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  • ‘काश PM तानाशाह होते’, नाबालिग के वायरल वीडियो पर रुपाली गांगुली का फूटा गुस्सा, कमेंट पर मचा घमासान

    ‘काश PM तानाशाह होते’, नाबालिग के वायरल वीडियो पर रुपाली गांगुली का फूटा गुस्सा, कमेंट पर मचा घमासान


    नई दिल्ली। अनुपमा फेम अभिनेत्री और बीजेपी की सदस्य रुपाली गांगुली एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर वायरल हुए एक वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक नाबालिग लड़की प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती नजर आ रही है। वीडियो को लेकर एक यूजर ने बच्ची के माता पिता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए रुपाली गांगुली ने प्रधानमंत्री के अपमान पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और ऐसी टिप्पणी कर दी जिसके बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई।

    रुपाली गांगुली ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि प्रधानमंत्री का इस तरह अपमान करने के नतीजे होने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि कभी कभी उन्हें लगता है कि काश प्रधानमंत्री तानाशाह होते। अभिनेत्री की यह टिप्पणी सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स के बीच अलग अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलने लगीं। कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल की आलोचना करते हुए रुपाली का समर्थन किया तो कई यूजर्स ने उनके तानाशाह वाले बयान को लेकर सवाल खड़े किए।

    इस पूरे विवाद की शुरुआत उस वायरल वीडियो से हुई जिसमें एक नाबालिग लड़की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करती दिखाई दी। वीडियो को साझा करने वाले यूजर ने बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल और उनके आसपास के माहौल को लेकर भी सवाल उठाए। साथ ही बच्ची के माता पिता की जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई। इसी मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए रुपाली ने प्रधानमंत्री के सम्मान और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

    रुपाली गांगुली की टिप्पणी पर कई यूजर्स ने उनका समर्थन किया लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें ट्रोल भी किया। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके चर्चित टीवी किरदारों का जिक्र करते हुए तंज कसा। कुछ ने उन्हें अनुपमा के किरदार से जोड़कर प्रतिक्रिया दी तो कुछ ने उनके बयान को लोकतांत्रिक व्यवस्था के संदर्भ में गलत बताया। इस तरह एक सोशल मीडिया कमेंट देखते ही देखते अभिनेत्री के लिए विवाद का कारण बन गया।

    हालांकि यह पहली बार नहीं है जब रुपाली गांगुली ने राजनीतिक या सामाजिक मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी हो। इससे पहले भी वह छात्रों के विरोध प्रदर्शन और आंदोलन को लेकर अपनी बात सामने रख चुकी हैं। उन्होंने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने को जरूरी बताया था। उनका कहना था कि छात्रों की जायज मांगों को उठाना जरूरी है लेकिन हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से किसी आंदोलन की गंभीरता कम हो जाती है।

    रुपाली ने पहले यह भी कहा था कि पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है लेकिन विरोध का रास्ता शांतिपूर्ण होना चाहिए। इसी वजह से उनके ताजा बयान को उनके पहले के सार्वजनिक बयानों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि इस बार उनकी टिप्पणी का एक खास हिस्सा सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया है।

    विवाद के बीच अभिनेत्री के वर्कफ्रंट की बात करें तो रुपाली गांगुली लंबे समय से टीवी के लोकप्रिय शो अनुपमा में मुख्य भूमिका निभा रही हैं। इस शो ने उन्हें घर घर में पहचान दिलाई है और उनके किरदार को दर्शकों के बीच काफी लोकप्रियता मिली है। अभिनय के साथ सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक राय रखने के कारण भी रुपाली अक्सर सुर्खियों में रहती हैं।

    फिलहाल प्रधानमंत्री के अपमान से जुड़े वायरल वीडियो पर रुपाली गांगुली की टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ लोग सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के सम्मान और भाषा की मर्यादा की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ अभिनेत्री के तानाशाह वाले बयान को लेकर लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यही वजह है कि उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • PM मोदी को गाली देने वाली नाबालिग लड़की पर नहीं होगी FIR… दिल्ली पुलिस ने किया माफ

