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  • भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी नए दौर में प्रवेश करने को तैयार, ट्रेड एग्रीमेंट पर तेज हुई बातचीत

    भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी नए दौर में प्रवेश करने को तैयार, ट्रेड एग्रीमेंट पर तेज हुई बातचीत


    नई दिल्ली । भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर कूटनीतिक और आर्थिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाल ही में फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को नई गति मिली है। अब इस दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर इस सप्ताह नई दिल्ली पहुंच रहे हैं जहां वे केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अन्य वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों के साथ कई दौर की महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे।

    भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि जी7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच व्यापार क्षेत्रीय सुरक्षा और गहरी आर्थिक साझेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई थी। उनके अनुसार दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाया जाए तथा व्यापारिक सहयोग के नए अवसरों को बढ़ावा दिया जाए।

    इसी कड़ी में अब दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में बातचीत तेज हो गई है। लंबे समय से चल रही वार्ताओं के बाद दोनों पक्षों का मानना है कि समझौता लगभग तैयार है और अब केवल कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अंतिम सहमति बनना बाकी है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि वे नई दिल्ली में जैमीसन ग्रीर के स्वागत के लिए उत्साहित हैं और व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए पीयूष गोयल के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें निर्धारित की गई हैं।

    अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अनुसार जैमीसन ग्रीर भारत दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में ऐतिहासिक भारत-अमेरिका संयुक्त बयान और अंतरिम व्यापार समझौते से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। यह दौरा फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू की गई व्यापक व्यापार वार्ता प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

    हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने भी संकेत दिया था कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते पर सहमति बनने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। जी7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं।

    भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत होते रहे हैं। तकनीक मैन्युफैक्चरिंग ऊर्जा फार्मास्यूटिकल्स रक्षा और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रस्तावित व्यापार समझौता लागू होने के बाद निवेश बढ़ेगा व्यापारिक बाधाएं कम होंगी और दोनों देशों के उद्योगों को नए अवसर मिलेंगे।

    भारत दौरे के बाद जैमीसन ग्रीर उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे जहां वे वहां के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। हालांकि फिलहाल सबसे अधिक ध्यान नई दिल्ली में होने वाली उन बैठकों पर है जिनसे भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    दोनों देशों की सरकारें इस समझौते को केवल व्यापार तक सीमित नहीं मानतीं बल्कि इसे रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले कदम के रूप में देख रही हैं। यही कारण है कि नई दिल्ली में होने वाली ये बैठकें वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक हलकों में भी विशेष महत्व रखती हैं।

  • ट्रंप ने पीएम मोदी को बताया ‘महान और सख्त नेता’, भारत की आर्थिक तरक्की की भी की तारीफ

    ट्रंप ने पीएम मोदी को बताया ‘महान और सख्त नेता’, भारत की आर्थिक तरक्की की भी की तारीफ


    नई दिल्ली । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक रूप से सराहना की है। उन्होंने पीएम मोदी को महान नेता और बहुत सख्त इंसान बताते हुए उनकी नेतृत्व शैली और राजनीतिक क्षमता की प्रशंसा की। यह बयान उन्होंने अमेरिकी मीडिया प्लेटफॉर्म एक्सियोस को दिए एक इंटरव्यू के दौरान दिया, जिसमें वैश्विक नेतृत्व, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

    इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने कहा कि दुनिया के चुनिंदा नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे नेता हैं जिनकी वे सबसे अधिक इज्जत करते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी का लंबे समय से सत्ता में बने रहना और भारत जैसे विशाल लोकतंत्र का नेतृत्व करना उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ को दर्शाता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत जैसे देश में स्थिर नेतृत्व बनाए रखना आसान नहीं है, लेकिन पीएम मोदी ने यह काम सफलतापूर्वक किया है।

    ट्रंप ने आगे कहा कि पीएम मोदी बाहर से शांत स्वभाव के दिखाई देते हैं, लेकिन वास्तव में वह बेहद दृढ़ और सख्त निर्णय लेने वाले नेता हैं। उनके अनुसार, यही संयोजन उन्हें एक प्रभावशाली वैश्विक नेता बनाता है। उन्होंने यह भी कहा कि नेतृत्व के उच्च स्तर पर पहुंचने के लिए बुद्धिमत्ता और कठोर निर्णय क्षमता दोनों जरूरी हैं, और मोदी में यह दोनों गुण मौजूद हैं।

