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  • MP Weather Update: 37 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 दिन लेट मानसून 25 जून तक देगा दस्तक

    MP Weather Update: 37 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 दिन लेट मानसून 25 जून तक देगा दस्तक


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून की देरी अब चिंता का कारण बनती जा रही है। सामान्य तौर पर 15 जून तक प्रदेश में दस्तक देने वाला मानसून इस बार 6 दिन पीछे चल रहा है और मौसम विभाग ने इसके 25 जून तक पहुंचने की संभावना जताई है। मानसून के इंतजार के बीच प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं, जिसके चलते कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर बना हुआ है। रविवार को इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, शिवपुरी, रीवा, शहडोल, सतना, मुरैना, धार, झाबुआ और अलीराजपुर समेत 37 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    शनिवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली। उज्जैन में 2.4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि भोपाल में 1.3 इंच पानी बरसा। इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, सीहोर और धार के पीथमपुर सहित कई इलाकों में तेज बारिश हुई। बारिश और बादलों की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। धार में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि भोपाल में 33.4 और इंदौर में 35.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विभाग के अनुसार मानसून फिलहाल तेलंगाना क्षेत्र में धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। यदि इसकी रफ्तार बनी रही तो 23 जून तक छत्तीसगढ़ पहुंच सकता है और इसके बाद 25 जून के आसपास मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को ही प्रदेश में पहुंच गया था, लेकिन इस बार इसकी गति काफी धीमी है।

    मानसून की देरी का असर जून महीने की बारिश पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 46 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश पर पड़ा है, जहां जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 24 जिलों में सामान्य से करीब 65 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में भी वर्षा का आंकड़ा सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम है।

    कम बारिश के कारण किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। खरीफ सीजन की प्रमुख फसलें जैसे सोयाबीन, उड़द, मूंग और तुअर की बुवाई प्रभावित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बुवाई के लिए कम से कम चार इंच बारिश आवश्यक है ताकि मिट्टी में पर्याप्त नमी बन सके। कई किसानों ने मानसून आने की उम्मीद में पहले ही सोयाबीन की बुवाई कर दी थी, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से बीज खराब होने का खतरा बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है, जिससे उनकी लागत बढ़ेगी।

    फिलहाल प्रदेशभर के किसानों और आम लोगों की नजरें आसमान पर टिकी हुई हैं। मौसम विभाग को उम्मीद है कि अगले चार दिनों में मानसून सक्रिय होकर मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा, जिससे गर्मी और बारिश की अनिश्चितता के बीच राहत मिलने की संभावना बनेगी।

  • मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला: 33 जिलों में आंधी-बारिश, जून में अब तक 35% कम वर्षा

    मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला: 33 जिलों में आंधी-बारिश, जून में अब तक 35% कम वर्षा


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन से पहले मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। प्रदेश के 33 जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान तेज आंधी और बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है। राजधानी भोपाल, जबलपुर, रायसेन, सीहोर, ग्वालियर, सागर, श्योपुर, छिंदवाड़ा, बैतूल, रीवा और सतना समेत कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण सुहावना हो गया।

    भोपाल में बुधवार सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रही। दोपहर के समय अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। करीब 15 मिनट तक हुई बारिश ने शहर की सड़कों को तरबतर कर दिया। इसके बाद धूप और बादलों के बीच आंख-मिचौली का दौर जारी रहा। इसी तरह रायसेन, सागर और श्योपुर में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि भिंड, बुरहानपुर और श्योपुर में धूलभरी आंधी चली।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार ग्वालियर में सबसे तेज 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। जबलपुर में 65 किलोमीटर, अशोकनगर में 52 किलोमीटर, भोपाल में 48 किलोमीटर और सीहोर में 46 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार दर्ज की गई। कई अन्य जिलों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली।

    बारिश के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। शिवपुरी में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। पचमढ़ी, सिवनी और बैतूल में भी तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। हालांकि खजुराहो और नौगांव जैसे क्षेत्रों में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है, जहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा।

    प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों की बात करें तो भोपाल में अधिकतम तापमान 37 डिग्री, इंदौर में 37.3 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री, ग्वालियर में 39.5 डिग्री और जबलपुर में 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी कुछ दिनों तक प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी, जिससे कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर बना रह सकता है।

