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  • खरगे की टिप्पणी पर पीएम मोदी का जवाब, बोले- जीवन की अंतिम सांस तक देश और जनता की सेवा करता रहूंगा

    खरगे की टिप्पणी पर पीएम मोदी का जवाब, बोले- जीवन की अंतिम सांस तक देश और जनता की सेवा करता रहूंगा

    नई दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हालिया टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अपने जीवन की अंतिम सांस तक देश और जनता की सेवा करते रहेंगे। गुजरात के बनासकांठा जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने खरगे की टिप्पणी का जवाब दिया और विपक्ष पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अफवाह फैलाने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य देश के लोगों की सेवा करना है और वह जीवन के आखिरी क्षण तक इस काम में लगे रहेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनासकांठा जिले के भिलडी में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने करीब 14 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दे रही है।

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल देश के कठिन दौर से गुजरने पर भी राजनीतिक लाभ तलाशते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को लेकर विपक्ष ने लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की। मोदी ने कहा कि ईरान युद्ध के समय यह अफवाह फैलाई गई कि देश में किसानों को खाद नहीं मिलेगी और आम लोगों को LPG सिलेंडर की उपलब्धता में परेशानी होगी।

    प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस तरह के दावों का उद्देश्य सरकार को बदनाम करना था। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद केंद्र सरकार ने इसका आर्थिक बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया। सरकार ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए और कृषि क्षेत्र को समर्थन देने का प्रयास किया।

    मोदी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से छोटे किसानों को अब तक 4.5 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने इसे किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा किसानों के कल्याण को प्राथमिकता दी है।

    दरअसल, प्रधानमंत्री की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की 25 अक्टूबर को पटना में की गई टिप्पणी के बाद सामने आई है। खरगे बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने नारा लगाते हुए कहा था कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे।

    इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए खरगे ने कहा था कि मोदी का बाप भी जाएगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में विवाद शुरू हो गया था। अब गुजरात में प्रधानमंत्री मोदी ने जवाब देते हुए कहा कि वह अपनी अंतिम सांस तक भारत के लोगों की सेवा करते रहेंगे।

    प्रधानमंत्री के इस बयान को खरगे की टिप्पणी के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि अपने संबोधन में उन्होंने केवल व्यक्तिगत टिप्पणी तक बात सीमित नहीं रखी, बल्कि विपक्ष की राजनीति, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। गुजरात की सभा में विकास परियोजनाओं के साथ केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख भी उनके भाषण का प्रमुख हिस्सा रहा।

  • खरगे की टिप्पणी पर राजनाथ सिंह का पलटवार, बोले- प्रधानमंत्री मोदी को विचलित नहीं कर सकती ऐसी बयानबाजी

    खरगे की टिप्पणी पर राजनाथ सिंह का पलटवार, बोले- प्रधानमंत्री मोदी को विचलित नहीं कर सकती ऐसी बयानबाजी

    नई दिल्ली । केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से प्रधानमंत्री मोदी विचलित नहीं होंगे और न ही जनसेवा के प्रति उनका संकल्प कमजोर पड़ेगा। राजनाथ सिंह ने इस बयान को सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के अनुरूप नहीं बताते हुए राजनीतिक विरोध और व्यक्तिगत टिप्पणी के बीच अंतर बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

    राजनाथ सिंह ने सोमवार को इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रविवार को पटना में खरगे की ओर से की गई टिप्पणी से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में सबसे अधिक चिंताजनक बात यह है कि ऐसी टिप्पणी किसी सामान्य कार्यकर्ता या युवा नेता की ओर से नहीं, बल्कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से की गई है। उनके मुताबिक, इतने वरिष्ठ पद पर बैठे व्यक्ति से सार्वजनिक जीवन में अधिक संयम और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है।

    रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि खरगे के बयान से देश के करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि टिप्पणी के बाद कांग्रेस के कुछ नेताओं ने उसके शब्दों को उचित ठहराने की कोशिश की। राजनाथ सिंह के अनुसार, इस मामले में गलती स्वीकार कर खेद व्यक्त करने के बजाय बयान का बचाव करना लोगों की भावनाओं को और ठेस पहुंचा सकता है।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन व्यक्ति के व्यवहार में गंभीरता, संयम और मर्यादा दिखाई देनी चाहिए। यदि किसी राजनीतिक दल का शीर्ष नेतृत्व ही ऐसी भाषा का इस्तेमाल करता है, तो इससे उस पद की गरिमा और पार्टी की राजनीतिक संस्कृति पर सवाल उठते हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों से सार्वजनिक बहस में जिम्मेदार आचरण बनाए रखने की अपेक्षा जताई।

    राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध स्वाभाविक है और सरकार की नीतियों की आलोचना भी की जा सकती है। विपक्ष को नीतियों, फैसलों और कामकाज पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन असहमति को व्यक्तिगत अपमान में बदलना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री और उनके परिवार को निशाना बनाकर की जाने वाली टिप्पणियां राजनीतिक विमर्श की मर्यादा को प्रभावित करती हैं।

    रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भी पार्टी के कुछ नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री की साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर टिप्पणियां की जाती रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की मां के प्रति कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया। राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीति अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई है और इससे राजनीतिक संवाद का स्तर प्रभावित हो रहा है।

    उन्होंने कहा कि वैचारिक मतभेदों को व्यक्तिगत हमलों में बदलना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है। राजनीतिक दलों को सरकार के कामकाज की आलोचना करते समय शब्दों और व्यवहार की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। राजनाथ सिंह के अनुसार, किसी व्यक्ति या परिवार को अपमानित करने के बजाय नीतिगत मुद्दों पर चर्चा करना लोकतंत्र के लिए अधिक महत्वपूर्ण है।

    रक्षा मंत्री ने अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र में जनता राजनीतिक दलों और नेताओं के व्यवहार पर नजर रखती है। उनके मुताबिक, सार्वजनिक जीवन में दिए गए बयानों और अपनाए गए आचरण का जवाब समय आने पर जनता देती है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक असहमति के दौरान भी भाषा की मर्यादा और जिम्मेदारी बनाए रखना आवश्यक है।

    यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि इस तरह की टिप्पणियों से प्रधानमंत्री के जनसेवा के संकल्प पर असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे वैचारिक विरोध को व्यक्तिगत टिप्पणी का रूप देने से बचें और लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा बनाए रखें।

  • इंदौर में दिखा भाजपा कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन, तिरंगे के साथ जुटे हजारों लोग, मशाल लेकर अपनी विधानसभाओं के लिए निकले

    इंदौर में दिखा भाजपा कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन, तिरंगे के साथ जुटे हजारों लोग, मशाल लेकर अपनी विधानसभाओं के लिए निकले


    इंदौर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा जनकल्याण और सुशासन के प्रति आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से बुधवार को इंदौर में सेवा ज्योति संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विजय नगर स्थित आईडीए ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में शहर के अलग अलग विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और आम लोग पहुंचे। कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा और पार्टी के झंडे लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। इसके बाद सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन सुना। कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया।

    कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के साथ मंत्री तुलसी सिलावट सांसद शंकर लालवानी प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर सहित कई विधायक और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। विधायक रमेश मेंदोला गोलू शुक्ला मालिनी गौड़ उषा ठाकुर महेंद्र हार्डिया और मधु वर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा और जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता आईडीए ग्राउंड पहुंचे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मौजूद जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को विकसित भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन किया गया और सेवा ज्योति के प्रतीक के रूप में मशाल जलाई गई। विजयवर्गीय स्वयं मशाल लेकर विजय नगर थाने के सामने नवनिर्मित मशाल स्थल तक पहुंचे। यहां उन्होंने सेवा ज्योति प्रज्ज्वलित की। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाए और मशाल लेकर अपनी अपनी विधानसभा के लिए सेवा ज्योति यात्रा की शुरुआत की।

