विजय सिन्हा के पास सबसे अधिक सोना-चांदी
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नीतीश के दोनों डिप्टी सीएम उनसे अमीर, सम्राट के पास कैश तो विजय सिन्हा के पास सबसे अधिक सोना-चांदी
नई दिल्ली। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी समेत सभी मंत्रियों ने अपने संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक कर दिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास दोनों डिप्टी सीएम से कम संपत्ति है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 1 करोड़ 65 लाख रुपए की संपत्ति के मालिक हैं. उनके पास महज 20 हजार रुपए नकद हैं. दिल्ली के द्वारका में एक फ्लैट है, जिसकी कीमत 1 करोड़ 48 लाख रुपए है. साथ ही उनके पास दस गाय है. दो लाख रुपए की ज्वेलरी भी है, जिसमें 2 सोने की अंगूठी 1 चांदी की अंगूठी भी है. 10 साल पुरानी एक फोर्ड इकोस्पोर्ट कार है, जिसकी कीमत 11 लाख 32 हजार रुपए है.वहीं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास नीतीश के मुकाबले करीब 7 गुना अधिक कैश है. उनके पास 1 लाख 35 हजार की नकदी है, उनकी पत्नी कुमारी ममता के पास 35 हजार की नकदी है. सम्राट चौधरी के बैंक खातों में 17 लाख 45 हजार 488 रुपए जमा है. उनकी पत्नी के खाते में 6 लाख 43 हजार बेटी के खाते में 1 लाख 34 हजार, बेटे प्रणय के खाते में 1 लाख 8 हजार रुपए जमा हैं.बॉन्ड और इंश्योरेंस में निवेश, हथियार के शौकीन हैं सम्राटसम्राट चौधरी ने बॉन्ड्स में 31 लाख रुपए का निवेश किया है. निप्पोन इंडिया, फ्रैंकलिन इंडिया और HDFC के बॉन्ड में उन्होंने निवेश किया है. वहीं 19 लाख रुपए LIC में निवेश किए हैं. राज्य के गृह मंत्री सम्राट चौधरी के पास NP बोर रायफल है जिसकी कीमत 4 लाख रुपए है. वहीं पिता शकुनि चौधरी की दी हुई रिवॉल्वर भी है. इसकी कीमत 2 लाख रुपए है.डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के पास 88 हजार 560 रुपए की नकदी है, वहीं उनकी पत्नी सुशीला देवी के पास 67 हजार 528 रुपए कैश हैं. विजय सिन्हा के पास करीब 1 करोड़ की चल संपत्ति है. वहीं उनकी पत्नी के पास 1 करोड़ 73 लाख रुपए की चल संपत्ति है. इसमें बैंक खातों में जमा राशि, शेयर्स और गहने शामिल हैं.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास दो लाख रुपए की ज्वेलरी है, जिसमें 2 सोने की अंगूठी, 1 चांदी की अंगूठी है. सम्राट चौधरी के पास पास 20 लाख रुपए का सोना, पत्नी के पास भी 20 लाख का सोना और 75 हजार मूल्य की चांदी है. वहीं विजय सिन्हा के पास 9 लाख 90 हजार के गहने हैं. उन्होंने बताया है कि यह उन्हें शादी के वक्त तोहफे में मिले थे. वहीं उनकी पत्नी के पास 49 लाख 50 हजार रुपए के गहने हैं. -

शशि थरूर ने क्यों की नीतीश सरकार की तारीफ, बिहार को लेकर कही ये बड़ी बात, कांग्रेस को फिर लगेगा बुरा!
नई दिल्ली । कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने सोमवार 22 दिसंबर को नीतीश कुमार सरकार की तरफ से बिहार में बुनियादी ढांचे पर किए जा रहे कार्यों की जमकर सराहना की, जबकि कांग्रेस की मुख्य प्रतिद्वंद्वी बीजेपी बिहार में नीतीश कुमार की जेडीयू के साथ गठबंधन में है.नालंदा साहित्य महोत्सव में भाग लेने के लिए बिहार आए शशि थरूर ने एक चैनल संग बातचीत में कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि बुनियादी ढांचा पहले की तुलना में कहीं बेहतर है. सड़कें बेहतर हैं. लोग देर रात तक सड़कों पर दिखते हैं, जबकि पहले ऐसा नहीं होता था. अब तक बिजली, पानी और बाकी सब कुछ ठीक चल रहा है.नीतीश के बारे में पूछे जाने पर क्या बोलेउन्होंने कहा कि मेरा मतलब है, इसमें कोई शक नहीं कि हाल के वर्षों में बहुत सी अच्छी चीजें हुई हैं. नीतीश कुमार के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस सांसद ने टालमटोल करते हुए कहा कि मुझे यहां राजनीति में मत घसीटिए. मैं निश्चित रूप से इस प्रगति को देखकर बहुत खुश हूं. बिहार की जनता और उनके प्रतिनिधि इसके लिए श्रेय के पात्र हैं.कांग्रेस का क्या है रिएक्शन
बिहार में थरूर के बीजेपी संग गठबंधन वाली सरकार की प्रशंसा करने वाली हालिया टिप्पणी पर कांग्रेस ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. पिछले महीने दुबई में एक मीडिया कार्यक्रम में थरूर ने राजनीतिक परिदृश्य पर खेद व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि हर किसी को वैचारिक रूप से कट्टरपंथी होना पड़ता है और वे दूसरे पक्ष की अच्छाई को नहीं देखते या दूसरे पक्ष के किसी भी व्यक्ति से बात नहीं करते.