    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत की आर्थिक प्रगति का भी उल्लेख किया और कहा कि हाल के वर्षों में भारत ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने पीएम मोदी की नीतियों को इस विकास का एक महत्वपूर्ण कारण बताया। ट्रंप ने यह भी कहा कि मोदी अक्सर शांति और कूटनीति को प्राथमिकता देते हैं, जो उनके नेतृत्व को और अधिक प्रभावी बनाता है।

    इंटरव्यू में ट्रंप ने वैश्विक नेताओं की भूमिका पर चर्चा करते हुए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भी तारीफ की और दोनों नेताओं को मजबूत नेतृत्व का उदाहरण बताया। हालांकि, उन्होंने विशेष रूप से पीएम मोदी को ऐसे नेताओं में शामिल किया जिनकी अंतरराष्ट्रीय मंच पर सबसे अधिक पहचान और सम्मान है।

    गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2014 से भारत के प्रधानमंत्री हैं और लंबे समय से देश की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी भूमिका लगातार बढ़ी है।

    भारत और अमेरिका के संबंधों में भी पिछले वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, तकनीक और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है। हाउडी मोदी और नमस्ते ट्रंप जैसे बड़े कार्यक्रमों ने दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंधों को भी विशेष पहचान दी थी। ट्रंप की यह ताजा टिप्पणी एक बार फिर भारत-अमेरिका संबंधों और वैश्विक राजनीति में पीएम मोदी की भूमिका को चर्चा के केंद्र में ले आई है।

  • जसपाल राणा के निधन पर देश शोकाकुल, पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताया गहरा दुख

    जसपाल राणा के निधन पर देश शोकाकुल, पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताया गहरा दुख


    नई दिल्ली। भारतीय शूटिंग जगत के दिग्गज खिलाड़ी और कोच जसपाल राणा के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। 49 वर्ष की आयु में उनके निधन की खबर सामने आने के बाद खेल जगत, राजनीतिक नेतृत्व और उनके प्रशंसकों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के पदाधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए भारतीय खेलों में उनके योगदान को याद किया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। प्रधानमंत्री ने लिखा कि राणा ने शूटिंग में अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश का गौरव बढ़ाया और एक मार्गदर्शक के रूप में भी नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा का समर्पण, अनुशासन और खेलों के प्रति प्रतिबद्धता उन्हें हमेशा सम्मान दिलाती रहेगी। प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवार, मित्रों और खेल समुदाय के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी जसपाल राणा के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने वाले इस महान खिलाड़ी का अचानक निधन बेहद दुखद है। राजनाथ सिंह ने कहा कि जसपाल राणा न केवल एक उत्कृष्ट शूटर और कोच थे, बल्कि बेहद सरल, सहज और नेकदिल इंसान भी थे। उन्होंने भारत में शूटिंग को लोकप्रिय बनाने और युवा खिलाड़ियों को इस खेल की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि जसपाल राणा ने विश्व शूटिंग चैंपियनशिप और एशियाई खेलों जैसे बड़े मंचों पर भारत को स्वर्ण पदक दिलाकर देश का मान बढ़ाया। उनके अनुसार, राणा का जाना भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।

    भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा केवल एक चैंपियन खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि एक उत्कृष्ट मेंटोर भी थे। उन्होंने कहा कि भारतीय शूटिंग समुदाय को उनकी कमी हमेशा महसूस होगी और उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

    जसपाल राणा भारतीय शूटिंग के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए कई पदक जीते। खिलाड़ी के रूप में सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने कोचिंग में भी उल्लेखनीय योगदान दिया और कई युवा निशानेबाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाई।

    दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भारतीय शूटर मनु भाकर सहित कई शीर्ष खिलाड़ियों के करियर को संवारने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वर्तमान में वह भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में कार्यरत थे और भारतीय शूटिंग टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में जुटे हुए थे।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन से भारतीय खेल जगत ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसने अपने प्रदर्शन, नेतृत्व और मार्गदर्शन से भारतीय शूटिंग को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

  • मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर महाकाल दरबार में विशेष पूजन, भाजपा कार्यकर्ताओं ने की राष्ट्र समृद्धि की कामना

    मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर महाकाल दरबार में विशेष पूजन, भाजपा कार्यकर्ताओं ने की राष्ट्र समृद्धि की कामना


    मध्यप्रदेश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विशेष धार्मिक अनुष्ठान और पूजन-अर्चन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री के स्वस्थ, दीर्घायु और यशस्वी जीवन के साथ देश की प्रगति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की गई।