    भाजपा नेताओं के मुताबिक इस यात्रा में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र का रथ सबसे आगे रखा गया। उसके पीछे कार्यकर्ता मशाल लेकर आगे बढ़े। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बाइक से अपनी संबंधित विधानसभा क्षेत्रों की ओर रवाना हुए। यात्रा के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करने का संदेश दिया गया। इससे पहले प्रत्येक बूथ से कार्यकर्ता लाभार्थियों को साथ लेकर आईडीए ग्राउंड पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल पर सभी विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं के लिए अलग अलग ब्लॉक बनाए गए थे ताकि व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की जा सके।

    सेवा ज्योति यात्रा को भाजपा नेताओं ने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के कश्मीर आंदोलन से भी जोड़ा। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के मुताबिक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में धारा 370 के विरोध में आंदोलन किया था। भाजपा नेताओं ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने को उनके संकल्प की पूर्ति के रूप में प्रस्तुत किया। इसी भावना के साथ आईडीए ग्राउंड से मशाल को डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थल तक ले जाया गया जहां विशाल सेवा ज्योति मशाल स्थापित की गई।

    कार्यक्रम के दौरान एक अन्य घटनाक्रम भी सामने आया। अपनी मांगों को लेकर सफाईकर्मी आईडीए ग्राउंड पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम स्थल के अंदर प्रवेश करने का प्रयास भी किया। इस दौरान कुछ देर के लिए वहां हलचल की स्थिति बनी रही।

    आईडीए ग्राउंड पर विधानसभा क्षेत्र के अनुसार कार्यकर्ताओं के बैठने की व्यवस्था की गई थी। अलग अलग ब्लॉक में विधानसभा एक विधानसभा पांच विधानसभा तीन देपालपुर और महू के कार्यकर्ताओं के लिए स्थान निर्धारित किया गया था। दूसरी ओर विधानसभा दो राऊ विधानसभा चार और सांवेर के कार्यकर्ताओं के लिए अलग ब्लॉक बनाए गए थे। पूरे आयोजन के बाद कार्यकर्ता मशाल लेकर अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों की ओर रवाना हुए।

  • पीएम मोदी और राघव चड्ढा की मुलाकात से पंजाब की सियासत गरमाई, बीजेपी में अहम भूमिका मिलने की अटकलें तेज

    पीएम मोदी और राघव चड्ढा की मुलाकात से पंजाब की सियासत गरमाई, बीजेपी में अहम भूमिका मिलने की अटकलें तेज

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की शनिवार को हुई मुलाकात के बाद पंजाब की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। मुलाकात के बाद राघव चड्ढा ने इसे यादगार और ज्ञानवर्धक बातचीत बताया, जिसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य और पंजाब में संभावित भूमिका को लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं।

    राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद कहा कि उन्हें नरेंद्र मोदी से मिलने का अवसर मिला और दोनों के बीच विस्तृत तथा ज्ञानवर्धक बातचीत हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री के समय और उनसे मिले मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। हालांकि मुलाकात में किसी राजनीतिक जिम्मेदारी या भविष्य की रणनीति को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    राघव चड्ढा पहले आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं और पंजाब की राजनीति में पार्टी के विस्तार के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह राज्यसभा में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस साल की शुरुआत में उन्होंने आम आदमी पार्टी से अलग रुख अपनाते हुए कई अन्य सांसदों के साथ बीजेपी का रुख किया था। इसके बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य और बीजेपी में संभावित भूमिका को लेकर चर्चा होती रही है।

    पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी अपनी राजनीतिक गतिविधियों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे में राघव चड्ढा की पंजाब की राजनीति में समझ और उनकी शहरी छवि को पार्टी के लिए उपयोगी माना जा रहा है। खास तौर पर अमृतसर, लुधियाना और जालंधर जैसे प्रमुख शहरों में पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर सकती है। राघव चड्ढा का जालंधर से पारिवारिक संबंध भी बताया जाता है, जिससे पंजाब की स्थानीय राजनीति में उनकी पहचान को लेकर चर्चा और बढ़ जाती है।