हिजाब विवाद को लेकर क्या कहा थाबता दें कि 4 बार के सांसद शशि थरूर, प्रधानमंत्री और सत्तारूढ़ बीजेपी की प्रशंसा करने वाले कई बयानों के बाद कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के साथ अपने संबंध खराब होते देख रहे हैं. थरूर हमेशा से यह कहते रहे हैं कि उनकी टिप्पणियां केवल भारत की बेहतर सेवा करने की इच्छा को दर्शाती हैं. इससे पहले शशि थरूर ने हिजाब विवाद को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आलोचना करते हुए कहा था कि यह घटना अनुचित थी. -

सीएम नीतीश को पाकिस्तानी डॉन की धमकी, हिजाब विवाद ने पकड़ा सियासी तूल; महिला चिकित्सक के नौकरी छोड़ने की चर्चा
नई दिल्ली।
बिहार की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक आस्था महिला सम्मान और सुरक्षा का मुद्दा केंद्र में आ गया है। आयुष चिकित्सकों के नियुक्तिपत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला चिकित्सक से हिजाब हटाने को कहे जाने की घटना अब राज्य से बाहर तक चर्चा का विषय बन गई है। इस मामले ने इतना तूल पकड़ लिया है कि सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को धमकी देने का वीडियो सामने आया है जिसकी जांच बिहार पुलिस ने शुरू कर दी हैबताया जा रहा है कि पाकिस्तान के कुख्यात डॉन शहजाद भट्टी की ओर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुलेआम धमकी दी गई है। वीडियो में कहा गया है कि मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से माफी मांगें अन्यथा भविष्य में होने वाली घटनाओं की शिकायत न करें। इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए बिहार पुलिस के साइबर थाना को जांच सौंपी गई है।डीजीपी विनय कुमार ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि वीडियो की सत्यता और उसके स्रोत की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं आर्थिक अपराध इकाईईओयू के अपर पुलिस महानिदेशक नैयर हसनैन खान ने कहा कि ईओयू का साइबर प्रभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पर एक और दावा तेजी से वायरल हो रहा है। कहा जा रहा है कि जिस महिला आयुष चिकित्सक को नियुक्तिपत्र देने के दौरान मुख्यमंत्री ने हिजाब हटाने को कहा था उसने नौकरी ज्वॉइन न करने का फैसला किया है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। न तो संबंधित महिला चिकित्सक की ओर से कोई सार्वजनिक बयान आया है और न ही विभाग की तरफ से इस पर कोई स्पष्ट जानकारी दी गई है।
विभागीय अधिकारी इस मुद्दे पर फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नियुक्तिपत्र मिलने के बाद ज्वॉइनिंग के लिए पर्याप्त समय दिया जाता है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। गौरतलब है कि 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद भवन में आयुष चिकित्सकों का नियुक्तिपत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में कुल 1283 नवनियुक्त आयुष चिकित्सकों को नियुक्तिपत्र सौंपे गए थे जिनमें से 10 चिकित्सकों को प्रतीकात्मक रूप से मुख्यमंत्री ने स्वयं नियुक्तिपत्र दिया था।हिजाब विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दलराजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने इस घटना को धार्मिक स्वतंत्रता का हनन बताया है। उन्होंने कहा कि नियुक्तिपत्र वितरण जैसे गरिमामय कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिला से हिजाब हटाने को कहना न केवल महिला सम्मान के खिलाफ है बल्कि यह अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति सरकार की सोच को भी दर्शाता है। एजाज अहमद ने मुख्यमंत्री और सरकार से इस घटना के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
वहीं सत्तारूढ़ जनता दलयूनाइटेड ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। जदयू के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेटियों के सशक्तीकरण के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने हर धर्म जाति और वर्ग की महिलाओं की सामाजिक आर्थिक और शैक्षणिक उन्नति के लिए लगातार काम किया है। नीरज कुमार ने राजद पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष को पहले अपने अतीत पर नजर डालनी चाहिए। फिलहाल हिजाब विवाद महिला चिकित्सक के नौकरी छोड़ने की चर्चा और पाकिस्तान से आई धमकी-इन तीनों मुद्दों ने बिहार की राजनीति को गर्मा दिया है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगी।
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विवादों में घिरे नीतीश….कार्यक्रम में महिला का हिजाब हटाने का आरोप, RJD-कांग्रेस ने उठाए सवाल