    महाकाल मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, बाल योगी उमेश नाथ, भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।

    कार्यक्रम के दौरान भगवान महाकाल का विधि-विधान से पूजन किया गया। साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों के तहत 108 जाप का आयोजन भी किया गया। श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य, सामाजिक समरसता और विकास की निरंतरता के लिए प्रार्थना की।

    भाजपा के मीडिया प्रभारी दिनेश जाटवा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 12 वर्षों का कार्यकाल पूरा किया है। इस अवसर को उपलब्धियों और जनसेवा के संकल्प के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित विशेष पूजा का उद्देश्य देश के विकास और जनकल्याण के लिए प्रार्थना करना है।

    उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में देश ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से गरीब कल्याण, आधारभूत संरचना के विस्तार, डिजिटल सेवाओं के विकास, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता जैसे क्षेत्रों में कार्य किए गए हैं। इन्हीं उपलब्धियों के उपलक्ष्य में भाजपा कार्यकर्ताओं ने महाकाल के दरबार में आकर आभार व्यक्त किया और राष्ट्र की निरंतर प्रगति की कामना की।

    धार्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुए इस आयोजन में कार्यकर्ताओं ने भगवान महाकाल के जयकारे लगाए और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में पूरे समय श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नेताओं ने कहा कि जनता के विश्वास और सहयोग से देश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

    उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है और राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण अवसरों पर यहां विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता रहा है। इसी परंपरा के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर यह धार्मिक आयोजन किया।

    कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की उन्नति, समाज के कल्याण और नागरिकों के सुख-समृद्धि की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।

  • किसानों के अनाज से सजी पीएम मोदी की भव्य रंगोली, 12 साल के कार्यकाल पर भोपाल में विशेष आयोजन

    किसानों के अनाज से सजी पीएम मोदी की भव्य रंगोली, 12 साल के कार्यकाल पर भोपाल में विशेष आयोजन


    मध्यप्रदेश । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने और देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी भोपाल में भाजपा द्वारा एक विशेष और अनूठा आयोजन किया गया। शहर के नीलबड़ स्थित दुर्गा माता मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों के अनाज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल और आकर्षक रंगोली बनाई गई, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

    इस आयोजन की पहल भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने की। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजन स्थल पर सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ताओं, किसानों और स्थानीय नागरिकों की बड़ी संख्या जुटने लगी थी। धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल के बीच प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को याद किया गया।

    कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण किसानों के अनाज से तैयार की गई रंगोली रही। इस रंगोली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया। रंगोली के निर्माण में विभिन्न प्रकार के अनाज का उपयोग किया गया, जो देश के अन्नदाताओं के सम्मान और कृषि क्षेत्र के महत्व को भी प्रदर्शित करता है। उपस्थित लोगों ने इस अनूठी कलाकृति की सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री और किसानों के बीच मजबूत संबंध का प्रतीक बताया।

    कार्यक्रम के दौरान सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इसके पश्चात मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती संपन्न हुई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की गई। श्रद्धालुओं ने देश की प्रगति, समृद्धि और विकास के लिए भी प्रार्थना की।

    विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए अनाज से रंगोली बनाकर अन्नदाता वर्ग की भावनाओं को भी सम्मान दिया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री के कार्यों के प्रति आभार व्यक्त करना और जनभागीदारी के माध्यम से उनके योगदान को याद करना था।

    उधर, भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहां ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, जिला अध्यक्ष रविंद्र यति, प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता के संदेश के साथ आयोजित यह कार्यक्रम भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण जनसंपर्क अभियान भी साबित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

  • 10 गोल्ड समेत 19 मेडल जीतकर भारत का शानदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने सराहा

    10 गोल्ड समेत 19 मेडल जीतकर भारत का शानदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने सराहा


    नई दिल्ली। 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 19 मेडल अपने नाम किए, जिनमें 10 गोल्ड, 5 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज शामिल हैं। टीम के इस बेहतरीन प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके प्रयासों की सराहना की।

    प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि यह प्रदर्शन भारतीय युवा एथलीटों के दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सफलता आने वाले समय में और अधिक युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करेगी।

