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  • INSAT ने दिखाया मानसून का दम भारत के दो तिहाई हिस्से पर बादलों का कब्जा तेज बारिश और तूफान के संकेत

    INSAT ने दिखाया मानसून का दम भारत के दो तिहाई हिस्से पर बादलों का कब्जा तेज बारिश और तूफान के संकेत


    नई दिल्ली। देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। इसरो के मौसम उपग्रह INSAT 3DR से मिली ताजा तस्वीरों ने साफ संकेत दिए हैं कि भारत का लगभग दो तिहाई हिस्सा घने मानसूनी बादलों से ढक चुका है। जम्मू कश्मीर से लेकर गंगा के मैदानी इलाकों बिहार पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों तक बादलों का घना फैलाव दिखाई दे रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह स्थिति आने वाले दिनों में कई राज्यों में तेज बारिश आंधी और कहीं कहीं अत्यधिक वर्षा का कारण बन सकती है।

    19 जुलाई को जारी सैटेलाइट इमेज के विश्लेषण के अनुसार देश के करीब 60 से 70 प्रतिशत भूभाग पर बादलों का प्रभाव देखा गया। सबसे घने बादल पंजाब उत्तर प्रदेश बिहार और पश्चिम बंगाल के ऊपर मौजूद हैं जबकि पूर्वोत्तर के लगभग सभी राज्य बादलों की मोटी परत से ढके हुए हैं। दक्षिण भारत में भी अरब सागर से आने वाली नम हवाओं के कारण लंबी बादल पट्टियां सक्रिय दिखाई दे रही हैं। हालांकि पश्चिमी राजस्थान और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में अपेक्षाकृत साफ मौसम बना हुआ है।

    INSAT 3DR भारत का अत्याधुनिक मौसम निगरानी उपग्रह है जो पृथ्वी से लगभग 36 हजार किलोमीटर ऊपर भू स्थिर कक्षा में रहकर लगातार मौसम पर नजर रखता है। यह हर आधे घंटे में नई तस्वीरें भेजता है जिनका उपयोग भारतीय मौसम विभाग मौसम का पूर्वानुमान तैयार करने के लिए करता है। उपग्रह के विजिबल और थर्मल इंफ्रारेड सेंसर बादलों की मोटाई ऊंचाई और तापमान का विश्लेषण करते हैं जिससे यह पता लगाया जाता है कि किस क्षेत्र में सामान्य बादल हैं और कहां खतरनाक तूफानी बादल विकसित हो रहे हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार क्लाउड टॉप ब्राइटनेस टेम्परेचर यानी बादलों की ऊपरी सतह का तापमान मौसम का सबसे महत्वपूर्ण संकेतक होता है। जितना अधिक ठंडा बादल का ऊपरी हिस्सा होगा उतना ही ऊंचा और शक्तिशाली वह बादल माना जाता है। माइनस 40 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान वाले बादल तेज बारिश और गरज चमक वाले तूफान का संकेत देते हैं जबकि माइनस 70 डिग्री सेल्सियस या उससे कम तापमान वाले बादल बेहद खतरनाक मौसम प्रणाली का हिस्सा माने जाते हैं। ताजा तस्वीरों में जम्मू कश्मीर के ऊपर माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तक ठंडे बादल दर्ज किए गए हैं जबकि उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और पूर्वोत्तर में भी अत्यधिक सक्रिय बादल मौजूद हैं।

    हालांकि मौसम विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि हर जगह बादल होने का मतलब भारी बारिश नहीं होता। हल्के मानसूनी बादल केवल सामान्य वर्षा या बूंदाबांदी करा सकते हैं जबकि अत्यधिक बारिश केवल उन क्षेत्रों में होती है जहां गहरे और ऊंचे तूफानी बादल विकसित होते हैं। फिलहाल उत्तरी भारत में सक्रिय मानसून ट्रफ और अरब सागर से आने वाली नमी भरी हवाओं के कारण जम्मू कश्मीर हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड पंजाब हरियाणा दिल्ली उत्तर प्रदेश बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव तथा नदियों के जलस्तर बढ़ने का खतरा भी बना रहेगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मानसून का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। कभी लंबे समय तक सूखे जैसी स्थिति बनती है तो कभी बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश हो जाती है। ऐसे समय में INSAT 3DR जैसे आधुनिक मौसम उपग्रह मौसम की सटीक निगरानी और समय रहते चेतावनी जारी करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के ताजा मौसम बुलेटिन पर नजर रखें और भारी बारिश वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचें।