पटना। बिहार (Bihar ) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान एक महिला चिकित्सक (Female Doctor) के चेहरे से कपड़ा हटाने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस (Rashtriya Janata Dal and Congress) ने उन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. इस पूरे मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिला चिकित्सक नुसरत प्रवीण को नियुक्ति पत्र देते समय उनका हिजाब हटाते नजर आ रहे हैं. यह वीडियो आज आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का बताया जा रहा है. आरजेडी ने इस वीडियो को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।
आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने इस मामले को लेकर नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार महिलाओं का अपमान कर रहे हैं और अब वे बिहार संभालने की स्थिति में नहीं हैं. आरजेडी का आरोप है कि इस तरह का व्यवहार एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता.
आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी इस मामले को गंभीर मानती है. आरजेडी ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं. पोस्ट में यह भी कहा गया है कि यह आचरण महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है।
कांग्रेस पार्टी ने भी इस वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि एक महिला डॉक्टर जब नियुक्ति पत्र लेने आई तो मुख्यमंत्री ने उनका हिजाब खींच लिया. कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब राज्य का मुख्यमंत्री सार्वजनिक मंच पर ऐसा व्यवहार करेगा तो महिलाओं की सुरक्षा को लेकर क्या संदेश जाएगा. पार्टी ने इस घटना के लिए नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग भी की है.
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. वीडियो के सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट बढ़ गई है और विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. -

रोहिणी आचार्य के बयान पर राजनीति और समाज में हलचल, बेटियों की सुरक्षा पर जोर
नई दिल्ली। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा हाल ही में दिए गए एक बयान ने बिहार की राजनीति और समाज में नई बहस छेड़ दी है। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “हर बेटी का यह अधिकार है कि उसका मायका सुरक्षित और भरोसेमंद स्थान हो, जहां वह बिना डर, अपराधबोध या शर्म के वापस आ सके”। इस बयान में उन्होंने बिहार में बेटियों के अधिकार और परिवारों में सुरक्षा की अहमियत को उजागर किया, जो समाज में महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करता है।शांभवी चौधरी का बयान: बेटियों का सम्मान सर्वोपरि
रोहिणी के बयान पर शांभवी चौधरी, जो लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) सांसद और जेडीयू नेता अशोक चौधरी की बेटी हैं, ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यह किसी भी परिवार का निजी मामला हो सकता है, लेकिन बेटियों का सम्मान सर्वोपरि है।” शांभवी ने आगे कहा, “बेटों को जो अधिकार मिलते हैं, वही अधिकार बेटियों को भी मिलना चाहिए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि समाज की एक बड़ी चुनौती है। शांभवी ने यह भी व्यक्त किया कि उन्हें खुशी है कि लालू यादव के परिवार के लोग भी अब राज्य सरकार से सुरक्षा की उम्मीद कर रहे हैं।सरकार की प्रतिक्रिया: महिला सुरक्षा पर संजीदगी
इस बयान पर जेडीयू सांसद संजय झा ने कहा, “नीतीश कुमार हमेशा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील रहे हैं। अगर रोहिणी ने अपनी चिंता जाहिर की है, तो सरकार इसे गंभीरता से संज्ञान में लेगी।” उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की सक्रियता इस मामले में स्पष्ट है और “जनता देख रही है कि राजद की राजनीति कितनी खोखली हो चुकी है”।मायके की सुरक्षा और बेटियों के अधिकार की अहमियत
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि बेटियों का सम्मान और उनका मायका सुरक्षित होना किसी भी समाज की मजबूती और परिवार की प्रतिष्ठा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिहार में इस मुद्दे पर चल रही बहस सामाजिक चेतना और राजनीतिक जिम्मेदारी दोनों को उजागर करती है, जिससे महिला सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर राज्य सरकार की जिम्मेदारी भी स्पष्ट होती है।