    हालांकि राहत की इस बारिश के बावजूद प्रदेश में जून माह की कुल वर्षा सामान्य से काफी कम बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 16 जून तक मध्य प्रदेश में औसतन 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश की स्थिति और अधिक चिंताजनक है, जहां सामान्य वर्षा का आधा पानी भी नहीं गिर पाया है। कई जिलों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे चल रहा है।

    मौसम विभाग का कहना है कि इस बार मानसून सामान्य तिथि से लगभग एक सप्ताह की देरी से प्रदेश में प्रवेश करेगा। सामान्य रूप से मानसून 15 जून तक मध्य प्रदेश पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रही है। इसके बावजूद विशेषज्ञों को उम्मीद है कि मानसून सक्रिय होने के बाद वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।

    बुधवार के लिए मौसम विभाग ने 34 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। किसानों और आम लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

  • MP में जल्‍द दस्‍तक देगा मानसून, आज 5 जिलों में तेज आंधी और 33 में बारिश का अलर्ट

    MP में जल्‍द दस्‍तक देगा मानसून, आज 5 जिलों में तेज आंधी और 33 में बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार एक बार फिर बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, प्रदेश में मानसून 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मानसून के आगमन से पहले राज्यभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। कई इलाकों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है।

    शुक्रवार को श्योपुर जिले में तेज आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। जिले में करीब एक इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं सागर में आधा इंच पानी गिरा। जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी सहित कई जिलों में भी आंधी और बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

    हालांकि जून माह में अब तक प्रदेश में सामान्य से कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी क्षेत्र के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में औसत से 55 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में औसत से 2 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग ने शनिवार को भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दौर बना रह सकता है।

    वहीं इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर जिलों में मौसम साफ रहने और तेज धूप निकलने की संभावना है।

    बारिश और बादलों के असर से कई जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर में 5.8 डिग्री की कमी के बाद अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया में तापमान 4 डिग्री गिरकर 38.2 डिग्री पर पहुंच गया। रीवा में 7.3 डिग्री की गिरावट के साथ तापमान 35.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि सतना में 6.6 डिग्री की कमी आई। सिवनी में तापमान 3 डिग्री और खजुराहो में 4 डिग्री तक नीचे आया।

  • मध्य प्रदेश में प्री-मानसून का असर तेज: 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

    मध्य प्रदेश में प्री-मानसून का असर तेज: 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले प्री-मानसून गतिविधियां लगातार मजबूत होती जा रही हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में बीते कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है और तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर, जबलपुर सहित 34 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर सक्रिय ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के कारण वातावरण में पर्याप्त नमी पहुंच रही है, जिससे प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। यही वजह है कि कई जिलों में दिनभर गर्मी रहने के बावजूद शाम होते-होते मौसम अचानक बदल रहा है और बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं।

    बुधवार को बालाघाट, उमरिया और सौंसर सहित कई क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में मौसम का असर देखने को मिला। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सप्ताह मानसून के और सक्रिय होने तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बना रह सकता है।

    गुरुवार के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना भी व्यक्त की गई है।

    मौसम विभाग ने मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की आशंका जताई है। वहीं 13 जून के लिए ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ जिलों में तेज आंधी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में मौसम अधिक प्रभावशाली रहने की संभावना है।

    हालांकि बारिश और आंधी के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर पूरी तरह कम नहीं हुआ है। खजुराहो लगातार दूसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा ग्वालियर में 43.1 डिग्री, जबलपुर में 40.5 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और इंदौर में 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल संकेत हैं। यदि यही स्थिति बनी रहती है तो आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। किसानों के लिए भी यह मौसम महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि खरीफ फसलों की तैयारी का दौर शुरू हो चुका है।

    फिलहाल नागरिकों को तेज हवाओं, बिजली गिरने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई है।

  • एमपी में मौसम का डबल अटैक: कहीं ओलावृष्टि-बारिश, कहीं 46 डिग्री की भीषण गर्मी

    एमपी में मौसम का डबल अटैक: कहीं ओलावृष्टि-बारिश, कहीं 46 डिग्री की भीषण गर्मी


    मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश में मौसम इन दिनों दोहरे रंग दिखा रहा है। एक ओर प्रदेश के कई जिलों में प्री-मानसून की गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है, जहां तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर कई इलाके अब भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम का मिजाज अचानक बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। जबलपुर और दमोह में ओले गिरने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

    मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान भिंड, दतिया, मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, सागर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सतना और मऊगंज सहित 18 जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई। सिंगरौली और नरसिंहपुर में धूलभरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित किया। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं भी सामने आईं।

    सबसे ज्यादा असर जबलपुर में देखने को मिला, जहां 74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए और वाहनों को नुकसान पहुंचा। सीधी में 68 किलोमीटर प्रति घंटे, सागर में 59 किलोमीटर प्रति घंटे और ग्वालियर में 46 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इसके अलावा आगर-मालवा, अशोकनगर, रीवा, गुना, शिवपुरी और शहडोल में भी तेज हवाओं का असर देखा गया।

    बारिश और आंधी के बीच गर्मी का प्रकोप भी कम नहीं हुआ है। खजुराहो मंगलवार को प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कई अन्य जिलों में भी तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा, जिससे लोगों को उमस और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा।

    मौसम विभाग ने बुधवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में गर्मी का असर बरकरार रह सकता है।

    दिलचस्प बात यह है कि मौसम विभाग ने पहले 10 और 11 जून के लिए कुछ जिलों में लू का अलर्ट जारी किया था, लेकिन ताजा पूर्वानुमान में स्थिति बदल गई है। अब 12 जून को मुरैना, भिंड, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी तथा सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में भी प्रदेशवासियों को गर्मी, आंधी और बारिश के मिले-जुले मौसम का सामना करना पड़ सकता है।

  • एमपी में बदला मौसम, पारा 5 डिग्री से अधिक लुढ़का, धार-बड़वानी में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में बदला मौसम, पारा 5 डिग्री से अधिक लुढ़का, धार-बड़वानी में भारी बारिश का अलर्ट

    भोपाल। मध्य प्रदेश में नौतपा के दौरान लगातार आठ दिनों से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेशभर में गर्मी का असर काफी कम हुआ है। हीटवेव की स्थिति समाप्त हो गई है और न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को नौतपा का अंतिम दिन है और इस दौरान प्रदेश के 45 जिलों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा।

    मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार, धार और बड़वानी जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। वहीं आगर-मालवा और राजगढ़ जिलों में ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

    दिन और रात दोनों में मिली गर्मी से राहत
    लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय कमी आई है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात खंडवा का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में यह 19.4 डिग्री रहा।

    इसके अलावा दमोह में 21.8 डिग्री, रीवा में 22 डिग्री, खरगोन और छिंदवाड़ा में 23.4 डिग्री, उमरिया में 23.5 डिग्री, दतिया में 23.7 डिग्री, नौगांव और नरसिंहपुर में 24.2 डिग्री, धार में 24.3 डिग्री, रतलाम, टीकमगढ़ और सतना में 24.5 डिग्री तथा मंडला में 24.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    सोमवार को दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। प्रदेश में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा। भोपाल में 37.6 डिग्री, इंदौर में 38.1 डिग्री, ग्वालियर में 35.9 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं दतिया में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री, पचमढ़ी में 33.6 डिग्री, गुना में 33.8 डिग्री और खंडवा में सबसे कम 32.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मानसून की एंट्री में हो सकती है देरी
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश का सिलसिला जारी है। हालांकि इस बार मानसून की दस्तक सामान्य तिथि से 5 से 7 दिन देर से होने की संभावना जताई जा रही है।

    आमतौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है और इसकी शुरुआत दक्षिणी हिस्से से होती है। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को प्रदेश में पहुंचा था, जबकि इसकी विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। इस वर्ष मानसून अभी तक केरल नहीं पहुंचा है। सामान्य परिस्थितियों में केरल पहुंचने के करीब 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश करता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार प्रदेश में मानसून 20 से 22 जून के बीच दस्तक दे सकता है।

    अगले चार दिन भी बदला रहेगा मौसम
    मौसम विभाग ने 2 से 5 जून तक के लिए जारी पूर्वानुमान में प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई है। राहत की बात यह है कि फिलहाल कहीं भी हीटवेव का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

  • नौतपा के अंत में इंदौर को गर्मी से राहत, मई का सबसे कम तापमान दर्ज; आज तेज आंधी के आसार

    नौतपा के अंत में इंदौर को गर्मी से राहत, मई का सबसे कम तापमान दर्ज; आज तेज आंधी के आसार