    भारतीय टीम ने प्रतियोगिता के आखिरी दिन तीन गोल्ड मेडल जीतकर अपने अभियान का शानदार समापन किया। महिला 5,000 मीटर दौड़ में मुस्कान ने 16 मिनट 53.08 सेकंड का समय निकालकर बेहतरीन प्रदर्शन किया। वहीं पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में मोगली वेंकटराम रेड्डी ने 1 मिनट 48.27 सेकंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया।

    डिस्कस थ्रो में निश्चय ने 60.10 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता और इस दौरान नया नेशनल अंडर-20 रिकॉर्ड भी बनाया। इसके अलावा भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने शानदार तालमेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया और नया मीट रिकॉर्ड भी स्थापित किया। टीम ने 3 मिनट 38.07 सेकंड में रेस पूरी की, जो पहले के रिकॉर्ड से बेहतर था।

    इस रिले टीम में नीरू पाठक, भूमिका संजय नेहाते, ताहुरा खातून और सहनूर बावा शामिल थीं, जिन्होंने बेहतरीन समन्वय और गति का प्रदर्शन किया। वहीं पुरुष 4×400 मीटर रिले टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 मिनट 05.54 सेकंड का समय निकाला, जो पुराना रिकॉर्ड तोड़ने वाला था। हालांकि मजबूत प्रतिस्पर्धा के कारण टीम को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।

    इसके अलावा भारतीय महिला 4×100 मीटर रिले टीम ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया और 45.05 सेकंड का समय निकाला। इस टीम में काजल हीराभाई वाजा, भावना, आरती और निपम शामिल रहीं।

    इस प्रतियोगिता में भारत का समग्र प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि देश में युवा एथलीटों की नई पीढ़ी तेजी से उभर रही है। खासकर ट्रैक और फील्ड इवेंट्स में भारत की पकड़ मजबूत होती दिख रही है।

    हालांकि मेडल टैली के लिहाज से यह प्रदर्शन 2024 में दुबई में हुए संस्करण से थोड़ा पीछे रहा, लेकिन खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धियों और रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने भविष्य के लिए मजबूत उम्मीदें जगाई हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी की बधाई ने खिलाड़ियों के मनोबल को और बढ़ाया है, और यह प्रदर्शन भारत के एथलेटिक्स भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

  • मेरे लिए पहले से सोच चुके थे प्रधानमंत्री’, शिवराज सिंह चौहान की किताब से निकले राजनीतिक सफर के अहम खुलासे

    मेरे लिए पहले से सोच चुके थे प्रधानमंत्री’, शिवराज सिंह चौहान की किताब से निकले राजनीतिक सफर के अहम खुलासे

    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश की राजनीति में वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद हुए बड़े बदलावों ने उस समय व्यापक राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया था। लंबे समय तक राज्य की कमान संभालने के बाद सत्ता परिवर्तन और नए नेतृत्व के चयन को लेकर कई तरह की अटकलें सामने आई थीं। अब इन घटनाओं से जुड़ी कई अहम बातें सामने आई हैं, जिन्हें केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने अपनी नई पुस्तक में विस्तार से साझा किया है। राजनीतिक घटनाक्रमों से जुड़े इन अनुभवों ने एक बार फिर उस दौर की चर्चाओं को ताजा कर दिया है।

    अपनी पुस्तक में शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद से केंद्रीय राजनीति तक के सफर का जिक्र करते हुए कई व्यक्तिगत और राजनीतिक अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने लिखा कि विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत के बाद पार्टी ने राज्य में नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया था। उन्होंने इस बदलाव को संगठन का निर्णय मानते हुए पूरी सहजता के साथ स्वीकार किया। उनके अनुसार राजनीति में पद से अधिक महत्वपूर्ण संगठन और जिम्मेदारी होती है।

    पुस्तक में एक प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उनसे दिल्ली आने और बातचीत करने की बात कही थी। उस समय राजनीतिक चर्चा का केंद्र नए मुख्यमंत्री थे, लेकिन बाद में जब उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद की शपथ ली तो उन्हें एहसास हुआ कि उनके भविष्य को लेकर पहले से एक सोच तैयार की जा चुकी थी। उन्होंने लिखा कि बाद में यह स्पष्ट हुआ कि उनके लिए नई भूमिका को लेकर योजना पहले से तय थी।

    शिवराज सिंह चौहान ने अपने राजनीतिक जीवन के उस महत्वपूर्ण दौर का भी उल्लेख किया, जब मध्य प्रदेश में नए मुख्यमंत्री के रूप में Mohan Yadav के नाम की घोषणा हुई। उन्होंने लिखा कि स्वाभाविक रूप से ऐसी परिस्थितियों में भावनात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती थीं, लेकिन संगठन के संस्कार और पारिवारिक सीख ने उन्हें संयम बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने इसे एक कार्यकर्ता की वास्तविक परीक्षा बताया।