    बीजेपी के सामने पंजाब में कई राजनीतिक चुनौतियां भी हैं। शिरोमणि अकाली दल से अलग राजनीतिक रास्ते पर आगे बढ़ने के बाद पार्टी को विभिन्न सामाजिक और कारोबारी समूहों के बीच अपनी स्थिति मजबूत करनी है। ऐसे में शहरी मतदाताओं, कारोबारी समुदाय और मध्यम वर्ग तक पहुंच बनाने के लिए राघव चड्ढा जैसे चेहरे की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि उनकी संभावित जिम्मेदारी को लेकर अभी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    इस मुलाकात से एक दिन पहले शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। लगातार हो रही इन राजनीतिक बैठकों को पंजाब के आगामी चुनावी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि इन मुलाकातों का अंतिम राजनीतिक असर आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।

    फिलहाल राघव चड्ढा की पीएम मोदी से मुलाकात ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है। बीजेपी में उनकी संभावित भूमिका, चुनावी रणनीति में उनकी भागीदारी और पंजाब के शहरी इलाकों में पार्टी के विस्तार को लेकर अटकलें जारी हैं। यदि पार्टी उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देती है, तो इसका असर राज्य के आगामी राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।

  • भारत का मेड-टेक इकोसिस्टम मजबूत, घरेलू विनिर्माण और सरकारी योजनाओं से वैश्विक बाजार में बढ़ रही देश की विश्वसनीयता

    भारत का मेड-टेक इकोसिस्टम मजबूत, घरेलू विनिर्माण और सरकारी योजनाओं से वैश्विक बाजार में बढ़ रही देश की विश्वसनीयता

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के तेजी से विकसित हो रहे मेडिकल टेक्नोलॉजी यानी मेड-टेक क्षेत्र की प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा है कि घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने, आयात पर निर्भरता घटाने और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं के कारण भारत वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद मेड-टेक साझेदार के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लक्ष्य को हासिल करने में मजबूत मेडिकल उपकरण उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

    प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारत का मेड-टेक क्षेत्र घरेलू उत्पादन बढ़ने और विभिन्न सरकारी पहलों के कारण लगातार मजबूत हो रहा है। मेडिकल उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव यानी पीएलआई योजना, मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा-मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य देश में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ तकनीकी विकास और निवेश को गति देना है।

    सरकार के अनुसार, पीएलआई योजना के तहत भारत में अब तक 50 से अधिक अत्याधुनिक मेडिकल उपकरणों का निर्माण शुरू हो चुका है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में विदेशी निवेश में भी वृद्धि देखी जा रही है। निवेश बढ़ने को मेडिकल उपकरण निर्माण क्षेत्र में बढ़ते भरोसे के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। घरेलू उत्पादन का विस्तार भारत को चिकित्सा उपकरणों के लिए केवल आयात आधारित बाजार के बजाय एक बड़े विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद कर सकता है।

    मेडिकल उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम होने से आपूर्ति शृंखला मजबूत होने और लागत घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसका असर उन्नत डायग्नोस्टिक उपकरणों, इमेजिंग सिस्टम, इम्प्लांट्स और आईसीयू में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की उपलब्धता पर भी पड़ सकता है। घरेलू स्तर पर इन उपकरणों का उत्पादन बढ़ने से स्वास्थ्य क्षेत्र में जरूरी तकनीक की पहुंच को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

    मेड-टेक क्षेत्र में नई तकनीकों के लिए भी व्यापक संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर ऐज ए मेडिकल डिवाइस, कनेक्टेड मेडिकल डिवाइस, रोबोटिक्स और रिमोट डायग्नोस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। इन तकनीकों का इस्तेमाल आने वाले समय में मरीजों की जांच, निगरानी और उपचार की प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, भारत का मेड-टेक बाजार करीब 15 से 16 अरब डॉलर का है और लगभग 12 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ रहा है। भारत एशिया का चौथा सबसे बड़ा मेडिकल टेक्नोलॉजी बाजार है और वैश्विक स्तर पर शीर्ष 20 बाजारों में शामिल है। बाजार के विस्तार से घरेलू कंपनियों, निवेशकों और तकनीकी क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