    PM मोदी को गाली देने वाली नाबालिग लड़की पर नहीं होगी FIR… दिल्ली पुलिस ने किया माफ


    नई दिल्ली।
    दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने पिछले महीने जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) (‘Cockroach Janata Party’ – CJP) के विरोध प्रदर्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को गंदी-गंदी गालियां देने की आरोपी नाबालिग लड़की पर कोई केस दर्ज नहीं करने का फैसला किया है। इस लड़की का वीडियो सोशल मीडिया में खूब तेजी से वायरल हुआ था। एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस सूत्रों ने रविवार को इस बारे में जानकारी दी।

    नोएडा पुलिस ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपशब्द कहने की आरोपी नाबालिग लड़की के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कर दिल्ली पुलिस को भेज दी थी। एफआईआर में उसकी उम्र 25 साल बताई गई थी। हालांकि उस लड़की ने बाद में एक वीडियो में माफी मांगते हुए बताया था कि वह अभी 15 साल की है और उसने विरोध प्रदर्शन में शामिल दूसरे लोगों के बहकावे में आकर ये टिप्पणियां की थीं।


    ‘खुद से नजर भी नहीं मिला पा रही, मुझे माफ कर दीजिए’

    हाल ही में उसने एक वीडियो में कहा था, “मैं सिर्फ 15 साल की हूं। मैंने जो कुछ भी किया, वो माफी के लायक नहीं है। मैंने बहुत-सी गलत बातें कही हैं। यह मेरी पहली और आखीरी गलती है। मैं पूरे देश से माफी मांगती हूं। मुझे बहुत शर्म आ रही है। मैं खुद से नजर भी नहीं मिला पा रही हूं। प्लीज, मुझे माफ कर दीजिए।”


    पीएम मोदी ने प्रदर्शन में शामिल बच्चों को किया माफ

    प्रदर्शनकारियों पर नरमी बरतने की अपीलों के बीच इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले शुक्रवार को एक इंस्टाग्राम वीडियो मैसेज के माध्यम से कहा कि उन्होंने उन सभी भटके हुए बच्चों को माफ कर दिया है जिन्होंने उन्हें गालियां दीं और अपशब्द कहे थे।

    पीएम मोदी में कहा कि उन्हें सजा देने, अदालतों के चक्कर लगवाने और परेशान करने से हालात नहीं बदलेंगे। मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं। मैं समाज से भी गुजारिश करता हूं कि वे मेरी बात को स्वीकार करें।


    लड़की की मां ने PM से की थी ये अपील

    प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बच्चों को माफ करने संबंधी वीडियो जारी किए जाने के बाद आरोपी नाबालिग लड़की की मां ने उनसे अपील की थी कि वे अधिकारियों को उनकी बेटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने का निर्देश दें। मां ने कहा कि पीएम ने देश की एक बेटी को माफ करके बड़प्पन दिखाया है, जिसने बहुत ही गंदे शब्दों का इस्तेमाल किया था। मैं हाथ जोड़कर उनका धन्यवाद करती हूं। आज उसका नया जन्म हुआ है। प्रधानमंत्री ने उसे जीवनदान दिया है। उन्होंने आगे कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुजारिश करती हूं कि कृपया उसके खिलाफ गलत नाम और उम्र के तहत दर्ज एफआईआर को रद्द करा दें, अब वह आपकी शरण में है।

  • कैसे रूकेगा पेपर लीक ? PM मोदी की टास्क फोर्स के एक्सपर्ट ने बताई क्‍या है सबसे बड़ी चुनौती

    कैसे रूकेगा पेपर लीक ? PM मोदी की टास्क फोर्स के एक्सपर्ट ने बताई क्‍या है सबसे बड़ी चुनौती


    नई दिल्ली। नीट पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधारों के लिए गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और पेपर लीक से मुक्त बनाने की रूपरेखा तैयार कर रही है। इस समिति के सदस्य और आईआईटी मद्रास के निदेशक डॉ. वी. कामकोटि का कहना है कि केवल तकनीक के सहारे पेपर लीक की समस्या का पूरी तरह समाधान संभव नहीं है।