    उन्होंने अपनी पुस्तक में यह भी लिखा कि उनकी पार्टी अनुशासन और त्याग के सिद्धांतों पर आधारित है और वह किसी पद से जुड़े रहने की मानसिकता में विश्वास नहीं करते। उनके अनुसार संगठन जो जिम्मेदारी देता है, उसे स्वीकार करना ही एक कार्यकर्ता का कर्तव्य होता है। यही सोच उन्हें नए दायित्व की ओर आगे बढ़ाने में सहायक बनी।

    मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव को नई जिम्मेदारी की तरह लिया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने पूरे समर्पण के साथ चुनावी अभियान में काम किया और उन क्षेत्रों तक पहुंचे जहां पहले संगठन को सीमित सफलता मिली थी। चुनाव परिणामों को उन्होंने सामूहिक प्रयास और संगठन की शक्ति का परिणाम बताया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पुस्तक केवल व्यक्तिगत संस्मरण नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक दौर की अंदरूनी झलक भी पेश करती है। इससे सत्ता परिवर्तन, संगठनात्मक निर्णयों और नेतृत्व की प्रक्रिया को समझने का एक नया दृष्टिकोण सामने आता है।

  • 12 साल के कार्यकाल पर भावुक हुए पीएम मोदी के पुराने शब्द फिर चर्चा में, नेताओं ने दी शुभकामनाएं

    12 साल के कार्यकाल पर भावुक हुए पीएम मोदी के पुराने शब्द फिर चर्चा में, नेताओं ने दी शुभकामनाएं


    नई दिल्ली । देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव उस समय दर्ज हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे कर लिए। वर्ष 2014 में देश की कमान संभालने के बाद से लेकर अब तक उनके नेतृत्व में कई बड़े राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक बदलाव देखने को मिले हैं। इस खास अवसर पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का माहौल रहा और विभिन्न नेताओं की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दी गईं। उनके नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने पर समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी उत्साह देखने को मिला।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को देश के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी। आम चुनाव के परिणामों के बाद उन्हें संसदीय दल का नेता चुना गया और फिर उन्होंने देश की बागडोर संभाली। उस समय राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव की नई शुरुआत मानी गई थी। वर्षों बाद अब जब उनके नेतृत्व का यह सफर 12 साल तक पहुंच गया है, तो उनके शुरुआती दौर के कई पुराने भाषण और बयान एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।

    विशेष रूप से संसदीय दल की बैठक में दिया गया उनका एक भावनात्मक संबोधन फिर से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। उस दौरान उन्होंने पार्टी के संघर्ष, समर्पण और कार्यकर्ताओं के योगदान को याद किया था। उन्होंने उन लोगों का भी जिक्र किया था जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद पार्टी के लिए वर्षों तक मेहनत की। अपने संबोधन में उन्होंने भावुक होते हुए कहा था कि जिस प्रकार भारत उनके लिए मां के समान है, उसी तरह उनकी पार्टी भी उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके इस बयान को उस समय भी काफी भावनात्मक माना गया था और अब एक बार फिर इसकी चर्चा हो रही है।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पुराने संघर्षों को भी याद किया था। उन्होंने उन नेताओं के योगदान का उल्लेख किया जिन्होंने संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस दौर के कई राजनीतिक क्षणों को आज भी समर्थक ऐतिहासिक मानते हैं। समय के साथ देश की राजनीति में कई बदलाव आए, लेकिन उस संबोधन को आज भी उनके राजनीतिक सफर के महत्वपूर्ण पड़ावों में गिना जाता है।

    प्रधानमंत्री के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कई नेताओं ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उनके नेतृत्व में देश के विकास, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं का भी उल्लेख किया गया। पिछले वर्षों में लागू की गई विभिन्न योजनाओं और नीतियों को लेकर भी चर्चा रही। समर्थकों का मानना है कि इन वर्षों में देश ने कई क्षेत्रों में नई दिशा प्राप्त की है। वहीं राजनीतिक स्तर पर भी यह अवसर सरकार के लंबे कार्यकाल और उसकी उपलब्धियों को लेकर चर्चा का केंद्र बना रहा।

  • राजनीति गरमाई: राहुल गांधी ने फिर दोहराया मोदी सरकार पर दावा, SP-BSP-RJD को लेकर भी की टिप्पणी

