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  • सोशल मीडिया की दोस्ती ने किया मानसिक बेहाल: बैतूल में हाईटेंशन टावर पर चढ़ा युवक, पुलिस ने बचाई जान

    सोशल मीडिया की दोस्ती ने किया मानसिक बेहाल: बैतूल में हाईटेंशन टावर पर चढ़ा युवक, पुलिस ने बचाई जान


    बैतूल मुलताई । सोशल मीडिया की आभासी दुनिया कभी-कभी हकीकत में जानलेवा साबित हो सकती है। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ ‘हेलो ऐप’ पर हुई एक दोस्ती एक युवक के लिए जी का जंजाल बन गई। इस दोस्ती से उपजे मानसिक तनाव के कारण युवक ने आत्महत्या की नीयत से एक हाईटेंशन विद्युत टावर पर चढ़कर पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और घंटों चली काउंसलिंग के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

    खुद कॉल कर दी टावर पर चढ़ने की सूचना घटना देर रात की है, जब ज्ञान मंदिर क्षेत्र के पास स्थित एक विशाल हाईटेंशन टावर पर युवक को चढ़ते देखा गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि युवक ने टावर पर चढ़ने के बाद खुद ही डायल 112 पर कॉल किया और पुलिस को बताया कि वह अपनी जीवनलीला समाप्त करने जा रहा है। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम और स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। अंधेरी रात होने के कारण युवक की सटीक लोकेशन ढूंढना मुश्किल था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी की मदद से युवक को काफी ऊंचाई पर चिन्हित किया।

    2 घंटे चला ‘हाई वोल्टेज’ ड्रामा टावर पर चढ़ा युवक बेहद भावुक और मानसिक रूप से परेशान था। पुलिस टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सीधे ऊपर चढ़ने के बजाय नीचे से ही युवक से फोन पर बातचीत जारी रखी। करीब दो घंटे तक पुलिसकर्मी उसे समझाते रहे और उसकी बातों को सुनकर उसे ढांढस बंधाया। इस मानसिक काउंसलिंग का सकारात्मक असर हुआ और युवक का इरादा बदल गया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस की टीम उसे सुरक्षित नीचे उतारने में कामयाब रही।

    हेलो ऐप से शुरू हुई थी परेशानी पूछताछ में युवक की पहचान 27 वर्षीय अरविंद वाघने (पिता यशवंत), निवासी नागपुर के रूप में हुई है। अरविंद मुलताई के एक ढाबे पर अचारी रसोइया का काम करता है। उसने पुलिस को बताया कि कुछ समय पहले ‘हेलो ऐप’ के माध्यम से उसकी एक व्यक्ति से दोस्ती हुई थी। इस दोस्ती के बाद कुछ ऐसी परिस्थितियां बनीं कि वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा। युवक का कहना था कि वह इस उलझन से इतना तंग आ चुका था कि उसे मौत ही एकमात्र रास्ता नजर आ रही थी।
    पुलिस ने युवक को सुरक्षित बचाकर उसके परिजनों को सूचित कर दिया है और उसकी काउंसलिंग की जा रही है ताकि वह दोबारा ऐसा आत्मघाती कदम न उठाए। यह घटना सोशल मीडिया के बढ़ते खतरों और उनसे होने वाले मानसिक आघात की ओर एक गंभीर इशारा करती है।

  • रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई – अंतरराज्यीय विद्युत तार चोरी गिरोह का पर्दाफाश

    रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई – अंतरराज्यीय विद्युत तार चोरी गिरोह का पर्दाफाश

    भोपाल : मध्यप्रदेश पुलिस ने संगठित आपराधिक नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई करते हुए रीवा और ग्वालियर जिलों में दो बड़ी सफलताएँ हासिल की हैं। रीवा पुलिस ने विगत दो वर्षों से सक्रिय विद्युत तार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 50 लाख रुपये मूल्य का माल बरामद किया, जबकि ग्वालियर पुलिस ने मैरिज गार्डन में हुई चोरी का त्वरित खुलासा कर 7 लाख 80 हजार रूपए नगद बरामद किए गए। रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई — अंतरराज्यीय विद्युत तार चोरी गिरोह का पर्दाफाश रीवा पुलिस ने एमपीईबी विभाग के विद्युत तार चोरी एवं सोलर पावर प्लांट से कॉपर केबल चोरी की कुल 62 घटनाओं का खुलासा करते हुए 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पुलिस ने लगभग 50 लाख रुपये मूल्य के एल्यूमिनियम और कॉपर तार, पाँच वाहन तथा चोरी में इस्तेमाल उपकरण (कटर, इलेक्ट्रिक डिटेक्टर, सीढ़ी आदि) बरामद किए हैं।
    पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के विश्लेषण के साथ उत्तर प्रदेश और अन्य जिलों की पुलिस से समन्वय स्थापित किया। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पूर्व में बिजली विभाग के ठेकेदारों से जुड़े थे और चोरी का माल कबाड़ियों को बेचते थे। इस कार्रवाई से जिले में लंबे समय से जारी विद्युत संरचना चोरी की घटनाओं पर निर्णायक अंकुश लगा है।ग्वालियर पुलिस का त्वरित खुलासा — मैरिज गार्डन चोरी में 7 लाख 80 हजार रूपए बरामदग्वालियर के थाना महाराजपुरा क्षेत्र स्थित अभिनंदन वाटिका में एक लगुन कार्यक्रम के दौरान 11 लाख की चोरी हुई थी। क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी संतोष सिसोदिया को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 7 लाख 80 हजार रूपए नगद बरामद हुए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि चोरी शिवा सिसोदिया और एक विधिविरुद्ध बालक ने की थी और राशि संतोष को छिपाने हेतु सौंपी थी। रीवा और ग्वालियर की इन प्रभावी कार्यवाहियों ने यह साबित किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस संगठित अपराध, सार्वजनिक संपत्ति की चोरी और नेटवर्क आधारित आपराधिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलेरेंस की नीति पर कार्य कर रही है।