    तकनीक के साथ संस्थागत सुधार भी जरूरी
    डॉ. कामकोटि ने कहा कि टास्क फोर्स का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के साथ संस्थागत सुधारों को जोड़कर परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। उनका मानना है कि बड़े स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीक की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन सिर्फ उसी पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा।

    उन्होंने बताया कि जब उन्होंने वर्ष 1985 में जेईई परीक्षा दी थी, तब करीब 5 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 15 लाख से अधिक हो गई है। ऐसे में विशाल परीक्षा तंत्र को सुरक्षित बनाए रखने के लिए नई व्यवस्थाओं की आवश्यकता है।

    विशेषज्ञों की टीम तैयार करेगी सुधारों की रूपरेखा
    टास्क फोर्स की अध्यक्षता तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि कर रहे हैं। समिति में पूर्व इसरो प्रमुख डॉ. एस. सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल, वरिष्ठ अधिकारी अमृत लाल मीणा सहित कई विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम तकनीक, सुरक्षा, प्रशासन, लॉजिस्टिक्स और नीति निर्माण के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर सुधारों की सिफारिश करेगी।

    ‘मेकर-चेकर’ मॉडल पर भी मंथन
    डॉ. कामकोटि ने बताया कि समिति बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों की तरह ‘मेकर-चेकर’ मॉडल लागू करने की संभावना पर भी विचार कर रही है। इस व्यवस्था में किसी एक व्यक्ति द्वारा किए गए कार्य का स्वतंत्र रूप से दूसरे अधिकारी द्वारा सत्यापन किया जाएगा, जिससे परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाई जा सके। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति अभी शुरुआती चरण में काम कर रही है और अंतिम सिफारिशों पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

    पेपर लीक की सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
    डॉ. कामकोटि के मुताबिक, किसी भी परीक्षा प्रणाली की सबसे अहम कड़ी प्रश्नपत्र तैयार करने वाला व्यक्ति होता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया ही सुरक्षित और विश्वसनीय नहीं होगी, तो कोई भी तकनीक पेपर लीक को पूरी तरह नहीं रोक सकती। इसलिए प्रश्नपत्र तैयार करने वालों की जवाबदेही, ईमानदारी और पूरी प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित करना टास्क फोर्स की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल होगा।

  • इंस्टाग्राम पर फिर आए पीएम मोदी, युवाओं का जताया आभार, कहा- 'थैंक यू फ्रेंड्स'

    इंस्टाग्राम पर फिर आए पीएम मोदी, युवाओं का जताया आभार, कहा- 'थैंक यू फ्रेंड्स'


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर रात इंस्टाग्राम पर एक और वीडियो साझा कर युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स का आभार जताया। उन्होंने एक दिन पहले पोस्ट किए गए अपने वीडियो पर मिले सकारात्मक सुझावों और समर्थन के लिए लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका यह स्नेह और जुड़ाव आगे भी बना रहेगा।

    वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा, “थैंक यू फ्रेंड्स। कल देर रात आपसे जुड़ने का मौका मिला। मैंने जो वीडियो साझा किया था, उस पर आपने जिस तरह प्रतिक्रिया दी और सकारात्मक सुझाव दिए, उसके लिए आप सभी का धन्यवाद। आपका यह प्यार आगे भी बना रहेगा और हमारा संवाद लगातार मजबूत होता रहेगा। थैंक यू, थैंक यू दोस्तों।”

    वीडियो पोस्ट होने के महज 20 मिनट के भीतर इसे 10 लाख से अधिक बार देखा गया, जिससे सोशल मीडिया पर इसकी तेजी से चर्चा होने लगी।

    मंत्रियों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की सलाह
    हाल ही में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रिपरिषद के सदस्यों को सोशल मीडिया, विशेष रूप से इंस्टाग्राम पर अधिक सक्रिय रहने की सलाह दी थी। सूत्रों के अनुसार उन्होंने बैठक में यह भी पूछा कि कितने मंत्री नियमित रूप से इंस्टाग्राम का उपयोग करते हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा इस प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं, इसलिए सरकार को उनसे सीधे संवाद स्थापित करने और सरकारी योजनाओं व संदेशों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का अधिक उपयोग करना चाहिए।