    सरकार नियामकीय ढांचे, परीक्षण सुविधाओं और क्लीनिकल डेटा से जुड़ी व्यवस्था को भी मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। इसका उद्देश्य मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भारत में निर्मित मेडिकल उपकरणों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बनाना है। बेहतर परीक्षण और गुणवत्ता व्यवस्था से भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजार में स्वीकार्यता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

    मेडिकल डिवाइस उद्योग के मजबूत होने से विनिर्माण और रोजगार के साथ निर्यात तथा तकनीकी विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालिया अनुमान के अनुसार, करीब 14 अरब डॉलर का भारतीय चिकित्सा उपकरण बाजार इस दशक के अंत तक 30 से 50 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। वर्ष 2047 तक इसके 250 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। ऐसे में घरेलू उत्पादन, अनुसंधान, निवेश और नई तकनीकों का विस्तार भारत को वैश्विक मेड-टेक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में आगे ले जा सकता है।

  • इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी का जलवा रिकॉर्ड व्यूज के बाद युवाओं के लिए जारी किया खास धन्यवाद संदेश

    इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी का जलवा रिकॉर्ड व्यूज के बाद युवाओं के लिए जारी किया खास धन्यवाद संदेश


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए देश के युवाओं और नागरिकों से संवाद स्थापित किया है। हाल ही में जारी उनके वीडियो संदेश को मिली अभूतपूर्व प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने नया वीडियो साझा कर सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। खास तौर पर युवाओं और जेन जी का धन्यवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों का स्नेह और सकारात्मक सुझाव उन्हें लगातार प्रेरित करते हैं तथा भविष्य में भी यह संवाद और अधिक मजबूती के साथ जारी रहेगा।

    अपने नए वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली रात देशवासियों से संवाद का अवसर मिला और जिस तरह लोगों ने वीडियो को देखा उस पर अपनी प्रतिक्रिया दी तथा सकारात्मक सुझाव साझा किए उसके लिए वह सभी के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है और आने वाले समय में भी यह रिश्ता लगातार मजबूत होता रहेगा। वीडियो के साथ साझा किए गए संदेश में भी प्रधानमंत्री ने युवाओं को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए लिखा कि जिन्होंने उनका वीडियो देखा और उस पर अपनी प्रतिक्रिया दी उनके प्रति वह आभार व्यक्त करते हैं।

    प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है जब उनका पिछला इंस्टाग्राम वीडियो सोशल मीडिया पर रिकॉर्ड व्यूज हासिल कर सुर्खियों में बना हुआ है। बताया जा रहा है कि वीडियो को पहले चौबीस घंटे के भीतर 30 करोड़ से अधिक बार देखा गया। इस असाधारण प्रतिक्रिया ने इसे इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले वीडियो में शामिल कर दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने वीडियो पर अपनी राय और सुझाव भी साझा किए जिससे यह सोशल मीडिया पर चर्चा का प्रमुख विषय बन गया।

    वीडियो की लोकप्रियता का असर प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी दिखाई दिया। रिकॉर्ड व्यूज के साथ उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर बड़ी संख्या में नए फॉलोअर्स जुड़े। इससे यह साफ हो गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री की पहुंच लगातार मजबूत बनी हुई है और युवाओं के बीच उनकी सक्रिय मौजूदगी पहले की तरह प्रभावी है।

    आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ऐसे वैश्विक राजनेता हैं जिन्होंने इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स का आंकड़ा पार किया है। सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता लंबे समय से चर्चा का विषय रही है और विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उनके वीडियो और संदेशों को बड़ी संख्या में लोग देखते और साझा करते हैं।

    सोशल मीडिया विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल माध्यम अब नेताओं और नागरिकों के बीच सीधे संवाद का सबसे प्रभावी मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री का ताजा वीडियो भी इसी बदलते दौर की एक मिसाल माना जा रहा है जहां कुछ ही घंटों में करोड़ों लोगों तक संदेश पहुंच गया। बड़ी संख्या में युवाओं ने वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर यह संकेत दिया कि सोशल मीडिया अब केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि जनसंवाद का भी महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन चुका है।

