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  • भारत-सेशेल्स रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती, स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे प्रधानमंत्री मोदी

    भारत-सेशेल्स रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती, स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे प्रधानमंत्री मोदी


    नई दिल्ली । सेशेल्स की आजादी की 50वीं वर्षगांठ भारत और सेशेल्स के रिश्तों को नई ऊंचाई देने का अवसर बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून 2026 तक सेशेल्स की राजकीय यात्रा पर रहेंगे, जहां वह राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर होने वाली यह यात्रा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे भरोसेमंद संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

    प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सेशेल्स में उत्साह का माहौल है। स्थानीय नागरिकों से लेकर भारतीय समुदाय तक सभी इस यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहद अहम मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि भारत और सेशेल्स के बीच पिछले कुछ वर्षों में सहयोग लगातार बढ़ा है और प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा इस साझेदारी को नई गति देगी। उनका मानना है कि व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा और विकास परियोजनाओं में सहयोग और मजबूत होगा।

    सेशेल्स में रहने वाले भारतीय समुदाय ने भी प्रधानमंत्री के दौरे का गर्मजोशी से स्वागत किया है। समुदाय के प्रतिनिधियों का कहना है कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध बेहद मजबूत हैं। बड़ी संख्या में भारतीय सेशेल्स की अर्थव्यवस्था, व्यापार और विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ऐसे में शीर्ष स्तर की यह यात्रा दोनों देशों के लोगों के बीच रिश्तों को और गहरा करेगी तथा नए अवसरों के द्वार खोलेगी।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले वर्ष 2015 में सेशेल्स की यात्रा कर चुके हैं। इस बार उनका दौरा कई मायनों में खास माना जा रहा है क्योंकि यह सेशेल्स की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती के अवसर पर हो रहा है। समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे, जो दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा और समुद्री सहयोग का प्रतीक होंगे।

    दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के बीच व्यापक द्विपक्षीय वार्ता होगी। दोनों नेता व्यापार, निवेश, विकास सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, जलवायु परिवर्तन और हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारी सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। प्रधानमंत्री सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे।

    भारत और सेशेल्स के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच गहरे संपर्क पर आधारित रहे हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में सेशेल्स भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार है। भारत के ‘महासागर’ विजन और ग्लोबल साउथ को मजबूत करने की नीति में भी सेशेल्स की अहम भूमिका है। यही वजह है कि यह यात्रा केवल एक औपचारिक राजकीय दौरा नहीं बल्कि रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा और व्यापक होगा तथा हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास के साझा लक्ष्य को नई मजबूती मिलेगी।

  • भारत पर अमेजन का बड़ा दांव, 2030 तक 48 अरब डॉलर निवेश; 38 लाख रोजगार और AI विस्तार का रोडमैप तैयार

    भारत पर अमेजन का बड़ा दांव, 2030 तक 48 अरब डॉलर निवेश; 38 लाख रोजगार और AI विस्तार का रोडमैप तैयार


    नई दिल्ली । भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और तकनीकी क्षमता पर भरोसा जताते हुए अमेजन ने देश में बड़े निवेश का ऐलान किया है। अमेजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंडी जेसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद घोषणा की कि कंपनी वर्ष 2030 तक भारत में 48 अरब डॉलर का निवेश करेगी। इस निवेश का बड़ा हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर केंद्रित होगा। यह फैसला भारत को वैश्विक डिजिटल और तकनीकी केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बैठक के बाद एंडी जेसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि भारत में अमेजन की यात्रा अभी शुरुआत भर है। उन्होंने कहा कि कंपनी पिछले एक दशक से देश के ग्राहकों, विक्रेताओं, स्टार्टअप्स, डेवलपर्स और उद्योगों के साथ मिलकर काम कर रही है और आने वाले वर्षों में इस साझेदारी को और मजबूत किया जाएगा।