    NEET मुद्दे पर भी दिया था संदेश
    इससे पहले गुरुवार रात करीब 11:52 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने एक सेल्फी वीडियो जारी कर छात्रों से सीधा संवाद किया था। उन्होंने NEET पेपर लीक विवाद का जिक्र करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और पेपर लीक जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    उन्होंने कहा था कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में सरकार फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था और परीक्षा संबंधी अपराधों पर कड़ी सजा के प्रावधान वाले प्रस्तावित कानून पर भी विचार कर रही है।

  • पोलैंड के उप विदेश मंत्री ने की PM मोदी की तारीफ…. बोले- रूसी राष्ट्रपति मानते हैं उनकी बात

    पोलैंड के उप विदेश मंत्री ने की PM मोदी की तारीफ…. बोले- रूसी राष्ट्रपति मानते हैं उनकी बात


    वारसॉ।
    पोलैंड के उप विदेश मंत्री (Polish Deputy Foreign Minister ) व्लादिस्लाव थियोफिल बार्टोशेवस्की (Vladislav Theophil Bartoshevsky) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की सराहना की है। उन्होंने पीएम मोदी को एक बहुत प्रसिद्ध और सम्मानित वैश्विक राजनेता बताया। उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) भारतीय प्रधानमंत्री की बातों पर ध्यान देते हैं। बार्टोशेवस्की ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि पीएम मोदी ने साल 2022 के अंत में राष्ट्रपति पुतिन को यूक्रेन में सामरिक परमाणु हथियारों (टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन्स) का इस्तेमाल करने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।


    रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने में प्रभाव

    पोलिश नेता ने कहा कि पीएम मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अपना प्रभाव डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी उन गिने-चुने लोगों में से एक हैं जो वास्तव में राष्ट्रपति पुतिन पर कुछ दबाव और प्रभाव डाल सकते हैं। भारत इस संघर्ष को रोकने के लिए ऐसा कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत एक गुटनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप में रूस और पूर्व सोवियत संघ के साथ लंबे समय से संबंध बनाए हुए है।


    पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत का रुख

    पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत के रुख को सही बताते हुए बार्टोशेवस्की ने कहा कि भारत एक बड़ा और महत्वपूर्ण देश है। भारत को तेल सहित वस्तुओं के मुक्त प्रवाह से लाभ होता है। भारत खाड़ी देशों से आने वाले तेल और गैस पर बहुत निर्भर है। पोलैंड भी ईरान के संपर्क में है और कूटनीतिक समाधान चाहता है। उन्होंने कहा कि हम भी पीएम मोदी की तरह ही समझदारी से बात करने की कोशिश कर रहे हैं।


    पुतिन ने भी की थी भारत की तारीफ

    रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था। पिछले महीने सेंट पीटर्सबर्ग इकोनॉमिक फोरम में राष्ट्रपति पुतिन ने भी भारत को एक महान देश बताया था। उन्होंने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का समर्थन किया था। पुतिन ने कहा था कि भारत का अपनी पसंद के देशों के साथ आर्थिक संबंध विकसित करना स्वाभाविक है। पुतिन ने भारत पर दबाव बनाने की अमेरिकी कोशिशों की आलोचना करते हुए इसे द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए नुकसानदेह बताया था।

    पुतिन ने पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक वृद्धि की सराहना की थी और कहा था कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने इसे पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार की कड़ी मेहनत का परिणाम बताया था। उन्होंने भारत और रूस के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को भी रेखांकित किया था।

  • न्यूजीलैंड को बताया दिलदार देश पीएम मोदी बोले रचिन सोढ़ी और एजाज पटेल जैसी प्रतिभाओं को मिला सम्मान

    न्यूजीलैंड को बताया दिलदार देश पीएम मोदी बोले रचिन सोढ़ी और एजाज पटेल जैसी प्रतिभाओं को मिला सम्मान


