आर्थिक तंगी से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर
राजस्थान के रहने वाले मुकुल चौधरी का क्रिकेट करियर आसान नहीं रहा। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए उनके परिवार ने गंभीर आर्थिक संघर्ष झेले। मुकुल ने बताया कि उनके पिता ने उन्हें क्रिकेट में आगे बढ़ाने के लिए कर्ज लिया, होटल व्यवसाय शुरू किया और हालात इतने कठिन हो गए कि परिवार को अपना घर तक बेचना पड़ा। वर्तमान में उनका परिवार किराए के मकान में रह रहा है।
कर्ज, निवेश और क्रिकेट की महंगाई
मुकुल ने बताया कि भारत में प्रोफेशनल क्रिकेट खेलना बेहद महंगा है। महंगे बैट, ग्राउंड फीस, कोचिंग और ट्रेनिंग पर भारी खर्च आता है। उन्होंने कहा कि कई बार उनके परिवार के पास इतना पैसा नहीं था कि वह इन खर्चों को पूरा कर सके, इसलिए कर्ज लेना ही एकमात्र विकल्प बचा था। इसी वजह से परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ता गया।
IPL ने बदली जिंदगी, मिला बड़ा मौका
आईपीएल 2026 की नीलामी में लखनऊ सुपर जायंट्स ने मुकुल चौधरी को 2.60 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। इस मौके ने उनके करियर को नई दिशा दी है। केकेआर के खिलाफ खेली गई उनकी धमाकेदार पारी ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। मैच के बाद उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता अपने पिता का कर्ज चुकाना और परिवार के लिए अपना घर बनवाना है।
भावुक हुए मुकुल, बोले-सबसे पहले परिवार
मुकुल ने भावुक होकर कहा कि उनके पिता ने उन्हें क्रिकेटर बनाने के लिए बहुत त्याग किया है। उन्होंने कहा कि “सबसे पहले मैं अपने पिता का कर्ज चुकाऊंगा, जिन्होंने मेरे लिए सब कुछ किया।” उन्होंने यह भी बताया कि उनका सपना अब सिर्फ क्रिकेट खेलना ही नहीं, बल्कि परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानी
मुकुल चौधरी की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी मेहनत, लगन और परिवार के त्याग ने उन्हें आईपीएल तक पहुंचाया है। अब उम्मीद है कि वह आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट में भी बड़ा नाम बनेंगे।