    जेसी ने बताया कि अगले पांच वर्षों में किए जाने वाले कुल 48 अरब डॉलर के निवेश में 21 अरब डॉलर से अधिक राशि केवल एआई और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर खर्च की जाएगी। इसके साथ ही 2026 से 2030 के बीच भारत में अमेजन का कुल नियोजित एआई और क्लाउड निवेश 21 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगा, जो इस क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े विदेशी निवेशों में से एक माना जा रहा है।

    अमेजन वेब सर्विसेज के तहत मुंबई और हैदराबाद स्थित डेटा सेंटर नेटवर्क का भी विस्तार किया जाएगा। इससे भारतीय स्टार्टअप्स, उद्योगों और सरकारी संस्थानों को आधुनिक एआई तकनीक, एडवांस्ड कंप्यूटिंग क्षमता, सुरक्षित क्लाउड सेवाएं और अत्याधुनिक डेवलपर टूल्स तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी। कंपनी का मानना है कि इससे भारत की डिजिटल प्रतिस्पर्धात्मकता और नवाचार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

    अमेजन ने रोजगार सृजन को लेकर भी बड़ा लक्ष्य तय किया है। कंपनी के अनुसार वर्ष 2030 तक लगभग 38 लाख रोजगार अवसरों का समर्थन किया जाएगा। इसके अलावा 80 अरब डॉलर के ई-कॉमर्स निर्यात को सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अमेजन का उद्देश्य देश के 1.5 करोड़ छोटे व्यवसायों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना और 40 लाख सरकारी स्कूलों के छात्रों तक एआई आधारित शिक्षा और तकनीकी अवसर पहुंचाना भी है।

    कंपनी ने अपने लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने की भी योजना बनाई है। इस वर्ष देशभर में 20 से अधिक नए फुलफिलमेंट सेंटर और 100 से ज्यादा नए लास्ट माइल डिलीवरी स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इससे खासकर टियर-3 और टियर-4 शहरों में ग्राहकों को तेज और भरोसेमंद डिलीवरी सुविधा मिलेगी। साथ ही डिलीवरी सहयोगियों के कल्याण के लिए सम्मान नामक विशेष कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा।

    अमेजन के अनुसार वर्ष 2010 से 2030 तक भारत में कंपनी का कुल निवेश 88 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगा। कंपनी का कहना है कि उसने अब तक 1.2 करोड़ छोटे कारोबारों को डिजिटल बनाने में मदद की है, 20 अरब डॉलर से अधिक के ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा दिया है और 28 लाख रोजगारों का समर्थन किया है। इसके अलावा 1 करोड़ से अधिक भारतीयों को क्लाउड स्किल्स की ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है।

    एंडी जेसी ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत में ई-कॉमर्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेजन भारत के विकसित और आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य में दीर्घकालिक साझेदार के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • वेनेजुएला में मौत और तबाही का मंजर, पीएम मोदी ने जताई संवेदना, ट्रंप ने जारी किया अलर्ट

    वेनेजुएला में मौत और तबाही का मंजर, पीएम मोदी ने जताई संवेदना, ट्रंप ने जारी किया अलर्ट

    काराकस। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए लगातार दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। देश के कई शहरों में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और जानमाल के बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है। भूकंप के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप से हुई तबाही की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने भारत की जनता की ओर से वेनेजुएला की सरकार और वहां के नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है उनके दुख में पूरा भारत सहभागी है। प्रधानमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।

    वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भूकंप से हुई तबाही पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में आए दोनों भूकंप अत्यंत शक्तिशाली थे और शुरुआती रिपोर्टें अच्छे संकेत नहीं दे रही हैं। ट्रंप के अनुसार बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने और भारी जनहानि की आशंका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सहायता के लिए पूरी तरह तैयार है और सभी संबंधित एजेंसियों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सतर्क रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।

    संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार पहला भूकंप बुधवार देर शाम 7.1 तीव्रता का दर्ज किया गया। इसके ठीक एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। दोनों भूकंपों का केंद्र राजधानी काराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम स्थित तटीय क्षेत्र मोरोन के आसपास था। भूकंप की गहराई केवल 10 किलोमीटर होने के कारण इसका प्रभाव और अधिक विनाशकारी माना जा रहा है।

    भूकंप के झटके इतने तेज थे कि राजधानी काराकस सहित कई शहरों में लोग दहशत में घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई इमारतों में दरारें आ गईं जबकि कुछ भवन पूरी तरह ढह गए। स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में सड़कों पर मलबा और क्षतिग्रस्त मकान दिखाई दे रहे हैं।

    वेनेजुएला के गृह, न्याय और शांति मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने पुष्टि की कि देश के विभिन्न हिस्सों में नुकसान की खबरें मिली हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे फिलहाल इमारतों के अंदर जाने से बचें क्योंकि आफ्टरशॉक यानी भूकंप के बाद आने वाले झटकों का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं तथा प्रभावित इलाकों में आपातकालीन टीमें तैनात कर दी गई हैं।

    भूकंप का असर पड़ोसी देश कोलंबिया तक भी महसूस किया गया। वहां के कई शहरों में लोगों ने तेज झटकों की सूचना दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि नुकसान का वास्तविक आकलन आने वाले दिनों में ही हो पाएगा। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और राहत कार्यों में सहयोग के लिए तैयार हैं।

    वेनेजुएला इस समय अपने हालिया इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। पूरी दुनिया की नजर अब राहत और बचाव कार्यों पर टिकी हुई है, जबकि प्रभावित परिवारों के लिए वैश्विक स्तर पर संवेदनाएं और सहायता के संदेश लगातार सामने आ रहे हैं। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए लगातार दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। देश के कई शहरों में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और जानमाल के बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है। भूकंप के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप से हुई तबाही की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने भारत की जनता की ओर से वेनेजुएला की सरकार और वहां के नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है उनके दुख में पूरा भारत सहभागी है। प्रधानमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।

    वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भूकंप से हुई तबाही पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में आए दोनों भूकंप अत्यंत शक्तिशाली थे और शुरुआती रिपोर्टें अच्छे संकेत नहीं दे रही हैं। ट्रंप के अनुसार बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने और भारी जनहानि की आशंका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सहायता के लिए पूरी तरह तैयार है और सभी संबंधित एजेंसियों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सतर्क रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।

    संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार पहला भूकंप बुधवार देर शाम 7.1 तीव्रता का दर्ज किया गया। इसके ठीक एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। दोनों भूकंपों का केंद्र राजधानी काराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम स्थित तटीय क्षेत्र मोरोन के आसपास था। भूकंप की गहराई केवल 10 किलोमीटर होने के कारण इसका प्रभाव और अधिक विनाशकारी माना जा रहा है।

    भूकंप के झटके इतने तेज थे कि राजधानी काराकस सहित कई शहरों में लोग दहशत में घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई इमारतों में दरारें आ गईं जबकि कुछ भवन पूरी तरह ढह गए। स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में सड़कों पर मलबा और क्षतिग्रस्त मकान दिखाई दे रहे हैं।

    वेनेजुएला के गृह, न्याय और शांति मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने पुष्टि की कि देश के विभिन्न हिस्सों में नुकसान की खबरें मिली हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे फिलहाल इमारतों के अंदर जाने से बचें क्योंकि आफ्टरशॉक यानी भूकंप के बाद आने वाले झटकों का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं तथा प्रभावित इलाकों में आपातकालीन टीमें तैनात कर दी गई हैं।

    भूकंप का असर पड़ोसी देश कोलंबिया तक भी महसूस किया गया। वहां के कई शहरों में लोगों ने तेज झटकों की सूचना दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि नुकसान का वास्तविक आकलन आने वाले दिनों में ही हो पाएगा। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और राहत कार्यों में सहयोग के लिए तैयार हैं।