    नई दिल्ली। ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों को नई ऊंचाई देने का संदेश दिया। उन्होंने न्यूजीलैंड को दिलदार देश बताते हुए कहा कि यह ऐसा राष्ट्र है जहां प्रतिभा की पहचान उसकी जन्मभूमि से नहीं बल्कि उसकी क्षमता से होती है। यही कारण है कि भारतीय मूल के कई खिलाड़ी आज न्यूजीलैंड की पहचान बन चुके हैं और पूरी दुनिया में अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ियों रचिन रवींद्र ईश सोढ़ी और एजाज पटेल का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने यह साबित किया है कि मेहनत और प्रतिभा की कोई सीमा नहीं होती। भारतीय मूल के इन खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड ने अवसर दिया और उन्होंने अपने प्रदर्शन से देश का विश्वास भी जीता। यही भावना दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाती है।

    प्रधानमंत्री ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि लगभग एक शताब्दी पहले भारतीय हॉकी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर पहुंची थी। उस समय हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने अपने शानदार खेल से न्यूजीलैंड के लोगों का दिल जीत लिया था। उन्होंने कहा कि खेल हमेशा से दोनों देशों के बीच दोस्ती का मजबूत माध्यम रहा है और आज भी यही भावना दोनों देशों को और करीब ला रही है।

    उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड खेलों के क्षेत्र में नई साझेदारी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। प्रधानमंत्री ने हाल ही में आयोजित न्यूजीलैंड रग्बी और भारत रग्बी के संयुक्त कोचिंग कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए इसे सकारात्मक शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि भारत में रग्बी को आगे बढ़ाने के लिए अनुभवी कोच विशेषज्ञ और तकनीकी सहयोग की आवश्यकता है और न्यूजीलैंड इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।

    प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय रग्बी टीम ऑल ब्लैक्स की हालिया जीत पर भी बधाई दी और कहा कि उनकी सफलता पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच खेल प्रशिक्षण खिलाड़ियों के आदान प्रदान और आधुनिक तकनीक के उपयोग से भविष्य में कई नए अवसर पैदा होंगे।

    उन्होंने अपने दौरे के दौरान स्पोर्ट्स स्टार्टअप कार्यक्रम में शामिल होने का अनुभव भी साझा किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वहां प्रस्तुत किए गए नए विचार आधुनिक तकनीक और नवाचार ने उन्हें बेहद प्रभावित किया। उनका मानना है कि खेल तकनीक डेटा एनालिटिक्स स्पोर्ट्स साइंस और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में भारत और न्यूजीलैंड मिलकर वैश्विक स्तर पर नई मिसाल कायम कर सकते हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में न्यूजीलैंड जैसे अनुभवी देश के साथ सहयोग दोनों देशों के खिलाड़ियों युवाओं और खेल संस्थानों के लिए लाभकारी साबित होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं रहेगा बल्कि दोनों देशों के बीच मित्रता नवाचार और आर्थिक सहयोग का भी मजबूत आधार बनेगा।

    प्रधानमंत्री के संबोधन ने भारतीय समुदाय में उत्साह का माहौल पैदा किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं बल्कि खेल संस्कृति नवाचार और मानवीय मूल्यों के साझा विश्वास पर भी आधारित हैं। यही साझेदारी आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाएगी।

  • PM मोदी ने इंडोनेशिया में छेड़ा बॉलीवुड कनेक्शन, ‘कुछ कुछ होता है’ के जिक्र से खुश हुए करण जौहर

    PM मोदी ने इंडोनेशिया में छेड़ा बॉलीवुड कनेक्शन, ‘कुछ कुछ होता है’ के जिक्र से खुश हुए करण जौहर


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इंडोनेशिया के जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दोनों देशों के पुराने सांस्कृतिक रिश्तों का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने भारत और इंडोनेशिया के बीच बॉलीवुड के खास जुड़ाव को भी याद किया और शाहरुख खान की साल 1998 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ का उल्लेख किया।