    प्रधानमंत्री के नए धन्यवाद संदेश को भी लोगों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उनके समर्थकों का कहना है कि जनता से सीधे संवाद की यह शैली लोकतांत्रिक सहभागिता को मजबूत बनाती है जबकि बड़ी संख्या में युवाओं ने इसे प्रेरणादायक पहल बताया है। रिकॉर्ड व्यूज और लगातार बढ़ती डिजिटल पहुंच के बीच प्रधानमंत्री का यह नया संदेश सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है।

  • न्यूजीलैंड में पीएम मोदी के स्वागत में उमड़ा भारतीय समुदाय, ऑकलैंड में हजारों प्रवासियों ने सांस्कृतिक उत्साह के साथ किया भव्य अभिनंदन

    न्यूजीलैंड में पीएम मोदी के स्वागत में उमड़ा भारतीय समुदाय, ऑकलैंड में हजारों प्रवासियों ने सांस्कृतिक उत्साह के साथ किया भव्य अभिनंदन


    नई दिल्ली । न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए भारतीय समुदाय का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। भारतीय मूल के हजारों लोग विशेष स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुए और पारंपरिक परिधानों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तथा देशभक्ति के नारों के साथ प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। कार्यक्रम स्थल पर भारतीय तिरंगे और न्यूजीलैंड के राष्ट्रीय ध्वज एक साथ लहराते दिखाई दिए, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते मैत्रीपूर्ण संबंधों और प्रवासी भारतीयों के गहरे भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बने।

    कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों का सांस्कृतिक रंग स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक सहित कई राज्यों की लोक परंपराओं और वेशभूषा ने आयोजन को विशेष पहचान दी। शास्त्रीय संगीत, लोकनृत्य और ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को उत्साह और देशभक्ति के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ‘मोदी-मोदी’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

    भारतीय समुदाय के कई सदस्यों ने कहा कि वे लंबे समय से इस यात्रा का इंतजार कर रहे थे। उनके अनुसार किसी भारतीय प्रधानमंत्री का इस प्रकार समुदाय के बीच आना उनके लिए गर्व और सम्मान का विषय है। लोगों ने विश्वास जताया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों के संबंधों को भी और मजबूत करेगी।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय समुदाय के आत्मीय स्वागत पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड में बसे भारतीयों का उत्साह और अपनापन भारत के प्रति उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

    ऑकलैंड पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री का गवर्नमेंट हाउस में औपचारिक स्वागत किया गया। इस अवसर पर न्यूजीलैंड की स्वदेशी माओरी परंपरा के अनुसार पारंपरिक पोहिरी समारोह आयोजित किया गया। यह सम्मान न्यूजीलैंड की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है और विशेष अतिथियों के स्वागत के लिए आयोजित किया जाता है। इस समारोह ने दोनों देशों के बीच पारस्परिक सम्मान और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की भावना को भी रेखांकित किया।

    प्रधानमंत्री की यह यात्रा कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लगभग चार दशकों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा है। इस दौरान व्यापार, निवेश, शिक्षा, रक्षा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई गति देने की भी उम्मीद जताई जा रही है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण के रूप में आयोजित यह दौरा भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवासी भारतीयों की सक्रिय भागीदारी और दोनों देशों के नेतृत्व के बीच बढ़ता संवाद भविष्य में द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। ऑकलैंड में दिखाई दिया उत्साह इस बात का संकेत है कि भारत और न्यूजीलैंड के संबंध केवल सरकारी स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों के बीच भी मजबूत विश्वास और आत्मीयता की नींव पर आगे बढ़ रहे हैं।

  • ऑकलैंड से पीएम मोदी का वैश्विक निवेशकों को संदेश, भारत को बताया दुनिया की विकास यात्रा का सबसे मजबूत लॉन्च पैड, रणनीतिक साझेदारी से खुलेंगे नए अवसर

    ऑकलैंड से पीएम मोदी का वैश्विक निवेशकों को संदेश, भारत को बताया दुनिया की विकास यात्रा का सबसे मजबूत लॉन्च पैड, रणनीतिक साझेदारी से खुलेंगे नए अवसर