    वेनेजुएला इस समय अपने हालिया इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। पूरी दुनिया की नजर अब राहत और बचाव कार्यों पर टिकी हुई है, जबकि प्रभावित परिवारों के लिए वैश्विक स्तर पर संवेदनाएं और सहायता के संदेश लगातार सामने आ रहे हैं।

  • भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी नए दौर में प्रवेश करने को तैयार, ट्रेड एग्रीमेंट पर तेज हुई बातचीत

    भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी नए दौर में प्रवेश करने को तैयार, ट्रेड एग्रीमेंट पर तेज हुई बातचीत


    नई दिल्ली । भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर कूटनीतिक और आर्थिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाल ही में फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को नई गति मिली है। अब इस दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर इस सप्ताह नई दिल्ली पहुंच रहे हैं जहां वे केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अन्य वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों के साथ कई दौर की महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे।

    भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि जी7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच व्यापार क्षेत्रीय सुरक्षा और गहरी आर्थिक साझेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई थी। उनके अनुसार दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाया जाए तथा व्यापारिक सहयोग के नए अवसरों को बढ़ावा दिया जाए।

    इसी कड़ी में अब दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में बातचीत तेज हो गई है। लंबे समय से चल रही वार्ताओं के बाद दोनों पक्षों का मानना है कि समझौता लगभग तैयार है और अब केवल कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अंतिम सहमति बनना बाकी है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि वे नई दिल्ली में जैमीसन ग्रीर के स्वागत के लिए उत्साहित हैं और व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए पीयूष गोयल के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें निर्धारित की गई हैं।

    अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अनुसार जैमीसन ग्रीर भारत दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में ऐतिहासिक भारत-अमेरिका संयुक्त बयान और अंतरिम व्यापार समझौते से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। यह दौरा फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू की गई व्यापक व्यापार वार्ता प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

    हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने भी संकेत दिया था कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते पर सहमति बनने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। जी7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं।

    भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत होते रहे हैं। तकनीक मैन्युफैक्चरिंग ऊर्जा फार्मास्यूटिकल्स रक्षा और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रस्तावित व्यापार समझौता लागू होने के बाद निवेश बढ़ेगा व्यापारिक बाधाएं कम होंगी और दोनों देशों के उद्योगों को नए अवसर मिलेंगे।

    भारत दौरे के बाद जैमीसन ग्रीर उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे जहां वे वहां के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। हालांकि फिलहाल सबसे अधिक ध्यान नई दिल्ली में होने वाली उन बैठकों पर है जिनसे भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    दोनों देशों की सरकारें इस समझौते को केवल व्यापार तक सीमित नहीं मानतीं बल्कि इसे रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले कदम के रूप में देख रही हैं। यही कारण है कि नई दिल्ली में होने वाली ये बैठकें वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक हलकों में भी विशेष महत्व रखती हैं।

  • ट्रंप ने पीएम मोदी को बताया ‘महान और सख्त नेता’, भारत की आर्थिक तरक्की की भी की तारीफ

    ट्रंप ने पीएम मोदी को बताया ‘महान और सख्त नेता’, भारत की आर्थिक तरक्की की भी की तारीफ


    नई दिल्ली । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक रूप से सराहना की है। उन्होंने पीएम मोदी को महान नेता और बहुत सख्त इंसान बताते हुए उनकी नेतृत्व शैली और राजनीतिक क्षमता की प्रशंसा की। यह बयान उन्होंने अमेरिकी मीडिया प्लेटफॉर्म एक्सियोस को दिए एक इंटरव्यू के दौरान दिया, जिसमें वैश्विक नेतृत्व, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

    इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने कहा कि दुनिया के चुनिंदा नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे नेता हैं जिनकी वे सबसे अधिक इज्जत करते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी का लंबे समय से सत्ता में बने रहना और भारत जैसे विशाल लोकतंत्र का नेतृत्व करना उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ को दर्शाता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत जैसे देश में स्थिर नेतृत्व बनाए रखना आसान नहीं है, लेकिन पीएम मोदी ने यह काम सफलतापूर्वक किया है।

    ट्रंप ने आगे कहा कि पीएम मोदी बाहर से शांत स्वभाव के दिखाई देते हैं, लेकिन वास्तव में वह बेहद दृढ़ और सख्त निर्णय लेने वाले नेता हैं। उनके अनुसार, यही संयोजन उन्हें एक प्रभावशाली वैश्विक नेता बनाता है। उन्होंने यह भी कहा कि नेतृत्व के उच्च स्तर पर पहुंचने के लिए बुद्धिमत्ता और कठोर निर्णय क्षमता दोनों जरूरी हैं, और मोदी में यह दोनों गुण मौजूद हैं।

    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत की आर्थिक प्रगति का भी उल्लेख किया और कहा कि हाल के वर्षों में भारत ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने पीएम मोदी की नीतियों को इस विकास का एक महत्वपूर्ण कारण बताया। ट्रंप ने यह भी कहा कि मोदी अक्सर शांति और कूटनीति को प्राथमिकता देते हैं, जो उनके नेतृत्व को और अधिक प्रभावी बनाता है।

    इंटरव्यू में ट्रंप ने वैश्विक नेताओं की भूमिका पर चर्चा करते हुए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भी तारीफ की और दोनों नेताओं को मजबूत नेतृत्व का उदाहरण बताया। हालांकि, उन्होंने विशेष रूप से पीएम मोदी को ऐसे नेताओं में शामिल किया जिनकी अंतरराष्ट्रीय मंच पर सबसे अधिक पहचान और सम्मान है।

    गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2014 से भारत के प्रधानमंत्री हैं और लंबे समय से देश की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी भूमिका लगातार बढ़ी है।

    भारत और अमेरिका के संबंधों में भी पिछले वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, तकनीक और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है। हाउडी मोदी और नमस्ते ट्रंप जैसे बड़े कार्यक्रमों ने दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंधों को भी विशेष पहचान दी थी। ट्रंप की यह ताजा टिप्पणी एक बार फिर भारत-अमेरिका संबंधों और वैश्विक राजनीति में पीएम मोदी की भूमिका को चर्चा के केंद्र में ले आई है।

  • जसपाल राणा के निधन पर देश शोकाकुल, पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताया गहरा दुख

    जसपाल राणा के निधन पर देश शोकाकुल, पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताया गहरा दुख


    नई दिल्ली। भारतीय शूटिंग जगत के दिग्गज खिलाड़ी और कोच जसपाल राणा के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। 49 वर्ष की आयु में उनके निधन की खबर सामने आने के बाद खेल जगत, राजनीतिक नेतृत्व और उनके प्रशंसकों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के पदाधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए भारतीय खेलों में उनके योगदान को याद किया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। प्रधानमंत्री ने लिखा कि राणा ने शूटिंग में अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश का गौरव बढ़ाया और एक मार्गदर्शक के रूप में भी नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा का समर्पण, अनुशासन और खेलों के प्रति प्रतिबद्धता उन्हें हमेशा सम्मान दिलाती रहेगी। प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवार, मित्रों और खेल समुदाय के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी जसपाल राणा के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने वाले इस महान खिलाड़ी का अचानक निधन बेहद दुखद है। राजनाथ सिंह ने कहा कि जसपाल राणा न केवल एक उत्कृष्ट शूटर और कोच थे, बल्कि बेहद सरल, सहज और नेकदिल इंसान भी थे। उन्होंने भारत में शूटिंग को लोकप्रिय बनाने और युवा खिलाड़ियों को इस खेल की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि जसपाल राणा ने विश्व शूटिंग चैंपियनशिप और एशियाई खेलों जैसे बड़े मंचों पर भारत को स्वर्ण पदक दिलाकर देश का मान बढ़ाया। उनके अनुसार, राणा का जाना भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।

    भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा केवल एक चैंपियन खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि एक उत्कृष्ट मेंटोर भी थे। उन्होंने कहा कि भारतीय शूटिंग समुदाय को उनकी कमी हमेशा महसूस होगी और उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

    जसपाल राणा भारतीय शूटिंग के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए कई पदक जीते। खिलाड़ी के रूप में सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने कोचिंग में भी उल्लेखनीय योगदान दिया और कई युवा निशानेबाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाई।

    दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भारतीय शूटर मनु भाकर सहित कई शीर्ष खिलाड़ियों के करियर को संवारने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वर्तमान में वह भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में कार्यरत थे और भारतीय शूटिंग टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में जुटे हुए थे।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन से भारतीय खेल जगत ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसने अपने प्रदर्शन, नेतृत्व और मार्गदर्शन से भारतीय शूटिंग को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

  • मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर महाकाल दरबार में विशेष पूजन, भाजपा कार्यकर्ताओं ने की राष्ट्र समृद्धि की कामना

    मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर महाकाल दरबार में विशेष पूजन, भाजपा कार्यकर्ताओं ने की राष्ट्र समृद्धि की कामना


    मध्यप्रदेश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विशेष धार्मिक अनुष्ठान और पूजन-अर्चन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री के स्वस्थ, दीर्घायु और यशस्वी जीवन के साथ देश की प्रगति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की गई।

    महाकाल मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, बाल योगी उमेश नाथ, भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।

    कार्यक्रम के दौरान भगवान महाकाल का विधि-विधान से पूजन किया गया। साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों के तहत 108 जाप का आयोजन भी किया गया। श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य, सामाजिक समरसता और विकास की निरंतरता के लिए प्रार्थना की।

    भाजपा के मीडिया प्रभारी दिनेश जाटवा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 12 वर्षों का कार्यकाल पूरा किया है। इस अवसर को उपलब्धियों और जनसेवा के संकल्प के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित विशेष पूजा का उद्देश्य देश के विकास और जनकल्याण के लिए प्रार्थना करना है।

    उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में देश ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से गरीब कल्याण, आधारभूत संरचना के विस्तार, डिजिटल सेवाओं के विकास, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता जैसे क्षेत्रों में कार्य किए गए हैं। इन्हीं उपलब्धियों के उपलक्ष्य में भाजपा कार्यकर्ताओं ने महाकाल के दरबार में आकर आभार व्यक्त किया और राष्ट्र की निरंतर प्रगति की कामना की।

    धार्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुए इस आयोजन में कार्यकर्ताओं ने भगवान महाकाल के जयकारे लगाए और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में पूरे समय श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नेताओं ने कहा कि जनता के विश्वास और सहयोग से देश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

    उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है और राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण अवसरों पर यहां विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता रहा है। इसी परंपरा के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर यह धार्मिक आयोजन किया।

    कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की उन्नति, समाज के कल्याण और नागरिकों के सुख-समृद्धि की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।

  • किसानों के अनाज से सजी पीएम मोदी की भव्य रंगोली, 12 साल के कार्यकाल पर भोपाल में विशेष आयोजन

    किसानों के अनाज से सजी पीएम मोदी की भव्य रंगोली, 12 साल के कार्यकाल पर भोपाल में विशेष आयोजन


    मध्यप्रदेश । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने और देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी भोपाल में भाजपा द्वारा एक विशेष और अनूठा आयोजन किया गया। शहर के नीलबड़ स्थित दुर्गा माता मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों के अनाज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल और आकर्षक रंगोली बनाई गई, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

    इस आयोजन की पहल भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने की। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजन स्थल पर सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ताओं, किसानों और स्थानीय नागरिकों की बड़ी संख्या जुटने लगी थी। धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल के बीच प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को याद किया गया।

    कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण किसानों के अनाज से तैयार की गई रंगोली रही। इस रंगोली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया। रंगोली के निर्माण में विभिन्न प्रकार के अनाज का उपयोग किया गया, जो देश के अन्नदाताओं के सम्मान और कृषि क्षेत्र के महत्व को भी प्रदर्शित करता है। उपस्थित लोगों ने इस अनूठी कलाकृति की सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री और किसानों के बीच मजबूत संबंध का प्रतीक बताया।

    कार्यक्रम के दौरान सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इसके पश्चात मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती संपन्न हुई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की गई। श्रद्धालुओं ने देश की प्रगति, समृद्धि और विकास के लिए भी प्रार्थना की।

    विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए अनाज से रंगोली बनाकर अन्नदाता वर्ग की भावनाओं को भी सम्मान दिया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री के कार्यों के प्रति आभार व्यक्त करना और जनभागीदारी के माध्यम से उनके योगदान को याद करना था।

    उधर, भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहां ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, जिला अध्यक्ष रविंद्र यति, प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता के संदेश के साथ आयोजित यह कार्यक्रम भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण जनसंपर्क अभियान भी साबित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

  • 10 गोल्ड समेत 19 मेडल जीतकर भारत का शानदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने सराहा

    10 गोल्ड समेत 19 मेडल जीतकर भारत का शानदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने सराहा


    नई दिल्ली। 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 19 मेडल अपने नाम किए, जिनमें 10 गोल्ड, 5 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज शामिल हैं। टीम के इस बेहतरीन प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके प्रयासों की सराहना की।

    प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि यह प्रदर्शन भारतीय युवा एथलीटों के दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सफलता आने वाले समय में और अधिक युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करेगी।

    भारतीय टीम ने प्रतियोगिता के आखिरी दिन तीन गोल्ड मेडल जीतकर अपने अभियान का शानदार समापन किया। महिला 5,000 मीटर दौड़ में मुस्कान ने 16 मिनट 53.08 सेकंड का समय निकालकर बेहतरीन प्रदर्शन किया। वहीं पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में मोगली वेंकटराम रेड्डी ने 1 मिनट 48.27 सेकंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया।

    डिस्कस थ्रो में निश्चय ने 60.10 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता और इस दौरान नया नेशनल अंडर-20 रिकॉर्ड भी बनाया। इसके अलावा भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने शानदार तालमेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया और नया मीट रिकॉर्ड भी स्थापित किया। टीम ने 3 मिनट 38.07 सेकंड में रेस पूरी की, जो पहले के रिकॉर्ड से बेहतर था।

    इस रिले टीम में नीरू पाठक, भूमिका संजय नेहाते, ताहुरा खातून और सहनूर बावा शामिल थीं, जिन्होंने बेहतरीन समन्वय और गति का प्रदर्शन किया। वहीं पुरुष 4×400 मीटर रिले टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 मिनट 05.54 सेकंड का समय निकाला, जो पुराना रिकॉर्ड तोड़ने वाला था। हालांकि मजबूत प्रतिस्पर्धा के कारण टीम को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।

    इसके अलावा भारतीय महिला 4×100 मीटर रिले टीम ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया और 45.05 सेकंड का समय निकाला। इस टीम में काजल हीराभाई वाजा, भावना, आरती और निपम शामिल रहीं।

    इस प्रतियोगिता में भारत का समग्र प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि देश में युवा एथलीटों की नई पीढ़ी तेजी से उभर रही है। खासकर ट्रैक और फील्ड इवेंट्स में भारत की पकड़ मजबूत होती दिख रही है।

    हालांकि मेडल टैली के लिहाज से यह प्रदर्शन 2024 में दुबई में हुए संस्करण से थोड़ा पीछे रहा, लेकिन खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धियों और रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने भविष्य के लिए मजबूत उम्मीदें जगाई हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी की बधाई ने खिलाड़ियों के मनोबल को और बढ़ाया है, और यह प्रदर्शन भारत के एथलेटिक्स भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