    पीएम मोदी ने कहा कि इंडोनेशिया में भारतीय फिल्मों और संगीत की लोकप्रियता काफी गहरी है। उन्होंने बताया कि आज भी वहां ‘कुछ कुछ होता है’ के गाने लोगों के बीच काफी पसंद किए जाते हैं। उन्होंने भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को केवल वर्तमान समय तक सीमित नहीं बताया, बल्कि इसे सदियों पुराने सांस्कृतिक और भावनात्मक जुड़ाव का हिस्सा बताया।

    पीएम मोदी ने अपने अंदाज में जोड़ा बॉलीवुड कनेक्शन
    भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बॉलीवुड के इस रिश्ते को खास अंदाज में पेश किया। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में भारत का गाना ‘कुछ कुछ होता है’ काफी लोकप्रिय है। उन्होंने राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो से बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया जैसे दो बड़े देश साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो यह सिर्फ ‘कुछ कुछ’ नहीं रहता, बल्कि ‘बहुत कुछ होता है’ बन जाता है। इस दौरान पीएम मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो को गर्मजोशी से किए गए स्वागत के लिए धन्यवाद भी दिया।

    करण जौहर की प्रोडक्शन कंपनी ने जताई खुशी
    प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अपनी फिल्म का अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिक्र किए जाने से फिल्ममेकर करण जौहर भी काफी उत्साहित नजर आए। उनकी प्रोडक्शन कंपनी धर्मा प्रोडक्शंस ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पीएम मोदी के भाषण की एक वीडियो क्लिप साझा की।

    वीडियो के साथ धर्मा प्रोडक्शंस ने लिखा कि सिनेमा और संगीत में सीमाओं को पार कर दुनिया के लोगों को जोड़ने की अनोखी ताकत होती है। कंपनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जकार्ता में फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ को दुनियाभर में मिले प्यार और सराहना का उल्लेख करना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है।

    ‘कुछ कुछ होता है’ रही थी बड़ी ब्लॉकबस्टर
    गौरतलब है कि करण जौहर ने साल 1998 में फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ से बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरुआत की थी। शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी अभिनीत यह फिल्म उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल रही।

    फिल्म के गाने दुनियाभर में लोकप्रिय हुए और शाहरुख-काजोल की जोड़ी को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। भारत के अलावा यह फिल्म ब्रिटेन, अमेरिका और इंडोनेशिया समेत कई देशों में काफी पसंद की गई और इसने बॉलीवुड को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

  • गुजरात में पीएम मोदी का अनोखा अंदाज, भाषण में बोले- “सुन रहे हो न, विनोद”, सभागार में गूंजे ठहाके

    गुजरात में पीएम मोदी का अनोखा अंदाज, भाषण में बोले- “सुन रहे हो न, विनोद”, सभागार में गूंजे ठहाके


    अहमदाबाद। गुजरात के साणंद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अलग अंदाज देखने को मिला। सेमीकंडक्टर उद्योग पर अपने संबोधन के बीच उन्होंने सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हो चुके संवाद “सुन रहे हो न, विनोद” का जिक्र किया, जिसे सुनते ही कार्यक्रम स्थल ठहाकों और तालियों से गूंज उठा।

    प्रधानमंत्री साणंद में सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट सुविधा के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हो रही प्रगति और बड़े लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ने की बात कही।

    गुजराती कहावतों से शुरू हुई चर्चा
    कार्यक्रम में सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के चेयरमैन सुबैया ने अपने संबोधन में गुजराती की दो प्रसिद्ध कहावतों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने विकास के लिए स्पष्ट दिशा तय की है और अब उद्योग जगत की जिम्मेदारी है कि वह उसी सोच के साथ आगे बढ़े।

    उन्होंने गुजराती कहावत “निशान चूक माफ, पण नहीं माफ नीचू निशान” का जिक्र करते हुए कहा कि ऊंचा लक्ष्य रखना जरूरी है। यदि लक्ष्य तक पूरी तरह नहीं पहुंचा जाए तो उसे स्वीकार किया जा सकता है, लेकिन छोटा लक्ष्य तय करना उचित नहीं है।