    नई दिल्ली ।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान भारत को वैश्विक आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बताते हुए अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से भारत की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं है, बल्कि वैश्विक विकास के लिए एक मजबूत लॉन्च पैड बन चुका है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, स्थिर नीतियां, आधुनिक बुनियादी ढांचा और डिजिटल परिवर्तन भारत को निवेश के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक देशों में शामिल कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के संबंध एक नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी केवल कूटनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि साझा विकास और दीर्घकालिक सहयोग का नया आधार है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हाल के महीनों में हुए मुक्त व्यापार समझौते से व्यापार, निवेश, तकनीक, सेवाओं और प्रतिभा के आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी। उनका कहना था कि यह समझौता दोनों देशों के उद्योगों और निवेशकों के लिए अनेक नए अवसर लेकर आएगा।

    उन्होंने बताया कि भारत और न्यूजीलैंड ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही न्यूजीलैंड की ओर से भारत में दीर्घकालिक निवेश की प्रतिबद्धता दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे का संकेत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल पूंजी निवेश नहीं, बल्कि भारत के विकास और नवाचार की यात्रा में साझेदारी का प्रतीक है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बढ़ता मध्यम वर्ग, डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग और लगातार विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा भारत को वैश्विक निवेश का पसंदीदा गंतव्य बना रहे हैं। सरकार की सुधार आधारित नीतियों ने उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया है और निवेशकों को दीर्घकालिक स्थिरता का भरोसा दिया है।

    उन्होंने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई प्रमुख उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने वैश्विक कंपनियों को भारत में उत्पादन बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनने का निमंत्रण दिया।

    प्रधानमंत्री ने विमानन, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत का घरेलू विमानन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और दोनों देश कार्गो कॉरिडोर, बेहतर हवाई संपर्क तथा संयुक्त पर्यटन पैकेज विकसित कर सकते हैं। कृषि और बागवानी क्षेत्र में भी सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की विशेषज्ञता और भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार का संयोजन वैश्विक निर्यात के नए अवसर तैयार कर सकता है।

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने डिजिटल भुगतान, फिनटेक, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और स्मार्ट शहरों जैसे क्षेत्रों को भविष्य की साझेदारी का आधार बताया। उन्होंने कहा कि भारत में निजी भागीदारी के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र खोला जा चुका है और बड़ी संख्या में स्टार्टअप नवाचार को आगे बढ़ा रहे हैं। जल प्रबंधन, शहरी परिवहन, कचरा प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा दी जा सकती है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि मजबूत आर्थिक सहयोग, नवाचार और साझा निवेश के माध्यम से भारत और न्यूजीलैंड आने वाले वर्षों में वैश्विक विकास के महत्वपूर्ण साझेदार बनकर उभरेंगे।

  • न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय के स्नेह से भावुक हुए प्रधानमंत्री मोदी, बोले- चार दशक बाद भी भारत से जुड़ाव उतना ही मजबूत

    न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय के स्नेह से भावुक हुए प्रधानमंत्री मोदी, बोले- चार दशक बाद भी भारत से जुड़ाव उतना ही मजबूत

    नई दिल्ली । तीन देशों की विदेश यात्रा के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑकलैंड में गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। लगभग चार दशकों के अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा मानी जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय के स्नेह, अपनापन और भारत के प्रति उनके मजबूत जुड़ाव की सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीयों का अपने देश से भावनात्मक रिश्ता आज भी पूरी मजबूती के साथ कायम है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि न्यूजीलैंड में बसे भारतीयों का उत्साह और आत्मीयता उनके लिए बेहद भावुक करने वाला अनुभव रहा। उन्होंने उल्लेख किया कि लंबे समय बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री के आधिकारिक दौरे को लेकर वहां के भारतीय समुदाय में विशेष उत्साह देखने को मिला। उनके अनुसार यह केवल स्वागत का अवसर नहीं, बल्कि भारत और उसके प्रवासी नागरिकों के बीच गहरे सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों का भी प्रतीक है।

