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  • महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़कर आजमाएं केसर का नुस्खा चेहरे की चमक के लिए ऐसे करें इस्तेमाल

    महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़कर आजमाएं केसर का नुस्खा चेहरे की चमक के लिए ऐसे करें इस्तेमाल


    नई दिल्ली। केसर का इस्तेमाल सदियों से खानपान के साथ साथ सौंदर्य देखभाल में भी किया जाता रहा है। इसकी खुशबू और रंग के अलावा इसमें मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिकों के कारण इसे त्वचा के लिए उपयोगी माना जाता है। खासतौर पर चेहरे की देखभाल में केसर का इस्तेमाल त्वचा को मुलायम बनाए रखने और चेहरे पर प्राकृतिक निखार लाने के लिए किया जाता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को चेहरे पर लगाने से पहले सावधानी जरूरी है।

    केसर को त्वचा की देखभाल में शामिल करने का एक आसान तरीका केसर वाला फेस पैक है। इसके लिए कुछ केसर के रेशों को थोड़े से दूध में भिगोकर रखा जा सकता है। कुछ समय बाद जब दूध में केसर का रंग उतर जाए तो इसे चेहरे पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। करीब दस से पंद्रह मिनट बाद चेहरे को सामान्य पानी से धो लें। इससे त्वचा पर नमी महसूस हो सकती है और चेहरे को फ्रेश लुक मिल सकता है।

    केसर को शहद के साथ मिलाकर भी फेस पैक तैयार किया जाता है। शहद त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है जबकि केसर को पारंपरिक रूप से त्वचा की रंगत और चमक से जोड़कर देखा जाता है। इसके लिए केसर के कुछ रेशों को थोड़े से शहद में मिलाकर चेहरे पर लगाया जा सकता है। कुछ देर बाद चेहरा धो लें। यदि त्वचा संवेदनशील है तो इस मिश्रण का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर रहेगा।

    केसर और एलोवेरा जेल का मिश्रण भी घरेलू स्किन केयर में इस्तेमाल किया जाता है। एलोवेरा त्वचा को ठंडक और नमी देने में मदद कर सकता है। वहीं केसर को इसके प्राकृतिक गुणों के कारण त्वचा की देखभाल में शामिल किया जाता है। दोनों को थोड़ी मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लगाया जा सकता है। इसे आंखों के आसपास लगाने से बचना चाहिए।

    केसर का इस्तेमाल करते समय मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है। ज्यादा केसर लगाने से ज्यादा फायदा मिलेगा ऐसा जरूरी नहीं है। प्राकृतिक चीज होने के बावजूद कुछ लोगों को इससे एलर्जी या जलन हो सकती है। इसलिए पहली बार इस्तेमाल करने से पहले हाथ या कान के पीछे थोड़ी मात्रा लगाकर पैच टेस्ट करना समझदारी है। जलन लालिमा खुजली या सूजन जैसी परेशानी महसूस हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

    चेहरे की चमक केवल किसी एक घरेलू नुस्खे पर निर्भर नहीं करती। पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना अच्छी नींद लेना और नियमित रूप से त्वचा की सफाई करना भी जरूरी है। दिन में बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना भी त्वचा की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

    केसर को स्किन केयर रूटीन में शामिल किया जा सकता है लेकिन इसे किसी इलाज का विकल्प नहीं समझना चाहिए। अगर चेहरे पर लगातार मुंहासे दाग खुजली या अन्य त्वचा संबंधी समस्या बनी हुई है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। घरेलू उपायों का इस्तेमाल सावधानी के साथ करने पर केसर आपकी सामान्य त्वचा देखभाल का एक हिस्सा बन सकता है।

  • ऑरेंज से चेहरे की देखभाल का आसान तरीका: विटामिन C से त्वचा को मिल सकता है नेचुरल निखार

    ऑरेंज से चेहरे की देखभाल का आसान तरीका: विटामिन C से त्वचा को मिल सकता है नेचुरल निखार


    नई दिल्ली। संतरा केवल स्वाद और सेहत के लिए ही फायदेमंद फल नहीं माना जाता बल्कि इसमें मौजूद विटामिन C और कई एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की देखभाल में भी उपयोगी हो सकते हैं। संतरे को डाइट में शामिल करने के साथ इसके गूदे और छिलके का इस्तेमाल कुछ घरेलू स्किन केयर तरीकों में किया जाता है। नियमित और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर त्वचा अधिक फ्रेश और स्वस्थ नजर आ सकती है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।

    संतरे में विटामिन C अच्छी मात्रा में पाया जाता है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट है जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में भूमिका निभाता है। संतरे का सेवन शरीर को विटामिन C उपलब्ध कराता है और यह सामान्य कोलेजन निर्माण के लिए भी जरूरी पोषक तत्व है। कोलेजन त्वचा की संरचना को बनाए रखने में मदद करता है। इसी वजह से संतरे जैसे विटामिन C युक्त फलों को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाना स्किन हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है।

    अगर आप संतरे को त्वचा पर इस्तेमाल करना चाहते हैं तो सबसे आसान तरीका संतरे के गूदे को हल्के हाथों से चेहरे पर लगाना हो सकता है। संतरे के गूदे को मैश करके चेहरे पर पतली परत लगाएं और कुछ मिनट बाद सामान्य पानी से धो लें। इसके बाद हल्का मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है। चेहरे पर किसी भी तरह की जलन या खुजली महसूस हो तो तुरंत इसे धो दें और दोबारा इस्तेमाल न करें।

    संतरे के छिलके का पाउडर भी घरेलू फेस पैक में इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए सूखे संतरे के छिलके का बारीक पाउडर लेकर उसमें दही या एलोवेरा जेल मिलाया जा सकता है। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाकर थोड़ी देर के लिए छोड़ें और फिर पानी से साफ कर लें। यह तरीका त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि खट्टे फलों से कुछ लोगों की त्वचा में जलन या लालिमा हो सकती है।

    संतरे के रस को सीधे चेहरे पर लगाना हर किसी के लिए सही नहीं माना जा सकता। खट्टे फलों में मौजूद एसिड कुछ लोगों की त्वचा में जलन पैदा कर सकता है और धूप के संपर्क में आने पर संवेदनशीलता बढ़ सकती है। इसलिए संतरे के रस को बिना सोचे समझे चेहरे पर लगाने के बजाय सुरक्षित और सौम्य स्किन केयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। यदि आप घरेलू नुस्खा आजमाना चाहते हैं तो पहले हाथ या कान के पीछे छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करें।

    ऑरेंज स्किन केयर का फायदा केवल बाहर से लगाने तक सीमित नहीं है। संतरे को खाने से शरीर को विटामिन C और पानी के साथ कई अन्य पोषक तत्व मिलते हैं। संतुलित आहार में संतरा शामिल करने के साथ पर्याप्त पानी पीना नींद पूरी करना और त्वचा को धूप से बचाना भी जरूरी है। दिन में बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना स्किन केयर रूटीन का अहम हिस्सा है।

    अगर त्वचा पर लगातार दाने लालिमा खुजली या जलन की समस्या रहती है तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। संतरा स्किन केयर का एक सहायक हिस्सा हो सकता है लेकिन इसे किसी बीमारी या त्वचा की गंभीर समस्या का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। सही खानपान नियमित देखभाल और त्वचा के प्रकार के अनुसार उत्पादों का चुनाव ही स्वस्थ त्वचा के लिए अधिक महत्वपूर्ण है।

  • चेहरे की dullness दूर करने में काम आ सकता है चावल जानिए कैसे बनाएं आसान घरेलू स्किन केयर

    चेहरे की dullness दूर करने में काम आ सकता है चावल जानिए कैसे बनाएं आसान घरेलू स्किन केयर


    नई दिल्ली। चेहरे की खूबसूरती और निखार के लिए लोग अक्सर महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों से भी त्वचा की देखभाल की जा सकती है। चावल ऐसी ही चीज है जिसका इस्तेमाल लंबे समय से त्वचा की देखभाल से जुड़े घरेलू नुस्खों में किया जाता रहा है। चावल में मौजूद स्टार्च और कुछ पोषक तत्व त्वचा को मुलायम महसूस कराने और चेहरे की सफाई में मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि राइस वॉटर और चावल से बने फेस पैक को घरेलू स्किन केयर रूटीन में शामिल करने का चलन बढ़ रहा है।

    चावल से स्किन केयर करने का सबसे आसान तरीका राइस वॉटर है। इसके लिए चावल को अच्छी तरह धोकर पानी में कुछ समय के लिए भिगोया जा सकता है। इसके बाद उस पानी को अलग करके चेहरे की सफाई के बाद इस्तेमाल किया जा सकता है। राइस वॉटर को चेहरे पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है और कुछ समय बाद सामान्य पानी से चेहरा धोया जा सकता है। इससे त्वचा साफ और फ्रेश महसूस हो सकती है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को पहली बार इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है।

    चावल से फेस पैक भी तैयार किया जा सकता है। इसके लिए चावल को अच्छी तरह पकाकर या भिगोकर उसका मुलायम पेस्ट तैयार किया जा सकता है। इसमें जरूरत के अनुसार एलोवेरा जेल या दही जैसी चीज मिलाई जा सकती है। तैयार मिश्रण को चेहरे पर हल्की परत के रूप में लगाया जा सकता है। कुछ समय बाद चेहरे को सामान्य पानी से धो लेना चाहिए। यह उपाय त्वचा को मुलायम और हाइड्रेटेड महसूस कराने में मदद कर सकता है।

    अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी रहती है तो चावल के पेस्ट में थोड़ा दही मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं तैलीय त्वचा वाले लोग बहुत भारी सामग्री मिलाने से बचें। चेहरे पर किसी भी घरेलू मिश्रण को रगड़कर लगाने के बजाय हल्के हाथों से लगाना बेहतर होता है। ज्यादा रगड़ने से त्वचा में जलन या लालिमा हो सकती है।

    चावल से स्किन केयर करते समय यह समझना जरूरी है कि घरेलू नुस्खे किसी गंभीर त्वचा समस्या का इलाज नहीं हैं। अगर चेहरे पर लगातार मुंहासे खुजली जलन लाल चकत्ते या किसी तरह की एलर्जी है तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए।

    राइस स्किन केयर का फायदा पाने के लिए नियमितता के साथ त्वचा की मूल जरूरतों का भी ध्यान रखना जरूरी है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना धूप में निकलते समय सनस्क्रीन लगाना और चेहरे की साफ सफाई बनाए रखना त्वचा की देखभाल के अहम हिस्से हैं। चावल से बने घरेलू उपाय त्वचा को कुछ समय के लिए मुलायम और फ्रेश महसूस करा सकते हैं लेकिन इन्हें चमत्कारी उपचार नहीं समझना चाहिए। सही तरीके और सावधानी के साथ चावल को एक सरल घरेलू स्किन केयर विकल्प के तौर पर आजमाया जा सकता है।

  • नींबू और शहद से चेहरे की देखभाल करते हैं तो पहले जान लें ये बातें वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

    नींबू और शहद से चेहरे की देखभाल करते हैं तो पहले जान लें ये बातें वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान


    नई दिल्ली। चेहरे की खूबसूरती और ग्लो के लिए लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स के साथ घरेलू नुस्खों का भी सहारा लेते हैं। नींबू और शहद ऐसा ही एक घरेलू कॉम्बिनेशन है जिसका इस्तेमाल लंबे समय से त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता रहा है। शहद को त्वचा के लिए मॉइस्चराइजिंग गुणों वाला घरेलू घटक माना जाता है जबकि नींबू में विटामिन सी और साइट्रिक एसिड पाया जाता है। यही वजह है कि कई लोग इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा में निखार आने की उम्मीद करते हैं। हालांकि यहां सबसे जरूरी बात यह है कि नींबू का रस सीधे चेहरे पर लगाना हर व्यक्ति के लिए सही नहीं होता।

    अगर आप नींबू और शहद को स्किन केयर में शामिल करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी त्वचा की संवेदनशीलता को समझना जरूरी है। संवेदनशील या पहले से irritated skin पर नींबू जलन लालिमा खुजली या चुभन बढ़ा सकता है। नींबू जैसे citrus fruits का रस त्वचा पर लगने के बाद धूप के संपर्क में आने पर कुछ लोगों में phototoxic reaction भी हो सकता है। इस स्थिति में त्वचा पर लाल चकत्ते जलन सूजन या बाद में गहरे निशान दिखाई दे सकते हैं।

    इसीलिए नींबू को सीधे चेहरे पर रगड़ने या लंबे समय तक लगाकर रखने से बचना बेहतर है। अगर किसी घरेलू मिश्रण का इस्तेमाल करना ही चाहते हैं तो पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना जरूरी है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी नए स्किन केयर प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले छोटे हिस्से पर टेस्ट करने की सलाह देती है ताकि संभावित irritation का पता लगाया जा सके।

    शहद को लेकर भी यह समझना जरूरी है कि प्राकृतिक होने का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति की त्वचा पर यह एक जैसा काम करेगा। किसी भी घरेलू मिश्रण को चेहरे पर लगाने से पहले उसकी थोड़ी मात्रा का परीक्षण किया जा सकता है। अगर जलन खुजली लालिमा या सूजन महसूस हो तो इसे तुरंत धो देना चाहिए और दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

    अगर आपका मकसद चेहरे को साफ और healthy रखना है तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय एक सरल स्किन केयर रूटीन ज्यादा उपयोगी हो सकता है। चेहरे को mild cleanser से साफ करना मॉइस्चराइजर लगाना और दिन में sunscreen का इस्तेमाल करना त्वचा की सामान्य देखभाल का हिस्सा हो सकता है। खासकर अगर नींबू या कोई citrus ingredient त्वचा के संपर्क में आ गया है तो धूप से बचना और त्वचा को अच्छी तरह धोना जरूरी है।

    नींबू और शहद से तुरंत गोरा होने या दाग धब्बे पूरी तरह खत्म होने जैसे दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। त्वचा की रंगत और pigmentation कई कारणों से प्रभावित होती है और हर व्यक्ति की त्वचा अलग तरह से प्रतिक्रिया करती है। अगर चेहरे पर लगातार दाग धब्बे मुंहासे जलन या pigmentation की समस्या बनी हुई है तो घरेलू प्रयोगों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।

    इसलिए नींबू और शहद को स्किन केयर का चमत्कारी नुस्खा मानने के बजाय सावधानी के साथ देखना चाहिए। खासतौर पर नींबू को सीधे चेहरे पर लगाने से बचना बेहतर है क्योंकि फायदा पाने की कोशिश में त्वचा को irritation या धूप से होने वाली प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ सकता है। स्वस्थ त्वचा के लिए gentle products नियमित moisturization और पर्याप्त sun protection को प्राथमिकता देना ज्यादा सुरक्षित तरीका है।

  • ग्लोइंग स्किन के लिए महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं, हल्दी के ये घरेलू उपाय आएंगे काम

    ग्लोइंग स्किन के लिए महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं, हल्दी के ये घरेलू उपाय आएंगे काम


    नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई साफ और चमकदार त्वचा चाहता है लेकिन धूल मिट्टी प्रदूषण तेज धूप और बदलते मौसम के कारण त्वचा की प्राकृतिक चमक कम होने लगती है। ऐसे में लोग कई तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों को भी त्वचा की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। हल्दी इन्हीं चीजों में शामिल है। भारतीय घरों में हल्दी का इस्तेमाल लंबे समय से घरेलू देखभाल और पारंपरिक सौंदर्य उपायों में किया जाता है। इसमें करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है जिसे एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुणों से जोड़ा जाता है।

    स्किन केयर में हल्दी का इस्तेमाल कई तरह से किया जा सकता है। अगर त्वचा रूखी और बेजान नजर आ रही है तो हल्दी में दही या शहद मिलाकर फेस पैक तैयार किया जा सकता है। दही त्वचा को मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकता है जबकि शहद त्वचा में नमी बनाए रखने के लिए जाना जाता है। इस मिश्रण को चेहरे पर हल्की परत के रूप में लगाकर कुछ मिनट के लिए छोड़ सकते हैं और फिर सामान्य पानी से धो सकते हैं। इसके बाद त्वचा के प्रकार के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाना बेहतर रहता है।

    ऑयली स्किन वाले लोग हल्दी के साथ बेसन का इस्तेमाल कर सकते हैं। बेसन को पारंपरिक रूप से त्वचा की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हल्दी और बेसन में थोड़ा पानी या गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बनाया जा सकता है। इसे चेहरे पर लगाते समय त्वचा को जोर से रगड़ने से बचना चाहिए। सूखने के बाद इसे धीरे से साफ करना चाहिए। इससे त्वचा साफ और फ्रेश महसूस हो सकती है।

    हल्दी का इस्तेमाल करते समय मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है। बहुत ज्यादा हल्दी लगाने से त्वचा पर पीला रंग दिखाई दे सकता है और कुछ लोगों की संवेदनशील त्वचा पर जलन या लालिमा भी हो सकती है। इसलिए पहली बार इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है। अगर खुजली जलन या लालिमा दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

    यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि हल्दी कोई जादुई स्किन केयर उपचार नहीं है। दाग धब्बे मुंहासे या त्वचा से जुड़ी किसी गंभीर समस्या में केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना ज्यादा उचित है। साथ ही दिन में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना त्वचा की देखभाल का अहम हिस्सा है।

    हल्दी को स्किन केयर रूटीन में शामिल करते समय अपनी त्वचा के प्रकार और उसकी संवेदनशीलता को ध्यान में रखना चाहिए। सही तरीके और सीमित मात्रा में इस्तेमाल करने पर यह घरेलू स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बन सकती है। चमकदार त्वचा के लिए पर्याप्त पानी पीना संतुलित खानपान पूरी नींद और नियमित त्वचा की सफाई भी उतनी ही जरूरी है।

  • नीम से निखरेगी त्वचा और ऑयलीनेस पर भी लगेगी लगाम? चेहरे पर लगाने से पहले जान लें सही तरीका और जरूरी सावधानियां

    नीम से निखरेगी त्वचा और ऑयलीनेस पर भी लगेगी लगाम? चेहरे पर लगाने से पहले जान लें सही तरीका और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली । आज के समय में धूल मिट्टी प्रदूषण तेज धूप और लगातार बदलती लाइफस्टाइल का असर सबसे पहले त्वचा पर दिखाई देता
    है। चेहरे पर ऑयलीनेस पिंपल छोटे दाने और त्वचा की थकान जैसी परेशानियां आम हो गई हैं। ऐसे में लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स के साथ घरेलू नुस्खों की ओर भी रुख करते हैं। नीम इन्हीं पारंपरिक घरेलू उपायों में शामिल है। नीम की पत्तियों का इस्तेमाल लंबे समय से त्वचा की साफ सफाई के लिए किया जाता रहा है। हालांकि इसे किसी त्वचा रोग का पक्का इलाज मानने के बजाय एक घरेलू स्किन केयर विकल्प के तौर पर ही इस्तेमाल करना बेहतर है।

    अगर आपकी त्वचा बहुत ऑयली है तो नीम की साफ और ताजी पत्तियों को अच्छी तरह धोकर हल्का पीसकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें जरूरत के अनुसार पानी मिलाकर पतला पेस्ट बनाया जा सकता है। इसे चेहरे पर बहुत मोटी परत में लगाने के बजाय हल्की परत लगाएं और थोड़ी देर बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें। इसके बाद त्वचा को रगड़ने के बजाय मुलायम तौलिए से हल्के हाथों से सुखाएं। त्वचा में रूखापन महसूस हो तो हल्का नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है। त्वचा को जरूरत से ज्यादा सुखाना भी ठीक नहीं है क्योंकि अत्यधिक ड्राई और इरिटेटेड त्वचा परेशानी बढ़ा सकती है।

    नीम का इस्तेमाल करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। किसी को घरेलू नुस्खा आराम दे सकता है तो किसी की त्वचा पर जलन लालिमा खुजली या सूखापन हो सकता है। इसलिए पूरे चेहरे पर लगाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर है। अगर जलन या खुजली महसूस हो तो तुरंत इसे धो दें और दोबारा इस्तेमाल न करें। नीम में नींबू बेकिंग सोडा टूथपेस्ट या किसी तेज रसायन को मिलाकर लगाने से बचना चाहिए। त्वचा को ज्यादा रगड़ना या बार बार नए नुस्खे आजमाना भी नुकसान पहुंचा सकता है। विशेषज्ञ भी मुंहासों वाली त्वचा पर स्क्रबिंग और ऐसी चीजों से बचने की सलाह देते हैं जो त्वचा को इरिटेट कर सकती हैं।

    अगर चेहरे पर कभी कभार छोटे पिंपल निकलते हैं तो नीम आधारित हल्की देखभाल के साथ चेहरे को दिन में जरूरत के अनुसार सौम्य क्लींजर से साफ रखना ज्यादा जरूरी है। मेकअप और स्किन केयर प्रोडक्ट चुनते समय ऑयल फ्री और नॉन कॉमेडोजेनिक विकल्पों को प्राथमिकता दी जा सकती है। दिन में सनस्क्रीन लगाना भी स्किन केयर रूटीन का अहम हिस्सा है। खासकर अगर मुंहासों के बाद चेहरे पर काले दाग रह जाते हैं तो धूप से बचाव जरूरी हो जाता है।

    हालांकि अगर पिंपल लगातार निकल रहे हैं चेहरे पर दर्दनाक गांठें बन रही हैं या मुंहासों के बाद दाग और निशान बढ़ते जा रहे हैं तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसे मामलों में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार मुंहासों के इलाज में कई प्रमाणित टॉपिकल उपचार उपलब्ध हैं और सही उपचार का चुनाव त्वचा की स्थिति और मुंहासों की गंभीरता के आधार पर किया जाता है।

    इसलिए नीम को स्किन केयर रूटीन में शामिल करना हो तो इसे सरल और सीमित तरीके से इस्तेमाल करें। चेहरे पर कुछ भी लगाने से पहले अपनी त्वचा की संवेदनशीलता को समझना जरूरी है। खूबसूरत त्वचा के लिए किसी एक घरेलू नुस्खे से ज्यादा जरूरी है नियमित सफाई पर्याप्त मॉइस्चराइजिंग धूप से सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह। नीम आपकी घरेलू देखभाल का हिस्सा हो सकता है लेकिन स्वस्थ त्वचा के लिए पूरी स्किन केयर रूटीन का विकल्प नहीं है।

  • चेहरे की थकान और रूखेपन का आसान इलाज है खीरा, ग्लोइंग स्किन के लिए ऐसे बनाएं घरेलू नुस्खा

    चेहरे की थकान और रूखेपन का आसान इलाज है खीरा, ग्लोइंग स्किन के लिए ऐसे बनाएं घरेलू नुस्खा


    नई दिल्ली । खीरा गर्मियों में शरीर को ठंडक देने वाली सब्जियों में गिना जाता है लेकिन इसका इस्तेमाल केवल खाने तक सीमित नहीं है। त्वचा की देखभाल के लिए भी खीरे का इस्तेमाल लंबे समय से घरेलू उपाय के तौर पर किया जाता रहा है। खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है और इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे त्वचा को तरोताजा रखने वाली प्राकृतिक चीजों में शामिल किया जाता है। खासतौर पर धूप और गर्मी के कारण चेहरा थका हुआ और बेजान नजर आने लगे तो खीरे का इस्तेमाल त्वचा को ठंडक देने में मदद कर सकता है।

    खीरे का सबसे आसान इस्तेमाल इसका रस चेहरे पर लगाना है। इसके लिए खीरे को अच्छी तरह धोकर उसका रस निकाला जा सकता है। कॉटन की मदद से इसे चेहरे पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। कुछ देर बाद चेहरे को सामान्य पानी से धो लें। इससे त्वचा को ताजगी महसूस हो सकती है। हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी घरेलू चीज को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले थोड़ी मात्रा में पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए।

    खीरे के टुकड़ों को सीधे चेहरे पर लगाने का तरीका भी काफी आसान है। ठंडे खीरे के पतले टुकड़े आंखों के आसपास कुछ देर रखने से थकी हुई आंखों और आसपास की त्वचा को ठंडक मिल सकती है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने या पर्याप्त आराम न मिलने के कारण आंखों के आसपास थकान दिखाई दे तो यह तरीका कुछ लोगों को आरामदायक लग सकता है। हालांकि आंखों में खीरे का रस जाने से बचना चाहिए।

    खीरे का फेस पैक भी घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। खीरे को पीसकर उसमें एलोवेरा जेल मिलाकर चेहरे पर लगाया जा सकता है। यह मिश्रण त्वचा को ठंडक और नमी देने में मदद कर सकता है। अगर त्वचा बहुत संवेदनशील है तो नींबू या दूसरे तेज पदार्थ मिलाने से बचना बेहतर है क्योंकि इससे जलन या संवेदनशीलता बढ़ सकती है।

    रूखी त्वचा वाले लोग खीरे के साथ ऐसा प्राकृतिक मॉइस्चराइजिंग मिश्रण इस्तेमाल कर सकते हैं जो त्वचा को अतिरिक्त नमी देने में मदद करे। वहीं तैलीय त्वचा में भी खीरे का इस्तेमाल चेहरे को ताजा महसूस कराने के लिए किया जा सकता है। लेकिन यह समझना जरूरी है कि खीरा किसी गंभीर त्वचा समस्या जैसे मुहांसे संक्रमण या एलर्जी का इलाज नहीं है।

    त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए केवल बाहरी उपायों पर निर्भर रहना भी सही नहीं है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना अच्छी नींद लेना और धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना भी जरूरी है। चेहरे को साफ रखना और बार बार हाथ लगाने से बचना भी त्वचा की देखभाल का अहम हिस्सा है।

    अगर खीरा लगाने के बाद चेहरे पर लालिमा जलन खुजली या सूजन दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए। लगातार बनी रहने वाली त्वचा संबंधी समस्या में त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है। कुल मिलाकर खीरा त्वचा की नियमित देखभाल में एक आसान और कम खर्च वाला घरेलू विकल्प हो सकता है जो त्वचा को ताजगी और ठंडक का एहसास देने में मदद कर सकता है।

  • चेहरे की डलनेस और टैनिंग से परेशान हैं तो आजमाएं पपीता: जानें त्वचा को ग्लो देने का आसान और असरदार तरीका

    चेहरे की डलनेस और टैनिंग से परेशान हैं तो आजमाएं पपीता: जानें त्वचा को ग्लो देने का आसान और असरदार तरीका


    नई दिल्ली । चेहरे की खूबसूरती और त्वचा की चमक बनाए रखने के लिए लोग अक्सर महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार घर में मौजूद सामान्य चीजें भी त्वचा की देखभाल में मददगार साबित हो सकती हैं। पपीता इन्हीं चीजों में शामिल है। यह स्वादिष्ट फल सेहत के साथ त्वचा के लिए भी उपयोगी माना जाता है। इसमें पपेन नामक एंजाइम और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि पपीते का इस्तेमाल कई घरेलू स्किन केयर रूटीन में किया जाता है।

    अगर त्वचा बेजान नजर आती है या चेहरे पर जमा डेड स्किन के कारण प्राकृतिक चमक कम हो गई है तो पके हुए पपीते का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए पपीते को अच्छी तरह मैश करके चेहरे पर हल्की परत के रूप में लगाया जा सकता है। इसे आंखों और होंठों के आसपास लगाने से बचना चाहिए। कुछ मिनट बाद चेहरे को सामान्य पानी से साफ किया जा सकता है। इसके बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर लगाना बेहतर रहता है। पपीते में मौजूद एंजाइम त्वचा की ऊपरी परत पर मौजूद मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकते हैं जिससे चेहरा साफ और मुलायम महसूस हो सकता है।

    पपीते को शहद या दही जैसी चीजों के साथ मिलाकर फेस पैक के रूप में इस्तेमाल करने का चलन भी है। शहद त्वचा को मॉइस्चराइज करने में मदद कर सकता है जबकि दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को एक्सफोलिएट करने में सहायक हो सकता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है। खासतौर पर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।

    पपीते का इस्तेमाल करते समय यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि इसे बहुत ज्यादा देर तक चेहरे पर लगाकर न रखें। बार बार या जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन करने से त्वचा में जलन और रूखापन बढ़ सकता है। अगर चेहरे पर पहले से कट लगा हो या त्वचा पर जलन हो रही हो तो ऐसे समय में पपीते का प्रयोग करने से बचना चाहिए। किसी नए स्किन केयर उपाय को अपनाते समय त्वचा की प्रतिक्रिया पर नजर रखना सबसे जरूरी है।

    अगर चेहरे की देखभाल के साथ पपीते को डाइट में भी शामिल किया जाए तो यह संतुलित खानपान का हिस्सा बन सकता है। इसमें विटामिन ए और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि केवल पपीता खाने या चेहरे पर लगाने से त्वचा की सभी समस्याएं खत्म होने की गारंटी नहीं है। लगातार मुंहासे दाग धब्बे खुजली या गंभीर त्वचा समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है। सही स्किन केयर रूटीन संतुलित खानपान पर्याप्त पानी और धूप से बचाव के साथ त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

  • चेहरे की डलनेस और टैनिंग से परेशान हैं तो पपीता आजमाएं, स्किन केयर में ऐसे करें इस्तेमाल

    चेहरे की डलनेस और टैनिंग से परेशान हैं तो पपीता आजमाएं, स्किन केयर में ऐसे करें इस्तेमाल


    नई दिल्ली ।
    पपीता सिर्फ स्वादिष्ट फल ही नहीं बल्कि स्किन केयर के लिए भी एक आसान घरेलू विकल्प माना जाता है। अगर चेहरा बेजान नजर आने लगा है त्वचा पर टैनिंग दिखाई दे रही है या स्किन की चमक कम हो गई है तो पपीते का इस्तेमाल किया जा सकता है। पपीते में पपेन नामक एंजाइम पाया जाता है जो त्वचा की सतह पर जमा मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा इसमें विटामिन ए और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं जो त्वचा की देखभाल में उपयोगी माने जाते हैं। यही वजह है कि पपीते को कई घरेलू स्किन केयर उपायों में शामिल किया जाता है।

    पपीते को चेहरे पर लगाने का सबसे आसान तरीका इसका फेस पैक बनाना है। इसके लिए पके हुए पपीते का थोड़ा सा गूदा लेकर अच्छी तरह मैश कर लें। इसे साफ चेहरे पर हल्की परत के रूप में लगाएं और करीब 10 से 15 मिनट तक लगा रहने दें। इसके बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें। पपीते का यह इस्तेमाल त्वचा को मुलायम महसूस कराने और चेहरे की डलनेस कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इसे पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए।

    अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी रहती है तो पपीते में थोड़ा शहद मिलाकर फेस पैक तैयार किया जा सकता है। शहद त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करता है जबकि पपीते में मौजूद एंजाइम त्वचा की सतह से मृत कोशिकाओं को हटाने में सहायक हो सकते हैं। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाने के बाद ज्यादा देर तक न रखें और कुछ समय बाद पानी से धो लें। वहीं तैलीय त्वचा वाले लोग पपीते के साथ थोड़ी मात्रा में दही का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे त्वचा को ठंडक और नमी मिल सकती है।

    पपीते का इस्तेमाल त्वचा को एक्सफोलिएट करने के लिए भी किया जाता है लेकिन इसे चेहरे पर जोर से रगड़ना सही नहीं है। खासकर अगर त्वचा पर मुंहासे हैं लालिमा है कट लगा है या जलन हो रही है तो पपीते का इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है। प्राकृतिक चीज होने का मतलब यह नहीं है कि वह हर व्यक्ति की त्वचा के लिए सुरक्षित ही होगी। इसलिए पहली बार इस्तेमाल करने से पहले हाथ के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना जरूरी है।

    स्किन केयर में केवल फेस पैक लगाना ही पर्याप्त नहीं है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना अच्छी नींद लेना और धूप से त्वचा को बचाना भी जरूरी है। दिन में बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि लगातार धूप में रहने से टैनिंग और त्वचा संबंधी दूसरी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

    यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि पपीते से तुरंत किसी चमत्कारी नतीजे की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इसका असर व्यक्ति की त्वचा के प्रकार और इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर कर सकता है। अगर त्वचा पर लगातार दाने खुजली लालिमा या जलन जैसी समस्या बनी हुई है तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। कुल मिलाकर सही तरीके और सावधानी के साथ पपीता आपके सामान्य स्किन केयर रूटीन का एक आसान घरेलू हिस्सा बन सकता है।

  • महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स से पहले आजमाएं गुलाब, त्वचा की देखभाल के लिए जानें गुलाब से जुड़े आसान घरेलू नुस्खे

    महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स से पहले आजमाएं गुलाब, त्वचा की देखभाल के लिए जानें गुलाब से जुड़े आसान घरेलू नुस्खे


    नई दिल्ली ।
    गुलाब केवल अपनी खुशबू और खूबसूरती के लिए ही पसंद नहीं किया जाता बल्कि त्वचा की देखभाल में भी इसका इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। गुलाब जल और गुलाब की पंखुड़ियों से बने पारंपरिक घरेलू उपायों को त्वचा को ताजगी देने और चेहरे को साफ रखने के लिए उपयोग किया जाता है। गुलाब में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिक और इसकी खुशबू स्किन केयर को सुखद अनुभव बना सकती है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।

    गुलाब जल को स्किन केयर में शामिल करने का सबसे आसान तरीका है इसे चेहरे की सफाई के बाद हल्के तरीके से लगाना। साफ चेहरे पर कॉटन की मदद से गुलाब जल लगाया जा सकता है और इसे कुछ देर त्वचा पर रहने दिया जा सकता है। इससे चेहरे को ताजगी महसूस हो सकती है। अगर त्वचा बहुत संवेदनशील है तो पहले हाथ या कान के पीछे थोड़ी मात्रा लगाकर पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है।

    रूखी त्वचा वालों के लिए गुलाब जल के साथ मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। चेहरे को साफ करने के बाद गुलाब जल लगाने और उसके बाद त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाने से स्किन केयर रूटीन पूरा किया जा सकता है। ध्यान रखें कि गुलाब जल त्वचा को मॉइस्चराइजर का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। खासकर बहुत शुष्क त्वचा में अच्छे मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल जरूरी है।

    गुलाब की पंखुड़ियों से तैयार किया गया पानी भी पारंपरिक रूप से त्वचा के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए साफ गुलाब की पंखुड़ियों का इस्तेमाल करना चाहिए और किसी भी तरह के केमिकल या कीटनाशक से उपचारित फूल को त्वचा पर लगाने से बचना चाहिए। बाजार में मिलने वाले गुलाब जल का इस्तेमाल करते समय उसके लेबल पर मौजूद सामग्री को जरूर पढ़ें और तेज खुशबू या अनावश्यक रसायनों वाले उत्पाद संवेदनशील त्वचा पर लगाने से बचें।

    गुलाब जल को ठंडा करके इस्तेमाल करने की सलाह भी कई लोग देते हैं। ठंडक चेहरे को कुछ समय के लिए फ्रेश महसूस करा सकती है लेकिन यह त्वचा की किसी बीमारी का इलाज नहीं है। आंखों के आसपास गुलाब जल का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और इसे आंखों के अंदर जाने से रोकना चाहिए। अगर जलन खुजली लालिमा या सूजन महसूस हो तो तुरंत इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

    स्किन केयर में गुलाब का इस्तेमाल करते समय एक और जरूरी बात यह है कि केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना सही नहीं है। चेहरे को साफ रखने के साथ पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना नींद पूरी करना और दिन में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना त्वचा की देखभाल के लिए अधिक महत्वपूर्ण है। गुलाब जल या गुलाब आधारित उत्पाद आपकी दिनचर्या का हिस्सा हो सकते हैं लेकिन इन्हें चमत्कारी उपचार समझना उचित नहीं है।

    अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे दाने अत्यधिक रूखापन लालिमा या किसी तरह की एलर्जी रहती है तो घरेलू उपाय आजमाने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। सही उत्पाद और अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार बनाया गया स्किन केयर रूटीन ही लंबे समय तक त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।