  • मेरे लिए पहले से सोच चुके थे प्रधानमंत्री’, शिवराज सिंह चौहान की किताब से निकले राजनीतिक सफर के अहम खुलासे

    मेरे लिए पहले से सोच चुके थे प्रधानमंत्री’, शिवराज सिंह चौहान की किताब से निकले राजनीतिक सफर के अहम खुलासे

    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश की राजनीति में वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद हुए बड़े बदलावों ने उस समय व्यापक राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया था। लंबे समय तक राज्य की कमान संभालने के बाद सत्ता परिवर्तन और नए नेतृत्व के चयन को लेकर कई तरह की अटकलें सामने आई थीं। अब इन घटनाओं से जुड़ी कई अहम बातें सामने आई हैं, जिन्हें केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने अपनी नई पुस्तक में विस्तार से साझा किया है। राजनीतिक घटनाक्रमों से जुड़े इन अनुभवों ने एक बार फिर उस दौर की चर्चाओं को ताजा कर दिया है।

    अपनी पुस्तक में शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद से केंद्रीय राजनीति तक के सफर का जिक्र करते हुए कई व्यक्तिगत और राजनीतिक अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने लिखा कि विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत के बाद पार्टी ने राज्य में नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया था। उन्होंने इस बदलाव को संगठन का निर्णय मानते हुए पूरी सहजता के साथ स्वीकार किया। उनके अनुसार राजनीति में पद से अधिक महत्वपूर्ण संगठन और जिम्मेदारी होती है।

    पुस्तक में एक प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उनसे दिल्ली आने और बातचीत करने की बात कही थी। उस समय राजनीतिक चर्चा का केंद्र नए मुख्यमंत्री थे, लेकिन बाद में जब उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद की शपथ ली तो उन्हें एहसास हुआ कि उनके भविष्य को लेकर पहले से एक सोच तैयार की जा चुकी थी। उन्होंने लिखा कि बाद में यह स्पष्ट हुआ कि उनके लिए नई भूमिका को लेकर योजना पहले से तय थी।

    शिवराज सिंह चौहान ने अपने राजनीतिक जीवन के उस महत्वपूर्ण दौर का भी उल्लेख किया, जब मध्य प्रदेश में नए मुख्यमंत्री के रूप में Mohan Yadav के नाम की घोषणा हुई। उन्होंने लिखा कि स्वाभाविक रूप से ऐसी परिस्थितियों में भावनात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती थीं, लेकिन संगठन के संस्कार और पारिवारिक सीख ने उन्हें संयम बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने इसे एक कार्यकर्ता की वास्तविक परीक्षा बताया।

    उन्होंने अपनी पुस्तक में यह भी लिखा कि उनकी पार्टी अनुशासन और त्याग के सिद्धांतों पर आधारित है और वह किसी पद से जुड़े रहने की मानसिकता में विश्वास नहीं करते। उनके अनुसार संगठन जो जिम्मेदारी देता है, उसे स्वीकार करना ही एक कार्यकर्ता का कर्तव्य होता है। यही सोच उन्हें नए दायित्व की ओर आगे बढ़ाने में सहायक बनी।

    मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव को नई जिम्मेदारी की तरह लिया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने पूरे समर्पण के साथ चुनावी अभियान में काम किया और उन क्षेत्रों तक पहुंचे जहां पहले संगठन को सीमित सफलता मिली थी। चुनाव परिणामों को उन्होंने सामूहिक प्रयास और संगठन की शक्ति का परिणाम बताया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पुस्तक केवल व्यक्तिगत संस्मरण नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक दौर की अंदरूनी झलक भी पेश करती है। इससे सत्ता परिवर्तन, संगठनात्मक निर्णयों और नेतृत्व की प्रक्रिया को समझने का एक नया दृष्टिकोण सामने आता है।