    मध्य प्रदेश । नौतपा के अंतिम दिनों में इंदौर में मौसम ने ऐसा करवट ली कि भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिल गई। मई के आखिरी दिन शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम रहा। खास बात यह रही कि यह पूरे मई महीने का सबसे कम अधिकतम तापमान रहा। लगातार कई दिनों तक तेज धूप और लू जैसी परिस्थितियों का सामना करने वाले शहरवासियों के लिए यह बदलाव राहत भरी खबर बनकर सामने आया है।

    हालांकि तापमान में गिरावट दर्ज होने के बावजूद उमस ने लोगों का पीछा नहीं छोड़ा। वातावरण में नमी बढ़ने के कारण दिनभर चिपचिपी गर्मी महसूस की गई। रात का तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा। इसके बावजूद दिन के समय तेज गर्मी का असर कम रहने से लोगों ने राहत की सांस ली।

    सोमवार सुबह मौसम साफ रहा, लेकिन मौसम विभाग ने दिन में तेज आंधी चलने की संभावना जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों और प्री-मानसून गतिविधियों के कारण आने वाले दिनों में भी मौसम में बदलाव बना रह सकता है। आंधी, बादल और हल्की बारिश की वजह से तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है।

    मई महीने की शुरुआत 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ हुई थी। पूरे महीने मौसम लगातार करवटें बदलता रहा। आंकड़ों के अनुसार मई के दौरान 20 दिनों तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। नौतपा के शुरुआती दिनों में सूरज ने जमकर तेवर दिखाए और कई बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। 18 मई को अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो महीने के सबसे गर्म दिनों में शामिल रहा।

    इसके बाद महीने के अंतिम सप्ताह में मौसम का मिजाज अचानक बदलने लगा। बादलों की आवाजाही, हवाओं की दिशा में बदलाव और प्री-मानसून गतिविधियों के कारण तापमान में लगातार गिरावट आई। हालांकि पिछले करीब 15 दिनों से बढ़ी हुई नमी के कारण उमस लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

    मौसम विभाग के अनुसार जून महीने में आमतौर पर तापमान में और कमी देखने को मिलती है। पिछले सात वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि जून में अधिकतम तापमान 39.6 से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। वर्ष 2025 में जून का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं मानसून पूर्व गतिविधियों के चलते जून में सामान्यतः अच्छी बारिश भी होती है। पिछले वर्ष जून में इंदौर में करीब साढ़े पांच इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।

    इंदौर के मौसम इतिहास में जून से जुड़े कई रोचक रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। वर्ष 1980 में जून के दौरान 17 इंच से अधिक बारिश हुई थी, जबकि 23 जून 2003 को 24 घंटे में लगभग पांच इंच बारिश दर्ज की गई थी। वहीं 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।

    प्रदेशभर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई जिलों में आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिली हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह राहत भरा बना रह सकता है और लोगों को भीषण गर्मी से काफी हद तक राहत मिलने की संभावना है।

  • एमपी में गर्मी का कहर जारी, 46 जिलों में हीटवेव अलर्ट, खजुराहो-नौगांव 10 दिन से सबसे गर्म

    एमपी में गर्मी का कहर जारी, 46 जिलों में हीटवेव अलर्ट, खजुराहो-नौगांव 10 दिन से सबसे गर्म


    भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा के दौरान इस बार भीषण गर्मी के साथ आंधी और बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। पिछले तीन दिनों से कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है, वहीं गुरुवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लू, तेज गर्मी और कहीं-कहीं आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 46 जिलों में हीटवेव को लेकर चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के अनुसार, छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव पिछले 10 दिनों से प्रदेश के सबसे गर्म शहर बने हुए हैं। दोनों शहरों में गुरुवार के लिए भी तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। IMD भोपाल के मुताबिक, 18 मई से लगातार इन शहरों का तापमान सबसे अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है। इस दौरान तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। बुधवार को खजुराहो और नौगांव में अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    अगले तीन दिन बदल सकता है मौसम
    मौसम विभाग ने 29 से 31 मई तक कई जिलों में बारिश का अनुमान जताया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में आंधी और बारिश का असर बना रहेगा, जिससे कुछ इलाकों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।

