Tag: Morena

  • मुरैना में वकील मृत्युंजय सुसाइड केस में नया मोड़,मां ने एसपी से मांगी न्यायिक कार्रवाई, महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी FIR दर्ज होने की मांग

    मुरैना में वकील मृत्युंजय सुसाइड केस में नया मोड़,मां ने एसपी से मांगी न्यायिक कार्रवाई, महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी FIR दर्ज होने की मांग




    मुरैना।
    वकील मृत्युंजय चौहान के सुसाइड केस में नया मोड़ आया है। बुधवार को मृतक वकील की मां, शिवकुमारी जादौन, मुरैना एसपी समीर सौरभ से मिलने पहुंचीं और भावुक होकर बोलीं कि उनके बेटे के साथ जो अत्याचार हुआ, उसकी न्यायिक कार्रवाई सिर्फ ग्वालियर में नहीं, बल्कि मुरैना में भी हो। उन्होंने कहा, “मुझे भी यहीं मार डालो, मेरा बेटा तो चला ही गया।

    मृत्युंजय की मां ने आरोप लगाया कि मुरैना पुलिस अब तक किसी ठोस कार्रवाई में नहीं जुटी है।

    12 दिसंबर को मुरैना सिविल लाइन की महिला एसआई प्रीति जादौन और कॉन्स्टेबल अराफात खान ने मृत्युंजय के साथ मारपीट की थी। इसी के चलते मृत्युंजय ने 15 दिसंबर को ग्वालियर में अपने किराए के मकान में फांसी लगाई। उन्होंने मांग की कि आरोपी महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी एफआईआर दर्ज की जाए, अवैध पिस्टल जब्त की जाए और दोनों को जिले से बाहर अटैच किया जाए क्योंकि वे परिवार को धमका रहे हैं।

    ग्वालियर पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन से पुष्टि हुई कि घटना वाले दिन आरोपी और वकील साथ थे।

    जांच में यह भी खुलासा हुआ कि महिला एसआई ने शादी का दबाव बनाया, पूर्व पत्नी से तलाक, जमीन-जायदाद और जेवरात हड़पने की कोशिश की। इस मामले में ग्वालियर पुलिस ने बीएनएस की धारा 108 और 3(5) के तहत महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    एसपी ने कहा कि जांच जारी है और जैसे ही ग्वालियर पुलिस का एफआईआर प्रतिवेदन मिलेगा, दोनों आरोपियों को पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया जाएगा। शिवकुमारी जादौन की यह मांग न्यायपालिका और पुलिस पर दबाव डालती है कि किसी भी तरह की अवहेलना या विलंब न्याय में बाधक न बने।

    इस पूरे मामले ने मुरैना और ग्वालियर में पुलिस और न्याय व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक वकील के परिवार ने स्पष्ट किया कि केवल ग्वालियर में कार्रवाई से संतोष नहीं होगा, बल्कि मुरैना में भी एफआईआर दर्ज होना जरूरी है ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।

  • भिंड में पासपोर्ट सेवा कार्यालय की सफलता: ग्वालियर और मुरैना के नागरिकों का बढ़ता रुझान

    भिंड में पासपोर्ट सेवा कार्यालय की सफलता: ग्वालियर और मुरैना के नागरिकों का बढ़ता रुझान

    भिंड । मध्य प्रदेश भिंड शहर के हनुमान बजरिया स्थित बड़े डाकघर परिसर में 19 अप्रैल 2025 को पासपोर्ट सेवा कार्यालय की शुरुआत हुई थी और पिछले सात महीनों में इस कार्यालय ने अपनी पहचान मजबूत की है। हालांकि भिंड जिले के लोग पासपोर्ट बनवाने के लिए अपेक्षाकृत कम पहुंच रहे हैं वहीं ग्वालियर और मुरैना जिलों से लोग अधिक संख्या में आवेदन कर रहे हैं।

    भिंड में पासपोर्ट आवेदन की स्थिति

    पासपोर्ट सेवा कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 15,000 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं जिनमें से 10,000 पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। इसका मतलब है कि रोजाना औसतन 30 से 40 लोग इस कार्यालय में पासपोर्ट के लिए आवेदन करने पहुंचते हैं। यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि इस सेवा का रुझान धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

    ग्वालियर और मुरैना से अधिक आवेदन

    पासपोर्ट कार्यालय के इंचार्ज अभिषेक छत्रसाल के अनुसार, ग्वालियर में पहले से ही एक पासपोर्ट सेवा केंद्र था, लेकिन भिंड के कार्यालय के शुरू होने के बाद वहां दस्तावेज़ी जांच और अन्य प्रक्रियाओं को सरल और तेज किया गया है। इसके कारण, ग्वालियर और मुरैना के लोग अब भिंड कार्यालय को प्राथमिकता दे रहे हैं। खासकर ग्वालियर के लोग, जो लंबी वेटिंग टाइम से बचने के लिए यहां आवेदन कर रहे हैं। मुरैना के लोग भी भिंड से कम दूरी पर होने के कारण यहां आते हैं, जिससे इस कार्यालय में आवेदन की संख्या में इज़ाफा हुआ है।

    भिंड जिले में आवेदन की कमी का कारण

    शुरुआत में यह उम्मीद की जा रही थी कि भिंड के लोग भारी संख्या में पासपोर्ट के लिए आवेदन करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसका प्रमुख कारण ग्रामीण इलाकों में पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया को लेकर जागरूकता की कमी बताई जा रही है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में भिंड जिले में भी लोग पासपोर्ट के लिए जागरूक होने लगे हैं, खासकर विदेशों में रोजगार और स्कॉलरशिप के अवसरों की जानकारी मिलने के बाद। अब ज्यादा से ज्यादा लोग पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं।

    आवेदन प्रक्रिया में सुधार और गति

    पिछले कुछ महीनों में पासपोर्ट सेवा कार्यालय में सुधार किए गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप आवेदन प्रक्रिया और तेज हो गई है। इंचार्ज छत्रसाल के अनुसार, स्टाफ की संख्या और काउंटर बढ़ाए गए हैं, जिससे अब आवेदकों को वेरिफिकेशन के लिए ज्यादा समय नहीं लग रहा है। पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को भी डिजिटल किया गया है, जिससे आवेदन की स्वीकृति और पासपोर्ट की डिलीवरी तेज हो गई है।

    मुख्य कारण विदेश जाने के लिए आवेदन

    ग्वालियर और मुरैना जिलों से आने वाले अधिकांश आवेदन विदेश रोजगार, स्टडी वीजा और परिवार पुनर्मिलन एफआर श्रेणी के हैं। इन जिलों के लोग विदेश में काम करने पढ़ाई करने या परिवार के साथ पुनर्मिलन के लिए पासपोर्ट बनवाने की इच्छाएं रखते हैं। वहीं भिंड जिले से आने वाले लोग टूरिस्ट वीजा स्टूडेंट वीजा और जॉब वीजा श्रेणी में अधिक आवेदन कर रहे हैं।

    भिंड में पासपोर्ट सेवा कार्यालय ने न केवल अपनी पहचान बनाई है, बल्कि यह ग्वालियर और मुरैना के लोगों के लिए एक सुविधाजनक विकल्प बन चुका है। पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया में सुधार जागरूकता बढ़ने और दस्तावेज़ी जांच के सरल होने के कारण आवेदन की संख्या में इज़ाफा हुआ है। हालांकि, भिंड जिले के लोग अभी भी अपेक्षाकृत कम आवेदन कर रहे हैं लेकिन आने वाले समय में इस ट्रेंड में बदलाव देखने को मिल सकता है।