    सुबैया ने यह भी बताया कि उनकी कंपनी की पहली सेमीकंडक्टर चिप्स की खेप जापान स्थित साझेदारों को भेजी जा रही है। उनके मुताबिक, यह भारत के वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में मजबूत भागीदारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने दूसरी गुजराती कहावत “काम बोले छे” का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कंपनी का काम ही उसकी सबसे बड़ी पहचान बनेगा।

    पीएम मोदी ने ऐसे जोड़ा वायरल डायलॉग
    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों कहावतों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे कभी छोटे लक्ष्य या छोटी सोच में विश्वास नहीं रखते। उन्होंने कहा, “अगर मुझे कोई प्रतिमा बनानी हो, तो मैं उसे दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाऊंगा।” इसे सरदार वल्लभभाई पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ओर संकेत माना गया।

    इसके बाद प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “और सुबैया जी ने ‘काम बोले छे’ भी कहा… सुन रहे हो न, विनोद… काम बोले छे।” यह सुनते ही सभागार में मौजूद लोगों और मंच पर बैठे अतिथियों के बीच हंसी और तालियों का दौर शुरू हो गया।

    सोशल मीडिया पर लोकप्रिय है यह संवाद
    “सुन रहे हो न, विनोद” और “देख रहे हो न, विनोद” जैसे संवाद एक वेब शो के बाद सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुए। बाद में कंटेंट क्रिएटर्स और मीम पेजों ने इनका व्यापक इस्तेमाल किया, जिससे यह इंटरनेट पर चर्चित संवाद बन गया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सार्वजनिक मंच से इसका उल्लेख किए जाने के बाद यह प्रसंग भी चर्चा का विषय बन गया।

  • PM मोदी ने ईरान से राष्ट्रपति को किया टेलीफोन…. बोले- होर्मुज स्ट्रेट में हो आवाजाही की स्वतंत्रता

    PM मोदी ने ईरान से राष्ट्रपति को किया टेलीफोन…. बोले- होर्मुज स्ट्रेट में हो आवाजाही की स्वतंत्रता


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने ईरान (Iran) के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन (President Dr. Masoud Pezeshkian) से मंगलवार को टेलीफोन पर बातचीत की, जिसमें राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने पश्चिम एशिया (West Asia) की हालिया घटनाओं और आगे की दिशा की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। पीएम मोदी ने समझौते का स्वागत करते हुए भारत की स्थिर नीति को दोहराया कि क्षेत्र के सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही होना चाहिए। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के निरंतर प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। इस दौरान समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता और वाणिज्य की सुरक्षा को बनाए रखने के महत्व को भी सामने रखा गया।

    पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं के बारे में ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से बात हुई। बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि लगातार कोशिशों से इस इलाके में स्थायी शांति आएगी। भारत और दुनिया के लिए होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही की आजादी के महत्व को फिर से दोहराया।’ इससे पहले, पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री मोदी को ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। खामेनेई का अंतिम संस्कार समारोह अगले सप्ताह आयोजित होने वाला है। खबरों के मुताबिक, सरकार भारत के प्रतिनिधि के तौर पर बिहार के राज्यपाल अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा को इन समारोह में भेजने की योजना बना रही है। अंतिम संस्कार की रस्में 5 से 9 जुलाई तक होंगी।


    भारत-ईरान के रिश्ते में उतार-चढ़ाव

    भारत और ईरान के मौजूदा संबंध काफी जटिल और रणनीतिक महत्व वाले रहे हैं। दोनों देशों के बीच सभ्यतागत और ऐतिहासिक गहराई है, लेकिन हाल के वर्षों में अमेरिकी प्रतिबंधों, क्षेत्रीय तनाव और ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 2024 में भारत ने चाबहार पोर्ट के शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल को 10 वर्षों के लिए ऑपरेट करने का समझौता किया, जिसमें 120 मिलियन डॉलर का निवेश शामिल था। 2026 में अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत ने पोर्ट पर अपनी गतिविधियां कम कीं और वादा किया राशि का भुगतान पूरा कर लिया।