  • आज का मौसम 14 जुलाई देशभर में मानसून रहेगा मेहरबान कई राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट

    आज का मौसम 14 जुलाई देशभर में मानसून रहेगा मेहरबान कई राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट


    मध्य प्रदेश। 14 जुलाई को देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने के आसार हैं और मौसम विभाग के अनुसार कई राज्यों में बारिश का सिलसिला तेज हो सकता है। उत्तर भारत मध्य भारत पूर्वी भारत और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। गरज चमक और तेज हवाओं के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहने के साथ रुक रुककर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि सुबह और शाम के समय प्रमुख सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी।

    उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और उत्तराखंड के कई जिलों में तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। नदियों के किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में रहने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका भी बनी हुई है।

    मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। भोपाल इंदौर जबलपुर ग्वालियर उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में गरज चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है।

    महाराष्ट्र गुजरात गोवा और कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। मुंबई और आसपास के इलाकों में बीच बीच में तेज वर्षा के कारण जलभराव और यातायात पर असर पड़ सकता है। पश्चिमी तट पर मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना बनी हुई है।

    दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में असम मेघालय अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। इन क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ जैसी परिस्थितियों पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता के कारण अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर बना रह सकता है। लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने तथा मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी अवश्य लें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

    कुल मिलाकर 14 जुलाई का दिन देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बादलों के नाम रहने वाला है। जहां एक ओर बारिश गर्मी से राहत देगी वहीं दूसरी ओर भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में सावधानी और सतर्कता बेहद जरूरी रहेगी।

  • यूपी में मानसून का कहर: 30 शहरों में मूसलाधार बारिश, नहर टूटी, कब्रिस्तान से बाहर आए शव; 49 जिलों में अलर्ट

    यूपी में मानसून का कहर: 30 शहरों में मूसलाधार बारिश, नहर टूटी, कब्रिस्तान से बाहर आए शव; 49 जिलों में अलर्ट


    उत्तरप्रदेश । उत्तर प्रदेश में मानसून ने पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है और इसकी पहली बड़ी मार प्रदेश के कई जिलों पर साफ दिखाई देने लगी है। शुक्रवार सुबह से वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, सहारनपुर, बांदा, हापुड़, बिजनौर, प्रतापगढ़ समेत करीब 30 शहरों में रुक-रुककर तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कें तालाब बन गई हैं, निचले क्षेत्रों में पानी घरों तक पहुंच गया है और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

    सहारनपुर में भारी बारिश ने बेहद संवेदनशील स्थिति पैदा कर दी। कब्रिस्तान की मिट्टी बह जाने से कई पुराने शवों के अवशेष बाहर आ गए, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और भय का माहौल बन गया। वहीं मुजफ्फरनगर में नहर ओवरफ्लो होकर टूट गई, जिससे आसपास के खेतों में पानी भर गया और किसानों की फसलें प्रभावित होने लगीं।

    बिजनौर के चांदपुर क्षेत्र में सरकारी जूनियर हाईस्कूल की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय स्कूल में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। वाराणसी और प्रतापगढ़ में गलियां जलमग्न हो गईं, जबकि प्रयागराज में जलभराव के कारण एक कार नाले में जा घुसी। स्थानीय लोगों की मदद से वाहन चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    हापुड़ के कई इलाकों में दो-दो फीट तक पानी भर गया है, जबकि बांदा में बारिश का पानी घरों में घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लखनऊ में पूरी रात बारिश होने के बाद सुबह भी बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही।

    खराब मौसम को देखते हुए मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद, मुरादाबाद समेत 13 जिलों में कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।

    बारिश से जुड़े हादसों में पिछले 48 घंटों के दौरान प्रदेश में 13 लोगों की जान जा चुकी है। संभल में सड़क दुर्घटना में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जबकि मुजफ्फरनगर और बदायूं में कच्चे मकानों की दीवार गिरने से दो महिलाओं की जान चली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों और अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ मानसूनी सिस्टम अब मध्य प्रदेश के आसपास पहुंच चुका है, जिसका व्यापक असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के 49 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है और अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है।

    गुरुवार को भी प्रदेश के 69 शहरों में बारिश दर्ज की गई थी। बिजनौर के नजीबाबाद में 24 घंटे के दौरान 306 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो 1952 के बाद चौथी सबसे अधिक और जुलाई महीने की तीसरी सबसे बड़ी बारिश मानी गई है। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग दोनों ही लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।

  • एमपी के 35 जिलों में झमाझम बारिश, खजुराहो-मंडला में 4 इंच से ज्यादा पानी; कई जगह जनजीवन प्रभावित

    एमपी के 35 जिलों में झमाझम बारिश, खजुराहो-मंडला में 4 इंच से ज्यादा पानी; कई जगह जनजीवन प्रभावित


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में जुलाई की शुरुआत के साथ ही मानसून ने पूरी रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा खजुराहो में 4.4 इंच और मंडला में 4.2 इंच रिकॉर्ड की गई। लगातार छह दिनों से हो रही बारिश के कारण प्रदेश की औसत वर्षा करीब 7 इंच तक पहुंच गई है। जून के आखिर तक जहां प्रदेश में बारिश सामान्य से 33 प्रतिशत कम थी, वहीं अब यह कमी घटकर केवल 1 प्रतिशत रह गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार सतना, रतलाम, सीधी, उमरिया, पन्ना, पचमढ़ी, रीवा, श्योपुर, नौगांव, भोपाल, नरसिंहपुर, दमोह, टीकमगढ़, बैतूल, नर्मदापुरम, इंदौर, सिवनी, सागर, शिवपुरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, रायसेन, धार, जबलपुर, गुना, उज्जैन, खंडवा, खरगोन, दतिया, मैहर, शाजापुर, सीहोर, छतरपुर, बुरहानपुर, बड़वानी और पांढुर्णा समेत कई जिलों में अच्छी बारिश हुई।

    बारिश से जनजीवन प्रभावित, दो छात्राएं घायल

    लगातार बारिश के बीच बड़वानी जिले के सेंधवा स्थित सांदीपनि (सीएम राइज) स्कूल में बड़ा हादसा हो गया। कक्षा 9 के कमरे की छत का प्लास्टर गिरने से दो छात्राओं के सिर में मामूली चोट आई। दोनों को तत्काल सिविल अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया। वहीं इंदौर के पास खुड़ैल रोड स्थित जेतकारण गांव में सड़क धंस जाने से स्कूली बच्चों की आवाजाही प्रभावित हुई। उफनते नाले को पार कराने के लिए ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर बच्चों को सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।

    खजुराहो में नदी उफान पर, सड़क बंद

    खजुराहो में लगातार 24 घंटे से हो रही मूसलधार बारिश के कारण खूडर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। एहतियात के तौर पर खजुराहो-जटकरा मार्ग को बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास जाने से बचने की अपील की है। पन्ना जिले में हरसा-बागोहा नाला उफान पर है। पुल के ऊपर से पानी बहने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

    हरदा में सामान्य से ज्यादा बारिश

    हरदा जिले में उमस के बाद बारिश का दौर शुरू हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक जिले में इस मानसून सीजन में अब तक करीब 13 इंच बारिश हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से अधिक है। किसानों का कहना है कि खरीफ फसलों के लिए यह बारिश बेहद लाभदायक साबित होगी।

    इन जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम विभाग ने गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर और छतरपुर जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा बड़वानी, धार, बुरहानपुर, रतलाम, टीकमगढ़, पन्ना सहित कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और कमजोर पुल-पुलियों से दूरी बनाए रखें तथा मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।

  • 5 जुलाई का मौसम अलर्ट भारी बारिश से लेकर उमस तक जानिए आज कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम

    5 जुलाई का मौसम अलर्ट भारी बारिश से लेकर उमस तक जानिए आज कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम


    मध्य प्रदेश । देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और 5 जुलाई को भी कई राज्यों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश राजस्थान उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में गरज चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा के कारण जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है।

    मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। भोपाल इंदौर उज्जैन जबलपुर ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में रुक रुककर तेज बारिश हो सकती है। नदियों और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है जबकि पश्चिमी क्षेत्रों में कहीं कहीं हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। उत्तर प्रदेश और बिहार में भी मानसून सक्रिय रहेगा तथा कई जिलों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।

    दिल्ली एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है जिससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है। हालांकि बारिश के बीच उमस का असर भी महसूस हो सकता है।

    महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र गोवा कर्नाटक और केरल में भी भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भी कई स्थानों पर तेज वर्षा होने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने खुले स्थानों पर बिजली चमकने के समय न रुकने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

  • मानसून ने इंदौर को किया तरबतर, सीजन में 11 इंच से ज्यादा बारिश; अगले 3-4 दिन भी राहत नहीं

    मानसून ने इंदौर को किया तरबतर, सीजन में 11 इंच से ज्यादा बारिश; अगले 3-4 दिन भी राहत नहीं


    इंदौर । इंदौर में मानसून लगातार मेहरबान बना हुआ है। जुलाई की शुरुआत से ही शहर में बारिश का दौर जारी है और पिछले तीन दिनों में छह इंच से अधिक पानी बरस चुका है। शुक्रवार शाम हुई जोरदार बारिश के बाद रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही, जबकि शनिवार सुबह भी आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने शनिवार को भी तेज बारिश की संभावना जताई है। लगातार हो रही बारिश के चलते इस सीजन में अब तक 11 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है।

    शुक्रवार शाम करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश के दौरान लगभग ढाई इंच पानी बरसा। इसके बाद देर रात फिर बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। लगातार बारिश के बावजूद दिन का अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। बारिश के दौरान मौसम सुहावना हो जाता है, लेकिन कुछ समय बाद उमस का असर भी महसूस किया जा रहा है।

    मौसम वैज्ञानिक अजय कुमार शुक्ला के अनुसार फिलहाल इंदौर पर दोहरे मानसूनी सिस्टम का प्रभाव है। अरब सागर में सक्रिय मौसम प्रणाली का असर मालवा क्षेत्र तक पहुंच रहा है, जबकि बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा और भोपाल संभाग में अच्छी बारिश करा रहा है। दोनों सिस्टम के सक्रिय रहने से पूरे प्रदेश में व्यापक वर्षा हो रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह स्थिति अगले तीन से चार दिनों तक बनी रह सकती है और जुलाई का पहला सप्ताह अच्छी बारिश के साथ गुजरने की संभावना है।

    लगातार बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि मानसून के दौरान दूषित पानी और अस्वच्छ वातावरण के कारण डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, पैचिश, हैजा, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से केवल स्वच्छ और उबला हुआ पानी पीने, ताजा भोजन करने और भोजन से पहले तथा शौच के बाद साबुन से हाथ धोने की अपील की है। दस्त और उल्टी की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ओआरएस घोल और जिंक का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है। साथ ही खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और सड़े-गले फलों से बचने की हिदायत दी गई है।

    मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी गई है। कूलर, फ्रिज की ट्रे, फुलदान, पुराने टायर और अन्य बर्तनों में जमा पानी नियमित रूप से खाली करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने और बुखार आने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 जुलाई को 63.6 मिमी, 2 जुलाई को 41.9 मिमी और 3 जुलाई को 64.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इस तरह जुलाई के शुरुआती तीन दिनों में ही 169 मिमी से अधिक बारिश हो चुकी है, जबकि पूरे मानसून सीजन में अब तक करीब 283.9 मिमी यानी 11 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए आने वाले दिनों में भी इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश जारी रहने की संभावना है।

  • बारिश ने खोली विकास कार्यों की पोल, इंदौर में जलभराव से जनजीवन बेहाल; 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट

    बारिश ने खोली विकास कार्यों की पोल, इंदौर में जलभराव से जनजीवन बेहाल; 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट


    इंदौर । इंदौर में मानसून ने जुलाई की शुरुआत से ही जोरदार दस्तक दी है। पिछले दो दिनों में शहर में करीब पांच इंच बारिश दर्ज की गई है, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। बुधवार को करीब ढाई इंच बारिश के बाद गुरुवार रात फिर तेज बारिश हुई और शुक्रवार सुबह तक शहर के अधिकांश हिस्सों में पानी भरा रहा। लगातार हो रही बारिश के बीच अधूरे सड़क और ड्रेनेज निर्माण कार्यों ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है।

    बारिश के बाद एमबी रोड, रिंग रोड, नेहरू नगर, अटल द्वार, निपानिया, स्टार चौराहा और द्वारकापुरी समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। कई स्थानों पर ड्रेनेज लाइन, स्टॉर्म वॉटर लाइन और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए की गई खुदाई के बाद सड़कें समय पर दुरुस्त नहीं की गईं। कहीं केवल मिट्टी और गिट्टी डालकर काम छोड़ दिया गया, जो बारिश में दलदल में बदल गई। इससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    सत्यसांई चौराहे के पास तेज बारिश के दौरान एक बड़ा पेड़ का हिस्सा सड़क पर गिर गया। हालांकि इस हादसे में एक व्यक्ति बाल-बाल बच गया। वहीं कई स्थानों पर दोपहिया वाहन चालक गड्ढों और फिसलन के कारण गिरकर घायल हो गए। बारिश के पानी में गड्ढे दिखाई नहीं देने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

    एमआर-11 मार्ग पर निर्माण कार्य के चलते बनाए गए डायवर्शन मार्ग भी बारिश में खतरनाक साबित हो रहे हैं। देवास नाका और निपानिया चौराहे के आसपास खुदाई के बाद सड़क की ठीक से मरम्मत नहीं होने के कारण जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। मानसरोवर क्षेत्र में हाल ही में बनी सड़क पहली ही बारिश में उखड़ने लगी है, जबकि महालक्ष्मी नगर से निपानिया तक की सीमेंटेड सड़क भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क किनारे पक्के फुटपाथ नहीं होने से पूरा इलाका कीचड़ और दलदल में बदल गया है।

    हाल ही में बनाई गई स्टॉर्म वॉटर लाइन भी बारिश का दबाव नहीं झेल सकी। स्टार चौराहे पर घंटों तक पानी जमा रहा। वहीं जंजीरवाला चौराहे और रॉयल पार्क क्षेत्र में अधूरे निर्माण कार्यों के कारण हर बारिश में जलभराव की समस्या सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आम नागरिक भुगत रहे हैं।

    मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत रेडिसन चौराहे से रोबोट चौराहे तक चल रहे निर्माण कार्य ने भी ट्रैफिक और सड़क व्यवस्था को प्रभावित किया है। मुख्य सड़क संकरी होने और सर्विस रोड की खराब स्थिति के कारण बारिश के दौरान आवागमन और मुश्किल हो गया है। वहीं द्वारकापुरी क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या अब भी जस की तस बनी हुई है। कई परिवारों ने घरों में पानी घुसने से रोकने के लिए मुख्य दरवाजों के सामने सीमेंट की छोटी दीवारें तक बना ली हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 6 जुलाई तक भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर शहर की अधूरी परियोजनाओं और कमजोर आधारभूत ढांचे की पोल खोल दी है।

  • क्रेडिट कार्ड का कर्ज नहीं चुका पाया डिलीवरी बॉय ने उठाया खौफनाक कदम इंदौर में दो युवकों की मौत से सनसनी

    क्रेडिट कार्ड का कर्ज नहीं चुका पाया डिलीवरी बॉय ने उठाया खौफनाक कदम इंदौर में दो युवकों की मौत से सनसनी


    इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज के दबाव के बीच एक युवा डिलीवरी बॉय की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चंदन नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले 25 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह लंबे समय से आर्थिक परेशानियों और क्रेडिट कार्ड के कर्ज को लेकर तनाव में था। वहीं शहर के आजाद नगर क्षेत्र में भी एक 21 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। दोनों मामलों की पुलिस जांच जारी है।

    पुलिस के अनुसार चंदन नगर के व्यास नगर निवासी लखन कोटे ने बुधवार को अपने घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसकी पत्नी ने परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी जिसके बाद परिजन उसे तत्काल एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन गुरुवार तड़के उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि लखन पार्सल डिलीवरी का काम करने के साथ साथ रेपिडो चलाकर भी परिवार का खर्च उठाता था। पिछले कुछ समय से आमदनी कम हो गई थी जबकि खर्च लगातार बढ़ रहे थे। आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कर्ज लिया था। परिजनों के अनुसार वह समय पर भुगतान नहीं कर पा रहा था और इसी कारण मानसिक तनाव में रहने लगा था। हालांकि उसने कितना कर्ज लिया था इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

    लखन की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी। परिवार में उसके माता पिता पत्नी और बड़ा भाई हैं। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है इसलिए आत्महत्या के कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस आर्थिक लेनदेन और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

    इधर आजाद नगर थाना क्षेत्र के इदरीश नगर में रहने वाले 21 वर्षीय अनोज एड्रयू ने भी अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव कुछ परिचित लोग अस्पताल लेकर पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि शव अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल इस मामले में भी जांच जारी है और आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव की गंभीरता की ओर संकेत करती हैं। पुलिस दोनों मामलों में सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • पूरे मध्य प्रदेश में छाया मानसून अब चार दिन भारी बारिश का दौर 13 जिलों में अलर्ट कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

    पूरे मध्य प्रदेश में छाया मानसून अब चार दिन भारी बारिश का दौर 13 जिलों में अलर्ट कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गुरुवार को मानसून ने प्रदेश के सभी जिलों को कवर कर लिया जिसके साथ ही पूरे राज्य में बारिश का दौर तेज होने की संभावना बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट घोषित किया गया है जबकि कई क्षेत्रों में जलभराव तेज बहाव और बिजली गिरने जैसी स्थितियों को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

    इस वर्ष प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी और नौ दिनों के भीतर पूरे मध्य प्रदेश में फैल गया। हालांकि सामान्य स्थिति में मानसून 15 जून तक प्रदेश में पहुंच जाता है इसलिए इस बार इसकी एंट्री करीब नौ दिन देर से हुई। इसके बावजूद अब मानसून तेजी से सक्रिय हो चुका है और अधिकांश जिलों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार हरदा नर्मदापुरम रायसेन छिंदवाड़ा पांढुर्णा और बालाघाट जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में अगले चौबीस घंटों के दौरान चार से आठ इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं अशोकनगर देवास खंडवा बैतूल सागर मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का यलो अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा भोपाल इंदौर उज्जैन ग्वालियर जबलपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में गरज चमक के साथ तेज बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है।

    बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून का असर साफ दिखाई दिया। इंदौर में तेज बारिश के कारण कई सड़कें जलमग्न हो गईं और निचले इलाकों में पानी भर गया। एक थार वाहन तेज बहाव में नाले में गिर गया जिसमें पूरा परिवार सवार था। स्थानीय लोगों की सतर्कता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं इंदौर के अहीरखेड़ी काकड़ क्षेत्र में रपटा पार करते समय दो युवक तेज बहाव में बह गए। एक युवक को सुरक्षित बचा लिया गया जबकि दूसरे की तलाश पुलिस और बचाव दल लगातार कर रहे हैं। महू में भी एक कार पानी के तेज बहाव में फंस गई जिसे ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला गया।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि पांच जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तीन जुलाई को धार और बड़वानी में रेड अलर्ट जारी किया गया है जबकि चार जुलाई को खरगोन में भी अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में नदी नालों के किनारे रहने वाले लोगों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    हालांकि प्रदेश में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। एक जुलाई तक मध्य प्रदेश में लगभग चार इंच वर्षा हुई है जबकि सामान्य औसत इससे काफी अधिक रहता है। इसके बावजूद मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई का महीना प्रदेश के लिए सबसे अधिक वर्षा वाला समय होता है और पूरे मानसून की लगभग चालीस प्रतिशत बारिश इसी महीने में होती है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है और इससे खेती के साथ जलाशयों में भी पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है।

  • पूर्वांचल से उत्तर प्रदेश में दाखिल हुआ मानसून 38 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम हुआ सुहाना

    पूर्वांचल से उत्तर प्रदेश में दाखिल हुआ मानसून 38 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम हुआ सुहाना


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। दक्षिण पश्चिम मानसून ने मंगलवार को पूर्वांचल के रास्ते प्रदेश में प्रवेश कर लिया। सोनभद्र और महराजगंज से शुरू हुई इसकी दस्तक के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम पूरी तरह बदल गया। तेज हवाओं और बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई जबकि मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के भीतर पूरे प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने का अनुमान जताया है।

    मानसून के प्रवेश के साथ ही प्रदेश के 20 से अधिक शहरों में बारिश का दौर शुरू हो गया। लखनऊ कानपुर नगर अयोध्या गोरखपुर बरेली देवरिया सीतापुर बहराइच पीलीभीत गोंडा रायबरेली ललितपुर चित्रकूट फर्रुखाबाद जौनपुर कानपुर देहात उन्नाव रामपुर और मुरादाबाद सहित कई जिलों में रुक रुककर बारिश दर्ज की गई। देवरिया और जौनपुर में अच्छी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे।

    मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 38 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका व्यक्त की गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार मानसून सामान्य समय से लगभग 10 दिन की देरी से उत्तर प्रदेश पहुंचा है। आमतौर पर 20 जून तक प्रदेश में मानसून प्रवेश कर जाता है लेकिन इस बार यह करीब 19 दिनों तक उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा के आसपास ही सक्रिय रहा। इसके बाद मानसून ने सोनभद्र कुशीनगर महराजगंज सिद्धार्थनगर बलरामपुर श्रावस्ती और तराई क्षेत्रों से प्रदेश में प्रवेश किया।

    पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला रहा। लखनऊ समेत करीब 15 शहरों में बारिश दर्ज की गई जबकि आगरा सबसे गर्म शहर रहा जहां अधिकतम तापमान 42 दशमलव 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश के बाद कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज हुई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और पूरे उत्तर प्रदेश को अपनी चपेट में ले लेगा। इसके साथ ही कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है जिससे खेती किसानी को भी बड़ा फायदा मिलेगा। धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई के लिए यह बारिश बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।