    राजनीति गरमाई: राहुल गांधी ने फिर दोहराया मोदी सरकार पर दावा, SP-BSP-RJD को लेकर भी की टिप्पणी


    नई दिल्ली । दिल्ली में कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग की एक बड़ी रणनीतिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें देशभर से सैकड़ों प्रतिनिधि शामिल हुए। इस बैठक में Rahul Gandhi मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक का एजेंडा दलित समाज में कांग्रेस की पकड़ मजबूत करना और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर रणनीति तैयार करना था।

    इसी दौरान Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि “मोदी जी एक साल में जाने वाले हैं।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। बीजेपी ने इस टिप्पणी को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

    बैठक में कांग्रेस नेताओं ने यह भी चर्चा की कि अगर 1980 और 1990 के दशक में दलित समुदाय पर अधिक ध्यान दिया गया होता, तो क्षेत्रीय दल इतने मजबूत नहीं बनते। इस संदर्भ में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल जैसे दलों की राजनीति पर भी अप्रत्यक्ष टिप्पणी सामने आई।

    कांग्रेस की इस बैठक में सामाजिक न्याय, दलित भागीदारी और संगठन विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां दलित समुदाय की भागीदारी को और मजबूत किया जाएगा।

    Rajendra Pal Gautam ने भी बैठक में कहा कि दलितों पर अत्याचार, सामाजिक न्याय और कांग्रेस की विचारधारा को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

    वहीं, Bharatiya Janata Party ने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह स्थिर और मजबूत है। बीजेपी नेताओं ने इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया और कहा कि सरकार को कोई चुनौती नहीं दे सकता।

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद देश की राजनीति एक बार फिर बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में आ गई है, जहां सत्ता और विपक्ष दोनों अपने-अपने दावे मजबूत करने में जुटे हैं।

  • पीएम मोदी की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, बेंगलुरु में विस्फोटक मिलने के बाद प्रशासन का बड़ा कदम

    पीएम मोदी की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, बेंगलुरु में विस्फोटक मिलने के बाद प्रशासन का बड़ा कदम

    नई दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े एक संवेदनशील मामले में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। बेंगलुरु दौरे के दौरान प्रधानमंत्री के निर्धारित कार्यक्रम के आसपास संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस महकमे की चिंता बढ़ा दी थी। अब इस पूरे प्रकरण में शुरुआती जांच के आधार पर छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई सुरक्षा में संभावित लापरवाही और चूक को गंभीरता से लेते हुए की गई है, जबकि मामले की जांच अभी भी जारी है।

    जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री 10 मई को बेंगलुरु दौरे पर पहुंचे थे। इसी दौरान शहर के बाहरी इलाके में ऐसी जगह पर दो जिलेटिन की छड़ें मिलने की सूचना सामने आई जो प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित बताई गई। जैसे ही इस घटना की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन तक पहुंची, पूरे विभाग में हलचल मच गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा शुरू कर दी गई और आंतरिक जांच बैठा दी गई।

    इस मामले में पुलिस विभाग ने शुरुआती स्तर पर कार्रवाई करते हुए छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है उनमें एक पुलिस सब इंस्पेक्टर, एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर और चार कांस्टेबल शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों को जांच पूरी होने तक निलंबित रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासनिक स्तर पर यह संदेश देने की कोशिश भी मानी जा रही है कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

    घटना सामने आने के बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक रूप भी ले लिया था। इसे प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय मानते हुए सवाल उठाए गए कि इतने संवेदनशील दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में ऐसी स्थिति कैसे उत्पन्न हुई। मामले को लेकर राज्य की कानून व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर भी चर्चा तेज हो गई थी। साथ ही इस घटना के पीछे की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की पहचान को लेकर भी जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई थीं।

    प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की सुरक्षा को देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में गिना जाता है। ऐसे में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या विस्फोटक सामग्री मिलने की सूचना को अत्यधिक गंभीरता से लिया जाता है। यही कारण है कि इस मामले में भी प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, क्योंकि यह रिपोर्ट तय करेगी कि सुरक्षा व्यवस्था में वास्तविक चूक कहां हुई और इसके पीछे किन परिस्थितियों ने भूमिका निभाई। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि यह केवल लापरवाही का मामला था या इसके पीछे कोई और गंभीर पहलू छिपा हुआ है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा प्रबंधन को लेकर कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं।