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  • अलसी से बनाएं घर पर आसान फेस पैक और जेल, त्वचा को रखें मुलायम और हाइड्रेटेड; जानें इस्तेमाल का सही तरीका

    अलसी से बनाएं घर पर आसान फेस पैक और जेल, त्वचा को रखें मुलायम और हाइड्रेटेड; जानें इस्तेमाल का सही तरीका


    नई दिल्ली। स्किन केयर के लिए लोग अक्सर महंगे प्रोडक्ट्स और अलग अलग तरह के घरेलू नुस्खे आजमाते हैं। लेकिन रसोई में मौजूद कुछ साधारण चीजें भी त्वचा की देखभाल में उपयोगी हो सकती हैं। अलसी उन्हीं चीजों में शामिल है। अलसी को आमतौर पर सेहत के लिए फायदेमंद बीज माना जाता है लेकिन इसमें मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड और अन्य पोषक तत्वों के कारण इसका इस्तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए भी किया जाता है। खासकर रूखी और बेजान त्वचा वाले लोग अलसी से बने जेल या फेस पैक को अपने स्किन केयर रूटीन में शामिल कर सकते हैं।

    अलसी से जेल बनाना काफी आसान है। इसके लिए एक से दो चम्मच अलसी को पानी में डालकर धीमी आंच पर कुछ देर उबालें। जब पानी थोड़ा गाढ़ा होकर जेल जैसा दिखाई देने लगे तो इसे ठंडा करके छान लें। तैयार जेल को साफ चेहरे पर थोड़ी मात्रा में लगाया जा सकता है। इसे कुछ समय तक त्वचा पर रहने देने के बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें। अलसी का जेल त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है और रूखी त्वचा में नमी बनाए रखने के लिए उपयोगी हो सकता है।

    अलसी का फेस पैक भी बनाया जा सकता है। इसके लिए अलसी को पीसकर उसमें थोड़ा दही या एलोवेरा जेल मिलाया जा सकता है। इस मिश्रण को चेहरे पर पतली परत के रूप में लगाएं और सूखने के बाद धीरे से साफ कर लें। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है। खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

    स्किन केयर में अलसी का इस्तेमाल करते समय एक बात का ध्यान रखना जरूरी है कि केवल घरेलू नुस्खे ही त्वचा की सभी समस्याओं का समाधान नहीं होते। अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी है तो नियमित मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल भी जरूरी है। दिन के समय घर से बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना भी त्वचा की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और चेहरे की नियमित सफाई करना भी स्किन केयर का अहम हिस्सा है।

    अलसी का इस्तेमाल करते समय साफ और ताजा जेल तैयार करना बेहतर होता है। घर पर बनाए गए जेल को लंबे समय तक रखने से बचना चाहिए क्योंकि इसमें प्रिजर्वेटिव नहीं होते। अगर इस्तेमाल के बाद त्वचा पर जलन लालिमा खुजली या किसी तरह की परेशानी महसूस हो तो तुरंत इसे धो दें और दोबारा इस्तेमाल न करें। किसी गंभीर त्वचा समस्या या लगातार बने रहने वाली परेशानी में त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    कुल मिलाकर अलसी को स्किन केयर रूटीन में एक सरल घरेलू विकल्प के तौर पर शामिल किया जा सकता है। इससे बना जेल त्वचा को मुलायम और हाइड्रेटेड महसूस कराने में मदद कर सकता है। हालांकि बेहतर त्वचा के लिए नियमित देखभाल सबसे ज्यादा जरूरी है। घरेलू उपायों के साथ त्वचा की जरूरत के अनुसार सही मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना अधिक प्रभावी रूटीन बना सकता है।

  • महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़ें! रोजमेरी से पाएं साफ और निखरी त्वचा जानें इस्तेमाल का सही तरीका

    महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स छोड़ें! रोजमेरी से पाएं साफ और निखरी त्वचा जानें इस्तेमाल का सही तरीका


    नई दिल्ली। रोजमेरी का इस्तेमाल आमतौर पर खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन इसका उपयोग स्किन केयर में भी किया जाता है। रोजमेरी में मौजूद प्राकृतिक पौधों के यौगिकों के कारण इसे त्वचा के लिए उपयोगी माना जाता है। आजकल रोजमेरी ऑयल और रोजमेरी आधारित स्किन केयर प्रोडक्ट्स काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। हालांकि इसे चेहरे पर सीधे लगाने से पहले सही तरीका जानना जरूरी है क्योंकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है और किसी भी प्राकृतिक चीज से संवेदनशील त्वचा पर जलन हो सकती है।

    रोजमेरी को स्किन केयर में शामिल करने का एक तरीका रोजमेरी ऑयल का इस्तेमाल है। लेकिन जरूरी बात यह है कि एसेंशियल ऑयल को सीधे चेहरे पर नहीं लगाना चाहिए। इसे किसी उपयुक्त कैरियर ऑयल में मिलाकर बेहद कम मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है। अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है तो किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। रोजमेरी आधारित तैयार स्किन केयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना भी सीधे एसेंशियल ऑयल लगाने की तुलना में आसान विकल्प हो सकता है।

    रोजमेरी में एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाले पौधों के यौगिक पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे त्वचा को पर्यावरणीय तनाव से बचाने और स्किन को स्वस्थ रखने वाले रूटीन का हिस्सा माना जाता है। कुछ लोगों को रोजमेरी आधारित उत्पाद इस्तेमाल करने के बाद त्वचा अधिक फ्रेश और साफ महसूस हो सकती है। हालांकि किसी एक घरेलू उपाय से त्वचा की हर समस्या दूर होने का दावा करना सही नहीं है।

    अगर चेहरे पर बहुत ज्यादा ऑयल आता है तो रोजमेरी आधारित हल्के स्किन केयर प्रोडक्ट को रूटीन में शामिल किया जा सकता है। लेकिन इसे इस्तेमाल करने से पहले यह देखना जरूरी है कि प्रोडक्ट आपकी त्वचा के लिए उपयुक्त है या नहीं। तैलीय त्वचा के लिए भी बहुत ज्यादा तेल आधारित चीजों का इस्तेमाल करने से रोमछिद्र बंद होने या परेशानी बढ़ने का खतरा हो सकता है।

    रोजमेरी का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना सबसे जरूरी सावधानियों में शामिल है। इसके लिए प्रोडक्ट की थोड़ी मात्रा त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर देखें और तुरंत जलन खुजली लालिमा या असहजता महसूस हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें। चेहरे पर पहले से किसी तरह की एलर्जी या जलन है तो ऐसे समय में नए स्किन केयर प्रोडक्ट को आजमाने से बचना बेहतर है।

    स्किन केयर में रोजमेरी को शामिल करने के साथ बेसिक रूटीन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चेहरे को नियमित रूप से साफ रखना मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना और दिन में सनस्क्रीन लगाना त्वचा की देखभाल के लिए ज्यादा जरूरी कदम हैं। रोजमेरी किसी भी स्थिति में इन बुनियादी चीजों का विकल्प नहीं है।

    यह भी ध्यान रखना चाहिए कि रोजमेरी को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जाते हैं। हर दावा वैज्ञानिक रूप से साबित हो यह जरूरी नहीं है। इसलिए चेहरे पर रोजमेरी का इस्तेमाल सीमित मात्रा में और सावधानी के साथ करना चाहिए। अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे दाग लालिमा या दूसरी समस्या बनी रहती है तो घरेलू नुस्खों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना ज्यादा बेहतर होगा।

    कुल मिलाकर रोजमेरी स्किन केयर रूटीन में एक अतिरिक्त विकल्प हो सकती है लेकिन इसे चमत्कारी उपाय समझना सही नहीं है। सही प्रोडक्ट चुनकर पैच टेस्ट करने और अपनी त्वचा की जरूरत को ध्यान में रखकर इसका इस्तेमाल किया जाए तो इसे सामान्य स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

  • स्किन केयर रूटीन में शामिल करें एलोवेरा जेल! जानें चेहरे पर लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां

    स्किन केयर रूटीन में शामिल करें एलोवेरा जेल! जानें चेहरे पर लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली । स्किन केयर की बात आती है तो एलोवेरा को लंबे समय से त्वचा के लिए उपयोगी माना जाता है। एलोवेरा जेल अपनी ठंडी और soothing प्रकृति के कारण त्वचा को शांत महसूस कराने में मदद कर सकता है। खासतौर पर गर्मी और धूप के कारण त्वचा में होने वाली जलन या रूखेपन के समय एलोवेरा का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले सावधानी रखना जरूरी है।

    चेहरे की देखभाल के लिए सबसे पहले साफ और ताजा एलोवेरा जेल लिया जा सकता है। यदि पौधे से जेल निकाल रहे हैं तो पत्ते को अच्छी तरह धोकर उसमें मौजूद पीले रंग का लेटेक्स अलग कर दें। इसके बाद पारदर्शी जेल को निकालकर चेहरे पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। इसे कुछ देर त्वचा पर रहने देने के बाद साफ पानी से चेहरा धो लें। पहली बार इस्तेमाल करने वालों को पूरे चेहरे पर लगाने के बजाय त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है।

    एलोवेरा जेल त्वचा को नमी देने में मदद कर सकता है। जिन लोगों की त्वचा रूखी रहती है वे अपने स्किन केयर रूटीन में एलोवेरा को शामिल कर सकते हैं। इसे अकेले इस्तेमाल करने के अलावा अपनी त्वचा के अनुसार किसी उपयुक्त moisturizer के साथ भी रूटीन में शामिल किया जा सकता है। हालांकि एलोवेरा को किसी भी सामग्री के साथ मिलाकर लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि वह आपकी त्वचा के लिए सुरक्षित है या नहीं।

    धूप में ज्यादा समय बिताने के बाद त्वचा गर्म और संवेदनशील महसूस हो सकती है। ऐसे समय एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देने वाला एहसास दे सकता है। लेकिन अगर त्वचा पर गंभीर जलन छाले या तेज दर्द हो तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    ऑयली स्किन वाले लोग भी एलोवेरा का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि एलोवेरा को मुंहासों का निश्चित इलाज नहीं माना जाना चाहिए। अगर चेहरे पर लगातार पिंपल्स निकल रहे हैं तो समस्या के कारण को समझना जरूरी है। बिना सलाह के नींबू बेकिंग सोडा या अन्य तेज सामग्री के साथ एलोवेरा मिलाकर लगाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा में जलन या irritation बढ़ सकती है।

    एलोवेरा इस्तेमाल करते समय एक और जरूरी बात इसकी शुद्धता है। बाजार में मिलने वाले हर एलोवेरा जेल की गुणवत्ता एक जैसी नहीं होती। इसलिए उत्पाद खरीदते समय उसके ingredients और इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जरूर पढ़ें। खुशबू या अन्य additives वाले उत्पाद संवेदनशील त्वचा पर परेशानी पैदा कर सकते हैं।

    स्किन केयर में एलोवेरा को किसी जादुई उपाय की तरह देखने के बजाय एक सामान्य soothing और moisturizing ingredient के रूप में इस्तेमाल करना बेहतर है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना अच्छी नींद लेना और रोजाना उपयुक्त sunscreen का इस्तेमाल करना भी जरूरी है। अगर एलोवेरा लगाने के बाद लालिमा खुजली या जलन महसूस हो तो तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें।

  • ब्यूटी रूटीन में शामिल करें चावल का आटा, त्वचा की देखभाल में कैसे करें इस्तेमाल और किन गलतियों से बचें

    ब्यूटी रूटीन में शामिल करें चावल का आटा, त्वचा की देखभाल में कैसे करें इस्तेमाल और किन गलतियों से बचें


    नई दिल्ली ।आजकल स्किन केयर के लिए लोग महंगे प्रोडक्ट्स के साथ घरेलू नुस्खों की तरफ भी तेजी से रुख कर रहे हैं। इन्हीं घरेलू उपायों में चावल का आटा यानी Rice Flour भी काफी लोकप्रिय है। इसे कई लोग चेहरे पर फेस पैक या हल्के क्लेंजर की तरह इस्तेमाल करते हैं। चावल का आटा त्वचा को मुलायम महसूस कराने और चेहरे से अतिरिक्त गंदगी हटाने में मदद कर सकता है। हालांकि इसे किसी चमत्कारी उपचार की तरह नहीं देखना चाहिए। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी घरेलू फेस मास्क का इस्तेमाल व्यक्ति की त्वचा के प्रकार और संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर करना चाहिए। गलत तरीके से या बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने पर जलन और रूखापन भी हो सकता है।

    चावल के आटे से फेस पैक बनाने का तरीका बेहद आसान है। इसके लिए एक से दो चम्मच बारीक चावल का आटा लें और इसमें जरूरत के अनुसार सादा पानी या एलोवेरा जेल मिलाकर हल्का पेस्ट तैयार कर सकते हैं। अगर त्वचा रूखी है तो इसमें एक साधारण मॉइस्चराइजिंग बेस मिलाने का विकल्प रखा जा सकता है। पेस्ट को चेहरे पर बहुत हल्के हाथों से लगाएं और आंखों तथा होंठों के आसपास के हिस्से से बचाएं। इसे कुछ मिनट तक लगा रहने दें और फिर सामान्य पानी से धीरे से धो लें। चेहरे को साफ करने के बाद त्वचा पर उपयुक्त मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी है।

    चावल के आटे का इस्तेमाल करते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे चेहरे पर जोर से रगड़ना नहीं चाहिए। कई लोग इसे स्क्रब की तरह इस्तेमाल करते हुए त्वचा को तेजी से घिसते हैं लेकिन इससे त्वचा की ऊपरी परत में जलन हो सकती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी चेहरे पर इस्तेमाल होने वाले मास्क और एक्सफोलिएटिंग प्रोडक्ट्स को बहुत ज्यादा या बार बार इस्तेमाल करने से सावधान करती है क्योंकि इससे त्वचा में रूखापन और जलन बढ़ सकती है।

    अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है या पहले से लालिमा खुजली जलन या किसी तरह की एलर्जी की समस्या रहती है तो घरेलू फेस पैक को सीधे पूरे चेहरे पर लगाने से पहले छोटे हिस्से पर परीक्षण करना बेहतर है। किसी नए स्किन केयर प्रोडक्ट या मास्क को पहले छोटे क्षेत्र पर टेस्ट करने की सलाह त्वचा विशेषज्ञ भी देते हैं। अगर लगाने के बाद खुजली जलन या चुभन महसूस हो तो इसे तुरंत धो देना चाहिए।

    मुंहासे वाली त्वचा पर भी चावल के आटे को इलाज समझकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। फेस मास्क सामान्य स्किन केयर रूटीन का हिस्सा हो सकता है लेकिन यह मुंहासे एक्जिमा या दूसरी त्वचा संबंधी बीमारी का उपचार नहीं है। ऐसी समस्या लगातार बनी रहती है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है। सही स्किन केयर में चेहरे की नियमित सफाई मॉइस्चराइजिंग और धूप से बचाव भी महत्वपूर्ण है।

    चावल के आटे से बने फेस पैक का इस्तेमाल करते समय खुशबू वाले या ऐसे अतिरिक्त पदार्थ मिलाने से बचना चाहिए जो आपकी त्वचा को पहले से परेशान करते हों। खासकर संवेदनशील त्वचा में कम सामग्री वाला सरल फेस पैक बेहतर विकल्प हो सकता है। किसी भी घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल रोजाना करने की जरूरत नहीं है। त्वचा की प्रतिक्रिया देखकर सीमित इस्तेमाल करना अधिक समझदारी है।

    इस तरह Rice Flour Skin Care को एक आसान घरेलू विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है लेकिन इससे तुरंत गोरी या बेदाग त्वचा मिलने का दावा सही नहीं माना जाना चाहिए। चेहरे की अच्छी सेहत के लिए नियमित देखभाल संतुलित दिनचर्या पर्याप्त नींद पानी और रोजाना सन प्रोटेक्शन ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। अगर चावल के आटे का फेस पैक आपकी त्वचा को सूट करता है तो इसे अपनी सामान्य स्किन केयर रूटीन के साथ सीमित रूप में शामिल किया जा सकता है।

  • चेहरे की खूबसूरती के लिए नीम का ऐसे करें इस्तेमाल: दाग-धब्बे और पिंपल्स से राहत पाने में मिल सकती है मदद

    चेहरे की खूबसूरती के लिए नीम का ऐसे करें इस्तेमाल: दाग-धब्बे और पिंपल्स से राहत पाने में मिल सकती है मदद


    नई दिल्ली । नीम को भारतीय घरों में लंबे समय से त्वचा और बालों की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। नीम की पत्तियों में प्राकृतिक रूप से कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जिन्हें त्वचा के लिए फायदेमंद माना जाता है। खासतौर पर ऑयली स्किन और मुंहासों की समस्या से परेशान लोगों के बीच नीम का इस्तेमाल काफी लोकप्रिय है। हालांकि त्वचा पर किसी भी प्राकृतिक चीज का इस्तेमाल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है और किसी भी घरेलू उपाय का असर सभी पर एक जैसा नहीं होता।

    अगर आपकी त्वचा बहुत ऑयली है और चेहरे पर बार बार पिंपल्स निकलते हैं तो नीम का इस्तेमाल त्वचा की सफाई के लिए किया जा सकता है। नीम की कुछ साफ पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी को ठंडा करने के बाद चेहरे को धोने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे त्वचा की सफाई में मदद मिल सकती है। नीम में पाए जाने वाले कुछ प्राकृतिक यौगिकों में एंटीमाइक्रोबियल गुण बताए जाते हैं जो त्वचा पर मौजूद कुछ सूक्ष्मजीवों के खिलाफ काम कर सकते हैं। यही वजह है कि पारंपरिक रूप से नीम को मुंहासे और त्वचा संबंधी परेशानियों के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।

    नीम की पत्तियों का पेस्ट भी त्वचा की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए ताजी और साफ नीम की पत्तियों को पीसकर हल्का पेस्ट बनाया जा सकता है। इसे चेहरे पर लगाने से पहले हाथ की त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर होता है। अगर जलन लालिमा खुजली या किसी तरह की एलर्जी दिखाई दे तो इसे चेहरे पर नहीं लगाना चाहिए। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि प्राकृतिक चीजें भी कुछ लोगों की त्वचा पर प्रतिक्रिया पैदा कर सकती हैं।

    मुंहासों के अलावा नीम को अत्यधिक तैलीय त्वचा के लिए भी उपयोगी माना जाता है। कई बार त्वचा में अतिरिक्त तेल जमा होने के कारण चेहरे पर चिपचिपाहट और बंद रोमछिद्रों की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में त्वचा की नियमित सफाई के साथ हल्के और त्वचा के अनुकूल उत्पादों का इस्तेमाल ज्यादा जरूरी है। नीम को इसका विकल्प नहीं माना जाना चाहिए बल्कि जरूरत के अनुसार अतिरिक्त देखभाल के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

    अगर चेहरे पर दाग धब्बे या पुराने मुंहासों के निशान हैं तो केवल नीम लगाने से इनके पूरी तरह खत्म होने की गारंटी नहीं है। ऐसे मामलों में सनस्क्रीन का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और त्वचा को बार बार छूने से बचना भी जरूरी है। पिंपल्स को दबाने या फोड़ने से बचना चाहिए क्योंकि इससे सूजन और दाग बढ़ सकते हैं।

    नीम का इस्तेमाल करते समय यह भी ध्यान रखना चाहिए कि नीम का गाढ़ा पेस्ट या तेल हर किसी की त्वचा के लिए उपयुक्त नहीं होता। चेहरे पर नीम का तेल सीधे लगाने से कुछ लोगों को जलन या एलर्जी हो सकती है। अगर मुंहासे बहुत ज्यादा हैं दर्दनाक हैं बार बार हो रहे हैं या त्वचा पर लगातार लालिमा और खुजली बनी हुई है तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

    कुल मिलाकर नीम त्वचा की देखभाल में एक पारंपरिक और उपयोगी प्राकृतिक विकल्प हो सकता है। खासकर त्वचा की सफाई और ऑयली स्किन से जुड़ी समस्याओं में इसका इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन बेहतर परिणाम के लिए इसे सावधानी से इस्तेमाल करना जरूरी है। साफ सफाई मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन के साथ संतुलित स्किन केयर रूटीन अपनाना त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में ज्यादा मददगार हो सकता है।

  • चेहरे की ड्राईनेस और बेजान त्वचा से परेशान हैं तो दही आएगा काम स्किन केयर में ऐसे करें इस्तेमाल

    चेहरे की ड्राईनेस और बेजान त्वचा से परेशान हैं तो दही आएगा काम स्किन केयर में ऐसे करें इस्तेमाल


    नई दिल्ली । खूबसूरत और निखरी त्वचा के लिए जरूरी नहीं कि हर बार महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का ही सहारा लिया जाए। घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों का सही तरीके से इस्तेमाल भी त्वचा की देखभाल में मदद कर सकता है। इन्हीं चीजों में दही का नाम भी शामिल है। दही में लैक्टिक एसिड पाया जाता है जो त्वचा की ऊपरी सतह पर मौजूद मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा दही त्वचा को मुलायम बनाए रखने और रूखेपन को कम करने में भी सहायक हो सकता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए चेहरे पर दही लगाने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।

    अगर आपकी त्वचा सामान्य या रूखी है तो सादे और ताजे दही का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले चेहरे को हल्के फेस वॉश से साफ करें और फिर एक पतली परत में दही चेहरे पर लगाएं। इसे करीब दस से पंद्रह मिनट तक लगा रहने दें और इसके बाद सामान्य या हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। चेहरे को धोने के बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं। इस तरह दही को स्किन केयर रूटीन में शामिल करने से त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद मिल सकती है।
    अगर आपकी त्वचा सामान्य या रूखी है तो सादे और ताजे दही का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले चेहरे को हल्के फेस वॉश से साफ करें और फिर एक पतली परत में दही चेहरे पर लगाएं। इसे करीब दस से पंद्रह मिनट तक लगा रहने दें और इसके बाद सामान्य या हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। चेहरे को धोने के बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं। इस तरह दही को स्किन केयर रूटीन में शामिल करने से त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद मिल सकती है।

    दही को कई लोग बेसन के साथ मिलाकर भी चेहरे पर लगाते हैं। इसके लिए एक चम्मच सादा दही और थोड़ी मात्रा में बेसन लेकर पेस्ट बनाया जा सकता है। इसे चेहरे पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें और सूखने के बाद बिना ज्यादा रगड़े पानी से धो लें। अगर त्वचा संवेदनशील है तो स्क्रब की तरह जोर से रगड़ने से बचना चाहिए। ज्यादा रगड़ने से त्वचा में जलन या लालिमा हो सकती है।

    ऑयली स्किन वाले लोगों को दही का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी रखनी चाहिए। चेहरे पर बहुत ज्यादा मात्रा में दही लगाने या लंबे समय तक लगाए रखने से बचें। वहीं मुंहासों वाली त्वचा पर किसी भी घरेलू नुस्खे को आजमाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर होता है। अगर दही लगाने के बाद जलन खुजली लालिमा या सूजन जैसी समस्या दिखाई दे तो तुरंत चेहरा धो लें और इसका इस्तेमाल बंद कर दें।

    दही को नींबू जैसी चीजों के साथ मिलाकर लगाने से भी बचना चाहिए। नींबू का रस कुछ लोगों की त्वचा में जलन और संवेदनशीलता बढ़ा सकता है। खासकर अगर त्वचा पहले से संवेदनशील है तो ऐसे प्रयोग नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी तरह चेहरे पर कोई भी घरेलू मिश्रण रोजाना लगाने की जरूरत नहीं होती। त्वचा की जरूरत के अनुसार सीमित इस्तेमाल करना बेहतर है।

    स्किन केयर में दही को किसी जादुई उपचार की तरह नहीं देखना चाहिए। संतुलित खानपान पर्याप्त पानी अच्छी नींद चेहरे की नियमित सफाई और धूप से बचाव भी त्वचा को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे दाने खुजली अत्यधिक रूखापन या अन्य समस्या बनी रहती है तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। इस तरह सही सावधानी के साथ दही को अपनी स्किन केयर दिनचर्या का एक आसान हिस्सा बनाया जा सकता है।

  • महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स छोड़िए एवोकाडो से पाएं निखरी और मुलायम त्वचा जानें इस्तेमाल का सही तरीका

    महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स छोड़िए एवोकाडो से पाएं निखरी और मुलायम त्वचा जानें इस्तेमाल का सही तरीका


    नई दिल्ली। आजकल त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने के लिए लोग तरह तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार साधारण और प्राकृतिक चीजें भी स्किन केयर रूटीन में उपयोगी साबित हो सकती हैं। एवोकाडो ऐसा ही एक फल है जो अपने पोषक तत्वों के कारण डाइट के साथ साथ त्वचा की देखभाल के लिए भी लोकप्रिय है। इसमें हेल्दी फैट्स विटामिन ई विटामिन सी और कई एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो त्वचा को मॉइस्चराइज रखने और रूखेपन को कम करने में मदद कर सकते हैं।

    अगर आपकी त्वचा रूखी और बेजान नजर आती है तो एवोकाडो से बना फेस मास्क एक आसान घरेलू विकल्प हो सकता है। इसके लिए पके हुए एवोकाडो को अच्छी तरह मैश करके उसका मुलायम पेस्ट तैयार करें। इसे साफ चेहरे पर हल्के हाथों से लगाएं और करीब 10 से 15 मिनट के बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें। इसके बाद त्वचा पर हल्का मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है। एवोकाडो में मौजूद फैट्स त्वचा को नमी देने में मदद कर सकते हैं जिससे चेहरा अधिक मुलायम महसूस हो सकता है।

    एवोकाडो में मौजूद विटामिन ई को त्वचा के लिए उपयोगी एंटीऑक्सीडेंट माना जाता है। यह त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है। वहीं विटामिन सी त्वचा की सामान्य कोलेजन निर्माण प्रक्रिया में भूमिका निभाता है। यही वजह है कि संतुलित डाइट में एवोकाडो को शामिल करना त्वचा की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।

    एवोकाडो का इस्तेमाल केवल फेस मास्क के तौर पर ही नहीं बल्कि स्किन केयर रूटीन में मॉइस्चराइजिंग सामग्री के रूप में भी किया जाता है। कुछ लोग एवोकाडो पल्प को एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर फेस पैक बनाते हैं। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है। अगर त्वचा पर जलन खुजली या लालिमा दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए।

    अगर आपकी त्वचा बहुत ऑयली या मुहांसों वाली है तो एवोकाडो आधारित हेवी मास्क का इस्तेमाल सावधानी से करें। किसी भी प्राकृतिक सामग्री का मतलब यह नहीं है कि वह हर व्यक्ति की त्वचा के लिए सुरक्षित या उपयुक्त होगी। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को नए उत्पाद या घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर हो सकता है।

    स्किन केयर के साथ खानपान का भी त्वचा की सेहत पर असर पड़ता है। एवोकाडो को डाइट में शामिल करने से शरीर को हेल्दी फैट्स फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। इसे सलाद स्मूदी या टोस्ट के साथ लिया जा सकता है। हालांकि किसी एक फल को त्वचा की सभी समस्याओं का समाधान नहीं माना जा सकता। पर्याप्त पानी संतुलित आहार अच्छी नींद और नियमित स्किन केयर भी उतने ही जरूरी हैं।

    इस तरह एवोकाडो को अपनी स्किन केयर और डाइट का हिस्सा बनाकर त्वचा को नमी और पोषण देने में मदद मिल सकती है। लेकिन बेहतर परिणाम के लिए अपनी त्वचा के प्रकार को समझना और किसी भी नए घरेलू प्रयोग को सावधानी से शुरू करना जरूरी है।

  • ग्लोइंग और हेल्दी स्किन का आसान राज प्राकृतिक चीजों से करें त्वचा की देखभाल और पाएं निखरी हुई खूबसूरती

    ग्लोइंग और हेल्दी स्किन का आसान राज प्राकृतिक चीजों से करें त्वचा की देखभाल और पाएं निखरी हुई खूबसूरती


    नई दिल्ली । आज के समय में हर कोई साफ चमकदार और स्वस्थ त्वचा चाहता है। इसके लिए लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और केमिकल युक्त कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार इनका असर अस्थायी होता है और लंबे समय तक उपयोग करने पर त्वचा को नुकसान भी पहुंच सकता है। ऐसे में प्राकृतिक चीजों से त्वचा की देखभाल करना सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका माना जाता है। प्रकृति में मौजूद कई ऐसे तत्व हैं जो बिना किसी साइड इफेक्ट के त्वचा को पोषण देते हैं और उसकी प्राकृतिक चमक बनाए रखने में मदद करते हैं।

    त्वचा की अच्छी सेहत की शुरुआत सही खानपान से होती है। अगर शरीर को पर्याप्त विटामिन मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं तो उसका असर चेहरे पर भी साफ दिखाई देता है। मौसमी फल हरी सब्जियां सूखे मेवे और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से त्वचा अंदर से हाइड्रेट रहती है और उसकी नमी बनी रहती है। शरीर में पानी की कमी होने पर त्वचा रूखी और बेजान नजर आने लगती है इसलिए दिनभर पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है।

    एलोवेरा त्वचा के लिए सबसे उपयोगी प्राकृतिक चीजों में से एक माना जाता है। इसका जेल त्वचा को ठंडक देता है नमी बनाए रखता है और छोटे दाग धब्बों को कम करने में मदद करता है। नियमित रूप से एलोवेरा जेल लगाने से त्वचा मुलायम और ताजा महसूस होती है। इसी तरह शहद भी एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है जो त्वचा को पोषण देने के साथ उसे मुलायम बनाए रखने में मदद करता है।

    दही और बेसन का मिश्रण भी त्वचा की सफाई के लिए काफी लोकप्रिय घरेलू उपाय है। यह मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है और त्वचा को प्राकृतिक निखार देता है। हल्दी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को संक्रमण से बचाने के साथ उसकी चमक बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं। हालांकि हल्दी का उपयोग सीमित मात्रा में करना चाहिए ताकि त्वचा पर पीलेपन की समस्या न हो।

    खीरा और गुलाब जल भी त्वचा की देखभाल में अहम भूमिका निभाते हैं। खीरा त्वचा को ठंडक पहुंचाता है और आंखों के आसपास की सूजन कम करने में मदद करता है जबकि गुलाब जल त्वचा को ताजगी देने के साथ उसके पीएच संतुलन को बनाए रखने में सहायक माना जाता है। चेहरे की नियमित सफाई और सोने से पहले मेकअप पूरी तरह हटाना भी स्वस्थ त्वचा के लिए जरूरी आदत है।

    धूप से बचाव भी त्वचा की सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। तेज धूप में लंबे समय तक रहने से त्वचा पर टैनिंग समय से पहले झुर्रियां और पिगमेंटेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बाहर निकलते समय चेहरे को ढकना और जरूरत के अनुसार सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना त्वचा को नुकसान से बचा सकता है।

    सिर्फ बाहरी देखभाल ही नहीं बल्कि पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी भी त्वचा की खूबसूरती बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाती है। अच्छी नींद के दौरान त्वचा खुद को रिपेयर करती है और नई कोशिकाओं का निर्माण होता है। नियमित योग ध्यान और हल्का व्यायाम रक्त संचार बेहतर बनाते हैं जिससे त्वचा में प्राकृतिक चमक बनी रहती है।

    ध्यान रखें कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले उसे त्वचा के छोटे हिस्से पर आजमाना बेहतर होता है। यदि किसी प्रकार की एलर्जी जलन या गंभीर त्वचा संबंधी समस्या हो तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है। प्राकृतिक चीजों के साथ नियमित देखभाल संतुलित जीवनशैली और स्वस्थ भोजन अपनाकर लंबे समय तक सुंदर स्वस्थ और दमकती त्वचा पाई जा सकती है।

  • त्वचा को बनाना है साफ चमकदार और स्वस्थ तो अपनाएं बेसन का घरेलू नुस्खा मिलेंगे कई जबरदस्त फायदे

    त्वचा को बनाना है साफ चमकदार और स्वस्थ तो अपनाएं बेसन का घरेलू नुस्खा मिलेंगे कई जबरदस्त फायदे


    नई दिल्ली । प्राकृतिक सुंदरता पाने के लिए आज भी घरेलू नुस्खों पर लोगों का भरोसा कायम है। इन्हीं पारंपरिक उपायों में बेसन का नाम सबसे पहले लिया जाता है। रसोई में आसानी से मिलने वाला बेसन केवल स्वादिष्ट व्यंजन बनाने के लिए ही नहीं बल्कि त्वचा की देखभाल के लिए भी बेहद उपयोगी माना जाता है। वर्षों से भारतीय घरों में बेसन का इस्तेमाल चेहरे की सफाई रंगत निखारने और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने के लिए किया जाता रहा है। इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण त्वचा की गहराई से सफाई करने के साथ उसे मुलायम और चमकदार बनाने में मदद करते हैं।

    बेसन प्राकृतिक क्लींजर की तरह काम करता है। दिनभर धूल मिट्टी प्रदूषण और अतिरिक्त तेल त्वचा पर जमा हो जाता है जिससे चेहरे की चमक कम होने लगती है। ऐसे में बेसन से चेहरा साफ करने पर त्वचा के रोमछिद्रों में जमी गंदगी निकल जाती है और चेहरा ताजा तथा साफ दिखाई देने लगता है। नियमित रूप से इसका उपयोग करने पर त्वचा अधिक स्वस्थ और तरोताजा महसूस होती है।

    तैलीय त्वचा वाले लोगों के लिए भी बेसन बेहद लाभकारी माना जाता है। यह त्वचा पर मौजूद अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने में मदद करता है जिससे मुंहासों और ब्लैकहेड्स की समस्या कम हो सकती है। यदि बेसन में गुलाब जल या दही मिलाकर फेस पैक तैयार किया जाए तो त्वचा को ठंडक मिलने के साथ प्राकृतिक नमी भी बनी रहती है। वहीं सूखी त्वचा वाले लोग इसमें दूध या मलाई मिलाकर इसका उपयोग कर सकते हैं जिससे त्वचा को पोषण मिलता है और रूखापन कम होता है।

    त्वचा की रंगत निखारने में भी बेसन की अहम भूमिका मानी जाती है। हल्दी और बेसन का मिश्रण लंबे समय से पारंपरिक उबटन के रूप में उपयोग किया जाता रहा है। यह त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है और नई चमक लेकर आता है। शादी विवाह और विशेष अवसरों पर भी बेसन का उबटन लगाने की परंपरा इसी कारण आज भी प्रचलित है।

    यदि चेहरे पर हल्की टैनिंग हो गई है तो बेसन में दही और नींबू का रस मिलाकर तैयार किया गया पैक उपयोगी माना जाता है। यह त्वचा को ताजगी देने के साथ उसकी रंगत को भी बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है। हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल करने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहता है।

    बेसन त्वचा की हल्की एक्सफोलिएशन भी करता है। जब इसे हल्के हाथों से चेहरे पर लगाया जाता है तो यह मृत त्वचा को हटाकर त्वचा को मुलायम बनाने में मदद करता है। इससे चेहरा साफ और अधिक चमकदार दिखाई देता है। नियमित देखभाल के साथ संतुलित खानपान पर्याप्त पानी और अच्छी नींद भी स्वस्थ त्वचा के लिए उतने ही जरूरी हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक उपाय तभी असर दिखाते हैं जब उनका उपयोग सही तरीके और नियमितता के साथ किया जाए। बेसन त्वचा की सामान्य देखभाल में सहायक हो सकता है लेकिन यदि त्वचा पर लगातार एलर्जी जलन गंभीर मुंहासे या किसी प्रकार की समस्या हो तो स्वयं उपचार करने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।

    प्राकृतिक गुणों से भरपूर बेसन आज भी त्वचा की देखभाल का एक भरोसेमंद घरेलू उपाय माना जाता है। यदि इसे अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार सही सामग्री के साथ इस्तेमाल किया जाए तो यह चेहरे की सफाई चमक और कोमलता बनाए रखने में मददगार साबित हो सकता है।

  • चावल के आटे का फेस पैक बदल सकता है आपकी त्वचा की रंगत जानिए इस्तेमाल का सही तरीका और जबरदस्त फायदे

    चावल के आटे का फेस पैक बदल सकता है आपकी त्वचा की रंगत जानिए इस्तेमाल का सही तरीका और जबरदस्त फायदे


    नई दिल्ली । आजकल हर कोई बिना महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट के प्राकृतिक और स्वस्थ त्वचा पाना चाहता है। ऐसे में रसोई में आसानी से मिलने वाला चावल का आटा स्किन केयर के लिए एक बेहतरीन घरेलू विकल्प माना जाता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व त्वचा को साफ करने डेड स्किन हटाने और चेहरे की चमक बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं। नियमित और सही तरीके से इसका इस्तेमाल करने पर त्वचा अधिक मुलायम ताजा और निखरी हुई दिखाई दे सकती है।

    चावल के आटे में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो त्वचा की ऊपरी परत पर जमी गंदगी और अतिरिक्त तेल को हटाने में मदद कर सकते हैं। यह एक प्राकृतिक एक्सफोलिएटर की तरह काम करता है जिससे डेड स्किन धीरे धीरे हटती है और नई त्वचा उभरकर सामने आती है। इसके नियमित उपयोग से त्वचा की बनावट में सुधार महसूस किया जा सकता है और चेहरा पहले से अधिक साफ और चमकदार दिखाई दे सकता है।

    अगर चेहरे पर टैनिंग या धूप का असर दिखाई दे रहा है तो चावल के आटे का फेस पैक लाभदायक माना जाता है। इसके लिए चावल के आटे में दही या कच्चा दूध मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इसे चेहरे पर लगभग पंद्रह से बीस मिनट तक लगाएं। सूखने के बाद हल्के हाथों से मसाज करते हुए साफ पानी से धो लें। इससे त्वचा को ताजगी मिलने के साथ उसका प्राकृतिक निखार भी बढ़ सकता है।

    ऑयली स्किन वाले लोग चावल के आटे में गुलाब जल मिलाकर फेस पैक तैयार कर सकते हैं। यह त्वचा पर मौजूद अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है और चेहरे को फ्रेश महसूस कराता है। वहीं ड्राई स्किन वाले लोग इसमें शहद या एलोवेरा जेल मिलाकर इस्तेमाल करें तो त्वचा को नमी बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।

    चावल के आटे का उपयोग फेस स्क्रब के रूप में भी किया जाता है। इसमें थोड़ा सा शहद और दूध मिलाकर हल्के हाथों से चेहरे पर गोलाकार गति में मसाज करें। इससे त्वचा पर जमा धूल मिट्टी और मृत कोशिकाएं हट सकती हैं और त्वचा अधिक मुलायम महसूस होती है। हालांकि स्क्रब करते समय बहुत ज्यादा रगड़ने से बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा में जलन हो सकती है।

    विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले त्वचा के एक छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर कर लेना चाहिए। यदि किसी प्रकार की एलर्जी खुजली या जलन महसूस हो तो इसका उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए। जिन लोगों की त्वचा बहुत संवेदनशील है या कोई त्वचा संबंधी बीमारी है उन्हें त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेने के बाद ही घरेलू उपाय अपनाने चाहिए।

    संतुलित आहार पर्याप्त पानी और नियमित स्किन केयर के साथ यदि चावल के आटे का सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह त्वचा की प्राकृतिक चमक बनाए रखने में सहायक हो सकता है। हालांकि यह कोई चिकित्सीय उपचार नहीं है और इसके परिणाम हर व्यक्ति की त्वचा के अनुसार अलग अलग हो सकते हैं। इसलिए धैर्य और नियमित देखभाल के साथ इसका उपयोग करना अधिक लाभदायक माना जाता है।