    ऑकलैंड पहुंचने पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने स्वयं एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। दोनों नेताओं की मुलाकात को भारत और न्यूजीलैंड के बीच बढ़ते सहयोग का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वागत के लिए न्यूजीलैंड सरकार और प्रधानमंत्री लक्सन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से होने वाली चर्चाओं को लेकर उत्साहित हैं।

    प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने, आर्थिक संबंधों को मजबूत करने, व्यापार, निवेश, शिक्षा, विज्ञान, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय समुदाय के साथ संवाद उनकी यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।

    प्रधानमंत्री के स्वागत को विशेष बनाने के लिए ऑकलैंड के प्रसिद्ध स्काई टावर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया। इस पहल को भारत और न्यूजीलैंड के बीच मित्रता तथा मजबूत होते संबंधों का प्रतीक माना गया। शहर में भारतीय समुदाय ने भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक स्वागत के माध्यम से प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक निकटता और आपसी सम्मान की झलक भी देखने को मिली।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा केवल कूटनीतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। न्यूजीलैंड में रहने वाला भारतीय समुदाय वहां के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री का यह दौरा प्रवासी भारतीयों के साथ भारत के संबंधों को और सुदृढ़ करने का अवसर भी माना जा रहा है।

    आगामी कार्यक्रमों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच द्विपक्षीय वार्ता होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा के साथ-साथ भविष्य की साझेदारी को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। यह यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखी जा रही है।

  • एमसीजी से पीएम मोदी का बड़ा संदेश: भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स रोडमैप लॉन्च, खेल साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार

    एमसीजी से पीएम मोदी का बड़ा संदेश: भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स रोडमैप लॉन्च, खेल साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के अंतिम दिन मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में भारत और ऑस्ट्रेलिया के खेल संबंधों को नई दिशा देने वाला भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलेबरेशन रोडमैप लॉन्च किया। इस अवसर पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने खेलों को दोनों देशों की दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी का मजबूत आधार बताते हुए भविष्य में सहयोग को और विस्तार देने का संकल्प जताया।

    एमसीजी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के युवा खिलाड़ियों से मुलाकात की। क्रिकेट, कबड्डी और ऑस्ट्रेलियन रूल्स फुटबॉल से जुड़े खिलाड़ियों ने उनसे बातचीत की, ऑटोग्राफ लिए और सामूहिक तस्वीरें खिंचवाईं। कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट कप्तान स्टीव वॉ और पूर्व महिला कप्तान लीसा स्टालेकर भी मौजूद रहीं।

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड हर भारतीय के लिए विशेष महत्व रखता है। यहां आते ही भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट मुकाबलों की यादें ताजा हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि साझा जुनून और मजबूत सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है।

    प्रधानमंत्री ने युवा खिलाड़ियों की ऊर्जा और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें देखकर भविष्य के चैंपियनों की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि खेल देशों को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं और भारत-ऑस्ट्रेलिया के संबंधों में खेलों की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है।

    स्पोर्ट्स कोलेबरेशन रोडमैप के तहत दोनों देश क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में भी सहयोग बढ़ाएंगे। इसमें स्पोर्ट्स ट्रेनिंग, खेल विज्ञान, तकनीक, खेल अवसंरचना, निवेश और प्रतिभा विकास जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में खेलों को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे खेलो इंडिया कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने भारत की 2036 ओलंपिक मेजबानी की महत्वाकांक्षा का भी जिक्र किया, जबकि 2032 ओलंपिक खेलों की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में होगी।

    उन्होंने यह भी घोषणा की कि बिग बैश लीग 2026-27 का उद्घाटन मुकाबला भारत के चेन्नई में आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन वैश्विक दर्शकों तक पहुंचने का बड़ा अवसर है और इससे दोनों देशों के खेल संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।

    कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी खेलों के साथ-साथ शिक्षा, नवाचार और युवा विकास जैसे क्षेत्रों में भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देश खेल भावना के साथ आगे बढ़ेंगे और “हम साथ खेलेंगे, हम साथ जीतेंगे” की भावना को और मजबूत करेंगे।