    कई शहरों में 44 डिग्री से ऊपर पहुंचा पारा
    बुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी रही। दतिया 45.7 डिग्री सेल्सियस के साथ तीसरा सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा रीवा में 45.4 डिग्री, दमोह में 45.2 डिग्री, राजगढ़ और टीकमगढ़ में 45 डिग्री तथा सतना में 44.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मंडला, नरसिंहपुर और श्योपुर में 44.6 डिग्री, सागर और रायसेन में 44.4 डिग्री, मलाजखंड में 44.2 डिग्री तथा गुना में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.5 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल में 43.6 डिग्री, जबलपुर में 43 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और इंदौर में 40.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

    कुछ जिलों में राहत के आसार
    मौसम विभाग के मुताबिक, इंदौर, धार, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, देवास, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल जिलों में लू से कुछ राहत मिल सकती है। वहीं छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में शाम के समय आंधी और बारिश की संभावना है।

    जिलों के लिए जारी अलर्ट
    रेड अलर्ट: निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना।
    ऑरेंज अलर्ट: सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, रीवा, सीधी, मऊगंज और सिंगरौली।
    यलो अलर्ट: भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, रतलाम, नीमच, मंदसौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी, मंडला, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर और शहडोल।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 मई तक प्रदेश में गर्मी के साथ आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। 30 और 31 मई को कई इलाकों में तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत देखने को मिल सकती है।

  • एमपी में भीषण गर्मी का कहर जारी, कई जिलों में लू का रेड अलर्ट; कहीं राहत की बारिश के संकेत

    एमपी में भीषण गर्मी का कहर जारी, कई जिलों में लू का रेड अलर्ट; कहीं राहत की बारिश के संकेत


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में नौतपा के दौरान गर्मी ने अपने तेवर और तीखे कर दिए हैं। प्रदेश के अधिकांश जिलों में भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड, रीवा, सागर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में लू का असर सबसे ज्यादा रहेगा। इन इलाकों में तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। गर्म हवाओं के थपेड़ों और उमस ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

    भोपाल, इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम जैसे शहरों में भी दिनभर तेज गर्मी बनी रहेगी, हालांकि शाम के समय कुछ स्थानों पर हल्के बादल, तेज हवाएं और बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय गतिविधियों के कारण कुछ इलाकों में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिल सकती है।

    भीषण गर्मी का असर बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय प्रमुख बाजारों और सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ नजर आ रही है। कई जिलों में दोपहर के दौरान अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं।

    स्वास्थ्य विभाग ने भी गर्मी और लू को लेकर एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ओआरएस, नींबू पानी और छाछ जैसे तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को इस मौसम में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, तेज बुखार, उल्टी या सिरदर्द जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में गर्मी का असर बना रहेगा, हालांकि कुछ जिलों में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने से तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है।

  • मध्यप्रदेश में गर्मी का कहर, 44 डिग्री के पार पहुंच सकता है पारा

    मध्यप्रदेश में गर्मी का कहर, 44 डिग्री के पार पहुंच सकता है पारा


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। 22 मई 2026 को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिलेगा। राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में तापमान 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने के आसार बेहद कम हैं और प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर और मध्य भारत में चल रही गर्म और शुष्क हवाओं का असर मध्यप्रदेश पर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश के ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड, रीवा, सागर और उज्जैन संभाग में गर्म हवाओं का असर अधिक रहेगा। दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में लोगों की आवाजाही कम देखने को मिल सकती है।

    राजधानी भोपाल में दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि ग्वालियर, खजुराहो, नौगांव और दतिया जैसे इलाकों में पारा 44 डिग्री तक पहुंच सकता है। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होने से लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम विभाग ने ‘वार्म नाइट’ की स्थिति को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है।

    भीषण गर्मी का असर जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। सड़क किनारे ठंडे पेय पदार्थ, गन्ने का रस, छाछ और लस्सी की दुकानों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। वहीं अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और लू से संबंधित मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।

    मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचने की सलाह दी गई है। बाहर निकलते समय सिर को ढंकने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और लगातार पानी पीते रहने की अपील की गई है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता फिलहाल कमजोर है, जिसके कारण प्रदेश में बारिश की संभावना बेहद कम बनी हुई है। आने वाले तीन-चार दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में 45 डिग्री के करीब तापमान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।

    गर्मी के इस तीखे दौर ने बिजली की मांग भी बढ़ा दी है। एसी, कूलर और पंखों के लगातार इस्तेमाल से कई शहरों में बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां अपनाने की अपील की है।