निजाम पैलेस आ जाओ… आखिरी कॉल और फिर गोलियों की बारिश, चंद्रनाथ रथ की रहस्यमयी हत्या से दहला बंगाल

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों एक ऐसी घटना से हिल गई है, जिसने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी माने जाने वाले चंद्रनाथ रथ की देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उनकी आखिरी फोन कॉल की हो रही है, जिसमें उन्होंने अपने एक करीबी दोस्त से कहा था कि वह “निजाम पैलेस आ जाए”, जहां वे चाय पीने और राजनीतिक जीत का जश्न मनाने की बात कर रहे थे। यह साधारण सी बातचीत कुछ ही घंटों बाद एक दर्दनाक हकीकत में बदल गई।

जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब चंद्रनाथ रथ अपनी कार से देर रात यात्रा कर रहे थे। रास्ते में कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी का पीछा किया और अचानक घेरकर गोलियां चला दीं। फायरिंग इतनी तेज थी कि चंद्रनाथ और उनके ड्राइवर दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल पहुंचने से पहले ही चंद्रनाथ की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

बताया जाता है कि हमलावर बेहद योजनाबद्ध तरीके से आए थे। उन्होंने पहले से रेकी की हुई थी और जैसे ही गाड़ी एक सुनसान हिस्से में धीमी हुई, हमला कर दिया गया। चंद्रनाथ को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस घटना ने पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चंद्रनाथ रथ का जीवन काफी प्रेरणादायक माना जाता है। वे मूल रूप से एक अनुशासित और सेवाभावी पृष्ठभूमि से आते थे और लगभग 20 साल तक वायुसेना में देश की सेवा कर चुके थे। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने कॉरपोरेट क्षेत्र में भी काम किया, लेकिन जल्द ही उनका रुझान राजनीति की ओर बढ़ा। धीरे-धीरे वे सुवेंदु अधिकारी के बेहद भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल हो गए और उनके चुनावी अभियानों में अहम भूमिका निभाने लगे।

राजनीतिक हलकों में उन्हें एक शांत लेकिन बेहद प्रभावशाली रणनीतिकार माना जाता था। वे कैमरों से दूर रहकर पूरी रणनीति और संगठनात्मक काम संभालते थे। यही वजह थी कि उन्हें अधिकारी का सबसे करीबी और भरोसेमंद व्यक्ति कहा जाता था। उनकी अचानक हुई हत्या ने कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे दिया है।

घटना के बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरमा गया है। एक पक्ष इसे सुनियोजित साजिश बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इन आरोपों को खारिज कर रहा है। इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच आम जनता में डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।

फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और हमलावरों की पहचान के लिए टीमें बनाई गई हैं। हालांकि अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है। चंद्रनाथ रथ की मौत ने सिर्फ एक व्यक्ति की जान नहीं ली, बल्कि एक पूरे राजनीतिक समीकरण को भी झकझोर कर रख दिया है।