    होर्मुज स्ट्रेट संकट के दौरान भारत ने ईरान के साथ कूटनीतिक संपर्क बढ़ाया, जहाजों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री स्तर पर बातचीत हुई। ईरान के सुप्रीम लीडर की मृत्यु पर भारत ने शोक व्यक्त किया और BRICS जैसे मंचों पर सहयोग जारी रखा। ऊर्जा आयात लगभग बंद हो गया है, लेकिन कनेक्टिविटी, अफगानिस्तान और मध्य एशिया पहुंच के लिए चाबहार अभी भी अहम बना हुआ है। दोनों देशों के बीच संबंध रणनीतिक स्वायत्तता और व्यावहारिक जरूरतों पर आधारित हैं। भारत ईरान को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जरूरी मानता है, जबकि ईरान भारत को बड़े बाजार और निवेशक के रूप में देखता है।

  • PM मोदी की अपील का असर…. लगातार गिरता जा रहा सोने-चांदी के दाम… जानें आज के रेट

    PM मोदी की अपील का असर…. लगातार गिरता जा रहा सोने-चांदी के दाम… जानें आज के रेट


    नई दिल्ली।
    सोने की कीमत (Gold Rate) बीते लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है. जो सोना कभी महंगाई के नए रिकॉर्ड (New records inflation) बना रहा था, आज वो गिरता ही जा रहा है. 29 जून को फिर से सोने में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. सोमवार को ग्लोबल मार्केट (Global Market) में कॉमेक्स गोल्ड (COMEX Gold) की कीमत में 27 डॉलर से अधिक की गिरावट लौटी है. इंटरनेशनल मार्केट में कॉमेक्स (COMEX) गोल्ड सोमवार, 29 जून को 27.75 डॉलर की गिरावट के साथ 4,059.26 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है।

    सिर्फ अंतरर्राष्ट्रीय बाजार ही नहीं, घरेलू बाजार में भी सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. 29 जनवरी 2026 को 1.79 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने ऑल टाइम हाई पर बिकने वाला सोना आज 1.36 लाख रुपये पर गिर चुका है. अगर चांदी की बात करें, तो इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 29 जनवरी को 1 किलो चांदी 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच चुकी थी. आज वो गिरते-गिरते 2.15 लाख पर आ चुकी है. यानी चांदी की कीमत अपने ऑल टाइम हाई से 1.69 लाख रुपये तक सस्ती हो चुकी है. मई से जून के बीच सोने की कीमत में 13 हजार से अधिक की गिरावट आई है. वहीं चांदी 46000 रुपये तक गिर गई।


    24 कैरेट से लेकर 18 कैरेट तक सोने की कीमत

    24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,39,461 रुपये प्रति 10 ग्राम
    22 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,28,260 रुपये प्रति 10 ग्राम.
    18 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,05,017 रुपये प्रति 10 ग्राम.

    PM ने सोना-चांदी नहीं खरीदने की अपील की.
    10 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने देशवासियों से अपील की कि वो अगले 1 साल तक सोना ना खरीदें. दरअसर भारत भारी मात्रा में सोने का आयात करता है. सोने के आयात पर भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है. जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव आता है. कच्चे तेल की खरीद की वजह से पहले से ही भारतीय का फॉरैक्स रिजर्व प्रेशर में है. ऐसे में बढ़ते पश्चिम एशिया के तनाव, तेल की कच्ची कीमत, विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए प्रधानमंत्री ने सोना ना खरीदने की अपील की. विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सोना ना खरीदने की पीएम मोदी की अपील काम आ गई. जिसके बाद से सोने की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है।


    क्यों लगातार गिर रहा है सोना?

    पीएम मोदी की अपील के साथ-साथ सरकार ने सोने के आयात पर शुल्क को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया. सोने का आयात कम करने के लिए कई जरूरी कदम उठाए गए. जिसका असर सोने की मांग पर दिखा. मांग में कमी के अलावा सोने में मुनाफावसूली , पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बातचीत की उम्मीद, फेरडल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका, डॉलर इंडेक्स में तेजी से सोने पर दबाव बना रखा है।