीव सुरक्षित होंगे, राज्य सरकार इसके लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उन्नत रेडियो ट्रेकिंग प्रणाली और समर्पित टीमों के माध्यम से सतत् निगरानी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चीता दिवस के अवसर पर कूनो राष्ट्रीय उद्यान के वर्ष-2026 के कैलेण्डर और ‘फील्ड मैन्युअल फॉर क्लिनिकल मैनेजमेंट ऑफ फ्री-रेंजिंग चीताज़ इन कूनो नेशनल पार्क’ बुक का विमोचन किया। साथ ही कूनो राष्ट्रीय उद्यान में ‘नव-निर्मित सोवेनियर शॉप’ का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान के पारोंद में आयोजित कार्यक्रम में चीता दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी। चीता प्रोजेक्ट की सफलता के लिए उन्होंने वन विभाग के अमले को धन्यवाद भी दिया।

    चीतों का तेजी से परिवार बढ़ रहा है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश टाइगर, लेपर्ड और चीता स्टेट है। हमारे जंगल बहुत से वन्यजीवों के आश्रय स्थल हैं। ऐसे में विश्व में पहली बार चीतों का पुनर्स्थापन मध्य प्रदेश में हुआ, इसके लिए वन विभाग के मंत्री और अधिकारी बधाई के पात्र हैं। श्योपुर, कूनो में चीतों के पुनर्स्थापन से पर्यटन में पांच गुना वृद्धि हो चुकी है। चीतों का परिवार जिस तेज गति से बढ़ रहा है, उसी हिसाब से भविष्य में कूनो नेशनल पार्क से विस्थापित लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।

    मनुष्य और चीते का संबंध वसुधैब कुटुम्बकम का सबसे सुंदर उदाहरण

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि चंबल अंचल के स्वच्छ वातावरण में हमारे नागरिक भी चीतों के साथ जीना सीख गए हैं और चीतों से प्रेम भी कर रहे हैं। प्रदेशवासियों में वन्यजीवों एवं प्रकृति के साथ भाईचारे से जुड़ने का स्वभाव है। यह वसुधैब कुटुम्बकम का सबसे सुंदर उदाहरण है। उन्होंने मध्य प्रदेश की धरती पर चीता परियोजना के क्रियान्वयन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चीता पर्यटन से कूनो राष्ट्रीय उद्यान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने ग्राम अहेरा में ग्रामीण महिलायों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि हम अपनी बहनों का पूरा ध्यान रखेंगे। मुख्यमंत्री का स्नेह पाकर बहनों ने उन्हें आशीर्वाद दिया।

    अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में श्योपुर जिले प्रभारी और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, वन राज्यमंत्री दिलीप सिंह अहिरवार, पूर्व वन मंत्री रामनिवास रावत, सहरिया विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष तुरसनपाल बरिया, उपाध्यक्ष सीताराम आदिवासी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, चंबल कमिश्नर सुरेश कुमार, श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा, शिवपुरी कलेक्टर रवीन्द्र चौधरी, जनप्रतिनिधि सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।